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यूट्यूब ला रहा है Auto Speed और On-the-go फीचर, वीडियो देखने का तरीका बदलेगा

यूट्यूब अपने प्रीमियम यूज़र्स के लिए एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करता रहता है और नए फीचर्स को पेश करता रहता है. इस बार यूट्यूब दो नए फीचर्स को टेस्ट कर रहा है, जिसका नाम "Auto Speed" और "On-the-go" को टेस्ट करना शुरू किया है, जो खासतौर पर मोबाइल यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. फिलहाल, ये दोनों फीचर्स एंड्रॉयड ऐप में एक्सपेरिमेंटल रूप में उपलब्ध हैं और यूज़र्स को इन फीचर्स को मैनुअली ऑन करना होगा. पहला अपकमिंग फीचर "Auto Speed" फीचर वीडियो देखने के तरीके और एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल सकता है. अभी तक यूज़र्स को खुद से 1.5x या 2x जैसी स्पीड चुननी पड़ती थी, लेकिन इस नए फीचर में वीडियो की स्पीड आप कंटेंट के अनुसार बदलती रहती है. इसका मतलब है कि जहां वीडियो में स्लो और समझने वाली जानकारी होगी, वहां स्पीड सामान्य रहेगी और जगां पर कम जरूरी जानकारी या रिपीट होने वाला हिस्सा होगा, वहां पर स्पीड अपने-आप तेज हो जाएगी. यह फीचर कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, खासतौर पर कुकिंग, ट्यूटोरियल या एक्सप्लेनेशन वीडियो देखने वाले यूज़र्स इसका काफी फायदा उठा सकते हैं. ऐसे यूज़र्स कई बार वीडियो की प्लेबैक स्पीड को फास्ट करके वीडियो देखते हैं, लेकिन उसी वीडियो में किसी जरूरी हिस्से को समझने के दौरान उन्हें प्ले स्पीड को स्लो करनी पड़ती है. ऐसे में अब ऑटो-स्पीड नाम का फीचर यूज़र्स की इस समस्या को खत्म कर सकता है. दूसरा अपकमिंग फीचर यूट्यूब प्रीमियम में आने वाले दूसरे फीचर का नाम "On-the-go" है. इस फीचर का भी टेस्ट किया जा रहा है. इस फीचर को कंपनी ने उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया है, जो चलते-फिरते वीडियो देखते हैं. यह फीचर फोन की मूवमेंट को पहचानकर अपने आप एक्टिव हो सकता है, या फिर यूज़र इसे मैन्युअली भी ऑन कर सकते हैं. एक्टिव होने के बाद वीडियो का इंटरफेस काफी सरल हो जाता है, जिससे प्ले, पॉज़ और टाइमलाइन जैसे जरूरी कंट्रोल्स आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं. इसके अलावा डाउनलोड जैसे ऑप्शन भी ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, ये दोनों फीचर्स अभी टेस्टिंग स्टेज में हैं, इसलिए इनकी परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी पूरी तरह फाइनल नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार "Auto Speed" ठीक से काम कर रहा है, जबकि "On-the-go" अभी थोड़ा अनस्टेबल लग रहा है. यूट्यूब ने इन्हें सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 27 अप्रैल के बाद फैसला लेगी कि इन फीचर्स को सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा या नहीं.

ज्यादा तीखा खाना पड़ सकता है भारी, पेट और पाचन पर डालता है असर

अगर आप भी खाने में ज्यादा मिर्च-मसाले के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारत में तीखा खाना पसंद करने वालों की कमी नहीं है, खासकर मोमो की लाल चटनी और चटपटे गोलगप्पे तो हर किसी की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता करना भारी पड़ सकता है। दरअसल, हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि जरूरत से ज्यादा तीखा खाना न सिर्फ पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ाता है, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अधिक मिर्च-मसाले का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान में संतुलन बनाए रखें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ज्यादा तीखा खाने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं और क्यों आपको सावधान रहने की जरूरत है।  पेट में जलन और एसिडिटी जब आप जरूरत से ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना खाते हैं, तो पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकारें और गैस की समस्या होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा खान-पान रखने से एसिडिटी क्रॉनिक (पुरानी) समस्या बन सकती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है। पाचन तंत्र पर असर अत्यधिक तीखा भोजन पाचन तंत्र को उत्तेजित कर देता है। इससे आंतों में जलन, अपच, पेट दर्द और कभी-कभी दस्त भी हो सकते हैं। जिन लोगों का पाचन पहले से कमजोर होता है, उनके लिए यह और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। मुंह और गले में जलन ज्यादा तीखा खाना जीभ, मसूड़ों और गले की अंदरूनी सतह को प्रभावित करता है। इससे जलन, छाले और सूजन हो सकती है। लगातार ऐसा खाने से स्वाद की क्षमता भी कम हो सकती है। अल्सर का खतरा लगातार तीखा और मसालेदार भोजन पेट की परत को नुकसान पहुंचाता है। इससे गैस्ट्रिक अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लक्षणों में तेज दर्द, उल्टी और कभी-कभी खून आना भी शामिल हो सकता है, जो गंभीर स्थिति बन सकती है।

