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प्रधानमंत्री के दृढ़इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णय से पूरा होगा महिलाओं का सपना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी का स्थान सर्वोच्च है। हम भगवान से पहले भगवती की पूजा करते हैं और ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी, बुद्धि के लिए सरस्वती और बल के लिए दुर्गा की आराधना की जाती हैं। साय ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का साहसिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम इस वर्ष को प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं और महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हुआ है और प्रदेश विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नया संबल मिलेगा। कार्यक्रम में “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने इस दौरान पुष्प के साथ महिलाओं का अभिनंदन कर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं। महिलाओं को जिम्मेदारी मिले तो वे देश की तस्वीर बदल सकती हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पद्मऊषा बारले, विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पद्मऊषा बारले, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

गैस लीकेज से हड़कंप: धनबाद-बोकारो सड़क धंसी, सुरक्षा के लिए पुलिस ने किया बैरिकेडिंग

धनबाद/केंदुआ. केंदुआ में एक बार फिर से भूधंसान हो रहा है। जहरीली गैस का रिसाव अभी पूरी तरह से बंद नहीं हुआ था कि इसी बीच बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क दब गई। सड़क करीब दो फीट तक नीचे दबी है। यह घटना भी पुराना महाप्रबंधक आवास के पास घटी है। इस स्थल से जहरीले गैस का भी रिसाव हुआ था। फिलहाल सड़क के दबने के बाद से इस पथ पर आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया गया है। वाहनों को केंदुआ पुल से पुराना थाना मोड़ होते हुए धनबाद भेजा जा रहा है। केंदुआडीह थाना पुलिस ने आसपास के लोगों को भी हटा रही है। पुलिस के अनुसार मंगलवार की देर शाम को ही सड़क दबी हुई दिख रही थी, लेकिन इसका अत्यधिक प्रभाव सुबह में दिखा। इसके बाद पुलिस ने तत्काल इस फोर लेन सड़क के दोनों तरफ बैरिकेटिंग लगाकर आवागमन को रोक दिया। सड़क के दबने के साथ ही आसपास के इलाकों में जमीन पर दरारें भी पड़ रही हैं। इससे लोगों में काफी दहशत है। दरारों का यह दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे भूधंसान और मकानों के जमींदोज होने का भी खतरा बढ़ र हा है। सीआइएसएफ तैनात, बीसीसीएल कर्मचारियों ने शुरू की घेराबंदी घटना के बाद से पुलिस के साथ यहां सीआइएसएफ को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा बीसीसीएल की ओर से इलाके की घेराबंदी की जा रही है। ताकि घटना स्थल की तरफ कोई भी न जाए और जान-माल की सुरक्षा हो सके। हालांकि अभी तक घटना स्थल पर प्रशासन या फिर बीसीसीएल के अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। छह अप्रैल को तीन दुकानों में पड़ी थी दरार इसी माह के छह अप्रैल को यहां पर तीन दुकानों में दरारें पड़ी थी। यह दुकानें भी पुराना महाप्रबंधक बंगाल की चाहरदीवारी से सटी हुई थीं। इन दुकानों को खाली कराने के साथ ही बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से मिठ्ठी भराई का काम कराया गया था। लगातार हो रही है नाइट्रोजन भराई केंदुआ स्थिति पुराना महाप्रबंधक आवास और इसके आसपास इलाको में दिसंबर 2025 में कार्बन मानोक्साइड गैस का रिसाव हुआ था। कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से राहत कार्य शुरू किया गया था। बीते चार माह से इस इलाके में जहरीली गैस को रोकने के लिए जमीन के अंदर नाइट्रोजन गैस की भराई लगातार हो रही है।  

हैरान करने वाली घटना: ASI ने पोती के हाथ-पैर बांधे, धूप में लिटाया; निलंबन के बाद जांच शुरू

फरीदकोट. पंजाब के फरीदकोट से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पंजाब पुलिस की एक लेडी ASI पर अपनी ही 5 वर्षीय पोती के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। बता दें कि लेडी ASI बच्ची की दादी है जिस पर आरोप है कि उसने बच्ची हाथ-पैर बांधकर घर के बाहर गेट से बांध दिया। बच्ची घंटों तेज धूप में तड़पती रही और चिल्लाती रही, 'मुझे मम्मी के पास जाना है।' इस पूरी घटना का मंजर लोगों ने वीडियो में कैद कर लिया और वीडियो वायरल कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. प्रज्ञा जैन ने हरकत में आते हुए लेडी ए.एस.आई. दादी सरबीत कौर को सस्पैंड कर दिया है। यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति को भेज दिया गया है। वीडियो में दिखा दर्दनाक मंजर वायरल वीडियो में बच्ची गेट से बंधी जमीन पर रोती-चिल्लाती नजर आती है। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए हैं और वह बार-बार “मम्मी के पास जाना है” कहते हुए रो रही है।  बच्ची की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे रस्सियों से मुक्त कराया। स्थानीय लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बाद में महिला उसे उठाकर अंदर ले गई। इस पूरे मंजर को देखकर लोगों में रोष फैल गया। वहीं, शुरूआती जांच में पता चला है कि बच्ची के माता-पिता पुर्तगाल में सेट हो गए हैं और बच्ची की देखबाल दादी करती है। बच्ची बाहर खेलने की जिद्द कर रही थी जिसके चलते उक्त ए.एस.आई. दादी ने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। ए.एस.आई. सरबजीत कौर जो बच्ची की दादी है ने सफाई देते हुए कहा कि वह उसके पति की तबीयत खराब होने के कारण वह तनाव में थी।  ऊपर से बच्ची बाहर खेलने की जिद कर रही तो उसने बच्ची को डराने के इरादे से यह कदम उठाया। लेकिन उसे अब अपनी गलती का अहसास है। वहीं, पुलिस और बाल कल्याण समिति द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बच्चे के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी से चयन सूची जारी

रायपुर.  छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदनों की चयन सूची ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से मंत्रालय महानदी भवन के मुख्यमंत्री कक्ष  से जारी की गई। यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी , उपसंचालक लोक शिक्षण  अशोक नारायण बंजारा ,आर टी  ई प्रभारी महेश नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आवेदन एवं चयन की स्थिति इस वर्ष कुल 21 हज़ार 975 सीटों के विरुद्ध 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हज़ार 236 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्र आवेदनों में से 14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। यह चयन संख्या मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों की आर.टी.ई. सीटों को छोड़कर है। इन विद्यालयों में जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी आयोजित कर पृथक जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल में अपडेट की जाएगी। जिलेवार चयनित विद्यार्थियों का विवरण जिलेवार चयनित विद्यार्थियों की स्थिति इस प्रकार है- रायपुर में 2606, बिलासपुर में 1509, दुर्ग में 1059, कोरबा में 534, राजनांदगांव में 480, बलौदाबाजार-भाटापारा में 457, जांजगीर-चांपा में 500, मुंगेली में 702, कवर्धा में 367, धमतरी में 354, बलरामपुर में 798, रायगढ़ में 544, बेमेतरा में 315, जशपुर में 543, सक्ती में 347, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 258, महासमुंद में 244, कांकेर में 471, बालोद में 353, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 195, सूरजपुर में 427, सरगुजा में 273, गरियाबंद में 193, कोरिया में 179, बस्तर में 135, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 206, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 112, कोंडागांव में 101, नारायणपुर में 35, मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 48, दंतेवाड़ा में 35, सुकमा में 9 तथा बीजापुर में 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। सीटें रिक्त रहने के प्रमुख कारण कुछ निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. सीटें पूर्ण रूप से नहीं भर पाईं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई विद्यालयों को आवेदकों द्वारा प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे उनके लिए आवेदन प्राप्त नहीं होते। साथ ही जिन विद्यालयों को द्वितीय या तृतीय प्राथमिकता में रखा जाता है, वहां भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि आवेदकों को उनकी प्रथम प्राथमिकता वाले विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे विद्यालय, जो किसी भी आवेदक की प्राथमिकता में नहीं आते, उनकी सीटें खाली रह जाती हैं। राज्य शासन द्वारा आर.टी.ई. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न किया गया है। आगामी चरणों में शेष सीटों की पूर्ति एवं ऑफलाइन लॉटरी से संबंधित जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।

नवागढ़ अध्यक्ष केस में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर लगाई स्टे

नवागढ़/बिलासपुर. बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष सिद्धांत चौहान को हटाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक लगा दी है। कोर्ट ने उन्हें हटाने के आदेश के प्रभाव एवं प्रचलन (इम्प्लीमेंटेशन) पर भी फिलहाल स्थगन दिया है। न्यायालय ने सिद्धांत चौहान को पद पर बने रहते हुए कार्य करते रहने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, सिद्धांत चौहान का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष के पद पर दिनांक 15.02.25 को हुआ, और पहली मीटिंग दिनांक 08.03.25 को हुई, जिसमें उपाध्यक्ष का चुनाव किया गया। 11.03.25 को सिद्धांत चौहान द्वारा प्रेसिडेंट इन काउंसिल का गठन किया गया, परंतु प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्यों द्वारा इस्तीफा प्रस्तुत किया गया, जिसे सिद्धांत चौहान द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। इसके पश्चात नगर पंचायत नवागढ़ के विभिन्न कार्यों का संपादन नियमानुसार सिद्धांत चौहान द्वारा किया गया। पार्षदों द्वारा असहयोग किए जाने पर निर्माण व आवश्यक कार्यों से संबंधित सभी प्रस्ताव सामान्य सभा में प्रस्तुत किए गए और कोरम पूर्ण न होने पर स्थगित adjourn मीटिंग में उन सभी प्रस्तावों को पास किया और कार्य किए गए। परंतु राजनीतिक विद्वेषवश राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41(क) के अंतर्गत दिनांक 04.12.25 को सिद्धांत चौहान को अध्यक्ष पद से हटाने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब सिद्धांत चौहान द्वारा विस्तार से सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। लेकिन जवाब को संतोषजनक न मानते हुए, नए-पुराने आधारों पर सिद्धांत चौहान को राज्य सरकार द्वारा आदेश दिनांक 20.03.26 के माध्यम से अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और अगले कार्यकाल के लिए अनर्ह घोषित किया गया। उक्त आदेश दिनांक 20.03.26 को सिद्धांत चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता प्रतीक शर्मा, प्रज्ञा वैष्णव एवं अरिंदम मित्रा के माध्यम से रिट याचिका प्रस्तुत कर चुनौती दी गई, जिसमें न्यायमूर्ति एन. के. चंद्रवंशी द्वारा सुनवाई के पश्चात आदेश दिनांक 20.03.26 के प्रभाव एवं प्रचलन पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने सरकार और प्रशासन से मांगा जवाब अगली सुनवाई तक सिद्धांत चौहान को नगर पंचायत नवागढ़, जिला बेमेतरा के अध्यक्ष पद पर कार्य करते रहने की अनुमति दी गई है तथा राज्य सरकार, सचिव नगर विकास एवं प्रशासन, संचालक, अंडर सेक्रेटरी, कलेक्टर बेमेतरा और नगर पंचायत नवागढ़ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला

भोपाल.  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश जल्द ही सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। मंत्री शुक्ला ने रेस्को की विकासक इकाइयों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। मंत्रालय में बुधवार को मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना'' अंतर्गत प्रदेश में शासकीय भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति के माध्यम से सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिये शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (एमओयू) हुए। मंत्री शुक्ला ने बताया कि पुलिस, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जेल विभाग के शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं एवं रेस्को विकासक इकाइयों के बीच हुए विद्युत क्रय अनुबंध में विभिन्न कार्य सम्पादित किये जायेंगे। पुलिस विभाग के स्पेशल ब्रांच पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, श्यामला हिल्स (हुजूर) में 185 किलोवॉट, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला चिकित्सालय बैरागढ़ में 100 किलोवॉट तथा जेल विभाग के अंतर्गत न्यू सेंट्रल जेल में 370 किलोवॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र रेस्को मोड में स्थापित किए जाएंगे। मंत्री शुक्ला ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, होराइजन रेस्को एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड एवं संबंधित हितग्राही संस्थाओं के बीच विद्युत क्रय अनुबंध हुए हैं। विद्युत क्रय अनुबंधों पर पुलिस विभाग की ओर से उप पुलिस अधीक्षक अमिताभ श्रीवास्तव, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी जे.के. जैन तथा जेल विभाग की ओर से जेल अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा हस्ताक्षर किये। रेस्को पद्धति के अंतर्गत संयंत्र की स्थापना एवं 25 वर्षों तक उसका संचालन एवं रख-रखाव पूर्णतः रेस्को विकासक इकाई द्वारा किया जाता है। इस अवधि में संयंत्र की वारंटी भी विकासक इकाई के पास रहती है। इस मॉडल की विशेषता यह है कि शासन को संयंत्र स्थापना के लिये कोई प्रारंभिक व्यय नहीं करना पड़ता। शासकीय कार्यालयों द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा के लिए प्रति यूनिट निर्धारित दर से भुगतान किया जाता है। भोपाल जिले में यह दर ₹3.78 प्रति यूनिट निर्धारित है। निवेश शून्य, बचत पहले दिन से मंत्री शुक्ला ने बताया कि शासकीय संस्थान “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत एवं नेट-जीरो की दिशा में अग्रसर” की अवधारणा को साकार कर सकेंगे। संयंत्र स्थापना का कार्य निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित रेस्को विकासक इकाइयों द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के शासकीय भवनों को रेस्को मोड में सौर ऊर्जा से आच्छादित करने के लिये “एक जिला-एक रेस्को” की तर्ज पर 55 जिलों के लिए 48 मेगावॉट क्षमता के लगभग 1300 शासकीय भवनों के लिये जिलेवार निविदाएं जारी की गई थीं। इस प्रक्रिया में 13 विकासकों का सफलतापूर्वक चयन कर 47 जिलों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। मंत्री शुक्ला ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम दर इंदौर जिले के लिए ₹3.40 प्रति यूनिट, ग्वालियर जिले के लिए ₹3.49 प्रति यूनिट, भोपाल जिले के लिए ₹3.78 प्रति यूनिट, उज्जैन जिले के लिए ₹3.97 प्रति यूनिट तथा अधिकतम ₹4.01 प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई है। इस योजना के प्रभावी एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से प्रदेश निश्चित ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।  

छात्र-आश्रमों में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनशीलता और देशभक्ति के सकारात्मक वातावरण को प्रोत्साहित किया जाए। छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन में जन अभियान परिषद और गायत्री परिवार जैसी संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जनजातीय कार्य विभाग की मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह वर्चुअल शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में खाना बनाने, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। छात्रावासों के संवेदनशील प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था हो। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के लगभग 3000 आश्रम/ छात्रावास और अनुसूचित जाति विकास विभाग के लगभग 2000 आश्रम/ छात्रावास संचालित हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

योगी सरकार ने गंगा किनारों का विकास कर 90 हजार परिवारों को बनाया आत्म निर्भर

गंगा के किनारे 26 जिलों में ऑर्गेनिक क्लस्टर से बदल रही यूपी की तस्वीर योगी सरकार ने गंगा किनारों का विकास कर 90 हजार परिवारों को बनाया आत्म निर्भर गंगा किनारे प्रदेश में अब आस्था के साथ बह रही है समृद्धि की नई धारा ऑर्गेनिक विलेज डेवलप कर रही योगी सरकार, रसायन-मुक्त खेती को बनाया मिशन नमामि गंगे के तहत 3,370 जैविक क्लस्टर संचालित, जैविक और प्राकृतिक खेती से किसान बन रहे समृद्ध लखनऊ मां गंगा के किनारे उत्तर प्रदेश में अब आस्था के साथ समृद्धि की नई धारा भी बह रही है। योगी सरकार ने गंगा के तटवर्ती 26 जिलों में जैविक खेती का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रहा है बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था को भी नई दिशा दे रहा है। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा के दोनों किनारों पर 5-5 किलोमीटर क्षेत्र में 3,370 जैविक क्लस्टर विकसित किए गए हैं, जिनसे करीब 90 हजार किसान परिवार आत्मनिर्भर बने हैं। योगी सरकार इन क्षेत्रों में ऑर्गेनिक विलेज विकसित कर रसायन-मुक्त खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।       कम लागत और ज्यादा मुनाफा जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों की उत्पादन लागत घटी है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से जहां लागत घटी है, लाख ही बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों से बाजार में अधिक कीमत मिल रही है। यह पहल केवल खेती सुधार तक सीमित नहीं है। इससे गंगा की स्वच्छता, मिट्टी की गुणवत्ता,  भूजल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सभी को लाभ मिल रहा है। गांव-गांव प्रशिक्षण, तकनीक और प्रोत्साहन केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राकृतिक उर्वरक और पारंपरिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देकर टिकाऊ खेती का मॉडल तैयार किया जा रहा है। वहीं, वर्ष 2024-25 में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा अब तक 35 जनपदों में जिला स्तर पर प्राकृतिक खेती की कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी वित्तीय वर्ष में बाकी जनपदों में भी कार्यशालाएं प्रस्तावित हैं। ऑर्गेनिक विलेज में मिल रहे ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ प्रदेश के 26 गंगा तटवर्ती जिलों में चल रहे इस अभियान के तहत अब तक 3,370 जैविक क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे किसान परिवार सीधे जुड़ चुके हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। गंगा के दोनों किनारों पर ऑर्गेनिक बेल्ट को इस मॉडल के लिए विकसित किया गया है, जहां गांव स्तर पर ऑर्गेनिक विलेज तैयार किए जा रहे हैं। जिससे लोगों को ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।  रसायन-मुक्त उत्पादन से उपभोक्ताओं के बीच बढ़ी डिमांड इस योजना की खास बात ये है कि एक ओर जहां किसानों की आय बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर लोग कीटनाशकों से प्रभावित वस्तुओं से होने वाली बीमारियों से भी बच रहे हैं। किसानों का रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर खर्च घटा है, वहीं दूसरी ओर  मिट्टी की उर्वरता बेहतर हुई है। इसके चलते  जैविक उत्पादों को बाजार में प्रीमियम रेट मिल रहा है और रसायन-मुक्त उत्पादन से उपभोक्ताओं के बीच मांग भी बढ़ी है।

रांची में हड़कंप,ट्रेजरी गड़बड़ी की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित

रांची झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले की वजह से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सरकार इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है. इसके साथ ही मामले के आपराधिक पहलुओं को उजागर करने की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंपी गई है. वेतन के नाम पर हुई गड़बड़ियों की होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वित्त मंत्री ने विशेष रूप से हजारीबाग, बोकारो और रांची में वेतन मद में हुई अवैध निकासी का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है ”शुरुआती जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर मोटी रकम निकाली गई है”. आईएएस अधिकारियों की कमेटी यह जांच करेगी कि तकनीकी स्तर पर चूक कहां हुई और किन अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रेजरी के सुरक्षा तंत्र को तोड़ा गया. वहीं, सीआईडी उन चेहरों को बेनकाब करेगी जिन्होंने साजिश रचकर सरकारी राशि का गबन किया है. राज्य के सभी 33 कोषागारों की ऑनलाइन निगरानी सरकार ने केवल तीन जिलों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के सभी 33 कोषागारों (Treasuries) का विस्तृत ऑडिट और जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि विभाग के वेब पोर्टल के माध्यम से सभी कोषागारों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है. यदि कहीं भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या डाटा में हेरफेर पाया जाता है, तो वहां तत्काल विशेष टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी. दोषियों के लिए कोई रियायत नहीं सरकार के कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि इस बार दोषियों को बचाने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा. वित्त मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रिपोर्ट आने के बाद संलिप्त अधिकारियों और कर्मियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर सख्त कानूनी मुकदमा भी चलाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इस कार्रवाई के जरिये एक ऐसी उदाहरण पेश करना है जिससे भविष्य में सरकारी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके.

डेजर्ट नेशनल पार्क में नई स्पाइडर प्रजाति मिली, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

 जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर में स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क से एक बड़ी खोज सामने आई है. इस क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति ‘मोग्रस शुष्का' को खोजा है. इस खोज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. यह शोध European Journal of Taxonomy और Zootaxa जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हुआ है. इससे यह स्पष्ट है कि यह खोज वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. चार नई प्रजातियों की पहचान इस अध्ययन में सिर्फ ‘मोग्रस शुष्का' ही नहीं बल्कि तीन अन्य नई प्रजातियों की भी पहचान की गई है. इनमें मोग्रस पुणे लैंगेलुरिलस सह्याद्री और लैंगेलुरिलस उदयपुरीन्सिस शामिल हैं. यह खोज दर्शाती है कि रेगिस्तान में अभी भी कई अनदेखे जीव मौजूद हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार ‘मोग्रस शुष्का' अत्यधिक गर्मी कम नमी और रेतीले माहौल में आसानी से खुद को ढाल लेती है. यह प्रजाति Rajasthan और Gujarat के शुष्क इलाकों में पाई जाती है. पुरानी प्रजातियों की भी नई जानकारी शोध में कुछ पहले से ज्ञात प्रजातियों की अधूरी जानकारी भी पूरी की गई. मोग्रस राजस्थानेंसिस के नर का पहली बार वैज्ञानिक विवरण मिला जबकि कुछ अन्य प्रजातियों की मादाओं का भी पहली बार वर्णन किया गया. एक और चौंकाने वाली बात यह रही कि मोग्रस लारिसाए नामक मकड़ी जो पहले केवल कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान में पाई जाती थी उसे पहली बार भारत में दर्ज किया गया. पारिस्थितिकी में मकड़ियों की बड़ी भूमिका विशेषज्ञों का कहना है कि मकड़ियां कीटों की संख्या नियंत्रित कर फसलों की रक्षा करती हैं और फूड चेन को संतुलित बनाए रखती हैं. दुनिया भर में मकड़ियां हर साल लगभग 300 मिलियन टन कीट खा जाती हैं. रेगिस्तानी जैव विविधता का नया आयाम डेजर्ट नेशनल पार्क अब सिर्फ गोडावण जैसे बड़े जीवों के लिए नहीं बल्कि सूक्ष्म जीव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण बनता जा रहा है. यहां करीब 120 प्रकार की स्पाइडर प्रजातियां पाई जाती हैं जो इसकी समृद्ध पारिस्थितिकी को दर्शाती हैं.