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पीएम मोदी की अपील के बाद राजस्थान में ईंधन बचत पर सख्ती

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. सीएम भजनलाल ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है. मुख्यमंत्री का यह फैसला पीएम मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल डीजल की बचत करने की अपील की थी. पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी ने की अपील प्रधानमंत्री मोदी ने पहले हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान इस तरह की अपील की. इसके बाद फिर 24 घंटे के बाद अंदर गुजरात के वड़ोदरा से दोबारा वही अपील की. प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ईंधन के बचत की दिशा में आवश्यक कदम उठाया है. खुद के काफिले में वाहन कम करने के निर्देश मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने काफिलों में कम से कम वाहनों का उपयोग करें. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक वाहन प्रयोग नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर भी मितव्ययता अपनाई जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.

जल्द जारी होंगे एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों को वेबसाइट चेक करने की सलाह

रांची  सेना भर्ती कार्यालय रांची ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए काॅमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा 1 जून से 15 जून तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए होगी जिन्होंने अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। भर्ती कार्यालय के अनुसार सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जल्द ही ज्वाइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। परीक्षा का आयोजन एडमिट कार्ड में अंकित तिथि, समय और परीक्षा केंद्र के अनुसार किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रिंटेड एडमिट कार्ड, मूल फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा एडमिट कार्ड में उल्लिखित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। दलालों से सावधान रहने की चेतावनी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी रांची स्थित आर्मी आफिस से संपर्क कर सकते हैं अथवा जेएलएक पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत या प्रश्न दर्ज कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को दलालों और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय सेना में चयन पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

पंजाब सरकार में बड़ा बदलाव: अमन अरोड़ा बने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज उद्योग भवन, चंडीगढ़ में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। अरोड़ा पहले से ही रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बनाना है। इसके लिए लालफीताशाही खत्म कर टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और हर औद्योगिक विस्तार में स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य अब कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जिससे राज्य में सर्कुलर अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति अधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए। पदभार ग्रहण करने के बाद, अरोरा ने मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रति उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता लालफीताशाही को कम करके, टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा देकर और यह सुनिश्चित करके कि प्रत्येक औद्योगिक विस्तार से स्थानीय रोजगार सृजित हों, पंजाब को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना होगा। इसके अलावा, औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और शासन सुधार को जोड़ने वाला एक सुचारू तंत्र तैयार करना भी उनकी प्राथमिकता होगी। अमन अरोरा ने कहा, "मेरा लक्ष्य पंजाब को 'व्यवसाय करने में आसानी' के लिए एक आदर्श बनाना है, साथ ही हमारे युवाओं के लिए सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार सृजित करना है।" उन्होंने आगे कहा कि अब जब उद्योग और वाणिज्य को कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जोड़ा गया है, तो राज्य एक चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है जहां विकास, हरित ऊर्जा और रोजगार साथ-साथ चलते हैं। इससे पहले, उद्योग भवन पहुंचने पर अरोरा का प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकीरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) की उपाध्यक्ष सुसीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका, उद्योग सचिव मोहिंदर पाल, उद्योग निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब इन्फोटेक के एमडी एचएस बराड़, पीएसआईडीसी के एमडी हरप्रीत सिंह सूडान और पंजाब वित्तीय निगम की एमडी सुसेनु दुग्गल ने हार्दिक स्वागत किया। अमन अरोरा ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने उन्हें चल रही औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाने और राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया।

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में तैयारियां तेज, रिटर्निंग ऑफिसर दफ्तरों में CCTV से होगी मॉनिटरिंग

