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आकिब का कहर! MP पर भारी पड़ा जम्मू-कश्मीर, रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में धमाकेदार एंट्री

इंदौर तेज गेंदबाज आकिब नबी के करियर के सर्वश्रेष्ठ 12 विकेट से जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन सोमवार को इंदौर में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पहली पारी में सात विकेट चटकाने वाले 29 साल के नबी ने दूसरी पारी में पांच विकेट झटके जिससे जीत के लिए 291 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही 2021-22 की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम 234 रन पर आउट हो गई। जम्मू-कश्मीर के सामने सेमीफाइनल में बंगाल और आंध्र के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने वाली टीम की चुनौती होगी। दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड की टक्कर कर्नाटक से हागी। आकिब ने बीते दिन 23 रन देकर तीन विकेट लिए थे जिससे मध्य प्रदेश का स्कोर दूसरी पारी में पांच विकेट पर 84 रन था। आकिब ने मैच के चौथे दिन रामवीर गुर्जर (11) और फिर मध्य प्रदेश की आखिरी उम्मीद सारांश जैन (81 गेंद में 64 रन) को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट झटकने का कारनामा पूरा किया। आर्यन पांडे (22) आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। इससे पहले दिन की शुरुआत में टीम ने अभी 20 रन ही जोड़े थे कि अनुभवी वेंकटेश अय्यर (17) सुनील कुमार की गेंद को विकेटकीपर के हाथों में खेल गए। सारांश ने इसके बाद शुभम शर्मा (32) और रामवीर के साथ अहम साझेदारियां कर जम्मू-कश्मीर के जीत के इंतजार को बढ़ाया। वामहस्त स्पिनर आबिद मुश्ताक ने 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए। आकिब प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। वहीं, केएल राहुल के 24वें प्रथम श्रेणी शतक की बदौलत कर्नाटक ने सोमवार को 42 बार के चैंपियन मुंबई को चार विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। राहुल ने 182 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के से 130 रन की पारी खेली जिससे कर्नाटक ने 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट पर 325 रन बनाकर जीत दर्ज की।

भारत-पाक मैच पर अड़ंगा! PAK ने रखीं 3 शर्तें, ICC के सामने बड़ी चुनौती

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम 'बुलबुल' ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

गंभीर के घर हुआ टीम इंडिया का शानदार ‘फैमिली गेट-टुगेदर’, खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ एक साथ

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से खेलेगी. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए खास डिनर पार्टी रखी. डिफेंडिंग चैम्पियन टीम इंडिया नामीबिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले यहां टीम बॉन्डिंग, रणनीति और मानसिक मजबूती पर फोकस करती दिखी. समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में गंभीर अपने घर पहुंचते नजर आए, जहां बैटिंग कोच सितांशु कोटक समेत कई सपोर्ट स्टाफ सदस्य मौजूद थे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस खास आयोजन में शामिल हुए. खिलाड़ियों ने यहां हल्के-फुल्के माहौल में समय बिताया और अगले मैच की तैयारियों पर अनौपचारिक चर्चा भी की.     अमेरिका के खिलाफ सूर्या का धमाका     भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया था, लेकिन मैच आसान नहीं रहा. भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और टीम 77 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभालते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली. गौतम गंभीर पहले भी टीम इंडिया के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं. इससे पहले दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान भी उन्होंने टीम को अपने घर आमंत्रित किया था. माना जाता है कि गंभीर टीम में पारिवारिक माहौल बनाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं, खासकर जब टीम किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए उतरती है. सूर्यकुमार यादव की इस पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उन्होंने लगभग अकेले दम पर टीम को 9 विकेट पर 161 रनों तक पहुंचाया, जबकि 18 ओवर में भारत का स्कोर 7 विकेट पर 128 रन ही था. मुश्किल पिच पर जहां बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं सूर्यकुमार ने शानदार संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया. जसप्रीत बुमराह की जगह प्लेइंग-11 में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने चार ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इससे पहले साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक ने भारतीय बल्लेबाजी को एक ही ओवर में तीन विकेट झटक लिए थे, जिससे भारत एक समय मुश्किल स्थिति में था. यूएसए पर जीत के बाद अब टीम इंडिया की नजर नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर है. इस मैच में जीत भारत की सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर सकती है. गंभीर के घर आयोजित यह खास डिनर खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से तरोताजा होने, पिछले मैच की कमियों पर चर्चा करने और अगले मुकाबले से पहले नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने का बेहतरीन मौका माना जा रहा है.

