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भारत ने अफगानिस्तान को हराया, लेकिन चर्चा में रहा रोहित-गिल का रनआउट मोमेंट

धर्मशाला भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला वनडे में भले ही सात विकेट से आसान जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा के रन आउट और उस पर कप्तान शुभमन गिल के रिएक्शन की रही. धर्मशाला में हुए इस मुकाबले के दौरान एक छोटी सी गलतफहमी ने 'हिटमैन' की पारी का अंत कर दिया था. मैच के बाद गिल ने इस पूरे मामले पर मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया, जिसने माहौल हल्का कर दिया. बारिश से प्रभावित 25-25 ओवर के मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल की नाबाद 84 रनों की शानदार पारी के दम पर लक्ष्य को 13 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया. गिल को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. भारत की पारी के छठे ओवर में यह घटना हुई. अफगानिस्तान के युवा स्पिनर अल्लाह गजनफर की गेंद को रोहित शर्मा ने मिडविकेट की ओर खेला और तेजी से रन लेने के लिए दौड़ पड़े. शुभमन गिल ने भी शुरुआत में रन लेने की हामी भरी, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद अचानक रुक गए और रोहित को वापस भेज दिया. तब तक रोहित काफी आगे निकल चुके थे. अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने तुरंत मौका भुनाया और राशिद खान के थ्रो पर विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं. रोहित 16 रन बनाकर रन आउट हो गए. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी. वह रिप्ले का इंतजार किए बिना सीधे पवेलियन लौट गए. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस रनआउट को लेकर रोहित शर्मा से बात की, तो भारतीय कप्तान ने हंसते हुए जवाब दिया. गिल ने कहा, 'मुझे पता है कि उन्होंने रिप्ले देख लिया था. उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, सब ठीक है. अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए पिछले टी20 मैच में भी वह रन आउट हुए थे.' शुभमन गिल के इस जवाब ने सभी को हंसा दिया और यह संकेत भी दिया कि ड्रेसिंग रूम में इस घटना को लेकर कोई तनाव नहीं है. मैच के बारे में बात करते हुए गिल ने अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह मुकाबला किसी टी20 मैच जैसा था. एक समय ऐसा लगा कि गुरबाज मैच को हमसे दूर ले जाएंगे. उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाजों ने बेहतरीन वापसी की.' गुरबाज ने सिर्फ 51 गेंदों में 102 रनों की विस्फोटक पारी खेली और अफगानिस्तान को एक समय मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. भारत की जीत में डेब्यूटेंट खिलाड़ियों गुरनूर बरार और हर्ष दुबे का भी अहम योगदान रहा. दोनों गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. शुभमन गिल ने दोनों खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि गुरनूर ने नई गेंद और डेथ ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाया, जबकि हर्ष दुबे ने पहले ओवर में महंगे साबित होने के बावजूद शानदार वापसी की.

वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड की जीत, लेकिन रेफरी के फैसलों पर उठा विवाद

बोस्टन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी के मुकाबले में स्कॉटलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हैती को 1-0 से हराया। स्कॉटलैंड ने विश्व कप में यह 36 साल बाद जीत दर्ज की है। यह जीत स्कॉटलैंड के लिए कई मायनों में खास रही। टीम ने 1990 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की। इसके अलावा 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने किसी वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत हासिल की है। 1982 में टीम ने न्यूजीलैंड को 5-2 से हराया था। इसके अलावा 1998 के बाद यह स्कॉटलैंड का पुरुषों के वर्ल्ड कप में पहला मैच था। स्कॉटलैंड और हैती का मुकाबला विवादित रहा रेफरी के फैसलों की वजह से स्कॉटलैंड और हैती का यह मुकाबला विवादित रहा। मैच के 79वें मिनट में हैती के जीन-रिकनर बेलेगार्डे ने जोरदार किक मारा। बॉक्स के अंदर स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी। हैती के खिलाड़ियों की जोरदार अपील के बावजूद रेफरी ने उसपर ध्यान नहीं दिया। वीएआर ने भी इसमें कोई दखल नहीं दिया। बॉक्स के अंदर हैंडबॉल होने पर विपक्षी टीम को पेनल्टी मिलती है। इससे पहले 73वें मिनट में भी स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ में गेंद लगी थी। इस बार भी रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। अल्जीरिया के मुस्तफा घोरबल इस मैच में रेफरी की भूमिका में थे। केनी मैक्लीन ने पहले हाफ में जोसु कासिमिर के घुटने पर खतरनाक तरीके से टैकल किया। उन्हें रेड कार्ड मिल सकता था लेकिन रेफरी ने नहीं दिया। 29वें मिनट में हुए एकमात्र गोल 29वें मिनट में स्कॉटलैंड की टीम बढ़त हासिल करने में सफल रही। फॉरवर्ड खिलाड़ी चे एडम्स ने लंबी गेंद पर नियंत्रण बनाया और बेन गैनन-डोक को पास दिया। उनके क्रॉस को हैती के डिफेंडर ने ब्लॉक कर दिया, लेकिन गेंद जॉन मैकगिन के पास पहुंच गई। मैकगिन ने बॉक्स के किनारे से जोरदार शॉट लगाया, जो हल्के से डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर जॉनी प्लेसिड को चकमा देकर गोल पोस्ट में पहुंच गया।  

