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एमपी के एक जिले में जल संकट बढ़ा, 15 जुलाई तक अभावग्रस्त घोषित, कलेक्टर ने जारी किया सख्त आदेश

छतरपुर  एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले… छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले को 15 जुलाई 2026 तक के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पेयजल स्रोतों का सीमित उपयोग जरूरी जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों में नहीं कर सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य आम जनता के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 150 मीटर दायरे में नए नलकूप पर प्रतिबंध हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर की परिधि में नए हैंडपंप या ट्यूबवेल का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा। विशेष अनुमति के बाद ही होगा नलकूप खनन शासकीय कार्यों को छोड़कर अन्य सभी नलकूपों के खनन पर रोक लगा दी गई है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति मिलने पर ही नलकूप खोदे जा सकेंगे। उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय संभावित जल संकट को देखते हुए लिया गया है, ताकि गर्मी के दौरान आम लोगों को पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े। 150 मीटर के दायरे में नहीं खुदेंगे नए हैंडपंप-ट्यूबवेल प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में नए नलकूपों के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अब किसी भी मौजूदा हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर के दायरे में नया हैंडपंप या ट्यूबवेल नहीं खोदा जा सकेगा। शासकीय कार्यों के लिए नलकूप खनन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, आम लोगों को विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति प्राप्त होने पर ही नलकूप खोदने की परमिशन मिल सकेगी। निस्तारी तालाबों के पानी से सिंचाई और व्यापार पर बैन प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता के लिए पेयजल की कमी को दूर करना है। इसके लिए तय किया गया है कि अब जिले में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग खेतों की सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह से वर्जित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरा सोना संग्राहकों के लिए बड़ी राहत, आय बढ़ाने की दिशा में 920 करोड़ रुपए का संभावित भुगतान

हरा सोना संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, 920 करोड़ रुपए का होगा संभावित भुगतान लगभग 920 करोड़ रुपए का होगा संभावित भुगतान तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में जुड़े 13 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार रायपुर छत्तीसगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है, जो आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है। हाल के नीतिगत बदलावों और सरकारी पहलों के कारण इन संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है।           वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दी गई है, जिसका सीधा लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। वर्ष 2026 में राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमान है। एक मानक बोरे में 1000 गड्डियां होती हैं और प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते शामिल रहते हैं।  लगभग 11 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण होने की संभावना           बस्तर संभाग के 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में करीब 4 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अन्य 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। बस्तर संभाग में वर्ष 2025 के 3.90 लाख परिवारों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है। इस साल अब तक 14 हाजर 57 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं। 10 नए फड़ और बेहतर तैयारी         नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ों की स्थापना की गई है, जहां 2100 से अधिक मानक बोरा संग्रहण का अनुमान है। इसके अलावा सुकमा और केशकाल क्षेत्रों में भी नए फड़ जोड़े गए हैं। पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बाधाओं के कारण 351 फड़ों में संग्रहण नहीं हो सका था, लेकिन इस वर्ष सभी फड़ों में कार्य शुरू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सुगम संचालन और पारदर्शी भुगतान         संग्रहण कार्य को सुचारू बनाने के लिए संग्राहक कार्ड, बोरा, सुतली, गोदाम और परिवहन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही तेन्दूपत्ता के भंडारण का बीमा भी कराया जा रहा है। संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी। 920 करोड़ रुपये का संभावित भुगतान        इस वर्ष निर्धारित दर के अनुसार संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। तेन्दूपत्ता संग्रहण को लेकर सरकार की यह पहल न केवल वनवासियों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

सुल्तानपुर में सुखोई और मिराज की उड़ान, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाया जाएगा रनवे

