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डायबिटीज महामारी का रूप ले रही है भारत में, 10 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित, कौन सा राज्य सबसे आगे?

नई दिल्ली डायबिटीज किसी भी उम्र में हो सकती है. आजकल, बिजी लाइफस्टाइल, खराब खान-पान की आदतों और एक्सरसाइज की कमी के कारण, डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है. कुछ लोग मोटापे, वजन बढ़ने या ज्यादा तनाव जैसे कारणों से इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं. एक बार डायबिटीज हो जाने पर, व्यक्ति को जीवन भर इसके साथ जीना पड़ता है. यह एक जेनेटिक बीमारी है जो समय के साथ और बिगड़ती जाती है।  भारत में, डायबिटीज की समस्या अब एक महामारी का रूप ले चुकी है. भारत को अब अक्सर 'डायबिटीज कैपिटल ऑफ वर्ल्ड' कहा जाता है. इसी संबंध में, इस खबर में जानें कि भारत के किस राज्य में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं… भारत के किस राज्य में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं? द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी (जून 2023) में प्रकाशित ICMR-INDIAB के एक डिटेल्ड स्टडी के अनुसार, भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, और सबसे ज्यादा डायबिटीज रेट वाला राज्य गोवा है, जहां 26.4 प्रतिशत से ज्यादा आबादी इस बीमारी से प्रभावित है. इसके बाद, ज्यादा दर वाले अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुडुचेरी, तमिलनाडु, केरल, पंजाब और चंडीगढ़ शामिल हैं. 2025 के एक और विश्लेषण से पता चलता है कि डायबिटीज के लिए सबसे ज्यादा 'आयु-मानकीकृत प्रसार दर' (ASPR) तमिलनाडु में है, जिसके बाद गोवा और कर्नाटक का नंबर आता है. नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया 2023–2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे कम डायबिटीज दर वाला राज्य उत्तर प्रदेश (4.8 प्रतिशत) है।  इस मुद्दे पर डॉक्टर का क्या कहना है? SPARSH हॉस्पिटल, यशवंतपुर, बैंगलोर के इंटरनल मेडिसिन और डायबेटोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. अशोक एम. एन का कहना है कि गोवा में डायबिटीज की दर सबसे ज्यादा बताई गई है, जो लाइफस्टाइल, खान-पान की आदतों और जनसांख्यिकी से जुड़े अलग-अलग फैक्टर्स के मिले-जुले असर को दिखाता है. बहुत ज्यादा शहरी आबादी, आराम पसंद लाइफस्टाइल, और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, चीनी और शराब वाली डाइट, ये सभी इस बढ़ती समस्या की वजह हैं. इसके अलावा, गोवा में बेहतर स्क्रीनिंग और हेल्थ के बारे में ज्यादा जागरूकता जैसे कारण भी दूसरे इलाकों के मुकाबले डायबिटीज का पता लगाने की ज्यादा दर की वजह हो सकते हैं।  डॉ. अशोक एम. एन ने आगे कहा कि केरल, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब जैसे कुछ राज्यों में भी डायबिटीज की बीमारी में बढ़ोतरी देखी गई है. इन इलाकों में भी शहरीकरण, कम फिजिकल एक्टिविटी और बढ़ता मोटापा जैसे रिस्क फैक्टर्स मौजूद हैं. कई मामलों में, तनाव, सोने-जागने के अनियमित चक्र और आनुवंशिक प्रवृत्तियों के कारण यह खतरा और भी बढ़ जाता है. एक और बड़ी चिंता युवाओं में डायबिटीज के बढ़ते मामले हैं, जिसका मुख्य कारण कम उम्र से ही अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की आदतों को अपनाना है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डायबिटीज अक्सर शुरुआती फेज में पता नहीं चल पाता, जिससे शरीर के अंदर गंभीर जटिलताएं चुपचाप पनपने लगती हैं. इस समस्या से निपटने के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर जोर देना जरूरी है, जिसमें नियमित जांच, स्वस्थ खान-पान की आदतों के बारे में जागरूकता, अधिक फिजिकल एक्सरसाइज और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप शामिल है. हालांकि किसी इलाके की ज्योग्राफिकल लोकेशन भी डायबिटीज की मौजूदगी पर असर डाल सकती है, लेकिन लाइफस्टाइल ही सबसे अहम फैक्टर बनी हुई है।  