20 साल के इरानकुंडा बने स्टार, ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से दर्ज की जीत

 नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत जीत के साथ की। ऑस्ट्रेलिया ने वैंकूवर में तुर्किए को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। ऑस्ट्रेलिया से नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने 1-1 गोल किए और अहम मौकों पर ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर पैट्रिक ने कमाल का बचाव करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप में वापसी खराब रही। FIFA World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया ने तुर्किए को 2-0 से हराया दरअसल, इस मैच में तुर्किए के पास बॉल ज्यादा रही, जिससे लग रहा था कि वह मैच जीत सकती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम का डिफेंस कमाल का रहा। कोच टोनी पॉपोविक की टीम ने मजबूत डिफेंस किया और जैसे ही मौके मिले तुरंत गोल कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार जीत रही। नेस्टोरी ईरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने गोल दागे और तब से टीम कभी पीछे नहीं रही। फर्स्ट हाफ में 27वें मिनट पर पहला गोल हुआ। 20 साल के इरानकुंडा फीफा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गोल दागने वाले सबसे युवा प्लेयर बने। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर पैट्रिक ने शानदार डिफेंस किया। तुर्किए के अब्दुलकेरिम बर्दाकसी ने गोल मार दिया था, लेकिन इसका बचाव ऑस्ट्रेलिया ने कर लिया और फिर काउंटर अटैक करना शुरू किया और इस तरह इरानकुंडा ने पहला गोल किया। इसके बाद तुर्किए ने मैच में वापसी करने के लिए पलटवार किया। मैच के 53वें मिनट में कॉर्नर किक में हैरी साउटर ने हेडर पर गोल करने की कोशिश की, जिससे गोलकीपर उगुरकान काकिर रोकने में नाकाम हुए। 56वें मिनट में तुर्किए के अर्दा गुलेर ने फ्रीकिक ली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर बीच में नीचे झुककर डाइव लगाते हुए उनके इस गोल को रोक लिया। मैच के 75वें मिनट में मेटकाफ ने गोल करते हुए बढ़त को दोगुना किया। इस तरह मैच में मिली जीत के साथ ग्रुप-डी की अंक तालिका में 3 अंक के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे पायदान पर पहुंच गई। इरानकुंडा का ऐतिहासिक कारनामा नेस्टोरी इरानकुंडा वर्ल्ड कप में गोल करने वाला सबसे युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। इरानकुंडा की उम्र 20 साल 125 दिन है। उसने ब्रेट होलमैन का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं। होलमैन ने 2010 में घाना के खिलाफ गोल किया था। तब उसकी उम्र 26 साल 84 दिन थी।  

पहले वनडे में भारतीय टीम का दमदार प्रदर्शन, अफगानिस्तान पर आसान जीत

धर्मशाला  भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में धमाकेदार शुरुआत की है। बारिश से प्रभावित मुकाबले में अफगानिस्तान ने गुरबाज की शतकीय पारी की बदौलत 25 ओवर में 194 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 13 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। भारत ने पहले वनडे में 22.5 ओवर में तीन विकेट खोकर 195 रन बनाए। टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। अफगानिस्तान के लिए जिया उर रहमान और राशिद खान ने 1-1 विकेट लिया। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला धर्मशाला के मैदान पर खेला जा रहा है। अफगानिस्ता ने बारिश से प्रभावित मैच में भारत के सामने 195 रनों का टारगेट रखा है। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई है। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी हुई। रोहित रन आउट हुए। उन्होंने 16 गेंद में 16 रन बनाए। ईशान किशन ने 22 गेंद में 34 रन बनाए। श्रेयस अय्यर ने 15 गेंद में 12 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने 66 गेंद में 11 चौके और दो छक्के की मदद से 84 रन बनाए। केएल राहुल ने 19 गेंद में नाबाद 39 रन बनाए। भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी और अफगानिस्तान को 24.5 ओवर में 194 रनों पर समेट दिया। भारत की ओर से डेब्यूटेंट हर्ष दुबे और गुरनूर बराड़ ने तीन-तीन विकेट चटकाए। अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी ने दो-दो विकेट लिए। बारिश के कारण टॉस में तीन घंटे 45 की देरी हुई, जिसकी वजह से मैच 25-25 ओवर का कर दिया गया। अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही। अफगानिस्तान ने पांच ओवर के पावरप्ले में 27 रन जोड़े और तीन विकेट गंवाए। गुरनूर ने दूसरे ओवर में इब्राहिम जादरान (1) का शिकार किया। अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (0) और पांचवें ओवर में रहमत शाह (4) को अपने जाल में फंसाया। गुरबाज ने ऐतिहासिक शतक ठोका इसके बाद, रहमानुल्लाह गुरबाज ने मोर्चा संभाला और ऐतिहासिक शतक जमाया। उन्होंने 51 गेंदों में 8 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 102 रनों की पारी खेली। उन्होंने 48 गेंदों में शतक कंप्लीट किया। वह अफगानिस्तान के लिए सबसे तेज वनडे शतक लगाने वाले प्लेयर बन गए हैं। गुरबाज ने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी के संग चौथे विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी की। गुरबाज को नीतीश कुमार रेड्डी ने 16वें ओवर में बोल्ड किया। हर्ष दुबे ने 17वें ओवर में शाहिदी को आउट किया। कप्तान ने 30 गेंदों में 27 रन बटोरे, जिसमें तीन चौके हैं। हर्ष ने 22वें ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई (16 गेंदों में 26) और अल्लाह गजनफर (0) को पवेलियन की राह दिखाई। गुरनूर ने 25वें ओवर में राशिद खान (13 गेंदों में 9) और जिया उर रहमान शरीफी (4) को आउट कर अफगानिस्तान की पारी को समेटा। हम्मद सलीम सफी एक रन बनाकर नाबाद रहे। रोहित शर्मा ने रचा इतिहास टीम इंडिया इस सीरीज से अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर रही है। भारत की कमान शुभमन गिल के पास है जबकि अफगानिस्तान की बागडोर हशमतुल्लाह शाहिदी के हाथों में हैं। दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा पर सभी की नजरें रहेंगी। सीरीज में 'हिटमैन' की मैच फिटनेस की परीक्षा होगी। उन्हें आईपीएल के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कई मैचों में बाहर बैठना पड़ा था। वह साथ ही मैदान पर उतरते ही भारत के लिए खेलने वाले सबसे उम्रदार खिलाड़ी बन गए हैं। रोहित 39 साल और 44 दिन के हैं। उन्होंने मोहिंदर अमरनाथ (29 साल और 36 दिन) का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला। स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और हार्दिक पांड्या अनफिट होने के कारण सीरीज से बाहर हैं। भारत: 195/3 (22.5 ओवर) अफगानिस्तान: 194/10 (24.5 ओवर) भारत की प्लेइंग XI: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा। अफगानिस्तान की प्लेइंग XI: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी।

चटगांव में क्रिकेटर से कथित बदसलूकी पर BCB ने जांच की मांग की

नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्टार स्पिनर नईम हसन ने पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए. 25 वर्षीय क्रिकेटर का दावा है कि चटगांव में पुलिसकर्मियों ने ना सिर्फ उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें डंडों और प्लास्टिक पाइप से पीटा. इस घटना के सामने आने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से लेकर देश के कई मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नईम हसन शुक्रवार रात ढाका से चटगांव लौट रहे थे, वह ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब से जुड़े कार्यक्रम के बाद अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान लालखान बाजार इलाके के पास उनकी सीएनजी ऑटो-रिक्शा को कुछ पुलिसकर्मियों ने रोक लिया. नईम का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया. इसके बजाय अधिकारियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी. नईम हसन के अनुसार पुलिसकर्मियों ने उनका गला पकड़ लिया और जबरन उन्हें दूसरे ऑटो-रिक्शा में बैठाकर थाने ले जाने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को समझाने की कोशिश की कि वह बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के क्रिकेटर हैं, लेकिन अधिकारियों ने किसी की बात नहीं सुनी. नईम ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं लगातार उन्हें बता रहा था कि मैं राष्ट्रीय क्रिकेटर हूं, लेकिन उन्होंने मेरी बात सुनने से इनकार कर दिया. उन्होंने मुझे डंडों और प्लास्टिक पाइप से पीटा. जब थाने पहुंचकर मैंने अपनी पहचान बताई, तब भी मेरे साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया.' नईम हसन ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'अगर वे वास्तव में मुझे हिरासत में लेना चाहते थे, तो मुझे पुलिस वाहन में ले जाना चाहिए था मुझे एक सामान्य सीएनजी में बैठाने की कोशिश क्यों की गई. मैं चाहता हूं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले.' चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर आमिरुल इस्लाम ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती जानकारी से ऐसा प्रतीत होता है कि ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान तय नियमों और प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया. आमिरुल ने कहा, 'हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं, अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नईम हसन को न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है.' नईम के सपोर्ट में उतरे मुश्फिुकर रहीम घटना के बाद बांग्लादेश क्रिकेट जगत में नाराजगी की लहर दौड़ गई. अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने सोशल मीडिया पर नईम हसन के समर्थन में पोस्ट करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है. कई पूर्व क्रिकेटरों और खेल प्रशासकों ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना पर गहरी चिंता जताई है. बोर्ड ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि पूरी तरह अस्वीकार्य भी है. बीसीबी ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की अपील की है. क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है. नईम हसन हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम में चुने गए हैं. ऐसे में यह घटना सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि राष्ट्रीय टीम की तैयारियों पर भी असर डाल सकती है. 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले नईम अब तक बांग्लादेश के लिए 14 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 48 विकेट झटके.

पहले गेम में कड़ी टक्कर के बावजूद सिंधु नहीं बचा सकीं बढ़त, फाइनल से बाहर

सिडनी  भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु शनिवार यानि 13 जून को ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में जापान की शीर्ष वरीय अकाने यामागुची के खिलाफ हार गईं। जिससे इस भारतीय खिलाड़ी का बीडब्ल्यूएफ खिताब का इंतजार बरकरार रहा। साथ ही इस साल के पहले खिताब से भी हाथ धोना पड़ा। सिंधू को यहां तीसरी वरीयता मिली थी। उन्होंने पहले गेम में कड़ी टक्कर दी लेकिन 43 मिनट तक चले मुकाबले में यामागुची से 20-22, 12-21 से हार गईं। पीवी सिंधु ने पहले गेम में किया डंटकर मुकाबला सिंधु के बाहर होने के साथ ही इस बीडब्ल्यूए ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया है। सिंधु ने पहले गेम में यामागुची के हर प्रहार का बखूबी जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों ने लगातार छह-छह अंक हासिल किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अपने गेम प्वाइंट को अंक में बदलने में नाकाम रही। यामागुची ने संयम का परिचय देते हुए पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में फिसली बाजी पहले गेम में कांटे की टक्कर होने के बाद दूसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। यामागुची ने लगातार आठ अंक बनाकर 13-6 की बढ़त बना ली और पूरे गेम में अपना दबदबा बनाए रखते हुए आसानी से मैच जीत लिया। अब जापानी खिलाड़ी महिला एकल के खिताबी मुकाबले में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग से भिड़ेंगी। सिंधु का इस हार के साथ यामागुची के खिलाफ हालिया संघर्ष जारी रहा। हालांकि जीत के रिकॉर्ड में भारतीय खिलाड़ी अब भी 15-13 से आगे हैं, लेकिन पिछले छह मुकाबलों में से पांच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। खिताब का इंतजार हुआ लंबा दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीत के बाद से सिंधु बीडब्ल्यूएफ टूर का खिताब नहीं जीत पाई हैं। इस सत्र में सिंधू का यह दूसरा सेमीफाइनल था। इससे पहले वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं जिसमें उन्हें चीन की वांग झियी से हार का सामना करना पड़ा था। वह इस सत्र में तीन बार क्वार्टर फाइनल में भी पहुंची हैं। पीवी सिंधु ने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में 21-6, 21-9 से एकतरफा मैच में मात दी थी। जिसके उनकी खिताब जीतने की उम्मीद मजबूत हो गई थी।  

स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा चोट से उबर रहे, दोहा डायमंड लीग में नहीं लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 19 जून को होने वाली दोहा डायमंड लीग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वह इन दिनों स्विट्जरलैंड में पीठ की चोट से उबर रहे हैं। टोक्यो ओलिंपिक 2020 के स्वर्ण पदक और पेरिस ओलिंपिक 2024 के रजत पदक विजेता नीरज ने पिछले वर्ष दोहा में ही अपने डायमंड लीग अभियान की शुरुआत की थी और पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। हरियाणा के 28 वर्षीय नीरज इस समय अपने लंबे समय के फिजियोथेरेपिस्ट इशान मरवाहा और कोच जय चौधरी के साथ स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में 47 दिनों के आफ सीजन प्रशिक्षण शिविर में हैं। वे इस वर्ष होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटे हैं। दोहा के कतर स्पोर्ट्स क्लब में होने वाली प्रतियोगिता में दुनिया के कई शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी भाग लेंगे। इनमें श्रीलंका के विश्व नंबर एक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिराजे शामिल हैं, जिन्होंने चार जून को रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। उनके अलावा पाकिस्तान के पेरिस ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशार्न वालकाट भी मैदान में उतरेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होगी। ग्रेनाडा के पूर्व दो बार के विश्व चैंपियन और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता एंडरसन पीटर्स तथा अमेरिका के विश्व कांस्य पदक विजेता कर्टिस थांपसन भी इसमें हिस्सा लेंगे।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत का पहला टेस्ट, पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक टक्कर तय

 नई दिल्ली आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप का मंच तैयार है। टीम इंडिया रविवार को अपना पहला मैच खेलेगी और ये मैच होगा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ। इन दोनों देशों का मैच किसी भी फॉर्मेट में हो रोमांच अपने सिर चढ़कर बोलता है, क्योंकि हार दोनों ही टीमें बर्दाश्त नहीं कर सकती। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम वनडे विजेता के तौर पर इस टूर्नामेंट में गई है और अब उसकी कोशिश टी20 का खिताब भी अपने नाम करने पर है। हालांकि, पहले मैच में पाकिस्तान की चुनौती उसके लिए आसान नहीं होगी। इस मैच का दबाव काफी अलग रहता है और इसी कारण इसे हाई वोल्टेज मैच कहा जाता है। क्या कहते हैं आंकड़े दोनों टीमों के बीच अभी तक टी20 में कुल 16 मैच खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 13 मैचों में जीत हासिल की है जबकि दो मैचों में पाकिस्तान ने बाजी मारी है। हालांकि, पाकिस्तान की ये दो जीत उसे टी20 वर्ल्ड कप में ही मिली है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम छह बार पाकिस्तान से भिड़ी है जिसमें से चार में उसे जीत नसीब हुई है। आंकड़ों में तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी है, लेकिन क्रिकेट आंकड़ों का खेल नहीं है। खासकर भारत और पाकिस्तान का मैच, जहां दोनों टीमों का सबकुछ दांव पर लगा होता है इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें भारत को जीत चाहिए तो इसके लिए उसकी दमदार बल्लेबाजी का चलना काफी जरूरी है। टीम की कमान संभाल रही हरमनप्रीत कौर का बल्ला चलना काफी जरूरी है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने अगर पैर जमा लिए तो फिर पाकिस्तान की गेंदबाजों की लाइन लैंग्थ बिगड़नी तय है। खासकर शेफली का बल्ला अगर चल गया तो तूफान मचना तय है क्योंकि वह तूफानी अंदाज में रन बनाने के लिए जानी जाती हैं

