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राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का मुख्य सचिव जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को आगामी एक वर्ष के कार्यकाल विस्तार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। शासन द्वारा मुख्य सचिव जैन का कार्यकाल आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।  

‘पति पत्नी और वो 2’ की टीम पर हमला, स्थानीय लोगों से झड़प में तनाव

प्रयागराज एक्टर आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग इन दिनों प्रयागराज में चल रही है. वहीं, अब खबर मिल रही है कि फिल्म के सेट पर स्टाफ के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने मारपीट किया है. इसका एक वीडियो रेडिट पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग चल रही है. एक गाड़ी पर शूटिंग स्टाफ मौजूद है. तभी दो-तीन लोकल लोग आते हैं और फिल्म के स्टाफ एक व्यक्ति को मारने लगते हैं. इसके बाद दोनों तरफ से मारपीट शुरु हो गई. इस वीडियो को प्रयागराज के स्थानीय व्यक्ति ने ही बनाया है. बता दें कि फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की शूटिंग के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘प्रयागराज का नाम रोशन करता हुआ युवा.’ तो एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘बिना सिक्योरिटी के शूटिंग कैसे कर रहे थे?’ आयुष्मान खुराना और सारा अली खान भी शूटिंग पर दिखे फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ के शूटिंग स्टाफ और लोकल के बीच हुए इस झड़प का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. साथ ही एक और वीडियो वायरल है, जिसमें सारा अली खान, आयुष्मान खुराना के ऊपर गुस्सा कर रही हैं, दोनों एक गाड़ी में बैठे हैं. इसके बाद सारा अली खान गाड़ी से नीचे उतर जाती है. वीडियो देखकर लगता है कि यह दोनों फिल्म का सीन शूट कर रहे हैं.

