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IPL 2026 में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी पर संकट, पहले भी झेल चुके हैं कप्तानी का दबाव

कलकत्ता IPL 2026 के बीच में अगर एक कप्तान से कप्तानी छीन ली जाए तो हैरान मत होना। आईपीएल का इतिहास ऐसा रहा है। टीमें बीच सीजन में अपने कप्तान बदल देती हैं या फिर खिलाड़ी कप्तानी छोड़ देते हैं। आईपीएल 2026 में ऐसा कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ हो सकता है। आखिर रहाणे से केकेआर कप्तानी क्यों छी सकती है? इसके पीछे कई कारण हैं, उनके बारे में जान लीजिए। सबसे पहले बात आईपीएल 2026 में टीम के प्रदर्शन की करें, तो कोलकाता नाइट राइडर्स ने एक भी मुकाबला नहीं जीता है। एक अंक टीम के खाते में जरूर है, लेकिन वह भी उन्हें बारिश से बाधित मैच के रद्द होने की वजह से मिला था। उस मुकाबले में भी टीम की हालत खस्ता थी। बाकी के चार मुकाबले टीम हार ही चुकी है। हालांकि, इसमें सिर्फ कप्तान का दोष नहीं है, क्योंकि बाकी खिलाड़ी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे, लेकिन क्रिकेट में हमेशा कप्तान को ही ज्यादा जिम्मेदार हार के लिए ठहराया जाता है, मगर जीत के लिए उतना श्रेय शायद नहीं मिलता है। आईपीएल 2025 में भी अजिंक्य रहाणे टीम के कप्तान थे। केकेआर की टीम ने 2024 में खिताब (श्रेयस अय्यर की कप्तानी में) जीता था, लेकिन अगले ही साल टीम प्लेऑफ्स के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाई। 14 मैच रहाणे की कप्तानी में पिछले सीजन केकेआर ने खेले और उनमें से सिर्फ 5 मैचों में टीम को जीत मिली। 7 मुकाबले टीम ने गंवाए और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। इस तरह 12 अंक केकेआर के खाते में थे। रहाणे खराब कप्तान अब आते हैं अजिंक्य रहाणे के आईपीएल में कप्तानी करियर पर तो वे अब तक 43 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं और 14 मुकाबलों में अपनी टीमों को जीत दिला पाए हैं। उनका जीत प्रतिशत महज 34.14 का है, जो 30 से ज्यादा मैचों में कप्तानी करते हुए सबसे घटिया है। वे कोलकाता नाइट राइडर्स से पहले राजस्थान रॉयल्स और राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स की कप्तानी कर चुके हैं। अजिंक्य रहाणे की मौजूदा फॉर्म पर नजर डालें तो पांच मैचों में एक अर्धशतक और एक 41 रनों की पारी जरूर है, लेकिन उतनी प्रभावी पारियां नहीं रही हैं। यहां तक कि आईपीएल करियर का उनका स्ट्राइक रेट 125 के आसपास है। आज के समय में इम्पैक्ट प्लेयर के आने से ये स्ट्राइक रेट कुछ भी नहीं है। पिछले कुछ सालों में स्ट्राइक रेट में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन इतनी नहीं है कि वे बाकी के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को मात दे सकें। केकेआर और आईपीएल का इतिहास आईपीएल में हम कई टीमों के साथ देख चुके हैं कि उन्होंने बीच सीजन में कप्तान बदला है। यहां तक कि कोलकाता नाइट राइडर्स में भी एक बार ऐसा हो चुका है। दिनेश कार्तिक ने कप्तानी छोड़कर इयोन मोर्गन को सौंपी थी। कार्तिक ने इसके पीछे का कारण बैटिंग पर फोकस करना बताया था, लेकिन अंदर क्या बात हुई होगी, ये सभी को पता है। टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी। हम रिकी पोंटिंग, डेविड वॉर्नर, गौतम गंभीर, दिनेश कार्तिक, रविंद्र जडेजा, डेविड मिलर, शिखर धवन, शेन वॉटसन, डैनियल विटोरी और खुद अजिंक्य रहाणे से बीच सीजन में कप्तानी जाते हुए देख चुके हैं। अगर अजिंक्य रहाणे को केकेआर की कप्तानी से हटाया जाता है तो उनके लिए यह नया नहीं होगा। वे इस जिल्लत को पहले भी झेल चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान वे 2019 में थे, लेकिन मैनेजमेंट ने बीच सीजन में स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंप दी थी। बाद में फिर से रहाणे ने उस सीजन कप्तानी की थी। रहाणे नहीं तो कौन होगा केकेआर का कप्तान? ये सबसे बड़ा सवाल है कि अगर अजिंक्य रहाणे से कप्तानी छीनी जाती है तो फिर केकेआर का कप्तान अगला कौन होगा? बहुत ज्यादा विकल्प टीम के पास नहीं हैं। रिंकू सिंह एक विकल्प हैं, जो कि उपकप्तान नियुक्त किए गए हैं, लेकिन उनकी फॉर्म भी अच्छी नहीं है। मनीष पांडे विकल्प हैं, लेकिन वह भी लगातार नहीं खेल रहे और न ही फॉर्म में हैं। रोवमैन पॉवेल के पास कप्तानी का अनुभव है और उनका रिकॉर्ड भी वेस्टइंडीज के साथ ठीकठाक रहा है, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और विदेशी खिलाड़ी की वजह से उन्हें शायद कंसीडर न किया जाए। देखा जाए तो कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2025 के रिटेंशन के दौरान ही गलती कर दी थी। जिस कप्तान ने आपको टूर्नामेंट जिताया था, उसे आपने रिटेन तक नहीं किया। यहां तक कि श्रेयस के लिए केकेआर ने 9.75 करोड़ से ज्यादा की बोली नहीं लगाई थी। और भी कई बड़े नाम कप्तान के तौर पर ऑक्शन में थे, लेकिन केकेआर गई अपने तीसरे या चौथे कैप्टेंसी ऑप्शन पर जो अजिंक्य रहाणे थे। अब टीम का हाल हम देख रहे हैं।

बार्सिलोना का सफर खत्म, एटलेटिको मैड्रिड 3-2 एग्रीगेट से आगे

नई दिल्ली  यूईएफए चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल में बार्सिलोना का सफर खत्म हो गया। दूसरे लेग में शानदार शुरुआत और 2-1 की जीत के बावजूद स्पेनिश क्लब कुल एग्रीगेट स्कोर में पीछे रह गया। पहले लेग में मिली 2-0 की हार आखिरकार निर्णायक साबित हुई और एटलेटिको मैड्रिड 3-2 के कुल स्कोर के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया। यह एटलेटिको मैड्रिड की 2017 के बाद पहली चैंपियंस लीग सेमीफाइनल एंट्री है। टीम ने दबाव में संयम, रक्षात्मक मजबूती और सही समय पर गोल कर दिखाया कि बड़े मुकाबलों में अनुभव कितना मायने रखता है। अब अगले दौर में उसका सामना आर्सेनल या स्पोर्टिंग लिस्बन में से किसी एक से हो सकता है। शुरुआती 24 मिनट में बार्सिलोना का दमदार प्रदर्शन मैच की शुरुआत से ही बार्सिलोना ने आक्रामक रुख अपनाया। घरेलू दर्शकों के सामने टीम ने तेज पासिंग, विंग अटैक और हाई प्रेसिंग से एटलेटिको की डिफेंस लाइन को लगातार दबाव में रखा। चौथे मिनट में ही बार्सिलोना को पहली सफलता मिल गई। युवा स्टार लेमिन यमल ने एटलेटिको के डिफेंडर की गलती का फायदा उठाते हुए शानदार गोल किया। इस गोल ने स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल दिया और बार्सिलोना के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। इसके बाद 24वें मिनट में फेरान टोरेस ने दानी ओल्मो के सटीक पास पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस समय ऐसा लग रहा था कि बार्सिलोना मुकाबले पर पूरी तरह हावी है और सेमीफाइनल में पहुंचने की मजबूत दावेदार बन चुकी है। लुकमैन के गोल ने बदला मैच का रुख जब बार्सिलोना पूरी लय में दिख रही थी, तभी एटलेटिको मैड्रिड ने वापसी की। 31वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे ने शानदार मूव बनाया और गेंद एडमोला लुकमैन तक पहुंचाई। लुकमैन ने मौके को भुनाते हुए अहम गोल दाग दिया। यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस गोल के बाद एग्रीगेट स्कोर का समीकरण बदल गया और बार्सिलोना पर दबाव बढ़ गया। एटलेटिको ने इसके बाद रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा और बार्सिलोना को खुलकर खेलने से रोका। दूसरे हाफ में बार्सिलोना ने किए कई प्रयास दूसरे हाफ में बार्सिलोना ने बराबरी और एग्रीगेट बढ़त हासिल करने के लिए लगातार हमले किए। टीम ने कई मौके बनाए, लेकिन फिनिशिंग में चूक और एटलेटिको की मजबूत डिफेंस उसके रास्ते में खड़ी रही। फेरान टोरेस ने एक बार फिर गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन रेफरी ने इसे ऑफसाइड करार दिया। यह फैसला बार्सिलोना के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। एटलेटिको के गोलकीपर ने भी कुछ शानदार बचाव किए, जिससे बार्सिलोना को तीसरा गोल नहीं मिल सका। मिडफील्ड में भी दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। कोच के फैसलों पर उठे सवाल मैच के बाद बार्सिलोना के कोच हांसी फ्लिक की रणनीति चर्चा का विषय बनी रही। उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और मार्कस रैशफोर्ड को शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया। फ्लिक ने युवा खिलाड़ियों और तेज अटैकिंग विकल्पों पर भरोसा जताया। शुरुआती मिनटों में यह फैसला सही साबित होता दिखा, लेकिन मैच के निर्णायक दौर में अनुभव की कमी साफ नजर आई। विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े नॉकआउट मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद हो सकती थी। रेड कार्ड ने बढ़ाई मुश्किल मैच के अंतिम चरण में बार्सिलोना की मुश्किलें और बढ़ गईं। डिफेंडर एरिक गार्सिया को रेड कार्ड दिखाया गया। उन्होंने गोल की ओर बढ़ रहे एटलेटिको के खिलाड़ी को रोकने के लिए फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें सीधे मैदान से बाहर भेज दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही बार्सिलोना ने आखिरी मिनटों तक संघर्ष किया, लेकिन टीम जरूरी गोल नहीं कर सकी। 2015 के बाद से जारी है यूरोपीय खिताब का इंतजार बार्सिलोना ने आखिरी बार 2015 में चैंपियंस लीग ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद से क्लब कई बार नॉकआउट चरण में पहुंचा, लेकिन खिताब तक नहीं पहुंच सका। इस हार के बाद भी टीम के प्रदर्शन में कुछ सकारात्मक संकेत दिखे। युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छा खेल दिखाया और टीम ने वापसी की मानसिकता भी दिखाई। हार के बाद मिडफील्डर फ्रेंकी डी जोंग ने कहा कि टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उनके मुताबिक, टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले सीजन में और मजबूत होकर लौटेगी। एटलेटिको के लिए बड़ी उपलब्धि एटलेटिको मैड्रिड के लिए यह जीत सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्लब के आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी। टीम ने दिखाया कि बड़े मैचों में धैर्य, अनुशासन और मौके का सही इस्तेमाल जीत दिला सकता है। अब सेमीफाइनल में एटलेटिको की नजर फाइ

पंजाब किंग्स का अजेय अभियान, मुंबई इंडियंस के लिए जीत जरूरी

नई दिल्ली पिछले कुछ मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा की संभावित गैरमौजूदगी के बावजूद गुरुवार को पंजाब किंग्स से जीतने के लिए जोर लगाएगी। पंजाब की टीम आईपीएल 2026 में अब तक अजेय चल रही है। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस अभी पॉइंट्स टेबल में नौवें पायदान पर है। पंजाब के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ पिछले मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण हिटमैन लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे। मुंबई को अब हर हाल में जीत की दरकार है और ऐसे में यह देखना होगा कि रोहित इस मैच के लिए उपलब्ध रहते हैं या नहीं। वैसे अगर मुंबई को अगर वापसी करनी है तो उसके सभी खिलाड़ियों को अपना योगदान देना होगा। मुंबई ने पिछले 13 सत्र में पहली बार अपना शुरुआती मैच जीता था लेकिन इसके बाद उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। मुंबई इंडियंस का पावरप्ले में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और उसे इस क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। उसने चार मैचों में पहले छह ओवरों के महत्वपूर्ण चरण में केवल तीन विकेट लिए हैं। इसमें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच भी शामिल है जिसमें पावरप्ले 3.2 ओवर का था। जसप्रीत बुमराह रन रोकने में तो सफल रहे हैं, लेकिन यह स्टार भारतीय तेज गेंदबाज अब तक चार मैचों में विकेट नहीं ले पाया है। ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई इंडियंस के गेंदबाज अभी तक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। यहां तक की बल्लेबाजी में भी मुंबई इंडियंस ने पावरप्ले का पूरा फायदा नहीं उठा पाया है। इससे उसके मध्यक्रम पर दबाव बन रहा है। उसके मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा भी शामिल हैं, जिन्होंने काफी हद तक निराश किया है। भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने एक अर्धशतक लगाया है लेकिन तिलक ने अब तक 20, 00, 14 और 01 रन ही बनाए हैं। टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स की अनुपलब्धता मुंबई इंडियंस के लिए एक और समस्या है। मुंबई इंडियंस को लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इसके लिए कुछ खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी जिम्मेदार नहीं है बल्कि टीम का अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाना है। आरसीबी के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने लगातार ऐसी गेंदें फेंकीं जिन्हें बल्लेबाजों ने बाउंड्री के पार पहुंचाया, जबकि उसके बल्लेबाज पावरप्ले में दबाव नहीं बना सके। मुंबई के दोनों स्पिनर मयंक मार्कंडे और मिचेल सैंटनर को हर बार अपनी लेंथ से भटकने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। पिछले सत्र की तरह श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने एक बार फिर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है और उसे हराना आसान नहीं होगा। पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। इसका एक नमूना सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में देखने को मिला जिसमें उसने पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 93 रन बनाए थे। प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य की जोड़ी खतरनाक नजर आ रही है, जबकि अय्यर के आत्मविश्वास और कूपर कोनोली के आने से उसकी टीम और भी मजबूत हो गई है। पंजाब किंग्स की गेंदबाजी की बात करें तो उसके मुख्य गेंदबाज अर्शदीप सिंह अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अब तक खेले गए चार मैचों में 84 गेंदों पर 149 रन लुटाए हैं और केवल दो विकेट ही लिए हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडे, मो. इज़हार, रघु शर्मा। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), विष्णु विनोद (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, कूपर कोनोली, मार्को यानसन, मुशीर खान, मिशेल ओवेन, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, बेन द्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विशाल निशाद, विजयकुमार वैशाक, यश ठाकुर। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर सवाल, कप्तानी पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने इसी साल टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया लेकिन बल्ले के साथ उनकी हालिया फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। टूर्नामेंट में 242 रन बनाने वाले सूर्या ने अमेरिका के खिलाफ 84 रनों की नाबाद पारी से शुरुआत तो धमाकेदार की थी लेकिन इसके बाद नॉकआउट और बड़े मुकाबलों में उनके बल्ले से रन निकलना बंद हो गए। नहीं चल रहा सूर्या का बल्ला दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ उनका फ्लॉप शो अब चर्चा का विषय बन गया है। सूर्या की यह खराब फॉर्म आईपीएल 2026 में भी जारी है जहां मुंबई इंडियंस के लिए चार मैचों में वह केवल 106 रन ही बना सके हैं। इस गिरावट को देखते हुए अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या 35 वर्षीय सूर्यकुमार 2028 के टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिल्स ओलंपिक में टीम का नेतृत्व करने के लिए सही विकल्प हैं। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज सूर्या के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगी। गौतम गंभीर ने भी की मांग इसी बीच कोच गौतम गंभीर अब अपने कार्यकाल को विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। जुलाई 2024 में वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक के लिए नियुक्त हुए गंभीर अब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2028 तक टीम के साथ बने रहना चाहते हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दो आईसीसी खिताब जीतने वाले पहले कोच बनने का गौरव हासिल करने के बाद गंभीर अब 2028 के मेगा इवेंट तक अनुबंध बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। सूर्या को ही चाहते हैं कप्तान कप्तानी के मोर्चे पर गंभीर ने एक बार फिर सूर्यकुमार यादव पर अपना भरोसा जताया है और वह अब भी टी20 फॉर्मेट में उन्हें ही पहली पसंद मानते हैं। हालांकि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि 2028 के ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप तक सूर्या की उम्र 38 वर्ष के करीब होगी। बीसीसीआई के सूत्र ने क्या कहा? बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से बातचीत में स्पष्ट कहा, 'जाहिर तौर पर सूर्या अभी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखनी होगी। वह यूके दौरे पर कप्तानी करेंगे लेकिन उसके बाद 2028 तक के रोडमैप पर चर्चा पूरी तरह से उनके निजी प्रदर्शन पर आधारित हो सकती है।'

PCB चीफ Mohsin Naqvi के बयान से बवाल: भारत में पेट्रोल संकट का दावा, सोशल मीडिया पर घिरे

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का एक बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है. पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2026) में खाली स्टेडियम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने भारत में पेट्रोल संकट होने का दावा कर दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, पीएसएल 2026 के मुकाबले बिना दर्शकों के कराए जा रहे हैं. जब इस पर सवाल उठे, तो नकवी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई ईंधन संकट नहीं है, बल्कि भारत में पेट्रोल की कमी है और वहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं. हालांकि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई यूजर्स ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है. अप्रैल 2026 तक भारत में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रही है और कहीं भी लंबी कतारों की खबर नहीं आई है. अपने ही बयान से पलटे नकवी नकवी का ये झूठ ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले खुद उन्होंने पीएसएल में दर्शकों की एंट्री पर रोक के पीछे पाकिस्तान में ईंधन संकट को वजह बताया था. उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण देश में फ्यूल की कमी हो गई है, इसलिए लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए यह फैसला लिया गया. 22 मार्च को उन्होंने इस फैसले के लिए फैंस से माफी भी मांगी थी और कहा था कि सरकार ने लोगों से कम यात्रा करने की अपील की है. ऐसे में स्टेडियम में हजारों लोगों को इकट्ठा होने देना सही नहीं होगा. लेकिन अब उनके ताजा बयान ने पूरी कहानी बदल दी है. एक तरफ पीएसएल के मैच अब भी खाली स्टेडियम में हो रहे हैं, दूसरी तरफ पीसीबी चीफ भारत में संकट होने की बात कर रहे हैं. इस विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान में कोई संकट नहीं है, तो फिर मैच खाली स्टेडियम में क्यों खेले जा रहे हैं. पीएसएल 2026 फिलहाल अपने अंतिम चरण में है. 14 अप्रैल को एक दिन के ब्रेक के बाद टूर्नामेंट फिर शुरू होगा और 3 मई तक चलेगा.    

बेंगलुरु vs लखनऊ, आज होगा ज़बरदस्त मुकाबला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में बुधवार यानी आज बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) से होगा। इस मैच में दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी इस सीजन 4 में से 3 मुकाबले अपने नाम कर चुकी है। इस टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहला मैच 6 विकेट से अपने नाम किया और फिर चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हराया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने आरसीबी की जीत का क्रम तोड़ा। उस मैच में आरसीबी को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। अपने चौथे मैच में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 18 रन से जीत हासिल की। 4 में से 2 मुकाबले हार चुकी है लखनऊ दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 4 में से 2 मैच गंवा चुकी है। इस टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना पहला मैच 6 विकेट से हारा, जिसके बाद शानदार वापसी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद (5 विकेट) और कोलकाता नाइट राइडर्स (3 विकेट) के खिलाफ जीत हासिल की। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ 7 विकेट से मैच गंवा दिया। आरसीबी और लखनऊ का हेड टू हेड रिकॉर्ड लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरसीबी ने 4 मुकाबले जीते और एलएसजी को सिर्फ 2 जीत नसीब हुई। साल 2022 में आरसीबी ने दोनों मुकाबलों में एलएसजी को शिकस्त दी थी। इसके बाद साल 2023 में दोनों टीमों ने एक-एक मैच अपने नाम किए। साल 2024 में एलएसजी ने 28 रन से मुकाबला जीता था। पिछली बार जब आईपीएल 2025 में ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तो आरसीबी ने छह विकेट से आसान जीत हासिल की। मैच के लिए दोनों टीमें इस प्रकार हैं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेजलवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पांड्या, रसिक डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल सॉल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नॉर्खिया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान। मैच का समय: शाम को 7 बजकर 30 मिनट पर मैच शुरू होगा। टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर मैच लाइव आएगा जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

IPL 2026: KKR को चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रन से हराया

चेन्नई कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर को आईपीएल 2026 में अभी भी पहली जीत का इंतजार है। केकेआर ने इस सीजन पांच मैच खेल लिए हैं, जिनमें से चार मैचों में हार उनको मिली है और एक मैच बारिश में धुल गया था। एक पॉइंट ही केकेआर के खाते में हैं। मंगलवार 14 अप्रैल को सीएसके के खिलाफ उनको करारी हार मिली। इस हार के पीछे की वजह केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताई है। उनका कहना है कि एक बल्लेबाज की जरूरत थी, जो मैच को आखिर तक ले जाए। इसके अलावा उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन को भी हार का जिम्मेदार ठहराया है। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, "बिल्कुल। मुझे लगा कि बॉल से हमने सच में अच्छा किया। इस विकेट पर 190 का स्कोर सच में अच्छा था, खासकर पावरप्ले में जो उन्होंने बनाया, 70 के आस-पास रन। उसके बाद, 190 तक रोकना हमारी बॉलिंग यूनिट का कमाल का काम था। मुझे लगा कि शुरू में हमारी बैटिंग में, हमने पावरप्ले में सिर्फ 36 या 37 रन बनाए। मुझे लगा कि यह सच में जरूरी था। बीच का फेज, स्पिनरों को हिट करना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन इसके अलावा, विकेट सच में अच्छा था। हमें एक बैटर की जरूरत थी जो डीप तक बैटिंग करे और फिर आखिर में मैच ले जाए।".  आखिर किंग खान की इस टीम की चमक अचानक कैसे फीकी पड़ गई? यहां वो 5 बड़ी वजहें दी गई हैं जिन्होंने KKR के विजय रथ को पटरी से उतार दिया है.  1. प्रेरणादायक कप्तान का अभाव और रहाणे का गिरता फॉर्म अजिंक्य रहाणे की कप्तानी इस बार सवालों के घेरे में है. टीम में वो जोश और ऊर्जा नहीं दिख रही है जिसके लिए KKR जानी जाती थी. बल्ले से भी रहाणे सामान्य रहे हैं. उन्होंने 5 पारियों में केवल 152 रन बनाए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक अर्धशतक के अलावा कोई बड़ी पारी नहीं दिखी. रहाणे रणनीतिक फैसलों और टीम को एकजुट करने में अब तक विफल रहे हैं।  2. वरुण चक्रवर्ती: विश्व कप के 'मैच विनर' से आईपीएल के 'फ्लॉप शो' तक  वरुण चक्रवर्ती की नाकामी टीम के लिए सबसे बड़ा झटका है. टी20 विश्व कप 2026 में 14 विकेट चटकाने वाला यह 'मिस्ट्री स्पिनर' आईपीएल में बिल्कुल बेअसर दिख रहा है. इस IPL सीजन वरुण ने 3 मैचों में 9 ओवर की गेंदबाजी जिसमे 105 रन लुटाए और विकेटों का खाता अब तक नहीं खुला है. पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी कराने के फैसले की भी काफी आलोचना हो रही है।  3. कैमरून ग्रीन: नाम बड़े और दर्शन छोटे  कैमरन ग्रीन को 2026 के IPL ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ₹25.20 करोड़ में खरीदा था जिससे वो IPL के इतिहास में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने. KKR ने ग्रीन पर बड़ा दांव जरूर खेला था, लेकिन वह अब तक पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. ग्रीन ने 5 पारियों (18, 2, 4, 32, 0) में कुल मिलाकर महज 56 रन बनाए हैं. गेंदबाजी में भी 2 मौके पर वह अब तक सिर्फ एक सफलता (LSG के खिलाफ) ही हासिल कर पाए हैं।  4. टॉप ऑर्डर की लगातार नाकामी  टीम की ओपनिंग जोड़ी (फिन एलन और रहाणे) और नंबर 3 पर ग्रीन की विफलता के कारण टीम को ठोस शुरुआत नहीं मिल पा रही है. शुरुआती झटकों के चलते मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह रही है।  5. रणनीतिक चूक और रोल क्लैरिटी की कमी  मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं दिख रही है. रहाणे के रणनीतिक फैसलों, जैसे कि फॉर्म से बाहर चल रहे वरुण को पावरप्ले में गेंदबाजी देना, टीम के लिए उल्टा साबित हो रहा है. टीम का आत्मविश्वास इतना गिर चुका है कि वो जीते हुए मैच भी करीबी अंतर से हार रहे हैं। 

शेन वॉर्न की मौत की वजह कोरोना वैक्सीन? 4 साल बाद बेटे ने किया चौंकाने वाला दावा

सिडनी  महान स्पिनर शेन वॉर्न के निधन के चार साल बाद उनके बेटे जैक्सन ने दावा किया है कि इस दिग्गज स्पिनर की मौत संभवतः कोविड के उन 'तीन या चार' टीकों के कारण हुई थी जो उन्हें 'काम करने के लिए मजबूरन लेने पड़े थे।' जैक्सन ने '2 वर्ल्ड्स कोलाइड पॉडकास्ट' पर बात करते हुए अपने पिता की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी स्वीकार किया। वॉर्न का 2022 में थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 52 वर्ष थी। मुझे पक्का लगता है टीके की वजह से हुई मौत: जैक्सन वॉर्न जैक्सन ने कहा, ‘मुझे पक्का लगता है कि इसमें (कोविड टीके का) हाथ था। मुझे नहीं लगता कि अब यह कहने से किसी तरह का विवाद पैदा होगा। भले ही डैड (पिताजी) को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन मुझे लगता है कि टीका लगाने के कारण उनकी बीमारी खुलकर सामने आ गई। यह एक ऐसी बात है जिससे मैं हमेशा सोचता रहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे ही मैंने (वॉर्न की मौत की खबर मिलने के बाद) फोन रखा तो मेरी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि मैंने तुरंत सरकार को दोषी ठहराया। मैंने तुरंत कोविड और टीके को दोषी ठहराया।’ जैक्सन ने कहा कि उन्होंने शोक सभा में अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने से खुद को बड़ी मुश्किल से रोका था। उन्होंने कहा, ‘शायद यह समझदारी भरा कदम था कि मैंने ऐसा नहीं किया, अगर मैंने ऐसा किया होता तो मेरी स्थिति बिल्कुल अलग होती। लेकिन मुझे यही महसूस हुआ।’ 'डैड ठीक थे, उन्होंने 3 या 4 डोज लगवाए थे' जैक्सन ने कहा, ‘पहले भी दिल का दौरा पड़ने से बहुत से लोग मर रहे थे। लेकिन डैड ठीक थे। मुझे लगता है उन्होंने तीन या चार (टीके) लगवाए होंगे। वह टीका नहीं लगवाना चाहते थे लेकिन अन्य लोगों की तरह काम करने के लिए उन्हें मजबूरन इन्हें देना पड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहता हूं क्योंकि इससे केवल गुस्सा ही बढ़ता है। गुस्सा किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता है।’ वॉर्न की जीवनशैली के बारे में जैक्सन ने कहा कि धूम्रपान और शराब पीने के बावजूद वह अपेक्षाकृत स्वस्थ थे। उन्होंने कहा, ‘उस समय डैड स्वस्थ थे, खुश थे। वे काफी समय बाद इतने अच्छे दिख रहे थे। वह जरूर धूम्रपान करते थे और शराब पीते थे, लेकिन 80 और 90 वर्ष की उम्र के कई लोग डैड की तुलना में कहीं अधिक धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं।’ वॉर्न निधन से कुछ महीने पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। जब उनकी अचानक मौत हुई तो तब वह किसी तरह की गंभीर बीमारी से नहीं जूझ रहे थे।

