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मंत्री पटेल बोले- स्वच्छ और सुरक्षित रहें नदियों के स्रोत, तभी बचेगा पर्यावरण

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल अमरकंटक धाम में तीन दिवसीय ‘स्वच्छता व कुण्ड सेवा अभियान में स्वयं किया श्रमदान भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था की प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हमारी नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक को अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। मंत्री पटेल ने यह विचार अमरकंटक धाम स्थित माँ नर्मदा नदी के पावन उद्गम स्थल पर 29 से 31 मई तक आयोजित इस विशेष स्वच्छता अभियान में श्रमदान के दौरान व्यक्त कियें। मंत्री पटेल ने विशेष बल देते हुए कहा कि नदियों का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का आधार है, क्योंकि यदि आज हम जल स्रोतों और उद्गम स्थलों को संरक्षित करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से बच सकेंगी। मंत्री पटेल ने स्वयं उपस्थित होकर जनभागीदारी के साथ सक्रिय रूप से श्रमदान किया। 'मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन' एवं 'निर्विकार पथ' के सेवाभावी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित इस अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर उद्गम और कुण्ड क्षेत्र की स्वच्छता, संरक्षण तथा सेवा कार्यों में अपना योगदान दिया, जिससे यह अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। उल्लेखनीय है कि मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के माध्यम से पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, नदियों की स्वच्छता और जनजागरण के कार्यों को व्यापक गति मिली है। अमरकंटक में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर किया गया यह श्रमदान उसी पर्यावरण-संरक्षण के संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करेगा और जनसहभागिता से जल संरक्षण के इस प्रयास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।  

IPL में धमाकेदार प्रदर्शन का मिला इनाम, वैभव सूर्यवंशी बने झारखंड का नया चेहरा

रांची. क्रिकेट जगत में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, अद्भुत प्रतिभा और कम उम्र में ही पूरे देश को प्रभावित करने वाले युवा क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी को झारखंड का स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करने के साथ-साथ विभाग का ब्रांड एंबेसडर भी बनाएगा। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि भले ही वैभव की टीम मैच हार गई हो, लेकिन उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीता है। इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाज़ों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। वैभव ने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए दिल से बधाई देते हुए मंत्री ने कहा है कि जल्द ही उन्हें झारखंड में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। वैभव सूर्यवंशी ने करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन का संदेश देंगे वैभव स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। एमएस धोनी भी रह चुके हैं ब्रांड एंबेसडर इससे पहले रांची के युवराज और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी झारखंड के विभिन्न विभागों के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। उन्हें राज्य सरकार की ओर से इनाम के अलावा आवासीय भूखंड समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। करोड़ों युवाओं की प्रेरणा बताया डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मात्र 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वैभव आने वाले समय में भारत का नाम विश्व क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और देश को उन पर लंबे समय तक गर्व रहेगा।  

कोकर और जामचुआं सब स्टेशन से हजारों उपभोक्ताओं को राहत

रांची राजधानी रांची में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। शहरवासियों को जल्द ही दो नए बिजली सब स्टेशन की सौगात मिलने वाली है। कोकर और जामचुआं में बन रहे नए सब स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं और इनके चालू होने के बाद शहर के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। बिजली विभाग के अनुसार कोकर सब स्टेशन से 10 एमवीए क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसका सीधा लाभ कोकर, लालपुर, बरियातू, खोरहाटोली, इंडस्ट्रियल एरिया, सुभाष चौक, भाभा नगर, तिरिल, पीस रोड और लालपुर चौक समेत आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को मिलेगा। विभाग का दावा है कि करीब 30 हजार से अधिक लोगों को बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत नए सब स्टेशन के चालू होने से लंबे समय से बनी लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और एक फेज में कम बिजली पहुंचने जैसी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। गर्मी के मौसम में बढ़ते लोड के कारण जिन इलाकों में बार-बार बिजली बाधित होती थी, वहां अब स्थिति बेहतर होगी। ग्रामीण इलाकों और उद्योगों को भी फायदा वहीं जामचुआं सब स्टेशन से भी 10 एमवीए बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। इसके अलावा रामपुर और जामचुआं क्षेत्र के छोटे उद्योगों को भी बेहतर बिजली सुविधा मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी ग्रिड से मिली अतिरिक्त ताकत इधर शहर की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए स्मार्ट सिटी परिसर में बने स्मार्ट ग्रिड को भी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा चालू कर दिया गया है। इस स्मार्ट ग्रिड से शहर को 35 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने लगी है। विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान बढ़ते लोड को संभालने में यह ग्रिड काफी सहायक साबित हो रहा है और इससे राजधानी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत हुई है।

हथियार लहराने के मामले में जदयू विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक

 गोपालगंज मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक छोटे सरकार अनंत सिंह को कोर्ट से फिर राहत मिली है। गोपालगंज के एमपी एमएलए कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा पांच जून तक बढ़ा दिया है। मामले में आज(शनिवार, 30 मई को)अग्रिम जमानत के बिंदू पर सुनवाई हुई। अगली सुनवाई पांच जून को होगी। तबतक उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा को बढ़ा दिया गया है। भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को भी इसका फायदा मिला है। सरकारी वकील ने राहत देने का विरोध किया था। 2 मई को गोपालगंज जिले के सेमराव गांव में हथियार लहराने और अश्लील गानों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस की छानबीन अब सीआईडी करेगी। शनिवार को गोपालगंज एमपीएमएलए कोर्ट में अनंत सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। उनके वकील राजेश पांडे ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखने की अपील की। इस पर सरकारी वकील ने विरोध किया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए कोई राहत नहीं मिलना चाहिए। इसपर राजेश पांडे ने कहा कि पिछली सुनवाई पर ही 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी। इसे आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने पिछले फैसले को बरकरार रखा। मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में हथियार लहराने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। बिहार सरकार के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस चर्चित मामले को गोपालगंज पुलिस से हटाकर सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही अब इस केस में स्थानीय पुलिस की भूमिका समाप्त हो गई है। मीरगंज थाने के सेमराव गांव निवासी गुड्डू राय के घर बीते दो और तीन मई को आयोजित उपनयन संस्कार कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में उनके समर्थकों पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरगंज थाने में चार मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में पुलिस ने विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों को नोटिस जारी कर 15 मई को हथियार के साथ मीरगंज थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि निर्धारित तिथि पर विधायक और उनके समर्थक थाने नहीं पहुंचे। मामले को लेकर कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चित होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर श्रेणी में रखते हुए सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया  

मुख्यमंत्री सैनी का एक्शन: निर्माण में कमी मिलने पर बड़ी कार्रवाई

 करनाल  जिला परिषद की 34 करोड़ रुपये की पांच मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में कमी पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के दो कार्यकारी अभियंताओं (एक्सईएन) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निलंबित कर दिया। इनमें पंचायती राज विभाग के तत्कालीन व वर्तमान में कैथल में तैनात परमिंद्र सिंह और करनाल में तैनात नारायण दत्त शर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में जांच बैठाई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से जांच टीम मौके पर पहुंची और बिल्डिंग का मुआयना किया। बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी कमी संबंधी तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थीं। तस्वीरों में पिल्लरों टेढ़े दिखाई देने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तुरंत संज्ञान लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा और एक्सईएन परमिंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा की निगरानी में चल रहा था। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस पांच मंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण के बीच ही बिल्डिंग के ढांचे पर सवाल उठ गए और बड़ी कार्रवाई हो गई। चंडीगढ़ से करनाल पहुंची जांच टीम मामला सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चंडीगढ़ से करनाल पहुंचे और निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और क्वालिटी कंट्रोल विंग की रिपोर्ट को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बारे में कार्यकारी अभियंताओं का दावा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उनका कहना है कि भवन पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा खींची गई तस्वीरों का एंगिल सही नहीं था, जिसके कारण पिल्लर व बीम टेढ़े दिखाई दिए।

टेंडर घोटाले के मास्टरमाइंड से सांठगांठ पड़ी भारी, बिहार सरकार ने दो IAS अफसरों को किया निलंबित

पटना. चर्चित टेंडर घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रिशु श्री से लाभ लेने के आरोप में बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबित अधिकारियों में 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा शामिल हैं। योगेश कुमार सागर वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के एक निदेशालय में निदेशक पद पर तैनात थे, जबकि अभिलाषा शर्मा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका परियोजना की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। योगेश सागर पर यूरोप यात्रा का आरोप जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि टेंडर घोटाले के आरोपी रिशु श्री ने उन्हें और उनके परिजनों को अपने खर्च पर यूरोप की सैर कराई। जांच में सामने आया है कि इस यात्रा में योगेश सागर के साथ उनके आठ रिश्तेदार भी थे। बताया जा रहा है कि सभी ने कई यूरोपीय देशों का भ्रमण किया और यात्रा, होटल सहित अन्य खर्च रिशु श्री ने वहन किए। पूरी यात्रा पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने निजी लाभ स्वीकार किया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। अभिलाषा शर्मा पर भी गंभीर आरोप आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा पर भी रिशु श्री से अनुचित लाभ लेने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि रिशु श्री ने उनके आवास की छत पर करीब 9 लाख रुपये की लागत से बागवानी और सौंदर्यीकरण कार्य कराया था। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के कई रिश्तेदारों की देश के विभिन्न शहरों की यात्राओं का खर्च भी रिशु श्री ने उठाया। इतना ही नहीं, उन्हें और उनके परिजनों को महंगे उपहार, आईफोन सहित कई कीमती वस्तुएं भी दिए जाने के आरोप हैं। अभिलाषा शर्मा पूर्व में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) भी रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी पहचान एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में रही है। जांच के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, टेंडर घोटाले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। सरकार ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को बिहार प्रशासनिक सेवा तंत्र में भ्रष्टाचार और प्रभावशाली लोगों से सांठगांठ के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

