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“सेवा, जनसंवाद और जनभागीदारी का संदेश लेकर आगे बढ़ रही सेवा संकल्प यात्रा” — राज्य मंत्री जायसवाल

अनूपपुर   ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा के तहसील कोतमा क्षेत्र में प्रवेश करने पर ग्राम पंचायत छुल्हाटोला के ग्राम बिझहाटोला स्थित सेमरिया चौक पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने सेवा यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद यात्रा देवगांव, पिपरिया, बंजारी चौक, गोविंद मनिहारी रोड एवं बिरसा मुंडा चौक सहित विभिन्न स्थानों से होकर आगे बढ़ी, जहां नागरिकों ने पुष्पमाला एवं पुष्पवर्षा कर उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। बिरसा मुंडा चौक पर महापुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यात्रा पथरौडी तिराहा, बैरियर एवं बेहाटोला होते हुए बेलियाछोट स्थित वेयरहाउस के पास पहुंची। यहां भी नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर सेवा यात्रियों का स्वागत किया।बेलियाछोट में आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। चौपाल को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा सेवा, जनसंवाद, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष देश और जनता की सेवा के लिए समर्पित किए हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य मंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता, आंगन मिलन सहित विभिन्न जनसेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं एवं नागरिकों से इन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बलवीर रमन, नगर पालिका बिजुरी की अध्यक्ष सहबिन पनिका, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा टी.आर. नाग सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी का बयान- ग्राम स्वराज में परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं

हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा   2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही   57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर   11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है।   ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।

PM सूर्यघर योजना का लाभ लेने का मौका, महराजगंज में लगेगा 3 दिवसीय शिविर; रूफटॉप सोलर के लिए करें आवेदन

महराजगंज प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय जन-जन तक सौर ऊर्जा, हर घर में उजाला सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। पांच से सात अक्टूबर 2026 तक विकास भवन परिसर में लगने वाले शिविर में लोगों को योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा। यूपीनेडा एवं डिस्काम की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक चैनलों, डिजिटल माध्यमों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास होगा। शिविर में पहुंचकर लोग सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।  

पिता ने कर्ज लेकर दिलाया धनुष, बेटी कीर्ति शर्मा ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया जींद का मान

जींद. हरियाणा के जींद जिले का छोटा सा गांव रिटोली उस समय ख़ुशी से सराबोर हो उठा, जब एशियन गेम्स 2026 से तीरंदाजी में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की खबर आई. गांव की बेटी कीर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम इवेंट में अपनी साथियों अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में दक्षिण कोरिया को पराजित कर यह स्वर्णिम इतिहास रचा है. जैसे ही कीर्ति के स्वर्ण पदक जीतने की सूचना गांव पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. बता दें, भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियां लगातार स्वर्णिम प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ा रही हैं. कीर्ति की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का वर्षों का संघर्ष और त्याग छिपा है. माता गुड्डी देवी ने नम आंखों से यादों के पन्ने पलटते हुए बताया कि कीर्ति की प्रतिभा की पहचान पिल्लूखेड़ा मंडी के एफएस स्कूल में हुई थी. शुरुआत में वह एथलेटिक्स में दौड़ लगाया करती थी. कोच ऊधम सिंह ने जब उनके स्टैमिना और एकाग्रता को देखा, तो उसे तीरंदाजी में किस्मत आजमाने की सलाह दी. बेटी के गोल्ड जीतने  के बाद उनकी मां गुड्डी देवी बताती हैं,"हमारे पास तो इतने पैसे भी नहीं थे. हमने सोचा छोटा-मोटा खेल होगा. पहली बार ₹5,000 का लकड़ी का धनुष उधार पैसे लेकर खरीदकर दिया था. जब उसकी कला में निखार आया तो कोच के कहने पर ₹55,000 का प्रोफेशनल धनुष आढ़ती से कर्ज लेकर लाए." कीर्ति के पिता विजय कुमार, जो महज तीन एकड़ जमीन पर खेती करके परिवार का गुजर-बसर करते हैं, बताते हैं कि जब बच्ची का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के पद्मा हजारीबाग (झारखंड) केंद्र में हुआ, तब उसके अभ्यास के लिए ₹55,000 का नया धनुष भी आढ़ती से ब्याज पर पैसे उठाकर दिलाना पड़ा. पिता ने भावुक होते हुए कहा,"जब बेटी का फोन आया कि 'पापा, हमने कोरिया को हराकर गोल्ड जीत लिया है', तो एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ. उस वक्त मैं खेत में धान की कटाई की तैयारी कर रहा था. 3 एकड़ जमीन में बच्चों को पढ़ाया और इस मुकाम तक पहुंचाया. आज बेटी ने सारा कर्ज चुकता कर दिया."  कीर्ति बीते 4 सालों से परिवार और घर त्यागकर झारखंड में इंटरनेशनल कोच ऊधम सिंह के मार्गदर्शन में दिन-रात कड़ा अभ्यास कर रही थी. घर पर पोती की जीत की सूचना सबसे पहले उनके भाई ने हरिद्वार से दी, जो वहां रहकर जेईई की पढ़ाई कर रहे हैं. दादा रामजवारी और दादी लखपति देवी ने खुशी जताते हुए कहा,"बेटी ने पूरे देश और हरियाणा का नाम पूरे विश्व में ऊंचा कर दिया है. हमारी पोती ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों तो गांव की गलियों से निकलकर भी दुनिया जीती जा सकती है." गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में जींद जिले के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है. कीर्ति शर्मा से पहले निशानेबाज नीरू ढांढा दो स्वर्ण पदक, जुलाना की पूजा कबड्डी में स्वर्ण पदक और अलेवा के हिमांशु रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं.

