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योगी सरकार की बड़ी पहल: सर्वोदय विद्यालयों के 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ मिलेगा हुनर

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत प्रदेश के 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशिक्षण का लक्ष्य 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को सौंपा गया है। सभी चयनित संस्थाओं को प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, उनका अनुमोदन कराने, विद्यार्थियों का पंजीकरण करने और बैच गठित करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करनी होगी। 30 सितंबर 2026 तक सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है। शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल पर जोर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का उद्देश्य सर्वोदय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसे कौशल से जोड़ना है, जो उन्हें भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के अवसरों के लिए तैयार कर सकें। विद्यार्थियों को उनकी रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के अनुसार अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। योगी सरकार की कौशल विकास नीति के तहत यह पहल युवाओं को शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। स्कूल स्तर पर ही विद्यार्थियों को व्यावहारिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ भविष्य के लिए आवश्यक दक्षताएं विकसित करने में मदद मिलेगी। एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बैच का आकार भी निर्धारित किया गया है। एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल होंगे, जबकि प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। इससे विद्यार्थियों को नियमित स्कूली शिक्षा प्रभावित किए बिना कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। मिशन का जोर केवल प्रशिक्षण शुरू कराने पर ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी है। प्रशिक्षण प्रदाता को मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा कर उसकी पुष्टि करानी होगी। इसके बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) को बैच गठित करने की अनुमति दी जाएगी। मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए बैच को मंजूरी देने से पहले NCVET और NQR पोर्टल पर संबंधित जॉब रोल की जांच की जाएगी। इसके बाद केवल वैध और मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। पोर्टल पर भी उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी दी जाएगी, जो संबंधित प्रशिक्षण संस्था को आवंटित किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर मिलेगी पाठ्य सामग्री विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी। विद्यार्थियों को सामग्री दिए जाने की हस्ताक्षरित रसीद और तस्वीरें भी मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए भुगतान भी निर्धारित कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स के अनुसार किया जाएगा। समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर मिशन का जोर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा और नियमों के अनुरूप पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मिशन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तव में उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण कौशल हासिल हो। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ हुनर में दक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूल में ही कौशल प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आगे रोजगार एवं बेहतर करियर के अवसरों के लिए अधिक सक्षम बनेंगे। कोट हमारा लक्ष्य है कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से विद्यार्थी स्कूली शिक्षा के साथ हुनर में कुशल हो सकें, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें। स्कूल में ही कौशल से जुड़ने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे रोजगार व बेहतर करियर के अवसरों के लिए वे अधिक सक्षम बन सकेंगे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को इस पहल का पूरा लाभ मिले। *- पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन*

सागर शराब कांड में पुलिस पर गिरी गाज, बंडा TI-चौकी प्रभारी निलंबित; 20 पर केस दर्ज

सागर  मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा ब्लाक क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से आठ गांवों के 14 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही 190 लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। उनमें से सात लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जिस शराब ने इतने लोगों की जान ली है, वह सरकारी दुकानों, किराना दुकानों और कमीशन एजेंटों से खरीदी गई थी। घटना के बाद शासन ने आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, जिले के आबकारी उपायुक्त को हटा दिया गया है। पुलिस ने बरेठी के शराब ठेकेदार यशवंत ठाकुर, गद्दीदार आशीष साहू और मनीष लोधी समेत अवैध शराब का काम करने वाले 20 लोगों के विरुद्ध एक एफआईआर की है। 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। बंडा की अधिकांश शराब दुकानों को सील भी कर दिया है। शराब में मिथाइल अल्कोहल की मिलावट प्रशासन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि लोगों ने सागर गोल्ड नाम की देसी ब्रांड की नकली शराब पी थी, जो उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सप्लाई की गई थी। अब तक जिन मृतकों का पोस्टमार्टम हो चुका है, उसकी रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल के सेवन से मौत की बात सामने आई है। शनिवार रात बंडा क्षेत्र के गूगरा, नौराज, दलपतपुर, पाटन, चौका-छपरी, बमूरा, लिधौरा और रावरा गांवों में शराब पीकर घर लौटे लोगों की तबीयत खराब होने लगी। उन्हें चक्कर आने शुरू हुए, उसके बाद उल्टी होने लगी। कई लोग बेहोश हो गए। देखते ही देखते अस्पताल में ऐसे मरीजों की भीड़ लग गई। 190 लोग भर्ती, 7 की हालत गंभीर बंडा सिविल अस्पताल में हालात ऐसे बने कि एक बेड पर दो मरीजों लिटाकर इलाज करना पड़ा। मरीजों को जब तक संभाला जाता तब तक सात लोगों की मौत हो गई। उसके बाद गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। रविवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो चुकी थी। वहीं, 190 से ज्यादा लोगों को बंडा स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और बीएमसी में भर्ती कराया जा चुका था। अभी भी सात लोगों की हालत गंभीर हैं, जिन्हें आइसीयू में रखा है। मृतकों में अधिकांश युवा हैं। उप्र के ललितपुर से आई थी नकली शराब की खेप जिस शराब को पीने के बाद लोगों की मौत हुई, वह सागर गोल्ड देसी शराब की कापी बताई जा रही है। यह खेप उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आने की बात सामने आई है। राठौर डिस्टलरी के संचालक शुवेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही आबकारी विभाग में सागर गोल्ड और बाम्बे व्हिस्की की कापी बनाए जाने की शिकायत की थी। उनका कहना है कि एथेनाल में 99.9 प्रतिशत अल्कोहल होता है, जबकि मिथाइल अल्कोहल जहरीला होता है और इसके इस्तेमाल से जान जाने का खतरा रहता है। आबकारी और पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय से अटैच किया गया है। वहीं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही के आरोप में बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरनलाल लड़िया को भी निलंबित कर दिया है। पहले भी मौतों की बात आई, प्रशासन ने स्वीकारा नहीं सागर में पहले भी नकली शराब से लोगों की मौत का मामला पहले भी सामने आया था। मकरोनिया क्षेत्र में 2022 में 10 लोगों की मौत का आरोप लगा। इसे अवैध शराब की आशंका से जोड़कर देखा गया था। इसकी जांच भी हुई, लेकिन प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया।     मामले में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। बंडा के अलग-अलग इलाकों से अमानक शराब भी जब्त की गई है। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। – अनुराग सुजानिया, पुलिस अधीक्षक, सागर  

बिहार में बाढ़ का कहर, 11 जिलों की 330 पंचायतें प्रभावित; NDRF-SDRF की 37 टीमें तैनात

पटना  बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्य में जुटा हुआ है। प्रभावित आबादी को तत्काल सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से राज्यभर में कई त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 110 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 1.98 लाख लोगों को गर्म और पौष्टिक भोजन कराया जा चुका है। इसके साथ ही, विस्थापित लोगों के लिए 01 राहत शिविर भी शुरू किया गया है, जहां 326 बाढ़ शरणार्थियों के रहने, भोजन और चिकित्सा देखभाल की पुख्ता व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जमीनी स्तर पर राहत सामग्री का वितरण तीव्र गति से किया जा रहा है। ऐसे परिवारों को तात्कालिक आश्रय और खान-पान की सुविधा देने के लिए अब तक लगभग 55,500 पॉलीथीन शीट और 10,400 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। जलभराव वाले इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राज्य भर में कुल 1,345 नावों को परिचालित किया गया है। मौजूदा समय में राज्य के 11 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों की लगभग 19.57 लाख आबादी जलभराव से प्रभावित है, जहां प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। NDRF और SDRF की टीम तैयार साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने और त्वरित राहत-बचाव कार्य के लिए राज्य में एनडीआरएफ (एनडीआरएफ) की 10 टीमें और एसडीआरएफ (एसडीआरएफ) की 27 टीमें विभिन्न प्रभावित जिलों में तैनात की गई हैं। नदियों के जलस्तर पर भी लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। 6 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार, वाल्मीकिनगर बराझ पर गंडक नदी का जलस्राव 1,29,000 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति स्थिर बनी हुई है। वहीं, वीरपुर बराझ पर कोसी नदी का जलस्राव 1,73,255 क्यूसेक है। सोन नदी के इन्द्रपुरी बराझ पर जलस्राव 2,27,717 क्यूसेक दर्ज हुआ है, जिसमें घटने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती जैसी नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। वर्षापात के आंकड़ों के अनुसार, 01 जून से 06 सितंबर के दौरान राज्य में औसतन 590.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बिहार मौसम सेवा केन्द्र के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए हैं और हर प्रभावित नागरिक तक त्वरित राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका रविवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।       राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।  इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ को शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।         कार्यक्रम में संभागायुक्त  सुनील जैन, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर मानव संसाधन  बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी  हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी गण एवं डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

