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CM मान ने कहा- बेअदबी बिल गवर्नर को भेजा, कैबिनेट बैठक की शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बता दें कि, इस बैठक को उद्योग जगत और सामाजिक योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक को लेकर मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से अधिसूचना जारी की है वहीं विस्तृत एजेंडा बाद में सार्वजनिक किया गया है। उद्योगपतियों को मिली राहत जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए। इससे पहले सरकार नई औद्योगिक नीति लागू कर चुकी है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को सहूलियत प्रदान करना है। माना जा रहा है कि आज की बैठक में इन प्रयासों को और मजबूती देने के लिए नई घोषणाएं हो सकती हैं।  इससे पहले कल पठानकोट में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि बिल अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है और जैसे ही बिल आएगा, उस पर विचार किया जाएगा। आज की बैठक में बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चल रही भर्तियों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कांफ्रंस करेंगे। एक महीने में यह दूसरी बैठक इससे पहले बड़ी कैबिनेट बैठक 11 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें ग्रामीण विकास और धार्मिक संरक्षण से जुड़े अहम फैसले लिए गए थे। इसमें 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइट्स लगाने को मंजूरी दी गई थी, जिसकी लागत ₹550 करोड़ तय की गई थी। साथ ही ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल-2026’ को मंजूरी मिली थी, जिसमें बेअदबी मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इससे पहले मार्च 2026 में हुई बैठकों में बजट से जुड़े फैसले, खिलाड़ियों के लिए 3% आरक्षण, स्वास्थ्य विभाग में भर्ती से जुड़ी अनुमति और शहीद होम गार्ड के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने जैसे निर्णय शामिल रहे थे। सामाजिक योजनाओं पर भी फोकस बैठक में मावां-धीयां सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की। इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना, पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बरकरार

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है. राज्य के पूर्वी हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं. इसके चलते, भीषण गर्मी के बीच तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा घंटो तक बरकरार नहीं रहेगी. अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी भी संभव है. रेगिस्तानी इलाकों में 43 डिग्री तापमान जाने की संभावना है. इन जिलों में बरसेंगे बादल कमजोर विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग और आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है. अलवर, डीग, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सीकर, चूरू और हनुमानगढ़ के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में मेघगर्जन/वज्रपात और झोकेदार तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा. कई इलाकों में पारा 1 से 2 डिग्री गिरा बीते दिन (16 अप्रैल) को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 42.9 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में 41.4 डिग्री दर्ज किया गया. कई स्थानों पर तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखी गई. 17 अप्रैल को भी अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट संभव है, जबकि न्यूनतम तापमान में मामूली बदलाव रह सकता है. फतेहपुर में सबसे कम तापमान 11.8 डिग्री दर्ज किया गया था. आगामी दिनों का अलर्ट 18 और 19 अप्रैल को राज्य के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 20 अप्रैल के आसपास एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में फिर मेघगर्जन और हल्की बारिश हो सकती है.

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जल्द शुरू, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