National Institutes of Health (.gov) के अनुसार, एक्सपर्ट्स विशेष रूप से गोवा और दक्षिणी राज्यों में डायबिटीज की हाई रेट का श्रेय खराब लाइफस्टाइल, एनवायरमेंटल फैक्टर्स और सोशियो इकोनॉमिक फैक्टर के मेल को जिम्मेदार मानते हैं, जिनमें शामिल है…     हाई रेट ऑफ ओबेसिटी: भारत में डायबिटीज का सबसे आम कारण मोटापा है. नेचर जनर्ल में प्रकाशित ICMR-INDIAB के अध्ययन से पता चलता है कि जिन क्षेत्रों में डायबिटीज का प्रसार अधिक है, वहां अक्सर पेट और सामान्य मोटापे की दरें भी अधिक होती हैं. ये ऐसे फैक्टर्स हैं जिनका टाइप 2 डायबिटीज से गहरा संबंध होता है।      लाइफस्टाइल में बदलाव या अर्बनाइजेशन: गोवा और तमिलनाडु जैसे राज्य बहुत ज्यादा शहरीकृत (Highly Urbanized) हैं, इसके कारण लोगों की लाइफस्टाइल में निष्क्रियता बढ़ी है, फिजिकल एक्टिविटी कम हुई है, और हाई कैलोरी वाले, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ा है।      खान-पान की आदतें: खान-पान की आदतों में बदलाव (विशेष रूप से रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी का अत्यधिक सेवन) 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' के बढ़ते मामलों का एक प्रमुख कारण है. दरअसल, यह सिंड्रोम विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का एक ग्रुप है, जो मिलकर टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है।      जेनेटिक संवेदनशीलता: कई अध्ययनों से पता चलता है कि अन्य आबादी की तुलना में, भारतीयों में आमतौर पर डायबिटीज होने की जेनेटिक प्रवृत्ति अधिक होती है, साथ ही उनमें 'इंसुलिन प्रतिरोध' का लेवल भी अधिक होता है।  आर्थिक रूप से डेवलप राज्यों में, 'नॉन कम्युनिकल डिजीज' (NCDs) (जैसे कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर) की रेट लाइफस्टाइल में बदलावों के कारण बढ़ी हुई दिखाई देती हैं. इसी वजह से केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में ये आंकड़े विशेष रूप से हाई हैं. इन क्षेत्रों में आमतौर पर बेहतर हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई लेवल ऑफ पब्लिक अवेयरनेस होता है. इसके चलते, कम आय वाले और कम शहरीकृत राज्यों की तुलना में यहां ज्यादा संख्या में मामलों की पहचान की जाती है और उनकी रिपोर्ट की जाती है.. डायबिटीज के मरीजों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए? डायबिटीज के मरीजों को नमक का सेवन कम करना चाहिए. नॉन-वेज खाना, डेयरी प्रोडक्ट्स, आइसक्रीम, नारियल का तेल और चिकन में फैट ज्यादा होता है. अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको फास्ट फूड और तली-भुनी चीजों से दूर रहना चाहिए. आपको नाश्ते में उपमा, बोंडा, वड़ा या पूरी नहीं खानी चाहिए. डॉ. श्रद्धेय कटियार ने अपने ट्विटर (X) हैंडल पर डायबिटीज के मरीजों के लिए 31 सबसे खराब चीजों की एक लिस्ट शेयर की है, जो इस प्रकार है… आटा या मैदा उबला आलू कम फैट वाली मिठाइयां बिस्कुट अनानास स्किम्ड दूध रस्क तरबूज प्रोटीन बार मैरी बिस्कुट शहद आम दलियां सूजी इडली/चीला … Read more