श्रीलंका का शानदार शुरुआत: हसारंगा-तीक्ष्णा की घातक गेंदबाजी से आयरलैंड हारा

कोलंबो टी20 वर्ल्ड का छठा मैच 8 फऱवरी श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला गया. ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. आयरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में आयरिश टीम 19.5 ओवरों में 143 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाजों वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा ने तीन-तीन विकेट लिए. ग्रुप चरण की शुरुआत में ही दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम था क्योंकि शुरुआती जीत आगे की राह आसान कर सकती है. श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसंका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालगे, वानिंदु हसारंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश तीक्ष्णा, मथीशा पथिराना. आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज. श्रीलंका ने इस मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों फायदा उठाया. कोलंबो की पिच और माहौल से अच्छी तरह वाकिफ श्रीलंकाई टीम के पास संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है. बल्लेबाजी की जिम्मेदारी पथुम निसंका, कुसल मेंडिस और कप्तान दासुन शनाका के कंधों पर है, जो शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं. आयरलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और आक्रामक क्रिकेट खेलने का इरादा लेकर उतरी है. कप्तान पॉल स्टर्लिंग टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है तो वे अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. जोश लिटिल नई गेंद से श्रीलंका के शीर्ष क्रम को चुनौती दे रहे, जबकि कर्टिस कैम्फर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देने की भूमिका निभा रहे. कैसा रहता है पिच का मिजाज कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच आमतौर पर धीमी रहती है और यहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है. अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में यहां औसत स्कोर 140 के आसपास रहा है. इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को ज़्यादा सफलता मिली है, जिससे टॉस की भूमिका अहम हो सकती है. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका और आयरलैंड की अब तक 4 बार भिड़ंत हुई है और चारों मुकाबले श्रीलंका ने जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा है. इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला.

श्रीलंका का दबाव, पाकिस्तान ने भारत मैच बहिष्कार पर रखा पलटवार का दरवाजा खुला

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने संकेत दिया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पुनर्विचार करने के लिए अपनी सरकार से बातचीत करेगा। यह कदम श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के उस औपचारिक अनुरोध के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से कहा है कि भारत से मैच न खेलने के फैसले से सह-मेजबान होने के नाते उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टी20 विश्व कप में भाग लेने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साथ ही निर्देश दिया है कि टीम भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी। भारत–पाक मैच आईसीसी के लिए सबसे अधिक राजस्व देने वाला मुकाबला माना जाता है, जो प्रसारकों और आयोजकों के लिए भी बड़े आर्थिक लाभ का स्रोत होता है। पाकिस्तान के इस फैसले ने न सिर्फ टूर्नामेंट की वाणिज्यिक संभावनाओं पर असर डाला है, बल्कि क्रिकेट जगत में भी चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका क्रिकेट ने पीसीबी को ईमेल भेजकर साफ कहा है कि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें टिकट बिक्री, प्रसारण अधिकार और आतिथ्य सेवाओं से मिलने वाला बड़ा राजस्व नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा टूर्नामेंट की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को दुनिया भर में करोड़ों दर्शक देखते हैं। श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह-मेजबान है और पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो और पाल्लेकल में खेल रहा है, ऐसे में यह निर्णय मेजबान बोर्ड के लिए और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। पीसीबी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के क्रिकेट और सरकारी स्तर पर हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, इसलिए श्रीलंका क्रिकेट के इस अनुरोध को अनदेखा करना मुश्किल है। सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने पीसीबी प्रमुख मोहसिन नक़वी से सीधे संपर्क करके स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में श्रीलंका को पाकिस्तान के समर्थन की आवश्यकता है, क्योंकि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। अब गेंद पाकिस्तान सरकार के पाले में है कि वह इस संवेदनशील और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है। क्रिकेट जगत की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न सिर्फ वर्ल्ड कप के कार्यक्रम को प्रभावित करेगा, बल्कि एशियाई क्रिकेट कूटनीति पर भी बड़ा असर डाल सकता है।  