लखनऊ  दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे के बाद अब बहुत जल्‍द लखनऊ-कानपुर एक्‍सप्रेसवे का शुभारंभ हो सकता है। करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे 6 लेन एक्‍सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में है। इसके खुल जाने से लखनऊ के अमौसी से कानपुर के आजाद चौक तक का सफर मात्र 35 से 45 मिनट में संभव हो जाएगा। जब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे गाड़ियों के लिए खुल जाएगा, तो कार चालकों को 63 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए एक तरफ से 275 रुपये का टोल लगेगा। अगर 24 घंटे में वापसी हो जाती है तो 415 रुपये टोल लगेगा। जो लोग नियमित रूप से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करते हैं, उनके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सालाना पास सेवा का विकल्प दिया जाएगा। इसका शुल्‍क 3,075 रुपये होगा। इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों को फर्राटा भरने की अनुमति नहीं होगी। हमने कानपुर रिंग रोड पर काम पहले ही तेजी से शुरू कर दिया है। यह रिंग रोड कादर पटारी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इससे गाड़ी मालिकों को अपनी मंजिल तक पहुंचने का एक और विकल्प मिल जाएगा और उन्हें शहर के ट्रैफिक से बिल्कुल भी जूझना नहीं पड़ेगा। सालाना पास से 200 बार टोल से गुजर सकेंगे वाहन सालाना पास की मदद से एक वाहन मालिक इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे से 100 बार आना-जाना कर सकेगा। NHAI के अधिकारियों ने बताया कि सालाना पास के ज़रिए, एक वाहन को पास जारी होने के समय से एक साल के अंदर एक टोल प्लाजा से 200 बार गुजरने की अनुमति होती है। रोजाना सफर करने वालों का लगेगा मात्र 15.30 रुपये टोल हाईवे अथॉरिटी के कानपुर रीजनल ऑफिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कई लोग एक्सप्रेसवे की लागत पर सवाल उठा रहे हैं और उन्हें लगता है कि इसके चार्ज बहुत ज्‍यादा है। मैं बताना चाहता हूं सालाना पास एक्सप्रेसवे के साथ-साथ इस इलाके के दूसरे नेशनल हाईवे पर भी काम करेगा। इस पास से लोग एक साल में 200 बार टोल से गुजर सकेंगे या एक ही प्लाजा से 100 बार आना-जाना कर सकेंगे। ऐसे में, रोजाना सफर करने वालों के लिए एक ट्रिप की लागत 275 रुपये के बजाय घटकर 15.30 रुपये हो जाएगी। 120 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन दूसरी ओर, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अब ट्रैफिक संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस छह-लेन वाले स्पीड कॉरिडोर को खोलने की तारीख तय की जा सके। इस कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इस पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से गाड़ियां चल सकें। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 3,700 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसमें से 3,000 करोड़ रुपये सिविल कंस्ट्रक्शन के कामों पर खर्च किए गए हैं, जबकि बाकी रकम निजी जमीन खरीदने पर खर्च हुई है। दो साल में पूरा होगा कानपुर रिंग रोड का काम यह एक्सप्रेसवे सरोजिनी नगर के मीरानपुर पिनवट गांव से शुरू होगा और उन्नाव के कादर पटारी गांव में खत्म होगा। यह मौजूदा लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर, जाजमऊ गंगा पुल से 5.5 किलोमीटर आगे स्थित है। कानपुर रिंग रोड को पूरा होने में लगभग दो साल लगेंगे।

विरोध के बाद कम हुई बढ़ोतर,अब 21% हाउस टैक्स, कई राहतें लागू

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गृह कर (हाउस टैक्स) को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब नई दरों के ऐलान के साथ काफी हद तक स्पष्ट हो गया है। नगर निगम ने पुराने रेट के मुकाबले 21 प्रतिशत वृद्धि लागू करने का फैसला किया है, जबकि पहले 200 से 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को लेकर भारी विरोध दर्ज किया गया था। नई व्यवस्था में जहां एक ओर करदाताओं को राहत देने के लिए कई तरह की छूटों का प्रावधान किया गया है, वहीं कुछ शर्तें और प्रक्रियाएं अब भी लोगों के बीच चर्चा और असंतोष का विषय बनी हुई हैं। पहले के भारी विरोध के बाद घटाई गई वृद्धि दर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट किया कि पूर्व में हाउस टैक्स में 200 से 300 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित थी, जिस पर पार्षदों, आरडब्ल्यूए और जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी। अब संशोधित व्यवस्था में केवल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नगर निगम का दावा है कि यह निर्णय संतुलन बनाकर लिया गया है ताकि राजस्व भी प्रभावित न हो और जनता पर अतिरिक्त बोझ भी न पड़े। करदाताओं को कई तरह की छूटों का लाभ नई व्यवस्था के तहत गाजियाबाद नगर निगम ने टैक्स भुगतान में कई राहतें दी हैं। ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट, समय पर भुगतान करने पर 20 प्रतिशत की छूट और गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग देने पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है। निगम का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य करदाताओं को डिजिटल भुगतान और स्वच्छता व्यवस्था से जोड़ना है। 10 साल तक पुराने मकानों पर 25% छूट नई नीति के अनुसार 0 से 10 वर्ष पुराने मकानों पर 25 प्रतिशत तक की छूट स्वतः लागू होगी। इसके लिए किसी प्रकार का प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट सीधे हाउस टैक्स बिल में जुड़कर दिखाई देगी, जिससे करदाताओं को अलग प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। 10 से 40 साल पुराने मकानों के लिए अलग-अलग स्लैब 10 से 20 साल पुराने मकानों पर 32.5 प्रतिशत और 20 से 40 साल पुराने मकानों पर 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। हालांकि इन दोनों श्रेणियों में मकान की उम्र का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके लिए रजिस्ट्री की कॉपी, पुराना बिजली बिल, भवन का नक्शा या पुराना हाउस टैक्स बिल मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाएंगे। कमर्शियल संपत्तियों पर भी राहत नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल संपत्तियों पर टैक्स दर घरेलू संपत्तियों की तुलना में 3 से 6 गुना तक बनी रहेगी, लेकिन कुल मिलाकर विभिन्न श्रेणियों में लगभग 32 प्रतिशत तक राहत का लाभ मिल सकता है। निगम का कहना है कि टैक्स कैलकुलेशन घरेलू दरों के आधार पर ही किया जाएगा, जिससे कुछ वर्गों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कूड़ा अलग देने पर 10% छूट सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली व्यवस्था गीला और सूखा कूड़ा अलग देने पर मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट है। इसके लिए करदाताओं को रोजाना कूड़ा गाड़ी पर लगे QR कोड को मोबाइल ऐप से स्कैन करना होगा, जिससे यह दर्ज किया जाएगा कि कचरा अलग-अलग दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह प्रक्रिया जटिल है और आम नागरिकों के लिए नियमित रूप से इसका पालन करना मुश्किल हो सकता है। टैक्स विवाद समाधान के लिए बनेगी कमेटी नगर निगम ने यह भी घोषणा की है कि हाउस टैक्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें निगम अधिकारी और पार्षद दोनों शामिल होंगे। यह कमेटी समय-समय पर कैंप आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी और टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में काम करेगी। नई व्यवस्था से राहत और असमंजस दोनों बरकरार नई दरों के लागू होने के बाद जहां एक ओर करदाताओं को पहले की तुलना में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कुछ शर्तों और डिजिटल प्रक्रियाओं को लेकर असमंजस भी बना हुआ है। नगर निगम का दावा है कि यह व्यवस्था लंबे समय में पारदर्शिता और राजस्व दोनों को मजबूत करेगी।  

कैटरर ने शादी में रसगुल्ला खाने पर 11 साल के चमन को तंदूर में फेंका, हुआ फरार

बस्ती  यूपी के बस्ती का छावनी थाना क्षेत्र, जहां गुरुवार शाम मलौली गोसाई गांव में एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था. शादी के जश्न में बाराती, नाते-रिश्तेदार मौजूद थे. सब कुछ सामान्य था. इस बीच अपनी नानी के साथ पहुंचा 11 साल का चमन बार-बार काउंटर पर जाकर रसगुल्ले मांग रहा था. रसगुल्ला खाने की उसकी चाहत उसकी जान पर बन आएगी शायद उसने सोचा नहीं था. चमन के बार-बार रसगुल्ला मांगने पर नाराज कैटरर ने उसे जलती तंदूर पर बैठा दिया। लेकिन चमन फिसलकर तंदूर के अंदर गिर गया. उसकी चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग पहुंचे, चमन बुरी तरह झुलस गया था. इस बीच आरोपी कैटरर मौके से फरार हो गया. अब सवाल यह उठता है कि शादी में शामिल सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में कैसे यह घटना हुई और आरोपी कैसे फरार हो गया।  गोंडा जिले के नवाबगंज थाना दुर्जनपुर गांव का रहने वाला मासूम चमन अपनी मां के निधन के बाद से ही अपने ननिहाल बस्ती के बाघानाला में रह रहा है. गुरुवार को रिश्तेदारी में एक शादी के कार्यक्रम में वह नानी के साथ मलौली गोसाई गांव गया था. चारों तरफ ख़ुशी का माहौल था और लोग शादी के जष्न में मग्न थे.  11 साल का मासूम बार-बार काउंटर पर जाकर रसगुल्ला मांग रहा था. पहले तो कैटरर ठेकेदार ने उसे डराया फिर उसे जलती तंदूर पर बैठा दिया। जिसके बाद चमन फिसलकर तंदूर में जा गिरा. चमन की चीख पुकार सुनकर लोग जब तक पहुंचे वह बुरी तरह झुलस गया था।  गंभीर हालत में लखनऊ रेफर परिजनों ने उसे आनन-फानन में अयोध्या मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. इन सब के बीच किसी की नजर कैटरर पर नहीं गई जिसने यह जघन्य अपराध किया था. वह मौके से फरार हो गया. इस मामले में चमन के मां देवीदीन निषाद की तरफ से मुकदमा दर्ज करवाया गया है. जिसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है. एक रसगुल्ले के लिए मासूम अब जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।   

ED की रेड: पंजाब में संजीव अरोड़ा के घर और दफ्तर पर कार्रवाई, AAP ने BJP पर उठाए सवाल

लुधियाना पंजाब में आज सुबह-सुबह बड़ा एक्शन हुआ है. पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड हुई है. जी हां, मान सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और अन्य ठिकानों पर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय का सर्च ऑपरेशन चल रहा है. FEMA के तहत गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में कुल 13 जगहों पर छापेमारी की गई. मंत्री संजीव अरोड़ा के सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि उनके कुछ अन्य ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी ली गई. इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा को घेरा है।  दरअसल, ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की टीम आज सुबह लुधियाना में उनके घर में ईडी की टीम पहुंची और बाहर केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया गया है. मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी. ED सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है।  सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामले और कुछ जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं के शक के आधार पर की जा रही है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक ईडी की तरफ से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जांच को लेकर कई तरह की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं।  इस पर आम आदमी पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है. ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘ईडी ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां छापा मारा है. यह एक साफ पैटर्न है. भाजपा किसी भी राज्य चुनाव की तैयारी इसी तरह शुरू करती है।  वहीं पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी इस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘तीन दिन में पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है. अब पंजाब केबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां ईडी ने रेड की है. केंद्र सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं. अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है. पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है वो सही ही होता है फिर तो।  इससे पहले 15 अप्रैल को भी ईडी ने आम आदमी पार्टी से जुड़े राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान गुरुग्राम, पंजाब और जालंधर समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी. जांच कथित तौर पर फंड से जुड़े मामलों और यूनिवर्सिटी से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की जा रही थी।  खुलासे होने की संभावना इस पूरे घटनाक्रम के बीच संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे अटकलों का बाजार और भी गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो इसका असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल, ईडी की टीम द्वारा की जा रही यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे जुड़े कोई बड़े तथ्य सामने आते हैं या नहीं। कौन हैं संजीव अरोड़ा और कहां-कहां रेड? ईडी अभी पंजाब के मंत्री श्री संजीव अरोड़ा, उनके बि नेस पार्टनर लुधियाना के श्री हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के घरों और बिज़नेस की जगहों पर तलाशी ले रही है. संजीव अरोड़ा M/s Hampton Sky Realty Ltd (पहले M/s Ritesh Properties and Industries Ltd) कंपनी के प्रमोटर हैं, जो पंजाब में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का काम करती है. उनके बेटे काव्य अरोड़ा अभी कंपनी के MD हैं और उनके यहां भी तलाशी ली जा रही है।  • संजीव अरोड़ा की कंपनी पर कई तरह की गड़बड़ियों का शक है. जैसे पंजाब में ज़मीन के इस्तेमाल में गैर-कानूनी बदलाव करना, शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिक्री दिखाना, शेयर बाज़ार में इनसाइडर ट्रेडिंग के घोटाले करना, UAE से भारत में गलत तरीके से कमाए गए पैसों और गैर-कानूनी सट्टेबाजी के पैसों की राउंडट्रिपिंग करना, वगैरह।

संभल में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर मस्जिद और मदरसे पर चला बुलडोजर

 संभल संभल के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में जिला प्रशासन ने अवैध रूप से बनी मस्जिद, गौसुल मदरसा और पांच दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने खाद के गड्ढे और खेल के मैदान के लिए आरक्षित 700 वर्गमीटर सरकारी भूमि को चिन्हित किया था।  पैमाइश के बाद अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, जिसके बाद मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया. अब मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को गिराने के लिए बुलडोजर पहुंचा है. ग्रामीणों और मस्जिद कमेटी ने खुद ही प्रशासन से अवैध निर्माण हटाने में मदद मांगी थी।  भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण मस्जिद पर बुलडोजर चलने से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. सीओ कुलदीप सिंह के साथ दो थानों की पुलिस और आरपीएफ (RRF) के जवान मौके पर तैनात रहे. राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, यह निर्माण खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की जमीन पर किया गया था. 31 मार्च से ही कमेटी के लोगों ने खुद दुकानों और मदरसे को हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन मस्जिद का हिस्सा बाकी रहने पर अब प्रशासन ने इसे पूरी तरह ध्वस्त करने की कमान संभाली है।  प्रशासन का लैंड बैंक प्लान संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने साफ किया है कि सरकारी भूमि पर हुए सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे. जिले में सवा सौ हेक्टेयर भूमि को अब तक कब्जा मुक्त कराया जा चुका है. प्रशासन अब इन जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए एक 'लैंड बैंक' बना रहा है, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके. डीएम ने चेतावनी दी है कि अवैध अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण मौके पर शांति बनी हुई है. यह कार्रवाई संभल जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है. पूरा मामला अब तहसील स्तर पर निगरानी में है. गौरतलब है कि संभल जिला प्रशासन लगातार अवैध कब्जे पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रहा है. जिलाधिकारी ने खुद कहा है कि जिले में किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 31 जनवरी को बेदखली का आदेश मामले में लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी, 2026 को तहसीलदार न्यायालय में धारा 67 के तहत वाद दायर किया। इसके बाद 31 जनवरी को सार्वजनिक नोटिस जारी कर अखबार में प्रकाशन कराया गया। ताकि संबंधित पक्ष सामने आकर अपना दावा पेश कर सके। हालांकि तय समय सीमा में कोई भी व्यक्ति स्वामित्व का दावा करने या अपत्ति दर्ज करने के लिए नहीं आया। अदालत ने इसके बाद अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए, लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो 31 जनवरी को ही बेदखली का आदेश पारित कर दिया गया। पर्याप्‍त समय दिए जाने के बाद भी नहीं हटाया गया अवैध निर्माण उल्लेखनीय है कि इस आदेश के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई आपत्ति सामने नहीं आई। इससे प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। गुरुवार को एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसलिए अब बुलडोजर कार्रवाई अनिवार्य हो गई थी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।  

लखनऊ में सस्ते फ्लैट का मौका: 1BHK-2BHK के लिए आवेदन शुरू, लॉटरी से आवंटन

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की अटल नगर योजना के तहत 630 अफोर्डेबल फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। योजना में 539 फ्लैट 1 बीएचके और 91 फ्लैट 2 बीएचके के हैं। इच्छुक आवेदक एक महीने तक आवेदन कर सकेंगे। फ्लैटों का आवंटन पारदर्शी तरीके से लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि देवपुर पारा स्थित अटल नगर आवासीय योजना में 12 से लेकर 19 मंजिल के 15 टावरों में कुल 2,496 फ्लैट्स हैं। 30 वर्गमीटर से लेकर 54.95 वर्गमीटर क्षेत्रफल के इन फ्लैटों की कीमत लगभग 9.82 लाख रुपये से शुरू होती है। पूर्व में लॉटरी के माध्यम से फ्लैटों का आवंटन किया गया था, जिसमें शेष 630 फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से 17 मई तक पुनः पंजीकरण खोला जा रहा है। पंजीकरण शुल्क तय अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि इस अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, लिफ्ट, पावर बैकअप, सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन एवं किड्स प्ले एरिया व पार्किंग की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि 1 बीएचके के फ्लैट के लिए 55,658 रुपये और 2 बीएचके के फ्लैट के लिए 1,00852 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जोकि आवंटन न होने की दिशा में आवेदक को वापस कर दिया जाएगा। LDA उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अटल नगर योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना में लगभग 500 चार पहिया वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए ले-आउट में उपयुक्त स्थान चिह्नित करते हुए 15 दिन के अंदर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। इस क्रम में उपाध्यक्ष ने वाह्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की, जिसमें उन्होंने 1 माह के अंदर ड्रेनेज, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और एसटीपी से सीवर लाइन को जोड़ने का कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।  

शाकिब उर्फ डेविल नेटवर्क बेनकाब: दिल्ली-NCR से लखनऊ तक प्लानिंग

लखनऊ देश में रेलवे ट्रैक और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला शाकिब उर्फ डेविल इंस्टाग्राम पर 'RADHA KRISHNA' नाम से आईडी बनाकर जिहादियों को जोड़ रहा था। इसके लिए उसने वॉट्सऐप पर 'MUSLIM ARMY GROUP' भी बना रखा था। इंस्टाग्रम पर उसकी KING DEVIL 315 नाम की भी आईडी थी। शाकिब और उसके साथी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ तक आगजनी और तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने की तैयारी में थे। पाकिस्तानी हैंडलर से सीधा कनेक्शन एटीएस द्वारा बरामद मोबाइल फोन की जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी हैंडलर भारत में 'मुसलमानों पर जुल्म' का नरेटिव बनाकर सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक सुविधाओं को आग के हवाले करने के लिए उकसाता था। शुरुआती चरण में 'छोटी आगजनी' कर भरोसा जीतने और फिर 'बड़ी घटना' अंजाम देने की योजना बताई गई। जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी हैंडलर गूगल मैप के जरिए टारगेट की स्क्रीन रेकॉर्डिंग भेजता था। इन्हें शाकिब अपने साथियों विकास उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ पपला पंडित और अरबाब तक पहुंचाता था। अलीगढ़ के कार शोरूम को बनाया टारगेट इस तरह दिल्ली, अलीगढ़, गजियाबाद और लखनऊ में अलग-अलग ठिकानों की रेकी करवाई गई। बरामद डिजिटल साक्ष्यों में मेरठ बाईपास स्थित 'ऑटो टाइटन्स' शोरूम (राज्जनगर एक्सटेशन, गाजियाबाद) की लोकेशन विडियो, शालीमार गार्डन साहिबाबाद इलाके की रेकी तस्वीरें, और अन्य संवेदनशील जगहों के मैन व क्लिप शामिल हैं। अलीगढ़ में एक कार शोरूम को टारगेट के रूप में चुना गया था। खड़े ट्रकों को आग लगाने को लेकर हुई हैंडलर से बात एटीएस को आरोपितों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान ऐसी ऑडियो और चैट मिली, जिनसे स्पष्ट होता है कि गिरोह सड़क किनारे खड़े ट्रकों को आग लगाने की साजिश बना रहे थे। इसके अलावा आरोपित लोकेश उर्फ पपला पंडित ने पूछताछ में बताया कि उसने चार मार्च को गाजियाबाद में सड़क किनारे खड़े ट्रकों का विडियो बनाकर विकास उर्फ रौनक को भेजा था और उसके बाद पूछा था- 'क्या इन ट्रकों में आग लगा दें?' हैंडलर ने भेजे ऑडियो संदेश इन बातचीतों से यह साफ होता है कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से ऐसे ठिकानों को चुन रहा था, जहां सुरक्षा कम हो और आगजनी से अधिक दहशत व नुकसान पैदा किया जा सके। इसके अलावा बातचीत में 'विडियो बनाकर भेजो', 'लोकेशन मिली या नहीं', और 'अगर तुम नहीं करोगे तो दूसरा शोरूम फूंका जाएगा' जैसे वाक्य सामने आए। एक ऑडियो में बाजार/शोरूम को को किस तरह आग के हवाले करने की 'तरतीब' बताने का जिक्र है। पांच दिन की कस्टडी रिमांड के दौरान शाकिब और रौनक ने पुष्टि की कि ये पाकिस्तानी हैंडलर के भेजे ऑडियो संदेश है। 'जुल्म और अत्याचार का जवाब देना हमारा हक' एटीएस को शाकिब और उसके साथियों के पास से हिंदी भाषा में छपे हुए पंफ्लेट मिले थे। इन पंफ्लेटों का उद्देश्य घटना के बाद इलाके में दहशत और आतंक का माहौल बनाना था। पंपलेट में लिखा संदेश इस प्रकार था 'हम यह एलान करते हैं कि जो जुल्म और अत्याचार हमारे लोगों पर किए जा रहे हैं, उनका जवाब देना हमारा हक है। हम अपने मकसद से पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपने रास्ते पर चलते रहेंगे। यह केवल एक शुरुआत है, आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।' एक रेकी के लिए भेजे 13 हजार रुपये एटीएस की पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे वारदात को अंजाम देने के बाद ऐसे पम्पलेट घटनास्थल के आसपास फेंकते थे, ताकि लोगों में भय फैले। इसके साथ-साथ पम्पलेट फेंकने और आगजनी की पूरी घटना का विडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजा जाता था, जिससे वहां बैठे साजिशकर्ताओं को यह संदेश जा सके कि उनके निर्देशों र काम किया गया है। पूछताछ में यह भी उजागर हुआ कि गाजियाबाद की एक रेकी के लिए हैंडलर ने क्यूआर कोड के जरिए 13,000 भेजे थे।

बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प

बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत जनकपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया। एकीकृत बाल विकास परियोजना भरतपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी रहीं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, जिन्होंने थाना परिसर जनकपुर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बाल विवाह को समाज पर लगा एक गंभीर कलंक बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कुप्रथा बच्चों के अधिकारों का हनन करती है और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व भविष्य को गहरे संकट में डाल देती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से एकजुट होकर इस बुराई को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। चाइल्डलाइन टीम, परियोजना अधिकारी और थाना प्रभारी ने संवादात्मक सत्र के जरिए लोगों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें जागरूक किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य अनीता चौधरी ने भी अपने विचार रखते हुए बाल विवाह रोकने में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने समाज के हर वर्ग से सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में आईटीआई और शासकीय नवीन कॉलेज के छात्र-छात्राओं, महिलाओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभरा।