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बकाया भुगतान नहीं करने पर सरकारी दफ्तर में कुर्की, मचा हड़कंप

 करौली राजस्थान के करौली कलेक्ट्रेट में  उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट की एक टीम अचानक सामान जब्त करने पहुंच गई. मामला इतना बढ़ गया कि टीम ने अल्प बचत अधिकारी के कार्यालय में रखी उनकी कुर्सी तक कुर्क कर ली. सरकारी दफ्तर में हुई इस कार्रवाई को देख वहां मौजूद कर्मचारी और अधिकारी दंग रह गए. दरअसल, यह पूरा मामला एक पुराने वित्तीय विवाद का नतीजा है, जिसमें अदालत के आदेश की पालना न होने पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा. आखिर क्या है पूरा मामला? यह पूरी कहानी हिण्डौन के रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता से जुड़ी है. राजेश ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ Court) में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उनका दावा था कि अल्प बचत योजना के तहत उनके 1.91 लाख रुपये विभाग के पास बकाया हैं. सिर्फ पैसा ही नहीं, राजेश ने 780 ग्राम चांदी और 33 ग्राम सोने के आभूषणों का भी दावा कोर्ट के सामने रखा था. अदालत में लंबी सुनवाई चली, लेकिन जब विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की का वारंट जारी कर दिया. कलेक्ट्रेट में कुर्सी की जब्ती हिण्डौन कोर्ट के आदेश पर करौली कोर्ट की टीम कलेक्ट्रेट स्थित अल्प बचत अधिकारी के दफ्तर पहुंची. टीम का नेतृत्व सेल अमीन तस्लीम हसन कर रहे थे. उस समय वहां जिला कोषाधिकारी अवधेश कुमार भी मौजूद थे. कोर्ट की टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दफ्तर का सामान समेटना शुरू किया. देखते ही देखते अधिकारी की कुर्सी को भी जब्त कर लिया गया. सरकारी दफ्तर से अधिकारी की कुर्सी उठाकर ले जाना विभाग की बड़ी किरकिरी माना जा रहा है. 'हक के लिए लड़ता रहूंगा' इस कार्रवाई के बाद परिवादी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहे थे. उन्होंने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनके हक में आया है और फिलहाल अधिकारी की कुर्सी को कुर्क किया गया है. राजेश के मुताबिक, यह तो बस शुरुआत है, यदि उनका बकाया पैसा और सोना-चांदी नहीं मिला, तो आगे की कार्रवाई भी न्यायालय के निर्देशानुसार ही की जाएगी.

रायपुर: यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर पर किया गया प्रदर्शन

रायपुर : यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में इस वर्ष 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद तकनीक अपनाएं, जिससे मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ दीर्घकालीन उत्पादकता सुनिश्चित हो सके। हरी खाद के अंतर्गत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद जुताई कर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात 2 से 3 सप्ताह बाद मुख्य फसल की बुवाई की जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्वों की पूर्ति करती है। हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, साथ ही जैविक पदार्थों में वृद्धि होती है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और भूमि भुरभुरी एवं अधिक उपजाऊ बनती है। हरी खाद अपनाने से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, की आवश्यकता में कमी आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद का उपयोग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उपाय है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

राजस्थान विधानसभा में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कल

जयपुर राजस्थान विधानसभा में कल अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा. इसमें बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और जाम्बिया सहित कुल 17 देशों के 43 प्रतिभागी भाग लेंगे. यह 37वां अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान प्रतिभागी राज्य की विधायी प्रक्रिया, संसदीय परंपराओं और कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा. साथ ही प्रतिभागियों का पीठासीन अधिकारियों और विधानसभा सचिव के साथ संवाद, विधि विशेषज्ञों से मुलाकात और राज्य के प्रमुख विधि संस्थानों का दौरा भी निर्धारित है. ITEC के तहत होगा कार्यक्रम कार्यक्रम का विषय इंटरनेशनल लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को विधायी मसौदा तैयार करने की वैचारिक समझ, कौशल और तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है. यह आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है. कल आएगा प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि 18 अप्रैल को विदेशी प्रतिनिधियों का दल राजस्थान विधानसभा के सदन, भवन और राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का भ्रमण करेगा. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा, जिसके तहत स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है. संसदीय सहयोग को मिलेगी मजबूती इस पहल से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का मौका मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल राज्यों की विधायी प्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसदीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी.

योगी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेज, अप्रैल में फैसला

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। यह सब अप्रैल महीने में ही होगा। बीते पखवारे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन के बाद अब बदलाव और विस्तार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहर लगनी है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और भारत सरकार में मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। उनकी हरी झंडी के बाद लखनऊ में तैयारी प्रारंभ होगी। रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार होने की पूरी संभावना है। इसके बाद संगठन के नये पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में गुरुवार को समीकरणों को फिर मथा गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर सभी पहलुओं को समझा। इससे पहले इन सभी ने भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह के साथ मंत्रिमंडल और संगठन विस्तार पर मंथन किया। भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है। अब भाजपा उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके तहत योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल और प्रदेश संगठन में भी फेरबदल होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव हो जाएगा। भाजपा प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है, इससे पहले सभासदों और नगर पंचायत सदस्यों को भी मनोनीत किया गया था। संगठन से ज्यादातर नेताओं की विदाई तय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को लेकर संगठन महामंत्री बीएम संतोष, भाजपा यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। इसके बाद यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम फाइनल कर दी गई। महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर जमे ज्यादातर नेताओं की विदाई तय हो गई है। इसके साथ युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की सूची पर भी विचार किया गया। ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों व प्रदेश पदाधिकारियों का नाम तय होने के साथ ही वहीं निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। सबसे ज्यादा बदलाव स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों में होने की संभावनाएं हैं। तीन से चार चेहरों को हटाकर संगठन में लाने पर मंथन किया गया है। पिछले दो माह की तस्वीर देखें कि लखनऊ में आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ बैठक कर चुके हैं। अप्रैल में ही सभी कसरतों को किया जाएगा पूरा इसके बाद संघ और भाजपा के बड़े पदाधिकारियों की बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। अब राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में रुककर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन से मिलकर सभी बिंदुओं पर चर्चा की। दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मिले थे। इसके बाद तत्काल बाद दिल्ली में फिर बैठक से साफ है कि पार्टी अप्रैल में ही सभी कसरतों को पूरा कर लेगी। मंत्रिमंडल में होगा बड़ा बदलाव माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में 12-14 बदलाव होंगे। संगठन और शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रियों के चार वर्ष के कार्य की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में उनके कामों का खाका तैयार किया है। मंत्री के काम काज के आकलन के बाद नॉन या लेस परफॉर्मर मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।  

विवेक खंड-2 में 410 कारों की अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की योजना