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में बनें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को इंडियन एयरफोर्स का युद्धभ्यास होगा. एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में वायुसेना के लिए बने रनवे पर आधुनिक लड़ाकू विमान जैसे सुखोई और मिराज इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड एक्टिवेशन एक्सरसाइज करते नजर आएंगे. यह आयोजन युद्ध जैसी आपात स्थित से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर किया जा रहा है. इसका आयोजन उस दिन किया जा रहा है, जब आज पहलगाम हमले बरसी है, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष भारतियों का कत्लेआम किया गया था. जिसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तरफ से 6 मई को ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।  रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चयनित हिस्से को इस तरह विकसित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर यह पूरी तरह हवाई पट्टी का काम कर सके. इसके लिए सड़क की चौड़ाई, मजबूती और सतह की गुणवत्ता को विशेष मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है. साथ ही आसपास का क्षेत्र भी इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि विमान संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।  इस समय होगा आयोजन दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार एयर शो का आयोजन होगा. खास बात यह है कि रात के अंधेरे में होने वाला एरियल लाइट शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स इस हवाई पट्टी पर उतरेंगे, जिससे आयोजन और भी भव्य बनेगा. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए इस सैन्य प्रदर्शन ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा और भी मजबूत कर दिया है।  ड्रिल का यह है उद्देश्य प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों के बीच इस आयोजन को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है. आज दोपहर दो बजे से यहां अभ्यास किया जाएगा, जिसमें सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान इस एक्सप्रेसवे पर उतरकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की उपयोगिता को परखना है. यह अभ्यास इसलिए भी जरूरी है, ताकि युद्ध या अन्य संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा भी विमानों के संचालन के विकल्प उपलब्ध होंगे. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहले से ही उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, और अब इसका यह सैन्य उपयोग इसे और अधिक रणनीतिक महत्व प्रदान करता है. स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि अभ्यास के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा सके। 

हरियाणा पुलिस में ट्रांसफर बम! Haryana Police के 46 HPS अधिकारी इधर-उधर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने मंगलवार देर रात पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 46 हरियाणा पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दीं। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई जिलों में डीएसपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। गौरतलब है कि डीएसपी पानीपत, सिरसा, रोहतक और गुरुग्राम (ACP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों को तैनात किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो में भी कई अधिकारियों की अदला-बदली की गई है।  गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई एसीपी (ACP) को बदला गया है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), सीआइडी, एचएसएनसीबी और आइआरबी जैसी विशेष इकाइयों में भी फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में कई अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर स्पेशल यूनिट्स में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों को अहम जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  प्रशासनिक स्तर पर भी हुआ तबादला गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को हरियाणा सरकार पांच आइएएस और 15 एचसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। आइएएस अधिकारी विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी को राज्यपाल का सचिव, श्रम आयुक्त तथा श्रम विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव अनीश यादव को हैफेड तथा हरियाणा इंटरनेशनल हार्टिकल्चरल मार्केटिंग कारपोरेशन गन्नौर के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आइएएस अधिकारी डा. सुभिता ढाका को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नियुक्त किया गया है।

एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ‘गोलू गोहाना’, Chandigarh पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़. बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस ने कुख्यात बदमाश गोलू गोहाना को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया. गुप्त सूचना के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने ये कार्रवाई की. मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से बदमाश गोलू घायल हो गया. जिसे पुलिस ने इलाज के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गोलू हथियार सप्लाई करने का काम करता था. गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने गोलू गोहाना को सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड के पास गिरफ्तार किया. पुलिस की टीम को देखते ही गोलू ने भागने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी. जिसके जवाब में पुलिस की टीम ने भी फायरिंग की. जिसके बाद टांग में गोली लगने से गोलू घायल हो गया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गनीमत रही की किसी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी. पैर में गोली लगने से बदमाश घायल: चंडीगढ़ पुलिस इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "ऑपरेशन सेल की टीम को आरोपी की लोकेशन की सूचना मिली थी. इसके बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी की. खुद को घिरता देख आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते मुठभेड़ की स्थिति बनी. पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया." मौका का निरीक्षण करती पुलिस की टीम हथियार सप्लाई करने का आरोप: इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. गोलू गोहाना के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वो लंबे समय से फरार चल रहा था. पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों को लेकर जांच में जुटी है. आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है."

महतारी वंदन योजना का लाभ पाने के लिए KYC जरूरी, Bastar में महिलाएं करा रहीं अपडेट