फीफा विश्व कप टिकट विवाद: महंगे दामों ने आम दर्शकों की पहुंच पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  फीफा विश्व कप के 100 साल के इतिहास में टिकटों के लिहाज से अब तक के सबसे महंगे विश्व कप को अगर सिर्फ अमीरों का टूर्नामेंट कहा जाए तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। बड़ी मुश्किल से इस विश्व कप की टिकट खरीदकर मैदान पहुंच रहे कुछ आम प्रशंसकों को इसका अहसास भी हो रहा है। स्टेडियमों की सीटों पर उन्हें अधिकतर लोग ऊंचे तबके के नजर आ रहे हैं, जिनमें से अधिकतर को वह पहले ही सुर्खियों या टीवी पर देख चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध इस विश्व कप के पहले मुकाबले को देखने पहुंचे मेक्सिको के फुटबॉल प्रशंसक मार्सेलो गोंजालेस की मानें तो उन्होंने मेक्सिको सिटी के एस्टाडियो एज्टेका स्टेडियम के एंट्री गेट की ओर जाते हुए हरे रंग की शर्ट पहने लोगों की जो भीड़ देखी तो वह खुद से सवाल करने लगे कि क्या यह भीड़ असली मेक्सिको का नेतृत्व करती है, क्योंकि उन लोगों में अधिकतर ने राष्ट्रीय टीम की बिल्कुल नई जर्सी पहनी हुई थी। गोंजालेस ने महसूस किया कि वहां मौजूद ज्यादातर लोग मेक्सिको के अमीर और ऊंचे तबके से थे। जिनमें कई राजनेता भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि मैं उनमें से लगभग 10 लोगों को तो पहले ही देख चुका था। गोंजालेस और उनके एक दोस्त को सिर्फ तीन दिन पहले ही टिकट मिले थे और प्रत्येक टिकट के लिए लगभग 3.32 लाख रुपये (3,500 अमेरिकी डालर) खर्च करने के बाद भी इन हालातों में गोंजालेस को लग रहा है कि गनीमत है कि उन्हें टिकट सस्ती मिल गईं। खस्ता हाल मेक्सिको के स्टेडियम में महंगी बीयर मैच देखने पहुंचे एक और आम प्रशंसक 40 वर्षीय अल्फोंसो एसेवेज ने बताया कि एक और मेक्सिको में शिक्षक संघ वेतन और पेंशन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान परेशान हैं। दूसरी और स्टेडियम में अमीर लोग करीब 2000 रुपये की बीयर का मजा ले रहे हैं। अल्फोंसो के अनुसार असल में इन लोगों में से कई मैक्सिकन मूल के अमेरिकी हैं, जो टूर्नामेंट के मैक्सिकन चरण में अपने समर्थन के साथ-साथ अपनी खर्च करने की क्षमता का दिखावा करने आए हैं। मेक्सिको की राष्ट्रपति नहीं आईं स्टेडियम मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने महीनों पहले फैसला किया था कि वह उद्घाटन मैच में शामिल नहीं होंगी। शिनबाम को इस मुकाबले के लिए फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के बगल वाली सीट टिकट मिली थी, लेकिन शिनबाम ने अपने देश की आदिवासी एथलीट वेराक्रूज को यह टिकट दे दी थी। शिनबाम ने शहर में प्रशंसको के साथ स्क्रीन पर मैच देखा और शायद इस तरह उन्होंने फीफा की आम लोगों की पहुंच से दूर महंगी टिकटों का मूक विरोध किया। अमेरिका में हो रही कानूनी कार्रवाई फीफा ने मुकाबलों के लिए टिकटों की कीमतों को सही ठहराते हुए कहा है कि उसे वैश्विक फुटबॉल के लिए अपनी फंडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस कमाई की जरूरत है। हालांकि इन कीमतों की वजह से न सिर्फ प्रशंसक नाराज हुए हैं, बल्कि अमेरिका में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है।  

रोहित शर्मा के निशाने पर इतिहास, आज सेंचुरी जड़ी तो सचिन का बड़ा रिकॉर्ड होगा चकनाचूर

धर्मशाला इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान तीन मैच की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी शनिवार, 13 जून को धर्मशाला के हिमाचर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाना है। विराट कोहली चोट के चलते सीरीज से बाहर हो गए हैं, ऐसे में हर किसी की नजरें रोहित शर्मा पर होगी। रोहित शर्मा इंजरी से वापस आ रहे हैं, आईपीएल 2026 के दौरान उन्हें हैम्सट्रिंग में चोट लगी थी। अब वह बीसीसीआई का टेस्ट पास कर अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए एकदम फिट है। रोहित शर्मा जैसे ही धर्मशाला के मैदान पर खेलने के लिए उतरेंगे वैसे ही वह 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे और वनडे में भारत के लिए खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी जी हां, इससे पहले यह रिकॉर्ड 1983 वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो मोहिंदर अमरनाथ के नाम था। मोहिंदर अमरनाथ ने 1989 में अपना आखिरी वनडे खेला था, तब वह 39 साल और 36 दिन के थे। वहीं आज जब रोहित शर्मा मैदान पर उतरेंगे तो उनकी उम्र 39 साल 44 दिन होगी और वह भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा क्रिकेट खेला है। उन्होंने भी अपना आखिरी वनडे 38 साल 329 दिन की उम्र में खेला था। सचिन का आखिरी मैच 18 मार्च 2012 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ था। सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी पर हैं ‘हिटमैन’ मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो बतौर भारतीय ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में रोहित शर्मा फिलहाल सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर खड़े हैं. सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में बतौर ओपनर खेलते हुए कुल 45 शतक जड़े थे. वहीं, रोहित शर्मा भी अब तक बतौर ओपनर 45 शतक ठोक चुके हैं. आज अफगानिस्तान के खिलाफ अगर रोहित शर्मा 100 रनों का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर ओपनर अपना 46वां शतक पूरा कर लेंगे. ऐसा करते ही वह सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय ओपनर बन जाएंगे।  वॉर्नर के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड रोहित शर्मा अगर आज सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हैं, तो उनकी नजरें सिर्फ भारत के नंबर वन ओपनर बनने पर नहीं, बल्कि दुनिया का नंबर वन ओपनर बनने पर भी टिक जाएंगी. फिलहाल, बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने ओपनिंग करते हुए 49 शतक बनाए हैं. रोहित (45 शतक) इस वर्ल्ड रिकॉर्ड से अब महज 4 कदम दूर हैं।  सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना या उसकी बराबरी करना किसी भी क्रिकेटर के करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन होता है. रोहित शर्मा पहले ही वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और एक वर्ल्ड कप (2019) में 5 शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. लेकिन सचिन के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ देगा।  ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बात ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज क्रिकेटर की करें तो, ओवरऑल रिकॉर्ड नीदरलैंड्स के टॉप-ऑर्डर बैटर नोलन क्लार्क के नाम है। क्लार्क 47 साल और 257 दिन के थे, जब उन्होंने 5 मार्च 1996 को रावलपिंडी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ डच टीम को रिप्रेजेंट किया था। ODI में खेलने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ियों की लिस्ट में क्लार्क के बाद ज़िम्बाब्वे के जॉन ट्रेकोस और इंग्लैंड के नॉर्मन गिफोर्ड हैं। ट्रेकोस ने अपना आखिरी ODI 45 साल और 312 दिन की उम्र में खेला था, जबकि गिफोर्ड ने अपना आखिरी ODI 44 साल और 361 दिन की उम्र में खेला था। रोहित शर्मा 6 रन बनाते ही करेंगे एक और कमाल हिटमैन रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ 6 रन बनाते ही इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर ओपनर 16000 रन पूरा कर लेंगे। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे भारतीय ओपनर बनेंगे। सहवाग ने पारी का आगाज करते हुए 16,119 रन बनाए थे, अगर रोहित शर्मा को उन्हें पछाड़ना है तो इस सीरीज में कम से कम 126 रन बनाने होंगे।