वनप्लस पैड 4 लॉन्च डेट कन्फर्म,30 अप्रैल को मिलेगा पावरफुल टैबलेट, जानें फीचर्स

वनप्लस भारत में एक नया टैबलेट लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम OnePlus Pad 4 होगा. यह टैबलेट बीते साल लॉन्च किए गए OnePlus Pad 3 का अपग्रेड वर्जन होगा. कंपनी ने बताया है कि यह टैबलेट भारत में 30 अप्रैल को लॉन्च होगा. इसमें ऑक्सीजनओएस का सपोर्ट मिलेगा. OnePlus Pad 4 की जानकारी वनप्लस के ऑफिशियल पोर्टल पर शेयर की है. यह एक प्रोडक्टिविटी फोक्स्ड टैबलेट है, जिसमें हाई एंड स्पेसिफिकेशन्स मिलते हैं. वनप्लस के अपकमिंग टैबलेट एक लाइटवेट प्रोडक्ट होगा और इसमें मेटल यूनिबॉडी डिजाइन का यूज किया गया है. यह डिवाइस भारत में दो कलर वेरिएंट में लॉन्च होगा,  जो ड्यून ग्लो और सैग मिस्ट कलर हैं. OnePlus Pad 4 का डिस्प्ले वनप्लस पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Pad 4 में  13.2 इंच का 3.4K (3.4 हजार रेजोल्युशन) मिलेगा. यह 144Hz के रिफ्रेश रेट्स के साथ आता है. इसमें आई केयर फीचर मिलेगा, जो लंबे समय तक स्क्रीन देखने की वजह से आंखों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा. वनप्लस पैड 4 का प्रोसेसर वनप्लस पैड 4 में बेहतर परफॉर्मेंस का यूज किया जाएगा. AnTuTu बेंचमार्क पर 4.1 मिलियन का स्कोर मिला है. इस डिवाइस में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का यूज किया जाएगा. वनप्लस पैड 4 की रैम और बैटरी वनप्लस पैड 4 में मैक्सिमम 12GB की LPDDR5X RAM मिलेगी. इसके अलावा 512जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. साथ ही 13380mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको चार्जिंग के लिए 80W का सुपर वूक फास्ट चार्जिंग मिलेगा. वनप्लस पैड 4 के साथ असेसरीज भी मिलेंगी वनप्लस पैड 4 के साथ कुछ असेसरीज भी मिलती है. इसमें डेडिकेटेड स्मार्ट कीबोर्ड और न्यू वनप्लरस स्टाइलो प्रो भी मिलेगा, जिसे खासतौर से स्केचिंग और राइटिंग के लिए तैयार किया गया है. वनप्लस पैड 4 की कीमत को लेकर अभी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ना ही इसके साथ मिलने वाले बैंक ऑफर्स को लेकर कोई डिटेल्स शेयर की है. हालांकि वनप्लस पैड 3 की शुरुआती कीमत 49,999 रुपये रखी गई थी.

मुल्तानी मिट्टी फेस पैक: टमाटर और गुलाब जल से पाएं नैचुरल पिंक ग्लो

हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन सुंदर हो जिसके लिए वो महंगे से महंगे फेशियल भी कराती हैं लेकिन केमिकल युक्त फेशियल अक्सर आपकी स्किन को कुछ समय के लिए तो अच्छा ग्लो देते हैं लेकिन लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है. अगर आप इसमें सही चीजें मिलाकर लगाएं तो यह न केवल चेहरे की गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल हटाती है बल्कि आपको वो पिंकिश ग्लो भी देती है जिसके लिए आप पार्लर जाती हैं. मुल्तानी मिट्टी में छिपे खनिज तत्व स्किन को टाइट करते हैं और इन दो खास चीजों का मिश्रण चेहरे पर गुलाबी निखार लाने का काम करता है. मुल्तानी मिट्टी में क्या मिलाएं चेहरे पर गुलाबी निखार पाने के लिए आपको मुल्तानी मिट्टी में ये दो चीजें मिलानी हैं. इनमें पहला है गुलाब जल जो स्किन के pH लेवल को बैलेंस करता है और चेहरे पर गुलाबी चमक देता है. इसके अलावा दूसरा है टमाटर का रस. टमाटर के रस में मौजूद लाइकोपीन त्वचा को नैचुरल ग्लो देता है और टैनिंग हटाता है. फेस पैक बनाने की विधि मुल्तानी मिट्टी: 2 बड़े चम्मच टमाटर का रस: 1 बड़ा चम्मच (ताजा) गुलाब जल: जरूरत के अनुसार (पेस्ट बनाने के लिए) शहद: आधा चम्मच (अगर स्किन ड्राई है तो शहर मिलाना चाहिए) बनाने और लगाने का तरीका एक कांच की कटोरी में मुल्तानी मिट्टी का पाउडर लें. इसमें ताजा टमाटर का रस और गुलाब जल डालकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें. चेहरे को साफ पानी से धोकर सुखा लें. अब इस पैक की एक पतली परत गर्दन और चेहरे पर लगाएं. इसे 15 मिनट तक या सूखने तक लगा रहने दें. चेहरे पर थोड़ा पानी छिड़कें और हल्के हाथों से मसाज करते हुए ठंडे पानी से धो लें. हफ्ते में 2 बार इसका इस्तेमाल करने से चेहरे पर फर्क दिखने लगेगा.

