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राज्यपाल पटेल का बयान: प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण में ही सेवा का असली उद्देश्य

प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले लोकभवन में भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय वन सेवा, महज प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि मानवता, प्रकृति, वन्य जीव, सांस्कृतिक धरोहर और भावी पीढ़ियों के प्रति भी एक उत्तरदायित्व है। आप सभी सौभाग्यशाली है, जिन्हें जीवन भर प्रकृति की गोद में रहकर उसके संरक्षण और संवर्धन का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी, वन कानूनों और जनजातीय कल्याण के प्रावधानों का गहनता से अध्ययन करें, उन्हें समझे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करें। प्रशिक्षण की सीख को प्रकृति, वन, वन्य जीव और स्थानीय जन जीवन की बेहतरी में उपयोग करें। उनके कल्याण प्रयासों में ही आपकी सेवा की सार्थकता है। यह याद रखें कि आपका आत्मीय व्यवहार, वंचितों के प्रति समानुभूति और संवेदनशीलता ही आपकी सफलता का अंतिम पैमाना होगी। राज्यपाल पटेल सोमवार को भारतीय वन सेवा के 2024-26 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के सौजन्य भेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा में चयन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। पर्यावरण संरक्षण के लिए सोच, संकल्प और सेवा भाव जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राकृतिक असंतुलन, पर्यावरणीय चुनौतियों आदि के कारण वन एवं वन्य जीवन के संकट का समाधान अत्यंत जरूरी है। वन अधिकारी के रूप में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन आपका प्राथमिक दायित्व है। इसके लिए आपकी सोच, संकल्प और सेवा का भाव सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ हमेशा आत्मीय, सरल और सहज व्यवहार करें। अपने अच्छे व्यवहार और सहयोग से उनका विश्वास जीते। वनों की अवैधानिक कटाई, शिकार आदि समस्याओं के समाधान में स्थानीय लोगों का सहयोग प्राप्त करें। राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “एक पेड़-माँ के नाम” अभियान की चर्चा की। इसे स्थानीय सहभागिता से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की सराहनीय पहल बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ की वन भूमि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के साथ हमारी गौरवशाली सभ्यता, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी संजोए हुए हैं। प्रदेश में विस्तृत और विश्व प्रसिद्ध वन, अनेक राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य है। मध्यप्रदेश बाघ, चीतल, तेंदुआ, गिद्ध, घड़ियाल और चीता स्टेट के रूप में प्रसिद्ध है। राज्य में गैंडा, हाथी आदि वन्य जीवों के पुनर्वास के अभूतपूर्व प्रयास भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के वैज्ञानिक प्रबंधन प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वन-वन्य जीव प्रबंधन में अग्रणी राज्य है। सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण, आपकी जिम्मेदारी राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश में जनजातीय आबादी और वनों में मध्यप्रदेश प्रथम है। यहाँ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण के द्वारा और अधिक समृद्ध बनाना आपकी जिम्मेदारी है। जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, विश्वास, मान्यताओं और मौलिकता के प्रति सम्मान के भाव के साथ कार्य करना, आपका नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय के प्राकृतिक और संवैधानिक अधिकारों के रक्षक के रूप में उनके सशक्तिकरण और कल्याण में आपकी भूमिका बहुत प्रभावी है। अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र, जैव विविधता के संकटों के समाधान में करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग के साथ वन, वन्य जीवों और स्थानीय लोगों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य करें। जनजातीय समुदाय की प्रकृति आधारित जीवन शैली, जड़ी-बूटियों के ज्ञान और कला की मौलिकता से आधुनिक जगत को परिचित कराएं। उनके लिए सतत आजीविका के प्रयासों में सहयोग करें। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का महत्व बताएं राज्यपाल पटेल ने कहा कि जब भी मैदानी भ्रमण पर जाएं तो स्थानीय लोगों से उनके बच्चों की शिक्षा की जानकारी जरूर लें। उन्हें शिक्षा का महत्व बताएं। अभिभावकों और बच्चों के साथ शिक्षा से जीवन में होने वाले बदलावों के संबंध में प्रेरक संवाद करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी को शिक्षा, कौशल उन्नयन तथा स्वास्थ्य और आजीविका की कल्याणकारी योजनाओं, कानूनों और प्रावधानों का लाभ लेने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। राज्यपाल पटेल का प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। उनका यादव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। स्वागत उद्बोधन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एच.आर.डी.) डॉ. बी.एस अन्निगेरी ने दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुसौम्या ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। उप वन संरक्षक मयंक सिंह गुर्जर ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, वन विभाग-लोकभवन के अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