 चंडीगढ़ पंजाब में 105 नगर निकायों के लिए उम्मीदवार आज से नामांकन दाखिल कर सकेंगे और साथ ही नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिलों की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई निर्धारित की गई है। प्रदेश के 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के आम चुनाव 26 मई को होंगे और 29 को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्रों सहित नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिले की सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और साथ ही इसका लिंक आयोग की वेबसाइट sec.punjab.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगा। साथ ही मतदाता अपने इलाके के उम्मीदवार के संबंध में भी वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी दलों ने चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  वहीं, नामांकन करने वाला उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम 4 लोगों को ही ले जा सकेगा। यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दल कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होगी। जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी उम्मीदवार को चुनाव अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर आवेदन करना होगा। इसके बाद उनकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। 18 मई को स्क्रूटनी होगी। सभी उम्मीदवारों को उस दिन चुनाव कार्यालय जाने की अनुमति होगी। इस दौरान वे रिटर्निंग अफसर के सामने अपने एतराज रख सकेंगे। यदि किसी उम्मीदवार का फार्म रिजेक्ट होता है तो उसकी जानकारी भी दी जाएगी। 19 मई नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। 105 जगह होंगे निकाय चुनाव आठ नगर निगमों में चुनाव होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी चुनाव शहरी क्षेत्रों में होंगे। 36 लाख वोटर करेंगे मतदान प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने की तैयारी की है। कुल 36,72,932 मतदाता वोट करेंगे। इनमें 18,00,990 पुरुष, 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं। आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है। इस संबंध में सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद तबादलों पर रोक लग जाएगी। पार्टी निशान पर लड़ सकेंगे चुनाव राजनीतिक दल पार्टी निशान पर भी चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया गया है। नामांकन फार्म के साथ एफिडेविट भी जमा करवाना होगा। सारी जानकारी ऑनलाइन अपडेट की जाएगी, ताकि लोग उम्मीदवारों की प्रोफाइल देख सकें। इसके लिए एक अलग लिंक जारी किया जाएगा। निगम चुनाव में 4 लाख तक खर्च की सीमा नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। नगर काउंसिलों के लिए खर्च सीमा 3.60 लाख, 2.30 लाख और 2 लाख रुपए तय की गई है। वहीं नगर पंचायत चुनाव के लिए 1.40 लाख रुपए खर्च सीमा निर्धारित की गई है। हर बूथ पर तैनात होंगे 5 कर्मचारी निकाय चुनाव के लिए करीब 4 हजार बूथ बनाए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया में 36 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। पुलिस के साथ पूरा तालमेल रखा गया है। करीब 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। हर बूथ पर पांच कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वीडियोग्राफी से रखी जाएगी नजर पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। रिटर्निंग अफसर के कमरे के अंदर और बाहर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ केवल चार लोग ही अंदर जा सकेंगे। रिटर्निंग अफसर के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसी को हथियार जमा करवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। 29 मई को आएंगे नतीजे निकाय चुनाव के परिणाम महीने के आखिर में 29 मई को घोषित किए जाएंगे. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणी अकाली दल ने चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।  चुनाव में पार्टियों से टिकट लेने के लिए उम्मीदवारों में होड़ मची हुई है. पंजाब के होशियारपुर नगर निगम को लेकर भी राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव न कराने का फैसला लिया है. वोटर लिस्ट को दोबारा से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  बता दें कि वोटर लिस्ट को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई थी. इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने समीक्षा की और सही वोटर लिस्ट जारी करने के लिए कहा है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से जुड़ेगी सड़क, पटना से समस्तीपुर सफर होगा आसान

पटना जेपी गंगा पथ की तरह भद्रघाट से दीदारगंज तक फोरलेन सड़क दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस सड़क का लगभग 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई 8.5 किलोमीटर है और 158.40 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। जानकारी के अनुसार पथ निर्माण विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक इसे तैयार करने का है। जनवरी से इसपर आवागमन शुरू होने की संभावना है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार जैसे-जैसे जमीन मिल रही, उस मुताबिक काम किया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से गंगा किनारे चित्रगुप्त घाट से कंगन घाट तक अतिक्रमण हटाया गया है। कच्ची दरगाह-बिदुपर पुल से जुड़ेगी सड़क उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल से भद्रघाट-दीदारगंज सड़क जुड़ेगी। इसके जुड़ने से पटना सिटी से लोग समस्तीपुर का सफर कर सकेंगे। यह सफर तीन घंटे से कम होकर 1 घंटे का हो जाएगा। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पुल के चालू होने से गांधी सेतु और जेपी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। पटना सिटी के लोगों को आवागमन के लिए जेपी गंगा पथ के अलावा एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे खासतौर पर तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि यह मार्ग यात्रा को सुगम और तेज बनाएगा। मालवाहक वाहन फोरलेन सड़क से मंडी तक पहुंच सकेंगे मारूफगंज मंडी के लिए यह सड़क बहुत लाभकारी साबित होगी। फोरलेन सड़क के निर्माण के बाद मालवाहक वाहनों को पटना सिटी के भीतरी क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे फोरलेन सड़क से होकर मंडी तक पहुंच सकेंगे, जिससे जाम की समस्या भी कम होगी और समय की बचत होगी। वर्तमान में, मंडी तक पहुंचने वाले वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम और समय लगता है। छठ महापर्व पर गंगा तक पहुंच होगी आसान इस सड़क में ग्रीन फील्ड 2.25 किमी है। छठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में गंगा तक लोग सुगमतापूर्वक पहुंच सकेंगे। सड़क का निर्माण उस अनुरूप होगा। दरअसल, गंगा से सटा हुआ भद्रघाट से दीदारगंज तक इलाका है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बहाल की जा रही है। ताकि पर्व-त्योहार में घाटों तक पहुंचने में लोगों को परेशानी नहीं हो।

बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की अभी पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी व अपार्टमेंट में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर तेजी से काम करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और एलपीजी का स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में सीएम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब-तक एक लाख 12 हजार पीएनजी कनेक्शन काम कर रहे हैं। इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे। निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। साथ ही निजी विद्यालयों की ओर से पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से स्कूलों की ओर से अनावश्यक शुल्क लेने पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर यह पहल की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने तथा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि निजी विद्यालयों को सभी तरह के फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन समेत अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय निर्देशित दुकान और निर्देशित ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं।

फिटनेस आइकन से सफल कारोबारी तक: प्रतीक यादव की प्रेरणादायी कहानी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा नाम मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। प्रतीक के जाने से न केवल यादव परिवार शोक में है, बल्कि लखनऊ के व्यावसायिक हलकों में भी सन्नाटा पसर गया है। जहां मुलायम सिंह का बेटा होने के नाते उनके लिए राजनीति का रास्ता सबसे आसान था, वहीं प्रतीक ने सत्ता की चकाचौंध से दूरी बनाकर अपनी मेहनत से 'व्यावसायिक साम्राज्य' खड़ा किया। लखनऊ में सबसे बड़ा जिम बनाया और रियल इस्टेट के कारोबार में भी खुद को मजबूत किया। पिता की विरासत नहीं, खुद का रास्ता चुना साल 2014 में जब मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीता था, तब सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि रिक्त होने वाली एक सीट से प्रतीक यादव चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन प्रतीक ने इन कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने पिता की राजनीतिक विरासत के बजाय अपने जुनून जिम और रियल एस्टेट को अपना करियर चुना। उन्होंने साबित किया कि एक बड़े राजनीतिक घराने का वारिस भी एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बन सकता है। लखनऊ का सबसे बड़ा जिम और फिटनेस साम्राज्य प्रतीक यादव को 'फिट इंडिया' का पहला सियासी आइकन माना जाता है। उनके पास लखनऊ का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक जिम था। 11वीं में पढ़ने के दौरान ही 100 किलो से अधिक वजन के बाद भी प्रतीक ने अपनी फिटनेस यात्रा से सबको चौंका दिया था। उन्होंने न केवल वजन घटाया, बल्कि एक 'आयरन मैन' जैसी काया हासिल की। उनकी फिटनेस का लोहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना गया और उनका सफर 'इंटरनेशनल फिटनेस मैगजीन' के कवर पेज तक पहुंचा। फिटनेस इंडस्ट्री में उनका बहुत बड़ा निवेश और प्रभाव था। रियल एस्टेट और 'प्रतीक एडुविज' का सफर प्रतीक की व्यावसायिक सूझबूझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विरासत में मिली संपत्ति को अपने टैलेंट से कई गुना बढ़ाया। लखनऊ के रियल एस्टेट मार्केट में उनका बड़ा नाम था। वे 'प्रतीक एडुविज' (Prateek Eduwiz) जैसी कंपनियों के जरिए कॉर्पोरेट जगत में सक्रिय थे। उनकी नेटवर्थ और व्यावसायिक पोर्टफोलियो में कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल थे। उन्होंने कभी भी अपने काम के लिए राजनीतिक प्रभाव का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी व्यावसायिक योग्यता से अलग मुकाम हासिल किया। समाज सेवा और गो-सेवा का प्रेम प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा यादव को पशु प्रेम के लिए भी जाना जाता है। लखनऊ के कान्हा उपवन में अपर्णा की एक बड़ी गोशाला है। इस गोशाला में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा कर चुके हैं और सराहना भी की थी। प्रतीक इस गोशाला के प्रबंधन और समाज सेवा के कार्यों में भी सहयोग करते थे। इसके अलावा स्ट्रीट डॉग को लेकर भी वह चिंतित रहते और उनकी व्यवस्थाओं में भी कई कार्य किए थे। आज वे अपने पीछे एक सफल बिजनेस एम्पायर, करोड़ों की संपत्ति और फिटनेस की एक प्रेरणादायी कहानी छोड़ गए हैं।

