samacharsecretary.com

बस्तर से रायगढ़ तक बाढ़ का कहर, 16 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

रायपुरबीजापुरजीपीएमदुर्ग छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश तबाही लेकर आई. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. शहरों में पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा. दुर्ग रायपुर का संपर्क कट गया. गरियाबंद धमतरी के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया. ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर बाढ़ के पानी से भर गए, लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी. शनिवार देर रात से बारिश की रफ्तार कुछ कम हुई. रविवार सुबह से बारिश थम गई, जिसके बाद अब हालात पटरी पर आने लगे हैं।  सुकमा दौरे पर सीएम विष्णुदेव साय सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर और सुकमा जिले दौरे पर पहुंच रहे हैं. सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और राहत शिविरों में जाएंगे. साय प्रभावित परिवारों के घरों तक जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और उनकी बात कर उनकी परेशानी सुनेंगे. मुख्यमंत्री अधिकारियों से नुकसान का जायजा लेंगे।  रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत 12 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश थमने के बाद अब नदी-नालों का पानी उतर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिन से बंद था। महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश में उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई। इन्द्रावती नदी पार फंसे कर्मचारियों का रेस्क्यू बीजापुर जिले मे लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया. जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गया था. इसी दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने से कर्मचारी वहीं फंस गए।  बीजापुर में बाढ़ में फंसे कर्मचारी एयरलिफ्ट कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचाया.जिला अस्पताल में कलेक्टर विश्वदीप की उपस्थिति में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी. कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की।  कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों में जिला प्रशासन पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है. प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राहत एवं बचाव दल लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।  बीजापुर: सात दिनों से फंसे पटवारियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू बीजापुर में इंद्रावती नदी की बाढ़ के कारण सात दिनों से फंसे दो पटवारी सहित आधा दर्जन कर्मचारियों का रेस्क्यू सफल रहा। 27 सितंबर को नईदुनिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने तत्परता दिखाई। कलेक्टर विश्वदीप की पहल पर रविवार शाम को हेलीकॉप्टर से इन सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बीजापुर हेलीपैड पर उतरते ही सभी को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया। कर्मचारियों का दल एक सप्ताह पहले राजस्व सर्वे के कार्य से नाव से इंद्रावती नदी पार कर अंदरूनी गांवों में गया था। दल में दो पटवारी, दो चैनमेन और दो सर्वेयर शामिल थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो गया। कर्मचारियों के दो दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे थे। SDM भैरमगढ़ विकास सर्वे ने बताया कि प्रशासन ने दो बार रेस्क्यू टीम को नदी तक भेजा, लेकिन तेज बहाव के कारण टीम लौट गई। कुछ कर्मचारियों के बीमार होने पर कलेक्टर ने वायुसेना से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसके बाद सभी को सुरक्षित लाया गया। रायगढ़: महानदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर, गांवों में घुसा पानी रायगढ़ में लगातार बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ने से रायगढ़ और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुसौर क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील के रानीडीह-पोरथ मार्ग, कोर्रा और आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। खेत, गलियां और सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। महानदी में बढ़ते जलप्रवाह का असर कलमा बैराज में भी साफ दिखाई दे रहा है। 27 सितंबर की सुबह 11 बजे बैराज का जलस्तर 199.35 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 198.50 मीटर से 0.85 मीटर अधिक है। बैराज का पूर्ण जलस्तर 197 मीटर बताया गया है। शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर पहुंच गया था। टाटी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है और कल्याण गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी पहुंच गया है। अंबिकापुर: कनहर नदी में 14 घंटे तक फंसे रहे तीन ग्रामीण अंबिकापुर में बलरामपुर विकासखंड के कोटपाली-खजुरी में कनहर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण करीब 14 घंटे तक फंसे रहे। जिला प्रशासन, नगर सेना के गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रात करीब 12 बजे नाव के सहारे तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। तीनों की हालत सामान्य है। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में ग्राम कोठली निवासी सरजू राम (45), उनकी पत्नी राजकुमारी (40) और ग्राम जाबगड़ी निवासी फूलमनिया (30) शामिल हैं। तीनों शुक्रवार को रिश्तेदार के यहां मेहमानी के लिए कोटपाली आए थे। शनिवार सुबह … Read more

भोपाल में नए नियम लागू, प्लॉट पर 12% ओपन स्पेस रखना होगा जरूरी

भोपाल भोपाल के मास्टर प्लान-2047 के प्रस्तावित ड्राफ्ट में शहर के विकास और नई कॉलोनियों के स्वरूप को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब किसी भी नई कॉलोनी में महज सड़क चौड़ी होने से कोई प्लॉट कमर्शियल नहीं मान लिया जाएगा। इसके लिए लेआउट में स्पष्ट मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, कॉलोनियों में हरियाली और बच्चों के लिए खेल मैदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खुली जगह (ओपन स्पेस) का दायरा भी 10% से बढ़ाकर 12% कर दिया है। चौड़ी सड़क का मतलब सीधे कमर्शियल प्लॉट नहीं     मास्टर प्लान के ड्राफ्ट के अनुसार, नई कॉलोनियों में सड़क की चौड़ाई के आधार पर दुकान, ऑफिस, अस्पताल या मॉल खोलने की गुंजाइश तो दी है, लेकिन लेआउट पास करते समय ही यह तय करना होगा कि कमर्शियल या मिक्स लैंड यूज के प्लॉट कहां होंगे। नई कॉलोनी में कुल आवासीय क्षेत्र के अधिकतम 5% हिस्से में ही स्थानीय जरूरतों वाली दुकानें खोलने की अनुमति होगी। हालांकि, अगर सड़क 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी है, तो इस 5% की सीमा के अलावा भी मिक्स लैंड यूज वाले प्लॉट मंजूर किए जा सकेंगे। पहले से बसी पुरानी कॉलोनियों में सड़क की चौड़ाई के हिसाब से कमर्शियल गतिविधियों की छूट मिलेगी, लेकिन आवासीय परिसरों में गैर-आवासीय उपयोग स्वीकृत एफएआर (FAR) के अधिकतम 50% तक ही सीमित रहेगा। हरियाली और खेल मैदानों पर विशेष जोर नए प्रस्ताव में पर्यावरण और खुले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। नई कॉलोनियों में अब 12 प्रतिशत सामुदायिक खुली जगह छोड़ना अनिवार्य होगा, जिसमें से आधी जगह एक साथ (सिंगल पैच में) रखनी होगी। इस कुल खुले क्षेत्र का 30 फीसदी हिस्सा पेड़-पौधों के लिए और 30 फीसदी बच्चों के खेल मैदान के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा, सर्विस सुविधाओं के लिए अलग से 2% जमीन छोड़ना भी अनिवार्य किया गया है। शहर के बाहर व्यक्तिगत मकान बनाने पर सख्त हुए नियम     अक्सर लोग शहर के बाहर शांत इलाकों में बड़ी जमीन लेकर अपना अलग मकान बना लेते हैं, जिससे वहां सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का दबाव बढ़ जाता है। अब ऐसे व्यक्तिगत मकानों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं।     इनके लिए कम से कम 9 मीटर चौड़ी सड़क का होना जरूरी है। साथ ही अधिकतम 25% ग्राउंड कवरेज, 10 मीटर ऊंचाई और 1.25 एफएआर (FAR) का प्रस्ताव रखा गया है। मकान मालिक को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसकी जमीन किसी अवैध कॉलोनी का हिस्सा तो नहीं है।     नक्शा पास कराते समय प्लॉट के चारों ओर छोड़ी जाने वाली जगह (मार्जिन) के नियमों में छोटे प्लॉट वालों को काफी राहत दी गई है है। 517 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सिर्फ सामने की तरफ 3 मीटर जगह छोड़नी होगी। पीछे या अगल-बगल कोई जगह छोड़ने की जरूरत नहीं है।     517 से 1615 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सामने 3 मीटर और पीछे 1.5 मीटर जगह छोड़नी होगी। 1615 से 2422 वर्ग फीट तक के प्लॉट में सामने 3 मीटर, पीछे 1.5 मीटर और एक तरफ 3 मीटर जगह छोड़नी होगी। इससे बड़े आकार (5382 वर्ग फीट तक) के प्लॉट्स के लिए साइज के हिसाब से चारों तरफ जगह छोड़ने के अलग-अलग नियम तय किए गए हैं। दूसरी ओर, सामान्य आवासीय प्लॉट्स पर निर्माण की अच्छी छूट दी गई है। मसलन, 5000 वर्ग फीट के प्लॉट पर सभी मंजिलों को मिलाकर 7500 वर्ग फीट तक निर्माण किया जा सकता है। इसकी अधिकतम ऊंचाई 12.50 मीटर हो सकती है और इसमें ज्यादा से ज्यादा 6 फ्लैट बनाने की इजाजत होगी। अतिरिक्त निर्माण के लिए टीडीआर (TDR) और शुल्क का फॉर्मूला अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक निर्माण करना चाहता है, तो उसे अतिरिक्त एफएआर का 50% हिस्सा शुल्क देकर और बाकी 50% हिस्सा टीडीआर (यानी दूसरे की जमीन से मिला निर्माण अधिकार) के जरिए हासिल करना होगा। वहीं, 12.50 मीटर तक की ऊंचाई वाले मकानों में एफएआर को 1.25 से बढ़ाकर 1.50 तक ले जाने के लिए पूरा अतिरिक्त अधिकार शुल्क देकर मंजूरी प्राप्त की जा सकती है।

सपा-कांग्रेस की तकरार पर राजभर का हमला, अखिलेश से पूछा- ‘इसको गठबंधन कहते हैं?’

राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, सपा-कांग्रेस गठबंधन को बताया ‘ठगबंधन’ सपा-कांग्रेस की तकरार पर राजभर का हमला, अखिलेश से पूछा- ‘इसको गठबंधन कहते हैं?’ राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए? सपा-कांग्रेस की खींचतान पर राजभर का हमला, बोले- ‘लड़ाई इस बात की है कि कौन बड़ा ठग?’ राजभर ने अखिलेश को अमेठी जाने की दी नसीहत, राहुल गांधी पर भी कसा तंज लखनऊ  समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ती तकरार को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए संभावित गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया। 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?' राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव रायबरेली गए तो कांग्रेस के लोग उन्हें इटावा जाने को कह रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव को लेकर भी तंज कसा और कहा कि ‘चच्चू’ कांग्रेस वालों को जसवंतनगर बुलाकर औकात दिखाना चाह रहे हैं। राजभर ने आगे लिखा कि इमरान मसूद अखिलेश को आंखें दिखा रहे हैं और इकरा हसन कांग्रेस वालों को उनकी जगह दिखा रही हैं। वहीं, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को छोटा भाई बना दिया है और सपा के प्रवक्ता कांग्रेसियों को लिमिट में रहने की सीख दे रहे हैं। इसी को लेकर राजभर ने सवाल किया, 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?' 'असल में इसको ठगबंधन कहा जाता है' ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने लिखा कि ठगी के लिए प्लानिंग भी हो रही है और ‘लूट के माल’ की बंदरबांट को लेकर भी लड़ाई हो रही है। राजभर ने आगे तंज करते हुए लिखा कि लड़ाई इस बात की है कि ‘कौन बड़ा ठग?’ अखिलेश से पूछा- नेताओं को परमिशन आपने दी है? राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए लिखा कि क्या अपने नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन उन्होंने ही दी है या फिर शिवपाल यादव और बाकी नेता इस मामले में ‘आत्मनिर्भर’ हो गए हैं। अमेठी जाने की दी नसीहत राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा कि अगर अखिलेश रथ निकाल रहे हैं तो लखनऊ के बगल में अमेठी है और उन्हें वहां एक चक्कर लगा लेना चाहिए। राजभर ने अमेठी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यही अमेठी है, जिसने ‘आपके मित्र राहुल बाबा को सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि भगा दिया।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा 'उसी अमेठी घूम आइये महाराज, कांग्रेसियों को जलने दीजिए।'