संजू सैमसन ने बुमराह को पीछे छोड़ा, जीता ICC का प्रमुख अवॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मार्च महीने का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. उन्होंने इस अवॉर्ड की रेस में जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन को पीछे छोड़ा. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई. खास बात यह रही कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे. टीम ने पहले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मौका दिया, लेकिन जब सैमसन को मौका मिला, तो उन्होंने इसे पूरी तरह भुना लिया।  सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन की तेज पारी से उन्होंने शुरुआत की, लेकिन असली कमाल वेस्टइंडीज के खिलाफ देखने को मिला. नॉकआउट की रेस में सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. यह पारी संभलकर खेली गई थी, जिसमें उन्होंने सही समय पर सही शॉट्स लगाए।  सेमीफाइनल और फाइनल में भी जलवा इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेली. यह मैच हाई स्कोरिंग था, लेकिन सैमसन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने 89 रन बनाए और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. लगातार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन ही उन्हें सबसे खास बनाता है।  मार्च के इन अहम मैचों में सैमसन ने 3 पारियों में 275 रन बनाए. उनका औसत 137.50 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैचों में 321 रन बनाए, औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा।  हालांकि जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार गेंदबाजी की और कई मैचों में टीम को संभाला, लेकिन सैमसन ने बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख बदल दिया. वहीं महिला क्रिकेट में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर को मार्च का प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। 

BCCI का बड़ा फैसला: IPL 2026 शेड्यूल में चुनाव की वजह से हुआ बदलाव

मुंबई   IPL 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने लीग के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है. बोर्ड ने घोषणा की है कि गुजरात टाइटन्स (GT) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच 26 अप्रैल और 21 मई को होने वाले दो मैचों के स्थान को बदल दिया गया है।  IPL 2026 के शेड्यूल में बड़ा बदलाव नए शेड्यूल के अनुसार गुजरात टाइटंस और सुपर किंग्स के बीच पहले 26 अप्रैल को अहमदाबाद में खेला जाने वाला दोपहर का मैच अब चेन्नई के एमए ​​चिदंबरम स्टेडियम में होगा. यह दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा. जबकि 21 मई को इन्हीं दोनों टीमों के बीच चेन्नई में शाम को होने वाला मैच अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया है और यह मैच शाम में शुरू होगा।  शेड्यूल में बदलाव की वजह बीसीसीआई ने इसकी वजह अहमदाबाद और गुजरात के अन्य इलाकों में 26 अप्रैल को होने वाले नगर निगम चुनाव को बताया है. बीसीसीआई ने विज्ञप्ति में कहा, 'अहमदाबाद और गुजरात के दूसरे हिस्सों में 26 अप्रैल 2026 को होने वाले नगर पालिका चुनावों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया है।  अहमदाबाद के अलावा, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, करमसद-आनंद, गांधीधाम, नाडियाड, नवसारी, पोरबंदर, मेहसाणा, मोरबी, वापी और सुरेंद्रनगर में भी नगर निगम चुनाव होंगे. वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।  IPL 2026 में CSK और GT के प्रेदर्शन पर एक नजर इस सीजन भी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत पिछले सीजन जैसी ही रही. वो अब तक 4 मैच में से केवल एक मैच में ही जीत हासिल कर सके हैं, जबकि तीम मैच में उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ा. जिसकी वजह से वो अंक तालिका में 9वें नंबर पर हैं. पिछले सीजन भी वो 10वें नंबर पर रहे थे. उनका अगला मैच केकेआर से है, जो 14 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा।  वहीं गुजरात टाइटंस की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन वो 4 मैच में दो जीत और दो हार के साथ अंक तालिका में छठें नंबर पर हैं. उकना अगला मैच 17 अप्रैल को केकेआर से है।