पंजाब की राजनीति में हलचल, भाजपा नेता अनिल कुमार सेठी ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन

चंडीगढ़  फाजिल्का जिले में भारतीय जनता पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब भाजपा के सीनियर नेता अनिल कुमार सेठी अपने साथियों सहित आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अनिल कुमार सेठी को औपचारिक रूप से पार्टी का सिरोपा पहनाकर 'आप' परिवार में शामिल करवाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर दूसरी पार्टियों के ईमानदार नेता लगातार आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अनिल सेठी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से फाजिल्का इलाके में पार्टी के संगठन को नई ताकत मिलेगी।  

PM मोदी की अपील का असर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कारकेड में कम किए वाहन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर अपने कारकेड में घटाई वाहनों की संख्या राष्ट्र हित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर मध्यप्रदेश में होगा अमल, निर्देश जारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर आगामी आदेश तक अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को राज्य मंत्री परिषद की बैठक में मंत्री परिषद के सदस्यों से वर्तमान वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने सहित राष्ट्र हित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। मध्यप्रदेश गंभीरता से इस पर अमल करेगा। इस तारतम्य में राज्य सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के काफिले में चलेंगे 8 वाहन आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर 8 वाहन ही चलेंगे। उनके भ्रमण के समय वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। सभी मंत्रीगण यात्रा में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और वाहन रैली आयेाजित न करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के आहवान और दिए गए सुझावों के अनुरूप मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यों में मितव्ययता के उपायों पर अमल करने को कहा है। मंत्रीगण सहित निगम-मंडल के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से वाहनों के कम से कम प्रयोग करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग न किए जाने को कहा गया है।  

2 भाइयों से शुरू हुआ NEET लीक कांड! डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा पेपर, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

 जयपुर राजस्थान के सीकर से जुड़े NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को लगातार बड़े खुलासे मिल रहे हैं. जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं।  सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा था. इसके बाद दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद 29 अप्रैल को यही पेपर कई अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया।  बिवाल के 4 बच्चों का पिछले साल नीट में हुआ था चयन जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें करीब एक महीने पहले ही जानकारी मिल गई थी कि परीक्षा का पेपर लीक होकर उपलब्ध कराया जाएगा. इसी भरोसे पर उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी।  मामले में एक और बड़ा खुलासा देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया को लेकर हुआ है. जांच एजेंसियों के अनुसार राकेश ने करीब 700 छात्रों तक पेपर पहुंचाने का काम किया था. बताया जा रहा है कि पेपर पहले डिजिटल माध्यम से भेजा गया और बाद में उसका प्रिंट निकालकर भी बेचा गया. जांच एजेंसियां अब उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर पेपर हासिल किया था।  सीकर, जो देशभर में मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है, अब जांच एजेंसियों के रडार पर है. जांच में सामने आया है कि यहां कुछ छात्रों और कोचिंग संचालकों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बना रखे थे, जिनके जरिए प्रश्नपत्र और उत्तर साझा किए गए. एजेंसियां अब इन ग्रुप्स के एडमिन और सदस्यों की डिजिटल डिटेल खंगाल रही हैं।  पेपर लीक से छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा इस मामले में हरियाणा से यश यादव नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने भी छात्रों को पेपर बेचने का काम किया था. पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर आखिर मूल स्रोत से कैसे बाहर आया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।  पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है. कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ की जा रही है।