WHO मानक से 22 गुना ज्यादा प्रदूषण, दिल्लीवासियों की सेहत पर खतरा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा अब इंसानों की जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बन गई है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा जारी एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा प्रदूषण स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत उम्र 8.2 साल तक घट सकती है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां 2023 में PM2.5 (सूक्ष्म कण) का औसत स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों और पावर प्लांट्स से उत्सर्जन, और हरियाणा-पंजाब में पराली जलाना है। इसके अलावा, निर्माण कार्य और धूल भी प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। दिल्ली की हवा: दुनिया में सबसे खराब शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा तैयार की गई एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) रिपोर्ट सैटेलाइट डेटा के आधार पर दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का आकलन करती है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण किस तरह लोगों की सेहत और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में दिल्ली में PM2.5 का स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम है। यानी दिल्ली की हवा WHO मानक से 22 गुना ज्यादा जहरीली है। विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5 कण बेहद सूक्ष्म होते हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर प्रदूषण का मौजूदा स्तर बरकरार रहा तो दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल तक घट सकती है। यह आंकड़ा किसी भी शहर में प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गंगा का मैदानी क्षेत्र, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, दुनिया का सबसे प्रदूषित इलाका है। यहां करीब 60 करोड़ लोग रहते हैं और प्रदूषण के कारण उनकी सेहत पर सबसे गंभीर असर पड़ रहा है। दिल्ली क्यों डूब रही है जहर में? विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों कारण जिम्मेदार हैं। इनमें प्रमुख हैं: वाहनों का धुआं: दिल्ली में 1.2 करोड़ से अधिक वाहन हैं। डीजल और पेट्रोल से निकलने वाला धुआं PM2.5 का बड़ा स्रोत है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, वाहनों का योगदान कुल प्रदूषण में 30-40% तक है। औद्योगिक प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर के आसपास की फैक्ट्रियां और थर्मल पावर प्लांट कोयले पर चलते हैं, जिनसे निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड PM2.5 कणों में बदल जाते हैं। पराली जलाना: हरियाणा और पंजाब में अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने से दिल्ली की हवा और बिगड़ जाती है। IITM पुणे के अध्ययन के मुताबिक, 2023 में इससे 15-20% तक प्रदूषण बढ़ा। निर्माण और धूल: सड़कों की धूल और निर्माण गतिविधियां कुल प्रदूषण का करीब 20% हिस्सा हैं। बिना ढके मलबे और अनियोजित निर्माण इसके बड़े कारण हैं। अन्य कारण: घरेलू स्तर पर कोयला जलाना, कचरा जलाना और सर्दियों में तापमान गिरने से हवा में कण फंस जाते हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। 8.2 साल का नुकसान क्यों? AQLI की गणना के अनुसार, PM2.5 का हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की वृद्धि जीवन प्रत्याशा को औसतन 0.64 साल कम कर देती है। दिल्ली में PM2.5 का स्तर WHO मानक से 106.4 माइक्रोग्राम ज्यादा है, जिसके चलते लोगों की औसत आयु में 8.2 साल की कमी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं: सांस की बीमारियां: अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और COPD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंग केयर फाउंडेशन के अनुसार, दिल्ली के 30% बच्चे सांस की समस्या से पीड़ित हैं। हृदय रोग: PM2.5 खून में मिलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। 2023 में दिल्ली के 20% हार्ट अटैक के मामले सीधे प्रदूषण से जुड़े पाए गए। कैंसर और अन्य रोग: फेफड़ों का कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। आर्थिक नुकसान: प्रदूषण से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में इजाफा हुआ है। लैंसेट स्टडी के अनुसार, 2023 में भारत को प्रदूषण की वजह से 1.36 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। दिल्ली की हवा को साफ कैसे करें? विशेषज्ञों ने प्रदूषण कम करने के लिए कई तात्कालिक उपाय सुझाए हैं, जिन्हें सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वाहन नियंत्रण: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए, BS-VI मानक सख्ती से लागू हों और पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगे। दिल्ली सरकार ने 2025 तक 25% इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य रखा है। औद्योगिक उत्सर्जन: कोयला आधारित पावर प्लांट्स में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) तकनीक लगाई जाए। 2024 तक दिल्ली-NCR में लगभग 50% प्लांट्स में यह तकनीक लागू होनी है। पराली जलाने पर रोक: पंजाब और हरियाणा में पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर जैसी मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। 2023 में पराली जलाने की घटनाएं 20% तक कम हुई थीं। निर्माण नियंत्रण: धूल कम करने के लिए ग्रीन कवर और वॉटर स्प्रिंकलिंग पर जोर दिया जाए। 2024 में दिल्ली में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) और सख्ती से लागू किया जा रहा है। जागरूकता और हरियाली: पेड़ लगाने और कचरा जलाने पर रोक को लेकर जनता को जागरूक किया जाए। DDA डेटा के अनुसार, 2023 में दिल्ली में 1 करोड़ पेड़ लगाए गए। क्षेत्रीय सहयोग: दिल्ली और आसपास के राज्यों के बीच एयरशेड मैनेजमेंट और एकीकृत नीति बनाई जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण में सामूहिक प्रयास हो सके। AQLI 2025 की रिपोर्ट दिल्ली के लिए खतरे की घंटी दिल्ली की हवा अब जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण के मौजूदा स्तर पर दिल्लीवासियों की औसत आयु 8.2 साल कम हो सकती है। यह किसी भी शहर के लिए प्रदूषण से होने वाली सबसे बड़ी जीवन हानि है। विशेषज्ञों का कहना … Read more

न्यायिक आयोग रिपोर्ट के जामा मस्जिद और अन्य क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा, संभल में सतर्कता बढ़ी

संभल संभल दंगे को लेकर न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद जिले में सुरक्षा के दृष्टिकोण से अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। खासतौर पर जामा मस्जिद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के सामने आने के बाद कुछ क्षेत्रों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही तैयारियां की गई थीं। जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार गश्त की जा रही है और इंटेलिजेंस विंग भी सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है और किसी भी भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।  

जांच में सामने आया पाकिस्तान का कनेक्शन, धर्मांतरण गिरोह के कारनामे उजागर

बरेली बरेली में पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। कट्टरपंथी जाकिर नाइक के अलावा गिरोह के सदस्य पाकिस्तानी धर्मगुरु इंजीनियर अली मिर्जा के भी मुरीद हैं। दूसरे धर्म के लोगों को अपने धर्म से जोड़ने से पहले वे अली मिर्जा जैसे धर्मगुरुओं का भाषण उन्हें सुनाते थे। प्रभात को हामिद बनाने वाले गिरोह के पास से अली मिर्जा से जुड़ा साहित्य मिला है। बरामद सीडी में अली मिर्जा की तकरीर भी है। अली मिर्जा यूट्यूब पर अक्सर भारत के मुद्दों पर चर्चा करता है। कुछ दिन पहले दाढ़ी को लेकर टिप्पणी की थी और संगीत को जायज बताया था। वहां सरकार के खिलाफ बोलने पर उसे गिरफ्तार भी किया गया था। चूंकि अली मिर्जा कट्टरपंथी विचारधारा के विरोध में रहता है, इसलिए उसे पाकिस्तान के साथ ही भारत के समुदाय विशेष के युवा भी फॉलो करते हैं। अधिकारियों को जानकारी मिली है कि शुरुआत में शिकार का ब्रेनवॉश करने के लिए उनको अली मिर्जा की ही तकरीर सुनाई जाती थी। चंगुल में फंसता था शिकार तो सुनाते थे जाकिर के नफरती भाषण अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के पास से जाकिर नाईक का भी साहित्य मिला है। इससे ऐसा लग रहा है कि गिरोह के सदस्य धर्मांतरण के लिए पहले शिकार के दिमाग में अली मिर्जा की आधुनिक विचारधारा डालते थे। हिंदू और मुस्लिम धर्म की समानता बताते थे। जब शिकार फंस जाता था तो धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर उसके अंदर जाकिर नाईक की नफरती विचारधारा विकसित करते थे। गिरोह के लोगों को बाकायदा इसके लिए फंडिंग की जाती थी। आरोपी अब्दुल मजीद, सलमान, आरिफ और फहीम कोई बड़ा कारोबार नहीं करते, फिर भी उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है। पूरे गिरोह को संचालित करने के लिए कहां से फंडिंग हो रही थी? इसकी जांच की जा रही है। सभी के खाते खंगाले जा रहे हैं। कुछ दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है। धर्मों की डिबेट दिखाकर देते थे झांसा अब्दुल मजीद के गिरोह के पास ऐसे वीडियो मिले हैं, जिसमें कुरान और बाइबिल के बारे में डिबेट दिखाई जाती थी। डिबेट के अंत में मुस्लिम धर्म को सर्वोपरि दिखाया जाता था और बताया जाता था कि वह देश के सर्वोपरि धर्म का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इस दौरान गिरोह के सदस्य अपनी धर्म की लड़की से निकाह कराने का वादा भी करते थे। इससे अवसाद और अकेलेपन के शिकार लोग झांसे में आ जाते थे। गिरोह के निशाने पर ऐसे परिवार या लोग होते थे, जो किन्हीं कारणों से समाज से कट जाते हैं। धर्मांतरण के लिए यह लोग फर्जी प्रमाणपत्र भी बनाकर देते थे। यह प्रमाणपत्र दिल्ली की मस्जिद से दिया जाता था। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। पुलिस टीम इन राज्यों में छापेमारी के लिए रणनीति बना रही है। धर्मांतरण से बची ब्रजपाल उर्फ अब्दुल्ला की दूसरी बहन हादसे में अपाहिज हुए शिक्षक ब्रजपाल को शादी का झांसा देकर गिरोह ने अब्दुल्ला बना दिया। ब्रजपाल के साथ ही उनका पूरा परिवार गिरोह के प्रभाव में आ गया। बहन राजकुमारी का धर्म परिवर्तन कराकर उसे आयशा बना दिया गया। मुस्लिम शख्स से ही उसका निकाह भी करा दिया। बेटी और बेटे के धर्म परिवर्तन करने के बाद घर में अकेली बची मां ऊषा रानी भी ज्यादा दिन तक गिरोह के प्रभाव से न बच सकीं। उन्हें गिरोह ने अमीना नाम दे दिया। ब्रजपाल की दूसरी बहन सीमा इस गिरोह के प्रभाव में आने से बच गई। उसकी शादी पहले ही होने से गिरोह उसे झांसा नहीं दे सका। प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज गिरोह के शिकार हुए हिंदी प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद अब बुलंदशहर के जहांगीराबाद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं। बृहस्पतिवार को बरेली कोर्ट में प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज हुए। प्रभात नेत्रहीन हैं और ब्रेल लिपि में विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। घटनाक्रम के बाद मां अखिलेश कुमारी उन्हें घर अलीगढ़ के क्वार्सी ले गई थीं। प्रभात के बयान की प्रति अब विवेचक को दी जाएगी। विवेचक इसे विवेचना में शामिल करेंगे। माना जा रहा है कि इस गिरोह के संपर्क में रहने से प्रभात के मन पर गहरा असर पड़ा है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि भुता थाने के इंस्पेक्टर क्राइम ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी व अन्य ने दक्षिण भारत के राज्यों में ज्यादातर कॉल लैंडलाइन नंबरों पर की है। इन नंबरों की तस्दीक की जा रही है। जरूरत पर टीम संबंधित राज्यों में जाकर भी पड़ताल करेगी। धार्मिक नेताओं के भाषणों से गिरोह के सदस्य लोगों का ब्रेनवॉश करते थे। पड़ताल में नए आरोपी सामने आए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 

पश्चिम बंगाल में SIR का श्रीगणेश, भर्ती प्रक्रिया शुरू, तैयारियों में तेजी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तीखी आलोचना करने के बावजूद राज्य में यह कवायद जल्द ही शुरू हो रही है. निर्वाचन आयोग ने इसका श्रीगणेश कर दिया है. आयोग के निर्देश पर राज्य प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओएस) की नियुक्ति का निर्देश दिया है. बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की लंबित नियुक्ति को भी निश्चित समय सीमा में भरने को कहा गया है. राज्य प्रशासन को यह निर्देश पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी सीईओ मनोज अग्रवाल के पत्र के जरिए दिया गया है. इसमें राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को ईआरओएस और एईआरओएस के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए कहा गया है. सीईओ अग्रवाल ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) या डीएम (जिला मजिस्ट्रेट) को भी इस बाबत पत्र भेजा है. राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ की भर्ती प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. 'एसआईआर के लिए तैयार रहें' अगले चुनाव के लिए बनाई जा रही व्यवस्था के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लगभग 80,000 मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 95,000 से अधिक हो जाएगी. निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इन पत्रों का उद्देश्य बंगाल में एसआईआर शुरू करने के लिए तैयार रहना है. जब भी निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी कर इसकी घोषणा करे काम तत्काल आगे बढ़े. इसीलिए मुख्य सचिव ने सभी डीएम के साथ बैठक में सभी ईआरओ और एईआरओ को नियुक्त करने का आदेश दिया है. शुक्रवार तक पूरी करनी होगी बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया राज्य के सभी जिलाधिकारियों को कहा गया है कि ईआरओ पदों पर डिप्टी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए. आमतौर पर एसडीओ (उप-विभागीय अधिकारी) स्तर के अधिकारियों को ईआरओएस के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, यदि उस स्तर का कोई अधिकारी उपलब्ध न हो, तो वरिष्ठ डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को ईआरओ को भी ये जिम्मेदारी दी जा सकती है. वर्तमान में राज्य भर में एईआरओ के 610 पद रिक्त हैं. इनके लिए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी है. बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. उसके बाद 95,000 मतदान केंद्रों, बीएलओ पर्यवेक्षकों के इन पदों पर भर्ती और 'रिजर्व' की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.  बिहार में दूसरे चरण के सिर्फ चार दिन बाकी इस बीच, बिहार में मतदाता सूची के दूसरे चरण के समापन में केवल चार दिन शेष रह गए हैं. राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल राजद ने तीन शिकायतें दर्ज कराकर इस प्रक्रिया में प्रवेश कर लिया है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि कुल 1.95 लाख आवेदन मतदाताओं से प्राप्त हुए हैं, जिनमें सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के 79 आवेदन शामिल हैं.  उन्होंने बताया कि ईसीआई को व्यक्तिगत मतदाताओं से प्राप्त कुल 1,95,802 आवेदनों में से 24,991 का निपटारा ईआरओ द्वारा किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियां की अवधि, जो 1 अगस्त को शुरू हुई थी, 1 सितंबर तक सक्रिय रहेगी. सिर्फ सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ने दर्ज कराईं शिकायतें   अधिकारियों ने बताया कि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ही दो राजनीतिक दल हैं जिन्होंने अब तक मसौदा सूची से संबंधित 82 शिकायतें दर्ज करते हुए आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उन्होंने आगे बताया कि बार-बार अपील के बावजूद, अन्य राजनीतिक दलों ने संशोधन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया है.  उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से अब तक 8,51,788 नए मतदाताओं ने, जो एसआईआर के शुरू होने के बाद 18 वर्ष के हो गए हैं, नामावलियों में शामिल होने के लिए आवेदन किया है और उनमें से 37,050 फार्मों का निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा निपटारा किया जा चुका है.

