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रेत माफियाओं पर प्रशासन का सख्त प्रहार अवैध उत्खनन में लगी पोकलेन मशीन जब्त, प्रदेशभर में निगरानी तेज

रायपुर  रेत माफियाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में प्रशासन का रुख बेहद सख्त हो गया है। अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी पर  अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग द्वारा लगातार ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़े डूमरपाली में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने मौके से एक चौन माउंटेड पोकलेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया है।  शिकायत पर त्वरित एक्शनः मौके पर पकड़ाया अवैध खनन             खनिज विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के बड़े डूमरपाली निवासी यशवंत डडसेना द्वारा नदी क्षेत्र में पोकलेन मशीन लगाकर अवैध रूप से रेत निकालने और उसके परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए खनि निरीक्षक और खनिज उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से औचक छापा मारा। मौके पर अवैध खनन में संलिप्त पोकलेन मशीन को जब्त किया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज            प्रशासन ने पर्यावरण और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं 23(क) की इन धाराओं के तहत वाहन मालिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। आधुनिक तकनीक और उड़नदस्ता दलों से प्रदेशव्यापी निगरानी            खनिज विभाग ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।  खनजिों के अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा अब आधुनिक तकनीक, स्थानीय खुफिया इनपुट और मुस्तैद उड़नदस्ता दलों का सहारा लिया जा रहा है।  पर्यावरण संरक्षण और राजस्व की सुरक्षा सर्वाेपरि          अधिकारियों ने बताया कि अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से न केवल नदियों का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होता है, बल्कि भूजल स्तर गिरने से पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई खनिज संपदा की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति और सरकारी राजस्व को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में कहीं भी खनिजों के अवैध दोहन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और अधिक आक्रामक और प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।

पंजाब भाजपा में बदलाव की बयार, नए चेहरे के साथ बदला 2027 चुनाव का पूरा गेमप्लान

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष बदलने का फैसला केवल संगठनात्मक फेरबदल नहीं माना जा रहा। सुनील जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपने को पार्टी की चुनावी दिशा में बदलाव और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पुनर्संतुलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक रूप से यह फैसला ऐसे समय आया है जब पंजाब की राजनीति अपने सबसे दिलचस्प दौर में प्रवेश कर रही है।सत्ता में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अब शासन के मूल्यांकन के दौर में है। कांग्रेस नेतृत्व और संगठन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अपने पुराने प्रभाव को फिर से खड़ा करने की लड़ाई लड़ रहा है। इसी बीच भाजपा ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने साफ कर दिया कि वह अब पंजाब में केवल उपस्थिति नहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने की राजनीति करना चाहती है। प्रदेशाध्यक्ष बदलने के इस फैसले को समझने के लिए केवल व्यक्तियों को नहीं, बल्कि पंजाब की बदलती राजनीति को पढ़ना होगा। प्रदेशाध्यक्ष बदलकर भाजपा ने केवल अपने कार्यकर्ताओं को संदेश नहीं दिया है। यह कदम विपक्षी दलों के लिए भी संकेत माना जा रहा है। कांग्रेस के सामने अब अपना पारंपरिक सामाजिक आधार बचाए रखने की चुनौती होगी। आप को सत्ता विरोधी माहौल को संभालना होगा। वहीं अकाली दल के लिए यह संकेत है कि भाजपा अब पुराने गठबंधन वाले ढांचे में लौटने के बजाय स्वतंत्र विस्तार की राह पर भी आगे बढ़ रही है। फिलहाल इतना साफ दिखाई देता है कि पंजाब भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष बदलकर केवल नया चेहरा नहीं चुना। उसने 2027 की लड़ाई के लिए अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं तय कर दी हैं। अब असली सवाल यह नहीं कि ढिल्लों अध्यक्ष के तौर पर कितने सफल होंगे। सवाल यह भी है कि क्या भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक पहचान की नई परिभाषा को गढ़ पाएगी। केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेशाध्यक्ष बनाना पार्टी की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। गठबंधन टूटने के बाद भाजपा को पहली बार यह समझ आया कि पंजाब में स्वतंत्र राजनीतिक ताकत बनने के लिए उसे अपने सामाजिक आधार का विस्तार करना होगा। –-राजनीतिक खालीपन को पढ़ रही भाजपा पंजाब की राजनीति में लंबे समय तक अकाली दल सिख नेतृत्व और ग्रामीण सामाजिक आधार का सबसे बड़ा केंद्र रहा। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी राजनीतिक पकड़ कमजोर हुई है और भाजपा शायद इसी बदलते परिदृश्य को अवसर के रूप में देख रही है। पार्टी चाहती है कि सिख समाज का एक हिस्सा उसे भी राजनीतिक विकल्प के रूप में देखना शुरू करे। इसी वजह से ढिल्लों का चयन केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और प्रतीकात्मक राजनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। –भाजपा के लिए अस्तित्व नहीं, विस्तार की परीक्षा आने वाला विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए केवल सीटों का मुकाबला नहीं होगा। यह चुनाव तय करेगा कि पार्टी पंजाब में गठबंधन आधारित राजनीति से आगे निकलकर स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति बन पाती है या नहीं। भाजपा के सामने चुनौती कई स्तरों पर है। उसे अपना शहरी आधार बनाए रखना होगा। सिख मतदाताओं में भरोसा बनाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन खड़ा करना होगा और राज्य के वास्तविक मुद्दों को अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना होगा।