गर्मी में मसल्स क्रैम्प क्यों होते हैं? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

मसल्स की अचानक और खुद होने वाली संकुचन-अकड़न को क्रैम्प कहते हैं। इसका एहसास हल्के से लेकर ज्यादा गंभीर तक हो सकता है। महिलाओं में एब्डोमिनल क्रैम्प के ज्यादा मामले देखे जाते हैं, जो कि मेंस्ट्रुएशन से जुड़े होते हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिसमेनोरिया कहा जाता है। लेकिन मेंस्ट्रुअल साइकिल के अलावा भी गर्मी में क्रैम्प के पीछे कई कारण हो सकते हैं। डिहाइड्रेशन गर्मी में होने वाले क्रैम्प का सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है। ज्यादा तापमान की वजह से ज्यादा पसीना आता है और शरीर से फ्लूइड तेजी से कम होने लगता है। डिहाइड्रेट होने पर मसल्स में ऐंठन और अकड़न आने का खतरा रहता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं। ये सारे मिनरल्स मसल्स के फंक्शन में महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं और इनका असंतुलन क्रैम्प का सीधा कारण बन सकता है। ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी गर्मी में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ने से भी क्रैम्प हो सकते हैं। जो लोग गर्मी के दौरान आउटडोर एक्सरसाइज, ट्रैवल या रिक्रिएशनल एक्टिविटीज ज्यादा करते हैं, उनकी मसल्स में स्ट्रेन आने से थकान हो सकती है। इसके साथ हाइड्रेशन का ध्यान ना रखने से क्रैम्प की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान हॉर्मोन के अंदर आने वाले उतार-चढ़ाव से क्रैम्प इंटेंस हो जाते हैं और डिहाइड्रेशन की वजह से इसकी गंभीरता बढ़ जाती है। क्रैम्प से बचने के लिए क्या करें? क्रैम्प को घर पर आसानी से मैनेज किया जा सकता है। सबसे पहले आपको बॉडी को हाइड्रेट रखना चाहिए। दिनभर के दौरान पर्याप्त पानी पीने के साथ शरीर में फ्लूइड बैलेंस रहता है और नारियल पानी या ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) पीकर इलेक्ट्रोलाइट्स को पूरा कर सकते हैं। बैलेंस्ड डाइट लेना भी जरूरी है, इसके लिए पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम से भरपूर केला, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें? क्रैम्प वाली जगह पर गर्म सिकाई करने से मसल्स और दर्द में तुरंत आराम मिलता है, इसके लिए आप हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर पेट के क्रैम्प में यह उपाय असरदार साबित होता है। मसल्स क्रैम्प को दूर करने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज या योगा जैसी हल्की फिजिकल एक्टिविटी से फायदा मिलता है। यह तरीका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर मांसपेशियों की अकड़न दूर करता है। कैफीन का ज्यादा सेवन ना करें, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन कर सकता है। ओवर द काउंटर वाली दर्द निवारक दवाओं का बहुत कम सेवन करना चाहिए और अगर यह समस्या लगातार परेशान कर रही है तो खुद इलाज ना करें। ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं? अधिकतर क्रैम्प अस्थाई होते हैं और खतरनाक साबित नहीं होते, लेकिन कुछ लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर घरेलू उपाय आजमाने के बाद भी दर्द लगातार बना हुआ है या गंभीर हो रहा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। महिलाओं को अगर क्रैम्प के साथ हेवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग, अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल हो रही है या दर्द गंभीर हो रहा है तो प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, क्रैम्प के साथ सूजन, लालिमा, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसी दिक्कतें होने के पीछे कोई छिपी हुई सीरियस प्रोब्लम हो सकती है, जैसे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, इंफेक्शन या एंडोमेट्रियोसिस जैसी गायनेकोलॉजिकल कंडीशन। गर्मी में क्रैम्प होना आम है और इससे बचना भी आसान है। हाइड्रेशन का ध्यान रखने, बैलेंस्ड डाइट लेने और आसान उपाय आजमाने से इसका खतरा कम किया जा सकता है। अपने शरीर की सुनें और दिक्कत बढ़ने पर इग्नोर करने की जगह डॉक्टर की मदद लें।