गूगल का बड़ा अपडेट: अब आपकी ऐप्स से जुड़कर जवाब देगा AI

गूगल ने इस साल की शुरुआत में सर्चिंग को बेहतर बनाने के लिए पर्सनल इंटेलीजेंस फीचर को लॉन्च किया था. साल की शुरुआत में इसको अमेरिका में लॉन्च किया था और अब इसको भारत में लॉन्च कर दिया गया है. Gemini के लिए पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर की मदद से यूजर्स को बेहतर सर्चिंग एक्सपीरियंस मिलेगा. ये लेटेस्ट फीचर गूगल के ऐप्स जैसे जीमेल, गूगल फोटोज, यूट्यूब और गूगल सर्च से जानकारी को सुरक्षित तरीके से जोड़ता है, जिसके बाद यूजर्स की पसंद के आधार पर जवाब देता है. उदाहरण के तौर पर समझें तो आप जयपुर घूमने का प्लान बनाते हैं और ट्रिप को लेकर सर्च करते हैं. इसके बाद पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर जीमेल पर रिसीव टिकट और होटल की डिटेल्स को लेगा, जिसके बाद वह यूट्यूब पर देखे वीडियो के आधार पर घूमने की सलाह देगा. साथ लगने वाले समय को भी बताएगा. दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर असल में दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है. इसमें एक कॉम्प्लैक्स और अलग-अलग सोर्स से आने वाली को समझना है. दूसरा कनेक्टेड ऐप्स से खास जानकारी निकालना है.  यह सिस्टम टेक्स्ट, फोटो और वीडियो डेटा को मिलाकर AI ज्यादा सटीक जवाब देने की कोशिश करता है. डेटा प्राइवेसी का रखा है ध्यान Google का दावा है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वैसे तो इस फीचर बंद करके रखा जाता है, जिसे यूजर्स को खुद मैनुअली जाकर ऑन करना होता है. इसमें यूजर्स को पूरा कंट्रोल मिलता है, जिसमें यूजर्स तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स से डेटा ले सकते हैं. यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह सिस्टम थर्ड पार्टी ऐप्स के पास जाता नहीं है. यहां सोर्स को एकदम ट्रांस्परेंट रखा है, जहां AI बता सकता है कि जवाब किस स्रोत से आया है. मॉडल ट्रेनिंग कैसे होती है गूगल ने साफ कर दिया है कि जेमिनाई सीधे यूजर के जीमेल या फोटोज के डेटा पर ट्रेन नहीं होगा. ये ट्रेनिंग लिमिटेड डेटा पर होगी, जिसमें प्रॉम्प्ट और AI के जवाब पर होती है. बताते चलें कि मौजूदा वर्जन अभी बीटा फेज में है, जिसमें कुछ लिमिटेशन मौजूद हैं. भारत में यह फीचर अभी सिर्फ गूगल एआई प्लस, प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर के लिए रोलआउट हो रहा है. जल्द ही फ्री वर्जन यूजर्स के लिए भी यह उपलब्ध होगा. यह वेब और स्मार्टफोन पर काम करेगा. AI पर्सनालाइज को कैसे करें ऑन गूगल का पर्सनल इंटीलेंज फीचर को ऑन करना बहुत ही सिंपल है. एलिजिबल यूजर्स को जेमिनाई ऐप्स को ओपन करना होगा, फिर सेटिंग्स में जाना होगा. इसके बाद पर्सनल इंटेलीजेंस पर क्लिक करें, जिसके बाद कनेक्टेड ऐप्स को चुनना होगा.

