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अमृतसर से आबूधाबी का सफर होगा आसान, 25 अक्टूबर से डायरेक्ट फ्लाइट; 4 घंटे 40 मिनट में पहुंचेंगे

अमृतसर अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अब आबूधाबी का सफर सीधी उड़ान से महज 4 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस 25 अक्टूबर से अमृतसर-आबूधाबी सीधी उड़ान शुरू करने जा रही है।  सप्ताह में तीन दिन बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को अमृतसर से उड़ान रात 8:40 बजे रवाना होकर 11:50 बजे आबूधाबी पहुंचेगी। वापसी में शुक्रवार, रविवार और सोमवार को उड़ान आबूधाबी से रात 12:55 बजे उड़ान भरकर सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी।   अमृतसर से आबूधाबी का सफर 4 घंटे 40 मिनट और वापसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट का रहेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो गई है। फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला और भारत कन्वीनर योगेश कामरा ने बताया कि आबूधाबी के लिए सीधी उड़ान की काफी समय से मांग थी। कोरोना काल से पहले भी यह सेवा संचालित होती थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों और यूएई में काम करने वाले पंजाबियों को फायदा होगा। पहले यात्रियों को दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती थी या दुबई-शारजाह पहुंचकर सड़क मार्ग से आबूधाबी जाना पड़ता था। नई उड़ान से समय की बचत होगी। अमृतसर एयरपोर्ट से दुबई, शारजाह और आबूधाबी के लिए सप्ताह में एक तरफ 31 उड़ानें हो जाएंगी।  यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शनिवार और रविवार चलेगी। अमृतसर से फ्लाइट रात 8:40 बजे रवाना होकर उसी दिन रात 11:50 बजे अबू धाबी पहुंचेगी। वापसी की उड़ान अबू धाबी से शुक्रवार, रविवार और सोमवार को रात 12:55 बजे रवाना होगी और सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से अबू धाबी तक उड़ान का समय करीब 4 घंटे 40 मिनट, जबकि वापसी में लगभग 3 घंटे 50 मिनट रहेगा। फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला ने कहा कि नई सीधी सेवा से उन यात्रियों को विशेष लाभ होगा, जिन्हें अभी अबू धाबी पहुंचने के लिए दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती है या अमृतसर से दुबई अथवा शारजाह जाकर आगे सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है। सीधी उड़ान से समय और यात्रा खर्च दोनों कम हो सकते हैं। फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के कन्वीनर योगेश कामरा ने कहा कि अबू धाबी सेवा शुरू होने से अमृतसर की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने दावा किया कि नई उड़ान जुड़ने के बाद दुबई, शारजाह और अबू धाबी के लिए अमृतसर से साप्ताहिक उड़ानों की संख्या करीब 31 तक पहुंच सकती है, हालांकि यह एयरलाइंस के शेड्यूल में बदलाव पर निर्भर करेगी। उन्होंने एयरलाइंस से मस्कट और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी अमृतसर से सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की।

मेडिकल कॉलेजों के PPP मॉडल को झटका, 9 कॉलेजों में निवेशक नहीं मिले; 300 डॉक्टरों की भर्ती अटकी