मैनचेस्टर का दबदबा जारी, टोटेनहैम को हराकर कैरिक ने दिखाई रणनीति की ताकत

मैनचेस्टर माइकल कैरिक के मार्गदर्शन में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने प्रीमियर लीग फुटबॉल में लगातार चौथी जीत हासिल की जिससे कुछ हफ्ते पहले मुश्किलों में नजर आ रही टीम अब काफी बेहतर स्थिति में दिख रही है। शनिवार को यूनाइटेड ने टोटेनहम को 2-0 से हराकर मुख्य कोच के तौर पर कैरिक की शत प्रतिशत जीत का सिलसिला जारी रखा और पिछले दो वर्षों से चैंपियंस लीग से बाहर रहने के बाद वापसी की उम्मीदों को बढ़ाया। टीम अब 25 मैच में 44 अंक के साथ चौथे स्थान पर है। आर्सेनल ने शीर्ष पर नौ अंक की बढ़त बना ली है। टीम ने स्थानापन्न खिलाड़ी विक्टर ग्योकेरेस के दो गोल से संडरलैंड के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की। आर्सेनल के 25 मैच में 56 अंक हैं। दूसरे स्थान पर मौजूद मैनचेस्टर सिटी (24 मैच में 47 अंक) रविवार को लीवरपूल से खेलेगा जबकि तीसरे स्थान पर मौजूद एस्टन विला (25 मैच में 47 अंक) ने बोर्नमाउथ के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। चेल्सी ने कोल पाल्मर की हैट्रिक से आखिरी स्थान पर मौजूद वॉल्व्स के खिलाफ 3-1 की जीत दर्ज की।  

वर्ल्ड कप में भारत पर कहर, फिर भावुक हुआ अमेरिकी गेंदबाज—बोला ‘ये जिंदगी का सबसे बड़ा मौका था’