गर्मी में कितना पानी पीना चाहिए? उम्र के हिसाब से जानें सही मात्रा

गर्मी का मौसम आते ही शरीर में पानी की जरूरत कई गुना बढ़ जाती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर समय पर और सही मात्रा में पानी नहीं पिया जाए, तो इसका असर सीधे सेहत पर पड़ता है। दरअसल, कई लोग अपनी उम्र और शरीर की जरूरत के अनुसार पानी नहीं पीते, जिससे थकान, चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी उम्र, वजन और दिनभर की गतिविधियों के अनुसार पानी का सेवन करें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किस उम्र के लोगों को कितना पानी पीना चाहिए और क्यों यह आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।  बच्चे (5–12 साल) इस उम्र में बच्चों का शरीर तेजी से एक्टिव रहता है और वे ज्यादा खेलकूद करते हैं, जिससे उनके शरीर से पसीने के रूप में पानी जल्दी निकलता है। इसलिए बच्चों को रोजाना 1 से 1.5 लीटर पानी देना जरूरी होता है। अगर बच्चा बाहर खेलता है या गर्मी ज्यादा है, तो पानी की मात्रा और बढ़ानी चाहिए। ध्यान रखें कि बच्चों को जूस या कोल्ड ड्रिंक के बजाय सादा पानी या प्राकृतिक पेय जैसे नारियल पानी देना ज्यादा फायदेमंद होता है। किशोर (13–18 साल) किशोरावस्था में शरीर का विकास तेजी से होता है, इसलिए पानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। इस उम्र में 1.5 से 2.5 लीटर पानी पीना जरूरी है। स्कूल, स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटी के कारण शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है। अगर पानी की कमी हो जाए तो थकान, ध्यान में कमी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वयस्क (18–50 साल) वयस्कों के लिए रोजाना 2.5 से 3.5 लीटर पानी पीना जरूरी माना जाता है। जो लोग धूप में काम करते हैं या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उन्हें इससे भी ज्यादा पानी की जरूरत हो सकती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, पाचन तंत्र सही काम करता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। बुजुर्ग (50+ साल) बढ़ती उम्र में प्यास लगने की क्षमता कम हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत कम हो जाती है। बुजुर्गों को रोजाना कम से कम 2 से 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी की कमी से उन्हें चक्कर, कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उन्हें समय-समय पर पानी पीने की आदत डालनी चाहिए, भले ही प्यास न लगे।

