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खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे अवसर, खेल संघों से बेहतर संवाद और समन्वय पर खेल विभाग का फोकस

रायपुर  प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक अवसर और मंच तैयार करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल संघों के साथ बेहतर संवाद और समन्वय पर जोर दे रहा है। खेल गतिविधियों को जिला स्तर तक विस्तार देने के साथ खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में खेल विभाग और खेल संघ कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज राज्य के खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर गतिविधियों में तेजी लाने और आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। राजधानी रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में प्रदेश के 25 से अधिक प्रमुख राज्य खेल संघों के पदाधिकारी शामिल हुए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक (वित्त) श्री रवि अग्रवाल, सहायक संचालक श्री रुस्तम सारंग और खेल अधिकारी श्री गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने सभी खेल संघों को अपना वार्षिक खेल कैलेंडर अनिवार्य रूप से खेल संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों की पूर्व नियोजित जानकारी उपलब्ध होने से विभाग और संघ मिलकर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के चरणबद्ध पंजीयन और विभागीय मान्यता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में बस्तर और सरगुजा संभाग के साथ दूरस्थ अनुसूचित क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सुश्री खलखो ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त मंच मिलें। इसके लिए जिला स्तर पर खेल संघों की सक्रिय भूमिका अहम है। खेल संचालक ने वर्तमान में जारी टॉप-100 एथलीट्स में शामिल अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से संबंधित अप्राप्त जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता के साथ खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रखने को कहा। खेल संघों और विभाग के बीच नियमित संवाद को संस्थागत रूप देने के लिए बैठक में संयुक्त रिव्यू समिति के गठन की घोषणा भी की गई। यह समिति खेल गतिविधियों की प्रगति, खिलाड़ियों से जुड़े विषयों और संघों की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करेगी। इसके अलावा खेल संस्थाओं के पंजीयन से संबंधित विषयों पर रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी कार्यालय के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में खिलाड़ियों को डोपिंग के दुष्प्रभावों और प्रतिबंधित पदार्थों के संबंध में जागरूक करने के लिए डोपिंग सेमिनार आयोजित करने पर भी सहमति बनी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल संघों से विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए प्रदेश में खेल गतिविधियों को व्यापक और प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। राज्य शासन की मंशा है कि खेल संघों की विशेषज्ञता और विभागीय संसाधनों को साथ लेकर प्रदेश में ऐसा मजबूत खेल तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें हर स्तर के खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रतियोगिता, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके लिए खेल विभाग संघों के साथ नियमित संवाद, साझा समीक्षा और जिला स्तर तक मजबूत नेटवर्क पर जोर दे रही है।

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

रायपुर  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी मती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर मती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है। रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया। इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज मती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं। छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं। यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें। एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं। रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए मती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।  

मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का करेंगे भ्रमण, स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों से करेंगे वन-टू-वन संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यशोभूमि, नई दिल्ली में स्थापित मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का भ्रमण कर स्वीडिश एवं जापानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ वन-टू-वन संवाद करेंगे। इसमें सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश के अवसरों, प्रौद्योगिकी सहयोग और संभावित साझेदारियों पर चर्चा होगी। संवाद में ऑक्साइड कॉरपोरेशन, स्केल फोटोनिक्स, इम्प्यूट इंक., एक्रिटेक, कैनन, मैकडर्मिड अल्फा, हनव्हा, कैजो और जेनेसेम इंक. सहित कंपनियों एवं संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मध्यप्रदेश सेमिकॉन इंडिया-2026 में स्टेट पार्टनर के रूप में सहभागिता कर रहा है। मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन, बूथ H3005 में प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम, निवेश के अवसरों, औद्योगिक क्षमताओं, प्रतिभा आधार तथा अनुकूल नीतिगत वातावरण को प्रदर्शित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पवेलियन में प्रदेश के उद्योग एवं अकादमिक क्षेत्र के हितधारकों से भी संवाद करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र से पारस सेमीकंडक्टर, एचएलबीएस, कास्टएनएक्स और सिक्योर मीटर्स की सहभागिता है। वहीं अकादमिक एवं अनुसंधान इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व आईआईटी इंदौर, आईआईआईटी ग्वालियर, आईटी डीएवीवी और एसजीएसआईटीएस इंदौर द्वारा किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और नवाचार के वैश्विक अवसरों का मंच बना सेमिकॉन इंडिया-2026 सेमिकॉन इंडिया-2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में हो रहा है। इसमें सरकारों, वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी संस्थानों, निवेशकों, अकादमिक जगत और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े अन्य हितधारकों की सहभागिता है। मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों को प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार एवं संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से परिचित करा रहा है। राज्य पवेलियन में प्रदेश की औद्योगिक एवं संस्थागत क्षमताओं, निवेश के अवसरों तथा सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टेट पार्टनर के रूप में मध्यप्रदेश की सहभागिता से वैश्विक सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट एवं बिजनेस-टू-बिजनेस संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके माध्यम से निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी, विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार एवं कुशल रोजगार के अवसरों पर संवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े रणनीतिक संवाद को मजबूत करने और नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए राज्य की तैयारियों को प्रदर्शित कर रहा है। 

हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता-मधु का दमदार प्रदर्शन, भारत की जीत में निभाई अहम भूमिका

रायपुर चीन के मोकी शहर में आयोजित जूनियर महिला हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता यादव और मधु सिदार ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावी खेल दिखाते हुए चार-चार गोल दागे। उनके इस प्रदर्शन से बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के साथ ही छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबलों के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अपनी छाप छोड़ी। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले में मधु सिदार ने एक गोल कर भारत की जीत में योगदान दिया। इसके बाद मलेशिया के खिलाफ भारत ने 11-1 से शानदार जीत दर्ज की, जिसमें गीता यादव ने दो गोल दागे। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भी छत्तीसगढ़ की दोनों बेटियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से शिकस्त दी। इस मुकाबले में गीता यादव और मधु सिदार ने दो-दो गोल कर भारतीय आक्रमण को मजबूती दी। प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार गोल दागे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज दोनों खिलाड़ियों से मिलकर शानदार प्रदर्शन पर  बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि गीता यादव और मधु सिदार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल कौशल से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं और विभाग की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। इस अवसर पर बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो, खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर बिलासपुर के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर श्री कुलदीप बरार तथा बिलासपुर के खेल अधिकारी श्री सुशील भी मौजूद थे।

सेवा संकल्प अभियान- बलौदाबाजार-भाटापारा में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन

​रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में सफल 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल बलौदाबाजार और सिविल अस्पताल भाटापारा में आयोजित इस मानवीय पहल में युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 94 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है   राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला वह पुनीत कार्य है जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है।  आपके द्वारा दान की गई एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। आपका रक्त किसी को जीवन दे सकता है। रक्त अमूल्य है, इसका दान अवश्य करें। रक्तदान शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले युवाओं और नागरिकों को गुलाब का फूल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जो असमय संकट में पड़े किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। समाज के हर सक्षम नागरिक को इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए। ​जनप्रतिनिधियों ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरणादायी संदेश  ​शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल और उपाध्यक्ष पवन साहू ने स्वयं रक्तदान कर युवाओं के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। एकत्रित किए गए 94 यूनिट रक्त में से 51 यूनिट भाटापारा सिविल अस्पताल तथा 43 यूनिट बलौदाबाजार जिला अस्पताल में दर्ज किया गया। ​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एकत्रित रक्त का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों, सिकलसेल पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन शल्य चिकित्सा के दौरान जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए किया जाएगा। ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यदु, भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ देता रहेगा अपना सशक्त योगदान : मुख्यमंत्री साय

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

रायपुर जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की  सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।  सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की राशि से 25 हजार रुपये की सहायता लेकर गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया। दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज  सीता मरावी अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी  सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करने की केन्द्र सरकार की पहल से भी जुड़ती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, आजीविका और छोटे उद्यमों को बढ़ावा दिया जाता है।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को टिकाऊ तरीके से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता और आजीविका गतिविधियों के विस्तार जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवार लगभग 92 लाख स्वसहायता समूहों से जुड़े थे और 3.46 करोड़ से अधिक स्वसहायता समूह सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में सक्षम बनाया जा चुका था।  छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को स्वसहायता समूहों से मिला मंच केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.79 लाख स्वसहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं।  स्वसहायता समूहों को मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। केन्द्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरएफ और सीआईएफ के माध्यम से स्वसहायता समूहों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।  सीता मरावी की कहानी में भी समूह से मिली वित्तीय सहायता का उपयोग किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय शुरू करने में किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वसहायता समूह केवल महिलाओं को संगठित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का आधार भी बन रहे हैं। किराना दुकान से मुर्गी व्यवसाय तक, बढ़े आय के अवसर सीता मरावी ने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के अलग-अलग स्रोत विकसित किए। किराना दुकान ने उन्हें गांव में ही नियमित व्यवसाय का अवसर दिया, जबकि मुर्गी पालन ने उनकी आय में एक और स्रोत जोड़ा। दोनों गतिविधियों को उन्होंने निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन र…