पंजाब चुनाव में दिलचस्प नतीजे, बरनाला में BJP ने बनाई सबसे बड़ी और सबसे मामूली जीत की कहानी

बरनाला. बरनाला के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुए नगर निगम चुनावों ने इलाके की राजनीति को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। 29 मई को घोषित किए गए चुनावी नतीजों ने जहां राज्य के पारंपरिक राजनीतिक दलों को बड़ा झटका दिया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान करके रख दिया है। इस बार के चुनाव न केवल राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के लिए, बल्कि वोटों के बेहद दिलचस्प और अनोखे आंकड़ों के कारण भी लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। इन चुनावों का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि सबसे बड़ी जीत और सबसे बारीक (कम) अंतर से जीतने का रिकॉर्ड एक ही पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिस्से आया है। कांग्रेस, अकाली दल और बसपा को लगा बड़ा झटका – इन चुनाव परिणामों ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे बड़े पारंपरिक दलों के पैर उखाड़ दिए हैं। कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस ने शहर के 39 वार्डों में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन बड़े-बड़े दावों के बावजूद पार्टी के खाते में सिर्फ 2 सीटें ही आईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): भाजपा ने 27 सीटों पर चुनाव लड़कर शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसे मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक काफी अहम माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल: अकाली दल के लिए ये चुनाव सबसे निराशाजनक रहे। पार्टी ने 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन वह एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सकी और अपना खाता भी नहीं खोल पाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा): बसपा ने भी 2 वार्डों में अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसके दोनों उम्मीदवार बुरी तरह चुनाव हार गए। एक ही पार्टी के नाम रहे दोनों 'शीर्ष' रिकॉर्ड इन चुनावों का सबसे बड़ा उलटफेर और दिलचस्प पहलू वोटों के अंतर में देखने को मिला। चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची पर नज़र डालें, तो सबसे अधिक वोट लेकर इतिहास रचने वाला और सबसे कम (महज़ 10 वोट) के अंतर से जीत की नैया पार लगाने वाला, दोनों उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के ही हैं। सबसे बड़ी जीत: वार्ड नंबर 41 से भाजपा की उम्मीदवार सुनेह लता गर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 733 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की और विजेताओं की सूची में पहला स्थान पाया। सबसे बारीक जीत: दूसरी ओर, वार्ड नंबर 40 से भाजपा के ही उम्मीदवार बारू सिंह ने सबसे कम महज 10 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उनकी इस जीत ने साबित कर दिया कि राजनीति में एक-एक वोट कितना कीमती होता है।

थाने में नाबालिग बालिका से गलत व्यवहार पड़ा भारी, SP ने दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस कर्मियों की गंभीर लापरवाही पर एसपी ने सख्त एक्शन लिया है. रातभर थाने में नाबालिग बालिका और उसके परिवार को बैठाकर रखा गया. इस दौरान नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र में भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, सोमनी थाना में यह अमानवीय घटना हुई. जहां के टीआई  अरुण नामदेव ने एक नाबालिग बालिका को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे गर्भवती बता दिया. इसके बाद नाबालिग और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा. इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षण राजश्री सिंह ने नाबालिग से अभद्र व्यवहार किया. बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर एसपी खुद मौके पर पहुंची और हड़काते हुए दोनों तत्काल निलंबित कर दिया. आदेश जारी एसपी कार्यालय से इस संबंध में आज जारी आदेश किया गया है. दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है. साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी.

सुरक्षाबलों पर हमले की थी तैयारी! दिल्ली में ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़, 9 आरोपी दबोचे गए

 नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया है। एनडीआर ने ऐसे 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तानी आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहे थे। इन सभी लोगों को दिल्ली की खास जगहों और सुरक्षा बलों पर हमला करने का काम दिया गया था। पुलिस ने इनके पास से कई हथियार और बारूद भी बरामद किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आईएसआई और अंडरवर्ल्ड से जुड़े 9 लोगों को दिल्ली में अलग-अलग जगह हमले का काम सौंपा गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में खूफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन चलाया गया था जिनमें इन आरोपियों को दबोच लिया गया। इसके लिए पिछले कुछ समय से मॉड्यूल पर नजर रखी जा रही थी। संवेदनशील इलाकों पर करने वाले थे हमला आरोप है कि गिरफ्तार किए गए नौ सदस्य पाकिस्तान की जासूसी एजेंसियों, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। उन्हें दिल्ली में संवेदनशील ठिकानों पर हमले करने का काम सौंपा गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी दिल्ली, मुंबई और पंजाब के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ विदेशी नागरिक भी हैं। आतंकवादियों के निशाने पर प्रमुख प्रतिष्ठान सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी।  जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।  गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है।  सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी।  हाई अलर्ट पर दिल्ली खूफिया एजेंसियों से आतंकी हमले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जानकारी के मुताबिक इस महीने की शुरुआथ में ही सुरक्षा एजेंसियों को हमले की खूफिया जानकारी मिली थी। इसमें बताया गया था कि आतंकी सेंट्रल दिल्ली की संवेदनशील जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए वे आत्मघाती हमले, गाड़ियों में IED धमाके, गोलीबारी या कई जगहों पर हमले की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस इस मॉड्यूल पर नजर बनाए रखी हुई थी। हालात देखते हुए दिल्ली के सभी थानों और जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है। विदेश में बैठकर कौन रच रहा हमले की साजिश? दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने और अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलावा इतनी भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक कहां से मिले, इसका भी पता लगाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के तार विदेश से कैसे जुड़े हैं और हमलों के लिए फंडिंग कहां से हो रही है। इसके अलावा विदेश में बैठे कौन-कौन से लोग इन्हें ऑर्डर दे रहे हैं।

जलाशयों में सर्वे के बाद मछुआरों को आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीक देने की तैयारी

रांची  मत्स्य शिकार (मछली पकड़ने) की आधुनिक और सही तकनीक से राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा। यहां मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इससे जुड़े लोगों तथा मछुआरों को मछली पकड़ने की सही तकनीक का प्रशिक्षण मिले इस उद्देश्य से राज्य में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति, मछुआरों द्वारा उपयोग की जा रही पारंपरिक मछली पकड़ने की तकनीक तथा भविष्य में उन्नत मत्स्य प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं के आकलन के लिए राज्य के जलाशयों में तीन दिनों तक क्षेत्रीय सर्वेक्षण किया गया। यह सर्वेक्षण केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. श्रवण कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने किया। सर्वेक्षण के लिए गेतलसूद, तेनुघाट, कांके, हटिया, मैथन एवं पंचेत जलाशयों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान जलाशयों में उपलब्ध मत्स्य संसाधनों, मछली पकड़ने की वर्तमान पद्धति, उपयोग किए जा रहे मत्स्य जालों, नावों, मत्स्य शिकार की चुनौतियों तथा स्थानीय मछुआरों की प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं का अध्ययन किया गया। विभिन्न स्थलों पर मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों तथा स्थानीय हितधारकों से चर्चा कर जलाशय आधारित मात्स्यिकी की व्यावहारिक समस्याओं और संभावित तकनीकी समाधानों की जानकारी प्राप्त की गई। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि झारखंड के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्नत एवं वैज्ञानिक मत्स्य शिकार तकनीक, उपयुक्त मत्स्य जालों, सुरक्षित एवं ऊर्जा दक्ष नावों तथा आधुनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जलाशयों की भौगोलिक स्थिति, जल की गहराई और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के अनुरूप मत्स्य शिकार तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता महसूस की गई। इस सर्वेक्षण के आधार पर मछुआरों के लिए उन्नत एवं आधुनिक मत्स्य प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना बनाई जाएगी। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक तरीके से मछली पकड़ने की तकनीक, बेहतर एवं चयनात्मक मत्स्य जालों के उपयोग, जलाशय मात्स्यिकी के लिए उपयुक्त नावों का संचालन तथा पर्यावरण अनुकूल विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों की जानकारी, मछली पकड़ने के दौरान सुरक्षा उपाय तथा मत्स्य संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा भविष्य में झारखंड के चयनित जलाशयों में उन्नत मत्स्य जालों, आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीकों तथा विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों के प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। वैज्ञानिक तरीकों से मत्स्य उत्पादन मछुआरों की समृद्धि में सहायक : निदेशक मस्त्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड के जलाशयों में वैज्ञानिक तरीकों, उपयुक्त प्रशिक्षण और उन्नत मत्स्य उपकरणों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन एवं मछुआरों की आजीविका में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा बेहतर मत्स्य प्रौद्योगिकी के प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।