पर्यटन से आगे बढ़ेगा जैसलमेर, रेल कनेक्टिविटी और 5.5 GW ऊर्जा निकासी से बदलेगी तस्वीर

जैसलमेर थार की अर्थव्यवस्था अब केवल किले, रेगिस्तान और पर्यटन तक सीमित नहीं है। रेल नेटवर्क का विस्तार, सीमा तक मजबूत होती सड़कें, बड़े स्तर पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं और बिजली निकासी का ढांचा जैसलमेर की आर्थिक भूमिका को नया आकार दे रहा है। जैसलमेर पर्यटन केंद्र के साथ परिवहन, ऊर्जा और सीमा कनेक्टिविटी के बड़े क्षेत्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन रहा है। रेल : पर्यटन केंद्र से परिवहन नेटवर्क तक जैसलमेर रेलवे स्टेशन का करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास पूरा हो चुका है। स्टेशन पर 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, छह मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल, पार्किंग, प्लेटफॉर्म शेल्टर, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। करीब 67 करोड़ रुपए के कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी शुभारंभ हो चुका है। रेल मंत्रालय के अनुसार इससे ट्रेनों की रखरखाव क्षमता बढ़ेगी और अधिक ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी। साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार किया गया और 23 मई 2026 से साबरमती-जैसलमेर दैनिक सुपरफास्ट सेवा शुरू हुई। वहीं रामदेवरा-पोकरण के बीच 13.38 किलोमीटर नई रेल लाइन की स्वीकृत लागत 189.21 करोड़ रुपए है और परियोजना की लक्ष्य तिथि मार्च 2028 है। यह रामदेवरा-पोकरण क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली नई कड़ी है। ऊर्जा : थार की जमीन से बड़े बिजली बाजार तक जैसलमेर-पोकरण क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा विस्तार आर्थिक बदलाव का दूसरा बड़ा आधार है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार फलोदी-पोकरण सोलर पार्क की कुल क्षमता 750 मेगावाट है, जिसमें 450 मेगावाट कमीशन हो चुकी है। फतेहगढ़ फेज-1बी की क्षमता 1,500 मेगावाट है, जिसमें 1,496 मेगावाट कमीशन हो चुकी है। इस तरह दोनों परियोजनाओं की कुल परियोजना क्षमता 2,250 मेगावाट और कमीशन क्षमता 1,946 मेगावाट है। बिजली उत्पादन के साथ उसे ग्रिड तक पहुंचाने का ढांचा भी महत्वपूर्ण है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के दस्तावेज में राजस्थान अक्षय ऊर्जा क्षेत्र फेज-4 के 5.5 गीगावाट जैसलमेर-बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से बिजली निकासी से जुड़ी ट्रांसमिशन व्यवस्था दर्ज है। इसलिए 5.5 गीगावाट को ट्रांसमिशन क्षमता कहना सही नहीं होगा; यह इतनी अक्षय ऊर्जा की निकासी से जुड़ी व्यवस्था है। सीमा : रणनीतिक सड़क से आर्थिक कनेक्टिविटी तक म्याजलार-जैसलमेर और सुंदर-म्याजलार-अंबासिंह की ढाणी मार्ग के 134 किलोमीटर हिस्से के दो-लेन पेव्ड-शोल्डर उन्नयन की आधारशिला रखी गई है। वहीं तनोट-रामगढ़-जैसलमेर और मोकल-सरकारितला मार्ग के 191 किलोमीटर हिस्से का दो-लेन पेव्ड-शोल्डर उन्नयन पूरा हो चुका है। एनएचएआई के अनुसार इन परियोजनाओं से सीमा तक रक्षा पहुंच मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिवहन में भी सुधार होगा। असली सवाल : जैसलमेर की अर्थव्यवस्था में कितना पैसा रहेगा? बड़े प्रोजेक्ट आर्थिक बदलाव की शुरुआत हैं, अंतिम परिणाम नहीं। असली असर तब दिखेगा, जब निर्माण और संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार, परिवहन कारोबार को काम, होटल-रेस्तरां को ग्राहक, मरम्मत-आपूर्ति कारोबार को बाजार और छोटे उद्यमों को नई मांग मिले। बेहतर रेल पहुंच पर्यटन कारोबार का दायरा बढ़ा सकती है। ऊर्जा परियोजनाएं तकनीकी सेवाओं, रखरखाव और आपूर्ति क्षेत्र में अवसर बना सकती हैं। सीमा सड़कें परिवहन और लॉजिस्टिक्स को गति दे सकती हैं। इन तीनों का साझा असर जैसलमेर की अर्थव्यवस्था को पर्यटन से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। विकास का दूसरा गणित : पानी, जमीन और पर्यावरण विस्तार के साथ चुनौतियां भी बढ़ेंगी। ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि, बिजली निकासी के लिए मजबूत ग्रिड और संचालन के लिए कुशल मानव संसाधन जरूरी होंगे। पर्यटन और शहरी गतिविधियां बढ़ने पर पानी, कचरा प्रबंधन और विरासत संरक्षण का दबाव भी बढ़ सकता है।

SIR में मतदाताओं को राहत, दस्तावेज लेने घर आएंगे BLO; जरूरत पर होगी ऑनलाइन सुनवाई

रांची राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को दस्तावेज देने या सुनवाई के लिए अब निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) कार्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। उन्हें अनावश्यक भीड़ की परेशानी से भी जूझना नहीं होगा। अब बीएलओ उन मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे, जिन्हें दावा-आपत्ति चरण में नोटिस भेजा गया है। विशेष परिस्थितियों में आनलाइन सुनवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रविवार को सभी जिलों में एसआइआर से संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर पर बीएलओ द्वारा स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ईसीआइनेट पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर के द्वारा सहयोग किया जाएगा। वैसे बीएलओ जो तकनीकी रूप से ईसीआइनेट पर दस्तावेज को अपलोड करने में कमजोर हैं, उनकी सहायता के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वालेंटियर एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं को पूर्व में नोटिस की सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे स्वयं सुनवाई स्थल पर पहुंचते हैं, तो ऐसी स्थिति में वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहें। कोई भी मतदाता सुनवाई के लिए आए और उसे संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। सुनवाई के लिए किसी को अधिकृत भी कर सकेंगे मतदाता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में नोटिस प्राप्त है, उन्हें सामान्यतः ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ईआरओ के निर्णयानुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई भी आनलाइन होगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। साथ ही, जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को सुदृढ़ एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। आश्रय स्थलों में रहनेवाले लोगों के लिए विशेष शिविर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, गरीब, बेघर एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क/विशेष शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करें। इसके साथ-साथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत मतदाताओं को फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने एवं वर्तमान में मतदाताओं से प्राप्त फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 द्वारा प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन करें। 30 को खत्म हो रहा दावा-आपत्ति का चरण दावा आपत्ति का चरण 30 सितंबर को खत्म हो रहा है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि एक बार फिर इसकी तिथि बढ़ सकती है। बताते चलें कि इससे पहले दो बार इसकी तिथि बढ़ाई गई है। अबतक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 6.15 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, 4.12 लाख आवेदन सुधार के लिए प्राप्त हुए हैं।  

मिशन रोजगार: 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिली नियुक्ति, 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री ने मंच पर दिया नियुक्ति पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।   मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा। यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के लिए यही होली-दीवाली मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है। योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उसकी ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है। शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया। बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं। हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं हुआ, वह अब हो गया है। अब ग्राम पंचायत का कार्यालय (ग्राम सचिवालय) भी है। चार से लेकर छह कमरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं। वहां डिजिटल लाइब्रेरी व कॉन्फ्रेंस रूम भी है। एनडीए सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है। गांव की बेटी बीसी सखी व रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। गांव में ही सारी सुविधाएं मिल रही हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप के साथ वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार सृजन हुए हैं। सामुदायिक शौचालय की देखरेख महिला स्वयंसेवी समूह से जुड़ी महिलाएं करती हैं, जिन्हें पैसा भी मिलता है। उत्सव भवन कुछ गांवों में बन चुके हैं, कुछ में बन रहे हैं। यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है। ग्राम पंचायतों … Read more

CM सम्राट चौधरी की नई पहल, डैशबोर्ड पर दिखेगा बिहार सरकार के कामकाज का पूरा ब्योरा

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपनी उपलब्धियों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को संकल्प पोर्टल पर दर्ज करेगी। इसके लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा। सरकार की ओर से लिए गए संकल्पों, घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति उसी एक प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होगी। इससे विभागों के कामकाज की निगरानी अपेक्षाकृत सहज होगी और सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज भी बनता जाएगा। बहरहाल, सरकार का जोर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर है। यह पोर्टल उसका एक उपादान होगा। इसके माध्यम से विभागवार उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाएगा। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होगी। इससे मुख्यमंत्री और शीर्ष स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी आसान होगी। सरकार की ओर से हाल के महीनों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और जनहित से जुड़े कार्यों को भी इसमें सम्मिलित किया जाएगा। विभागों के प्रदर्शन का होगा आकलन संकल्प पोर्टल पर सरकार की प्रमुख योजनाओं, लिए गए निर्णयों और निर्धारित लक्ष्यों के साथ वास्तिवक प्रगतिका ब्योरा होगा। विभागों को अपने स्तर से संबंधित सूचनाएं और उपलब्धियां पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस विभाग ने किस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है और कौन से लक्ष्य पूरे किए गए हैं। योजनाओं की चाल से अवगत होगी जनता अभी विभिन्न विभागों से उपलब्धियों का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद पोर्टल पर नियमित रूप से सूचनाएं अपडेट की जाएंगी। यह अभिनव पहल जन-सापेक्ष होगा, क्योंकि इसके जरिये नागरिकों को भी सरकार की योजनाओं की गति और उपलब्धियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक प्लेटफार्म पर मिल जाएगी। डैश-बोर्ड पर बिहार गति से लेकर पत्राचार तक पोर्टल के डैश-बोर्ड पर 10 विंडो होंगे। उनके जरिये बिहार गति, फ्लैगशिप ग्रीन/फील्ड प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री की घोषणाएं, मंत्रिमंडल के निर्णय आदि की जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड, वीआइपी के साथ जन-प्रतिनिधियों के पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा कराए गए कार्य का ब्योरा भी होगा। राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर हुई पहल के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र (तारापुर) की प्रगति संबंधित विंडो भी होगा। सहयोग कार्यक्रम में आए आवेदन से संबंधित जानकारी भी इस पर दर्ज होगी।

जबलपुर-गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के 3 फेरे, 24 कोच के साथ चलेगी ट्रेन

 ग्वालियर  पितृपक्ष के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए बिहार के गया पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई देती है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने की व्यवस्था की है। उपलब्ध रेलवे शेड्यूल के अनुसार रेल प्रशासन ने जबलपुर–गया–जबलपुर के बीच पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 01701/01702 के 3-3 ट्रिप चलाए जाएंगे। 24 कोच वाली होगी ट्रेन पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 24 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु सफर कर सकेंगे। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 4 सामान्य श्रेणी, 12 शयनयान श्रेणी, 4 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच होंगे। इसके अलावा 2 एलएलआरडी कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में कुल 24 कोच रहेंगे। ठहराव और विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी के लिए भारतीय रेल की वेबसाइट या एनटीईएस ऐप का उपयोग किया जा सकता है। जबलपुर से गया जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर–गया एक्सप्रेस स्पेशल 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर 2026 को जबलपुर स्टेशन से रात 9:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन सिहोरा रोड (9:50/9:52), कटनी (12:10/12:15), मैहर (1:40/1:42), सतना (2:00/2:05), मानिकपुर (4:10/4:12), प्रयागराज छिवकी (6:00/6:05), मिर्जापुर (8:18/8:20), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (10:10/10:20), भभुआ रोड (10:58/11:00), सासाराम (11:30/11:32), डेहरी-ऑन-सोन (11:50/11:52) और अनुग्रह नारायण रोड (12:10/12:12) होते हुए दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी। गया से जबलपुर जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल गाड़ी संख्या 01702 गया–जबलपुर एक्सप्रेस स्पेशल 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2026 को गया स्टेशन से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अनुग्रह नारायण रोड (4:15/4:17), डेहरी-ऑन-सोन (4:32/4:34), सासाराम (4:50/4:52), भभुआ रोड (5:23/5:25), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (6:55/7:05), मिर्जापुर (8:43/8:45), प्रयागराज छिवकी (10:15/10:20), मानिकपुर (1:30/1:32), सतना (3:25/3:30), मैहर (3:50/3:52), कटनी (5:25/5:30) और सिहोरा रोड (7:20/7:22) होते हुए सुबह 8:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी।

LPU में तनाव के बीच इंटरनेट सेवा बंद, चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात

जालंधर. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न की अफवाह के बाद मचे बवाल ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। हालांकि अभी हालात काबू में बताए जा रहे हैं लेकिन फिर भी कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में एहतियात के तौर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के आसपास इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर सभी कदम उठाए जा रहे हैं। फिर से बड़ी गड़बड़ी की आशंका डीजीपी गौरव यादव के दौरे के बाद पुलिस ने परिसर के बाहर फिर से बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी है। पुलिस अब दोबारा से पहले जैसे हालात बनने नहीं देना चाहती। बताया जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि रविवार को जिन शरारती तत्वों ने छात्रों के बीच घुसकर गुंडागर्दी, तोड़फोड, आगजनी जैसी वारदात को अंजाम दिया था वह फिर से गड़बड़ी कर सकते हैं। इसलिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस प्रशासन ने हर सिचुएशन से निबटने के लिए कमर कस ली है। डीजीपी यादव ने दिलाया छात्रों की सुरक्षा का भरोसा सीएम भगवंत मान ने डीजीपी गौरव यादव को खुद मौके पर जा स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए हैं। ऐसे में डीजीपी गौरव ने खुद एलपीयू यूनिवर्सिटी का दौरा किया और वहां छात्रों से बात की।

पंजाब के 13 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जालंधर में झमाझम बारिश

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सोमवार को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और बरनाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, लेकिन वह रिकॉर्ड नहीं हो पाई। राज्य के सभी जिलों में तापमान गिरा है। सबसे कम तापमान रूपनगर में 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मानसून की विदाई का दौर जारी मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है। इससे बादल बन रहे हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं हैं। पंजाब-चंडीगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है। मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आज से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। पंजाब में बिजली की खपत कम हुई मौसम ठंडा होने से गर्मी कम हुई है। इससे बिजली की खपत भी कम हुई। पंजाब में बिजली की मांग 9,724 मेगावाट रही। ग्रिड से 4,618 मेगावाट बिजली ली गई, जबकि 4,867 मेगावाट बिजली लेने का शेड्यूल था। यानी तय शेड्यूल से 249 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली का उत्पादन 5,101 मेगावाट रहा।