बिजली बिलिंग में बड़ा बदलाव: भोपाल के 4.91 लाख घर स्मार्ट मीटर से जुड़े, मोबाइल पर मिलेगी खपत की जानकारी

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है। भोपाल शहर वृत्त में अब तक चार लाख 91 हजार 572 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को आधुनिक और डिजिटल विद्युत सेवाओं का लाभ मिल रहा है। कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग पर निगरानी रखने और खपत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर सटीक तरीके से बिजली खपत दर्ज करता है, जिससे बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है। मोबाइल पर तत्काल मिलेगी खपत की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से उपभोक्ता बिजली खपत का तत्काल आंकड़ा देख सकते हैं। इससे अधिक बिजली खर्च होने की स्थिति में समय रहते उपयोग कम किया जा सकता है। साथ ही बिजली की गुणवत्ता और खपत से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध होती है। कंपनी के अनुसार भोपाल सहित भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य जारी है। पूरे कार्यक्षेत्र में अब तक 12 लाख 47 हजार 523 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और डिजिटल बनाने में मदद मिल रही है।  

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन ने प्रज्ज्वलित किया आशीर्वाद का दीया

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद दीया जलाकर सेवा संकल्प अभियान का पूरे प्रदेश में भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के सभी जिलों और 845 आईकॉनिक प्लेस में 3 करोड़ 55 लाख दीये एकसाथ जलाये गये। सिर्फ उज्जैन में ही 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया गया। उज्जैन के शिप्रा के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश प्रभारी  महेंद्र सिंघी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किये। उज्जैन में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों सहित महाकाल लोक में सायं 7 बजे सायरन बजने के साथ सभी लोगों ने मिलकर दीप जलाये और प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।   शिप्रा आरती में हुए शामिल  मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष  नबीन एवं प्रदेश अध्यक्ष  खंडेलवाल, प्रदेश  प्रभारी  महेंद्र सिंघी शिप्रा आरती में शामिल हुए और मां   शिप्रा  की  आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। रोशनी में  नहा उठे शिप्रा के तट उज्जैन के शिप्रा घाटों पर सायरन की आवाज के साथ ही आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित हुआ वैसे ही कार्यक्रम के अतिथि, 25 हजार से अधिक वॉलिंटियर्स, श्रद्धालु और नागरिकों ने एक साथ दीयों का प्रज्ज्वलन प्रारंभ किया। लाखों दीप प्रज्ज्वलन के साथ घाट घाट जगमग हो उठे। प्रज्ज्वलित हुए लाखों दीप मानों प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र भक्ति की सेवा के लिए किये गए 25 वर्षों के कार्यों के प्रति आदर और स्नेह  की रोशनी फैला रहे थे। उज्जैन में शिप्रा तट के रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट के साथ महाकाल महालोक में भी दीपोत्सव कार्यक्रम में 33 लाख 27 हजार दीपों का प्रज्जवलन किया गया।  प्रदेश के आईकॉनिक प्लेस में हुआ दीप प्रज्ज्वलन प्रदेश के प्रमुख आईकॉनिक जगहों पर भी दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसमें ग्वालियर जिले के 11, शिवपुरी के 11, गुना के 10, अशोकनगर के 11, दतिया के 14, भिण्ड के 10, मुरैना के 18, श्योपुर कला के 80, इंदौर के 32, बड़वानी के 27, धार के 32, झाबुआ के 11, आलीराजपुर के 4, खरगोन के 10, खण्डवा के 27, बुरहानपुर के 15, उज्जैन के 10, नीमच के 15, देवास के 17, शाजापुर के 16, आगर के 7, रतलाम के 17, मंदसौर के 15, भोपाल के 21, सीहोर के 10, रायसेन के 18, विदिशा के 18, राजगढ़ के 11, नर्मदापुरम के 10, बैतूल के 144, हरदा के 10, सागर के 10, दमोह के 11, पन्ना के 10, छतरपुर के 10, टीकमगढ़ के 13, निवाड़ी के 10, रीवा के 11, मऊगंज के 10, सीधी के 15, सिंगरौली के 10, सतना के 17, मैहर के 11, शहडोल के 10, अनूपपुर के 10, उमरिया के 27, डिण्डौरी के 10, जबलपुर के 12, कटनी के 13, बालाघाट के 22, छिंदवाड़ा के 11, पाण्डुर्ना के 10, नरसिंहपुर के 10, सिवनी के 16 और मण्डला के 17 के आईकॉनिक जगहों पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किये गये। 

