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बिजली संकट पर CM मान का बड़ा ऐलान, पंजाब के सभी 5 थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की पर्याप्त व्यवस्था

 चंडीगढ़ पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा। पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं। पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है। उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।  किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।  

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस चौकी प्रभारी अशोक ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञान चंद सोनी, ग्राम पंचायत बसाढ़ी की सरपंच फुलबाई रामपाल सिंह, भाजपा मंडल बिलासपुर अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी सहित रविकांत गौतम, अनिल मिश्रा, राजा द्विवेदी, ललन सेन, रविशंकर सोनी, गेंदलाल महार, सुबोध राय एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

गोल्फ कोर्स रोड हादसे के बाद सिया का बयान, बोलीं- वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी, पहचान नहीं करना चाहती सार्वजनिक

गुरुग्राम गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है. उधर, घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात शेयर की है. उन्होंने लिखा कि, 'जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया उन्हें शुक्रिया, साथ ही कहा कि, वह कानूनी कार्रवाई करेंगी, लेकिन फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की मीडिया बातचीत से भी इनकार किया है. सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कई लोग आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे FIR को लेकर भी लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आज शाम अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी और कानूनी कार्रवाई करूंगी.' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और शांत रहने की अपील भी की. सिया ने बताया कि वह कोई मीडिया इंटरव्यू नहीं देना चाहती हैं और इस समय अपनी पहचान या चेहरा उजागर नहीं करना चाहतीं. उन्होंने लोगों से उनके फैसले का सम्मान करने की अपील की और कहा कि मामले से जुड़े अपडेट वह खुद साझा करती रहेंगी. आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना में कार चालक की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में की गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इससे पहले कार मालिक मनीष का बयान सामने आया था. उसका दावा है कि घटना के समय वह शहर में नहीं था और भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा था. उसने अपनी कार एक स्कूल फ्रेंड को दी थी. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई. दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. घटना उस समय हुई जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. आरोप है कि सफेद कार में सवार युवक उनका पीछा कर रहे थे और कार को बाइक के बेहद करीब ला रहे थे. इसी दौरान कार ने बाइक के आगे कट मारा और टक्कर हो गई. सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई. पूरी घटना एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की. पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.  

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल  इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये ​रायपुर छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।           ​शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।          ​समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे। ​सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता  रायपुर  एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ 2026-27 का रायपुर क्षेत्रीय दौर 12 ससतंबर 2026 को रायपुर में आयोक्जत ककया गया। इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के सलए आयोक्जत इस प्रनतयोर्गता में लगभग 110 टीमों ने भाग सलया और अपने ज्ञान एिं क्क्ट्िक्जंग कौशल का प्रदशिन ककया। इस िर्ि प्रनतयोर्गता का विर्य ‘एनीर्थंग एंड एिरीर्थंग फ्रॉम द िर्लडि ऑफ बबजनेस एंड मैनेजमेंट’ है। रायपुर क्षेत्रीय स्तर प्रनतयोर्गता के फाइनल राउंड में शीर्ि छह टीमों के बीच मुकाबला हुआ। आईआईएम रायपुर के असभर्ेक समश्रा एिं िरद नागेश जौरकर की टीम ने 60,000 रुपये का नकद पुरस्कार के साथ प्रथम स्थान प्राप्त ककया। आईआईएम रायपुर के प्रतीक अहीर एिं सुश्रुत अग्रिाल की टीम ने 40,000 रुपये की पुरस्कार रासश के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त ककया। एसएसआईपीएमटी रायपुर के साहहल कुमार एिं ऋर्भ कुमार अग्रिाल की टीम ने 20,000 रुपये की रासश के साथ तृतीय स्थान प्राप्त ककया।  आईआईआईटी निा रायपुर की अहदनत जोशी एिं मुबक्शशर अहमद, एनआईटी रायपुर के हर्ि मटलानी एिं हदव्य प्रताप ससंह सससोहदया तथा एनआईटी रायपुर के आयुर् कुमार शमाि एिं अयनांश शुक्ट्ला की टीमों ने क्रमशः चौथा, पांचिां और छठा स्थान प्राप्त ककया तथा प्रत्येक टीम को 8,000 रुपये का सांत्िना पुरस्कार प्रदान ककया गया। इस अिसर पर श्री प्रिीण गगि, महाप्रबंधक (एचआर), एनटीपीसी निा रायपुर ने कहा कक एनटीपीसी की स्थावपत क्षमता में ननरंतर िृद्र्ध और देश के विद्युत क्षेत्र में इसकी मजबूत उपक्स्थनत के साथ इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज का भी हर िर्ि विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कक क्जस प्रकार एनटीपीसी ऊजाि के माध्यम से देश को शक्क्ट्त प्रदान कर रही है, उसी प्रकार इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज युिा प्रनतभाओं के ज्ञान और क्षमता को नई ऊजाि प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कक यह प्रनतयोर्गता युिा प्रनतभार्गयों को अपनी क्क्ट्िक्जंग प्रनतभा प्रदसशित करने का आदशि मंच प्रदान करती है और यह देश को ऊजाि प्रदान करने के साथ-साथ युिा प्रनतभाओं को सशक्ट्त बनाने के एनटीपीसी के प्रयासों के अनुरूप है।  क्क्ट्िज प्रनतयोर्गता की शुरुआत ऑन-स्पॉट सलखित राउंड से हुई, क्जसके बाद ऑडडयोविजुअल/बजर राउंड आयोक्जत ककया गया। इसका संचालन ग्रेसेल के प्रससद्ध क्क्ट्िज मास्टर गौतम बोस ने ककया। क्षेत्रीय दौर की शीर्ि दो टीमें अब राष्ट्रीय सेमीफाइनल और ग्रैंड कफनाले के सलए 7 एिं 8 अक्ट्टूबर 2026 को क्रमशः एनटीपीसी के पािर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (PMI), नोएडा में भाग लेंगी।  इस अिसर पर एनटीपीसी के अर्धकाररयों के साथ-साथ राज्यभर के विसभन्न इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों सहहत बडी संख्या में दशिक उपक्स्थत रहे।

