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पर्यटन के क्षेत्र में GPM की बड़ी उपलब्धि, ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ से सम्मानित

विश्व पर्यटन दिवस पर जीपीएम जिले को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ पुरातात्विक धरोहर धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन जिले की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को मिली नई पहचान रायपुर  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा यहां की समृद्ध प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा जीपीएम जिले को ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं ‘छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन’ (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस’ के दौरान जिले को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिले की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहर ‘धनपुर’ पर आधारित आकर्षक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। कॉफी टेबल बुक का विमोचन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, कलेक्टर जीपीएम श्री विजय दयाराम के. तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे द्वारा किया गया। धनपुर की पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को समर्पित इस कॉफी टेबल बुक में क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व, पुरातात्विक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं को आकर्षक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पहल धनपुर को प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ ही जीपीएम जिले की अन्य पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति पर्यटकों की रुचि बढ़ाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी समृद्ध है। जिले में पर्यटन स्थलों की पहचान, संरक्षण, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन की संभावनाओं के विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ जिले के इन्हीं प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण पहचान है। यह सम्मान जीपीएम को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

कुनकुरी को बड़ी सौगात, सूर्य नमस्कार चौक और सामुदायिक भवन के लिए ₹1.01 करोड़ स्वीकृत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ रुपये के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति सूर्य नमस्कार चौक के लिए 76.81 लाख और सामुदायिक भवन के लिए 24.83 लाख रुपये स्वीकृत कुनकुरी में अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को मिलेगी गति, नगरवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सूर्य नमस्कार चौक और सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। दोनों कार्यों की स्वीकृति मिलने से कुनकुरी में अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान इन दोनों विकास कार्यों की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब दोनों कार्यों को अंतिम स्वीकृति मिलने के साथ ही इनके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 76.81 लाख रुपये से विकसित होगा सूर्य नमस्कार चौक कुनकुरी के वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास सूर्य नमस्कार चौक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 76.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। चौक के विकसित होने से नगर को एक आकर्षक और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिलेगा। यह नगर की पहचान को नया स्वरूप देने के साथ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। 24.83 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास ही सामुदायिक भवन का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए 24.83 लाख रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी होने पर नगरवासियों में खुशी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप दोनों विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने पर कुनकुरी नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। नगरवासियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी और कुनकुरी के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर जाना हाल राहत शिविर में प्रभावितों को स्वयं भोजन परोसकर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला सुकमा में बाढ़ प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेंगे 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र आकलन कर आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा देने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा – प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र पहुंचे सहायता, राहत और पुनर्वास में नहीं हो कोई कमी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाढ़ से प्रभावित शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत और पुनर्वास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से सुकमा जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन एवं गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण सबरी नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावितों के 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान की जाए। करीब 300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी हो। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। जिन परिवारों ने इस आपदा में नुकसान सहा है, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शासन की सहायता समय पर उन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, जाना लोगों का हाल

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सरिया के राहत शिविर में माताओं-बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से मिलकर जाना हाल, कहा—हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर जानी जरूरतें, अधिकारियों को राहत शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर  महानदी के बढ़ते जलस्तर से रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी आज प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचे। चौधरी ने सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर वहाँ ठहरे ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहत शिविर में चौधरी ने माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों और परिवारों की आवश्यकताओं की जानकारी ली। मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर प्रभावित ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें साझा कीं। चौधरी ने कहा कि बाढ़ के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में आना पड़ा है। यह समय प्रभावित परिवारों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन वे स्वयं को अकेला न समझें। शासन-प्रशासन उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, दवाइयों, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में रह रहे किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखने के निर्देश दिए। चौधरी ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और महानदी के जलस्तर की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करे। उल्लेखनीय है कि महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रायगढ़ जिले के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों तक पहुंचाने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

WPL 2027 की रिटेंशन लिस्ट जारी, ग्रेस हैरिस-स्नेहा राणा समेत कई बड़े नाम बाहर

नई दिल्ली महिला प्रीमियर लीग 2027 के पांचों फ्रेंचाइजी ने रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है। आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स ने अपने बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रिलीज किए गए और रिटेन किए गए खिलाड़ियों की पूरी सूची देखिए। WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिलीज किए गए प्लेयर्स की सूची रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: WPL 2027: गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लिन्से स्मिथ, ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता और गौतमी नाइक को रिलीज कर दिया है। ग्रेस हैरिस आरसीबी की बड़ी प्लेयर थीं। दिल्ली कैपिटल्स: WPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स ने एलाना किंग, एडला सृजना, लिजेल ली, प्रगति सिंह, स्नेहा राणा, तानिया भाटिया को महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए अपनी टीम से रिलीज कर दिया है। लिजेल ली और स्नेहा राणा दिल्ली कैपिटल्स की बड़ी प्लेयर थीं। मुंबई इंडियंस: WPL 2027: दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने जी कमलिनी, मिल्ली इलिंगवर्थ, क्रांति रेड्डी, पूनम खेमनार, सैका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज कर दिया है। गुजरात जायंट्स: WPL 2027: गुजरात जायंट्स ने डैनी व्याट-हॉज, आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह को रिलीज कर दिया है। यूपी वारियर्स: WPL 2027: यूपी वॉरियर्स ने आशा शोभना, श्वेता सहरावत, किरण नवगिरे, डिएंड्रा डॉटिन, एमी जोन्स और क्लोट्रायोन को टीम से बाहर कर दिया है। WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर्स की सूची दल्ली कैपिटल्स रिटेंशन लिस्ट: एनाबेल सदरलैंड, चिनेल हेनरी, दीया यादव, जेमिमा रोड्रिग्स, लौरा वोल्वार्ड्ट, लकी हैमिल्टन, ममता मदिवाला, मरिज़ाने काप, मिन्नू मनी, एन श्री चरणी, नंदनी शर्मा, निकी प्रसाद, शेफाली वर्मा। गुजरात जायंट्स द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर: अनुष्का शर्मा, एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, भारती फुलमाली, जॉर्जिया वेयरहैम, हैप्पी कुमारी, जिंतीमनी कलिता, कनिका अहूजा, काश्वी गौतम, किम गार्थ, राजेश्वरी गायकवाड़, रेणुका सिंह, सोफी डिवाइन, तनुजा कंवर, यास्तिका भाटिया मुंबई इंडियंस द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: अमनजोत कौर, अमेलिया केर, हरमनप्रीत कौर, हेली मैथ्यूज, नेट साइवर-ब्रंट, निकोला केरी, राहिला फिरदौस, सजीवन सजना, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, वैष्णवी शर्मा आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नादिन डी क्लर्क, जॉर्जिया वॉल, सायली सतघारे, प्रेमा रावत, प्रत्युषा कुमार, लॉरेन बेल यूपी वारियर्स द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल, क्रान्ति गौड़, मेग लैनिंग, फीबी लिचफील्ड, प्रतिका रावल, शिखा पांडे, शिप्रा गिरी, सिमरन शेख, सोफी एक्लेस्टोन, तारा नॉरिस। 28 अक्टूबर को होगा ऑक्शन बता दें कि कोई भी फ्रेंचाइजी अधिकतम 18 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकती है। इनमें से अधिकतम 6 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। महिला प्रीमियर लीग का ऑक्शन अगले महीने यानी अक्टूबर में 28 तारीख को कोच्चि में आयोजित किया जाएगा। टाटा महिला प्रीमियर लीग का 2027 संस्करण 14 जनवरी से 7 फरवरी तक खेला जाएगा।

अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हुईं शामिल, गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग

मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े  हुईं शामिल, गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा—मंत्री  राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं।  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रूचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है। महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

“देवास जॉब पोर्टल” को मिला प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड

भोपाल देवास में रोजगार के क्षेत्र में शुरू किए गए अभिनव नवाचार “देवास जॉब पोर्टल” ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में इस डिजिटल पहल को प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड – गोल्ड कैटेगरी’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार कलेक्टर  ऋतु राज सिंह के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के सुगम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मिली बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को देवास जिले के बागली विकासखंड में “देवास जॉब पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ किया गया था। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और उद्योगों को एक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी डिजिटल मंच पर जोड़ते हुए रोजगार के अवसरों को सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। देवास जॉब पोर्टल युवाओं और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। सितंबर 2026 तक पोर्टल पर 12,600 से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है। पोर्टल पर 258 उद्योगों और संस्थानों ने भागीदारी करते हुए 4600 रोजगार के अवसर सृजित किए, इनमें से 1,000 से अधिक स्थानीय अभ्यर्थियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ। स्थानीय प्रशासन, उद्योग और युवाओं के बीच सशक्त डिजिटल संपर्क स्थापित करने वाला यह मॉडल रोजगार की खोज और उपलब्धता के बीच के अंतर को समाप्त करने में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल साबित हुआ है।  

