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भाजयुमो संगठन में बड़ा फेरबदल: प्रदेशभर के जिलों और वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

जयपुर राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने लिस्ट 63 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की. इसमें 7 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1-1 कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी संयोजक, प्रशिक्षण प्रभारी और 20 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं. कार्यकारिणी में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. लंबे वक्त से इस पर मंथन जारी थी, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को भी इंतजार था.   निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम संगठन ने आगामी राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा है. माना जा रहा है कि निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी लिस्ट पर अंतिम मुहर लगी है. जितेन्द्र सिंह राठौड़, दीनदयाल गुर्जर, राकेश कटारिया, शिवराज सिंह, राकेश पंवार, सुदर्शन गौतम, आशीष कुल्हरी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ऋषिकेश मीणा, लोकेन्द्र सिंह, आदित्य पुजारी को महामंत्री बनाया गया है. हर्ष शर्मा कार्यालय प्रभारी, 9 प्रदेश मंत्री नियुक्त प्रदेश मंत्री पद पर धीरज शर्मा, रघुनाथ बिश्नोई, राहुल लेघा, रमेश गुर्जर, कृष्णपाल सिंह चूंडावत, दिनेश राणा, दिव्यांश भारद्वाज, वीके कुशवाह और आदित्य सिंघानिया को नियुक्त किया गया है. जिज्ञासु जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष और राहुल देवड़ा को सह कोषाध्यक्ष बनाया है.  भरतपुर के हर्ष शर्मा को कार्यालय प्रभारी, अमित कुमावत और आशीष शर्मा को भी कार्यालय सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. मीडिया प्रभारी हर्षित को बनाया गया है. मन की बात और ट्रेनिंग के लिए भी दिया जिम्मा खास बात यह है कि कार्यकारिणी में प्रशिक्षण, नीति एवं शोध, मन की बात जैसे कई कार्यक्रमों के प्रभारी भी बनाए गए हैं. सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, सोशल मीडिया कैंपेन और युवा संपर्क कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

फर्जी शादियों पर सख्ती, कनाडा ने बदले स्पाउस वीजा के नियम

चंडीगढ़  कनाडा सरकार ने स्पाउस ओपन वर्क परमिट नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम लागू होने पर फर्जी और कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा पहुंचने वालों पर बड़ा असर पड़ सकता है।   प्रस्ताव के मुताबिक भारत से स्पाउस वीजा या वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी को अंग्रेजी भाषा दक्षता साबित करने के लिए आईलेट्स या अन्य मान्यता प्राप्त लैंग्वेज टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है। अब तक यदि मुख्य आवेदक कनाडा में पढ़ाई या नौकरी कर रहा होता था तो भारत में बैठे उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग काॅन्ट्रैक्ट विवाह के जरिए कनाडा पहुंच रहे थे। कई मामलों में स्पाउस पढ़ा-लिखा भी नहीं होता था। प्रस्ताव के अनुसार अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथियों को स्पाउस ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो मास्टर्स, पीएचडी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य हाई-स्किल प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे। सामान्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या साधारण बैचलर डिग्री करने वाले छात्र अपने पार्टनर को नहीं बुला सकेंगे। सात तक हो सकता है सीएलबी स्कोर कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी तभी अपने जीवनसाथी को बुला पाएंगे जब वे हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल श्रेणी की नौकरियों में कार्यरत हों और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने की वैधता बची हो। प्रस्तावित नियमों के तहत सामान्य नौकरियों के लिए सीएलबी 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए सीएलबी 7 स्कोर जरूरी हो सकता है। कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलिर का कहना है कि भाषा कौशल की कमी के कारण कई प्रवासी अच्छे रोजगार नहीं पा पाते और उनके शोषण का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि नए नियम कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी विवाहों पर रोक लगाने में मदद करेंगे। विज्ञापन देकर ढूंढते हैं पढ़ी-लिखी लड़की पंजाब में विदेश जाने की चाहत ने कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैरिज ग्रुपों में अक्सर 6 बैंड वाली लड़की चाहिए जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। इसमें ऐसे परिवार शामिल होते हैं जिनके पास पैसा तो होता है लेकिन बेटा आईलेट्स पास नहीं कर पाता। दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन अच्छे बैंड वाली लड़कियों को कनाडा भेजने के बदले लाखों रुपये का सौदा किया जाता है। बाद में कई मामले धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और विवाद तक पहुंच जाते हैं। वीजा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादियों के जरिए कनाडा पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा।  

पंजाब चुनाव आयोग और ECI आमने-सामने, EVM प्रशिक्षण को लेकर बढ़ा विवाद

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से पांच दिन पहले ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद तेज हो गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और पंजाब राज्य चुनाव आयोग अब इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। वीरवार को सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग ने पंजाब सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम की ट्रेनिंग और तैयारी के लिए 15 दिन का समय चाहिए। ईसीआई ने अदालत में कहा कि इसके लिए 15 मिनट पर्याप्त हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई ने बताया कि चुनाव के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए रवाना कर दी गई हैं। मशीनों की कमी का मुद्दा अब नहीं रहा। आयोग ने कहा कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया एक दिन में पूरी की जा सकती है। राजस्थान से सीधे पंजाब भेजी जा रहीं ईवीएम ईसीआई ने अदालत को बताया कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी तकनीकी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं। पंजाब की ओर से मशीनें खुद उठाने में अनिच्छा जताने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। आयोग ने कहा कि मशीनें फिलहाल ट्रांजिट में हैं और अब केवल यह तय करना बाकी है कि उन्हें किस स्थान पर पहुंचाना है तथा रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। आयोग ने यह भी कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने और फर्स्ट लेवल चेकिंग तथा कमीशनिंग प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा। इससे पहले पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग अदालत में कह चुका है कि मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन लगेंगे। इसी आधार पर 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया गया था। याचिका में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत में कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 

ट्विशा केस में जांच तेज, आरोपी समर्थ की जमानत पर आज होगी सुनवाई

भोपाल  एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की सीबीआई जांच होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। 20 मई को जब ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब उन्होंने इसका आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार परिवार की हर संभव मदद करेगी। अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग उठाई थी। उधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में सुनवाई हो रही है। इस दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए मोहलत की मांग की, तो अदालत ने सुनवाई 2.30 बजे तक स्थगित कर दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. सिंह की समर वेकेशन बेंच में हो रही है। ट्विशा के परिजन ने जमानत याचिका पर आपत्ति लगाई है। उसके पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। वह फरारी के दौरान केस को प्रभावित कर रहा है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग की है। गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा, सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सहित कई पूर्व अधिकारियों ने मंत्रालय में मुलाकात कर न्याय की मांग की।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों से मुलाकात के बाद कहा कि यदि परिवार चाहता है तो राज्य सरकार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम कराने का निर्णय अदालत करेगी। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो राज्य सरकार शव को सुरक्षित दिल्ली एम्स पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इधर, ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 के न्यायाधीश पद से हटाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या का गंभीर मामला दर्ज है। वर्तमान में वह जिला उपभोक्ता फोरम में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उपभोक्ता फोरम में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है और नियमों के अनुसार कदाचार, गंभीर आरोप या किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता सामने आने पर पद से हटाने का प्रावधान है। नवनिधि शर्मा ने राज्यपाल और राज्य सरकार से मांग की है कि दहेज हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद गिरिबाला सिंह को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। अदालत ने ट्विशा का शव सुरक्षित रखने को कहा उधर भोपाल की एक अदालत ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के शव को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। ट्विशा ने पिछले हफ्ते अपने भोपाल स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि महिला के परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए उसके ससुराल वालों पर बेटी की हत्या करने का शक जताया है। उनका आरोप था कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर मारपीट के निशान मिले हैं, जो कि मामले को संदिग्ध बना रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने ट्विशा के दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया। शव को सुरक्षित रखने वाली मोर्चरी का पता लगाने को कहा इस बारे में एक आदेश जारी करते हुए JMFC (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) अनुदिता गुप्ता ने कहा कि पुलिस को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उसे निर्देश दिया जाए कि वे मध्यप्रदेश में शवों को सुरक्षित रखने की (-80 डिग्री सेल्सियस तापमान) व्यवस्था वाले मोर्चरी की तुरंत जानकारी प्राप्त करे और बिना किसी देरी के अदालत में इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। भोपाल एम्स में है शव के खराब होने का खतरा दरअसल अदालत ने ऐसा निर्देश से इस वजह से जारी किया, क्योंकि इससे कुछ घंटे पहले ही भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिवार से शव के खराब होने की आशंकाओं के मद्देनजर उसे कब्जे में लेने का अनुरोध किया था। पुलिस ने इसकी वजह AIIMS भोपाल में बहुत कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की सुविधाओं की कमी के कारण शव के सड़ने की आशंका बताई थी। भोपाल एम्स में नहीं है -80 डिग्री के तापमान की सुविधा न पर सुरक्षित रखा गया है। जबकि शव को खराब होने से रोकने के लिए शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस (-80 डिग्री) नीचे का तापमान चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है। ट्विशा के परिजनों को भोपाल में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं बता दें कि ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु तथा प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था। मृतका की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और ट्विशा के परिजनों ने इसी कारणवश उन्होंने भोपाल में बेटी को न्याय नहीं मिलने की आशंका जताई है। अबतक नहीं हुआ है ट्विशा का अंतिम संस्कार इससे पहले एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान होने के बारे में बताया गया था, इसी आधार पर मृतका के परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे हैं। साथ ही मृतका के परिजनों का यह भी आरोप है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी समय पर एम्स नहीं ले गए, जिसके कारण डॉक्टर उस बेल्ट और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इसके अलावा परिजनों ने … Read more

शादी से लौटते वक्त गायब हुआ परिवार, 26 साल बाद नहर से मिला वैन का मलबा

रूपनगर  पंजाब के रूपनगर जिले में भाखड़ा नहर के पानी ने 26 साल पुराने एक गहरे जख्म को हरा कर दिया है. अक्टूबर 2000 में एक शादी समारोह से लौटते समय लापता हुई मारुति ओमनी वैन को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया है. 32 फुट गहरे पानी में दफन यह गाड़ी अपने साथ उस परिवार की आखिरी निशानियां भी लेकर बाहर आई है, जो दो दशक पहले अचानक गायब हो गया था।  दरअसल, बीते दिनों गोताखोर कमलप्रीत सैनी नक्कियां गांव के पास एक अन्य शव की तलाश में नहर में उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी के नीचे दबे लोहे के एक ढांचे पर पड़ी।  लंबे समय तक पानी में रहने के कारण वैन की छत और पिछला हिस्सा पूरी तरह गल चुका था. सिर्फ आगे का कुछ हिस्सा ही सुरक्षित बचा था। वैन के अगले हिस्से की तलाशी लेने पर सैनी को कुछ इंसानी कंकाल और एक बच्चे की छोटी सी शर्ट मिली. माना जा रहा है कि यह उस 8 साल के बच्चे की है जो इस हादसे का शिकार हुआ था।  परिजनों ने हार नहीं मानी। खेत बिके, पैसे खर्च हुए, प्राइवेट गोताखोर लगाए गए, नहरें खंगाली गईं, लेकिन हर कोशिश खाली हाथ लौटती रही। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया और लोगों ने इसे एक ऐसी गुमशुदगी मान लिया, जिसका सच शायद कभी सामने नहीं आएगा। लेकिन किसे पता था कि 26 साल बाद पानी की गहराई ऐसा राज उगल देगी, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। यह कहानी साल 2000 की है, जब कोटला गांव निवासी मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 साल का बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। वे तेज राम की उसी वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से करीब एक महीना पहले ही जमीन बेचकर खरीदा था। लेकिन उस रात चारों कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस से लेकर निजी स्तर तक हर कोशिश की गई, मगर गाड़ी और लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। फिर कल एक दूसरे मामले में गोताखोर भाखड़ा नहर में उतरे। तलाशी के दौरान नहर की गहराई में उन्हें एक पुरानी वैन दिखाई दी। जैसे ही वैन को बाहर निकाला गया, सबकी सांसें थम गईं। अंदर से कंकाल, यूनिफॉर्म और कई पुराने सामान मिले। इसके बाद एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और सामने आया कि यह वही वैन थी, जो 26 साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई थी। प्रारंभिक अनुमान है कि अंधेरे में लौटते समय वैन अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई होगी और अंदर बैठे चारों लोग बाहर नहीं निकल सके। पानी की तेज धारा और गहराई के कारण वाहन कभी नजर ही नहीं आया। जिस परिवार ने वर्षों तक अपने लोगों के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हें अब 26 साल बाद ऐसा सच मिला जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव में इस खुलासे के बाद हर कोई स्तब्ध है और लोग इसे “26 साल बाद पानी से निकला दर्दनाक सच” कह रहे हैं। अक्टूबर 2000 की वो मनहूस रात  घटना कोटला गांव के एक परिवार से जुड़ी है. साल 2000 में तीन पुरुष और एक 8 साल का बच्चा शादी से लौट रहे थे, तभी उनकी वैन बेकाबू होकर भाखड़ा नहर में जा गिरी।  सर्च ऑपरेशन फेल हुआ  उस समय पेशेवर गोताखोरों ने महीनों तक नहर की खाक छानी थी, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि न तो गाड़ी मिली और न ही शव।  परिजनों का अनुरोध अब गोताखोर सैनी ने जब कोटला गांव के पीड़ित परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने नम आंखों से गाड़ी बाहर निकालने का अनुरोध किया. ट्रैक्टरों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को बाहर खींचा गया।  अंतिम विदाई: प्रार्थना सभा के साथ दी गई शांति दशकों के इंतजार के बाद जब अपनों की निशानियां और अस्थियां मिलीं, तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई।  गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया, "नहर की तलहटी में बहाव बहुत तेज था, वैन को बाहर निकालना नामुमकिन-सा काम था, लेकिन परिवार की भावनाओं के लिए हमने यह जोखिम उठाया।  मंगलवार को कीरतपुर साहिब में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. 26 साल बाद परिवार को यह संतोष मिला कि अब उनके प्रियजनों का अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन धार्मिक रीति-रिवाजों से हो सकेगा। 

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.    

सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन योजना: हर साल 50 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को री-डिवेलप और आधुनिक बनाने का फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना के जरिए हर साल करीब 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने की बैठक इसे लेकर एक बैठक की है, जिसमें अधिकारियों ने परियोजना को लेकर डिटेल रिपोर्ट पेश की, जिसमें स्कूलों में मौजूद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की वर्तमान स्थिति, उनकी कमियां और सुधार का एक्शन प्लान बताया। हर साल इतने पानी का होगा संरक्षण सीएम के मुताबिक, दिल्ली में औसतन 775 मिमी बारिश होती है और करीब 2500 वर्ग फुट की छत से हर साल करीब 2 लाख लीटर पानी संरक्षित कर सकते हैं। इसे एक पांच सदस्यीय परिवार की सालाना जरूरत पूरी करने में पर्याप्त माना गया है। साथ ही हर स्कूल में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मॉडल लगाया जाएगा। क्या है सरकार का दावा सरकार का दावा है कि केवल स्कूलों की छतों से ही हर साल करीब 13 करोड़ लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है। संगठन उन्होंने बताया कि स्कूलों में गैर सरकारी 'अहसास' के मॉडल को अपनाया जाएगा, जिसे वर्ष 2021 में दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूरी दी थी। यह मॉडल कम लागत, कम जगह और लगभग शून्य रखरखाव वाला माना जाता है। इसके तहत छतों से आने वाले वर्षा जल को फिल्टर कर स्टोरेज और बोरवेल से जोड़ा जाएगा, जिससे भूजल रिचार्ज और सूखे बोरवेल को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

दीपक हत्याकांड के आरोपी का हाफ एनकाउंटर: जहानाबाद पुलिस कार्रवाई में रावण घायल

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में पुलिस ने कुख्यात किलर विक्कू सिंह उर्फ रावण का ऑपरेशन लंगड़ा के तहत हाफ एनकाउंटर कर दिया। दीपक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रावण के पैर में गोली लगी है। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी नहर के समीप एसटीएफ और रावण के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने झाड़ी में छिपाए गए हथियार से पुलिस पर गोली चला दी जो थानाध्यक्ष की गाड़ी में जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए आरोपी के पैर में गोली मार दी। जहानाबाद सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों में बिहार पुलिस ने छह बदमाशों को लंगरा बना दिया है। एसपी अपराजिता लोहानी एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ​जहानाबाद पुलिस ने भेलवार थाना इलाके में दीपक सिंह हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विक्कू सिंह उर्फ रावण को गिरफ्तार कर रिया था। गिरफ्तार विक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार की बरामद के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी। इसी दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें थानाध्यक्ष बाल बाल बच गए। विक्कू सिंह की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लग गई। उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली विक्कू सिंह के बायें पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। बिहार में पांच दिनों में पुलिस मुठभेड़ की छह घटनाओं ने अपराधियों में खौफ कायम किया है। मुठभेड़ की इन घटनाओं में पुलिस की गोली से पांच अपराधी लंगड़े हुए। खास बात है कि सभी अपराधी अलग-अलग मामलों में हत्या छिनतई और लूटकांड के आरोपित हैं। पांच दिनों की कार्रवाई 19 मई ,पटना -नीतीश कुमार : गोपालपुर में कैश वैन रोक कर 27 लाख रुपये की लूट में शामिल। लूट की राशि से आरोपित और सहयोगियों ने चार आईफोन खरीदे। 2022 में बाकरगंज में सोना लूट और 2023 में पत्रकार नगर में एक पुलिस के जवान पर गोली चलाने का आरोप।  18 मई : पटना : संदीप उर्फ बादल : अगमकुआं इलाके में शिक्षक से मोबाइल स्नैचिंग और फायरिंग। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पूर्व में भी लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप।  18 मई : सीवान : अंकित सिंह : ज्वेलर्स दुकान में लूट का आरोपित। सघन वाहन जांच अभियान के दौरान भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में घायल। पुलिस के मुताबिक रसूलपुर, मांझी, रघुनाथपुर व जीरादेई थाना में लगभग आधा दर्जन सीएसपी एवं ज्वेलरी लूटकांड से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज।  20 मई : समस्तीपुर : प्रिंस कुमार : सरायरंजन सहित लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप। छिपाये गये हथियार की निशानदेही के दौरान पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल। 21 मई : किशनगंज : पवन कुमार उर्फ चिंटू : अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना। बाइक से भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल। पटना, अररिया, मधुबनी आदि जिलों में लूट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का लगभग एक दर्जन कांडों में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास।  22 मई : जहानाबाद में कुख्यात विक्कू सिंह उर्फ रावण का हाफ एनकाउंटर। रावण दीपक सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान उसने पुलिस पर गोली चला दी। आत्म रक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग कर उसके बाएं पैर में गोली मार दी।

काउंसिल चुनाव के दौरान हंगामे पर बंटी रोमाणा के खिलाफ केस दर्ज

फरीदकोट फरीदकोट थाना सिटी पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। उन पर नगर काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया के दौरान सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।   कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे और कर्मचारियों व ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से बहस करते हुए कथित तौर पर धमकियां दीं। दस मामले के बाद फरीदकोट में राजनीतिक माहौल फिर गर्मा गया है।  फरीदकोट में पहले से ही अकाली दल के जिला अध्यक्ष शहरी सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में एक दिन पहले थाने समक्ष धरने में सुखबीर बादल भी पहुंचे थे। 

मंत्री कपिल मिश्रा का बड़ा ऐलान, दिल्ली में किन जानवरों की नहीं होगी कुर्बानी

नई दिल्ली बकरीद के मद्देनजर दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पशु कल्याण संबंधी कानूनों के सख्त पालन के सख्त निर्देश दिए हैं। कपिल मिश्रा ने गाय, बछड़े, ऊँट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करने का निर्देश जारी किया है। बकरीद पर नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और पशुओं की खरीद-बिक्री को गैरकानूनी है, ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि अवैध पशु परिवहन, अवैध कुर्बानी और पशु क्रूरता के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध कपिल मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंधित जानवरों की लिस्ट भी बताई और कहा कि इन जानवरों की कुर्बानी नहीं की जा सकती है। कपिल मिश्रा ने कहा बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट की कुर्बानी पूरी तरह गैर कानूनी है, ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों सड़कों गलियों में भी कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस दौरान वैध स्थलों पर ही कुर्बानी की इजाजत है। अवैध खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने और करने की कोशिश करने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी करने के बाद नालियों और सड़कों पर कचरा फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि इस दौरान सीवर में वेस्ट और खून को बहाने पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल वैध स्थलों पर ही की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि कानून का पालन ना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस की अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि अगर वो किसी तरह से इस गाइडलाइन का उल्लंघन देखते हैं तो पुलिस को सूचित करें, आरोपियों पर कार्रवई की जाएगी।