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सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक व्यक्ति जब अपने पूरे जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देता है, तब वह केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार बन जाता है। स्व. भगवत शरण माथुर भी ऐसा ही एक जीवंत विचार थे। उन्होंने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सच्ची साधना है। समाज सेवा ही हर मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी निजी सुख-सुविधाओं को त्याग कर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर मूलरूप से राजगढ़ जिले के निवासी थे। उनका जन्म सीका गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्रीय सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रकल्प स्थापित कर इस दिशा में विशेष प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 'नर्मदे हर सेवा न्यास' के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर न्यास के मुख्यालय अमरकंटक में आयोजित विचार गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजसेवी स्व. माथुर की जयंती पर उन्हें विन्रम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव की कृपा से सिद्ध क्षेत्र अमरकंटक से मां नर्मदा, सोन और जोहिला प्रकट होकर त्रिवेणी धारा प्रवाहित करती हैं। इसी स्थान से निकलकर मां नर्मदा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों को आशीर्वाद देती है। सोन नदी भी आगे जाकर गंगा की धारा को समृद्ध करती है। जीवनभर का पुण्य होने पर ही अमरकंटक आने का अवसर मिलता है। परमात्मा ने इस स्थान को जी भरकर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी अंतिम सांस तक भारत माता और नर्मदा माता की सेवा कर उनका आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक में संचालित गौशाला के लिए अनुदान प्रारंभ कराने, कथा-प्रवचन के लिए पर्यावरण हितैषी आधुनिक भवन का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमरकंटक के हराभरा रहने से मध्यप्रदेश के गांव-गली-मौहल्लों में आनंद होगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए मध्यप्रदेश सरकार और जन अभियान परिषद राज्य के सभी पुराने जल स्त्रोतों को पुनर्जीवन देने की चिंता कर रही है। प्रदेश में तीन माह (गुढ़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक) सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। मां नर्मदा का यह स्थान भी इसी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नर्मदा परिक्रमा मार्ग को विकसित करते हुए परिक्रमावासियों के लिए सभी सुविधाएं विकसित करने का संकल्प लिया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्मदा नदी के किनारों पर अधिकाधिक पौध-रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन कर उन्हें नमन् किया साथ ही मंच पर उपस्थित संतों-महंतों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'पंच परिवर्तन' विषय पर हुई विचार गोष्ठी में कहा कि स्व. माथुर ने समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होकर अमरकंटक में काम किया। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी और नर्मदा समग्र के स्व. अनिल माधव दवे का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. दवे ने राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए भी नर्मदा की अविरल धारा और जलवायु परिवर्तन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया। राज्य सरकार उनकी भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर के उज्जैन जिले के प्रचारक रहते हुए उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। वे असंभव काम को भी संभव करने में सिद्धहस्त थे। स्व. माथुर ने विंध्य क्षेत्र में मौजूद अनेक चुनौतियां का समाधान खोजा। इसी का परिणाम है कि आज विंध्य क्षेत्र तेजी से समग्र विकास की ओर अग्रसर है। स्व. माथुर मां नर्मदा के इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए जो मार्ग दिखाया है। हम उसी पर आगे बढ़ते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया था कि मां नर्मदा की धारा अविरल होनी चाहिए। इसके चारों ओर का क्षेत्र हरा-भरा होना चाहिए। यह क्षेत्र अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए। आज यही संकल्प लेने का अवसर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में हर व्यक्ति के लिए पंच निष्ठा आयाम तय किए हैं। इन पंच निष्ठाओं के तहत हम सभी को अपने परिवार को संस्कारित करने, सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अंगीकार करने और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज में आज सामाजिक समरसता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंगलवार (14 अप्रैल) को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। बाबा साहेब ने जीवनभर अपने मूल सिद्धांतों और हिंदु समाज की विविधताओं के साथ समाज को जातिगत बुराईयों से बाहर लाने का कार्य किया। कमजोर वर्ग के बीच समता और समानता का भाव विकसित किया। भारत को लगभग 1000 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है। हम सब इस आजादी को अक्षुण्ण रखकर हमारी भारतीय संस्कृति को गले लगाकर मानवता के मूल गुणों को स्थापित करने के लिए आगे बढ़ते रहें। हमारे समाज में अस्पृश्यता और जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। जातिवाद और विषमता को खत्म कर राज्य सरकार समानता के मूल भाव को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भौतिकता के वातावरण में समाज के हर वर्ग में परिवार के भाव को विकसित करने की आवश्यकता है। संस्कारों के अभाव में पीढ़ियों में परम्पराएं तेजी से बदल रही हैं। इससे राष्ट्र प्रेम भी प्रभावित होता है। हम सभी अपने परिवार के साथ भोजन करें, बच्चों के साथ बैठें, बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं। राष्ट्र निर्माण के भाव को जोड़कर नई पीढ़ी गढ़ें। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़कर काम करने की आवश्यकता है। आज हमारे सामने प्लास्टिक, पेस्टीसाइड जैसी कई प्रकार की चुनौतियां हैं। मौसम में परिवर्तन आने से अप्रैल जैसे ग्रीष्म माह में ओलावृष्टि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए हमें प्रकृति से प्रेम करना पड़ेगा और पर्यावरण की जड़ों के साथ जुड़ना होगा। प्रकृति … Read more

दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद ने रिव्यू पिटीशन दाखिल की

नई दिल्ली दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. उन्होंने खुली अदालत में सुनवाई की मांग की है, जबकि नियमों के मुताबिक रिव्यू पेटीशन पर जज अपने चैंबर में विचार करते हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वो मामले पर विचार करने के बाद ही सुनवाई प्रक्रिया तय करेंगे. दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक उमर खालिद ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब खालिद ने इस फैसले को चुनौती दे हुए एक पुनर्विचार याचिका दायर की है. उमर खालिद ने अपनी इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एक स्पेशल अपील की है. उन्होंने मांग की है कि इस पुनर्विचार याचिका पर 'ओपन कोर्ट' में सुनवाई की जाए. नियमों के मुताबिक, पुनर्विचार याचिकाओं पर जज अपने चैंबर में ही विचार करते हैं. लेकिन खालिद चाहते हैं कि उनकी दलीलों को खुली अदालत में सुना जाए. 15 अप्रैल को होगी सुनवाई सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने आज अदालत में उमर खालिद की इस रिव्यू पिटीशन का जिक्र किया. बेंच ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बुधवार, 15 अप्रैल को सुनवाई करने का फैसला लिया है. उमर खालिद के मामले को ओपन कोर्ट में रखने की अपील पर जस्टिस सूर्यकांत कहा कि वो सोचने के बाद इसका फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, 'हम इसे देखेंगे और सुनने की प्रक्रिया तय करेंगे.' 5 जनवरी के फैसले को चुनौती बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद को बेल देने से साफ इनकार कर दिया था. खालिद दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में लंबे समय से जेल में बंद हैं. उन पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने और UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले निचली अदालतों और हाई कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था. अब 15 अप्रैल की सुनवाई में यह तय होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट अपने पुराने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार है या नहीं. इसके साथ ही, इस बात पर भी नजर रहेगी कि अदालत नियमों में ढील देते हुए इस याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करती है या नहीं.

बाबा साहेब जन्म स्थली स्मारक महू में होगा विशाल समागम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रूप से होंगे शामिल