IAS ऋचा शर्मा जिम की लिफ्ट में फंसी, घुटन से तबीयत बिगड़ी, हुआ बड़ा हादसा

रायपुर   आईएएस ऋचा शर्मा के साथ सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां जिम के लिए पहुंची अधिकारी करीब 20 मिनट के लिए लिफ्ट में फंसीं रहीं। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। हालांकि समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ देरी हो जाती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना रायपुर जिले के एयरपोर्ट मार्ग स्थित श्रीराम मंदिर चौक के पास बने करेंसी टावर की है। यहां छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी (ACS) सुबह लगभग 6:30 बजे लिफ्ट में फंस गई। ऋचा शर्मा रोज की तरह करेंसी टावर स्थित साईकस जिम जाने के लिए पहुंची थीं और लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई और वे अंदर ही फंस गईं। बताया जा रहा है कि लिफ्ट के अंदर न तो पर्याप्त रोशनी और न ही वेंटिलेशन की व्यवस्था थी। इतना ही नहीं लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म या हेल्पलाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नहीं थी। ऐसे में तत्काल मदद मिलना मुश्किल हो गया और वे अंदर लॉक हो गई। घुटन और घबराहट की वजह से कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसे में स्थिति को देखते हुए ऋचा शर्मा ने अपने मोबाइल से अधिकारियों को सूचना दी। उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी कॉल लगाया घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद लिफ्ट का दरवाजा मैन्युअली खोलकर करीब 20 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला गया। इतने में उनकी तबीयत बिगड़ चुकी थी। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारी की हालत स्थिर हुई और सबने राहत की सांस ली। वही घटना के बाद ऋचा शर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए बिल्डिंग प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी है। 

पंजाब मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक, 24 लाख से ज्यादा की हुई खरीदारी: लाल चंद कटारूचक्क

चंडीगढ़/ टांडा  पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज यहां दाना मंडी में गेहूं की खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए कहा कि राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्विघ्न जारी है और अब तक हुई 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आमद में से 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल खरीदी जा चुकी है। दाना मंडी में विधायक जसवीर सिंह राजा गिल और संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने निकटवर्ती गांव बस्ती के किसान जैला की ढेरी की खरीद करवाते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके कारण किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के बदले न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए के हिसाब से अब तक किसानों के खातों में 647 करोड़ रूपए की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना उठाने के लिए वचनबद्ध है, जिसके नतीजे के रूप में मंडियों में निर्विघ्न खरीद जारी है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के अंदर किसानों को बनती अदायगियां की जा रही हैं और इसके साथ ही लिफ्टिंग भी तेज हो रही है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। मंडियों में बोरे, मंडी मजदूर और ढुलाई के प्रबंधों की बात करते हुए लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि पूरे राज्य की मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध अमल में हैं और गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से जारी है। उन्होंने किसानों द्वारा अपने खून-पसीने और मेहनत से पैदा किए गए एक-एक दाने को खरीदने की राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में किसानों की फसल न्यूनतम समय में खरीदकर निर्धारित समय में उनके खातों में अदायगियां की जा रही हैं। कैबिनेट मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से उपलब्ध मशीनरी से इसका खेतों में ही प्रबंधन करें। पिछले दिनों बेमौसमी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के बारे में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही विशेष गिरदावरी के निर्देश दे दिए थे और किसानों के नुकसान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी। विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल को पिछले सालों की तरह सुचारू ढंग से साथ-साथ खरीदकर लिफ्ट करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लगातार किसानों का साथ दिया है और कई बड़े किसान हितैषी फैसले लिए हैं, जिससे राज्य भर में किसानों को बेहद लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल की खरीद के बदले निर्धारित समय के अंदर-अंदर अदायगियां सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी ताकीद की गई है कि मंडियों में किसानों की फसल की समय पर खरीद की जाए। वर्णनीय है कि जिला होशियारपुर में कुल 78 मंडियां स्थापित की गई हैं, जिनमें से 65 मंडियां पक्की और 13 स्थानों पर खरीद के अस्थायी प्रबंध किए गए हैं, जबकि जिले में कुल 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आमद की संभावना है। इस मौके पर एस.डी.एम. लवप्रीत सिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजविंदर सिंह, मार्केट कमेटी सचिव हरप्रीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति रजनीश कुमारी, डी.एफ.एस.सी. प्रीतकमल सूद आदि भी मौजूद थे।

Humanity Story: कैथल के शिक्षक ने पेश की मिसाल, मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

कैथल. जिला शिक्षा विभाग की तरफ से ईंट-भट्ठों पर रहने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में 94 ईंट-भट्ठों के करीब 2000 बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बलवंती के प्राचार्य व स्टाफ ने सराहनीय पहल करते हुए ईंट-भट्ठे के 32 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया। विद्यालय के प्राचार्य मामचंद ने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत और स्टाफ की सामूहिक इच्छा से लगातार चार दिन तक ईंट-भट्ठों पर जाकर सर्वे किया गया। इस दौरान अभिभावकों को विश्वास दिलाया गया कि उनके बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया। प्रवेश उत्सव के दौरान स्कूल में बाल वाटिका से कक्षा सातवीं तक दाखिले के दौरान बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई और खेल सामग्री वितरित की गई। कुछ बच्चों के बाल कटवाए गए और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा शिक्षकों ने अपनी निजी धनराशि से बच्चों को वर्दी, जूते, किताबें और पेन उपलब्ध करवाए। विद्यालय स्टाफ ने बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए अपने निजी वाहनों का भी उपयोग किया। दोपहर में सभी बच्चों को भोजन कराया गया और अन्य विद्यार्थियों के साथ खेल गतिविधियों में शामिल किया गया। करीब 28 बच्चों को वर्दी वितरित की गई, जबकि शेष बच्चों को भी जल्द वर्दी देने का आश्वासन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा हैं। इस तरह से चली विभाग की कार्यवाही ईंट भट्ठा क्षेत्र से 32 बच्चों का दाखिला 10 बच्चों की बाल कटिंग, सभी को दोपहर का भोजन डिजिटल रूम में शैक्षणिक फिल्म, तालियों से स्वागत 28 बच्चों को वर्दी वितरण, खेल सामग्री व स्टेशनरी दी गई 4 बच्चों की नाप लेकर सोमवार को वर्दी देने का वादा 20 और बच्चों के आने की उम्मीद डीपीसी राजेंद्र आजाद ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न भट्ठों पर बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जगमिंदर सिंह, शिशपाल शर्मा, राजीव शर्मा, राजेश पंचाल, बलराज सिंह, कुसुम लता, रिम्पी देवी, संदीप, धर्मवीर, ओम प्रकाश, अंजू अरोड़ा, कविता देवी, सीतल देवी, सतनारायण, रमेश कुमार, सतीश कुमार, रवि व करमवीर मौजूद रहे।

Punjab Alert: बठिंडा रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई चौकसी

बठिंडा. बठिंडा में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आज एक ईमेल के जरिए रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसी ईमेल में चंडीगढ़ के एक कॉलेज को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने के बाद बठिंडा रेलवे स्टेशन पर पुलिस तैनात कर दी गई है और यात्रियों की चेकिंग भी की जा रही है। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि चेकिंग उस स्तर की नहीं है, जैसी गंभीर धमकी के बाद होनी चाहिए। इससे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी बठिंडा के डाकघर और श्री मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों के चलते प्रशासन की तैयारियों और कार्रवाई पर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Forest Protection Model: उदंती सीतानदी में 750 जल स्रोतों के साथ ‘फायर-वॉटर’ रणनीति, आग पर काबू

