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नैनो यूरिया से बदली किसान परशुराम राजवाड़े की खेती, उत्पादन और बचत दोनों में फायदा

नैनो यूरिया के इस्तेमाल से किसान परशुराम राजवाड़े को खेती में मिला फायदा नैनो यूरिया उपयोग में आसान,समय और लागत की हो रही भारी बचत रायपुर कृषि के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर जिले के किसान अब अपनी खेती को लाभ का सौदा बना रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कतकालो के  रहने वाले प्रगतिशील किसान श्री परशुराम राजवाड़े ने पारंपरिक बोरी वाले खाद की जगह नैनो यूरिया (तरल) का सफल प्रयोग कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। पारंपरिक खाद की तुलना में नैनो यूरिया अधिक सुविधाजनक श्री राजवाड़े ने बताया कि वे वर्ष 2024 से निरंतर नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 45 किलो की यूरिया की बोरी खरीदने पर उसकी लागत अधिक आती थी और उसे खेत तक लाने-ले जाने (परिवहन) में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। अक्सर पीक सीजन में बाजार में बोरी वाले यूरिया की किल्लत हो जाती थी, जिससे खेती के कार्यों में देरी होती थी। इसके विपरीत, नैनो यूरिया की छोटी शीशी को लाना-ले जाना बेहद आसान है। यह कम लागत में मिल जाता है और बाजार में इसकी उपलब्धता भी हमेशा बनी रहती है, जिससे समय पर फसलों को पोषण मिल पाता है। धान और सब्जियों की खेती में शानदार परिणाम अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री राजवाड़े ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले नैनो यूरिया का प्रयोग अपनी धान की फसल में किया था। वहां मिले शानदार परिणामों से उत्साहित होकर उन्होंने इसे साग-सब्जियों की खेती में भी अपना लिया। वर्तमान में वे अपनी लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि पर नैनो यूरिया का सफलतापूर्वक छिड़काव कर रहे हैं। कृषकों से की अपील किसान श्री परशुराम राजवाड़े ने बताया कि तरल नैनो यूरिया न केवल उपयोग में आसान है, बल्कि यह खेती की लागत को कम कर फसल के बेहतर उत्पादन में भी सहायक है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे भी उन्नत कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि खेती में लागत कम हो और मुनाफे में वृद्धि हो सके।

दिल्ली में 5 जून से दौड़ेंगी Green SM की ई-कैब्स, Uber-Ola की बढ़ेगी चुनौती

नई दिल्ली Green SM Electric Taxi: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अब इस क्षेत्र में एक और बड़ा विदेशी खिलाड़ी एंट्री करने जा रहा है. वियतनाम की दिग्गज कंपनी विनग्रुप (VinGroup) अपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस Green SM को भारत में आधिकारिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली के भारत मंडपम में एक स्पेशल इवेंट के दौरान इस सर्विस की औपचारिक घोषणा करेगी. माना जा रहा है कि Green SM की एंट्री से ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब सर्विस एग्रीगेटर्स को कड़ी चुनौती मिलेगी।  पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चमकीले हरे रंग की Green SM की गाड़ियां कई बार देखी जा चुकी हैं. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि वे Green SM ऐप के जरिए अकाउंट बनाकर उन्होंने राइड भी बुक की है. इससे साफ है कि कंपनी लॉन्च से पहले अपने नेटवर्क और सर्विसेज की टेस्टिंग कर रही है।  VinFast की इलेक्ट्रिक MPV  ग्रीन स्मार्ट मोबिलिटी, जो पहले से वियतनाम और कुछ अन्य देशों में अपनी सर्विसेज दे रही है, भारत में VinFast Limo Green MPV का इस्तेमाल करेगी. यह इलेक्ट्रिक कार हाल ही में भारतीय बाजार में लॉन्च की गई है. इसी कार का कमर्शियल वेरिएंट इस कैब सर्विस में इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें वही पावरट्रेन और 60.13 kWh की बैटरी दी गई है, जो MPV7 में इस्तेमाल होती है. कंपनी का दावा है कि यह एमपीवी पैसेंजर्स को कम्फर्टेबल राइड देगी।  Uber-Ola से अलग होगा बिजनेस मॉडल Green SM का बिजनेस मॉडल मौजूदा टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों से काफी अलग होगा. जहां Uber और Ola जैसे प्लेटफॉर्म ड्राइवरों और निजी वाहन मालिकों को जोड़ने का काम करते हैं, वहीं Green SM अपनी सभी गाड़ियों का मालिकाना हक खुद अपने पास रखेगी. कंपनी ड्राइवरों को सैलरी पर नियुक्त करेगी और चार्जिंग, सर्विसिंग, मेंटनेंस जैसी सभी जिम्मेदारियां खुद संभालेगी. इससे कंपनी का व्हीकल के सर्विसेज, क्वालिटी और ऑपरेशन पर पूरा कंट्रोल रहेगा।  10,000 इलेक्ट्रिक कारें होंगी शामिल दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च के बाद कंपनी सबसे पहले उत्तर भारत के अन्य शहरों पर फोकस करेगी. इसके बाद देश के बाकी बड़े शहरों में इस सर्विस को शुरू किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, कंपनी फेज़्ड मैनर में अपना नेटवर्क बढ़ाएगी. पहले चरण में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक कारों को फ्लीट में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा आने वाले समय में लगभग 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को भी इस सर्विस में शामिल किए जाने की चर्चा है।  VinGroup केवल टैक्सी सेवा तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक बस बाजार में भी उतरने की योजना बना रही है. हाल ही में कंपनी ने तमिलनाडु में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बढ़ाने की घोषणा की है. इसके अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन मोबिलिटी, टूरिज़्म और रियल एस्टेट इंफ्रा से जुड़े बड़े निवेश की भी योजना बनाई गई है। 

विदेश में बिकेगी चंडीगढ़ की विरासत? ऐतिहासिक वस्तुओं की नीलामी रोकने की उठी मांग

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है। सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। दूतावासों को सतर्क करने की मांग अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी। जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

ऊर्जा क्षेत्र में MP की बड़ी उपलब्धि, नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन : मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि नियामक आयोग के 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल की : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों की मेहनत, समर्पण, तकनीकी दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी।  

मध्यप्रदेश दौरे पर पीएम मोदी, नरसिंहपुर के गाडरवारा में NTPC परियोजना को देंगे बड़ी सौगात

नरसिंहपुर   मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 6 जून को बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi प्रस्तावित दौरे के तहत गाडरवारा पहुंचेंगे, जहां वे NTPC सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार परियोजना का भूमिपूजन कर सकते हैं। इस दौरे को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। 1600 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिटें गाडरवारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार के तहत यहां 800-800 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने का प्रस्ताव है। कुल 1600 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उत्पादन में मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में औद्योगिक और घरेलू बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इन दोनों नई पावर यूनिटों का भूमिपूजन करेंगे। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों की बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस बड़े विस्तार प्रोजेक्ट से केवल बिजली उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। निर्माण कार्य से लेकर तकनीकी और सहायक सेवाओं तक बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना जताई जा रही है। गाडरवारा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने तेज की तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट, आम लोगों की सुविधा और कार्यक्रम संचालन को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए गाडरवारा में तैयारियों का दौर लगातार जारी है। ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश गाडरवारा NTPC परियोजना का विस्तार मध्य प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही यह निवेश औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाला माना जा रहा है।  

‘ऑपरेशन चेकमेट’ की बड़ी कार्रवाई, 28 पंजाबी गिरफ्तार; हजारों ट्रक ड्राइवरों के भविष्य पर संकट