भोपाल  प्रशासनिक सुस्ती और नीतिगत विरोधाभास के कारण प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार पूरी तरह अटक गया है। एक तरफ 1521 करोड़ से दमोह, छतरपुर और बुधनी में बने मेडिकल कॉलेजों की इमारतें खड़ी हैं और डीन भी पदस्थ हैं।  अयोग्य घोषित होने के बाद न तो दोबारा आवेदन हुआ, न फैकल्टी भर्ती पूरी हुई और न फर्नीचर खरीदा गया; नतीजतन इस सत्र भी 300 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश बंद रहा। दूसरी तरफ, 13 जिलों में प्रस्तावित पीपीपी मॉडल भी फ्लॉप साबित हुआ, जहां टेंडर के बावजूद 9 जिलों में एक भी निजी निवेशक नहीं आया और केवल 4 में बाउंड्रीवॉल का काम शुरू हो सका। तैयार सरकारी कॉलेजों को शुरू करने के बजाय उन्हें भी पीपीपी मोड में धकेलने की नीतिगत उधेड़बुन ने प्रदेश में डॉक्टरों की नई पौध पर ब्रेक लगा दिया है।     सरकारी मॉडल सुस्त: दमोह, छतरपुर और बुधनी में भवन तैयार, फिर भी एनएमसी से मंजूरी नहीं ली; डॉक्टरों की भर्ती भी नहीं     पीपीपी मॉडल फ्लॉप: 13 में से केवल 4 जिलों में काम शुरू, 8 जिलों में एक भी निवेशक नहीं आया; खरगोन का टेंडर निरस्त दमोह, छतरपुर, बुधनी में इमारतें खड़ी पर कमियां अब भी 1. शासकीय कॉलेज: भवन खड़े, डीन पदस्थ, पर 300 सीटों पर ताला दमोह, छतरपुर और बुधनी में मेडिकल कॉलेज की इमारतें तैयार हैं। डीन और सीनियर रेजिडेंट्स पदस्थ किए जा चुके हैं, लेकिन एनएमसी की पहली ही जांच में कमियां मिलने से इन्हें मान्यता नहीं मिली। डिस्क्वालिफाई होने के बाद शासन ने दोबारा आवेदन नहीं किया। खरीदी और भर्ती बंद: जून से शुरू हुई फर्नीचर खरीदी अधूरी है और फैकल्टी भर्ती के परिणाम रोक दिए गए हैं। कागजी टैगिंग: सरकार ने रिकॉर्ड में दिखाने के लिए छतरपुर को सागर और दमोह को जबलपुर स्वशासी कॉलेज से टैग (जोड़) दिया है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। दमोह में अटका काम: सरकार 369 करोड़ रु खर्च कर चुकी है। नर्सिंग कॉलेज और 500 बेड का अस्पताल बनाने थे, जो रोक दी गई है। डीन डॉ. अर्जुन सिंह का कहना है शासन के आदेशानुसार आगे काम होगा। बुधनी और छतरपुर: बुधनी में डीन डॉ. डी. परमहंस पदस्थ हैं और सीनियर रेजिडेंट्स नर्मदापुरम जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। छतरपुर में डीन डॉ. अमरदीप राय ने प्रक्रिया शुरू की है, पर सुविधाएं नहीं जुटाई गई हैं। 2. पीपीपी मॉडल: 9 जिलों में निवेशकों का इंतजार, 4 में निर्माण की रफ्तार धीमी प्रदेश के 13 जिलों- बैतूल, धार, पन्ना, कटनी, टीकमगढ़, शाजापुर, मुरैना, खरगोन, सीधी, बालाघाट, अशोकनगर, भिंड और गुना में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज मंजूर किए गए थे। इनमें से 9 जिलों में निवेशक न मिलने से काम अधर में लटक गया है। केवल 4 जिलों में निर्माण शुरू हुआ है। धार: केवल यहीं पीपीपी मॉडल आगे बढ़ा, लेकिन जमीन विवाद के कारण प्रक्रिया प्रभावित रही और अब ग्राम पंचायत की एनओसी का इंतजार है। पन्ना: पर्यटन ग्राम जनवार में 5 महीने से काम जारी है। बाउंड्रीवॉल का काम 80% पूरा हुआ है और पिलर खड़े किए जा रहे हैं। कटनी: जिला अस्पताल पर आश्रित मेडिकल कॉलेज का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। विरोध के कारण सीएम के दो कार्यक्रम रद्द हुए; अब बिना औपचारिक भूमिपूजन के ही बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही है। बैतूल: यहां भी निर्माण कार्य अभी सिर्फ बाउंड्रीवॉल तक ही सीमित है। दूसरी बार मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया "छतरपुर, दमोह और बुधनी मेडिकल कॉलेज की अनुमति एनएमसी स्तर पर पेंडिंग है। एक बार डिस्क्वालिफाई होने के बाद मान्यता के लिए दोबारा आवेदन नहीं किया गया है।" — धनराजू एस., आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में होंगे शामिल

