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राजस्थान में राजस्व संग्रह में 12.41% की बढ़ोतरी, अगस्त तक ₹57,396 करोड़ प्राप्त

जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त 2026 तक प्रदेश के प्रमुख राजस्व अर्जक मदों से कुल राजस्व प्राप्तियां 57 हजार 396 करोड़ रुपये रही हैं, जो गत वर्ष की समान अवधि में 51 हजार 61 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार राजस्व प्राप्तियों में 12.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की राजस्व प्राप्तियों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने राजस्व लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां प्राप्तियां कम हैं, वहां कारणों की पहचान कर सुधार के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बकाया राजस्व की वसूली, प्रभावी प्रवर्तन, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीक के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी राजस्व अर्जक विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और परिवहन नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि खान क्षेत्र से अगस्त तक 4 हजार 162 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि से 20.26 प्रतिशत अधिक है। पेट्रोलियम क्षेत्र से 1 हजार 107 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया ने राज्य की समग्र राजस्व स्थिति और विभागवार प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की लक्ष्य के मुकाबले राजस्व प्राप्तियों तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व वृद्धि से अवगत कराया। प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकांत ने बताया कि लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। भू-राजस्व की बकाया वसूली तथा राजस्व एवं सिविल न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बताया कि अगस्त तक परिवहन विभाग को 3 हजार 95 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में यह 2 हजार 748 करोड़ रुपये था। वाणिज्यिक कर आयुक्त आनंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ीं और बताया कि अगस्त तक वस्तु एवं सेवा कर से 19 हजार 622 करोड़ रुपये तथा मूल्य संवर्धित कर से 11 हजार 448 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई हैं। गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः 9.07 प्रतिशत और 14.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा अगस्त तक 6 हजार 313 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि के 4 हजार 956 करोड़ रुपये की तुलना में 27.38 प्रतिशत अधिक है। बैठक में आबकारी, श्रम तथा नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की राजस्व प्राप्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संगठन से वैश्विक पटल तक: गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की असाधारण यात्रा का लेखा-जोखा।

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को रेखांकित करते हुए विशेष लेख लिखा है। डॉ. यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की मोदी की यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी भूमिका और प्रभाव को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा कि यशस्वी नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में ढाई दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पर विशेष राजनीति के मैदान में ऐसे अनेक नेता और जननेता हुए हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इनमें कुछ अपनी प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने गए, तो कुछ ने अपने राजनीतिक कौशल से अलग पहचान बनाई। लेकिन ऐसे नेता विरले ही होते हैं, जो संगठन से निकलकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यकुशलता की मिसाल कायम करें और आगे चलकर प्रधानमंत्री के रूप में न केवल देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था को नई दिशा दें, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाये।  भारत के संबंधों को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही असाधारण यात्रा का उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक उन्होंने शासन की एक ऐसी शैली विकसित की, जिसमें विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया। इसके बाद वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और विश्व में प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे परिस्थितियों को केवल देखते नहीं, बल्कि उनमें परिवर्तन लाने का प्रयास करते हैं। दुनिया की राजनीति में कहाँ मौन रहना है, कहाँ अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी है और कहाँ दृढ़ता के साथ भारत के हितों की रक्षा करनी है। इसका संतुलन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने अपनी विदेश नीति में लगातार प्रदर्शित किया है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने विश्व के विभिन्न शक्ति-केंद्रों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत किया है। आज भारत विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखना हो, पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा करनी हो या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय विषयों पर शांति और संवाद का पक्ष रखना हो, प्रधानमंत्री जी ने भारतीय दृष्टिकोण को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है। भारतीय संस्कृति की भावना का परिचायक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही है कि संकट के समय भारत ने केवल अपने नागरिकों की ही चिंता नहीं की, बल्कि मानवता के प्रति अपने दायित्व को भी निभाया।कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत ने जिस प्रकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा, वह अभूतपूर्व था। इसके साथ ही भारत ने अनेक देशों को दवाइयाँ, वैक्सीन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से लेकर तुर्किए तक, जब भी आवश्यकता पड़ी, भारत ने सहायता का हाथ बढ़ाया। युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक अभियान चलाए गए। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी हो या संकटग्रस्त परिस्थितियों में अन्य भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाना इन प्रयासों ने यह संदेश दिया कि भारत अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।भारत की मानवीय संवेदनशीलता का परिचय उस समय भी मिला, जब कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद पड़ोसी देश पाकिस्तान के विद्यार्थियों को भी सुरक्षित उनके देश वापस पहुँचाने के प्रयास किए गए। यह भारतीय संस्कृति की उस भावना का परिचायक है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि माना गया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय  राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद को सहन करने वाला देश नहीं है।ऑपरेशन सिंदूर ने भी आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को दुनिया के सामने दृढ़ता से रखा। भारत ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई उसके लिए केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा का प्रश्न भी है।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आतंकवाद को लेकर भारत की नीति में जो दृढ़ता आई है, उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान आकर्षित किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाने और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में भारत को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर स्वयं को एक संतुलित, व्यवहारिक और नीतिगत रूप से स्वायत्त राष्ट्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। भारत की साख एक ऐसे देश के रूप में बनी है जो वैश्विक दक्षिण (Global South) की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और पश्चिमी देशों तथा पूर्वी शक्तियों के बीच संवाद का संतुलन बनाए रखने में सक्षम है। भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ब्रिक्स किसी पश्चिम-विरोधी गुट के रूप में नहीं, बल्कि एक समावेशी और सुधारात्मक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास और आतंकवाद के प्रति कड़े रुख ने वैश्विक स्तर पर देश की विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाया है।इस पूरे परिदृश्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका अत्यंत निर्णायक और प्रभावी रही है। सम्मेलनों के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ की गई उनकी द्विपक्षीय बैठकों ने न केवल जटिल क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने में मदद की, बल्कि भारत के आर्थिक और व्यापारिक हितों को भी नई दिशा दी है। … Read more

सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं: बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती—मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े।

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान क्षेत्रवासियों को सड़क विकास की बड़ी सौगात देते हुए 34 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों का कार्यप्रारम्भ पूजन किया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी तथा क्षेत्र में विकास की गति को नई दिशा मिलेगी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ती है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार का प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना पहुंचे और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को मिलेगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना ही विकास कार्यों का स्थायी लाभ लोगों तक पहुंचा सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा तक 18 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण कार्यप्रारम्भ पूजन किए गए प्रमुख कार्यों में डुमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है। लगभग 30.41 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत बिटुमिनस कंक्रीट एवं शोल्डर कार्य के साथ 6,570 मीटर नाली, 300 मीटर टो-वॉल, 140 मीटर रिटेनिंग वॉल, 8 एचपीसी तथा 7 स्लैब पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के उन्नयन से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आवागमन सुविधा बेहतर होगी। दर्रीपारा-दनौली मार्ग से झम्मनपारा को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी इसी क्रम में झम्मनपारा में दर्रीपारा से दनौली तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भी कार्यप्रारम्भ पूजन किया गया। इस कार्य के लिए 374.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना में 3.20 किलोमीटर सड़क, 0.90 किलोमीटर सीसी रोड, 1,200 मीटर नाली, 90 मीटर रिटेनिंग वॉल तथा 6 एचपीसी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों से सेवा संकल्प अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।

एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

रायपुर  एनएमडीसी बस्तर के धावक फुलधर नेताम की व्यापक सहायता करने के लिए तैयार है, जो एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन की ओपन श्रेणी में विजेता के रूप में उभरे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक बेहतरीन एथलीट के रूप में विकसित करना है ।   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले पुलिस कर्मी फूलधर नेतम ने मैराथन में 2 घंटे और 45 मिनट का समय लिया । एनएमडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया और रू.5 लाख का चेक सौंपा।   एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी नेताम की सहायता के लिए संरचित कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक सुविधाओं की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सहित सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगी ।   ठाकुर ने कहा कि “एनएमडीसी उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारत और विदेशों में संरचित प्रशिक्षण सुविधाओं सहित उनकी सहायता के लिए सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगा । इसका उद्देश्य उन्हें उनकी पूरी क्षमता को विकसित करने और उन्हें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार करने में मदद करना है ।”   अभी मुख्य फोकस नेताम को बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाने में है, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लंबी दूरी की दौड़ में से एक है ।   एनएमडीसी और हैदराबाद रनर्स सोसाइटी भी इस ईवेंट में उनकी एंट्री सुनिश्चित करने में मदद करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं ।   नेतम बस्तर और दंतेवाड़ा के लगभग 170 धावकों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष हैदराबाद मैराथन में भाग लेने के लिए एनएमडीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस क्षेत्र से धावकों की पहचान की गई और उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण, यात्रा, आवास, दौड़ने के लिए किट और अन्य लॉजीस्टिक सहायता प्रदान की गई ।   नेताम के लिए तो शुरुआती लाइन तक पहुंचना भी अनिश्चित था ।   “मैंने तो यह भी नहीं सोचा था कि मुझे एंट्री मिलेगी या नहीं । मेरे दोस्त पाण्ड्रू और बसंत सर ने मुझे हैदराबाद में एंट्री पाने में मदद की । एनएमडीसी ने जूते, किट और आवास सहित शुरू से अंत तक सब कुछ मुहैया कराया” नेताम ने कहा ।   यह पहल बस्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए एनएमडीसी के प्रयास का हिस्सा है । यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एथलेटिक्स के लिए संगठित बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है ।   नेताम, जो कि जगदलपुर में महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं, उन्होंने अपने पुलिस ड्यूटी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए मुख्यत: अपने बलबूते पर तैयारी की ।   वे सुबह और शाम प्रशिक्षण लेते थे और अपने अवकाश के दिनों में कठिन वर्कआउट करते थे ।   उन्होंने कहा “मैं अपनी ड्यूटी से समय निकालता था । छुट्टी के दिनों में मैं मुश्किल वर्कआउट करता था । मैं सुबह और शाम अभ्यास करता था और सब कुछ खुद ही संभालता था ।”   कृष्ण कुमार ठाकुर ने नेताम की इस उपलब्धि को उनके बैकग्राउन्ड और क्षेत्र में व्यवस्थित खेल सुविधाओं की कमी को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया ।   ठाकुर ने कहा “यह बहुत, बहुत बड़ी उपलब्धि है । वे पूरी तरह से एक रॉ टैलेंट हैं और देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो हाल तक हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था ।”   उन्होंने कहा कि एनएमडीसी "बहुत संतुष्ट" है कि उसकी पहल ने इस क्षेत्र के युवाओं को एक मंच प्रदान करने में मदद की है ।   ''इस वर्ष, उस क्षेत्र के 170 से अधिक युवाओं की पहचान की गई, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया और उनकी भागीदारी के लिए सभी व्यवस्थाओं के साथ हैदराबाद लाया गया ।   ऐसी व्यवस्था के पहले वर्ष में किसी अज्ञात व्यक्ति को प्रथम स्थान मिलता है । यह एनएमडीसी के लिए अत्यंत संतोष की बात है ।”   हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर ने भी नेताम की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि पेशेवर सहायता से उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है ।   उनके परफ़ॉर्मेंस को "बहुत उत्साहवर्धक" बताते हुए रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने बताया था कि उनकी अधिकांश ट्रेनिंग खुद से ही हुई है ।   उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि यह एक महान प्रतिभा की पहचान है और अगर एनएमडीसी इनकी सहायता करता है, तो इसे और आगे ले जाया जा सकता है ।” रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने पहले एक अन्य प्रतियोगिता में 2 घंटे और 30 मिनट का समय लिया था, जिससे पता चलता है कि पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ सुधार की काफी गुंजाइश है । एनएमडीसी का प्रस्तावित सहयोग एक संरचित प्रशिक्षण योजना, विशेषज्ञ कोचिंग, रिकवरी सहयोग, प्रतियोगिता एक्सपोजर और अंतरराष्ट्रीय दौड़ की तैयारी के माध्यम से नेताम की रॉ क्षमता को निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा । नेताम का लक्ष्य पहले से ही स्पष्ट है । उन्हें सहयोग देने के लिए एनएमडीसी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "मैं एनएमडीसी के सहयोग से मैराथन और ट्रैक में दौड़ना जारी रखना चाहता हूं और एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनना चाहता हूं ।" एनएमडीसी की स्पॉन्सरशिप और लंबे समय तक मिलने वाले सहयोग से, नेताम के पास अब पुलिस ड्यूटी के बीच स्व-निर्देशित प्रशिक्षण से बोस्टन मैराथन और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए एक प्रोफेशनल रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका है । बस्तर से हैदराबाद मैराथन पोडियम तक का उनका सफर एनएमडीसी की उस कोशिश की शुरुआत है जिसका मकसद एक होनहार क्षेत्रीय धावक को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बेहतरीन एथलीट में बदलना है ।  

पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात, मानदेय ₹9 हजार और सेवा सुरक्षा का ऐलान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पंचायत सहायकों को एक साथ कई सौगातें दी हैं। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब सहायकों को प्रधान या सचिव नहीं हटा सकेंगे। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे भी वापस होंगे। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी। पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा। प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी। आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा। मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

