samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बहगढ़ में विधायक, डीआईजी, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने किया जन संवाद

मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बहगढ़ में विधायक, डीआईजी, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने किया जन संवाद आमजन की समस्याएं सुनीं, मौके पर ही 20 समस्याओं का किया गया निराकरण शहडोल   मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विधायक जय सिंह मरावी, डीआईजी, कलेक्टर पार्थ जायसवाल, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए शिविर में प्राप्त 20 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कराया। शिविर में संबल योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। उर्मिला तिवारी, राजकुमार बैगा, मुन्नी पांव एवं तैरसिया बाई सहित हितग्राहियों को अनुग्रह राशि, पात्रता पर्ची तथा संबल पंजीयन कार्ड का वितरण किया गया। योजना का लाभ मिलने पर हितग्राहियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं से लिया कौशल प्रशिक्षण का फीडबैक शिविर के दौरान कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं विधायक जय सिंह मरावी ने वन धन केन्द्र बहगढ़ की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से स्वरोजगार के लिए प्राप्त किए जा रहे कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण से मिलने वाले लाभ तथा समूह की गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने तथा स्थानीय संसाधनों से जुड़े रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। विधायक जय सिंह मरावी ने कहा विधायक जय सिंह मरावी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार और लाभ समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी समस्याओं को शिविर में रखें, ताकि उनका नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जा सके। उन्होंने स्व-सहायता समूहों एवं युवाओं से शासन की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का निराकरण मौके पर संभव है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए तथा अन्य प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित किया। संवाद कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, एसडीएम जैतपुर दीपक मण्डावी, सीईओ जनपद संहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दिल्ली में वोटर लिस्ट सुधार की कवायद तेज, 9 सितंबर तक 2.12 लाख लोगों ने Form-6 से किया दावा

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया जारी है। ड्राफ्ट रोल में नाम न आने के बाद लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सभी 13 जिलों में 9 सितंबर तक 2,12,400 फॉर्म-6 के आवेदन दाखिल मिनट पते हुए है। जबकि ड्राफ्ट रोल में करीब 43 लाख लोगों के नाम अबसेंट, शिफ्टेड, डेड, डप्लीकेट (ASDD) लिस्ट में शामिल किए गए हैं। उसके अनुपात में यह आंकड़ा अभी काफी कम है। हालांकि, 30 सितंबर तक आवेदन का वक्त है और उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा और बढ़ेगा। 35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए 31 अगस्त से 9 सितंबर की अवधि के दौरान 35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। नए आवेदनों के मामले में वेस्ट दिल्ली जिला सबसे आगे रहा, जहां इस अवधि में 4,387 आवेदन मिले। इसके बाद नॉर्थ वेस्ट में 3,586, ईस्ट में 3,583, साउथ ईस्ट में 3,400 और नॉर्थ ईस्ट में 3,150 आवेदन दर्ज किए गए। साउथ वेस्ट में 3,025, साउथ में 3,030, नॉर्थ में 2,604, सेंट्रल नॉर्थ में 2,488, आउटर नॉर्थ में 2,433, ओल्ड दिल्ली में 1,529, सेंट्रल में 1,518 और नई दिल्ली जिले में 762 नए आवेदन फॉर्म-6 के तहत प्राप्त हुए। 30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे प्रवासी या ओवरसीज भारतीय वोटर्स के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6A के तहत 30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 83 अतिरिक्त आवेदन दर्ज हुए। वोटर लिस्ट से नाम हटाने या किसी प्रविष्टि पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 30 अगस्त तक जहां 51,471 फॉर्म-7 प्राप्त हुए थे, वहीं 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 374 नए आवेदन मिले। वोटर लिस्ट में एड्रेस के बदलाव, सुधार या नया फोटो पहचान पत्र (EPIC) जारी करने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-8 के आवेदनों की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। 30 अगस्त तक दिल्ली भर में 2.60,768 फॉर्म 8 प्राप्त हुए थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 14,538 नए फॉर्म-8 मिले हैं। 29 अक्टूबर तक सभी भेजे गए क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा किया जाएगा।

बैंकों में हड़ताल से सेवाएं प्रभावित, कामकाज ठप; परेशान होकर लौट रहे ग्राहक

बठिंडा. विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की गई। हड़ताल का असर बठिंडा में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण नियमित बैंकिंग से जुड़े कुछ काम इन माध्यमों से किए जा सकेंगे। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हो सकेगा। शाखाओं में नकदी लेन-देन, चेक जमा और भुगतान, विभिन्न दस्तावेज जमा करवाने, खातों से जुड़े कार्य तथा अन्य शाखा स्तर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर ही काम करवाना जरूरी था, उन्हें हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ेगा। ग्राहकों को हो रही परेशानी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी बैंकों की शाखाओं के बाहर कुछ ग्राहकों को हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा रहा है ।विशेषकर चेक संबंधी कार्य और दस्तावेज जमा करवाने जैसे कार्यों के लिए शाखा में पहुंचे लोगों को परेशानी हो रही है ।बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल को जरूरी बताते हुए कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर हालांकि शाखा स्तर पर अधिक रहा। ऑनलाइन ट्रांसफर, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किए जाने वाले काम सामान्य रूप से जारी रहेगे।

बस्तर में बारिश का कहर, सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

जगदलपुर. जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर में देर रात से तेज बारिश का दौर जारी है। कलेक्टर ने तेज बारिश को देखते हुए आज स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। बस्तर क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जगदलपुर समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। इस इलाके में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है तथा इसके साथ उपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 9.4 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका उत्तर हरियाणा से उत्तर बंगाल की खाड़ी में स्थित निम्न दाब के क्षेत्र के साथ स्थित उपरि हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण तक, 5.8 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जम्मू, देहारादून, फतेहगढ़, प्रयागराज, अम्बिकापुर, झलसुगुड़ा होते हुये, उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब तक स्थित है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के ऊपर स्थित है। प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर वज्रपात होने तथा भारी बारिश होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बिलासपुर और रायपुर संभाग के पूर्वी जिले संभावित है। दिनांक 12 से 14 सितंबर तक भारी बारिश का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। बस्तर का प्रवेश द्वार केशकाल घाट में लगा भीषण जाम, घंटों से दोनों ओर वाहनों की कतार बस्तर के प्रवेश द्वार केशकाल घाट में शुक्रवार सुबह जाम की स्थिति निर्मित हो गई। घाट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि वाहन चालक घंटों से जाम में फंसे हुए हैं।  

जहरीली शराब केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रवि लखेरा के पैर में लगी गोली; 26 पेटी शराब भी बरामद