बंदूक छोड़ विकास की राह पर बढ़े युवा, सुकमा में आत्मसमर्पण के बाद बदल रही जिंदगी की तस्वीर

जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य :  सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी जिन हाथों में कभी हथियार थे, अब वे बनाएंगे गरीबों के आशियाने सोड़ी हूंगी और पदम रैनू जैसे युवाओं के जीवन में लौटी उम्मीद, हुनर ने दिया सम्मान से जीने का नया आधार सुकमा में पुनर्वास की अनूठी पहल बनी राष्ट्रीय मिसाल, 280 से अधिक आत्मसमर्पित युवाओं को मिला रोजगार का रास्ता रायपुर, बस्तर की पहचान लंबे समय तक संघर्ष, भय और नक्सल हिंसा के साये से जुड़ी रही है। सुकमा जैसे जिले के घने जंगलों में ऐसी कई पीढ़ियां बड़ी हुईं, जिन्होंने विकास से ज्यादा बंदूक की आवाज सुनी, स्कूल से ज्यादा भय देखा और सपनों से ज्यादा संघर्षों का सामना किया। लेकिन आज उसी सुकमा से एक ऐसी कहानी निकलकर सामने आ रही है, जो केवल बदलाव की नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास की कहानी है। यह कहानी उन युवाओं की है, जिन्होंने कभी हिंसा का रास्ता चुना था, लेकिन आज वे अपने हाथों में निर्माण के औजार लेकर समाज के विकास में भागीदार बनने की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी उन बेटियों की है, जिन्होंने जंगलों की अनिश्चित जिंदगी छोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना है। यह कहानी उस प्रशासनिक संवेदनशीलता की है, जिसने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को केवल मुख्यधारा में लौटने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का नया आधार भी दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन सुकमा और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त प्रयासों से 25 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 13 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि जिंदगी को नए सिरे से गढ़ने का अवसर बन गया है। जंगलों की खामोशी से निर्माण स्थलों की रौनक तक इन युवाओं का अतीत संघर्षों से भरा रहा है। जंगलों में बिताए वर्षों ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में जीना सिखाया, लेकिन भविष्य के सपने देखने का अवसर नहीं दिया। आज जब वे प्रशिक्षण केंद्र में ईंट जोड़ना, दीवार खड़ी करना और मकान बनाना सीख रहे हैं, तब वे केवल भवन निर्माण नहीं सीख रहे, बल्कि अपनी टूटी हुई उम्मीदों को भी फिर से जोड़ रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीक, माप-जोख, चिनाई, प्लास्टर और भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। आने वाले समय में यही युवा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे। जिन हाथों में कभी हथियार थे, वही हाथ अब किसी गरीब परिवार के सपनों का घर खड़ा करेंगे। सोड़ी हूंगी : अब जिंदगी में डर नहीं, सपनों की जगह है कोंटा क्षेत्र के अरलमपल्ली गांव की रहने वाली सोड़ी हूंगी उन महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जीवन ने यह साबित किया है कि अवसर मिले तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, बदलाव संभव है। हूंगी बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब जीवन में हर दिन अनिश्चितता थी। लेकिन आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सीखने का अवसर दिया। आज वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। उनकी आंखों में आत्मविश्वास झलकता है जब वे कहती हैं, अब हम किसी पर बोझ नहीं रहेंगे। अपने हाथों की मेहनत से कमाएंगे और परिवार का सहारा बनेंगे। हूंगी जैसी कई महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान का माध्यम बन गया है। ’पदम रैनू: ‘सरकार ने हमें भटकने से बचाया’ जगरगुंडा के मंडीमरका गांव के निवासी ’पदम रैनू’ की कहानी भी उतनी ही भावुक और प्रेरणादायक है। जंगलों में बीते वर्षों को याद करते हुए वे कहते हैं कि वहां जीवन केवल संघर्ष और अनिश्चितता का पर्याय था। न रहने का ठिकाना, न भविष्य की कोई गारंटी। हर दिन नई चिंता होती थी। लेकिन आज हमें रहने की सुविधा मिली है, सीखने का अवसर मिला है और सबसे बड़ी बात यह कि सम्मान मिला है। सरकार ने हमें भटकने से बचाया और जीने का नया रास्ता दिखाया। पदम की यह बात केवल उनकी व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि उन सैकड़ों युवाओं की आवाज है, जिनके जीवन में पुनर्वास योजनाओं ने नया विश्वास पैदा किया है। एक पहल जिसने बदल दी दो तस्वीरें जिला प्रशासन की यह पहल केवल आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास तक सीमित नहीं है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिले के विकास पर भी दिखाई दे रहा है। सुकमा के अनेक दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से कुशल राजमिस्त्रियों की कमी महसूस की जाती रही है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती थी। अब प्रशिक्षित युवा न केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता बना रहे हैं, बल्कि जिले के विकास कार्यों को भी नई गति देने वाले हैं। इस प्रकार एक ही पहल ने दो बड़े लक्ष्य साध लिए हैं, एक ओर युवाओं को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला, दूसरी ओर विकास कार्यों को स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन प्राप्त हुआ। 280 से अधिक युवाओं की जिंदगी में आया बदलाव कलेक्टर अमित कुमार बताते हैं कि आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यक्ति को समाज का जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की यात्रा है। इसी सोच के साथ अब तक लगभग 280 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पुनर्वासित युवाओं को ऐसा कौशल मिले, जिससे वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यही कारण है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बदलते बस्तर की नई पहचान आज सुकमा की यह कहानी केवल सरकारी योजना की सफलता नहीं है। यह उस विश्वास की जीत है, जो कहता है कि हर व्यक्ति को दूसरा अवसर मिलना चाहिए। यह उस संवेदनशील शासन व्यवस्था की कहानी है, जिसने भटके हुए युवाओं में भी संभावनाएं देखीं। यह उस बदलते बस्तर की कहानी है, जहां अब विकास की चर्चा होती है, रोजगार की बात होती है और सपनों को सच करने की कोशिश होती है। कभी जिन पगडंडियों पर भय … Read more