रीड हेस्टिंग्स का बड़ा फैसला: नेटफ्लिक्स से पूरी तरह अलग होने का ऐलान

ओवर द टॉप (OTT) इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर रीड हेस्टिंग्स ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. आने वाले जूम महीने में उनके चेयरमैन पद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी इस्तीफा दे देंगे. इसकी जानकारी खुद कंपनी की तरफ से दी गई है. को-फाउंडर इस्तीफे के बाद लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं. हालांकि वह क्या काम होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. साल 2023 में भी उन्होंने सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो काफी चर्चा में रह चुका है. रीड हेस्टिंग ने 1997 में अपने दोस्त और सह-संस्थापक मार्क रैंडोल्फ के साथ इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2023 तक यानी करीब 20 साल तक उन्होंने नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हेस्टिंग ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया. रीड हेस्टिंग ने कहा रीड हेस्टिंग ने कहा कि Netflix में मेरा असली योगदान कोई एक फैसला नहीं था. असल में यह मेंबर्स की खुशी पर फोकस करना और एस ऐसे कल्चर को बनाना, जिसे लोग आगे बेहतर बना सकें. नेटफ्लिक्स क्या है? नेटफ्लिक्स, असल में एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. अब यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, जबकि शुरुआत DVD के जरिए हुई थी. अब नेटफ्लिक्स वेब सीरीज, टीवी शो और डॉक्यूमेंट्रीज आदि उपलब्ध कराता है और यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर में पॉपुलर है. कंपनी अपने इस प्लेटफॉर्म को सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस के रूप में देती है. भारत समेत दुनियाभर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं. भारत में टीवी के लिए शुरुआती वर्जन 199 रुपये का है, जो विज्ञापन के साथ आता है. आज यह 190 से अधिक देशों में उपलब्ध है. OTT प्लेटफॉर्म क्या होते हैं? ओवर द टॉप (OTT), असल में वे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो इंटरनेट के जरिए सीधे स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और टैबलेट आदि पर वीडियो कंटेंट स्ट्रीमिंग की सुविधा देते हैं. इसमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार, जी5 आदि का नाम शामिल है.