 लखनऊ  गोमती नगर के विवेक खंड दो में भूमिगत पार्किंग बनाने के लिए गोमती नगर जनकल्याण महासमिति ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विवेक खंड दो में बनने वाली यह ऐसी भूमिगत पार्किंग होगी जो आधुनिक सुविधाओं से जहां लैस होगी, वहीं गोमती नगर के विवेक खंड दो व आसपास क्षेत्र का जाम पूरी तरह नियंत्रित करने में सहायक भी होगी। इसमें स्मार्ट व्हीकल गाइडेंस एंड नेविगेशन होगा। आधुनिक सिक्योरिटी और सर्विलांस की सुविधा भी। आटोमेटेड पार्किंग के साथ ही वैलेट सिस्टम भी होगा। एसेस कंट्रोल, इलेक्ट्रानिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा सहित अन्य सुविधाओं से यह परिसर लैस होगा। खासबात है कि विवेक खंड दो स्थित लक्ष्मण मण्डपम के सामने स्थित पार्क में यह पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। महासमिति के महासचिव डा. राघवेंद्र शुक्ल कहते हैं कि प्रस्ताव बनकर तैयार है, लखनऊ विकास प्राधिकरण को इसे बनाना है। जल्द ही लोकार्पण इसका होना है। इस प्रयास से पत्रकारपुरम से लेकर विवेक खंड दो, तीन, रेलवे स्टेशन, मिठाई वाला चौराहे के आसपास के व्यापारी व ग्राहक अपने चार पहिया वाहन खड़ा कर सकेंगे। भूमिगत पार्किंग में चार पहिया वाहन 410 खड़े हों सकेंगे और दो पहिया वाहन 84 खड़े हो जाएंगे। पार्किंग का कुल क्षेत्र 14,176 वर्ग फिट का होगा। यह अपर ग्राउंड व लोअर ग्राउंड में बनाई जाएगी। महासिमित के अध्यक्ष प्रो (डा.) बीएन सिंह और सचिव संजय निगम कहते हैं कि गोमती नगर में सरकारी महिला डिग्री कालेज का स्थान तो है लेकिन डिग्री कालेज खुलवाने का प्रयास जारी है। महिला डिग्री कालेज में ही ला कालेज की स्थापना भी की जाएगी। उद्देश्य होगा कि छात्राओं को एक छत के नीचे उच्च शिक्षा मिल सके। इसके अलावा गोमती नगर में रेलवे स्टेशन तो खुल गया है, इससे गोमती नगर, इंदिरा नगर, चिनहट, शहीद पथ सहित चार लाख से अधिक आबादी को लाभ मिल रहा है। भविष्य में मुंशी पुलिया तक जाने वाली मेट्रो को विस्तार देते हुए गोमती नगर से भी जोड़ने की जरूरत है। निगम कहते हैं कि अगर यह सुविधा मिल जाए तो गोमती नगर भी चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के साथ ही नए व पुराने लखनऊ से मेट्रो के जरिए गोमती नगर से जुड़ा जाएगा। लखनऊ मेट्रो का विस्तार राजधानी में केंद्र व प्रदेश सरकार कर रही है। पुराने लखनऊ में मेट्रो का विस्तार इसी की बानगी है। समिति सदस्य कर्नल एएन पांडे व पीआर पांडे ने बताया कि विक्रांत खंड में जर्जर सड़कों एवं नालों के फिर से निर्माण को लेकर आवाज उठाई जा चुकी है। उम्मीद है कि कार्यदायी संस्थाएं जल्द ही इस दिशा में काम करेंगी। महासमिति सदस्य केके मौर्य और सी गोपाल कृष्णन नायर ने बताया कि विनीत खंड पांच और छह में पुरानी सीवर पाइपलाइन को बदलना और विकास खंड पांच में जिम जैसे कार्य भी महासमिति की सूची में प्राथमिकता है। इन पर जल्द ही काम होगा।

एमसीबी: जिला प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता, दिव्यांग रामकृपाल को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

एमसीबी आज मानवीय संवेदना, त्वरित कार्रवाई और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया। जनपद भरतपुर के ग्राम कुदरा निवासी दिव्यांग रामकृपाल अगरिया (पिता हीरालाल अगरिया) के लिए यह दिन नई उम्मीद और खुशियों की सौगात लेकर आया। रामकृपाल अगरिया, जो लंबे समय से आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे, अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उनकी स्थिति को समझते हुए डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हितग्राही को बिना विलंब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक सक्रियता से सुगम हुई राह डिप्टी कलेक्टर के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूर्ण किया और कुछ ही समय में रामकृपाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान कर दी गई। इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति के साथ जनहित के कार्यों में देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती। रामकृपाल के चेहरे पर लौटी मुस्कान ट्राई साइकिल की चाबी हाथ में मिलते ही रामकृपाल के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अब वे अपने दैनिक कार्यों और आजीविका के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगे। उनकी यह मुस्कान वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए एक भावुक क्षण बन गई। रामकृपाल अगरिया ने भावुक होकर कहा “मैंने सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी मेरी समस्या का समाधान हो जाएगा। जिला प्रशासन और इंदिरा मिश्रा मैडम का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। इस ट्राईसाइकिल से अब मेरी जिंदगी आसान हो जाएगी और मैं अपने काम खुद कर पाऊंगा।“ संवेदनशील प्रशासन का सशक्त उदाहरण जिला प्रशासन की इस त्वरित एवं मानवीय कार्यप्रणाली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि मंशा स्पष्ट हो और व्यवस्था संवेदनशील हो, तो शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में देर नहीं लगती। यह पहल न केवल एक दिव्यांग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित हुई है, बल्कि आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करती है।

अब तक 2937 स्थानों पर हुई जांच, 4527 गैस सिलेंडर जब्त किए गए

भोपाल  खाद्य, नागरिकआपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2937 स्थानों पर जांच की गई, 4527 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 7 64 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 1 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें। पीएनजी पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil)का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय ( Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माइग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kgके सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन, सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को उनके यहां रजिस्‍टर्ड 44 कम्‍प्रेस्‍ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्‍ट को चालू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में 136 बायोगैस प्‍लांट संचालित होना बताया गया है। इन बायोगैस प्‍लांटों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिये गये हैं। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाइप लाइन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस के लिये सभी सीजीडी संस्था एवं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगाए जाएं, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाइन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाइन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशानुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाइन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कॉमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइप लाइन बिछाने की आरओयूस्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाइप लाइन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाइप लाइन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये हैं।  

एमसीबी :प्रवासी मजदूरों को 5 किलोग्राम FTL एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी

एमसीबी जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने हेतु संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर द्वारा 5 किलोग्राम फी ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर प्रदाय करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र मजदूरों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रवासी मजदूरों को 5 किलोग्राम FTL एलपीजी सिलेंडर केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे श्रमिकों को राहत प्रदान करना है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं। निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य लाभार्थियों को सिलेंडर प्रदान करते समय उनसे पहचान प्रमाण (आधार कार्ड) प्राप्त किया जाएगा। साथ ही उनकी सहमति से श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार गैस कनेक्शन एवं रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। स्टॉक एवं वितरण पर कड़ी निगरानी एलपीजी वितरकों को निर्देशित किया गया है कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय तथा शेष सिलेण्डरों का नियमित अभिलेख संधारित करें। संबंधित अधिकारियों द्वारा इन अभिलेखों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, ताकि वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या व्यपवर्तन को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एलपीजी वितरकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक इस सुविधा का लाभ समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