चंडीगढ़  अमेरिकी लंबी दूरी के ट्रकिंग उद्योग का अहम हिस्सा माने जाने वाले हजारों पंजाबी ट्रक ड्राइवरों के सामने अनिश्चितता का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जांच के दौरान अवैध या बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए 17,000 ट्रक ड्राइवरों को अमेरिका ने डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन बाजार भी प्रभावित हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। सोमवार को 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत गिरफ्तार किए गए 52 लोगों में 28 पंजाबी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में 36 कमर्शियल ट्रक ड्राइवर हैं। यह अभियान इमिग्रेशन कानूनों को सख्ती से लागू करके सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कमर्शियल वाहन चलाने वाले अवैध लोगों की पहचान के लिए चलाया गया है। कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर हुए बड़े संघीय और राज्य ऑडिट में पहचाने गए 17,000 अवैध अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों में पंजाबियों, विशेषकर सिख समुदाय, की एक बड़ी संख्या शामिल है। 'ऑपरेशन चेकमेट' और प्रशासन की सख्ती एरिजोना के युमा सेक्टर में अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन चेकमेट' के बारे में जानकारी देते हुए कार्यवाहक चीफ पेट्रोल एजेंट डस्टिन डब्ल्यू. कॉडल ने कहा, "यह अभियान अवैध रूप से रह रहे उन ड्राइवरों से सड़कों और समुदायों को सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं।" ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बाद, कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने उन प्रवासियों के हजारों कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने शुरू कर दिए हैं, जिनकी कानूनी स्थिति समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर कैलिफोर्निया, टेक्सास और अन्य प्रमुख ट्रकिंग हब में बसे पंजाबी समुदाय पर पड़ा है। सिख ड्राइवरों में दहशत और आर्थिक चिंताएं दिसंबर 2025 में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो प्रमुख दुर्घटनाओं और ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने समुदाय में भारी चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि लंबी दूरी की ट्रकिंग सिख प्रवासियों के लिए हमेशा से एक बड़ा सहारा रही है, लेकिन हालिया नीतियों ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उत्तरी अमेरिका में पंजाबी ट्रकिंग संघों के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जिन ड्राइवरों ने सालों से इस उद्योग में अपना योगदान दिया है, वे अब दहशत में हैं। लॉस एंजिल्स टाइम्स में उत्पीड़न की आशंकाओं के बीच पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुमित सिंह के हवाले से कहा गया, "महज एक व्यक्ति की गलती के कारण पूरे समुदाय को सजा नहीं मिलनी चाहिए।" जनवरी 2026 में बेकर्सफील्ड में सिख ट्रक ड्राइवरों से मुलाकात के बाद अमेरिकी सीनेटर एडम शिफ ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था, "मैं परिवारों की आय और नौकरियों के नुकसान को लेकर बेहद चिंतित हूं। भले ही लोग यहां कानूनी रूप से रह रहे हों और उनके पास वर्क परमिट हो, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए जाने या डिपोर्ट किए जाने का खतरा बना हुआ है।" सिख कोलिशन के कार्यकारी निदेशक हरमन सिंह के अनुसार, अमेरिकी ट्रकिंग कार्यबल में पंजाबी सिखों की बड़ी हिस्सेदारी है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 1,50,000 सिख ट्रक ड्राइवर हैं, जो मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर केंद्रित हैं। युद्ध और महंगाई की दोहरी मार इमिग्रेशन की सख्ती के साथ-साथ ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। अमेरिका में डीजल महंगा होने से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे ट्रक ड्राइवरों के मुनाफे में भारी कमी आई है। इसके अलावा, जो पंजाबी ड्राइवर अमेरिका के साथ-साथ खाड़ी या मध्य पूर्व के मार्गों पर भी ट्रक चलाते थे, उनके लिए युद्ध की वजह से वे रास्ते भी बंद हो गए हैं। इस वजह से पंजाब में बैठे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया है।

25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

रायपुर मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।            किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़’

रायपुर  सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। 41 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, महिलाओं को मिलेगा स्थायी आय का स्रोत मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरण

रायपुर जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है।  उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

निगम के वार्ड क्र. 20, 31 व 32 में 02 करोड़ 76 लाख रूपये के होंगे नये विकास कार्य

रायपुर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन प्रदेश में इन दिनों सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है, इसी क्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत वार्ड क्र. 20, 31 एवं 32 में 02 करोड़ 76 लाख रूपये के लागत वाले 05 नये विकास कार्य कराये जाएंगे। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया। इस अवसर निगम के सभापति  नूतन सिंह ठाकुर एवं पार्षद अशोक चावलानी एवं अन्य पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे। उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन नगर पालिक निगम केारबा द्वारा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 20 पथर्रीपारा चंदा यादव घर से सामुदायिक भवन तक भुनेश्वर तिवारी घर से गणेश चौक तक सी.सी. रोड एवं नाली का निर्माण, इसी मद से 15 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 32 स्थित नर्सिंग कालेज के सामने से केशवदास के घर तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार अधोसंरचना मद से 97 लाख 08 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में नवीन स्टाल से भद्राशन गली, काली मंदिर गली से दर्शन घर कबीर आश्रम से संजय नगर तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण, इसी मद से 94 लाख 49 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में दुर्गा पण्डाल से ब्लूवर्ड स्कूल तक एवं ब्लू बर्ड स्कूल से उच्च जलागार डॉ. अरोरा गली, सिसोदिया घर से बंझोर गली में रोड डामरीकरण कार्य तथा अधोसंरचना मद से ही 49 लाख 64 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 अंतर्गत काली मंदिर से आर.पी.नगर शिवनगर मोड़ तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य भी कराया जाना हैं, पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन किया गया।  भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन देना हमारी सरकार का संकल्प  इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश व प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन आमजनता को देना तथा राज्य में सुशासन स्थापित करना, हमारी सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब 12 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन पर आज तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, इसी प्रकार डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन पर भी कभी कोई आरोप नहीं लगा, वहीं विगत सवा दो वर्ष से सहज, सरल स्वभाव के धनी  विष्णुदेव साय राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन पर भी कोई आरोप नहीं लगा। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के जिलों को जिला खनिज न्यास मद की बहुत बड़ी सौगात दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही विकास कार्याे हेतु पर्याप्त फंड की व्यवस्था हो रही है तथा व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने हमें छत्तीसगढ़ राज्य का तोहफा दिया था, और अब नरेन्द्र मोदी हमारे छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं।  जनता जनार्दन का भरोसा टूटने नहीं दिया जाएगा इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की जनता ने पूरे भरोसे के साथ उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन को कोरबा का विधायक चुना तथा मुझे कोरबा के महापौर का दायित्व सौपा, मैं वचन देती हूॅं कि जनताजनार्दन का यह भरोसा कभी भी टूटने नहीं दिया जाएगा, हम सब कोरबा की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खडे़ रहेंगे। उन्होने कहा कि जनताजनार्दन की इच्छा का सम्मान करना, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान करना तथा सहज रूप से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, हमारा प्रथम कर्तव्य है तथा हम सब जनप्रतिनिधि सम्पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि कुछ वर्षाे से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब पुनः तेजी से विकास हो रहा है।  निगम के प्रत्येक वार्ड में हो रहे विकास कार्य – इस अवसर पर सभापति  नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन मंे कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के मार्गदर्शन में निगम के सभी वार्ड में व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, मुझे प्रसन्नता है कि वार्डाे के विकास कार्याे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है, केवल कोरबा क्षेत्र की जनता की इच्छा, मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप ही सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि देश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के कारण ही विगत दो वर्षाे में निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे को स्वीकृति मिली है।  बरसों को इंतजार खत्म हुआ  इस अवसर पर पार्षद एवं पूर्व सभापति  अशोक चावलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेलवे लाईन बस्ती के इस मार्ग को बरसों से सड़क बनने का इंतजार था, मुझे खुशी है कि आज यह इंतजार खत्म हुआ है, उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत के द्वारा आज यहॉं अन्य विकास कार्याे के साथ-साथ इस सड़क के निर्माण का  कार्य का शुभारंभ कराया गया है। उन्होने कहा कि मैं उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं कि उनके मार्गदर्शन में अब पोड़ीबहार क्षेत्र की समस्याएं जल्द दूर होंगी, उन्होने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता हो रही है कि निगम क्षेत्र में प्रतिदिन करोड़ों रूपये के नये विकास कार्य प्रारंभ कराये जा रहे हैं, लोगों की बरसों की समस्याएं दूर की जा रही है।  भूमिपूजन का कार्यक्रम के दौरान एमआईसी सदस्य अजय गोंड़, ममता यादव, पार्षद प्रताप सिंह कवंर, राकेश वर्मा, चन्द्रकली जायसवाल, पूर्व पार्षद दीप नारायण सिंह, वैभव शर्मा, दीप नारायण सोनी, आरिफ खान, अंजू मिश्रा, डी.एन.राय, बी.बी.राय, भगराशन पंडित, शिव जायसवाल, आशा सिंह, नमिता बैरागी, लक्ष्मी चौहान, नारायण सिंह, धनंजय सिंह, स्वरूप बंगाली, अजीत सेनगुप्ता, राजकुमार राठौर, टी.पी.गुप्ता, विक्की शर्मा, सुरेंद्र … Read more