मध्यप्रदेश के मुख्य प्रशिक्षक शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय चयन समिति में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

भोपाल  मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी, भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक  शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु चयन समिति का सदस्य नामित किया गया है। यह जानकारी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  पार्थ सुरेश दोषी द्वारा 12 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी गई है। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 3 से 8 दिसंबर तक आयोजित होने वाली इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम के चयन में  प्रसाद अपनी भूमिका निभाएंगे। गोवा में 6 एवं 7 अक्टूबर को होने वाले अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग के चयन ट्रायल के माध्यम से भारतीय टीम का चयन किया जाएगा।  शिव कुमार प्रसाद को सौंपी गई यह जिम्मेदारी भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन की प्रक्रिया में उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता के माध्यम से योगदान देने का अवसर प्रदान करेगी। एसजीएफआई ने किया शिव प्रसाद को चयन समिति का सदस्य नामित खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी, भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक  शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित स्कूल खेल प्रतियोगिता ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु चयन समिति का सदस्य नामित किया गया है। रियो डी जेनेरियो में होगा ISF जिम्नेसियाड 2026 इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्टस् फेडरेशन (आईएसएफ) द्वारा आईएसएफ जिम्नेसियाड 2026 का आयोजन 3 से 8 दिसंबर 2026 तक रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में किया जाएगा। प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एथलेटिक्स टीम के चयन के लिए अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग के चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल मंच पर होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए चयन प्रक्रिया में  शिव कुमार प्रसाद की सहभागिता महत्वपूर्ण रहेगी। गोवा में 6 एवं 7 अक्टूबर को होंगे चयन ट्रायल भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु निर्धारित ट्रायल 6 एवं 7 अक्टूबर 2026 को अटल स्टेडियम, गुजीरा, बम्बोलिम, नॉर्थ गोवा में आयोजित किए जाएंगे। एसजीएफआई द्वारा जारी पत्र के अनुसार  शिव कुमार प्रसाद को चयन समिति के सदस्य के रूप में भारतीय टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें 5 से 8 अक्टूबर 2026 तक कार्यमुक्त कर 5 अक्टूबर को चयन स्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं को मिल रहा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से जुड़े एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अकादमी के खिलाड़ियों देव मीणा, कुलदीप कुमार और समरदीप सिंह गिल ने एथलेटिक्स के विभिन्न आयोजनों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। देव मीना एवं कुलदीप कुमार पोल वॉल्ट तथा समरदीप सिंह गिल शॉट पुट में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।  शिव कुमार प्रसाद के प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन से जुड़े खिलाड़ियों की उपलब्धियां मध्यप्रदेश में एथलेटिक्स प्रशिक्षण और खेल प्रतिभाओं के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती हैं। खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, शारीरिक तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभाग की निरंतर पहल खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की खेल अकादमियों में विभिन्न खेल विधाओं के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता है। विभाग का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्रदान करना है, ताकि वे राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। इस व्यवस्था में प्रशिक्षकों का अनुभव और तकनीकी योगदान खिलाड़ियों के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मध्यप्रदेश के खेल प्रशिक्षण क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर  शिव कुमार प्रसाद का ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम की चयन समिति में नामित होना मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह जिम्मेदारी प्रदेश के प्रशिक्षक को अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता के लिए भारतीय खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है। मध्यप्रदेश में खेल प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच यह नामांकन राज्य की खेल प्रतिभाओं एवं प्रशिक्षकों को व्यापक खेल मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।