विमानन निदेशालय ने ऑपरेटर चयन के लिए जारी किया आरएफपी, जबलपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट बढ़ोतरी पर सुनवाई

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित नहीं होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा. इस दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश जवाब में बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन हेतु आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया है. याचिका की सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया था कि पहले जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थीं. डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने आरएफपी जारी जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के सामान थी. फ्लाईट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है. विमानन कंपनियों की तरफ से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करना काफी महंगा पड़ता है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसके पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किये थे. पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई थी. इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की तरफ से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया. उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि "इंदौर शहर से लगभग 80, भोपाल से 50 और ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि जबलपुर से सिर्फ 9 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि सरकार ने इस एयरपोर्ट पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे और केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय हैं. इसके अलावा 4 टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में हैं. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार और विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं." 

रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान : 17 सितम्बर से चलेगा आदि सेवा पखवाड़ा रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन आदि कर्मयोगी अभियान: रायपुर में 17 सितम्बर से चलेगा विशेष सेवा पखवाड़ा लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन रायपुर आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें। बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत  विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी  ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।

18 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से शिवपुरी की राजनीति में उठा हलचल, जानिए पूरा मामला

शिवपुरी  शिवपुरी। (भूपेंद्र शर्मा): मध्य प्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है।  18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। नाराज पार्षदों ने पहले हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद एक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने-अपने इस्तीफे सौंपे। इसमें शामिल थे 12 भाजपा, 5 कांग्रेस और 1 निर्दलीय पार्षद, जबकि नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास ने भी इस्तीफा दिया। रास्ते में पार्षदों का जनता ने स्वागत किया और रैली के दौरान उन्होंने “गायत्री शर्मा चोर है” के नारे लगाए। जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीने से पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने को लेकर सक्रिय थे। उन्होंने उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया था, जो खारिज हो गया। इस्तीफे देने वाले पार्षदों ने साफ कहा कि या तो उनके इस्तीफे तुरंत मंजूर किए जाएं या गायत्री शर्मा को पद से हटाया जाए। पार्षदों का आरोप है कि शर्मा के 3 साल के कार्यकाल में नगर पालिका की हालत बेहद खराब रही है। पीने का पानी उपलब्ध नहीं, सड़कें खराब और योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई।

छिंदवाड़ा सांसद की मांग पर नितिन गडकरी ने दी बड़ी सौगात, 2 घंटे में प्रोजेक्ट मंजूर

छिन्दवाड़ा  मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की दूरी अब आधे समय में तय होगी. इसके लिए केंद्र सरकार मप्र के सिवनी से महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन बनाने की तैयारी कर रही है. यह घोषणा खुद केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है. यानी अब मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर और भी तेजी से किया जा सकेगा. 2 घंटे में मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर होगा तय मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर तक अभी 2 लेन नेशनल हाईवे 547 है. केंद्र सरकार अब इसका विस्तार करते हुए इसे फोर लाइन में कन्वर्ट कर रही है. जबलपुर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी. वर्तमान में मौजूद रास्ते से सफर करने में 4 से 5 घंटे लगते हैं लेकिन जब यह फोर लाइन बन जाएगा तो मात्र 2 घंटे में ये दूरी तय हो सकेगी. क्योंकि सावनेर के बाद नागपुर से भोपाल को जोड़ने वाला फोरलेन पहले से बनकर तैयार है. 2500 करोड़ होंगे खर्च, 6 महीने में काम होगा शुरू केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इसका काम आने वाले 6 महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा जिससे लोगों को सफर में आसानी हो सके. करीब 150 किलोमीटर की इस फोरलेन से सिवनी छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के कई गांवो को भी व्यापारिक फायदा होगा. सांसद ने की थी गकरी से डिमांड मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर नेशनल हाईवे 547 को सिवनी से सावनेर तक चौड़ीकरण करने के लिए डिमांड की थी इसके बाद गडकरी ने उन्हें इस मांग को पूरा करने का वादा किया था और कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा खुद नितिन गडकरी ने कर दिया.