बंडा थाना प्रभारी और गुगरा चौकी प्रभारी निलंबित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौतों के मामलों मे सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आबकारी आयुक्त  दीपक सक्सेना ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। पुलिस विभाग ने भी इस प्रकरण में बंडा थाना प्रभारी  राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी एसआई  पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार, 6 सितंबर की सुबह ही स्पष्ट रूप से कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। शराब के मामले में दु:खद घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आबकारी आयुक्त  दीपक सक्सेना ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में समान रूप से जिम्मेदार मानते हुए उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा वास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई सख्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह संवेदनशील मामला है नई दिल्ली प्रवास के दौरान यह मामला संज्ञान में आते ही मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारी दल ने प्रभावित परिजन से भी मुलाकात की थी। अधिकारी दल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और आवश्यक उपचार तत्काल करने के निर्देश दिये।  

सुकमा पुलिस की अपील पर एआर रहमान का साइबर सेफ्टी संदेश, कहा- ‘Stay Alert, Stay Aware, Stay Safe’

सुकमा  छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस की अपील पर मशहूर गायक और संगीतकार एआर रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील। एआर रहमान ने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी अनजान कॉल या मैसेज पर बिना जांचे भरोसा न करें। इसी के साथ उन्होंने लोगों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक 'साइबर जागृति अभियान' चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। नए तरीकों से होने वाली ठगी को लेकर जागरूकता पुलिस के मुताबिक, अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि एआर रहमान जैसे लोकप्रिय कलाकार का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचेगा और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। SP की देखरेख में चल रहा अभियान अभियान सुकमा एसपी मयंक गुर्जर की देखरेख में चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की की देखरेख में जिले में साइबर जागरूकता से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। OTP और PIN किसी से शेयर न करें सुकमा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना जांचे क्लिक न करें और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। अभियान के तहत पुलिस ने लोगों से अपील की है- "साइबर जागरूक बनें, सुरक्षित डिजिटल भविष्य से जुड़ें।" सुकमा पुलिस की अपील पर मशहूर गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक 'साइबर जागृति अभियान' चला रही है। इसका मकसद लोगों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाना है। पुलिस के मुताबिक, ए.आर. रहमान ने अपने संदेश में लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सावधान रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित व जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि इस मशहूर कलाकार का संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा और साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह अभियान एसपी मयंक गुर्जर की देखरेख में चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की की देखरेख में जिले में जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। इस अभियान का मकसद लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों से सावधान करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को एक बड़ा अभियान बनाना है। सुकमा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। किसी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना जांचे क्लिक या भरोसा न करें। ऑनलाइन लेन-देन के दौरान खास सावधानी रखें। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जानकारी देने को कहा गया है। पुलिस ने अभियान का संदेश दिया है: "साइबर जागरूक बनें, सुरक्षित डिजिटल भविष्य से जुड़ें।"  