मुंबई अमेरिका के तेज गेंदबाज शैडली वैन शाल्कविक ने कहा कि एसोसिएट देशों (जो आईसीसी के पूर्ण सदस्य नहीं हैं) के क्रिकेटरों के लिए अपना होमवर्क करना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी टीम ने मुंबई में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में अपनी फील्डिंग की सजावट से भारत को चौंका दिया। वैन शाल्कविक ने 25 रन देकर चार विकेट चटकाए। उन्होंने छठे ओवर में तीन विकेट हासिल किए जिससे पावरप्ले के आखिर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 46 रन हो गया। 'लोग कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो…' मैच के बाद शाल्कविक ने संवाददाताओं से कहा, ''एसोसिएट क्रिकेटर के तौर पर हमें अच्छा क्रिकेटर होने पर गर्व है। इसलिए हम अपना होमवर्क करते हैं। हमें करना ही पड़ता है… क्योंकि हमें अक्सर सबसे बड़े मंच पर खेलने का मौका नहीं मिलता। हमारे लिए उन टीम के खिलाफ बहुत अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी है जिनके खिलाफ हम खेलते हैं। हम योजना पर भी भरोसा करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले यहां खेल चुके हैं। हमारे पास ऐसे लोग हैं जो कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो हमें स्थिति बताते हैं। साथ ही बताते हैं कि कहां गेंदबाजी करनी है और हम उस योजना पर भरोसा करते हैं। हम मैदान पर अभ्यास करते हैं और जितना हो सके उतना अच्छा करने की कोशिश करते हैं। यह किस्मत की बात थी कि आज मेरा दिन था।'' 'अगर अधिक योजना बनाते हैं तो…' दक्षिण अफ्रीकी मूल के अमेरिका के गेंदबाज वैन शाल्कविक ने कहा कि विरोधियों के खिलाफ अधिक योजना नहीं बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ''अगर आप अधिक योजना बनाते हैं तो आपको खिलाड़ी कहीं अधिक बेहतर लगने लगते हैं। मुझे लगता है कि अधिक योजना बनाने से आप थोड़े अधिक नर्वस हो सकते हैं।'' वैन शाल्कविक का प्रयास काबिले तारीफ था लेकिन भारत को कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बचाया जिन्होंने 10 चौके और चार छक्के लगाकर 49 गेंद में नाबाद 84 रन बनाए और भारत को नौ विकेट पर 161 रन के स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यकुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सौरभ नेत्रवलकर के आखिरी ओवर में 21 रन जोड़े। अमेरिकी टीम में शामिल मुंबई के तीन क्रिकेटरों में से एक नेत्रवलकर ने चार ओवर में 65 रन लुटाए। 'आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा' शाल्कविक ने कहा, ''आखिरी ओवर, इन मैच में ऐसा होता है, विशेषकर जब बाउंड्री थोड़ी छोटी हों।'' उन्होंने कहा, ''सौरभ हमारे लिए शानदार रहे हैं और वह अब भी एक सच्चे जेंटलमैन हैं।'' वैन शाल्कविक ने कहा कि अमेरिका को बल्लेबाजी में अपने मौके पर भरोसा था, फिर भले ही आधे ओवरों के बाद भारत बेहतर स्थिति में पहुंच गया हो। उन्होंने कहा, ''अगर आप भारत को 170 रन पर रोकते हैं तो हम निश्चित रूप से कहेंगे कि हमारे पास मौका था क्योंकि हम एक अच्छी टीम हैं। लेकिन आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा और उन्होंने वहां अविश्वसनीय पारी खेली। जहां श्रेय देना चाहिए, वहां देना चाहिए – निश्चित रूप से यही बल्लेबाजी का अंतर था।'' शाल्कविक ने कहा अमेरिका के गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर अमल किया लेकिन बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में उनकी पसंद से अधिक विकेट गिर गए।

कबड्डी का रोमांच खत्म, रोहतक रॉयल्स बने CHL विजेता

सोनीपत  हरियाणा के राय स्थित खेल विश्वविद्यालय के खचाखच भरे स्टेडियम में कबड्डी चैंपियंस लीग का शानदार समापन हुआ। यहां रोहतक रॉयल्स ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में भिवानी बुल्स को 32-30 से हराकर केसीएल के पहले चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। भिवानी बुल्स के देवांक दलाल को रेडर ऑफ द मैच और भिवानी बुल्स के ही परवेश मलिक को डिफेंडर ऑफ द मैच चुना गया। भिवानी बुल्स के लिए देवांक दलाल ने बोनस अंक लेकर खाता खोला, लेकिन रोहतक की ओर से विजय मलिक और राकेश सिंह ने आक्रामक रेड के दम पर बढ़त बना ली। शुरुआती दौर में रोहतक ने पहला ऑल-आउट कर 9–3 की बढ़त ले ली। हालांकि देवांक की बेखौफ रेड और सौरव की वापसी ने भिवानी को मुकाबले में बनाए रखा। पहले हाफ तक रोहतक 20–16 से आगे था। दूसरे हाफ में मैच पूरी तरह रणनीतिक जंग में बदल गया। परवेश मलिक ने हाई-5 पूरा कर भिवानी को बढ़त दिलाई, जबकि रोहतक ने संयमित खेल दिखाया। चोट के बावजूद देवांक ने संघर्ष जारी रखा और टीम को अंत तक मुकाबले में रखा। आखिरी पलों में राकेश सिंह की समझदारी भरी रेड और संदीप नरवाल के लगातार सफल टैकल निर्णायक साबित हुए। अंतिम सेकंडों में दो महत्वपूर्ण डिफेंस ने रोहतक की जीत पक्की कर दी। फाइनल मुकाबले को देखने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार सहित कई खेल प्रशासक मौजूद रहे। सभी ने लीग को जमीनी स्तर पर कबड्डी को मजबूत मंच देने वाला बताया। जीत के बाद विजय मलिक ने कहा कि टीम ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और कड़ी मेहनत का फल मिला। मुख्य कोच सुरेंद्र नाडा ने बताया कि टीम की रणनीति मजबूत डिफेंस और देवांक को नियंत्रित करने पर केंद्रित थी, जो सफल रही।  