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने अपने सभी 143 फॉरेस्ट बीट में समर्पित ‘फायर वॉचर्स’ और ‘वॉटर वॉचर्स’ की टीमों को तैनात कर वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। ये प्रयास रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्रों में स्थित लगभग 120 गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गर्मी की चुनौतियां और रणनीति गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग और पानी के स्रोतों के सूखने के कारण अक्सर भालू, तेंदुए, लकड़बग्घे और हाथी जैसे जंगली जानवर मानवीय बस्तियों की ओर पलायन करते हैं। इससे संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए USTR ने एक सक्रिय और एकीकृत रणनीति अपनाई है। फायर वॉचर्स टीम: यह टीम नियमित पैदल गश्त करती है और जंगल की आग का पता लगाने व उसे रोकने के लिए थर्मल ड्रोन निगरानी का उपयोग करती है। इनकी सतर्कता के कारण आग लगाने के आरोप में 23 व्यक्तियों को पकड़ा गया है, जिससे आग लगने की घटनाओं में भारी कमी आई है। वॉटर वॉचर्स टीम: जंगली जानवरों के लिए जंगल के भीतर ही पानी सुनिश्चित करने व्यापक प्रयास किए गए हैं। आंतरिक वन क्षेत्रों में 750 से अधिक छोटे जल स्रोत, जिन्हें स्थानीय रूप से “झिरिया” कहा जाता है, बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 26 सौर-संचालित पंप स्थापित किए गए हैं। पानी के इस विस्तृत नेटवर्क के कारण वन्यजीव जंगल की सीमाओं के भीतर ही रहते हैं। अवैध शिकार पर लगाम और तकनीक का उपयोग ये उपाय अवैध शिकार को रोकने में भी सहायक हैं, क्योंकि शिकारी अक्सर गर्मियों में सीमित जल स्रोतों को निशाना बनाते हैं। USTR की एंटी-पोचिंग टीम ने अंतर-राज्यीय शिकार नेटवर्कों पर कार्रवाई कर रिजर्व में सुरक्षा का माहौल बढ़ाया है। साथ ही सूखते जल स्रोतों और आग की आशंका वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए सैटेलाइट-आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया जा रहा है। उल्लेखनीय परिणाम इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, USTR में पिछले तीन गर्मी के मौसमों के दौरान शून्य (जीरो) मानव या वन्यजीव हताहत दर्ज किए गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में स्थानीय समुदायों द्वारा महुआ, साल बीज, चिरौंजी और तेंदू पत्ता जैसे लघु वनोपज का संग्रहण किया जाता है। USTR का यह एकीकृत दृष्टिकोण पारिस्थितिक संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का एक आदर्श मॉडल है, जो दर्शाता है कि कैसे लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से संवेदनशील वन क्षेत्रों में संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में हुआ प्लेन क्रैश, पहाड़ी से टकराने के बाद आग की लपटें, पायलट-को-पायलट की मौत की आशंका

जशपुर  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के आरा पहाड़ से एक प्राइवेट विमान के टकराने की सूचना है। दरअसल, यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के टकराते ही पहाड़ के हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते चारों ओर धुएं का काला गुबार छा गया।इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ से टकराते ही विमान बना आग का गोला जशपुर-नारायणपुर क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ है, जहां अनियंत्रित होकर विमान सीधे पहाड़ के सीने से जा टकराया। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जिसमें आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए हैं। SSP लाल उमेंद खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं।पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में जुट गई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे के पास पहुंचने की कोशिश की जा रही है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। हताहतों की संख्या पर सस्पेंस बरकरार गौरतलब है कि अभी तक विमान में सवार कुल लोगों की संख्या या इस हादसे में जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग पर काबू पाने और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जांच के बाद खुलेगा राज बता दें कि यह विमान किसका था और इसने कहां से उड़ान भरी थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और घायलों को निकालने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर तैनात है।

Raipur Update: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ की रखी नींव

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कुराली में ड्रग्स व ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार का आयोजन

मोहाली ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, हरमनदीप सिंह हंस, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जिला SAS नगर और नवनीत सिंह महल, सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक की गाइडलाइन के अनुसार, करनैल सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक ने खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुराली (तहसील खरड़, जिला SAS नगर) में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार के दौरान, करनैल सिंह ने अपील की कि पंजाब सरकार के “ड्रग्स के खिलाफ जंग” अभियान के तहत हर नागरिक की भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी ड्रग ट्रैफिकिंग या ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत WhatsApp नंबर 9779100200 पर बता सकते हैं या पुलिस हेल्पलाइन 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकते हैं, ताकि ड्रग तस्करों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके और नशे के आदी लोगों का इलाज किया जा सके। उन्होंने लोगों को ड्रग्स के भयानक नुकसान के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया और कहा कि लापरवाही से गाड़ी चलाने से जान-माल का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अगर 18 साल से कम उम्र के बच्चे गाड़ी चलाते हैं, तो माता-पिता को 3 साल तक की जेल और 25,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, नाबालिग को गाड़ी देने वाले को भी इसी तरह की सज़ा हो सकती है। इस मौके पर गाड़ी चलाने वालों को सरकार की “गुड सेमेरिटन” स्कीम के बारे में भी बताया गया। बताया गया कि “फरिश्ते स्कीम” के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को 2000 रुपये का इनाम दिया जाता है। करनैल सिंह ने स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स में शामिल होने के लिए मोटिवेट किया और उनसे अपील की कि वे अपने परिवार वालों को भी ड्रग्स से दूर रहने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने और तेज़ रफ़्तार से गाड़ी न चलाने के लिए जागरूक करें। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल करमजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज ASI जगत सिंह, ASI यशपाल सिंह, ASI दविंदर सिंह, हवलदार दविंदर सिंह और स्कूल का दूसरा स्टाफ मौजूद था।

नेशनल फायर सर्विसेज वीक के 82वें संस्करण का समापन, अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित किए गए कर्मी

बटाला लोकल फायर ब्रिगेड ने भारत सरकार, पंजाब सरकार और कमिश्नर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डायरेक्शन में और स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चले “82वें नेशनल फायर सर्विसेज वीक” के खत्म होने पर आज “फीस्ट ऑफ ऑनर” ऑर्गनाइज़ किया। इस मौके पर चीफ गेस्ट असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गेस्ट सुपरिंटेंडेंट राजू, सैनिटरी इंस्पेक्टर विकास, सुपरिंटेंडेंट पलविंदर मिंग, हेड ड्राफ्ट्समैन अजैब सिंह, बिल्डिंग इंचार्ज धीरज कुमार (सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से) के साथ फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और फायर ब्रिगेड और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्टाफ मौजूद थे। इस मौके पर फायर ऑफिसर राकेश शर्मा ने क्लोजिंग सेरेमनी में मौजूद सभी का स्वागत किया और बताया कि इस साल की थीम, “सेफ स्कूल, सेफ हॉस्पिटल और फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक समाज, बुरी आग की घटनाओं को रोकना” के अनुसार, इसकी शुरुआत एक श्रद्धांजलि समारोह से हुई और बाद में स्कूलों, फैक्ट्रियों, प्लांट्स, घरों, प्रिंट मीडिया के जरिए इलाके के लोगों को जागरूक किया गया। बाद में असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा और सुपरिंटेंडेंट पलविंदर सिंह ने तारीफ करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस साल भी फायर ब्रिगेड बटाला पूरे पंजाब में नंबर वन रहा, जिसने पूरे हफ्ते जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बटाला शहर के आसपास आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें फायर ब्रिगेड के जवानों ने बड़ी हिम्मत, मेहनत और समझदारी से जान-माल के नुकसान को कम किया। इस दौरान कई कीमती जानें बचाईं, और लोगों से अपनी सेफ्टी के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की। ​​आए हुए मेहमानों को यादगार तोहफे दिए गए।