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नेशनल लोक अदालत के लिए डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज मोहाली की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए मीटिंग

मोहाली, नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, नई दिल्ली के जारी शेड्यूल के मुताबिक, 9 मई को अतुल कसाना, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज, SAS नगर की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट SAS नगर की सभी कोर्ट में नेशनल लोक अदालत लगाई जाएगी। इस लोक अदालत में राजीनामा लायक क्रिमिनल केस, चेक बाउंस केस, बैंक रिकवरी केस, शादी के झगड़े, MACT केस, लेबर झगड़े, ज़मीन खरीदने के केस, बिजली और पानी के बिल से जुड़े केस, रेवेन्यू डिपार्टमेंट के केस और दूसरे सभी सिविल केस सुने जाएंगे। इस बारे में, अतुल कसाना, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर समय-समय पर सेंट्रल और पंजाब गवर्नमेंट के अलग-अलग डिपार्टमेंट जैसे टेलीकॉम डिपार्टमेंट, बैंक, इंश्योरेंस कंपनी, बिजली डिपार्टमेंट और वाटर सप्लाई और सैनिटेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। उन अधिकारियों से अपील की गई है कि वे अपने डिपार्टमेंट से जुड़े पेंडिंग केस 09.05.2026 को होने वाली नेशनल लोक अदालत के ज़रिए हल करवा लें। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे केस जो अभी तक किसी कोर्ट में फाइल नहीं हुए हैं, लेकिन ऊपर बताई गई कैटेगरी में आते हैं, उन्हें भी लोक अदालत में पेश करके हल करवाया जा सकता है। इस मौके पर, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर की सेक्रेटरी अमनदीप कौर ने लोक अदालतों के फ़ायदों के बारे में बताया और कहा कि लोक अदालत में केस के निपटारे के बाद दी गई कोर्ट फ़ीस वापस कर दी जाती है और इन फ़ैसलों के ख़िलाफ़ कोई अपील नहीं होती।  

केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से कहा जस्टिस का मिसकैरिज होगा, जज ने नियम का हवाला देते हुए टाला फैसला

नई दिल्ली जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए, इसके लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को एक बार फिर हाई कोर्ट में पेश हुए और सीबीआई के लिखित जवाब को लेकर अपना रिजॉइंडर स्वीकार किए जाने की गुजारिश की। अदालत ने केजरीवाल को प्रक्रिया की याद दिलाई पर उनके जवाब को स्वीकार कर लिया है और फैसले को दो घंटे के लिए टाल दिया। केजरीवाल ने कहा, ‘आपने अनुमति दी थी मैम की रिजॉइंडर फाइल कर दो। रजिस्ट्री स्वीकार नहीं कर रही है। वह आदेश में नहीं आया। अगर हमारे रिजॉइंटर को रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया। ’मिसकैरिज ऑफ जस्टिस' हो जाएगा।' जज ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा, 'बार बार ये नहीं बोलना चाहिए कि 'मिसकैरिज ऑफ जस्टिस' हो जाएगा, क्योंकि अदालत ने प्रक्रिया से बाहर जाकर आपका हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल को नियमों की याद दिलाते हुए कहा, 'रजिस्ट्री आपकी याचिका इसलिए स्वीकार नहीं करती क्योंकि खुद आप अपनी पैरवी कर रहे हैं। इसलिए आपको ही पेश होना पड़ेगा। रिजस्ट्री का एक नियम है और आपको फॉलो करना पड़ेगा। आपको पहले यहां से मंजूरी लेनी पड़ेगी। यह कोई असाधारण केस नहीं है। हमने आपको लिखित जवाब की कॉपी दी। रिजॉइंडर कभी उसका फाइल नहीं होता है। जिस दिन आप कोर्ट से गए थे अनुमति लेकर गए थे। आपने कहा कि आप मेरा सम्मान करते हैं। मैं हर वादी का सम्मान करती हूं। मैं इसे लिखित जवाब के रूप में रिकॉर्ड पर लूंगी। चूंकि फैसला 2:30 तक सुरक्षित है, मैं उसमें विचार करूंगी।' दो घंटे के लिए टला फैसला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'मैं इसे लिखित दलीलों के रूप में रिकॉर्ड पर ले रही हूं। केजरीवाल द्वारा पक्षपात का आरोप लगाने के कारण उन्हें यह छूट दी जा रही है। चूंकि फैसला 2:30 बजे सुनाया जाना है, और उनके द्वारा हलफनामा दिए जाने के मद्देनजर, फैसला अब 4:30 बजे सुनाया जाएगा।' केजरीवाल ने रिजॉइंडर में क्या कहा है? अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से दाखिल जवाब के प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) में कहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने अटकलों, डर फैलने वाले बयानों और अपमानजनक आरोपों का सहारा लिया लेकिन जस्टिस शर्मा के बच्चों के सरकारी पैनल में होने को लेकर पक्षपात के आरोपों पर कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीबीआई इस मामले की सुनवाई केवल एक माननीय जज से करवाकर पूरी न्यायपालिका को बदनाम करना चाहती है।' केजरीवाल ने सीबीआई के उन आरोपों का विरोध किया कि वह 'दबाव बनाना चाहते हैं' और 'मामलों को लंबित रखना चाहते हैं' और 'बदनाम करने के लिए कैंपेन चला रहे हैं।'उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है। केजरीवाल ने अपने रिजॉइंडर में कहा है कि सीबीआई ने खुद स्वीकार किया है कि केंद्र सरकार की कानूनी व्यवस्था और जस्टिस शर्मा के परिवार के बीच सक्रिय व्यावसायिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि खुद सीबीआई के मुताबिक, जस्टिस शर्मा के बच्चे पैनल में निष्क्रिय नाम नहीं है बल्कि सरकार से कानूनी काम हासिल कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने सीबीआई की उन दलीलों का भी विरोध किया कि जिसमें एजेंसी ने कहा कि केजरीवाल की दलीलों के आधार पर तो 'सभी जज अयोग्य हो जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'तथ्यों पर जवाब देने के बजाय सीबीआई ने कहा कि 'देश के सभी जज अयोग्य हो जाएंगे' यह विवाद को बढ़ाने और पूरी न्यायपालिका को घसीटने की कोशिश है।'

Panipat Crisis: फायर ब्रिगेड कर्मी हड़ताल पर, सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे होमगार्ड

पानीपत. जिले में इन दिनों आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खेतों से लेकर खाली प्लॉट और अन्य स्थानों तक, रोजाना तीन से चार जगह आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को भी कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में आग लगने से फसल जलकर राख हो गई, जबकि शहर और आसपास के क्षेत्रों में तीन से अधिक स्थानों पर अज्ञात कारणों से आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के बीच अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी असर साफ दिख रहा है। विभाग के 105 अस्थायी कर्मचारी पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते आग बुझाने का जिम्मा काफी हद तक होमगार्ड के भरोसे चल रहा है। हालांकि होमगार्ड के जवान पूरी तरह प्रशिक्षित न होने के कारण आग पर काबू पाने में अपेक्षित दक्षता नहीं दिखा पा रहे हैं। रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाने में दमकल विभाग को करीब एक घंटा लगा। इस दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ। वहीं, अन्य स्थानों पर लगी आग की सूचनाएं मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन सीमित स्टाफ के चलते हर घटना से निपटना चुनौती बना हुआ है। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर नांदल के अनुसार, कर्मचारियों को रिस्क एलाउंस न मिलने और सुरक्षा की कमी के कारण यह हड़ताल जारी है। उन्होंने फरीदाबाद की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आग बुझाते समय दो फायरमैन की मृत्यु हो गई थी, लेकिन उनके परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है, लेकिन हादसे की स्थिति में सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। उधर, जिला अग्निशमन अधिकारी गुरमेल सिंह का कहना है कि आग की सूचना मिलते ही तुरंत दमकल गाड़ियां भेजी जा रही हैं और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए होमगार्ड की मदद ली जा रही है। बावजूद इसके, लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाएं और सीमित संसाधन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

Patiala Police Under Scanner: CCTV न लगाने पर हाईकोर्ट सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

पटियाला. थाने में सी.सी.टी.वी. कैमरे न लगाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक कंटेम्प्ट पटीशन के चलते पंजाब पुलिस घिरती नजर आ रही है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब पुलिस के डी.जी.पी. सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस संबंध में पटियाला जेल में बंद कैदी अमन प्रजापत ने अपने वकील एडवोकेट मयूर करकड़ा के माध्यम से पटीशन दायर की थी। नोटिस जारी होने के बाद एडवोकेट मयूर करकड़ा ने बताया कि उनके क्लाइंट अमन प्रजापत ने पंजाब पुलिस के खिलाफ पटीशन दायर कर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पटीशन में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के हर पुलिस थाने और चौकी में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन पटियाला पुलिस ने इन आदेशों की अवहेलना करते हुए कैमरे नहीं लगाए। पटीशनर की ओर से वकील मयूर करकड़ा ने अदालत में पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नोटिस ऑफ मोशन जारी करते हुए पंजाब पुलिस को 30 अप्रैल 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। करकड़ा ने बताया कि यह मामला एफआईआर नंबर 28 दिनांक 28.03.2024 से संबंधित है, जो एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत थाना सदर पटियाला में दर्ज हुई थी। पटीशनर का आरोप है कि पुलिस पोस्ट बहादुरगढ़ में सी.सी.टी.वी. कैमरे नहीं लगे थे, जिसके कारण उसके केस से जुड़े अहम सबूत उपलब्ध नहीं हो सके। ट्रायल के दौरान पुलिस गवाहों ने भी स्वीकार किया कि संबंधित पुलिस पोस्ट पर सी.सी.टी.वी. कैमरे मौजूद नहीं थे, जिससे कंप्लायंस रिपोर्ट पर सवाल खड़े होते हैं। पटीशनर ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताते हुए पटियाला जिले में सी.सी.टी.वी. व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस केस की पैरवी पटियाला की अदालत में आपराधिक मामलों के वरिष्ठ वकील सतीश करकड़ा कर रहे हैं और मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरजीत सिंह की अदालत में विचाराधीन है।

Chess Rising Stars: नक्सलगढ़ के मयंक और अयांश ने अंडर-15 और अंडर-11 में मारी बाजी

बस्तर. जगदलपुर के निर्मल विद्यालय में आयोजित द चेस नेशन शतरंज चैम्पियनशिप 2026 का भव्य समापन हुआ, जहां प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर बस्तर की बदलती तस्वीर को नई पहचान दी। ओपन वर्ग में रायपुर के सालिक नवाज मणिहार ने पहला स्थान हासिल कर ₹11 हजार जीते। बिलासपुर के रूपेश कुमार मिश्रा दूसरे और दुर्ग के यशद बंबेश्वर तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में अलंक्रुता मोहराना ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनकर बाजी मारी। अंडर-15 वर्ग में कोंडागांव के मयंक श्रीवास्तव विजेता रहे, जबकि जगदलपुर के एजीकियल सर्विन एक्का दूसरे और अथर्व मेश्राम तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में आयुषी राठी सर्वश्रेष्ठ रहीं। अंडर-11 वर्ग में जगदलपुर के अयांश दीक्षित ने पहला स्थान पाया। वेदांत शुक्ला दूसरे और सिद्धार्थ राव तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में बृष्टि साहा ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन साबित करता है कि बस्तर की नई पीढ़ी अब बंदूक नहीं, बुद्धि की ताकत से पहचान बना रही है।

मोनालिसा गर्भवती, केरल से खाली हाथ लौटी MP पुलिस, पेशी की संभावना नहीं

खंडवा  प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान वायरल हुई मोनालिसा भोंसले और उसके पति मोहम्मद फरमान को हिरासत में लेने के लिए कुछ दिन पहले केरल के कोच्चि पहुंची मध्य प्रदेश पुलिस की एक टीम को वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरमान ने पुलिस को बताया कि मोनालिसा गर्भवती है इसलिए वह पुलिस के सामने तुरंत पेश होने में असमर्थ है। जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस फिलहाल वहां से लौट गई। इस टीम में एक महिला अधिकारी सहित कुल पांच सदस्य थे। मनोरमा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार MP पुलिस की टीम 17 मार्च को यहां पहुंची थी और इस जोड़े का पता लगाने में नाकाम रही। इसके अलावा पुलिस को फरमान के एक दोस्त जोशुआ की तलाश थी, हालांकि उसे खोज पाने में भी पुलिस नाकाम रही। जोशुआ पर आरोप है कि उसने शादी कराने से लेकर वहां रहने का इंतजाम करने तक में इस जोड़े की मदद की। फरमान ने दी MP पुलिस को जानकारी रिपोर्ट के अनुसार MP से आई महेश्वर पुलिस एक महिला सब-इंस्पेक्टर को मोहम्मद फरमान ने अपनी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी दी। इस जोड़े ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में शादी की थी। इसके तुरंत बाद, लड़की के पिता ने मध्य प्रदेश में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल है। इसके बाद मोहम्मद फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, लड़की का दावा है कि वह बालिग है। मोनालिसा ने सरकार से की थी सुरक्षा की मांग मध्य प्रदेश पुलिस के कोच्चि पहुंचने के बाद मोनालिसा ने केरल के मुख्यमंत्री और कोच्चि शहर के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी फरमान के गिरफ्तारी वारंट पर केरल हाई कोर्ट ने पहले ही आगे की कार्यवाही तक रोक लगा दी थी। यह रोक 20 मई तक के लिए लगाई गई है। ST आयोग की जांच में नाबालिग निकली थी मोनालिसा मध्य प्रदेश की रहने वाली मोनालिसा भोसले ने पिछले महीने तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में यूपी के पालरा के रहने वाले फरमान खान से शादी कर ली थी। इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया था, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में मोनालिसा को नाबालिग पाया गया था। उधर लड़की के माता-पिता ने भी दावा किया था कि उनकी बेटी की उम्र अभी सिर्फ 16 साल है, जिसके बाद फरमान के खिलाफ महेश्वर पुलिस ने मोनालिसा के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। मोनालिसा खुद को बता रही 18 साल का MP पुलिस के कोच्चि पहुंचने पर मोनालिसा ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कोच्चि के पुलिस कमिश्नर को एक आवेदन सौंपकर सुरक्षा की मांग की थी। उस आवेदन में मोनालिसा ने दावा किया है कि उसकी उम्र 18 साल है और आरोप लगाया था कि उसे जबरन मध्य प्रदेश ले जाने की कोशिशें की जा सकती हैं। ऐसे में उसने ऐसी किसी भी कोशिश को रोकने के लिए अपने और फरमान के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। इससे पहले लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। 

राज्यपाल पटेल का बयान: प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण में ही सेवा का असली उद्देश्य

प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले लोकभवन में भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय वन सेवा, महज प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि मानवता, प्रकृति, वन्य जीव, सांस्कृतिक धरोहर और भावी पीढ़ियों के प्रति भी एक उत्तरदायित्व है। आप सभी सौभाग्यशाली है, जिन्हें जीवन भर प्रकृति की गोद में रहकर उसके संरक्षण और संवर्धन का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी, वन कानूनों और जनजातीय कल्याण के प्रावधानों का गहनता से अध्ययन करें, उन्हें समझे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करें। प्रशिक्षण की सीख को प्रकृति, वन, वन्य जीव और स्थानीय जन जीवन की बेहतरी में उपयोग करें। उनके कल्याण प्रयासों में ही आपकी सेवा की सार्थकता है। यह याद रखें कि आपका आत्मीय व्यवहार, वंचितों के प्रति समानुभूति और संवेदनशीलता ही आपकी सफलता का अंतिम पैमाना होगी। राज्यपाल पटेल सोमवार को भारतीय वन सेवा के 2024-26 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के सौजन्य भेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा में चयन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। पर्यावरण संरक्षण के लिए सोच, संकल्प और सेवा भाव जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राकृतिक असंतुलन, पर्यावरणीय चुनौतियों आदि के कारण वन एवं वन्य जीवन के संकट का समाधान अत्यंत जरूरी है। वन अधिकारी के रूप में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन आपका प्राथमिक दायित्व है। इसके लिए आपकी सोच, संकल्प और सेवा का भाव सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ हमेशा आत्मीय, सरल और सहज व्यवहार करें। अपने अच्छे व्यवहार और सहयोग से उनका विश्वास जीते। वनों की अवैधानिक कटाई, शिकार आदि समस्याओं के समाधान में स्थानीय लोगों का सहयोग प्राप्त करें। राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “एक पेड़-माँ के नाम” अभियान की चर्चा की। इसे स्थानीय सहभागिता से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की सराहनीय पहल बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ की वन भूमि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के साथ हमारी गौरवशाली सभ्यता, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी संजोए हुए हैं। प्रदेश में विस्तृत और विश्व प्रसिद्ध वन, अनेक राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य है। मध्यप्रदेश बाघ, चीतल, तेंदुआ, गिद्ध, घड़ियाल और चीता स्टेट के रूप में प्रसिद्ध है। राज्य में गैंडा, हाथी आदि वन्य जीवों के पुनर्वास के अभूतपूर्व प्रयास भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के वैज्ञानिक प्रबंधन प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वन-वन्य जीव प्रबंधन में अग्रणी राज्य है। सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण, आपकी जिम्मेदारी राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश में जनजातीय आबादी और वनों में मध्यप्रदेश प्रथम है। यहाँ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सतत्-समावेशी विकास और संरक्षण के द्वारा और अधिक समृद्ध बनाना आपकी जिम्मेदारी है। जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, विश्वास, मान्यताओं और मौलिकता के प्रति सम्मान के भाव के साथ कार्य करना, आपका नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय के प्राकृतिक और संवैधानिक अधिकारों के रक्षक के रूप में उनके सशक्तिकरण और कल्याण में आपकी भूमिका बहुत प्रभावी है। अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र, जैव विविधता के संकटों के समाधान में करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग के साथ वन, वन्य जीवों और स्थानीय लोगों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य करें। जनजातीय समुदाय की प्रकृति आधारित जीवन शैली, जड़ी-बूटियों के ज्ञान और कला की मौलिकता से आधुनिक जगत को परिचित कराएं। उनके लिए सतत आजीविका के प्रयासों में सहयोग करें। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का महत्व बताएं राज्यपाल पटेल ने कहा कि जब भी मैदानी भ्रमण पर जाएं तो स्थानीय लोगों से उनके बच्चों की शिक्षा की जानकारी जरूर लें। उन्हें शिक्षा का महत्व बताएं। अभिभावकों और बच्चों के साथ शिक्षा से जीवन में होने वाले बदलावों के संबंध में प्रेरक संवाद करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी को शिक्षा, कौशल उन्नयन तथा स्वास्थ्य और आजीविका की कल्याणकारी योजनाओं, कानूनों और प्रावधानों का लाभ लेने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। राज्यपाल पटेल का प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। उनका यादव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। स्वागत उद्बोधन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एच.आर.डी.) डॉ. बी.एस अन्निगेरी ने दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुसौम्या ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। उप वन संरक्षक मयंक सिंह गुर्जर ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, वन विभाग-लोकभवन के अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

IAS ऋचा शर्मा जिम की लिफ्ट में फंसी, घुटन से तबीयत बिगड़ी, हुआ बड़ा हादसा

रायपुर   आईएएस ऋचा शर्मा के साथ सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां जिम के लिए पहुंची अधिकारी करीब 20 मिनट के लिए लिफ्ट में फंसीं रहीं। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। हालांकि समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ देरी हो जाती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना रायपुर जिले के एयरपोर्ट मार्ग स्थित श्रीराम मंदिर चौक के पास बने करेंसी टावर की है। यहां छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी (ACS) सुबह लगभग 6:30 बजे लिफ्ट में फंस गई। ऋचा शर्मा रोज की तरह करेंसी टावर स्थित साईकस जिम जाने के लिए पहुंची थीं और लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई और वे अंदर ही फंस गईं। बताया जा रहा है कि लिफ्ट के अंदर न तो पर्याप्त रोशनी और न ही वेंटिलेशन की व्यवस्था थी। इतना ही नहीं लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म या हेल्पलाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नहीं थी। ऐसे में तत्काल मदद मिलना मुश्किल हो गया और वे अंदर लॉक हो गई। घुटन और घबराहट की वजह से कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसे में स्थिति को देखते हुए ऋचा शर्मा ने अपने मोबाइल से अधिकारियों को सूचना दी। उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी कॉल लगाया घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद लिफ्ट का दरवाजा मैन्युअली खोलकर करीब 20 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला गया। इतने में उनकी तबीयत बिगड़ चुकी थी। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारी की हालत स्थिर हुई और सबने राहत की सांस ली। वही घटना के बाद ऋचा शर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए बिल्डिंग प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी है। 

पंजाब मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक, 24 लाख से ज्यादा की हुई खरीदारी: लाल चंद कटारूचक्क

चंडीगढ़/ टांडा  पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज यहां दाना मंडी में गेहूं की खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए कहा कि राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्विघ्न जारी है और अब तक हुई 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आमद में से 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल खरीदी जा चुकी है। दाना मंडी में विधायक जसवीर सिंह राजा गिल और संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने निकटवर्ती गांव बस्ती के किसान जैला की ढेरी की खरीद करवाते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके कारण किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के बदले न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए के हिसाब से अब तक किसानों के खातों में 647 करोड़ रूपए की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना उठाने के लिए वचनबद्ध है, जिसके नतीजे के रूप में मंडियों में निर्विघ्न खरीद जारी है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के अंदर किसानों को बनती अदायगियां की जा रही हैं और इसके साथ ही लिफ्टिंग भी तेज हो रही है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। मंडियों में बोरे, मंडी मजदूर और ढुलाई के प्रबंधों की बात करते हुए लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि पूरे राज्य की मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध अमल में हैं और गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से जारी है। उन्होंने किसानों द्वारा अपने खून-पसीने और मेहनत से पैदा किए गए एक-एक दाने को खरीदने की राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में किसानों की फसल न्यूनतम समय में खरीदकर निर्धारित समय में उनके खातों में अदायगियां की जा रही हैं। कैबिनेट मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से उपलब्ध मशीनरी से इसका खेतों में ही प्रबंधन करें। पिछले दिनों बेमौसमी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के बारे में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही विशेष गिरदावरी के निर्देश दे दिए थे और किसानों के नुकसान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी। विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल को पिछले सालों की तरह सुचारू ढंग से साथ-साथ खरीदकर लिफ्ट करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लगातार किसानों का साथ दिया है और कई बड़े किसान हितैषी फैसले लिए हैं, जिससे राज्य भर में किसानों को बेहद लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल की खरीद के बदले निर्धारित समय के अंदर-अंदर अदायगियां सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी ताकीद की गई है कि मंडियों में किसानों की फसल की समय पर खरीद की जाए। वर्णनीय है कि जिला होशियारपुर में कुल 78 मंडियां स्थापित की गई हैं, जिनमें से 65 मंडियां पक्की और 13 स्थानों पर खरीद के अस्थायी प्रबंध किए गए हैं, जबकि जिले में कुल 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आमद की संभावना है। इस मौके पर एस.डी.एम. लवप्रीत सिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजविंदर सिंह, मार्केट कमेटी सचिव हरप्रीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति रजनीश कुमारी, डी.एफ.एस.सी. प्रीतकमल सूद आदि भी मौजूद थे।

Humanity Story: कैथल के शिक्षक ने पेश की मिसाल, मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

कैथल. जिला शिक्षा विभाग की तरफ से ईंट-भट्ठों पर रहने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में 94 ईंट-भट्ठों के करीब 2000 बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बलवंती के प्राचार्य व स्टाफ ने सराहनीय पहल करते हुए ईंट-भट्ठे के 32 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया। विद्यालय के प्राचार्य मामचंद ने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत और स्टाफ की सामूहिक इच्छा से लगातार चार दिन तक ईंट-भट्ठों पर जाकर सर्वे किया गया। इस दौरान अभिभावकों को विश्वास दिलाया गया कि उनके बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया। प्रवेश उत्सव के दौरान स्कूल में बाल वाटिका से कक्षा सातवीं तक दाखिले के दौरान बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई बच्चों को प्रेरित करने के लिए डिजिटल रूम में प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई और खेल सामग्री वितरित की गई। कुछ बच्चों के बाल कटवाए गए और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा शिक्षकों ने अपनी निजी धनराशि से बच्चों को वर्दी, जूते, किताबें और पेन उपलब्ध करवाए। विद्यालय स्टाफ ने बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए अपने निजी वाहनों का भी उपयोग किया। दोपहर में सभी बच्चों को भोजन कराया गया और अन्य विद्यार्थियों के साथ खेल गतिविधियों में शामिल किया गया। करीब 28 बच्चों को वर्दी वितरित की गई, जबकि शेष बच्चों को भी जल्द वर्दी देने का आश्वासन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा हैं। इस तरह से चली विभाग की कार्यवाही ईंट भट्ठा क्षेत्र से 32 बच्चों का दाखिला 10 बच्चों की बाल कटिंग, सभी को दोपहर का भोजन डिजिटल रूम में शैक्षणिक फिल्म, तालियों से स्वागत 28 बच्चों को वर्दी वितरण, खेल सामग्री व स्टेशनरी दी गई 4 बच्चों की नाप लेकर सोमवार को वर्दी देने का वादा 20 और बच्चों के आने की उम्मीद डीपीसी राजेंद्र आजाद ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न भट्ठों पर बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जगमिंदर सिंह, शिशपाल शर्मा, राजीव शर्मा, राजेश पंचाल, बलराज सिंह, कुसुम लता, रिम्पी देवी, संदीप, धर्मवीर, ओम प्रकाश, अंजू अरोड़ा, कविता देवी, सीतल देवी, सतनारायण, रमेश कुमार, सतीश कुमार, रवि व करमवीर मौजूद रहे।