घनी आबादी वाले इलाकों तक पहुंचेगी इंदौर मेट्रो, मालवीय नगर तक विस्तार से सफर होगा आसान

इंदौर   मेट्रो अपने संचालन के दूसरे साल में एक बड़े विस्तार की तरफ बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक सुपर कॉरिडोर के अपेक्षाकृत कम आबादी वाले हिस्से में सीमित रहने वाली मेट्रो 18 जून से मालवीय नगर तक पहुंचने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो ट्रेन नजर आएगी और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, 31 मई 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद से अब तक करीब ढाई लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया है। वर्तमान में मेट्रो गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आवासीय आबादी सीमित होने के कारण नियमित यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। रियायती ऑफर समाप्त होने के बाद घटे यात्री शुरुआती महीनों में मेट्रो ने लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और जॉय राइड की सुविधा दी थी। उस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहली बार मेट्रो का अनुभव लिया। बाद में रियायती ऑफर समाप्त होने और नियमित किराया लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई। विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति अब मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मालवीय नगर तक तैयार हो चुका है। 25 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) इस हिस्से के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति भी दे चुके हैं।  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 18 जून को इस विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति बनी है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कर सकते हैं शुभारंभ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मेट्रो रेल निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को निगम के प्रबंध संचालक ने इंदौर पहुंचकर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। अधिकारियों का मानना है कि शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के बाद मेट्रो केवल आकर्षण का साधन नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। यही कारण है कि अगले कुछ महीनों में यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। एक नजर में -2.5 लाख यात्री एक वर्ष में कर चुके हैं सफर -31 मई 2025 को शुरू हुआ था कमर्शियल संचालन -वर्तमान में केवल 6 किमी रूट पर चल रही है मेट्रो -18 जून से बढ़कर 17 किमी रूट पर होगा संचालन -25 मार्च 2026 को सीएमआरएस से मिली थी मंजूरी -पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगी मेट्रो -सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक चलेगी ट्रेन क्यों महत्वपूर्ण है मालवीय नगर विस्तार? -शहर के आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो से जोड़ेगा। -दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। -निजी वाहनों और सड़क यातायात पर दबाव कम हो सकता है। -भविष्य के पूर्ण मेट्रो नेटवर्क के लिए आधार तैयार होगा। -मेट्रो की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।

आशीष की हैट्रिक और कप्तान केतन के गोल से भारत ने रचा इतिहास; मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को बताया देश का भविष्य

भोपाल  जापान के काकामिगाहारा में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम ने शानदार विजय प्राप्त कर देश का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक जीत पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय टीम को बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। पुरुष हॉकी अकादमी के छह खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन और स्वर्ण पदक विजेता दल का हिस्सा बनना मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी न सिर्फ हॉकी, बल्कि कई अन्य खेलों में भी विश्व पटल पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वैश्विक खेल जगत के अनेक क्षेत्रों में भारत की विजयी पताका लगातार लहरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा की "पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे युवा खिलाड़ियों ने अटूट टीम भावना और अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन किया है। यह जीत उनकी कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण का परिणाम है। इस खिताबी मुकाबले और पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष खिलाड़ियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की इस बड़ी विजय में आशीष तानी पूर्ति की शानदार हैट्रिक और कप्तान केतन कुशवाहा के गोल की भूमिका बेहद प्रेरक और निर्णायक रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि अंडर-18 की इस ऊर्जावान टीम के खिलाड़ी आने वाले समय में अपनी काबिलियत के बलबूते भारत की सीनियर राष्ट्रीय हॉकी टीम में भी जगह बनाएंगे और देश को गौरवान्वित करना जारी रखेंगे।  

​विकास की ओर बढ़ते कदमः सुहेला के बिटकुली गांव को मिली 34 लाख के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर​ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना विकास को लगातार गति दी जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने शनिवार को तहसील सुहेला के अंतर्गत ग्राम बिटकुली में लगभग 34 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्रामवासियों की सुविधा के लिए निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी।             ​मंत्री  वर्मा ने कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर 16 लाख रुपए की लागत से बनने वाले महतारी सदन का भूमिपूजन, 10 लाख रुपए की लागत से होने वाले गली कांक्रिटीकरण कार्य का शुभारंभ और 8 लाख  रुपए की लागत से बनकर तैयार सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ​हर वर्ग के लिए काम कर रही है सरकाररू राजस्व मंत्री  वर्मा             ​ ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार शहर से लेकर गांवों तक चौतरफा विकास के कार्य कर रही है। सड़क, पुल-पुलिया सहित अनेक अधोसंरचना निर्माण कार्यों को तेज गति दी जा रही है। हमने जनता से जो भी वायदे किए थे, उनमें से अधिकांश को पूरा कर दिया गया है। आज किसान, महिला, युवा और गरीबकृहर वर्ग के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर लोग आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और पूरे प्रदेश में खुशहाली तथा समृद्धि का माहौल है। ​गांव-गांव पहुंच रहा है सुशासन तिहार       ​       मंत्री  वर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश में इस समय सुशासन तिहार चल रहा है, जिसके तहत शासन और प्रशासन खुद जनता के द्वार यानी गांव-गांव तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और सीधे आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहे हैं।       इस विकास उत्सव के अवसर पर जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए सरकार और मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