350cc इंजन के साथ अपडेट हुई Bajaj Dominar 400, अब और सस्ती

 घरेलू दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto Ltd. ने अपनी टूरिंग मोटरसाइकिल Bajaj Dominar 400 को 2026 इयर अपडेट दिया है और इसे एक छोटे इंजन के साथ बाजार में लॉन्च किया है. इसके साथ ही इस मोटरसाइकिल की कीमत में भी कटौती की गई है, जो खरीदारों के लिए पहले से ज्यादा सुलभ हो गई है. पुराने मॉडल के मुकाबले नए मॉडल की कीमत में 37,000 रुपये की कटौती की गई है. इस कदम का उद्देश्य उन राइडर्स के लिए एंट्री बैरियर को कम करना है जो लंबी दूरी तय करने वाली एक दमदार मशीन की तलाश में हैं. नई Bajaj Dominar 400 की कीमत अब 2,03,214 रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है. 2026 Bajaj Dominar 400 के इंजन में बदलाव इस अपडेट के तहत, Bajaj Dominar 400 में अब 350cc, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड इंजन लगाया गया है. इस बदलाव के बावजूद, कंपनी का कहना है कि यह मोटरसाइकिल अपनी मुख्य परफॉर्मेंस, फीचर्स और टूरिंग क्षमताओं को बरकरार रखती है. इन क्षमताओं ने पिछले कई सालों से Dominar ब्रांड को एक खास पहचान दी है. इस री-पोजीशनिंग से कंपनी को GST के फायदे ग्राहकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है, जिससे इसकी शुरुआती कीमत कम हो जाती है और इसे खरीदने का कुल मूल्य भी बेहतर हो जाता है. यह मोटरसाइकिल अब 350cc, लिक्विड-कूल्ड इंजन के साथ आती है, जो पहले के 373cc यूनिट से कम है. मोटरसाइकिल का यह 350cc इंजन 40 Ps की पावर प्रदान करता है, और इसका टॉर्क आउटपुट 33 Nm का रहता है. इस नए इंजन के साथ, पावर और टॉर्क दोनों में कुछ कमी आ सकती है. और इसका गियरबॉक्स पहले की तरह ही 6-स्पीड यूनिट होगा, जिसमें स्लिप और असिस्ट क्लच लगा होगा. इसके डिजाइन की बात करें, तो विजुअल तौर पर इस मोटरसाइकिल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि इंजन पर लगी 373cc की बैजिंग को भी हटाया गया है. इसके अलावा, Bajaj Dominar 400 को अभी भी Aurora Green और Charcoal Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. Bajaj Dominar को एक बहुमुखी टूरिंग मोटरसाइकिल के तौर पर पेश किया जाता है, जिसे रोज़ाना के सफ़र और लंबी हाईवे राइडिंग, दोनों के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका मुख्य ज़ोर पावर, कम्फर्ट और सहनशक्ति के बीच संतुलन बनाए रखने पर है, और यह अपने स्थापित टूरिंग DNA के प्रति पूरी तरह से वफ़ादार रहती है. यह रणनीतिक बदलाव Bajaj Auto की उस व्यापक सोच के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य टूरिंग और स्पोर्ट्स मोटरसाइकिलिंग को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाना है. Bajaj Dominar के मूल एक्सपीरिएंस से समझौता किए बिना लागत कम करके, कंपनी उन राइडर्स के एक बड़े वर्ग को आकर्षित करना चाहती है, जो लंबी दूरी की मोटरसाइकिल यात्राओं का एक्सपीरिएंस लेना चाहते हैं. इस डेवलपमेंट पर टिप्पणी करते हुए, Bajaj Auto Ltd के मोटरसाइकिल बिज़नेस यूनिट के प्रेसिडेंट, सारंग कनाडे ने कहा कि Bajaj Dominar ने हमेशा ब्रांड के टूरिंग DNA को दर्शाया है, जिसमें परफॉर्मेंस और लंबी दूरी तय करने की क्षमता का मेल है. उन्होंने आगे कहा कि 350cc इंजन की शुरुआत, और साथ ही बदली हुई कीमतों के साथ, यह सुनिश्चित होता है कि राइडिंग का वही अनुभव अब काफ़ी कम ओनरशिप कॉस्ट पर मिलेगा.

Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ

 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स: भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे। Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है। Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है। प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है। मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

Ai+ Nova 2 5G लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार फीचर्स

भारत के होम ग्रोन टेक ब्रांड Ai+ ने हाल ही में अपनी Nova 2 Series को लॉन्च किया था। इस सीरीज के बजट फोन Ai+ Nova 2 5G आज से ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उपलब्ध हैं। Ai+ Nova 2 5G की सबसे बड़ी खासियतें इसमें मिलने वाला 50MP कैमरा और 6000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे धूल और पानी की हल्की बौछारों (स्प्लैश) से सुरक्षित रहता है। अगर आप आपने लिए सस्ते में प्रीमियम फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं तो ये फोन आपके लिए बेस्ट हैं। आइये आपको डिटेल्स में बताते हैं इस फोन की पहली सेल में मिलने वाले ऑफर्स की डिटेल्स: भारत में Ai+ Nova 2 की कीमत और फर्स्ट सेल ऑफर्स भारत में Ai+ Nova 2 5G के 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए 8,999 रुपये है। वहीं 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से खरीदने पर 450 रुपए का कैशबैक मिलेगा जिसके बाद आप फोन को 8549 रुपए में खरीद पाएंगे। फोन पर एक्सचेंज छूट भी मिल जाएगी एक्सचेंज डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर है। Ai+ Nova 2 5G को ब्लैक, ब्लू, ग्रीन, पिंक और पर्पल कलर में खरीद सकते हैं। Ai+ Nova 2 5G की 5 बड़ी खासियतें 1. Ai+ Nova 2 5G फोन में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसका मतलब है कि स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव काफी स्मूथ रहता है। 2. परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T8200 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर बना है। यह फोन 4GB और 6GB RAM के साथ आता है, साथ ही 64GB और 128GB स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है, जिसे माइक्रोSD कार्ड से बढ़ाया भी जा सकता है। 3. कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा मिलता है, जो इस कीमत में काफी अच्छा माना जाता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। 4. फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक चलती है और 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। 5. यह स्मार्टफोन Android 16 पर आधारित NxtQ OS पर चलता है और इसमें 5G, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C और साइड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे जरूरी फीचर्स भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, यह फोन उन यूजर्स के लिए अच्छा है जो कम बजट में 5G, बड़ी बैटरी और स्मूथ डिस्प्ले चाहते हैं।