भोपाल  19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भाग लेंगे। इसे गैर राजनीतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम से पहले राहुल का रोड शो कराने की तैयारी कांग्रेस कर रही है। संभावना है कि रोड शो एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक कराया जा सकता है। क्यूआर कोड से प्रवेश और रोड शो की तैयारी इधर छात्रों की गूंज कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं को क्यूआर कोड से प्रवेश मिलेगा। चूंकि, कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रवेश निषेध है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस रोड शो की तैयारी कर रही है। इसे राहुल गांधी की टीम से चर्चा के बाद बुधवार को अंतिम रूप दिया जा सकता है। जीतू पटवारी का बयान और कार्यकर्ताओं का उत्साह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ता उत्साहित हैं। प्रदेश भर के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इंदौर पहुंच रहे हैं। चूंकि, छात्रों की गूंज कार्यक्रम गैर राजनीतिक है, इसलिए वहां कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन कार्यकर्ता उनसे मिलना चाहते हैं, इसलिए प्रयास कर रहे हैं कि विमानतल से कार्यक्रम स्थल के बीच दो-तीन जगह स्वागत कार्यक्रम हो जाएं, जहां कार्यकर्ता उनसे मिल लें। वैसे तैयारी ठीक उसी तरह से की जा रही है जैसे भारत जोड़ो यात्रा के समय थी। वरिष्ठ नेताओं को ही प्रवेश सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ही प्रवेश मिलेगा। इनके बैठने का अलग स्थान रहेगा। बैठक व्यवस्था इस तरह से बनाई जाएगी किसी को असुविधा न हो।     