धनबाद-बोकारो सड़क हादस,गैस रिसाव और भू-धंसान के बाद विस्थापन ही अंतिम विकल्प

धनबाद केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो सड़क धंसने के दूसरे दिन वहां बड़े पैमाने पर गैस रिसाव शुरू हो जाने से हड़कंप मच गया है। गैस रिसाव की सूचना पर पहुंचे धनबाद डीसी आदित्य रंजन एवं बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि विस्थापन ही अब अंतिम विकल्प है। अधिकारियों ने साइंटिफिक एजेंसियों की स्टडी के हवाले से बताया कि यह इलाका डेंजर जोन है। भूमिगत आग, भू-धंसान और गैस रिसाव पर नियंत्रण संभव नहीं लग रहा है। इसलिए बेलगड़िया शिफ्टिंग ही विकल्प है। एसएसपी प्रभात कुमार भी मौके पर मौजूद थे। डीसी ने कहा कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव बंद नहीं होगा। समय के साथ-साथ इसका दायरा बढ़ेगा। आईआईटी आईएसएम, खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), सिंफर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों ने इस स्थान का निरीक्षण कर निष्कर्ष निकला है कि पूरा क्षेत्र डेंजर जोन है। भविष्य में इससे भी अधिक भयावह स्थित हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित क्षेत्र से परिवारों का शिफ्ट होना ही एकमात्र विकल्प है। प्रभावितों को दिए जाएंगे दो फ्लैट झरिया मास्टर प्लान 2.0 में सरकार के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। उनके रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्र भी बनाया गया है। बिजली, पानी, सोलर स्ट्रीट लाइट, आवागमन के लिए बस का परिचालन, ई-रिक्शा, विद्यालय, हेल्थ सेंटर, रानी रोड का चौड़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण कंस्ट्रक्शन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। आनेवाले दिनों में यहां के निवासियों को किसी भी निजी सोसाइटी से अधिक सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण डेंजर जोन में रहने वाले भोले-भाले परिवारों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 535 परिवार प्रभावित डीसी ने बताया कि प्रभावितों की सूची में 535 परिवार हैं, लेकिन सर्वे में कुछ परिवार छूट गए हैं। जिला प्रशासन को अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले हर परिवार की सुरक्षा की चिंता है। इसलिए प्रशासन का प्रभावित परिवारों से अनुरोध है कि वे तत्काल बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं। वहीं अग्नि एवं भू-धंसान से प्रभावित धनबाद-बोकारो सड़क को लेकर डीसी ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करने का अनुरोध किया। साथ में कहा कि एनएचएआई एवं आरसीडी नई सड़क का आकलन कर रहे हैं। यह सड़क अब उपयोग के लायक नहीं है। मौके पर निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे। रूट होगा डायवर्ट, थाना दूसरी जगह शिफ्ट होगा आरसीडी की रिपोर्ट के अनुसार सड़क को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। डायवर्ट रूट पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने गैस रिसाव स्थल का भ्रमण किया। इसके बाद डीसी, सीएमडी एवं एसएसपी सहित जीएम आदि की मौजूदगी में बैठक की गई। डीसी ने बताया कि अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र से परिवारों को बेलगड़िया शिफ्ट करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ में सोमवार तक केंदुआडीह थाना, जो भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में है, उसे भी दो दिन में केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक के बाद उक्त स्थल का भी निरीक्षण किया।

बिहार आदेश: टीसी के आधार पर बच्चों का नामांकन नहीं रोका जाएगा

 सुपौल  जिले में अब निजी स्कूलों से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र अर्थात टीसी लेकर आने वाले बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं रोका जा सकेगा। जिला शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान प्रवीण कुमार ने इसको लेकर सभी सरकारी व निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर कहा कि कई अभिभावकों से शिकायत मिली है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन नहीं लिया जा रहा। तुरंत लिया जाएगा एक्शन विभाग ने इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना है। कहा है कि ऐसी शिकायत पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। जारी निर्देश में डीपीओ ने कहा है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूल में बच्चे का एडमिशन होगा। अगर बच्चे का आधार नहीं बना है, तो जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य पहचान पत्र देखकर भी दाखिला देना होगा। आधार के नाम पर किसी का नामांकन नहीं रोका जाएगा। नामांकन लटकाना गलत जिला कार्यालय से टीसी सत्यापित कराने के नाम पर दाखिले को लटकाना गलत है। यदि टीसी में वर्णित जानकारी पर कोई शक होता है तो सरकारी स्कूल के प्रधान निजी स्कूल से मौखिक या पत्राचार से एक सप्ताह में सत्यापन करा लेंगे। हालांकि, निजी विद्यालयों को भी इसमें कुछ बिंदुओं को अंकित करना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर स्कूल का यू-डायस कोड, मान्यता अवधि आदि अंकित रहना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि सभी स्कूल सरकार के नियम से बंधे हैं। किसी बच्चे का दाखिला रोकना अब कार्रवाई के दायरे में आएगा। दरअसल, कई निजी स्कूल संचालक सरकारी स्कूल में जाने वाले बच्चों को टीसी देने में आनाकानी करते हैं या सरकारी स्कूल टीसी को अमान्य बता देते थे। इससे बच्चों का एक साल बर्बाद होने का खतरा रहता था। नए आदेश से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।