जगदलपुर. महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही महिलाओं के सामने अब तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य होते ही हजारों महिलाएं दफ्तरों के चक्कर काटने मजबूर हैं। सर्वर और नाम मिसमैच ने भुगतान प्रक्रिया अटका दी है। करीब 1.73 लाख हितग्राहियों में लगभग 2 हजार मामलों में डेटा मिसमैच सामने आया है। दो साल पहले आवेदन के दौरान हुई गलत एंट्री अब परेशानी बन गई है। भीषण गर्मी में महिलाएं महिला एवं बाल विकास कार्यालय पहुंच रही हैं। कई जगह आंगनबाड़ी स्तर पर सुधार के बजाय सीधे दफ्तर भेजा जा रहा है। राज्य स्तर पर डेटा सुधार में 5 से 7 दिन का समय बताया जा रहा है। 30 जून तक समय सीमा तय होने से महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने साफ किया है कि ई-केवाईसी पूरी तरह निशुल्क है। रुपयों की मांग करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भर महिला की ओर कदम 1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांति ला दी है। विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राशि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, पोषण और मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहायक है।चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक सदन 2,500 वर्गफुट में 29.20 लाख रुपए की लागत से बनेगा, जो महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा। स्वरोजगार और उद्यमिता का विस्तार जिसमें मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को 7,900 रुपए की सहायता एक सिलाई मशीन के लिए दी जा रही है।दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना ने पंजीकृत श्रमिकों को अपनी 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के पढ़ाई लिखाई तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त  और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी साय सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से  उन्हें बिना जमानत के 25,000 रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक ऋण भी दिया जा रहा है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी नवाचारी पहलें भी योजनाओं में शामिल है।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ, उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।

मानेसर-पलवल हाईवे के आसपास बनेंगे 5 मॉडर्न सिटी, Haryana सरकार का सिंगापुर मॉडल पर फोकस

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार कुंडली-मानेसर- पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के किनारे 135 किलोमीटर क्षेत्र में पांच नए शहर विकसित करने का प्लान तैयार कर लिया है। सरकार का दावा है कि इन शहरों में औद्योगिक विकास का ढ़ांचा सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। जो विकसित भारत 2047 विजन के लिए देश का गेटवे बनेगा। वर्ष 2031 तक की संभावित जनसंख्या काे आधार बना पांच नए शहर विकसित करने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन सरकार की ओर से कर दिया गया है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने योजना को लेकर हुई चर्चा में बताया कि केएमपी की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, एक्सप्रेस वे इस दिशा में मजबूत कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा। औद्योगिक नीति में किए आवश्यक संशोधन इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं, ताकि निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं, त्वरित सेवाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना होना चाहिए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आइएमटी) स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से पांच आईएमटी को स्वीकृति मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया जारी है। उद्योग विभाग के बजट में 125 फीसदी इजाफा इनमें से तीन राजधानी क्षेत्र में बननी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इसे और बढ़ाने की योजना है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को निरंतर मजबूती मिलती रहे। आने वाले समय में जब नई आईएमटी विकसित होंगी, तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से हरियाणा दिल्ली से तीन ओर से जुड़ा है और दिल्ली स्थित आइजीआइ एयरपोर्ट तथा नोएडा के जेवर बने एयरपोर्ट की पहुंच करीब 30 मिनट में होने के कारण देश-विदेश के निवेशकों के लिए क्षेत्र अत्यंत आकर्षक बन गया है।

तपता Jalandhar: 40.2 डिग्री पर पहुंचा तापमान, पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं

जालंधर. सीजन का मंगलवार का दिन सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। तापमान अब तक का सर्वाधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को लू चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बीच तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं 27 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ वर्षा होने की संभावना जताई है। गर्मी के साथ ही शहर में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। कई इलाकों में लोग पानी न आने से परेशान रहे। बिजली के कटों ने दिक्कत और बढ़ा दी है। पावरकाम ने अगले पांच दिन लंबे बिजली कट लगाने की घोषणा की है। इससे दोपहर को पानी की सप्लाई प्रभावित, होगी क्योंकि ट्यूबवेल नहीं चल पाएंगे। नगर निगम ने इस कारण सुबह-शाम एक-एक घंटा पानी की सप्लाई का समय बढ़ा दिया है। सोमवार को गुरु अमरदास नगर में पानी की किल्लत दूर हुई तो न्यू इंदिरा कालोनी में पानी की सप्लाई को लेकर नाराजगी सामने आई है। अब मंगलवार को वार्ड नंबर दो के तहत आते बचिंत नगर और परशुराम नगर में पानी की कमी के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं नगर निगम की लेटलतीफी से भी लोग पानी की कमी झेल रहे हैं। करीब 35 ट्यूबवेल लगाए जा चुके हैं, लेकिन बिजली के कनेक्शन न होने की वजह से यह शुरू नहीं किए जा सके। इनमें न्यू इंदिरा कालोनी में 11 महीने पहले लगा ट्यूबवेल भी शामिल है। वहीं अगले पांच दिन बिजली के कट सुबह 10 बजे दोपहर तीन बजे के बीच लगाए जाने हैं। अप्रैल में तेजी से बढ़ रहा तापमान बीते वर्षों में अप्रैल के 21 दिनों की बात करें तो 2022 में सर्वाधिक तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि 2023 में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। गर्मी को लेकर सेहत विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत गर्मी से बचाव के लिए लोगों को सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने का आह्वान किया गया है। सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग ने कहा कि लोग लू से बचाव करें। बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बीमार लोग दिन में घरों से बाहर न निकलें। खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा, जिसमें हरी सब्जियों और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर का सेवन करना चाहिए। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गर्मी से तेज सिरदर्द, बेचैनी, चक्कर आना, मांसपेशियों की कमजोरी, जी मिचलाना और उल्टी आना व दिल की धड़कन तेज हो जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जांच करवानी चाहिए। धूप में बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो पानी साथ लेकर जरूर जाएं व थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें। जरूरत पड़ने पर मुफ्त एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जाएगी, इसलिए जितना हो सके, दिन में घर से बाहर निकलने से परहेज करें। ऐसा करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।

बस्तर में क्रिकेट का जश्न: Sachin Tendulkar आज बच्चों संग मैदान में उतरेंगे

रायपुर. क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Cricketer Sachin Tendulkar) 22 अप्रैल को सपरिवार दंतेवाड़ा (Dantewada) पहुंच रहे हैं. यह उनका पहला बस्तर विजिट है. यहां वे बल्ला थामकर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे. सारी कवायद इसलिए ताकि नक्सलमुक्त बस्तर (Bastar) को अब खेलकूद जैसी गतिविधियों से विकास को उस मुकाम तक पहुंचाया जाए, जिससे यह वैश्विक पटल पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर सके. उल्लेखनीय है कि बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है और बस्तर में हर क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है. इसी क्रम में बस्तर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की कवायद की जा रही है. तेंदुलकर छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा समेत अन्य गांवों में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उनकी संस्था खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने कई कार्यक्रम चला रही है. मानदेशी फाउंडेशन मैदान विकसित करने के साथ शिक्षकों को कोचिंग भी दे रहा है. इस मौके पर तेंदुलकर पनेड़ा में स्टेडियम का उ‌द्घाटन भी करेंगे. 15 शिक्षकों को संस्था अब तक दे चुकी ट्रेनिंग क्रिकेटर तेंदुलकर दंतेवाड़ा में खेल माहौल को नई ऊंचाई देने पहुंच रहे हैं. इससे स्थानीय बच्चों में खेल प्रतिभाएं और विकसित होंगे. मानदेशी फाउंडेशन सालभर से जिले की अलग-अलग संस्थाओं में खेल मैदान तैयार कर रहा है. महाराष्ट्र की यह संस्था करीब 15 से ज्यादा शिक्षकों को मुंबई में कोचिंग भी दे चुकी है. मानदेशी फाउंडेशन खेल मैदानों को सीमित जगह होने के बावजूद इस तरह तैयार करती है, जहां विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित हो सकती हैं. दंतेवाड़ा के 25 स्कूल और आश्रमों में खेल गतिविधि संस्था की ओर से गीदम ब्लॉक के 15 स्कूल-आश्रम और पोटाकेबिन में खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं. इनमें छिंदनार, कासोली, पोटाकेबिन कासोली, माध्यमिक शाला कोरलापाल, पोटाकेबिन हितामेटा, गुमड़ा, कारली, बांगापाल, प्राथमिक शाला गुमड़ा, झामूपारा कारली, माध्यमिक शाला झोड़ियाबाड़म, प्राथमिक शाला बुधपदर कासोली, जपोड़ी, गुमरगुंडा, उच्च प्राथमिक शाला माधोपारा हारम और बालक आश्रम छोटे तुमनार शामिल हैं. स्कूल के मैदानों को बचाने के लिए चलाया अभियान सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन द्वारा खेल गतिविधियां जारी रखने प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूलों में मुख्य रूप से खेल मैदान डेवलप करवाया जा रहा है. छोटी सी जगह में भी सभी खेल के मैदान कैसे बनते हैं, इसका प्रशिक्षण भी शिक्षकों को दिया गया है.

सीएम मोहन की खड़गे पर तीखी प्रतिक्रिया, बोले- PM मोदी पर विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगें कांग्रेस अध्यक्ष

भोपाल  चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और विवादित टिप्पणी की. उनके इस बयान के बाद सियासी बवाल मच गया है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि ऐसी विवादित टिप्पणी के लिए खड़गे को माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं. आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है. कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए. कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया. मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें. चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं. खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं। आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए। कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी। हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा