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’प्रधानमंत्री आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और फलदार पौधों का किया गया वितरण’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर विभिन्न विभागों द्वारा चयनित हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 534 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें खेती-किसानी के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों एवं ग्रामीणों को फलदार पौधों का वितरण किया गया, वहीं वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधों का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म संपन्न कराई गई तथा छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष परमेश्वर भगत, जनप्रतिनिधि गण सहित सभी 13 ग्राम पंचायतों के सरपंच अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु बन रहा है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 100 से ज्यादा अफसर सस्पेंड

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे तौर ये कह दिया है कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। यहां अपराधियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों को बेहद सख्त संदेश दिया है। शनिवार को 'राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अब न तो अपराध पनपेगा, न भ्रष्टाचारियों को पनाह मिलेगी और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'राजस्थान में यदि कोई अपराधी पैर पसारेगा, तो वह वापस नहीं जा पाएगा; उसे उसके सही मुकाम (जेल) तक पहुंचाया जाएगा।' भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। सीएम बोले: करप्शन में 100 अधिकारी हुए सस्पेंड सरकार ने अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 103 अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) किया है। 6 अफसरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रिश्वतखोरी, ट्रैप, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई गई है।सीएम ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि वे भ्रष्ट आचरण के दलदल से पूरी तरह दूर रहें। स्वच्छ सर्वेक्षण में 16 वें स्थान की तारीफ की नगरीय निकायों की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को देश में 16वां स्थान मिला था। लेकिन अब हमें रुकना नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी शहरों को देश के सबसे स्वच्छ और सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में लाना है। यह लक्ष्य नगरीय निकाय कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है, क्योंकि वे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। किया 4 लाख नौकरियों का वादा इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबल देते हुए प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां देने के अपनी सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। खुशेंद्र तिवारी

Illegal Mining के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान तेज, कई जगहों पर कार्रवाई

हाजीपुर. हाजीपुर पुलिस द्वारा इलाके में अवैध माइनिंग (खनन) करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हाजीपुर थाने की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमरजीत कौर ने बताया कि मुकेरियां के माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह द्वारा पुलिस को एक एंडोर्समेंट शुदा शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद हाजीपुर पुलिस के ए.एस.आई. रविंदर सिंह ने अपनी पुलिस पार्टी के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की जांच के दौरान गांव निक्कूचक की जमीन में टिपर और पोकलेन मशीन की मदद से नाजायज (अवैध) तौर पर माइनिंग होती पाई गई। माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह की शिकायत और मौके के हालात को देखते हुए हाजीपुर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की अगली कार्रवाई और उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भंडारा खाकर लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली, अनूपपुर में दो की मौत और एक घायल

अनूपपुर. धार्मिक नगरी अमरकंटक नगर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक दो बराती क्षेत्र में शाम लगभग 4 बजे तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस जाने से मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य किशोरी घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई। डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

RS चुनाव बना सियासी रण: JMM-कांग्रेस में खींचतान, BJP की भी एंट्री से मुकाबला दिलचस्प

 धनबाद Jharkhand Rajya Sabha Election झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव इस बार राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। एक जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन उससे ठीक पहले सत्ताधारी महागठबंधन के भीतर उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। JMM, Congress, RJD & CPI ML माले के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच भाकपा माले ने भी खुलकर राज्यसभा की एक सीट पर अपना दावा पेश कर दिया है। इससे महागठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए हैं। महागठबंधन के सामने माले की नई चुनौती भाकपा माले ने राज्यसभा चुनाव में पूर्व विधायक विनोद सिंह को उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उसने महागठबंधन का मजबूत सहयोगी बनकर भूमिका निभाई थी और सरकार गठन में भी समर्थन दिया था। माले के प्रदेश सचिव मनोज भक्त और विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने सत्ता में भागीदारी नहीं मांगी थी, लेकिन अब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व चाहती है। माले के दो विधायक हैं और पार्टी इसे अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के रूप में देख रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ गया है। झामुमो में अंजनी सोरेन सबसे आगे, परिवार से ही होगा एक उम्मीदवार राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो की नजर है, हालांकि कांग्रेस भी एक सीट की दावेदार बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन का नाम सबसे आगे चल रहा है। झामुमो के भीतर यह तर्क दिया जा रहा है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से रिक्त हुई सीट पर उनके परिवार के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए। अंजनी सोरेन लंबे समय तक ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रही हैं। हालांकि पार्टी के भीतर कल्पना सोरेन और लता सोरेन के नामों पर भी चर्चा जारी है। कल्पना सोरेन को प्रभावी वक्ता माना जाता है, लेकिन पार्टी का एक वर्ग उन्हें राज्य की राजनीति से दूर भेजने के पक्ष में नहीं है। नाथवाणी की सक्रियता और कांग्रेस की दावेदारी ने बढ़ाई सियासी हलचल राज्यसभा चुनाव को लेकर उद्योगपति परिमल नाथवाणी का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा जाने के प्रयास में हैं और झामुमो नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी गठबंधन धर्म का हवाला देकर एक सीट की मांग पर अड़ी हुई है। यदि कांग्रेस को एक सीट मिलती है तो झामुमो के हिस्से में केवल एक सीट आएगी। ऐसे में उम्मीदवार चयन और सहयोगी दलों की संतुष्टि, दोनों ही सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद ही सामने आएगा। भाजपा बहुमत से दूर, फिर भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी विपक्षी NDA के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की जरूरत है। इसके बावजूद BJP चुनावी मुकाबले से पीछे हटने के मूड में नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और धनबाद के उद्योगपति नंदलाल अग्रवाल के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं। धनबाद के नंदलाल अग्रवाल उर्फ नंदू अग्रवाल बड़े उद्योगपति हैं। वह चुनाव को मैनेज करने की क्षमता रखते हैं। भाजपा को उम्मीद है कि राजनीतिक परिस्थितियां उसके पक्ष में बन सकती हैं। वहीं जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का एक वोट भी दूसरी सीट के समीकरण में अहम माना जा रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग, रणनीतिक समर्थन और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण राज्यसभा चुनाव को रोमांचक बना सकते हैं। फिलहाल संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे पर मचा घमासान चुनाव को पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुका है। राज्यसभा चुनाव में पैसे का भी जमकर खेल होता है। झामुमो गठबंधन इसे लेकर अभी से आशंकित है।

अक्षरधाम और ताज के बाद टिफनी ट्रंप जैसलमेर में, सूर्यागढ़ होटल में ठहराव और हाई अलर्ट सुरक्षा

 जैसलमेर दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और आगरा में ताज महल का दीदार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप (Tiffany Trump) आज (रविवार) राजपूताना शान का अनुभव करने राजस्थान के जैसलमेर (Jaisalmer) पहुंच गई हैं. करीब 11 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त उनके पति माइकल बलोस (Michael Boulos) ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन भी किया है. इस दौरान एयरपोर्ट को भारी पुलिस फोर्स के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती भी देखी गई. लक्जरी सूर्यागढ़ होटल में ठहरेंगी टिफनी सूत्रों के मुताबिक, टिफनी ट्रंप और उनके पति का जैसलमेर के मशहूर और बेहद आलीशान सूर्यागढ़ होटल (Suryagarh Hotel) में रुकने का कार्यक्रम है. अपने दो दिवसीय इस निजी दौरे में टिफनी ट्रंप मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी संस्कृति का करीब से अनुभव करेंगी. उनका संभावित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला (Jaisalmer Fort) देखने जाएंगे. उसके बाद नक्काशीदार पटवों की हवेली और ऐतिहासिक गड़ीसर लेक घूमने जाएंगी. शाम के समय वह सम (Sam Sand Dunes) के रेतीले धोरों में मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी लोक संस्कृति का आनंद लेंगी. वह सोमवार को अपना जैसलमेर दौरा पूरा कर यहां से प्रस्थान करेंगी. भारत-पाक सीमा का हाई-अलर्ट चूंकि जैसलमेर एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला (Border District) है और यहां से भारत-पाकिस्तान की सीमा सटी हुई है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी के दौरे को लेकर सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्हें स्टेट गेस्ट (State Guest) का दर्जा दिया गया है. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार समन्वय कर रही हैं. पर्यटन स्थलों से लेकर उनके होटल तक के रूट पर ट्रैफिक रेगुलेशन और कड़े सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की गई है. ट्रंप परिवार का जैसलमेर से पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप परिवार का कोई सदस्य मरुधरा की धरती पर कदम रख रहा है. इससे पहले नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) भी जैसलमेर आ चुके हैं. वह इसी सूर्यागढ़ होटल में एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने पहुंचे थे, तब भी अमेरिका और राजस्थान पुलिस ने मिलकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की थी.      दिल्ली और आगरा में बिताए यादगार पल जैसलमेर पहुंचने से पहले टिफनी और माइकल बलोस ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली से की थी. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) के दर्शन किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मंदिर की भव्यता की तस्वीरें भी साझा कीं. इसके बाद शनिवार को इस जोड़े ने आगरा पहुंचकर ताज महल का दीदार किया और यूनेस्को विश्व धरोहर के सामने तस्वीरें खिंचवाईं.

भारतमाला रोड पर रफ्तार का कहर, 7 बैल चपेट में आए; रायगढ़ में 5 ने मौके पर दम तोड़ा

रायगढ़/धरमजयगढ़. धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला सड़क पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात बैल तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए। हादसे में पांच बैलों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना रैरुमा से कुछ दूरी पर स्थित काजूबाड़ी के पास की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात भारतमाला सड़क पर गुजर रहे एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर मौजूद बैलों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पांच बैलों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो बैलों के पैर टूटने की सूचना है। हादसे के बाद सड़क पर बैलों के शव बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।घटना के दौरान एक एर्टिगा कार भी हादसे की चपेट में आ गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। हालांकि कार सवार लोगों को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारतमाला सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दुर्घटना किस वाहन से हुई। मामले की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार वाहन की जानकारी सामने आ सकेगी।

रतलाम में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग का मामला, सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद दरगाह में निकाह

ढोढर/रतलाम. इंटरनेट मीडिया से हुई दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी को धमकाकर निकाह कराने और बाद में पीछा कर धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित युवक ढोढर निवासी ईरशाद शेख के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशोरी ने अपने माता-पिता के साथ चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि अक्टूबर 2024 में उसकी पहचान ईरशाद शेख से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच पहले इंस्टाग्राम पर चैटिंग होती रही, बाद में मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने साथ में कुछ फोटो भी खिंचवाए थे। बातचीत के दौरान ईरशाद ने उससे प्रेम और निकाह करने की बात कही थी। दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया 2 अप्रैल को वह कालूखेड़ा फंटे से बस द्वारा जावरा कोचिंग जाने निकली थी। ईरशाद अपने परिचित राजा के साथ कार से पीछा करते हुए जावरा बस स्टैंड पहुंच गया। वहां दोनों ने किशोरी को ज्यूस पिलाने की बात कही। ज्यूस पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे, जिसके बाद दोनों उसे कार में बैठाकर बड़ावदा स्थित बाबा फरीद दरगाह ले गए। दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया। मना करने पर ईरशाद ने साथ में खिंचवाए फोटो बहुप्रसारित करने की धमकी दी। डर के कारण किशोरी ने निकाह के लिए सहमति दे दी, जिसके बाद वहां मौजूद काजी द्वारा निकाह कराया गया। बाद में दोनों उसे वापस जावरा छोड़ गए, जहां से वह बस द्वारा घर पहुंची। हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी 16 मई को जब वह जिम जाने के लिए बस से जावरा जा रही थी, तब ईरशाद फिर उसका पीछा करते हुए जिम तक पहुंच गया और साथ चलने के लिए कहा। मना करने पर उसका हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया। पीड़िता ने बताया कि लगातार डर के कारण वह अब तक चुप रही, लेकिन 29 मई को हिम्मत जुटाकर उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी।

चतरा में सनसनीखेज मामला, बक्शा डैम में सिर फेंकने के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

 चतरा इटखोरी थाना क्षेत्र के बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के तीन कटे हुए सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम के रूप में हुई है। पुलिस ने जब एक आरोपी के घर पर छापेमारी की तो वहाँ से एक फ्रिज बरामद हुआ। जिसके भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मांस सहित फ्रिज को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि त्योहार के मौके पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। कुर्बानी की बात गांव में फैल जाने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से कटे हुए सिरों को बक्शा डैम में फेंक दिया था। बता दें कि रविवार को बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के सिर तैरते मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। घटना से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने नगवां चौक के पास इटखोरी-चतरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से जाम हटाया। जाम हटने के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव कम हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।