सागर  सागर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपित और गढ़ी मलहरा शराब दुकान के ठेकेदार रवि लखेरा को पुलिस ने बरायठा के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से रवि लखेरा घायल हो गया। पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन पुलिस ने रवि लखेरा को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस के मुताबिक रवि लखेरा जहरीली शराब तैयार करने का फॉर्मूला उपलब्ध कराता था। उसके खिलाफ बहेरिया थाने में भी अवैध शराब का मामला दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था। पुलिस को गुरुवार रात जानकारी मिली कि वो बरायठा क्षेत्र के जंगल में छिपा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्लान बनाया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि को गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।रवि लखेरा को शुक्रवार तड़के सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पहले भी सामने आ चुका है नाम बंडा जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपित रवि लखेरा पहले भी नकली शराब के मामलों में पुलिस के रडार पर रह चुका है। उसका नाम मई 2026 में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में पकड़ी गई नकली शराब फैक्ट्री मामले में सामने आया था। ललितपुर पुलिस ने उस समय कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नकली शराब, खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की थी।जांच में सामने आया था कि गिरोह का संबंध मध्य प्रदेश में अवैध शराब की सप्लाई से भी था और रवि लखेरा का नाम इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। सागर में जहरीली शराब मामले में 26 पेटी शराब जब्त सागर के बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को गिरफ्तार आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू को पुलिस क्राइम स्पॉट पर लेकर पहुंची। यहां आरोपी ने जमीन के अंदर शराब दबाकर रखने और कुछ शराब नहर में फेंकने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खुदाई कराई, जिसमें 26 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार मौके से 1128 जले हुए क्वार्टर भी मिले हैं। आरोपियों ने शराब को नष्ट करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। चंदू की निशानदेही पर शराब और जले क्वार्टर मिले पुलिस ने आरोपी चंदू से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर कार्रवाई की। इसमें करीब 1.30 लाख रुपए कीमत की 26 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। इसके अलावा 1128 जले हुए क्वार्टर मिले। शराब को नष्ट करने में इस्तेमाल 12 लाख रुपए कीमत का ट्रैक्टर-ट्रॉली और करीब 40 लाख रुपए कीमत की पोकलेन मशीन भी जब्त की गई है। पुलिस अब शराब के स्रोत, भंडारण, परिवहन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। आईजी ने मौके पर पहुंचकर आरोपी से की पूछताछ कार्रवाई के दौरान सागर संभाग के नवागत आईजी इरशाद वली भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली और मौके पर मौजूद आरोपी चंदू से पूछताछ की। आईजी ने बताया कि जहरीली शराब मामले में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान एसपी अनुराग सुजानिया, एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी भी मौजूद रहे। देवरी के डिलोना में 45 किलो महुआ लाहन जब्त अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ चल रही कार्रवाई में देवरी के ग्राम डिलोना में भी दबिश दी गई। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने राजा भैया लोधी के पुराने खंडहर मकान की तलाशी ली। मकान में रखे तीन कुप्पों से करीब 45 किलो महुआ लाहन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार इसका इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया जाना था। टीम ने महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कराया। मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। हीरापुर में मकान से 2.80 लाख की विदेशी शराब मिली पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम हीरापुर में एक मकान पर दबिश देकर 261 बल्क लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त की। इसकी कीमत करीब 2.80 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि मकान का इस्तेमाल अवैध शराब के गोदाम के रूप में किया जा रहा है। जांच में इस शराब का संबंध बंडा जहरीली शराब प्रकरण के आरोपी मनीष लोधी से बताया गया है।मकान से ओल्ड मोंक, लंदन प्राइड, ब्लेंडर्स प्राइड, गोवा रम, व्हाइट मिश्चिफ, रॉयल सिलेक्ट, फॉक्स ऑरेंज, 8 पीएम, महावत, रॉयल स्टैग, ग्रीन लेबल और ब्लैक फोर्ट रम समेत विभिन्न ब्रांड की शराब मिली। आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मध्यप्रदेश में बारिश का दौर फिर शुरू, 12 जिले भीगेंगे; कल से इंदौर संभाग में भी बरसेंगे बादल

भोपाल मध्य प्रदेश में तीन दिन की राहत के बाद मानसून ने फिर करवट ली है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में बारिश का जोर रहने की संभावना है। 12 सितंबर से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।  फिर सक्रिय हुआ मानसून, अब पश्चिमी एमपी की बारी प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का जोर थमा हुआ था। ज्यादातर इलाकों में धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ गई थी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गुरुवार को धूप का असर रहा। अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। शुक्रवार को इसका ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहेगा, जबकि शनिवार से पश्चिमी हिस्से में भी बारिश बढ़ सकती है।  शुक्रवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। कुछ जगहों पर धूप निकल सकती है, जबकि कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। तीन दिन से बारिश नहीं, गर्मी-उमस बढ़ी प्रदेश में पिछले 3 दिन से भारी बारिश नहीं हुई है। इस वजह से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। गुरुवार को भोपाल में तीखी धूप रही। इस वजह से लोग बचाव करते हुए नजर आए। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी धूप खिली। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र), मानसून ट्रफ एक्टिव है। वहीं, पश्चिमी हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) की सक्रियता भी है। इसके चलते बारिश का दौर चलेगा। एमपी में 8% बारिश कम, 32 जिले पीछे मौसम विभाग के अनुसार, अब तक हुई बारिश की बात करें तो इस सीजन 795.3 मिमी यानी, 31.3 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 33.9 इंच (862.5 मिमी) की तुलना में 2.6 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 8 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 13% बारिश कम हुई है। 33 जिलों में 1% से 56% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 25% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। बीते एक सप्ताह से यहां के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है, लेकिन बुधवार तक आंकड़ा एक प्रतिशत हो गया। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 56% कम पानी गिरा है। इन 22 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम ने क्यों बदला रुख? मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ इस समय सक्रिय हैं। इसके अलावा प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है और आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश थमते ही बढ़ी उमस पिछले तीन दिनों में प्रदेश में तेज बारिश का दौर नहीं रहा। इसका असर तापमान और उमस के रूप में देखने को मिला। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी मौसम साफ रहा। बारिश से मिली राहत के बाद अब उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सीजन में अब तक सामान्य से कम पानी मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य आंकड़ा 862.5 मिलीमीटर यानी 33.9 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। कुल बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में कमी करीब 2 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 13 प्रतिशत है। पश्चिमी जिलों में बारिश की ज्यादा कमी बारिश के आंकड़ों में सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले जिलों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इन जिलों में कमी 1 से 56 प्रतिशत तक है। 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अब फिर बढ़ेगी बारिश की गतिविधि पिछले एक सप्ताह में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने के कारण सीजन का आंकड़ा भी ऊपर आया है। अब मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होने से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बढ़ने की उम्मीद है।