WhatsApp ने लॉन्च किया नया सेक्शन, बिजनेस मैसेज अब होंगे और भी आसान

नई दिल्ली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप एक नया फीचर पर काम कर रहा है, जिसका काम बिजनेस चैट को ऑर्गनाइज करने का है. इस फीचर का नाम ऑटो ऑर्गनाइज बिजनेस चैट है. वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने इस फीचर की जानकारी दी है।  वॉट्सऐप के लेटेस्ट फीचर की मदद से यूजर्स अपने बिज़नेस अकाउंट्स के साथ होने वाली बातचीत को आसानी से ढूंढ सकेंगे. एक डेडिकेटेड लिस्ट के जरिए WhatsApp अपने आप सभी बिजनेस अकाउंट्स के चैट्स को बिना किसी मैनुअली सेटअप के फिल्टर कर लेगा. न्यू अपडेट के बाद यूजर्स को एक ही जगह पर बिजनेस चैट्स एक्सेस करना आसान हो जाएगा।  रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह फीचर डेवलमेंट स्टेज में है, जिसको अभी बेहतर बनाने की दिशा काम हो रहा है. इस बीच, WhatsApp बिज़नेस मैनेजमेंट को और आसान बनाने के नए तरीके भी तलाश रहा है।  Wabetainfo ने किया है पोस्ट  एंड्रॉयड 2.26.15.9 बीटा अपडेट के बाद यह सामने आया है कि WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो बिजनेस चैट्स को ऑटोमेटिक ऑर्गनाइज़ करेगा और स्पैम को कम करेगा।  मौजूदा समय में यूजर्स को उनके बिजनेस अकाउंट्स के मैसेज नॉर्मल चैट लिस्ट में नजर आते हैं. हालांकि जब बिजनेस मैसेज की संख्या ज्यादा हो जाती है तो जरूरी चैट्स को को खोजना मुश्किल हो जाता है।  कैसे काम करेगा नया बिज़नेस चैट मैनेजमेंट फीचर न्यू फीचर के आने के बाद यूजर्स तय कर सकेंगे कि कौन से बिज़नेस चैट्स मुख्य चैट लिस्ट में रहें और कौन से नहीं. बिज़नेस मैसेज मिलने के 24 घंटे बाद उन्हें नए बिज़नेस सेक्शन में मूव किया जा सकेगा।  बिज़नेस सेक्शन क्या है WhatsApp का बिजनेस सेक्शन किस रूप में नजर आएगा, उसको लेकर अभी कोई क्लियर जानकारी नहीं है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक अलग चैट लिस्ट हो सकती है. यह WhatsApp एक नया इनबॉक्स पेश करे, जैसा कि Archived Chats या थर्ड-पार्टी चैट्स के लिए होता है। 

सहजन के छिलकों से बनाएं सुपरफूड मोरिंगा टी, जानें तरीका और फायदे

 आजकल सुपरफूड को लेकर जब भी चर्चा होती है, मोरिंगा का नाम सबसे पहले आता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहजन को एक सुपरफूड बताया था और यह भी कहा है कि वे अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हफ्ते में दो बार सहजन की पत्तियों से बने परांठे खाते हैं. मोरिंगा को आमतौर पर लोग सहजन भी कहते हैं और यह पोषण का पावरहाउस भी कहलाता है. इसका कई तरीके से यूज किया जाता है. कोई इसकी सब्जी बनाता है तो कोई इसका अचार भी डालता है. हालांकि लोग सहजन के छिलकों को लोग बेकार समझकर निकालकर कचरे में फेंक देते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इस बात से अनजान है कि सहजन का छिलका भी बहुत काम की चीज है, क्योंकि उससे आप अपने काफी पैसे बचा सकते हैं. सहजन के छिलका भी पोषण तत्वों से भरा होता है और इसलिए इसका यूज आप मोरिंगा टी बनाने में कर सकते हैं. मोरिंगा के छिलकों से बनाएं चाय     मोरिंगा के छिलकों को आप छीलने के बाद एक प्लेट में फैलाकर अलग रख लीजिए और इसे धूप में सुखाने के लिए रख दीजिए. जब मोरिंगा के छिलके ड्राई हो जाएं तो आप इनको मिक्सर जार में डालकर बारीक पीस लें और इनका पाउडर बना लें. मोरिंगा के छिलकों को पीसते समय आप उनके साथ ही दालचीनी और इलायची  के साथ पीसना है. इस तरह आप घर पर ही सुपर हेल्दी मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं और फिर इस पाउडर को आप गर्म पानी में मिलाकर पिएं. इतने समय तक कर सकते हैं स्टोर इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे घर पर बनाकर लगभग 2 महीने के लिए स्टोर भी कर सकते हैं. पाउडर को स्टोर करने के लिए आप एक एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि इसमें बिल्कुल भी नमी ना आए. इस तरह हर दो महीने के लिए पहले से ही मोरिंगा का छिलकों को सुखाकर घर पर ही मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं. मोरिंगा टी पीने से क्या फायदे मिलते हैं? मोरिंगा से बनी मोरिंगा टी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसमें विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन घटाने में मददगार भी होती है और ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में भी काम आती है, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए.  मोरिंगा टी डाइजेशन को सुधारती है, शरीर को डिटॉक्स करती है और स्किन के साथ बालों को भी हेल्दी और शाइनी बनाती है, नियमित सीमित मात्रा में सेवन करने से एनर्जी बढ़ती है और थकान कम होती है.