भोपाल.  संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की जयंती इंदौर में 14 अप्रैल को पूर्ण आस्था एवं अपार उत्साह के साथ मनाई जाएगी। डॉ. अम्बेड़कर नगर महू में स्थित उनकी जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में विशाल समागम होगा। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल होंगे। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 14 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह पूर्ण उत्साह, उमंग और आस्था के साथ इंदौर जिले के डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में मनाया जा रहा है।  जयंती उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की मेहमानों की तरह आवभगत की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, शीतल पेयजल आदि की विशेष व्यवस्था की गई है। जन्म स्थली पर बने भव्य स्मारक पर विशेष साज-सज्जा की गई है। अम्बेडकर जयंती उत्सव समारोह में मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला 12 अप्रैल की शाम से शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था स्वर्ग मंदिर परिसर में की गई। उक्त भोजन व्यवस्था  14 अप्रैल की शाम तक जारी रहेगी। भंतो के भोजन की व्यवस्था माहेश्वरी स्कूल में की गई है तथा उनके रूकने की व्यवस्था भी माहेश्वरी स्कूल में है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी किया गया है। पेयजल व्यवस्था के लिये विभिन्न स्थानों पर प्याऊ का निर्माण किया गया है। अम्बेडकर जयंती के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के रूकने के लिये धर्मशालाओं, केन्ट बोर्ड हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं केन्ट बोर्ड कन्या स्कूल में की गई है। इसके अलावा तीन विशाल डोम भी ठहरने के लिए बनाए गए हैं। व्यवस्था के लिये कार्यक्रम स्थलों को 7 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यह सेक्टर महेश्वरी स्कूल महू, डॉ. अम्बेडकर जन्म स्थली, केन्ट प्रायमरी स्कूल, स्वर्ग मंदिर परिसर, रेल्वे स्टेशन से सात रास्ता, केन्ट बोर्ड कन्या विद्यालय तथा उत्कृष्ट विद्यालय महू में बनाये गए हैं। उक्त 7 सेक्टरों में दल का गठन कर सभी विभागों के व्यक्तियों की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त 7 सेक्टरों पर मराठी भाषी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। कार्यक्रम की व्यवस्था के लिये 3 स्थानों पर कन्ट्रोल रूम बनाए गए हैं। यह कंट्रोल रूम तहसील परिसर महू, अम्बेडकर जन्म स्थली स्मारक तथा स्वर्ग मंदिर परिसर में रहेंगे। महू में जयंती समारोह में 6 स्थान पर आकस्मिक चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों का दल गठन कर ड्यूटी लगाई गई है। कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई के लिये इन्दौर नगर निगम एवं स्थानीय निकाय का अमला तैनात किया गया है। समारोह में अग्निशमन की भी व्यवस्था रहेगी। कलेक्टर वर्मा ने महू पहुँचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा कलेक्टर शिवम वर्मा डॉ. अम्बेड़कर नगर (महू) पहुँचे। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के लिए विभिन्न प्रान्तों से आए श्रद्धालुओं से चर्चा की और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर वर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी व्यवस्थाएं बनायी रखी जाए, जिससे कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।  

सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रूपये की स्वीकृति सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाईजेशन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।  योजना के क्रियान्वयन से फार्म पॉवर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।  मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रूपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गयी है। मैहर, मउगंज, पांढुर्णा, धार में मनावर और पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया और सांवेर एवं झाबुआ में पेटलावद में नये वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जायेगा।

‘नारी शक्ति’ कार्यक्रम में सिमडेगा की संतोषी का जलवा

 सिमडेगा झारखंड के सिमडेगा जिले की बेटी संतोषी कुमारी आज नारी शक्ति की एक सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं. जलडेगा क्षेत्र से आने वाली संतोषी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सिमडेगा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. संतोषी का चयन “नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज” कार्यक्रम के तहत आयोजित वूमेन मॉक यूथ पार्लियामेंट और भारत बजट क्वेस्ट 2026-27 के लिए हुआ, जिसमें उन्होंने झारखंड का नेतृत्व किया. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअल संवाद किया. यह मंच युवाओं को नीति निर्माण, बजट और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करता है. शिक्षा के साथ सपनों की उड़ान संतोषी कुमारी सिमडेगा महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा हैं और अपने पिता सुरजीत साहू की प्रेरणा से लगातार आगे बढ़ रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखा. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां से वे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रभावशाली वक्तव्य कार्यक्रम के दौरान संतोषी कुमारी ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर अपने विचार बेहद प्रभावशाली तरीके से रखे. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास की नई दिशा को दर्शाता है. उनके विचारों ने वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों और निर्णायकों को प्रभावित किया. प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद का अवसर इस आयोजन का एक खास आकर्षण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद रहा. संतोषी कुमारी को इस संवाद में भाग लेने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए. यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई मिली. महिलाओं की भूमिका पर दिया मजबूत संदेश अपने संबोधन में संतोषी ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त बनने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि वे खुद बदलाव की अगुवाई कर रही हैं. उन्होंने इसे “शांत क्रांति” का नाम देते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. लोकतंत्र की असली पहचान तब होती है, जब वह सभी वर्गों को समान अवसर देता है. जिले के लिए गर्व और युवाओं के लिए प्रेरणा संतोषी कुमारी की इस उपलब्धि से सिमडेगा जिले में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उनकी सफलता की सराहना की है. उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है. पहले भी दिखा चुकी हैं अपनी प्रतिभा यह पहली बार नहीं है जब संतोषी ने अपने जिले का नाम रोशन किया है. इससे पहले भी वे कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं. उनकी लगातार उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि वे भविष्य में और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं. भविष्य की उम्मीद और प्रेरणादायक कहानी संतोषी कुमारी की सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह संदेश है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वे भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं. उनकी कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है.

गोविंदपुर सड़क दुर्घटना में कोहराम, तेज रफ्तार वाहन बना हादसे की वजह

नवादा नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्कूली बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह दुर्घटना कमलापुर रोड स्थित बेलाटांड़ के पास उस समय हुई, जब बच्चों को लेकर जा रहा एक स्कूल पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 20 फीट नीचे गिर गया और कई बार पलट गया। कैसे हुआ हादसा स्कूली वाहन बच्चों को लेकर मगध सेंट्रल स्कूल, गोविंदपुर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब चार बार पलट गया। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृत बच्ची की पहचान इस हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा आरोही कुमारी की मौत हो गई। वह अमित कुमार की पुत्री थी। हादसे में उसकी बहन आरुषि कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वाहन मगध सेंट्रल स्कूल का था और इसमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। जहां 12 से 15 बच्चों की अनुमति थी, वहीं 20 से 25 बच्चों को बैठाया गया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। घटना के बाद आक्रोश हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी और विधायक प्रतिनिधि अमित सरकार अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने घटना की जांच और स्कूल वाहनों की सख्त निगरानी की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित हैं।  

25 लाख का गांजा बरामद, जमशेदपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ छापेमारी कर 50 किलोग्राम गांजा के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वालों में भीम यादव और राजकुमार पाल शामिल है. भीम यादव सोनारी का रहने वाला है जबकि राजकुमार बिहार के भोजपुर जिले का निवासी है. पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया बरामद 50 किलोग्राम गांजा की कीमत लगभग 25 लाख रुपए है. गिरफ्तार होने वाले दोनों आरोपी से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया. इस संबंध में ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक कार (JH 05DS 6333) बहरागोड़ा की ओर गांजा लेकर आ रही है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम का गठन किया गया. इस दौरान पुलिस ने बहरागोड़ा के कालियाडिंगा चौक के पास चेकिंग लगाकर वाहनों की जांच शुरू की. जिस दौरान उक्त कार को रोक कर जांच किया गया तो उसमें अलग-अलग पॉकेट में लपेटकर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया. गिरफ्तार आरोपी ने बताया गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वे लोग उड़ीसा के चिल्का झील के पास से बारकुल स्थान के रहने वाले दादा नाम के व्यक्ति से खरीद कर ला रहे हैं. वे लोग गांजा को बिहार लेकर जा रहे थे. हालांकि शहर में भी कुछ गांजा को उतारने कि तैयारी थी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि नशा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है इस प्रकरण में इस बात की जानकारी भी हुई है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी उड़ीसा में कहां से गांजा लेकर आ रहे थे.

रोजगार मेले में सीएम योगी ने युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

 मुजफ्फरनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों को जाति के तंग दायरे में मत बांधिए, उनके लिए कोई जाति नहीं बल्कि देश ही सर्वोपरि होता है। जातियों में जब भी हम बंटे, तब ही कटे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश व प्रदेश में विकास और सुरक्षा के साथ विश्वास चेहरों से झलकता है। विश्वास की यह सुखद सुगंध आज हमारे देश में है क्या ऐसा पाकिस्तान में हो सकता है, पाकिस्तान को भूखे ही मरना है उसकी यही नियति है। यहां तक की अमेरिका और तमाम देशों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं लेकिन भारत में सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग की तरफ से मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में वृहद रोजगार मेला लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल के निकट लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वह नुमाइश मैदान में आयोजित जनसभा में पहुंचे। यहां उन्होंने नए केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर सरकार की तरफ से प्रदान किए जाने के बारे में जानकारी दी बल्कि किसानों, व्यापारी, महिलाओं और श्रमिकों के हित में किए जा रहे निर्णय पर भी विचार रखा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन समेत तमाम सुविधाएं नए सिर्फ सरकारी बल्कि गैर सरकारी संस्थानों में भी मिलना चाहिए इस दिशा में सरकार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कई बार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम का स्मरण करते हुए किसानों को गन्ना भुगतान एवं यहां के गुड़ उत्पादन को लेकर भी खूब सराहना की। साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश उपद्रव माफिया, गुंडा, दंगा, कर्फ्यू से मुक्त हो चुका है अब हमारी पहचान उत्सव प्रदेश के रूप में होती है। अब यहां कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगता बल्कि पुष्प वर्षा होती है। युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने अपने सधे अंदाज में संबोधन किया और युवाओं के कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर फोकस रखा। युवा कौशल विकास के क्षेत्र में आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अनिवार्यता भी जताई। इस दौरान चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ का एक कंपनी के साथ एमओयू भी कराया गया। साथ ही जयंत चौधरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराए जाने को लेकर भी अपना समर्थन मंच से दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी ने साक्षात्कार के बाद चयनित हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।  

Assembly Session से पहले श्रद्धा का संदेश: कुलतार सिंह संधवां पहुंचे ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहब

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आगाज से पहले स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। सोमवार को वह मोहाली के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा अंब साहब पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेक कर सर्वशक्तिमान से आशीर्वाद प्राप्त किया। स्पीकर ने इस दौरान ‘सरबत के भले’ की मंगलकामना की। विधानसभा की कार्यवाही शुरू करने से पहले गुरुद्वारे जाकर अरदास करना इस बात का संकेत है कि सरकार आगामी विधायी कार्यों, विशेषकर बेअदबी विरोधी बिल को लेकर कितनी गंभीर है। ऐतिहासिक दिन और नई चुनौतियों का जिक्र इस अवसर पर संधवां ने देश-दुनिया की संगत को खालसा सृजना दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख कौम के गौरव और सेवा भावना का प्रतीक है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर पूर्व में हुई बेअदबी की घटनाओं ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय के सत्ताधारियों ने दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे जनमानस में भारी आक्रोश बना रहा। विपक्ष और एसजीपीसी पर तीखा प्रहार जब एसजीपीसी (SGPC) अध्यक्ष द्वारा विशेष बिल पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में पूछा गया, तो स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं, तब उनकी पार्टी की सरकार थी, तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? संधवां ने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल विरोध करने की राजनीति कर रहे हैं और विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता दोषियों को सजा दिलाना और धार्मिक मर्यादा की रक्षा करना है। सदन में सर्वसम्मति की जताई उम्मीद सदन में प्रस्तावित बिल के भविष्य पर बात करते हुए स्पीकर ने विश्वास व्यक्त किया कि शायद ही कोई ऐसा सदस्य होगा जो बेअदबी रोकने वाले इस कानून का विरोध करेगा। उन्होंने आशा जताई कि विधानसभा के सभी सदस्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गुरु मर्यादा के अनुरूप इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपनी सहमति देंगे। यह सत्र केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पंजाब की धार्मिक भावनाओं और न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर.  नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की। मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया। मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई। एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया। इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया। नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद महेश कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।