*बी.टी.आई. ग्राउंड में नवरात्रि एवं गरबा आयोजन का यह 15वाँ वर्ष और भी भव्य होगा *

रायपुर राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड में संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी नवरात्रि पर्व के अवसर पर भव्य नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को सिविल लाइन, रायपुर में समिति की बैठक संयोजक संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने आगामी नवरात्रि उत्सव की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं आयोजन की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की। उत्सव को भव्य, व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, रास गरबा आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर समिति की टीम द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और पूरा उत्सव अनुशासित एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो। समिति के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ’’संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव के आयोजन का यह 15वां वर्ष है।’’ इस अवसर पर मां दुर्गा की विधि-विधान से आराधना के साथ पारंपरिक रास गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में मां जगदंबा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही रास गरबा के माध्यम से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। श्रीवास्तव ने कहा कि ’’नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है।’’ मां दुर्गा की आराधना के साथ रास गरबा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति का प्रयास रहेगा कि शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड में आयोजित होने वाला यह उत्सव ’’श्रद्धा, भक्ति, उत्साह, उमंग और भव्यता का अनूठा संगम’’ बने। समिति ने क्षेत्रवासियों एवं राजधानी रायपुर के समस्त श्रद्धालुओं से आगामी नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। समिति ने श्रद्धालुओं से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ इस भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की। बैठक में मुख्य रूप से ’’अनीता खंडेलवाल, राजेश गुप्ता, दीपक श्रीवास्तव, मिलिंद गौतम, अमरजीत सिंह, मनोज खुड़िया, सुनीला अग्रवाल, सुमन मुठा एवं नेहा खंडेलवाल’’ उपस्थित रहे।

टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती पर बड़ा एक्शन, 42 नियुक्तियां रद्द; पुराने पद पर लौटेंगे कर्मचारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के GST विभाग में वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनने वाले 42 कर्मचारियों को अब अपने पुराने पद पर लौटना होगा। इन कर्मचारियों को 2021 और 2022 में हुई सीमित भर्ती परीक्षा के जरिए लिपिक पद से वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाया गया था। बाद में इस भर्ती परीक्षा को लेकर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद जांच कराई गई। जांच में परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाली कई गड़बड़ियां मिलीं। चयनित कर्मचारियों की कॉपियों में एक जैसे जवाब पाए गए। कुछ मामलों में दोबारा जांच के बाद अंक बढ़ने की बात भी सामने आई। वहीं, परीक्षा में कौन-कौन कर्मचारी शामिल हुए थे, इसका उपस्थिति रिकॉर्ड भी नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने परीक्षा और उसके आधार पर हुए चयन को रद्द कर दिया। इसके साथ ही 42 कर्मचारियों को वाणिज्यिक कर निरीक्षक पद से हटाकर उनके मूल लिपिक पद पर वापस भेजने का आदेश जारी किया है। जांच में मिलीं कई गड़बड़ियां जांच समिति ने पाया कि कई चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब लिखे गए थे। कुछ जवाब मॉडल आंसर से भी काफी हद तक मिलते थे। GST की धाराओं और नियमों से जुड़े सवालों के जवाब में भी ऐसी समानता पाई गई। गणित के जवाबों पर भी उठे सवाल बताया जा रहा है कि गणित के कुछ सवालों में बिना रफ वर्क किए सीधे उत्तर लिखे मिले। डॉ. खूबचंद बघेल की जीवनी पर पूछे गए निबंध में भी कुछ चयनित कैंडिडेट्स के जवाब एक जैसे पाए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र की उपस्थिति पंजी ही नहीं मिली। ऐसे में यह साबित करने वाला मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था कि परीक्षा में कौन-कौन अभ्यर्थी शामिल हुए थे। किसके कितने नंबर आए, इसका भी पूरा रिकॉर्ड नहीं जांच में पाया गया कि परीक्षा की समेकित अंक तालिका तैयार नहीं की गई थी। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि किस अभ्यर्थी को कितने अंक मिले और मेरिट सूची किस आधार पर तैयार हुई। उत्तर-पुस्तिकाओं में ऐसी कोडिंग व्यवस्था नहीं थी, जिससे कॉपी जांचते समय अभ्यर्थी की पहचान छिपी रहे। यानी कॉपी जांचने वाले को यह पता चल सकता था कि उत्तर-पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। नंबर दोबारा क्यों बढ़ाए गए? जांच समिति के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया। यानी कॉपी एक बार जांचने के बाद दोबारा जांची गई। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ चयनित अभ्यर्थियों के अंक पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़े। इसके बाद वे चयन सूची में शामिल हुए। जांच के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में चयन समिति से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे। आरक्षण का नियम भी नहीं अपनाया गया जांच में पाया गया कि परीक्षा से पहले पदों का आरक्षण रोस्टर के हिसाब से वर्गवार बंटवारा नहीं किया गया था। किस वर्ग के लिए कितने पद हैं, इसका निर्धारण तय प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुआ। विभाग के मुताबिक, इससे पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने की व्यवस्था प्रभावित हुई। 2021 और 2022 की परीक्षा में इस्तेमाल हुई उत्तर-पुस्तिकाओं का पूरा रिकॉर्ड भी जांच में नहीं मिला। जांच समिति ने अभ्यर्थियों की कॉपियों के साथ परीक्षा सामग्री का रिकॉर्ड भी देखा। इसमें खरीदी गई, इस्तेमाल हुई और बची हुई उत्तर-पुस्तिकाओं की संख्या में अंतर पाया गया। अब 42 कर्मचारियों का क्या होगा? इन 42 कर्मचारियों को अब वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर नहीं रखा जाएगा। उन्हें उनके मूल पद पर वापस भेजा जाएगा। यानी जिस पद और जगह से वे कर निरीक्षक बने थे, उन्हें उसी मूल पद और पदस्थापना पर वापस भेजा जाएगा। चयन समिति में ये अधिकारी थे सीमित भर्ती परीक्षा की चयन समिति में तत्कालीन अपर आयुक्त कल्पना तिवारी, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त और वर्तमान अपर आयुक्त टीआर धुर्वे तथा सहायक आयुक्त रौशन सिंह शामिल थे। भर्ती के समय विभाग के आयुक्त समीर विश्नोई थे।  

विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्ति में रमा संजय श्रीवास्तव का निवास’

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ’’ संजय श्रीवास्तव’’ ने अपने निज निवास ’’न्यू शांति नगर, रायपुर’’ में विधि-विधान एवं श्रद्धा-भक्ति के साथ विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान गणेश जी की स्थापना की। इस अवसर पर श्रीवास्तव एवं उनके परिवारजनों ने भगवान गणेश जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की गई तथा भगवान गणेश को मोदक एवं विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित किए गए। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ’’भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, शुभता और मंगल के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण और पूजन से करने की हमारी सनातन परंपरा रही है।’’ गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न.बाधाओं को दूर करें और प्रदेशवासियों के जीवन में सुखए शांतिए समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आएं। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। इस अवसर पर परिवारजन, शुभचिंतक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। पूरे परिसर में ’गणपति बप्पा मोरया’’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

मोहला के तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में जलेंगे 1 लाख 8 हजार दीप, शाम 7 बजे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन

 मोहला : सेवा संकल्प अभियान : जिले में प्रज्ज्वलित होंगे 1 लाख 8 हजार दीप तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से आयोजन, शाम 7 बजे होगा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को समर्पित होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम मोहला छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1 लाख 8 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा को समर्पित रहेगा।           मोहला के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य आयोजन होगा, जिसमें 500 से अधिक नागरिक शामिल होंगे और 5 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान रंगोली प्रदर्शन सहित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार जिले के तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से कार्यक्रम प्रारंभ होंगे तथा शाम 7 बजे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। मोहला में मिनी स्टेडियम, मानपुर में इंद्रप्रस्थ स्टेडियम तथा अंबागढ़ चौकी में शिवनाथ नदी घाट पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।          कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में नागरिकों को दीप वितरित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने जिला मुख्यालय मोहला के जय स्तंभ चौक एवं फव्वारा चौक में नागरिकों को दीप वितरित किए। उन्होंने नागरिकों से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने तथा 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घर, दुकान एवं प्रतिष्ठान में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में सहभागी बनकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ को जनभागीदारी के उत्सव के रूप में मनाएं।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. ममता साहू

रायपुर छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने रायगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, विधिक सहायता तथा महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को हर परिस्थिति में आवश्यक सहायता, संरक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहनी चाहिए। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही जमीनी स्तर पर विभागीय अमले के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने तथा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं, बाल संरक्षण व्यवस्था, महिलाओं को विधिक सहायता, संरक्षण एवं परामर्श सेवाओं सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक शासकीय सहायता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार पांडेय, महिला संरक्षण अधिकारी चैताली राय, केंद्र प्रशासक निहारिका पटनायक, जिला पंचायत सभापति महिला एवं बाल विकास सुषमा खलको, एमआईसी महिला एवं बाल विकास त्रिवेणी डहरे सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।