मिड-रेंज सेगमेंट में आया नया Vivo T5 Pro 5G, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

वीवो ने भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo T5 Pro 5G है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है और कंपनी का दावा है कि 9020mAh बैटरी वाला यह सबसे स्लिम हैंडसेट है. इसमें और भी कमाल के फीचर्स हैं. वीवो के इस हैंडसेट में 144Hz का रिफ्रेश रेट्स दिया है, जो गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करता है. स्मूद परफॉर्मेंस के लिए अमेरिकी चिपसेट कंपनी क्वालकॉम का Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर यूज किया है. Vivo T5 Pro 5G की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है, जिसमें 8GB + 128GB स्टोरेज मिलती है. वहीं, 8GB + 256GB मॉडल की कीमत 33,999 रुपये है. इसके टॉप एंड वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है. 21 अप्रैल से Vivo T5 Pro 5G की सेल शुरू होगी. इसको ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट, वीवो इंडिया ई स्टोर और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. लॉन्च ऑफर के तहत  3 हजार रुपये का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. Vivo T5 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन्स Vivo T5 Pro 5G में 6.83-inch का 1.5K (1.5 हजार रेजोल्युशन) AMOLED डिस्प्ले मिलता है. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसमें 5 हजार निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी. Vivo T5 Pro 5G का प्रोसेसर Vivo T5 Pro 5G  में Snapdragon 7s Gen 4 (4nm) चिपसेट का यूज किया गया है. ग्राफिक्स के लिए Adreno 810 GPU का यूज किया है. इसमें डुअल सिम सपोर्ट और एंड्रॉयड 16 बेस्ड OriginOS 6 का यूज किया है. सिक्योरिटी के लिए इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. Vivo T5 Pro 5G का कैमरा सेटअप Vivo T5 Pro 5G में डुअल कैमरा लेंस सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर है और 2MP का डेप्थ सेंसर दिया गया है. इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इस हैंडसेट से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है. Vivo T5 Pro 5G  की बैटरी Vivo T5 Pro 5G में 9020mAh की बैटरी और 90W का फास्ट चार्जिंग मिलता है. कंपनी पहले ही दावा कर चुकी है कि 9020mAh बैटरी

चाय के बाद तुरंत पानी पीना सही या गलत? जानें सेहत पर असर

 अक्सर कई लोग खाने की तरह ही चाय पीने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं लेकिन विज्ञान और आयुर्वेद इस आदत को सेहत के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं मानता है. ऐसे में चाय पीने से पहले या बाद में पानी पीना चाहिए या नहीं, या कितनी देर तक पीना चाहिए, यह जानना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि एक गलत आदत आपके पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है. चाय से पहले पानी पीना चाहिए या नहीं चाय पीने से पहले पानी पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है और इससे आपको बहुत बेनेफिट्स मिलते हैं. एसिडिटी से बचाव: चाय की तासीर एसिडिक (अम्लीय) होती है. खाली पेट चाय पीने से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ जाता है. अगर आप चाय से 10-15 मिनट पहले एक गिलास पानी पीते हैं तो ये पेट में एक सुरक्षा परत बना देता है जिससे एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या कम होती है. दांतों की सुरक्षा: चाय में टैनिन नामक तत्व होता है जो दांतों पर पीलेपन की परत जमा सकता है. पहले पानी पीने से दांतों पर एक हाइड्रेटेड लेयर बन जाती है जो दाग-धब्बों को रोकने में मदद करती है. हाइड्रेशन: चाय एक डाइयूरेटिक है जो शरीर से पानी को बाहर निकालती है. पहले पानी पी लेने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती. चाय के बाद पानी पीना सही है? चाय पीने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई नुकसान होते हैं. दांतों की सेंसिटिविटी: चाय गर्म होती है और पानी आमतौर पर सामान्य या ठंडा. अचानक तापमान बदलने से दांतों की इनेमल  पर बुरा असर पड़ता है जिससे दांतों में झनझनाहट शुरू हो सकती है. पाचन में गड़बड़ी: आयुर्वेद के अनुसार, बहुत गर्म के बाद तुरंत बहुत ठंडा लेने से शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है. गर्म चाय के बाद तुरंत पानी पीने से पेट का तापमान अचानक गिर जाता है. इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है.