राज्य के पांच सौ पचपन विद्यालयों में छात्रों को रोजगारपरक कौशल और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी।

 पटना  बिहार में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है। स्कूलों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी कड़ी में 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय आवासीय विचार-विमर्श कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें जिला स्तर के व्यावसायिक नोडल पदाधिकारी के अलावा प्रत्येक जिले से एक-एक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक-शिक्षिका शामिल होंगे। किसी एक ट्रेड का चयन करेंगे विद्यार्थी राज्य के 555 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू की जानी है। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने विद्यालय में आवंटित ट्रेड में से किसी एक का चयन कर उसका अध्ययन कर सकेंगे। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगारपरक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आगे नौकरी के साथ अपना उद्यम भी शुरू कर सकें और अपने कौशल से आय अर्जित कर सकें। हर विद्यालय में दो ट्रेड की होगी पढा़ई व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाएंगे। ट्रेड का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर से किया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड के लिए जाब रोल भी निर्धारित किए गए हैं। यानी विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि संबंधित ट्रेड का प्रशिक्षण लेने के बाद वे किन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में नौवीं व 10वीं के विद्यार्थी जूनियर टेक्निशियन- सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे जाब रोल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्निशियन जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आने वाले शिक्षकों को लाने होंगे दस्तावेज कार्यशाला में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी होगी। प्रतिभागियों को अपना विवरण निर्धारित गूगल फार्म में 14 सितंबर तक भरना होगा। इससे प्रशिक्षण स्थल पर उनके आवासन की समुचित व्यवस्था की जा सकेगी। इन ट्रेड्स में होगी पढ़ाई     इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर     टेलीकॉम     आइटी     प्लंबिंग     कृषि     अपैरल     मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग     रीटेल  

575 शिकायतें, सिर्फ 269 पर कार्रवाई; झारखंड में अवैध खनन रोकने में प्रशासन फेल

रांची झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे। स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं। मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है। सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है। इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है। ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है। झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।  

वेलनेस सिटी फेज-2 का रास्ता साफ, छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बनने जा रही मेडिसटी और विस्तार लेगी। शहीद पथ के पास सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी फेज-2 के लिए रास्ता साफ हो गया है। छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए जिलाधिकारी के स्तर से एसआईए अधिसूचना जारी हो गई। भूमि अर्जन अधिनियम के तहत एसआईए यानी सामाजिक समघात निर्धारण की यह प्रारंभिक अधिसूचना है। दूसरे फेज में विस्तार के लिए मोहनलालगंज तहसील के बक्कास, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, नूरपुर बेहटा गांव के 201 गांटों की कुल 98.51 एकड़ (39.8658 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी को एसआईए सर्वे 60 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी। जिलाधिकारी के अनुसार अधिग्रहण शुरू करने से पहले एसआईए कराया जाना अनिवार्य होता है। योजना में सुलतानपुर रोड के पास लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वेलनेस सिटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके पूर्व मई में योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अर्जन और सर्वे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था। वेलनेस सिटी के फेज-1 के लिए काफी कार्य हो चुका है। जून में लॉटरी का आवंटन किया गया था। सबसे बड़ा हेल्थकेयर व मेडिकल जोन होगा यह परियोजना लगभग 1,474 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 150 एकड़ का विशेष अस्पताल क्षेत्र और सुपर-स्पेशलिटी मेडिसिटी बनाई जा रही है, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही दवाओं का शहर में सबसे बड़ा केन्द्र होगा जो अभी तक अमीनाबाद है। कुल क्षेत्रफल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा (करीब 204 एकड़) पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खुली हरियाली के लिए तय किया गया है। ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा प्रोजेक्ट इस योजना के तहत लगभग 2,935 प्रीमियम आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यातायात सुगम बनाने के लिए चार नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। दो साल में बदल जाएगी शहर की सूरत लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेलनेस सिटी परियोजना का बुनियादी ढांचा और आंतरिक विकास कार्य 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।चूंकि यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को पहले चरण की लॉटरी के जरिए विकसित भूखंड आवंटित भी किए जा चुके हैं। सीवेज नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी कामों के लिए 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जिस पर काम शुरू हो रहा है।

जहरीली शराब कांड के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, शराब-हथियार लाइसेंस रद्द; सरपंच के अधिकार भी सीज

सागर  सागर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक के बाद एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने जिले में शिकंजा कसते हुए कई ताबड़तोड़ कदम उठाए हैं। विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है। लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।  महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।   

हत्या आरोपी ने जमानत के बाद निकाला विजय जुलूस, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोर्ट में पेश करो

चरखी दादरी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया। पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था। अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’ गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की  अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया। तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई। हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है। ये था पूरा मामला हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया। हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया। अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए। जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।