हसदेव के तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर गरमाई सियासत

रायपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी करके आदिवासियों का जीवन आधार खत्म कर दिया. हसदेव, बांगो बांध इस इलाके का जीवनदायिनी है. यहां पर यदि उत्खनन होता है तो इस क्षेत्र में लाखों पेड़ काटे जायेंगे. हमारी सरकार ने लेमरू एलीफेंट अभ्यारण्य के लिए 1950 वर्ग किमी क्षेत्र को संरक्षित किया था. ये भाजपा की साय सरकार ने खुद केंद्र को पत्र लिख कर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को कहा है. एक आदिवासी मुख्यमंत्री होकर आदिवासियों और जंगल का नहीं बल्कि के हितों के खातिर काम कर रहे हैं. जनता के ठग रही भाजपा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था.यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने लिखा था.हमारी सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लाकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था. भाजपा बताए कि उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों किया था? कांग्रेस की सरकार के समय 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि हसदेव-अरण्य में अब किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए.16 जुलाई 2023 को कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट रूप से कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नई खदान के आवंटन या विकास की कोई आवश्यकता नहीं है. 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से वास्तव में डी-नोटिफाई कर दिया था. जंगल लुटा दिया भूपेश बघेल ने कहा कि तारा कोल ब्लाक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है. जिसमें से 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है. इसके लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को पूरी तरह काट दिया जाएगा.लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होगी, जिससे भारत के राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर असर पड़ेगा, जबकि हाथियों की संख्या में कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है.कई अन्य प्रजातियां भी इससे और अधिक खतरे में पड़ जाएंगी. हसदेव अरण्य वन क्षेत्र के तारा कोल ब्लाक की नीलामी केंद्र सरकार के द्वारा की गयी है.इस नीलामी में तारा कोल ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited नाम की कंपनी को मिला है जो कि अडानी इंटरप्राइजेस लि. की सहयोगी कंपनी मून्दड़ा सिनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है. भाजपा की सरकार राज्य में बनने के बाद छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन को अडानी पर लुटाया जा रहा है- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग 2024 और 2025 के पीएससी घोटाले की जांच कौन करेगा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2024 की परीक्षा में सही उत्तर लिखने वाले और गलत उत्तर लिखने वाले को बराबर नंबर तो कही पर गलत उत्तर वाले को ज्यादा नंबर तथा सही वाले को कम नंबर दिया गया. छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जो सामने आई हैं. उससे गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव 2023 के पहले भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी की परीक्षा करवाएंगे.लेकिन पिछले 2 सालों से छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जा रही है. न्यूनतम नंबर लाने का आयोग दावा भूपेश बघेल ने कहा कि 2025 की पीएससी परीक्षा में 2025 में पीएससी के द्वारा कुल 265 पद निकाला गया. मुख्य परीक्षा में कुल पद के तीन गुना लोग उत्तीर्ण होकर साक्षात्कार में आते 265×3 = 795 इंटरव्यू में आना चाहिए. 608 लोग ही उत्तीर्ण होकर इंटरव्यू में पहुंचे. इनका तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं ला पाये. आयोग साबित करे कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं लाये. बच्चों का दावा है कि हमारा न्यूनतम नंबर तो आया ही होगा. आयोग इंटरव्यू के पहले सभी बच्चों को कॉपी उपलब्ध कराए. 2024 की मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी हुई है, तो 2025 में गड़बड़ी नहीं हुई होगी, इसका क्या गांरटी है? पिछली बार 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के रहते गड़बड़ी हुई थी, 2025 में उनकी ही अध्यक्षता में गड़बड़ी हुई. 2024 में पीएससी परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई, यही नहीं मूल्यांकनकर्ताओं का नाम और नंबर भी सार्वजनिक हुआ था, जो बेहद आपत्तिजनक है. भर्ती परीक्षा की गोपनियता को भंग करने वालों को सजा देने के बजाय पुरस्कृत करते हुए रीता सांडिल्य को पीएससी के कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट करते हुए अध्यक्ष बना दिया गया है.बेहद स्पष्ट है कि इन गड़बड़ियों को सरकार का संरक्षण है – भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार मामले के निराकरण तक इंटरव्यू स्थगित करे. अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार सभी का उत्तर-पुस्तिकायें साक्षात्कार के पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को यह पता लगे कि उनकी कॉपियां सही जांची गयी है. जो लोग इंटरव्यू के लिए चयनित हुए हैं उनके अतिरिक्त शेष सभी अभ्यर्थियों की कापियां अभ्यर्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए. उत्तर-पुस्तिका जांचने के लिए मूल्यांकनकर्ताओं का मानदंड तय किया जाए तथा पीएससी मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी करे.

विक्रम उद्योगपुरी में पावर ट्रांसफार्मर यूनिट से 1500 को रोजगार

भोपाल मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर को मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया। सीमेंस कंपनी द्वारा यहां एक बड़ी क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर्स के निर्माण के लिए लगभग 2,053 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की यूनिट स्थापना से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर तथा हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेशों के त्वरित क्रियान्वयन तथा रोजगार सृजन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को देश के उभरते ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेश राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।   औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण तथा डीकार्बोनाइजेशन समाधानों से जुड़ी अग्रणी कंपनी है। कंपनी का दक्षिण एशिया क्षेत्र में व्यापक परिचालन है और यह वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग एवं अनुसंधान क्षमताओं के लिए जानी जाती है। कंपनी की इस प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा, जो देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में योगदान देंगे। परियोजना से क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। परियोजना के क्रियान्वयन के साथ विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उज्जैन और आसपास के क्षेत्र ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे। कंपनी का यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और ऊर्जा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