Airtel 5G यूजर्स के लिए जरूरी गाइड: डेटा लिमिट क्यों खत्म हो रही है?

 क्या आपने भी अनलिमिटेड 5G वाला प्लान रिचार्ज कराया है लेकिन बावजूद इसके इंटरनेट डेटा की डेली लिमिट खर्च हो रही है? दरअसल X पर विपेंद्र कुमार नाम के शख्स ने अपनी आप बीती शेयर की है, जहां उन्होंने Airtel का 979 वाला प्लान रिचार्ज कराया है लेकिन फिर भी इंटरनेट उनके डेली डेटा लिमिट में से खर्च हो रहा है। गौरतलब है कि यह प्लान अनलिमिटेड 5G के साथ आता है और अगर यूजर 5G नेटवर्क एरिया में 5G फोन इस्तेमाल करे, तो वह अनलिमिटेड 5G इंटरनेट इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि यहां गौर करने वाली बात है कि इसके लिए फोन में कुछ जरूरी सेटिंग्स का ऑन या सेट होना जरूरी हो जाता है। आपका फोन 5G नेटवर्क का इस्तेमाल कर सके, इसके लिए आपको फोन में 5G Standalone मोड को ऑन करना पड़ सकता है ताकि नेटवर्क बार-बार 4G पर न शिफ्ट हो। दूसरा, अपने फोन के Data Saver और Wi-Fi Assist जैसे फीचर्स चेक कर लें, जो फोन को 5G इंटरनेट इस्तेमाल करने से रोक सकते हैं। इस तरह की सेटिंग्स अगर सही तरह से सेट हैं, तो आपका फोन अनलिमिटेड 5G का सही तरह से इस्तेमाल कर पाएगा। 5G Standalone मोड को चुनें अनलिमिटेड 5G वाले रिचार्ज प्लान की एक मात्र शर्त यह होती है कि आप 5G नेटवर्क का इस्तेमाल करें। इसके बाद आपकी डेली लिमिट का डेटा तब तक खर्च नहीं होता, जब तक आपका नेटवर्क 4G पर शिफ्ट न हो। यहां गौर करने वाली बात है कि अगर आप नॉन-स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क से कनेक्ट होंगे, तो फोन सिग्नल में आपको 5G दिखेगा लेकिन फोन का इंटरनेट 4G इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चल रही होती हैं। इसकी वजह से आपका डेली डेटा खर्च होने लगता है। इसके लिए अपने फोन की नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर उसे SA यानी कि स्टैंड अलोन 5G या Only 5G पर सेट कर लें। इससे फोन सिर्फ और सिर्फ 5G नेटवर्क का ही इस्तेमाल करेगा। Data Saver या Battery Saver जैसे फीचर बंद करें अगर आपके फोन में डेटा सेवर या बैटरी सेवर जैसी फीचर्स ऑन है, तो वे आपके फोन को 5G नेटवर्क इस्तेमाल करने से रोकते हैं। दरअसल, उन फीचर्स का काम डेटा और फोन की बैटरी को बचाना होता है। ऐसे में वे फोन को 5G नेटवर्क पर काम करने से रोकते हैं। नतीजतन आपका डेटा डेली लिमिट में से इस्तेमाल होने लगता है और आप प्लान के अनलिमिटेड 5G इंटरनेट का फायदा नहीं उठा पाते। Preferred Network Type चेक करें अगर आपके मोबाइल नेटवर्क का Preferred Network Type 5G की जगह किसी और नेटवर्क मोड पर सेट है, तो भी आपका फोन 5G की जगह 4G या 4G LTE पर काम करता है। ऐसे में फोन की सेटिंग्स में जाकर Preferred Network Type को 5G पर सेट कर दें। इससे फोन 5G नेटवर्क पर काम करेगा। ध्यान रखने वाली बात अगर आप 4G और 5G नेटवर्क एरिया के बीच आते-जाते हैं, तो आपके फोन को काम करते रहने के लिए नेटवर्क स्विच करना ही पड़ता है। ऐसे में जब-जब फोन 5G से 4G पर स्विच होगा, तब-तब आपकी डेली डेटा लिमिट खर्च होगी।