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर जब्त

रायपुर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में की गई है। खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं मैदानी निगरानी के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के तहत ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2, चिचगोहना से 1, कोरजा से 1 तथा लालपुर से 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। इसके अलावा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। पुलिस थानों और चौकी में सुरक्षित रखे गए जब्त वाहन खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें से 4 ट्रैक्टर गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है। जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा प्रकरणों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मैदानी स्तर पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वाहनों को जब्त किया गया।  मैदानी अमले की सतत निगरानी से अवैध परिवहन पर शिकंजा कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर, खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे, साहिब गनी एवं सतीश साहू, नगर सैनिक शामिल रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने खनिज नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही खनिजों के परिवहन की अपील की है। शिकायत से कार्रवाई तक—प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर जांच कर  नागरिकों द्वारा उठाए गए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मैदानी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन जैसे मामलों में ऐसी कार्रवाई से राजस्व संरक्षण के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उदयपुर में परिवार के सामाजिक बहिष्कार का मामला, 5 पंचों समेत 6 लोगों पर केस दर्ज

उदयपुर उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र के भुताला गांव में मंदिर में प्रसादी करने पर एक परिवार का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 5 पंचों सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि समाज के लोगों ने परिवार पर 1 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और राशि नहीं देने पर परिवार को समाज से अलग कर दिया। पीड़ित गणेश सिंह ने बताया कि 24 मई 2026 को गांव के मंदिर में प्रसादी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के बाद आरोपी किशोर सिंह, तेज सिंह, नवल सिंह, मोहन सिंह, भैरू सिंह, चंदन सिंह, राम सिंह, काल सिंह, लहर सिंह, कान सिंह और धर्मेंद्र सहित अन्य लोगों ने आपत्ति जताई। पीड़ित के अनुसार, अगले दिन पंचायत बुलाकर 1 लाख 51 हजार रुपए जुर्माना भरने को कहा गया। राशि देने में असमर्थता जताने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। विरोध करने पर मारपीट का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया कि परिवार को समाज के अन्य लोगों से मेल-जोल और संपर्क नहीं रखने की हिदायत दी गई। मंदिर सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने से भी रोका गया। रिश्तेदार की मौत होने पर श्मशान में भी जाने नहीं दिया गया। आदेश का विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस संबंध में एएसआइ विनेश कुमार ने बताया कि शनिवार को पंचायत के पांच प्रमुख पंचों सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वाकली पुलिया से नदी में गिरी श्रद्धालुओं की जीप एक अन्य खबर के अनुसार धरियावद-उदयपुर-बांसी मार्ग पर वाकली पुलिया के समीप शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप शनिवार तड़के अनियंत्रित होकर पुलिया से सीधे नीचे सुखली नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि हादसे में सभी 10 यात्री समय रहते वाहन से बाहर निकल गए। पुलिस के अनुसार मूंगाणा के समीप कुंडी गांव निवासी श्रद्धालु श्री सांवलिया जी के दर्शन कर जीप से अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान शनिवार तड़के करीब 4 बजे वाकली पुलिया के पास घुमावदार मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा और जीप नदी में जा गिरी। हादसा होते ही जीप में सवार यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत एक दूसरे का हाथ पकड़कर तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जिस जगह ये हादसा हुआ वो जंगल का क्षेत्र होने एवं मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण हादसे की सूचना काफी देर से पुलिस को मिली।

CISF समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों में बड़ा बदलाव, 6 IPS अधिकारी बने स्पेशल DG

 रांची  केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय और कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 1995 बैच के छह भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को स्पेशल महानिदेशक और संबंधित पदों पर नियुक्त किया है। सीआईएसएफ मुख्यालय ने सेक्टर स्तर पर भी नए अधिकारी तैनात किए हैं। झारखंड कैडर से भी एक अधिकारी सीआईएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर गए हैं। ओडिशा कैडर के 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी पदमाकर एस. रानीप्से (पूर्व में सीआईएसएफ के अपर महानिदेशक) को सीआईएसएफ के स्पेशल महानिदेशक के पद पर इन-सिटू आधार पर नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 31 मई 2028 (सेवानिवृत्ति की तिथि) या अगले आदेश तक रहेगा। इस नियुक्ति के लिए उनके पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है। अन्य पांच अधिकारियों की नियुक्तियां- संदीप खिरवार (हरियाणा कैडर, 1995) को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का स्पेशल महानिदेशक (31 मई 2033 तक) पुनीत रस्तोगी (त्रिपुरा कैडर, 1995) को सीमा सुरक्षा बल का स्पेशल महानिदेशक (30 जून 2030 तक) सतीश श्रीरामाजी खंडारे (एजीएमयूटी कैडर, 1995) को सीमा सुरक्षा बल का स्पेशल महानिदेशक (30 जून 2031 तक) राजेश कुमार (एजीएमयूटी कैडर, 1995) को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का स्पेशल महानिदेशक (दो वर्ष के लिए इन-सिटू) जग मोहन (बिहार कैडर, 1995) को खुफिया ब्यूरो में स्पेशल निदेशक (30 जून 2031 तक) ये अधिकारी अपने वर्तमान पदों से मुक्त होकर केंद्रीय सुरक्षा संगठनों में कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस कदम का उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाना है। इससे पहले 1 सितंबर 2026 से सीआईएसएफ में सेक्टर स्तर पर भी बदलाव हुए। हिमांशु पाण्डेय ने सेंट्रल सेक्टर भिलाई के महानिरीक्षक का कार्यभार संभाला। पूर्व महानिरीक्षक निलिमा रानी सिंह 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो गईं। दिल्ली मुख्यालय में एयरपोर्ट सेक्टर की अपर महानिदेशक विनिता ठाकुर (राजस्थान कैडर, 1996 बैच) को अगले आदेश तक अपर महानिदेशक नॉर्थ सेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पूर्व अपर महानिदेशक सुधीर कुमार भी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए थे। सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों सुधीर कुमार और निलिमा रानी के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित कर उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान किए और उनके कार्य की सराहना की। झारखंड कैडर से भी सीआईएसएफ में प्रतिनियुक्ति हुई है। जून 2026 में झारखंड कैडर के 2011 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी चंदन कुमार झा को सीआईएसएफ में उप महानिरीक्षक के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई थी। वे पहले झारखंड पुलिस में अपराध अनुसंधान विभाग के उप महानिरीक्षक थे। झारखंड पुलिस की सिविल लिस्ट में भी उनका वर्तमान पद उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ दर्शाया गया है। ये बदलाव सीआईएसएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नेतृत्व को मजबूत करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

एआईएम कांग्रेस 2026 में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार से 9 सितंबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात के दुबई यात्रा पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एआईएम कांग्रेस-2026 में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश संपर्कों को सुदृढ़ करने, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष राज्य की आर्थिक एवं औद्योगिक क्षमताओं को प्रस्तुत करने और नई निवेश साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक आधार और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों को वैश्विक उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। यात्रा के दौरान ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश' विषय पर विशेष सत्र भी प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत के तेजी से उभरते औद्योगिक और निवेश गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। राज्य में उपलब्ध संसाधन, बेहतर आधारभूत संरचना, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के लिए विकसित सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं। हमारा प्रयास है कि वैश्विक निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित कर मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई यात्रा मध्यप्रदेश और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगी। वैश्विक निवेशकों और उद्योग समूहों के साथ होने वाली बैठकें प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क एवं सहभागिता को बढ़ावा देना भी है। यात्रा में संयुक्त अरब अमीरात सरकार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में पार्टनर कंट्री के रूप में आमंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह, वैश्विक नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रमों तथा विभिन्न निवेश और व्यावसायिक बैठकों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश मंडप का अवलोकन भी करेंगे और वैश्विक कॉर्पोरेट समूहों के साथ वन-टू-वन बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दुबई यात्रा के दौरान सरकारी एवं व्यावसायिक स्तर की बैठकों के साथ राष्ट्र प्रमुख और संस्थागत निवेशकों के साथ राउंड टेबल बैठक भी प्रस्तावित है। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं तथा दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेजबानी में बिजनेस लीडर्स लंच तथा निवेशकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। 8 सितंबर को 'इन्वेस्ट मध्यप्रदेश : इंटरएक्टिव सेशन' के माध्यम से चुनिंदा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इस दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और विभिन्न उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी स्थापित करना है। प्रदेश में निवेश के माध्यम से उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई यात्रा से मध्यप्रदेश की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलने तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ नए आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग के अवसर बढ़ेंगे। यह यात्रा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।