बारिश और बढ़ती मांग से फूलों की कीमतों में 60% तक उछाल

रायपुर सितंबर से रायपुर सहित पूरे देश में गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है. अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणपति को विसर्जित किया जाएगा. ऐसे में गणेश उत्सव के दौरान राजधानी रायपुर के फूल बाजार में भी फूलों के दाम आसमान छूने लगे हैं. गणेश उत्सव की वजह से कई प्रकार के फूलों की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन बारिश और सप्लाई कम होने के कारण फूलों के दाम में लगभग 50 से 60% तक की वृद्धि हुई है. इसे लेकर ईटीवी भारत ने फूल बाजार का जायजा लिया. आइए जानते हैं फुल विक्रेता इस बार बढ़े हुए दामों को लेकर क्या कह रहे हैं. त्यौहारों के कारण बढ़े फूलों के दाम फूल दुकानदार सोनू यादव ने बताया कि गणेश उत्सव के साथ ही तीजा और आने वाले दिनों में विश्वकर्मा पूजा भी है. इस दौरान फूलों की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन बारिश की वजह से आवक कमजोर है. जिसकी वजह से फूल के दाम में लगभग 50 से 60% की वृद्धि हुई है. पूरे भारतवर्ष में बारिश हुई एक कारण है. इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है. फूलों की सप्लाई बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर जैसे शहरों से होती है.इन शहरों में भी फूलों के दाम बढ़े हुए हैं. फूल दुकानदार बताया कि फूलों में महंगाई की देखने को मिल रही है. बारिश की वजह से फूलों की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके साथ ही गणेश उत्सव के नाम से फूलों की डिमांड बढ़ गई है. फूलों के दाम में लगभग 60 से 70% तक की वृद्धि हुई है. एक गेंदा फूल की माला पहले 30 से 35 रुपए में मिलता था, लेकिन आज उसकी कीमत बढ़कर 70 रुपए तक जा पहुंची है. 60 रुपए में जो फूल माला पहले बिकती थी. उसके दाम आज 100 रुपए पर पहुंच गए हैं. गणेश उत्सव को देखते हुए खासतौर पर दूर्वा की माला मंगाई जा रही है. दुर्वा की माला भगवान गणपति को अत्यंत प्रिय है. इसके सा थ ही गणेश उत्सव को देखते हुए जूही के फूल भी दुकानदार मंगा रहे हैं. जूही के फूल कोलकाता से मंगवाएं जा रहे हैं. फूलों की माला में गुलाब, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, जूही के साथ ही मोती माला की बिक्री बढ़ गई है. गणेश उत्सव में डेकोरेशन के लिए पत्तियों की माला भी दुकानदार मंगा रहे हैं. इस पत्ती की माला को लोग 11 दिनों तक गणेश उत्सव में लगाकर रख सकते है. बारिश की वजह से फूलों का उत्पादन कम होने के कारण अचानक से फूलों के दाम बढ़ गए हैं. बारिश की वजह से कुछ फूल खराब भी आ रहे हैं 1 करोड़ से ज्यादा का कारोबार एक अनुमान के मुताबिक पूरे प्रदेश में गणेश उत्सव के दौरान लगभग 1 करोड़ रुपए के फूलों कि बिक्री होती है. बात अगर राजधानी रायपुर की करें तो गणेश उत्सव के दौरान लगभग 20 से 25 लाख रुपए तक की फूलों की बिक्री होती है. रायपुर में फूलों की सप्लाई बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, कोलकाता, नागपुर के साथ ही कुछ चुनिंदा फूलों की सप्लाई थाईलैंड से होती है.

नवा रायपुर में ‘डीपी वर्ल्ड ओपन 2026’ की शुरुआत

रायपुर  छत्तीसगढ़ अब देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में मंगलवार को आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के ट्रॉफी अनावरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। 1983 के क्रिकेट विश्व कप विजेता और 'प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया' (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने स्वयं गोल्फ कोर्स पर शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर जल्द ही दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तर्ज पर देश-दुनिया का प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। प्रतियोगिता के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ इतने बड़े स्तर का प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत सहित दुनिया भर के 132 प्रोफेशनल गोल्फर भाग ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। सीएम साय ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा, "एक दौर था जब गोल्फ केवल फिल्मों में दिखता था या उद्योगपतियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज छत्तीसगढ़ इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है।" देश-विदेश से आए गोल्फरों मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए गोल्फरों का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत किया और उन्हें खेल के साथ-साथ राज्य की प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहर को देखने का न्योता दिया। उन्होंने खिलाड़ियों से भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात और सरगुजा के वनों व संस्कृति का भ्रमण करने का आग्रह किया। बस्तर में बदला माहौल: सीएम साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और शासन की नीतियों से बस्तर में शांति और विकास का नया सवेरा हुआ है, जिसकी मिसाल बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी है। PGTI के अध्यक्ष कपिल देव ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री साय की खेल-समर्थक नीतियों की सराहना की।कपिल देव ने इच्छा जताई कि इस टूर्नामेंट को छत्तीसगढ़ के वार्षिक स्पोर्ट्स कैलेंडर में स्थायी स्थान दिया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहले से अपना शेड्यूल तय कर सकें। कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण और आतिथ्य सत्कार बेहद शानदार है और आने वाले समय में राज्य देश के शीर्ष गोल्फ केंद्रों में शुमार होगा।  

मीरा के दीये से जगेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

रायपुर तेलीबांधा मरीन ड्राइव की सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार का दिन आम दिनों से बिल्कुल अलग था. वह रोज की तरह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों का इंतजार कर रही थी. तभी अचानक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला उसके पसरे के पास आकर रुका. मुख्यमंत्री खुद उसके पास पहुंचे, मिट्टी के दीयों को देखा और मीरा से बातचीत की. सीएम ने इस दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के लिए मीरा से एक मिट्टी का दीया खरीदा और उसे एक हजार रुपए दिए. मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज सिर्फ एक दीये की खरीद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मेहनत से अपना परिवार चलाने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का भावपूर्ण संदेश भी दे गया. सीएम ने अचानक रुकवाया अपना काफिला मुख्यमंत्री साय का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का पल बन गया. बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल जाना. मिट्टी के दीयों के बीच हुई यह छोटी-सी मुलाकात उस बड़े भाव को सामने ले आई, जिसमें समाज के हर मेहनतकश व्यक्ति के श्रम और आत्मसम्मान का सम्मान शामिल है. मुख्यमंत्री का सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना और मीरा के लिए यह मुलाकात जीवन की यादगार घटनाओं में शामिल हो गया. बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं. मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुल चुका है. उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि उसे राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने 1 हजार की राशि प्राप्त हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे आर्थिक संबल मिले और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायता हो. शासन की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे. जनधन से जुड़ा बैंक खाता, महतारी वंदन से मिला आर्थिक संबल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है. बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ-साथ महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मददगार है. सीएम ने मीरा के काम की तारीफ की मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें हों, सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है. अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. सीएम ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है. उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है. जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं, तो हमारा छोटा-सा प्रयास उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल देने का माध्यम बन जाता है. मीरा के हाथों का दीया अब बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ मीरा के पसरे से मुख्यमंत्री साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया अब एक विशेष अभियान का हिस्सा बनेगा. यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा. कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. सीएम साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है. मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है. उसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है. 'एक दीया, जो सेवा और जनभागीदारी का संदेश देगा' मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीर्वाद का दीया सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है. प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे, तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा. मीरा के छोटे से पसरे से खरीदा गया यह दीया इसलिए भी खास है, क्योंकि इसमें एक साथ कई भाव जुड़े हैं. सीएम ने कहा, इस दीये में एक मेहनतकश महिला के श्रम का सम्मान, स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहन, जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच और समाज को सेवा के लिए प्रेरित करने का संकल्प जुड़ा है. 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं. प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है. यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने लोगों से अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनने, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प लेने की अपील की. 'सेवा के लिए बड़ा काम नहीं, छोटी-सी पहल भी काफी' मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता, किसी जरूरतमंद की सहायता करना, अपने आसपास स्वच्छता रखना, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना … Read more