​मावा मीन अभियान- नारायणपुर के ग्रामीण अंचल में आजीविका की नई क्रांति

​मावा मीन अभियान- नारायणपुर के ग्रामीण अंचल में आजीविका की नई क्रांति   ​रायपुर       वनांचल जिले नारायणपुर में जल संरचनाओं के बहुउपयोग और ग्रामीण आजीविका को नई ऊँचाइयाँ देने के उद्देश्य से संचालित “मावा मीन अभियान” ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि का नया रंग भर रहा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत मनरेगा एवं वीबी-जी राम जी योजना से निर्मित जल संरचनाओं (डबरियों) को मत्स्य पालन से जोड़कर ग्रामीणों को स्वावलंबन की राह दिखाई जा रही है। जिले में कुल 200 डबरियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 165 डबरियों में गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का सफल संचयन एवं वितरण किया जा चुका है। इस पूरी व्यवस्था में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य विभाग द्वारा लाभार्थियों को बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी मार्गदर्शन भी निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।         ​इस नीली क्रांति और बदलाव की एक जीवंत मिसाल बने हैं ग्राम करलखा के निवासी श्री सुरेन्द्र नाग। शासकीय योजनाओं का सटीक लाभ उठाकर उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का मुख्य आधार बना लिया है। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्होंने अपनी निजी भूमि पर 1 हेक्टेयर जलक्षेत्र में तालाब का निर्माण कराया था। लगभग 7 लाख रुपये की कुल लागत से बने इस तालाब के लिए उन्हें 4.20 लाख रुपये का शासकीय अनुदान मिला, जबकि शेष 2.80 लाख रुपये उन्होंने स्वयं लगाए।         ​तालाब निर्माण के बाद मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर सुरेन्द्र नाग ने उत्पादन में नए आयाम स्थापित किए। वर्तमान में वे प्रतिवर्ष लगभग 1,000 से 2,000 किलोग्राम मछली तथा 150 किलोग्राम झींगा का सफल उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर साल करीब 2.50 से 3.50 लाख रुपये की अतिरिक्त शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। अपनी इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025-26 में 'झींगा सह मछली पालन योजना' के तहत झींगा बीज मिलने के बाद, अब वे मत्स्य एवं झींगा पालन के साथ-साथ कुक्कुट (मुर्गी) पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनके आय के स्रोतों में बहुगुणा वृद्धि हुई है।         ​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुरेन्द्र नाग बताते हैं कि शासकीय सहायता, सही तकनीकी मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत के बल पर ही उन्हें अपने गाँव में आत्मनिर्भर बनने का यह अवसर मिला है। वे अपनी इस आर्थिक मजबूती और स्वावलंबन के लिए राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन एवं मत्स्य विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। 'मावा मीन अभियान' आज नारायणपुर के सैकड़ों अन्य परिवारों के लिए भी समृद्धि और आत्मनिर्भरता की एक नई किरण साबित हो रहा है।

सारण शिक्षक MLC चुनाव में 23 अक्टूबर को वोटिंग, शिक्षकों को मिलेगा एक दिन का अवकाश