टूर्नामेंट के एंबेसडर और स्थानीय हीरो रोहित शर्मा का वानखेड़े में होना अच्छा था: जय शाह

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का अपना सफर शुरू कर दिया है। टीम इंडिया ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला ग्रुप स्टेज मैच यूएसए के खिलाफ खेला जिसमें 29 रन से जीत हासिल की। भारत-यूएसए मैच से पहले पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा विश्व कप की ट्रॉफी के साथ मैदान में आए। उनके साथ आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी मौजूद रहे। दोनों ने ट्रॉफी का अनावरण किया। रोहित शर्मा जब ट्रॉफी लेकर मैदान में उतरे तो आतिशबाजी के बीच दर्शक उनके नाम के नारे लगा रहे थे। रोहित ने टॉस से पहले अपने पुराने टीममेट युजवेंद्र चहल और मौजूदा भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी मुलाकात की। जय शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए इस पल को बेहद खास बताया। उन्होंने लिखा, “टूर्नामेंट के एंबेसडर और स्थानीय हीरो रोहित शर्मा का वानखेड़े स्टेडियम में होना बहुत अच्छा था, जब भारत ने अपना आईसीसी टी20 विश्व कप खिताब की रक्षा का अभियान शुरू किया।” शाह ने अपनी पोस्ट में रोहित शर्मा को भी टैग किया है। रोहित शर्मा को आईसीसी ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए ब्रैंड अंबेसडर नियुक्त किया है। भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 विश्व कप 2024 का खिताब जीता था। 2007 के बाद भारत का यह दूसरा टी20 विश्व कप खिताब था। भारत को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाने के बाद रोहित ने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव के 49 गेंदों पर 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 84 रन की पारी की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे। यूएसए 20 ओवर में 132 रन बना सकी और 29 रन से मैच हार गई।  

लवलीना की सुनहरी पंच! स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत को गोल्ड

गुवाहाटी  भारत की स्टार मुक्केबाज़ और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बरगोहाईं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। स्पेन में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान लवलीना बरगोहाईं का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने विभिन्न देशों से आई अनुभवी और मजबूत प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज़ों को लगातार पराजित करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हर मुकाबले में उनकी तकनीक, आक्रामकता और रणनीतिक समझ साफ नजर आई, जिसने दर्शकों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाते हुए निर्णायक जीत दर्ज की। उन्होंने पूरे मैच के दौरान नियंत्रण बनाए रखा और सटीक पंचों के जरिए प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। निर्णायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें विजेता घोषित किया, जिसके साथ ही उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। लवलीना की इस जीत पर खेल जगत में खुशी की लहर है। भारतीय बॉक्सिंग संघ, खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाइयां दी हैं। इसे भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। गौरतलब है कि लवलीना बरगोहाईं पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं और उनकी यह ताजा सफलता भारतीय खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है। उनकी इस जीत से आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक तैयारियों के लिए भी भारत की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।