यूपी और झारखंड के यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने शुरू की अजमेर-रांची स्पेशल ट्रेन

लखनऊ  त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है. इसे देखते हुए रेलवे अलग-अलग रूट पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है. इसी कड़ी में अजमेर-रांची-अजमेर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है. ये ट्रेन यूपी से होकर गुजरेगी तो यूपी के लोगों को भी सीधा फायदा पहुंचाएगी.  उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से चलाई जाने वाली ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल के संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी.  ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर ठहरेगी. त्योहारों के समय टिकट मिलना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. ऐसे में इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. अब जानते हैं कि ट्रेन कब से चलेगी, कितने फेरे लगाएगी और रास्ते में कहां-कहां रुकेगी. अजमेर से रांची जाने वाली ट्रेन कब चलेगी? ट्रेन नंबर 09619 अजमेर-रांची साप्ताहिक स्पेशल 2 अक्टूबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर शुक्रवार रात 11:05 बजे अजमेर स्टेशन से रवाना होगी. रास्ते में पश्चिम मध्य रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकने के बाद ट्रेन तीसरे दिन रविवार सुबह 7:30 बजे रांची स्टेशन पहुंचेगी. इस दिशा में ट्रेन के कुल 9 फेरे होंगे. इन 10 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन अजमेर से रांची जाते समय ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के इन 10 स्टेशनों पर ठहरेगी:     सवाई माधोपुर: 03:40 से 04:00 बजे     सोगरिया: 05:25 से 05:35 बजे     बारां: 06:18 से 06:20 बजे     छाबड़ा गुगोर: 07:08 से 07:10 बजे     रूठियाई जंक्शन: 08:40 से 08:42 बजे     गुना: 09:10 से 09:20 बजे     सागर: 12:50 से 12:55 बजे     दमोह: 13:52 से 13:54 बजे     कटनी मुड़वारा: 15:40 से 15:50 बजे     ब्योहारी: 17:35 से 17:40 बजे रांची से अजमेर वापसी कब होगी? वापसी में ट्रेन नंबर 09620 रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 4 अक्टूबर 2026 से 29 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर रविवार सुबह 10:50 बजे रांची से रवाना होगी. रांची से चलने के बाद ट्रेन ब्योहारी, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, गुना, रूठियाई जंक्शन, छाबड़ा गुगोर, बारां, सोगरिया और सवाई माधोपुर समेत पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर रुकेगी. इसके बाद ट्रेन तीसरे दिन सोमवार शाम 6:35 बजे अजमेर स्टेशन पहुंचेगी. वापसी दिशा में भी ट्रेन के 9 फेरे होंगे. रास्ते में इन स्टेशनों पर भी होगा ठहराव अजमेर और रांची के बीच इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव सिर्फ पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों तक सीमित नहीं है. ट्रेन के पूरे रूट पर किशनगढ़, जयपुर जंक्शन, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, छाबड़ा गुगोर, रूठियाई जंक्शन, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, ब्योहारी, सिंगरौली, ओबरा डैम, चोपन, रेनुकूट, गढ़वा रोड जंक्शन, डाल्टनगंज, बरवाडीह जंक्शन, लातेहार, टोरी, लोहरदगा और पिस्का स्टेशन शामिल हैं. त्योहारों में यात्रियों को मिलेगी राहत त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत वाली खबर है. खासकर उन यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता है जिन्हें नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है. पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए इस पूज स्पेशल ट्रेन का लाभ उठाएं और अपनी यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाएं.      

गांव से ग्लोबल बाजार तक यूपी की दीदियों की उड़ान, 3 हजार से अधिक उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां अब गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे तीन हजार से अधिक उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के जरिए मंगा सकेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद योगी सरकार में दीदियों को अब मिलेगी ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत 543 प्रेरणा सरस स्टोर और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार लखनऊ  प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है। अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा : अरुण कुमार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी। बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं। लोकल हुनर की ग्लोबल उड़ान 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।