बख्तियारपुर के दियारा में बाढ़ का कहर, मकई-सब्जियों की फसल तबाह; मुआवजे की आस में किसान

बख्तियारपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। रूपस महाजी दियारा के निवासी विशाल सिंह के अनुसार, कीचड़ और बदबू के बीच टोले से टोले में जाना कठिन हो गया है। चिरैया रूपस के पूर्व मुखिया नवल यादव ने बताया कि गंगा के किनारे के हिस्से अभी भी गीले हैं, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है। जलजमाव के कारण दिवालों के पास घर गिरने का खतरा बना हुआ है। बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित खरीफ फसल के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे मकई और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 836 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, जिससे दियारा के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगा के दूसरी ओर के किसान और बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित हुए हैं। बेनीपुर दियारा और मकसूदपुर दियारा में लगे मिर्च और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। लखनपुरा और करौटा के बटाईदारों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह पैसे का जुगाड़ कर उधार लेकर उर्वरक खरीदा और सब्जी की खेती की, जो अब गंगा में विलीन हो गई है। अब किसानों को सरकारी अनुदान का ही भरोसा है, जिससे कुछ भरपाई हो सके, अन्यथा रोजगार बदलने की मजबूरी उत्पन्न हो जाएगी। दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता हालांकि, मुआवजे को लेकर किसानों के मन में दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम प्लास्टिक शीट और दवा वितरण का कार्य कर रही है। ब्लीचिंग के छिड़काव की भी तैयारी चल रही है। इस स्थिति ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से मिली दिशा, आज एसडीएम पद पर चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं सोनम

सीएम योगी के भरोसे से बढ़ा मनोबल, बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं सोनम यादव  मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से मिली दिशा, आज एसडीएम पद पर चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं सोनम सोनम का कहना है कि प्रतिभा और मेहनत हो तो सरकार की योजनाएं सफलता तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाती हैं लखनऊ युवाओं को अपना सपना पूरा करने में आर्थिक अभाव अब आड़े नहीं आएगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिलाया गया यह भरोसा अयोध्या की सोनम यादव जैसी युवाओं की सफलता से और मजबूत हुआ है। योगी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ लेकर यूपीपीसीएस-2024 में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पद पर चयनित हुईं सोनम यादव आज प्रदेश के हजारों युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वर्तमान में वह डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में प्रशासनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। अभ्युदय योजना से मिली सफलता, अब निभा रहीं नई जिम्मेदारियां अयोध्या जिले के मवई ब्लॉक स्थित हारिका पांडे का पुरवा, गड़ौरा गांव की रहने वाली सोनम यादव ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन का लाभ लेकर यूपीपीसीएस-2024 में सफलता प्राप्त की थी। आज चयन के बाद उनके जीवन में जिम्मेदारियों का नया अध्याय शुरू हो चुका है। सोनम बताती हैं कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम जनता के साथ संवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके अनुसार यह प्रशिक्षण उन्हें एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जन केंद्रित प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने दिखाई सफलता की राह सोनम का कहना है कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विषय विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। वह बताती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही दिशा और मार्गदर्शन भी आवश्यक होता है। अभ्युदय योजना के तहत मिले नियमित मार्गदर्शन, अध्ययन वातावरण और विशेषज्ञों के सहयोग ने उनकी तैयारी को नई दिशा दी तथा आत्मविश्वास को मजबूत किया। युवाओं और बेटियों को दे रही हैं प्रेरणा सोनम यादव आज युवाओं और छात्राओं को यह संदेश देती हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। वह विद्यार्थियों को स्पष्ट रणनीति, नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह देती हैं। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थियों के लिए उनका संदेश है कि वे अपनी परिस्थितियों को अपने सपनों की सीमा न बनने दें। उनका मानना है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सरकार की योजनाएं बन रहीं अवसर का माध्यम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवाओं और छात्राओं के लिए संचालित योजनाओं को सोनम अवसरों की समानता और युवा सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानती हैं। उनका कहना है कि शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं। एक भावी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिकता पारदर्शी, संवेदनशील और जन केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करना होगी, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। सोनम यादव की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। आज वह नई पीढ़ी के लिए उम्मीद, आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव की पहचान बन चुकी हैं।

लखनऊ SCR की योजनाओं में बदलाव की तैयारी, एयरोसिटी से लेकर 300 MLD वाटर वर्क्स तक पर नए सुझाव

लखनऊ दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ छह जिलों को मिलाकर बनने वाले उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर की प्रस्तावित योजनाओं में जिला प्रशासन ने कई बदलाव के सुझाव दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ दिल्ली की ही तरह एयरोसिटी विकसित करने की बात तय हुई। इसी के साथ पेरिफेरल रोड के निर्माण के औचित्य न होने पर भी बात हुई। राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान पर ही पुर्नविकसित करने का सुझाव दिया गया। राजधानी की भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए यूपीएससीआर में प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यूपीएससीआर व अन्य योजनाओं के बारे में डीएम ने 29 जुलाई को बैठक की थी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के 23 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एससीआर के प्रस्तावों व योजनाओं पर गहन मंत्रणा की गई जिसमें कई सुझाव दिए गए। पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक का मिनट्स जारी कर दिया है। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था होगी एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना में अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर है। पहले एयरपोर्ट के दक्षिण तरफ सैनिक स्कूल की खाली जमीन पर ही एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था लेकिन बैठक में उत्तर तरफ भी रिक्त जमीनों का इसके लिए इस्तेमाल करने की बात हुई है। 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ेगी बढ़ती आबादी को देखते हुए राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती आबादी को देखते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता को कम माना गया। जलापूर्ति की दीर्घकालीन जरूरतों का आकलन कर इसकी क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सिंचाई विभाग और जल निगम को इसके लिए दोबारा आकलन करना होगा। संग्रहालय का पुनर्विकास होगा राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी जिला प्रशासन ने उचित नहीं माना। समिति ने संग्रहालय को उसी स्थान पर रखते हुए उसके विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने का सुझाव दिया है। हालांकि इसे हटाने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री ने दिया था। इसे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ले जाने की बात चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलडीए को इस सम्बंध में निर्देश भी दिया है। किसान पथ के दोनों हिस्से में सर्विस लेन बनाई जाएगी वहीं, सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच करीब 12 किमी हिस्से में किसान पथ के दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक किसान पथ के दोनों तरफ बनने वाली सर्विस लेन 7.5-7.5 मीटर चौड़ी होगी। इससे आसपास की कॉलोनियों, गांवों और स्थानीय बाजारों से आने-जाने वाले वाहन सीधे मुख्य किसान पथ पर चढ़ने के बजाय सर्विस लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का ट्रैफिक अलग हो सकेगा। फिलहाल किसान पथ के आसपास तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और स्थानीय आबादी के वाहनों को मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। फ्लाईओवर की डिजाइन में भी होगा बदलाव अयोध्या रोड पर ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए किसान पथ के पास फ्लाईओअर का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है और धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। एनएचएआई के अनुसार अब सर्विस लेन के प्रस्ताव के कारण फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए भी दिल्ली मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

दुकान में सफाई कर रहा था युवक, सिरफिरे ने रॉड से हमला कर उतारा मौत के घाट

करनाल. करनाल के घरौंडा में एक युवक के सिर में रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपित ने दुकान पर सफाई कर रहे युवक के सिर में 9 बार हमला किया, इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित ने बाद में भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ लिया और उसके पिटाई की। बाद में आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया गया। वारदात शुक्रवार सुबह की है। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बालीनगर निवासी 30 वर्षीय तेजबीर सिंह पुत्र सुभाष एक दुकान पर नौकरी करता था। सुबह वह दुकान पर सफाई कर रहा था। इसी दौरान आरोपित नेपाल निवासी उत्तम कुमार वहां पर आया और रॉड से हमला शुरू कर दी। तेजबीर गिर गया और लगातार उसके सिर पर 9 बार रॉड से हमला किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ा लिया और उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज करने में जुटी है।