21 प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्राप्त किया आधुनिक पुलिसिंग एवं यातायात प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में आयोजित तीन माह अवधि के परिवहन उप निरीक्षक बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन)  आदर्श कटियार के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम  09 मार्च  से 05 जून तक संचालित किया गया, जिसमें 21 परिवहन उप निरीक्षकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन)  आदर्श कटियार ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिस सेवा में उच्च नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने तथा सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पुलिस सेवा एवं यातायात प्रबंधन से संबंधित विविध विषयों पर व्यापक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। आंतरिक प्रशिक्षण में नवीन आपराधिक कानूनों, मोटरयान अधिनियम, विभिन्न पुलिस अधिनियमों, नियमों एवं प्रक्रियाओं, पुलिस अनुशासन, नेतृत्व विकास, धैर्य तथा व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कराया गया। इसके अतिरिक्त बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों को आर्म्स प्रशिक्षण, परेड, बलवा नियंत्रण (रायट ड्रिल), शारीरिक प्रशिक्षण (पी.टी.), योग एवं अन्य फील्ड गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। अधिकारियों को आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली एवं तकनीकी संसाधनों की जानकारी प्रदान करने हेतु डायल-112, पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस मुख्यालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), स्मार्ट सिटी कंट्रोल सेंटर तथा फ्लाइंग स्क्वॉड सहित विभिन्न संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समन्वय कौशल तथा जनोन्मुखी पुलिसिंग के सिद्धांतों पर विशेष बल दिया गया।  समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में परिवहन उप निरीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षणार्थियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता करते हुए अपनी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक मती रश्मि पाण्डेय, मती यास्मीन जहरा, मती ज्योति उमठ सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विगत 15 दिनों में कुल 87 अवैध हथियार, 23 धारदार हथियार, कारतूस एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्‍त

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा अवैध हथियारों के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 15  दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों द्वारा अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, विक्रय एवं उपयोग में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए 87 अवैध हथियार, 23 धारदार हथियार एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं। खरगोन थाना भीकनगाँव एवं चौकी बमनाला पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध कार्रवाई कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 अवैध देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, मोबाइल फोन एवं हथियार परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्‍त की गई। गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब, पश्चिम बंगाल एवं मध्यप्रदेश से जुड़े खरीददार एवं बिचौलिये शामिल हैं।  इसी प्रकार थाना गोगावां एवं थाना सनावद पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम सिगनूर में संचालित अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर दबिश देकर 05 सिकलीगर आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 09 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 02 देशी कट्टे, 02 अधबनी पिस्टल एवं बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए।  एक अन्‍य कार्यवाही में थाना गोगावा, थाना सनावद और थाना जैतपुरा पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अवैध फायर आर्म्स तस्करी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 55 हजार रुपये के इनामी आरोपी एवं उसके साथी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखे गए 08 देशी पिस्टल एवं 03 देशी कट्टे, कुल लगभग 2.45 लाख रुपये मूल्य के अवैध हथियार बरामद किए हैं। उक्त तीनो कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 अवैध फायर आर्म्स (29 देशी पिस्टल एवं 06 देशी कट्टे) तथा बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री जप्त की गई है। मुरैना मुरैना जिले में थाना कोतवाली, पोरसा, अंबाह, देवगढ़, सबलगढ़ एवं सिहोनिया पुलिस द्वारा फायरिंग, हत्या के प्रयास, चोरी एवं अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विभिन्न प्रकरणों में पुलिस ने कुल 15 अवैध हथियार (देशी कट्टे एवं पिस्टल), 27 जिंदा राउंड, अधिया, खाली खोखे, मोटरसाइकिल एवं अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की। धार पुलिस द्वारा मनावर क्षेत्र में यूपी के गैंगस्टर एवं सिकलीगर को गिरफ्तार कर 04 देशी पिस्टल एवं हथियार निर्माण उपकरण जब्‍त किए गए। वहीं वाहन चेकिंग के दौरान आरोपी से देशी पिस्टल, मैग्जीन, जिंदा राउंड एवं स्कूटी जब्‍त की गई। दतिया थाना उनाव पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 03 कट्टे, 01 पिस्टल, जिंदा राउंड एवं मोटरसाइकिल सहित आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 04 कट्टे, अधबने हथियार एवं निर्माण सामग्री जब्‍त की है।  गुना पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर 03 देशी कट्टे एवं जिंदा राउंड जब्‍त किए। वहीं कॉम्बिंग गश्त के दौरान डकैती की योजना बना रहे 05 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर देशी कट्टा, जिंदा राउंड एवं अन्य उपकरण जब्‍त किए।  नीमच पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश कर 03 देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, ग्राइंडर मशीन, बंदूक की नाल, वेल्डिंग मशीन एवं अन्य हथियार निर्माण उपकरण जप्त किए। भोपाल पुलिस द्वारा थाना तलैया क्षेत्र में विधि विरूध्‍द बालक को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से 15 तलवार एवं 08 छुरे बरामद किए गए। ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो एवं स्टेटस डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर एक 315 बोर का देशी कट्टा जब्‍त किया। इसी प्रकार थाना आरोन में दो 315  बोर के देसी कट्टे एवं थाना थाटीपुर में 1 अवैध देसी कट्टा जप्त किया है।  वहीं एक अन्‍य कार्रवाई में चोरी के बिजली तार ले जा रहे आरोपियों से एक देशी कट्टा, जिंदा राउंड, लगभग 150 किलो बिजली तार एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।  इसी प्रकार इंदौर में 01 पिस्‍टल, शिवपुरी में  315 बोर के 02 देशी कट्टे एवं 07 कारतूस, टीकमगढ़ में 12 बोर का 01 एवं 314 बोर का 01 देशी कट्टा एवं दो जिंदा कारतूस, अलीराजपुर में 12 बोर का 01 देशी कट्टा एवं कारतूस तथा छतरपुर में 315 बोर का 01 देशी कट्टा, 01 अवैध बंदूक एवं कारतूस ,बुरहानपुर में अवैध हस्त निर्मित 02 देशी पिस्टल  एवं उज्जैन में अवैध 02 देशी पिस्टल जब्त की है।  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने, निर्माण करने एवं आपराधिक गतिविधियों में उपयोग करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

10 गाँवों में गूँजेगी डीएसआर की गूँज

​रायपुर  बदलते दौर के साथ छत्तीसगढ़ का अन्नदाता भी अब पारंपरिक खेती की रूढ़ियों को छोड़ आधुनिकता की राह पर चल पड़ा है। विकसित धमतरी के संकल्प को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। जिले के कुरूद विकासखंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने क्षेत्र के 10 गाँवों के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं। ​सीड ड्रिल मशीनों की सौगातः कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूती      ​    कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्था द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा (कुरूद) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जिले के 10 चयनित गाँवों के कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए आधुनिक सीड ड्रिल मशीनों का वितरण किया गया। इन मशीनों के मिलने से अब छोटे और सीमांत किसानों को भी कम लागत पर आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। ​लाभान्वित होने वाले गाँव : धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक         इस योजना के तहत कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली को लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर (कार्ड) फाउंडेशन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डायरेक्ट सीडिंग राईस) तकनीक के गुर सिखाए।       ​ विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक धमतरी के किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है क्योंकि इससे पारंपरिक रोपा पद्धति की तुलना में बीज और श्रम (मजदूरी) का खर्च बेहद कम हो जाता है। इस तकनीक से पानी की भारी बचत होती है, जो जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। कम लागत और वैज्ञानिक रख-रखाव से फसल की उत्पादकता और शुद्ध लाभ में सीधा इजाफा होता है। ​प्रशासन का संकल्पः नवाचार से बढ़ेगी किसानों की आय       ​सफलता की इस कहानी को प्रशासनिक नेतृत्व का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। मामले पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर  ने कहा कि राज्य शासन किसानों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकसित धमतरी के निर्माण में कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम है। इन आधुनिक तकनीकों और कृषि यंत्रीकरण के जरिए हम छोटे से छोटे किसान की उत्पादन क्षमता और आय को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ​एक साझा प्रयास, एक नया सवेरा      ​ इस ऐतिहासिक बदलाव के साक्षी कृषि विभाग के उप संचालक,कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता सहित कार्ड संस्था के लोकेशन इंचार्ज और उनकी पूरी टीम बनी।​कार्यक्रम के समापन पर जब अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सीड ड्रिल मशीनों को गाँवों की ओर रवाना किया, तो वह केवल मशीनों का प्रस्थान नहीं था, बल्कि वह धमतरी के 10 गाँवों की आर्थिक समृद्धि और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम था। निश्चित ही, यह अनूठी पहल छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में सफलता का एक नया अध्याय लिखेगी।

सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।  समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त  श्याम धावड़े, आईजी  अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।