UTI के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, हाइजीन की कमी और कुछ आदतें इस जोखिम को बढ़ा रही हैं। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। UTI पेशाब के मार्ग में होने वाला गंभीर संक्रमण है, जिसके कारण तेज दर्द, जलन, बुखार हो सकता है। अक्सर महिलाएं यूटीआई के इन लक्षणों को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और फिर ये गंभीर रूप ले लेती है। आज हम आपको बताएंगे कि यूटीआई आखिर क्या है और इसके खास लक्षण क्या होते हैं? क्या है UTI इंफेक्शन? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग काफी छोटा होता है, जिसके कारण किसी भी बैक्टीरिया को यूरिन ट्रैक्ट तक पहुंचने में कम समय लगता है। UTI आमतौर पर बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है, जो बाहर से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उनमें UTI का खतरा अधिक होता है। 3 प्रकार का होता है यूटीआई इंफेक्शन मुख्य तीन प्रकार का होता है, जिसमें ज्यादा लोगों को यूरेथ्रा इंफेक्शन होता है। महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्या होती हैं और वह इसे पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं 3 प्रकार- ब्लैडर इंफेक्शन (Cystitis) – सबसे आम, पेशाब में जलन और दर्द यूरेथ्रा इंफेक्शन (Urethritis) – पेशाब करते समय जलन किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) – गंभीर स्थिति, बुखार और पीठ दर्द 6 शुरुआती लक्षण क्या हैं UTI इंफेक्शन के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। अगर शुरू में इन पर ध्यान दिया जाए, तो समस्या गंभीर होने से पहले ही इलाज हो सकता है। -पेशाब करते समय दर्द, चुभन या जलन महसूस होना। -पेशाब में बदबू आना या पेशाब धुंधला होना। -बार-बार पेशाब महसूस होना। -रात में पेशाब करने की जरूरत होती है। -पेशाब में खून आना। -तेज बुखार, कमर-पीठ दर्द होना। बचाव कैसे करें UTI हाइजीन की कमी, सेक्स के दौरान इंफेक्शन या फिर हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखती हैं, तो ये आपको नहीं होगा। जैसे पब्लिक टॉयलेट यूज करने से पहले उसे पानी से साफ करें। अक्सर टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। इससे बचाव करने के लिए दिन में करीब 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक ना रोकें। टॉयलेट या सेक्स करने के बाद अच्छे से सफाई करें। गंदा टॉयलेट यूज करने से बचें और हाइजीन का खास ख्याल रखें। डॉक्टर को कब दिखाएं- अगर पेशाब में जलन-बदबू आ रही है और साथ में तेज बुखार है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। कुछ केसेस में पेशाब के दौरान खून भी आने लगता है, इसे हल्के में न लें। सही समय पर इलाज न होने पर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, जो खतरनाक होता है।

गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 5 सबसे अच्छे पानी वाले फल

गर्मियों में ताजे फल आपको कई फायदे पहुंचा सकते हैं। खासतौर से वह फल जिनमें पानी की मात्रा अच्छी होती हो। पानी वाले फल आपको डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाते हैं। इस दिक्कत से बचना न केवल आपकी एनर्जी के लेवल को बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि यह आपके अंगों के सही कामकाज के लिए भी जरूरी है। हेल्थ कोच रायन फर्नांडो ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में पानी वाले फलों के बारे में बताया। एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मियों में ज्यादातर लोग पानी ज्यादा पीने लगते हैं, लेकिन फिर भी एनर्जी की कमी महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में पानी की मात्रा का सही इस्तेमाल होना सिर्फ पानी की मात्रा पर निर्भर नहीं करता बल्कि इस बात पर भी डिपेंड करता है कि शरीर उसका सही इस्तेमाल कैसे करता है। इसलिए ऐसे मौसमी फलों को डायट में शामिल करना चाहिए जिनमे पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स, फाइबर और थोड़ी मात्रा में नेचुरल शुगर होती है। ऐसे फल शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने और अचानक थकान को रोकने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट ने 5 पानी वाले फलों के बारे में बताया है जो गर्मियों के लिए बेस्ट हैं। जानिए- 1) तरबूज तरबूज में 92 प्रतिशत पानी होता है। इसमें लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है,ये एक तरह का एंटीऑक्सिडेंट है। गर्मी में ये हीट स्ट्रेस कम करने का काम करता है। ये फल फ्लूयड बैलेंस करने में भी मदद करता है। मिड मॉर्निंग या फिर पोस्ट वर्कआउट के बाद इस फल को खाएं। एक दिन में 200 से 300 ग्राम खा सकते हैं। 2) ताड़गोला समुद्री जगहों पर मिलने वाला ताड़गोला में 90 प्रतिशत पानी होता है। शरीर से गर्मी निकालने का काम करता है और नेचुरली ठंडक बनाए रखता है। दोपहर के समय इसका एक या दो पीस खा सकते हैं। 3) खरबूजा बाकी फलों की तरह खरबूजे में भी 90 प्रतिशत पानी होता है। ये एक ठंडा फल है जो बॉडी के तापमान को रेगुलेट करने का काम करता है। पाचन के लिए भी ये फल हल्का होता है। दोपहर के समय इस फल को खाना सबसे अच्छा है। 4) आड़ू आड़ू में 89 प्रतिशत पानी होता है, ये गट हेल्थ को सपोर्ट करता है और हाइड्रेशन में मददगार होता है। इस फल को आसानी से पचा सकते हैं। एक्सपर्ट एक से दो छोटे साइज के आड़ू खाने की सलाह देते हैं। इसे मिड मॉर्निंग या मिड ईवनिंग में खा सकते हैं। 5) संतरा विटामिन सी से भरपूर संतरे में 86 से 87 पर्सेंट पानी होता है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अच्छी होती है इसलिए ये इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस करने में भी मददगार होते हैं। ये थकान को कम करने में मदद करते हैं। मिड मॉर्निंग में इस एक या दो संतरा खा सकते हैं, इसके जूस को अवॉइड करें।

कब्ज से राहत के आयुर्वेदिक उपाय: घी, किशमिश और अंजीर से मिलेगा फायदा

आयुर्वेद में हर एक चीज का इलाज है। कब्ज की समस्या का इलाज भी आपको आयुर्वेद में मिल जाएगा। लगातार कब्ज रहने से मल त्याग के समय बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। जिसकी वजह से मल त्याग करने के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे बवासीर हो जाता है। जिसकी वजह से दर्द और खून आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जब किसी व्यक्ति का पेट साफ नहीं होता है तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिसकी वजह से चेहरे पर मुहांसे, चिड़चिड़ापन, तनाव, काम में मन न लगना, लगातार गैस बनना, पेट फूलना और भूख न लगना जैसी समस्याएं शामिल हैं। इससे निपटने के लिए आप आयर्वेद में बताई खाने की चीजों को खाकर छुटकारा पा सकते हैं। 1) घी और गर्म पानी रात में सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच घी डालकर पीएं। इस नुस्खे की मदद से आंतों को चिकनाई मिलती है, जिसकी वजह से मल त्याग करने में आसानी होती है। ब्यूटिरिक एसिड से भरपूर होने के कारण, यह आंतों के बैक्टीरिया को पोषण देता है और पाचन क्रिया को आसान बनाता है। 2) भीगे हुए किशमिश रातभर भीगी किशमिश को सुबह खाली पेट खाने से पाचन, आयरन की कमी, हड्डियों की मजबूती और एनर्जी बढ़ाने का काम करती हैं। सुबह के समय ये किशमिश खाने से ये प्राकृतिक लैक्सेटिव के रूप में काम करती है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण, ये पाचन में सुधार करती हैं और पेट फूलने से राहत दिलाती हैं। 3) बेल पल्प गंभीर कब्ज से निपटने के लिए ये बेस्ट आयुर्वेदिक नुस्खा है। बेल के गूदे को गुनगुने पानी और गुड़ के साथ मिक्स करें। ये आंतों को साफ करने का काम करता है। 4) अलसी और चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर अलसी और चिया सीड्स पानी सोख लेते हैं और मल को अधिक मात्रा में बनाते हैं। इन्हें गर्म पानी में भिगोकर या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। 5) उबला सेब या अंजीर उबला हुआ सेब एक पौष्टिक और आसानी से पचने वाली चीज है। आयुर्वेद के मुताबिक गुनगुना उबला सेब सुबह खाने से पाचन में मदद मिलती है। ये आंत के स्वास्थ्य को बढ़ाने और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा अंजीर फाइबर से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद नेचुरल एंजाइम्स नियमित मल त्यागने में मदद करते हैं। आप भीगी हुई अंजी रोजाना सुबह खा सकते हैं।