छपरा बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर, शुक्रवार को मतदान होगा। मतदान में शामिल होने वाले 10,731 शिक्षक मतदाताओं को एक दिन का विशेष अवकाश मिलेगा, जबकि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के अगले दिन का भी अवकाश अनुमन्य होगा। कार्यदिवस में मतदान होने और बड़ी संख्या में शिक्षकों के मतदाता होने के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती होगी। शिक्षक निर्वाचन में मतदाता स्वयं शिक्षक हैं। ऐसे में मतदान के दिन जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि, जिन शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगी है और जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता भी नहीं हैं, उन्हें निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना होगा। इन शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन सामान्य रखने का प्रयास किया जाएगा। चुनावी ड्यूटी वाले कर्मियों को दो दिन अवकाश निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लगाए गए शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के दिन के साथ अगले दिन भी अवकाश मिलेगा। मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन से संबंधित कार्यों के कारण अगले दिन भी इन कर्मियों की विद्यालयों में उपस्थिति नहीं होगी। वहीं, शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए केवल मतदान दिवस का विशेष अवकाश दिया जाएगा। इससे विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या पर अलग-अलग स्तर पर असर पड़ेगा। 10,731 शिक्षक करेंगे मताधिकार का प्रयोग सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,731 शिक्षक मतदाता पंजीकृत हैं। ये शिक्षक 23 अक्टूबर को अपने प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। इस बार शिक्षक ही मतदाता हैं, इसलिए मतदान में शिक्षकों की भागीदारी के साथ विद्यालयों में पठन-पाठन को सुचारू बनाए रखना शिक्षा प्रशासन के सामने अहम चुनौती होगी।  

राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से बदली योहिनापाली के नीलाम्बर की किस्मत

राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से बदली योहिनापाली के नीलाम्बर की किस्मत 10 से 65 लीटर पहुँचा दूध उत्पादन ​रायपुर      सारंगढ़ तहसील स्थित ग्राम योहिनापाली के पशुपालक श्री नीलाम्बर पटेल के लिए पशुपालन अब केवल जीवन-यापन का जरिया नहीं रहा, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन चुका है। राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (NAIP) और पशुपालन विभाग के निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन से उनके पशुधन में नस्ल सुधार हुआ, जिससे उनके जीवन में एक अभूतपूर्व बदलाव आया है।        ​कुछ वर्षों पूर्व तक नीलाम्बर के पास केवल 6 देशी नस्ल की गायें थीं, जिनसे प्रतिदिन कुल मिलाकर मात्र 10 से 15 लीटर दूध ही मिल पाता था। कम उत्पादन के कारण सीमित आय में परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करना, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना और खेती में निवेश करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस संघर्षपूर्ण स्थिति से बाहर निकलने के लिए उन्होंने पशुपालन विभाग से संपर्क किया और राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत अपनी गायों में कृत्रिम गर्भाधान कराने का निर्णय लिया। ​नस्ल सुधार के इस निर्णय से उनके पशुधन की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज उनके पास 2 एच.एफ. क्रॉसब्रीड और 4 जर्सी क्रॉसब्रीड दुधारू गायें हैं, जबकि इसी प्रक्रिया से जन्मी एक जर्सी क्रॉसब्रीड बछिया उनके डेयरी व्यवसाय के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रही है। उन्नत नस्ल की गायों के आने से दूध उत्पादन में क्रांतिकारी उछाल आया है और अब प्रतिदिन लगभग 60 से 65 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। नीलाम्बर इस दूध को स्थानीय निजी होटलों और ग्राहकों को 50 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचते हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन 2,400 से 2,600 रुपए की सीधी आय होती है। इस प्रकार उनकी मासिक आय 72,000 से 78,000 रुपए और वार्षिक आय लगभग 8.76 लाख से 9.36 लाख रूपए तक पहुँच गई है।         ​इस सफलता में पशुपालन विभाग की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का भी निरंतर सहयोग रहा है। पशुओं को समय-समय पर लगने वाले टीके,कृमिनाशन, जूं-नाशन, स्वास्थ्य परीक्षण और रोग नियंत्रण के तकनीकी मार्गदर्शन से दुग्ध उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है। इसके साथ ही, नीलाम्बर ने पशुपालन को कृषि से जोड़कर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। वे पशुओं से प्राप्त गोबर से जैविक खाद तैयार कर अपने खेतों में उपयोग कर रहे हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों का खर्च कम हुआ है और भूमि की उर्वरता भी बनी हुई है।          ​नीलाम्बर पटेल का मानना है कि सही तकनीक, शासकीय मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से पशुपालन ग्रामीण परिवारों के सशक्तिकरण और स्थायी आय का एक मजबूत जरिया बन सकता है। योहिनापाली की यह सफलता की कहानी आज क्षेत्र के अन्य ग्रामीण पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।