झारखंड के 100 नए CM स्कूलों में Smart Class से Vocational Lab तक, CBSE संबद्धता पर जोर

रांची  रांची में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) की ओर से धुर्वा स्थित प्रेक्षागृह में नव चयनित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (सीएम-एसओई) के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के लिए राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इन स्कूलों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी. कार्यक्रम में आदर्श विद्यालय योजना के विजन और मिशन को लागू करने, स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया, शैक्षणिक व भौतिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पहले से चल रहे सीएम स्कूलों के अनुभवों पर चर्चा हुई. विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर अपनाएं शिक्षण पद्धति जेईपीसी के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एसपीडी) शशि रंजन ने सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की रणनीति की जानकारी दी. उन्होंने नये 100 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने, विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण पद्धति अपनाने और सीबीएसई संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया. CBSE संबद्धता के लिए 90 दिन का एक्शन प्लान जेईपीसी के विशेषज्ञों ने स्कूलों के संचालन और विकास से जुड़े विषयों पर कार्ययोजना प्रस्तुत की. पीएमयू के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट डॉ मनोहर लाल ने सीबीएसई संबद्धता के लिए जरूरी मानकों, दस्तावेजों और शैक्षणिक मापदंडों की जानकारी दी. उन्होंने तीन माह की कार्ययोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी. मजबूत होगी स्कूलों की आधारभूत संरचना सिविल वर्क मैनेजर किरण सिन्हा ने कक्षा-कक्षों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों, चारदीवारी और अन्य संरचनात्मक सुधारों की जानकारी दी. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया गया. स्मार्ट क्लास और ICT पर जोर एसीपी संजीव कुमार गुप्ता ने स्कूलों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी. स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल कंटेंट और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति बतायी गयी. व्यावसायिक शिक्षा और लैब विकसित करने की योजना व्यावसायिक शिक्षा के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों में विशेष व्यावसायिक लैब स्थापित करने और रोजगारोन्मुखी कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है. पुराने सीएम स्कूलों के प्राचार्यों ने साझा किये अनुभव कार्यक्रम में पहले से संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने स्कूल के विकास के दौरान सामने आयी चुनौतियों, समुदाय की भागीदारी और संस्थागत बदलाव से जुड़े अनुभव नये स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ साझा किये. जेसी बोस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, गिरिडीह के प्रधानाध्यापक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, बीपीएम सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस, जमशेदपुर की प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी और जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, लातेहार की प्रधानाध्यापिका तृप्ति भारती ने अपने अनुभव बताये. 100 प्रधानाध्यापकों ने पूछे सवाल कार्यक्रम के दौरान 100 नये सीएम स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया. इसमें सीबीएसई संबद्धता में आने वाली समस्याओं, प्रशासनिक प्रबंधन, आधारभूत संरचना और कार्यों की समय सीमा से जुड़े सवालों का समाधान किया गया. कार्यक्रम के समापन पर जेईपीसी के डिप्टी डायरेक्टर सह सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नोडल पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संबोधन किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया. उन्होंने आदर्श विद्यालय योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को मुख्य उद्देश्य बताते हुए सभी प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया.

पंजाब में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF ने 2 पाकिस्तानियों को मार गिराया

तरनतारन. BSF ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, खेमकरण सेक्टर के गांव राजोके के पास 2 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय बॉर्डर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान एक किसान ने बॉर्डर पर तैनात BSF को बॉर्डर पर कुछ हलचल होने की जानकारी दी। इसके बाद जवानों ने सतर्कता दिखाई और चिल्लाकर चेतावनी दी। चेतावनी के बावजूद भी लोग भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश करते रहे, जिस पर BSF ने कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों पर फायरिंग की। घटना के बाद बॉर्डर इलाके में सुरक्षा एजेंसियां ​​सतर्क हो गई हैं। इस संबंध में BSF, खुफिया एजेंसियों और खालरा थाने की पुलिस ने मिलकर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, BSF ने मृतकों की पहचान और उनके पास से बरामद सामान के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है।

झांसी की महिला को पन्ना की खदान में एक साथ मिले 4 हीरे, कुल वजन 5 कैरेट से ज्यादा

  मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती एक बार फिर बेशकीमती हीरों को लेकर सुर्खियों में है। यहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला की किस्मत उस वक्त चमक उठी, जब उसे एक ही खदान से एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन पांच कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। महिला ने सभी हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। जानकारी के अनुसार, पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में स्थित निजी खदान में उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गुड्डी श्रीवास ने हीरा तलाशने के लिए खदान लगाई थी। लंबे समय से मेहनत कर रही गुड्डी श्रीवास को आखिरकार वह सफलता मिल गई, जिसका इंतजार हीरा खदान में काम करने वाले हर व्यक्ति को रहता है। खदान में काम के दौरान गुड्डी श्रीवास को एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन 5 कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। जैसे ही हीरे मिलने की जानकारी सामने आई, महिला और उसके परिवार में खुशी का माहौल बन गया। गुड्डी श्रीवास ने हीरों को अपने पास रखने के बजाय नियमानुसार पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा कराया है। अब इन हीरों को आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी के बाद इनकी वास्तविक कीमत सामने आएगी। फिलहाल इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। झांसी से आकर पन्ना में लगाई खदान गुड्डी श्रीवास का कहना है कि वह झांसी की रहने वाली हैं और पन्ना में रहकर हीरा खदान में काम कर रही थीं। एक साथ चार हीरे मिलने से वह बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हीरों की नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर-गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करने में करेंगी। रातों-रात बनी लखपति पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सरकोहा की निजी खदान में गुड्डी श्रीवास को मिले चार हीरे भी इसी उम्मीद की कहानी बयां कर रहे हैं। अब सभी की नजर इन हीरों की नीलामी पर है, जहां इनकी वास्तविक कीमत तय होगी।  

यूथ कांग्रेस चुनाव पर अजय चंद्राकर के सवाल, चंदे से सदस्यता और फर्जी वोटिंग का आरोप

रायपुर. छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने यूथ कांग्रेस में कथित फर्जी वोटिंग और फंडिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस में चंदे के जरिए सदस्यता दी जा रही है और चुनाव प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कथित गड़बड़ियां कांग्रेस पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को प्रभावित कर रही हैं। जनमानस पर पड़ रहा सिस्टम का असर- अजय चंद्राकर चंद्राकर ने कांग्रेस की आंतरिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर चल रहे इस तरह के कथित सिस्टम का असर जनमानस पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को रोकने और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यूथ कांग्रेस में कथित फर्जी वोटिंग के साथ-साथ सदस्यता और फंडिंग से जुड़े मामलों की भी CBI जांच की मांग की है।

भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री

खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन  एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर दी पुष्पांजलि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी किया याद सीएम ने जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया।  भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।  स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।  हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम  सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला।  ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना।  भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

गांधी जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे CM यादव, चरखा चलाकर दिया स्वदेशी का संदेश

खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे मुख्यमंत्री राष्ट्रपिता को नमन किया, चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजिटर बुक में लिखा संदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाकर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजि़टर बुक में अपना अनुभव संदेश भी अंकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खादी वस्त्रों के निर्माण से लेकर उनकी मार्केटिंग और इन वस्त्रों के विक्रय की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार आए खरीदारों से चर्चा की और कहा कि खादी से प्रेम बनाए रखें, हमेशा खादी अपनाएं और स्वदेशी की ओर बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हम सबको वोकल फॉर लोकल होने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की। गांधी जयंती के अवसर पर आज खादी वस्त्रों की खरीदी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने खरीदारी कर यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश अंकित करते हुए लिखा कि – आजादी के पूर्व स्वालंबन एवं ग्राम स्वराज के साथ आजादी की ललक लिये, देशभर में महात्मा गांधी ने खादी तथा सूत कातते हुये जो देशभक्ति और जनभावनाओं की जो अलख जगाई, वह कालातीत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: इसी भाव को पुर्नस्थापित करते हुए खादी के प्रति पूरे देश का प्रेम एवं अपनत्व जोड़ा है। आइये हम सब खादी अपनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी को मूलमंत्र बनाया था। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बहिष्कार कर कपास से निर्मित स्वदेशी खादी को प्रोत्साहित किया। ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने के लिए यही खादी गांधी जी का अमोघ अस्त्र सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। स्वदेशी खादी को प्रोत्साहन मिलने से हमारी भारतीय मुद्रा देश से बाहर नहीं जाती है और इसी से हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खादी वस्त्र निर्माण से जुड़े नागरिक स्वाभिमान के साथ जीवन जियें, इस भाव को बनाए रखने के लिए गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी खादी और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार में खरीदारी कर रहे लोगों से चर्चा की और खादी के प्रति लगाव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीदारी कर रही सुविजयलक्ष्मी यादव से पूछा किस कक्षा में पढ़ती हो ? बालिका ने बताया सर, मेरा आज ही बीएससी बीएड का रिजल्ट आया है, जिसमें वह पास हो गई है। इसपर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्न होकर विजयलक्ष्मी को आशीर्वाद देकर उपहार स्वरूप अपना पेन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधि एवं खादी भंडार के स्टाफर्स उपस्थित थे।