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क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को हरी झंडी, Haryana के सीएम सैनी बोले- विपक्ष महिला विरोधी

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में हरियाणा कैबिनेट की बैठक की। लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम गिरने के विरुद्ध भाजपा सरकार विधानसभा में विपक्ष के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया गया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 विधानसभा के स्पेशल सत्र में लाया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बनी है। अगर कॉमन कैडर ग्रुप डी कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी की तो वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल होंगे। हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस बिल 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का प्रावधान किया गया। साथ ही 5% एक्स ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ उसने विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर किया। विपक्षी दलों का असली चरित्र महिला विरोधी और सत्ता का लोभी है। यह दिन देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हुआ। विपक्षी दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा लेकिन निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला विरोधी दलों को करारा जवाब देंगी।

चौंकाने वाला स्कैम Bihar में: बकरी को बकरा बताकर बिक्री, फेविक्विक से फर्जी बदलाव का खुलासा

कटिहार. अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है। वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं। कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है। पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

वैश्विक साझेदारी की ओर Punjab: Netherlands संग व्यापार बढ़ाने की तैयारी, CM मान की नजर इंडस्ट्री पर

चंडीगढ़. नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नार्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत मान ने एनआइसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में हुए निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने राज्य में अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक अनुकूल प्रशासनिक ढांचे के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक व व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व समयबद्ध स्वीकृति के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” की बात कह निवेश के लिए आह्वान किया।

खड़गे पर चंद्राकर का वार: Ajay Chandrakar बोले- ‘संन्यास लेकर माला जपें’

रायपुर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसे लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने खड़गे के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आतंकवादियों के निकट संपर्क में है. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह आतंकवादियों के साथ डिनर करते थे. विधायक चंद्राकर ने तंज करते हुए नसीहत दी कि खड़गे की जीभ और दिमाग नियंत्रण में नहीं है, उन्हें संन्यास लेकर माला जपना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष पर चंद्राकर ने किया हमला छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल्द ही विशेष सत्र की चर्चा है, जिसमें राज्य सरकार निंदा प्रस्ताव लाने जा रही है. महिला आरक्षण कानून और डीलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में यह प्रस्ताव लाया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने विशेष सत्र को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसपर विधायक चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद स्पष्ट होगा कि सत्र क्यों हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष का जवाब देंगे. उन्हें विधि विधाई प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है. कांग्रेस में यदि कोई ज्ञानी हो तो वह उनसे जानकारी ले. बीजेपी मुद्दे को जनता तक लेके जा रही : विधायक चंद्राकर  कांग्रेस ने बीजेपी सांसदों से रामचरित मानस और संविधान की कसम खाकर महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ या नहीं, इसका जवाब मांगा है. मामले पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि इसमें प्रश्नों से बात नहीं हो पाएगी, जिनकी मांग है वो खुलकर चर्चा करें. जो परिस्थितियां बनी है वो विधेयक में है. बीजेपी मुद्दे को जनता तक लेके जा रही है. 

खाद्य मंत्री राजपूत ने किया अपील: पीएनजी पाइपलाइन वाले क्षेत्र में कनेक्शन जरूर लें

जिस क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन है, वहां इसका कनेक्शन जरूर लें : खाद्य मंत्री राजपूत पीएनजी नेटवर्क का हो रहा तेजी से विस्तार भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि वर्तमान मिडिल ईस्‍ट संघर्ष से उत्‍पन्‍न परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्‍तार कर, ऐसे स्‍थानों पर जहां पर सीजीडी संस्‍था की पाईलाईन मौजूद है, घरेलू, व्‍यावयिक एवं औद्योगिक उपभोक्‍ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला स्‍तर पर जिला प्रशासन, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय, ऑयल कंपनी एवं सीजीडी संस्‍थाओं के अधिकारियों द्वारा सतत रूप से कैंम्‍पों का आयोजन कर पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्‍श्‍न प्राप्‍त करने की प्रक्रिया से आम जनता को अवगत कराया जा रहा है। जहाँ पर पीएनजी की पाइपलाइन है यदि वहाँ के उपभोक्ता ने पीएनजी कलेक्शन नहीं लिया तो उनको जून के बाद एलपीजी का सिलेंडर प्राप्त नहीं होगा। इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं को जिनके घर के पास से पीएनजी की पाइप लाइन जा रही है, उनको पीएनजी का कनेक्शन लेना अनिवार्य है। मंत्री राजपूत ने गैस उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि जिस क्षेत्र में पीएनजी की पाइप लाइन है, वहां पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। यह एलपीजी से ज्यादा सस्ती और सुरक्षित है। पीएनजी का मतलब पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) है। यह मुख्य रूप से मीथेन (CH4) से बनी एक प्राकृतिक गैस है, जो पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह सिलेंडर (एलपीजी) का एक सुरक्षित, सुविधाजनक और स्वच्छ विकल्प है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कुकिंग के लिए किया जाता है। पीएनजी के लाभ एक हरा ईंधन – मीथेन में कार्बन और हाइड्रोजन का अनुपात सबसे कम है, जो पीएनजी को सबसे स्वच्छ ईंधनों में से एक बनाता है। भारत में पीएनजी के घरेलू भंडार बहुत अधिक हैं, इसलिए एलपीजी की तुलना में पीएनजी का उत्पादन और आपूर्ति भू-राजनीतिक उथल-पुथल से कम प्रभावित होती है। एलपीजी प्राप्‍त करने के लिये उपभोक्ताओं को ऑयल कंपनी में बार-बार सिलेण्‍डर बुक कराना पड़ता है, जबकि पीएनजी में कुकिंग गैस 24×7 सुलभ रूप से उपलब्ध होती है। एलपीजी की अपेक्षाकृत पीएनजी कम दर पर उपलब्‍ध है। पीएनजी के उपभोक्‍ता को उसके द्वारा वास्‍तविक उपयोग की गई, मात्रा का ही भुगतान करना होता है, जबकि एलपीजी के संबंध में पूरा सिलेंडर बुक करके प्राप्‍त किया जाता है। पीएनजी पर पकाए गए भोजन का पोषण मूल्य बेहतर होता है, क्योंकि एलपीजी की तुलना में पीएनजी से निकलने वाली गर्मी की तीव्रता कम होती है। मौजूदा एलपीजी स्टोव को बहुत कम खर्च पर पीएनजी के उपयोग के लिए बदला जा सकता है। क्या PNG सुरक्षित है पीएनजी बिल्कुल सुरक्षित है, क्योंकि नेचुरल गैस (पीएनजी) हवा से हल्की होती है। रिसाव की स्थिति में, गैस ऊपर उठ जाएगी और पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ आसपास की हवा में फैल जाएगी। पीएनजी कनेक्शन कैसे प्राप्त करें पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। केवायसी दस्तावेज के रूप में पहचान और स्वामित्व प्रमाण/मकान मालिक की एनओसी लायें कण्‍ट्रोल रूम सीजीडी संस्‍थाओं को घरेलू एवं व्‍यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के लिये सीजीडी संस्‍थाओं के कन्‍ट्रोल रूम नं. निम्‍नानुसार हैं। i. अवंतिका गैस लिमिटेड इंदौर, उज्‍जैन, ग्‍वालियर (9424098887) ii. गैल गैस लिमिटेड देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) iii. नवेरिया गैस लिमिटेड धार (07292-223311) iv. थिंक गैस भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) v. आईओसीएल गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) vi. बीपीसीएल मैहर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली(9424341954) vii. गुजरात गैस लि. रतलाम (7412230292) प्रदेश के उन शहरों में जिन स्‍थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश के अन्‍य जिलों में पाईपलाईन का विस्‍तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्‍शन प्रदाय किये जा सकेंगे। 

भोपाल में गैस एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी, खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपा रिपोर्ट, एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल  राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की जांच में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी में सिलेंडर स्टॉक, सप्लाई और बिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी गई है, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों गैस सिलेंडर गायब पाए गए हैं और उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के ही ‘डिलीवर्ड’ दिखाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मामला बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ता ठगी से जुड़ा हो सकता है। भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदार की है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। दोनों एजेंसियां का रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी से कनेक्शन जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि जांच रिपोर्ट  को कलेक्टर को सौंपी। आगे की कार्रवाई कलेक्टर द्वारा की जाएगी। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। मुख्य विवरण जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम से भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस बुकिंग की, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी नहीं मिला। इसके बावजूद सिस्टम में डिलीवरी पूरी दिखा दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे सिलेंडर ज्यादा कीमत लेकर अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए। मिड हेडिंग: फर्जी बिलिंग का खेल जांच में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त वसूली का मामला भी सामने आया है।एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद उन्हें खुद आकर सिलेंडर लेने पर मजबूर किया गया।बताया गया कि ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा 238 रुपए का फर्जी ‘सुरक्षा निरीक्षण शुल्क’ लेकर करीब 10 लाख रुपए तक की वसूली का मामला भी उजागर हुआ है। खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी हो रही है। इसके बाद फूड कंट्रोलर ने टीम गठित कर जांच शुरू कराई।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना है और संचालन में पारदर्शिता की कमी है। एक एजेंसी रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है। मिड हेडिंग: सप्लाई में हेरफेर ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम में भी गड़बड़ी मिली है।रिपोर्ट के अनुसार गैस सिलेंडर लेकर आने वाले ट्रक तय समय से कई घंटे देरी से पहुंचे, जिससे बीच में हेरफेर की आशंका जताई गई है।इसके अलावा एजेंसी द्वारा बताए गए 9 डिलीवरी वाहनों में से केवल 5 ही सक्रिय पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक बयान अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है और जल्द ही FIR दर्ज हो सकती है।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। प्रभाव / विश्लेषण इस मामले ने शहर के हजारों गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।बिना डिलीवरी के भुगतान, फर्जी बिलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला गैस वितरण प्रणाली में निगरानी की कमी को उजागर करता है और इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई के मूड में है।FIR दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच तेज हो सकती है, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।  सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है। 238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे … Read more

BJP की बड़ी कार्यशाला में निगम-मंडल नियुक्तियों की चर्चा, CM, प्रदेश अध्यक्ष और कई दिग्गज शामिल

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा के संगठनात्मक महाअभियान को लेकर आज एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जा रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग के तहत जिला स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण के लिए विषय वक्ताओं को तैयार करने का यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित इस पश्चिम मध्य क्षेत्रीय कार्यशाला में देश और प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भाग लिया। सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला को अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया गया है। इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव और दादरा एवं नगर हवेली सहित छह राज्यों के 348 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत मंडल स्तर के प्रशिक्षण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और अब जिला स्तर के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए विषय वक्ताओं को तैयार करने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है, ताकि संगठन को और अधिक मजबूत किया जा सके। प्रशिक्षण वर्ग को लेकर डेली कॉलेज में खास तैयारी की गई है। पूरे परिसर को भगवा रंग से सजाया गया है। प्रशिक्षण वर्ग में आने वाले सभी कार्यकर्ताओं के मोबाइल भी बाहर ही जमा कराए जा रहे हैं, जो पूरा प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद ही उन्हें वापस दिए जाएंगे।

पहलगाम हमले के बलिदानी Vinay Narwal को श्रद्धांजलि, Karnal में नम आंखों से अंतिम सलाम

करनाल. करनाल के संत कबीर पब्लिक स्कूल में पहलगाम हमले के बलिदानी विनय नरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा कि उनके भाई के नाम पर करनाल में एक चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाए। उनका पूरा परिवार एक साल पहले हुए आतंकी हमले की घटना से अभी तक उभरा नहीं है। हलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले को कल एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस हमले ने जहां देश को झकझोर दिया था, वहीं हरियाणा के करनाल के एक परिवार के लिए समय जैसे उसी दिन थम गया। हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय नौसेना के बलिदानी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता, राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद किया। राजेश नरवाल ने उस काली रात को याद करते हुए बताया कि वह पल उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उन्होंने कहा कि कल एक साल पूरा हो जाएगा। मुझे वह पल आज भी साफ याद है, मैं सो रहा था, तभी मुझे वह बुरी खबर मिली। उस एक पल ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी। जिंदगी जैसे वहीं थम सी गई। क्या बोले विनय नरवाल के पिता विनय नरवाल के पिता ने कहा कि एक शहीद का पिता होने का गौरव तो है, लेकिन एक पिता का हृदय आज भी इस सच्चाई को स्वीकार करने में संघर्ष कर रहा है। राजेश ने भावुक होते हुए कहा, "शुरुआत में ऐसा लगता था जैसे वह बस अभी वापस आ जाएगा। दिमाग को हकीकत पता थी, लेकिन मन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं था। यह बहुत दर्दनाक है। मुझे उसकी बहुत याद आती है, और उसकी वही अच्छी यादें अब मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।" बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे। बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।

बिहार में आज बड़ी बैठक: Samrat Choudhary की कैबिनेट ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ एजेंडे पर करेगी मंथन

पटना. मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्‍शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस? कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं। विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

मानवता की मिसाल: Dantewada में सेना के जवानों ने गर्भवती की बचाई जान

दंतेवाड़ा. नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की है। दंतेवाड़ा के सालेपाल गांव में गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। इलाके में एंबुलेंस सुविधा समय पर नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ जवान मौके पर पहुंचे। महिला को सुरक्षित वाहन में बैठाकर बारसूर अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर इलाज मिलने से स्थिति संभल गई। चिकित्सकों ने बताया कि प्रसव मामलों में हर मिनट अहम होता है। जवान भर्ती होने तक अस्पताल में साथ रहे। परिजनों ने नम आंखों से जवानों का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा सुरक्षा बल भरोसे का चेहरा बन रहे हैं। स्वास्थ्य और मदद के मोर्चे पर भी जवान साथ खड़े हैं। इस पहल ने जनता और सुरक्षा बलों का रिश्ता और मजबूत किया है। खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड फोर्स के जवानों ने दिवस मानवता की मिसाल पेश की थी. दंतेवाड़ा (Dantewada) में सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला (pregnant woman) को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) फोर्स के जवान ने खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया. यहां तैनात जवान अक्सर यहां के निवासियों की मदद करते हैं. अब ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा के गांव रेवाली में सामने आया. यहां डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड फोर्स के जवानों ने गर्भवती महिला को खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया. दरअसल, नक्सलियों ने गांव रेवाली की सड़क को कई जगह से काट दिया था. इस बीच गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. उनके पति ने जब एंबुलेंस के लिए फोन किया तो नक्सलियों द्वारा सड़क काट दिए जाने के कारण एम्बुलेंस वालों ने गांव तक पहुंचने में असमर्थता जताई.