samacharsecretary.com

पटना में 2-3 दिन बारिश के आसार, बिहार के कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी

 पटना राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक पटना सहित दक्षिण-मध्य बिहार के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पटना में बारिश दर्ज नहीं की गई है और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। मौसम विभाग के अनुसार आज 10 सितंबर को गया, नवादा, रोहतास और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कल कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर को बिहार के उत्तर-पूर्वी भागों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, हवा में नमी अधिक बनी हुई है, जहां सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 89 प्रतिशत तक दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पटना का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आने वाले दो-तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने के आसार हैं, जिससे तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने की अपील मौसम विभाग ने सतर्क करते हुए अलर्ट जारी किया है कि बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मेघ गर्जन के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका है। खराब मौसम को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम अवसर

डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम अवसर  12 और 14 सितंबर को कॉलेज लेवल काउंसलिंग ग्वालियर   तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉलेज लेवल काउंसलिंग का अंतिम अवसर है। दसवीं अथवा बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं कॉलेज लेवल काउंसलिंग के लिए पंजीयन कराने के बाद 12 सितंबर या 14 सितंबर 2026 को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ शासकीय डॉ. भीमराव आंबेडकर पॉलिटेक्निक कॉलेज, नाका चंद्रवदनी, झांसी रोड, ग्वालियर में उपस्थित हो सकते हैं।      डॉ. भीमराव अम्बेडकर पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेज लेवल काउंसलिंग के लिए पंजीयन एमपी ऑनलाइन के माध्यम से या विद्यार्थी स्वयं तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट www.dte.mponline.gov.in पर कर सकते हैं। कॉलेज में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी तथा आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर उपलब्ध है।      इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों के लिए रोजगार और प्लेसमेंट की बेहतर संभावनाएं रहती हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं निर्धारित तिथियों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉलेज में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।  

बठिंडा की सड़कों की अब मशीनों से सफाई, हर सप्ताह 100 KM एरिया की होगी मैकेनिकल स्वीपिंग

बठिंडा. शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से शुरू किए गए मैकेनिकल स्वीपिंग (डीप क्लीनिंग) प्रोजेक्ट का स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी ने जायजा लिया। उन्होंने शहर में चल रही मैकेनिकल स्वीपिंग की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर लवजीत कलसी सहित निगम और विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की ओर से वर्तमान में प्रति सप्ताह करीब 100 किलोमीटर सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान सचिव घनश्याम थोरी ने प्रोजेक्ट के तहत की जा रही सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनरी के इस्तेमाल से शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है। इससे शहर के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। अंदरूनी सड़कों की सफाई पर जोर सचिव ने अधिकारियों को शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी मैकेनिकल स्वीपिंग और डीप क्लीनिंग का काम तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंदरूनी सड़कों की करीब 630 किलोमीटर साप्ताहिक मैकेनिकल स्वीपिंग का काम जल्द शुरू किया जाए। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सफाई व्यवस्था केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शहर की अंदरूनी सड़कों और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। 164 किमी मुख्य सड़कों के टेंडर जल्द निपटाने के निर्देश मुख्य सड़कों की सफाई से संबंधित करीब 164 किलोमीटर के लंबित टेंडर कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर काम को जमीन पर शुरू करवाया जाए। घनश्याम थोरी ने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और मैकेनिकल स्वीपिंग के काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई दे। लोगों की भागीदारी भी जरूरी सचिव ने शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लोगों की भागीदारी को भी जरूरी बताया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को सफाई के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अपने आसपास गंदगी न फैलाएं तथा शहर को साफ रखने में नगर निगम का सहयोग करें।

शशिकांत की जिंदगी में CM साय के फोन से आई नई उम्मीद, 10 साल बाद इलाज की आस

धमतरी. 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे शशिकांत भरत के लिए अब इलाज की नई उम्मीद जगी है। उनकी परेशानी जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, तो सीएम ने खुद फोन पर शशिकांत से बात कर बेहतर इलाज का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री की पहल के बाद जिला प्रशासन ने शशिकांत को बेहतर उपचार के लिए एम्स भेजा है। सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी में आई थी गंभीर चोट दरअसल, धमतरी के नगरी वनांचल निवासी शशिकांत भरत करीब 10 साल पहले सड़क हादसे का शिकार हुए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद वह पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गए थे। इसके बाद से शशिकांत कई वर्षों से बिस्तर पर ही जिंदगी गुजार रहे हैं। लंबे समय से इलाज की जरूरत के बीच उन्होंने मदद के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाई। शशिकांत की परेशानी की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद सीएम साय ने उनसे फोन पर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शशिकांत को बेहतर इलाज का वादा किया। मुख्यमंत्री की पहल के बाद जिला प्रशासन ने उनके उपचार की जिम्मेदारी लेते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें एम्स भेजा है। अब शशिकांत को बेहतर उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से उन्हें 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई है। शशिकांत ने वीडियो जारी कर जताया आभार शशिकांत ने खुद वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री की पहल और प्रशासन की मदद की जानकारी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ ही जिला प्रशासन का आभार जताया। लंबे समय बाद बेहतर इलाज की उम्मीद मिलने से शशिकांत और उनके परिवार में भी उम्मीद जगी है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया शुभारंभ, लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे मरीजों का इलाज

सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए सुपर स्पेशियलिटी ओपीडीः ब्रजेश पाठक  डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया शुभारंभ, लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे मरीजों का इलाज डिप्टी सीएम पाठक- मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता  लखनऊ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में मरीजों को अब सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अस्पताल में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी के साथ स्ट्रोक यूनिट, न्यूरोसर्जरी वार्ड एवं ऑपरेशन थिएटर का शुभारंभ किया। इन सेवाओं से गंभीर एवं जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर और समयबद्ध उपचार मिल सकेगा। सिविल अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच हुए समझौते के तहत लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक सिविल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को परामर्श एवं उपचार प्रदान करेंगे। इससे मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी और विशेष रूप से न्यूरोलॉजी एवं स्ट्रोक के मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की इस व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों तक भी किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के बीच समझौते कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं जिला स्तर तक पहुंचाई जाएंगी। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को बार-बार केजीएमयू, लोहिया संस्थान और एसजीपीजीआई जैसे बड़े संस्थानों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही बड़े चिकित्सा संस्थानों पर मरीजों का दबाव भी घटेगा। सरकारी अस्पतालों में मिल रहा आधुनिक इलाज उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता लगातार बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मरीज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं और आधुनिक उपचार सुविधाओं का लाभ उठाएं।  स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक की जरूरत नहीं स्वाइन फ्लू को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सावधानी अवश्य बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से मास्क का इस्तेमाल करने, स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने और बुखार अथवा फ्लू जैसे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जांच और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 70 वर्ष के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं डिप्टी सीएम ने कहा कि अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों के ज्ञान एवं अनुभव का लाभ मरीजों को निरंतर मिलता रहे, इसके लिए 70 वर्ष की आयु वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को पुनर्नियुक्ति के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने का अवसर दिया जाएगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। वायरल संक्रमण से बचाव के लिए बरतें सावधानी डिप्टी सीएम ने कहा कि वायरल संक्रमण से भी बचाव की आवश्यकता है। इसके लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें। संक्रमित होने पर स्वयं को आइसोलेट रखें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रोटोकॉल का पालन करें। बुखार या फ्लू जैसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। जांच एवं आवश्यक दवाओं की सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। इनकी रही उपस्थिति इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष, सचिव रितु माहेश्वरी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता, सीएमएस डॉ. देवेश चंद्र पांडेय, लोहिया संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. एसआर सिंह, डॉ. आशुतोष दुबे सहित अन्य चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।

राज्यमंत्री गौर का बड़ा संदेश- विकास की गति रहेगी जारी, जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना प्रतिबद्धता

विकास की गति रहेगी निरंतर जारी, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति हमारी प्रतिबद्धता : राज्यमंत्री  गौर गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में 70 लाख रुपये के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन वार्ड 66 में नवनिर्मित सामुदायिक भवन जनता को समर्पित वार्ड 62 ऋषिपुरम में सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि गोविन्दपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और जन-आकांक्षाओं की पूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया जा रहा है। क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास और जन-कल्याण का यह प्रवाह अनवरत जारी रहेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में 70 लाख रुपये से अधिक के लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। करमवीर नगर को मिली मंगल भवन की सौगात राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 66 करमवीर नगर में 25 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिक लंबे समय से एक सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की मांग कर रहे थे, जो आज पूर्ण हुई है। यह नवनिर्मित भवन क्षेत्रवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा परस्पर सौहार्द को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा। सुगम आवागमन के लिए सीसी रोड का भूमि-पूजन राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 62 आनंद नगर स्थित ऋषिपुरम फेस-2 एवं फेस-3 में पार्क तथा मंदिर के समीप 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी रोड का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्रीय रहवासियों को आवागमन में सुगमता होगी और यातायात सुचारु बनेगा। श्रीमती गौर ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। कार्यक्रम में श्री लवकुश यादव, श्री संतोष ग्वाला, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती उर्मिला मोर्य, श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, सर्वश्री बी. शक्ति राव, भीकम सिंह बघेल, मनोज विश्वकर्मा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय रहवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

शराबबंदी पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, बोले- बिहार को सालाना ₹20 हजार करोड़ का नुकसान; फिर भी जारी रहेगी नीति

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी। इससे कोई समझौता नहीं होगा। भले ही इससे बिहार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में राज्य में शराबबंदी, बाढ़, रोजगार, पलायन से लेकर कई राजनीतिक मु्द्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर राज्य में शराबबंदी लागू की थी। इसका सकारात्मक असर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक आदि के जरिए बाढ़ आती है। हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बनी है। अभी जो बाढ़ की स्थिति बनी है, उसके लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सामुदायिक रसोई चलाकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2030 के पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। 2030 तक पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की बेहतर व्यवस्था हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ 30 सालों से काम कर रहा हूं। वह मेरे पितातुल्य हैं। एक सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का नेता कौन होगा, यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। यह पार्टी का आंतरिक मामला है। नीतीश कुमार को बताया पिता तुल्य मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार के साथ अपने लंबे राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह पिछले 30 सालों से नीतीश कुमार के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने नीतीश कुमार को पिता तुल्य बताया।  भाजपा के अगले नेता को लेकर पूछे गए सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यह फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है. उन्होंने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया।  2030 तक पलायन रोकने का दावा मुख्यमंत्री ने बिहार से पलायन को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि 2030 से पहले राज्य से पलायन रोक दिया जाएगा. उनके मुताबिक, तब तक पढ़ाई से लेकर रोजगार तक बेहतर व्यवस्था तैयार हो जाएगी. सरकार का जोर राज्य में ही युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।  बाढ़ को लेकर हाईलेवल डैम की तैयारी बाढ़ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक जैसी नदियों के कारण बिहार में बाढ़ की समस्या आती है. हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बन चुकी है।  फिलहाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. उनके लिए सामुदायिक रसोई भी चलाई जा रही है।  फरक्का बराज को लेकर भी उठाया सवाल सम्राट चौधरी ने फरक्का बराज को भी बिहार के लिए नुकसानदायक बताया. उन्होंने कहा कि इसके कारण गंगा नदी में गाद जमा हो रही है. इससे नदी की चौड़ाई अलग-अलग जगहों पर बढ़ गई है।  मुख्यमंत्री के अनुसार, बक्सर में गंगा की चौड़ाई करीब 4 किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी तक हो जाती है।  उन्होंने कहा कि फरक्का जल संधि को लेकर बिहार की मांग स्पष्ट है. राज्य को पीने, खेती और उद्योग के लिए जरूरत के अनुसार किसी भी समय पानी लेने का अधिकार मिलना चाहिए. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत की गई है।  फरक्का बराज से बिहार को नुकसान मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को नुकसान है। इससे गंगा नदी में गाद जमा हो गयी है। इस कारण बक्सर के पास गंगा की चौड़ाई चार किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का जल संधि पर बिहार की ओर से यह आग्रह है कि हमें पीने, खेती करने और उद्योग के लिए किसी भी समय पानी लेने का अधिकार हो। इसके लिए हमने केंद्र सरकार से बात की है।

‘कॉकरोच पार्टी’ टिप्पणी पर बैकफुट पर सौरव दास-रांका, ट्वीट हटाने को तैयार; कोर्ट ने दी नसीहत

नई दिल्ली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक सौरव दास को अदालत ने गौरव भाटिया पर किए गए सभी पोस्ट को हटाने को कहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भाटिया के मानहानि मुकदमे पर सुनवाई करते हुए सीजेपी नेताओं को नसीहत के साथ एक मौका दिया और कहा कि वे खुद उन पोस्ट्स को हटा दें। अदालत ने कहा कि बिना किसी तथ्य को परखे इस तरह साझा करना ठीक नहीं है। अदालत के निर्देश के बाद सौरव दास ने भाटिया के खिलाफ एक और विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया है। सौरव दास ने एक फर्जी न्यूज कार्ड को शेयर किया था जिसमें गौरव भाटिया को गिरप्तार किए गए विवादित यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज को दिमागी नक्सल कहते हुए दिखाया गया था। भाटिया ने इसे फर्जी करार देते हुए सौरव दास को पोस्ट डिलीट करने और माफी मांगने मांगने को कहा था। सौरव दास ने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन माफी मांगने से इनकार करते हुए भाटिया की एक आपत्तिजनक तस्वीर शेयर कर दी थी। भाजपा नेता की ओर से किए गए 2 करोड़ के मानहानि मुकदमे पर जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कहा कि सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से गौरव भाटिया पर बिना जांच परखे किए गए पोस्ट गलत हैं। अदालत ने उन्हें खुद ही उन्हें हटाने का मौका दिया। वहीं, अभिजीत दीपके की ओर से कहा गया कि उन्होंने इस पर कुछ नहीं लिखा था, इसलिए उन्हें प्रतिवादियों में से हटा दिया जाए। 'पोस्ट हटाने पर विचार करें' सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विरोध जताने के अलग-अलग तरीके होते हैं. कोर्ट ने कहा कि दोनों युवा हैं और उनकी अपनी चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन बिना सत्यापन किसी पर इस तरह हमला करना उचित नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अगर वे अपनी ओर से पोस्ट हटाने को तैयार हैं तो अपना जवाब दाखिल करें।  सौरव दास के वकील ने बताया कि संबंधित पोस्ट पहले ही हटा दिया गया है. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इसके अलावा भी कुछ सामग्री पोस्ट की गई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन कई बार बात को स्पष्ट और संयमित तरीके से रखना जरूरी होता है।  CJP के अभिजीत दीपके को लेकर सवाल सुनवाई की शुरुआत में कोर्ट ने कहा कि CJP के अभिजीत दीपके के खिलाफ कोई आरोप नहीं है. उनके वकील निखिल गांधी ने कहा कि दीपके की ओर से ऐसा कोई पोस्ट नहीं किया गया और उन्हें मामले से हटाया जाना चाहिए।  भाटिया की ओर से कहा गया कि मामला सिर्फ एक-दो पोस्ट तक सीमित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक पूरा तंत्र काम कर रहा है और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।  कोर्ट ने भाटिया से भी कहा कि विवाद को अदालत में लाने के बजाय दूसरे तरीके से सुलझाने की कोशिश की जा सकती थी. इस पर भाटिया ने कहा कि यह गंभीर मानहानि का मामला है और पोस्ट लाखों लोगों तक पहुंचने के कारण उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा है।  कोर्ट ने दास और रांका के वकील से अपने मुवक्किलों से निर्देश लेकर आने को कहा. कोर्ट ने कहा, "आप युवा हैं, आपके सामने लंबा रास्ता है. अदालतों में समय क्यों बिताना चाहते हैं? अदालत ने और क्या समझाया अदालत ने मौखिक रूप से कहा, 'विरोध जताने के कई तरीके हैं। आप सभी युवा हैं। आपको बेचैनी हो सकती है। लेकिन इस तरह बिना पुष्टि के हमला करना ठीक नहीं है। यदि आप खुद इन्हें हटाना चाहते हैं तो अपना जवाब दीजिए। हम इसे हटाने का आदेश नहीं जारी करना चाहते हैं।' इस बीच सौरव दास के वकील ने कहा कि उन्होंने ट्वीट को पहले ही डिलीट कर दिया है। इस पर अदालत ने कहा, 'लेकिन आपने कुछ कुछ और भी डाला है। आपको अभिव्यक्ति का अधिकार है, लेकिन यह सही तरीके से हो। ताकि आपकी मंशा सही दिशा में रहे। हम समझते हैं, क्योंकि हम भी इस उम्र से गुजरे हैं।' अदालत ने भाटिया से क्या कहा अदालत ने भाटिया से कहा कि इस तरह के मुद्दों से निपटने के और भी तरीके हैं। उन्होंने कहा कि वह अदालत आने की बजाय प्रतिवादियों से बात कर सकते थे। हालांकि भाटिया ने कहा, 'यह गंभीर मानहानि का मामला है। ऐसे पोस्ट इंटरनेट पर नहीं हो सकते हैं, क्योंकि उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। यह मेरी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। हमने उन्हें एक मौका दिया था।' अदालत ने सीजेपी नेताओं के वकीलों से कहा कि वह निर्देश प्राप्त करें और बताएं कि वे खुद हटाने को तैयार हैं या नहीं।

मोहना में 11 सितंबर को जन-विश्वास शिविर, जन संवाद से लेकर उद्योग और इन्फ्लुएंसर संवाद तक होंगे कार्यक्रम

ग्वालियर मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत ग्वालियर जिले का पाँचवां जिला स्तरीय शिविर शुक्रवार 11 सितम्बर को प्रात: 10.30 बजे से मोहना स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय प्रांगण में आयोजित होगा। मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में होगा शिविर का आयोजन सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी शिविर में शामिल होंगे। मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में इस शिविर के माध्यम से नगर पंचायत मोहना के सभी वार्डों की सभी बस्तियों के निवासियों को लाभान्वित कराया जायेगा। उद्यमियों की समस्याओं का होगा समाधान शिविर शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर अपने-अपने विभाग की संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में जन संवाद, उद्योग एवं इन्फ्लुएंसर संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ ग्वालियर जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है।  

मानसून में स्कूलों में सांप दिखे तो क्या करें? शिक्षा विभाग ने जारी किए जरूरी निर्देश

चंडीगढ़ अक्सर बरसात के दौरान सांप निकलने की समस्या देखी जाती है। जब सांप स्कूलों में दिखें तो बच्चों से लेकर शिक्षकों तक में एक अलग ही तरह का डर का माहौल होता है। ऐसे में हरियाणा के विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए सर्पदंश और परिसरों में सांपों के प्रवेश की रोकथाम को लेकर एक विस्तृत परामर्श जारी किया है। मानसून और वर्षा ऋतु के बाद स्कूलों में बढ़ने वाले इस खतरे को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्वच्छता, रखरखाव और चेकिंग पर विशेष जोर निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी विद्यालयों को अपने परिसरों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।     झाड़ियों की कटाई: कक्षाओं, शौचालयों, रसोई, स्टोर और खेल के मैदानों के आसपास उगी घास और झाड़ियों को तुरंत काटने के निर्देश दिए गए हैं।     कूड़ा और निर्माण सामग्री हटाना: ईंट, पत्थर, पुरानी लकड़ी, अनुपयोगी फर्नीचर और टायरों के ढेर हटाने को कहा गया है, जिससे साँपों के छिपने की जगह न बचे।     दरारों और रास्तों की मरम्मत: दरवाजों के नीचे के गैप, फर्श व दीवारों की दरारों और नालियों को जाली या ग्रिल से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।     कमरों की जांच और रोशनी: लंबे समय से बंद कमरों, स्टोर रूम और शौचालयों को खोलने से पहले उनकी अच्छे से जांच करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी रखने की बात कही गई है। जहरीले रसायनों और झाड़-फूंक पर पूर्ण प्रतिबंध शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सांपों को भगाने के नाम पर किसी भी प्रकार के जहरीले रसायन, कीटनाशक, मिट्टी के तेल, तेजाब या नैफ्थलीन (फिनाइल) की गोलियों का प्रयोग न किया जाए, जिससे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अप्रमाणित देसी उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को तुरंत निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। घाव पर चीरा लगाने, रस्सी कसकर बाँधने या विष चूसने जैसे खतरनाक कदमों से बचने की सलाह दी गई है। स्कूल में सांप दिखने पर क्या करें?     घबराएँ नहीं और बच्चों को दूर रखें: साँप दिखने पर विद्यार्थियों को शांतिपूर्वक उस स्थान से दूर ले जाएँ और भीड़ या फोटो/वीडियो बनाने से रोकें।     छेड़ने या मारने की कोशिश न करें: साँप को खुद पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।      विशेषज्ञों की मदद लें: आवश्यकता पड़ने पर केवल वन विभाग या अधिकृत सर्प-राहतकर्ता से ही संपर्क किया जाए। स्कूल स्तर पर तैयार रखनी होगी चेकलिस्ट और रिपोर्ट प्रपत्र निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने पास निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस और वन विभाग के आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करके रखें। इसके अलावा, परिसरों के नियमित निरीक्षण के लिए 20 बिंदुओं की एक सर्प-सुरक्षा निरीक्षण सूची और किसी भी घटना के रिकॉर्ड के लिए घटना प्रतिवेदन प्रपत्र भी संलग्न किया गया है सभी जिला एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस परामर्श का पालन अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों में सुनिश्चित कराएं।