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AUS vs ENG SCG Test: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड ने बदली रणनीति, टीम में किए दो अहम बदलाव

नई दिल्ली इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में होने वाले 5वें और आखिरी एशेज टेस्ट के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। ईसीबी ने 12 खिलाड़ियों की टीम चुनी है, प्लेइंग XI का फैसला बेन स्टोक्स मैच के दिन करेंगे। ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड 5वां टेस्ट 4 जनवरी से खेला जाना है। सिडनी टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में दो बड़े बदलाव हुए हैं। ऑफ-स्पिनर शोएब बशीर और तेज गेंदबाज़ मैथ्यू पॉट्स को 12 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। 22 साल के शोएब बशीर, जिन्होंने 2024 में भारत के खिलाफ़ टेस्ट डेब्यू किया था, ने 19 टेस्ट मैच खेले हैं और 39.00 की औसत से 68 विकेट लिए हैं। इस ऑफ-स्पिनर ने अब तक टेस्ट में दो बार चार विकेट और चार बार पांच विकेट लिए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब इंग्लैंड ने मौजूदा एशेज सीरीज में किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर को टीम में शामिल किया है। इससे पहले, ऑलराउंडर विल जैक्स ही टीम के एकमात्र स्पिन गेंदबाजी विकल्प थे। 27 वर्षीय मैथ्यू पॉट्स ने जून 2022 में प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। तब से, इस दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ने 10 मैच खेले हैं, जिसमें 29.44 की औसत से 36 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार चार विकेट भी शामिल हैं। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो उस टीम से बाहर हैं जिसने मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराया था। एटकिंसन हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पांचवें टेस्ट से बाहर हो गए हैं।ऑस्ट्रेलिया 3-1 से आगे चल रही है और वह पहली ही सीरीज को अपने नाम कर चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें एशेज टेस्ट के लिए इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, विल जैक्स, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग।  

टेस्ट क्रिकेट का पाठ: पुजारा और रहाणे जैसे बनने की सलाह स्टीव स्मिथ-जो रूट को किसने दी?

नई दिल्ली मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच आजकल चर्चा में है। आईसीसी ने उसे 'असंतोषजनक' करार दिया है। चौथे एशेज टेस्ट के दौरान ये पिच बल्लेबाजी के लिए कब्रगाह साबित हुई और मैच 2 दिन में ही खत्म हो गया। इंग्लैंड ये मैच जीत तो जरूर गया लेकिन ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ उसके भी बल्लेबाज पिच पर पस्त नजर आए। स्टीव स्मिथ और जो रूट जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी बेबस नजर आए। इस पर भारत के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने कहा है कि मेलबर्न की पिच मुश्किल थी, तेज गेंदबाजों के लिए मददगार थी लेकिन ऐसा नहीं था कि खेलने लायक नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिच इतनी खराब इसलिए लग रही क्योंकि आधुनिक बल्लेबाजी में अब धैर्य का पुट नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी पिच पर चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसा खेलना चाहिए।   उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘देखिए ये स्थिति दो विपरीत पहलू वाली है। ये ऐसी नहीं है कि विकेट खेलने के लिए असंभव थी। मेलबर्न में विकेट ऐसी होती हैं जो तेज गेंदबाजों के लिए काफी मददगार होती हैं…मुझे लगता है कि आज जिस तरह से क्रिकेट खेली जा रही है, उसकी वजह से ऐसा है। मुझे लगता है कि ये पिचें खेलने लायक नहीं हैं लेकिन अगर आपके पास सही तकनीक है, सही मानसिकता है और आपमें जज्बा है तो आप इस तरह के विकेट के लिए भी कोई रास्ता ढूंढ लेंगे। ये हाई-स्कोरिंग मैच नहीं था लेकिन ये 300 प्लस का मैच नहीं था। लेकिन इस पिच पर 250 का स्कोर बन सकता था। आपको इसके लिए जुझारूपन दिखाना होगा। पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसा खेलिए, आप निश्चित तौर पर रन बनाएंगे।’ उथप्पा ने ये भी कहा कि जो रूट ब्रिसबेन में हुए दूसरे टेस्ट में संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड का ये बल्लेबाज पूरी तरह जैसे खो गया था। उन्होंने इसे टेस्ट क्रिकेट का दुर्भाग्यपूर्ण क्षण बताया। उथप्पा ने कहा, ‘आज टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका बदल गया है। मैं इसे बहुत पसंद नहीं करता। एशेज टेस्ट 2 दिन में खत्म हो जा रहे हैं। एंटरटेनमेंट के लिए हम खेल के साथ क्या कर रहे हैं? जो रूट भी टेस्ट मैच में खो जा रहे हैं। वह नहीं जान पा रहे कि कैसे खेलना है, आक्रामक क्रिकेट खेलनी है कि अपने अंदाज में खेलना है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।’ मेलबर्न टेस्ट की बात करें तो इंग्लैंड ने इसे 4 विकेट से जीता था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 152 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 110 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में 132 रन ही बना सकी, जिसके बाद मैच के दूसरे ही दिन इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 178 रन बनाकर मैच 4 विकेट से जीत लिया।  

वीनस विलियम्स को ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में मिली वाइल्ड कार्ड एंट्री

मेलबर्न   सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन 45 साल की वीनस विलियम्स को ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के मेन ड्रॉ में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। 2021 के बाद यह मेलबर्न पार्क में उनकी पहली मौजूदगी होगी और 2023 के बाद यह पहली बार होगा जब वह यूनाइटेड स्टेट्स के बाहर खेलेंगी। वीनस ऑस्ट्रेलियन ओपन मेन ड्रॉ में खेलने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनेंगी। इससे पहले जापान की किमिको डेट का रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 44 साल की थीं जब वह ऑस्ट्रेलियन ओपन 2015 के पहले राउंड में हार गई थीं। वीनस ने कहा, "मैं ऑस्ट्रेलिया वापस आकर बहुत खुश हूं और ऑस्ट्रेलियन गर्मियों में मुकाबला करने का इंतजार कर रही हूं। वहां मेरी बहुत सारी शानदार यादें हैं, और मैं उस जगह पर लौटने के मौके के लिए शुक्रगुजार हूं जो मेरे करियर के लिए बहुत मायने रखती है।" 16 महीने के ब्रेक के बाद, वीनस पिछले जुलाई में टेनिस में लौटीं और 2025 में तीन टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। उन्होंने मुबाडाला सिटी डीसी ओपन में पहले राउंड में हमवतन पेटन स्टर्न्स को 6-3, 6-4 से हराया, इससे पहले वह मैग्डेलेना फ्रेच से हार गईं। अगस्त में, विलियम्स सिनसिनाटी के पहले राउंड में स्पेन की जेसिका बौज़ास-मनेरो से 4-6, 4-6 से हार गईं और यूएस ओपन के पहले राउंड में 11वीं सीडेड कैरोलिन मुचोवा को तीन सेट तक ले गईं। डबल्स में, लेयला फर्नांडीज के साथ खेलते हुए, विलियम्स क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, जहां वे फाइनलिस्ट कैटरीना सिनियाकोवा और टेलर टाउनसेंड से हार गईं। वीनस ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 की तैयारी होबार्ट इंटरनेशनल में करेंगी, जहां उन्हें वाइल्डकार्ड भी मिला और वे साथी मेजर चैंपियन बारबोरा क्रेजसिकोवा और एम्मा राडुकानू के साथ शामिल होंगी। वीनस 7 एकल ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं, जिसमें 5 विंबलडन और 2 यूएस ओपन हैं। वाइल्ड कार्ड मिलने के बाद वीनस के पास ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने और ये उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनकर इतिहास रचने का मौका है। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का मेन ड्रॉ 18 जनवरी से शुरू होगा।

विराट कोहली–अनुष्का शर्मा की तस्वीर पर युजवेंद्र चहल ने किया ऐसा कमेंट, तेजी से हो रहा वायरल

नई दिल्ली इंडियन क्रिकेटर विराट कोहली और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। दरअसल, गुरुवार के दिन विराट ने इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी अनुष्का से साथ फोटो शेयर कर अपने फैंस को न्यू ईयर की बधाई दी थी। वहीं शुक्रवार के दिन युजवेंद्र चहल ने उनकी फोटो पर मजेदार कमेंट किया है।   युजवेंद्र चहल का कमेंट युजवेंद्र चहल ने फाेटो पर कमेंट करते हुए लिखा, ‘हैप्पी न्यू ईयर भईया-भाभी। फोटो क्लिक पर क्रेडिट मिल जाता तो…।’ युजवेंद्र चहल के कमेंट पर लोग रिप्लाई दे रहे हैं। कुछ कह रहे हैं कि ये सबसे रिलेटेबल कमेंट है। वहीं कुछ अपने उन दोस्तों को टैग कर रहे हैं जो विराट की ही तरह फोटो क्लिक करने वाले दोस्तों को क्रेडिट नहीं देते हैं। विराट की हो रही है तारीफ विराट कोहली ने दो पोस्ट शेयर की हैं। एक 31 दिसंबर के दिन जिसमें वह अनुष्का शर्मा के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। उनके गाल पर स्पाइडरमैन का टैटू बना हुआ है और अनुष्का शर्मा के गाल पर बटरफ्लाई बनी हुई है। वहीं दूसरी फोटो उन्होंने 1 जनवरी के दिन पोस्ट की है जिसमें दोनों साथ में पार्टी करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोग विराट को ग्रीन फॉरेस्ट कह रहे हैं। वे उनकी तारीफ करते हुए लिख रहे हैं कि उन्होंने साल खत्म अनुष्का के साथ पोस्ट शेयर कर किया और साल की शुरुआत भी अनुष्का के साथ फोटो पोस्ट कर की है।

पाकिस्तानी टीम की कोचिंग छोड़ने पर जेसन गिलेस्पी का बड़ा बयान,

 नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने आखिरकार उस वजह का खुलासा कर दिया है, जिसके चलते उन्होंने दिसंबर 2024 में अचानक पाकिस्तानी टेस्ट टीम के हेड कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था. गिलेस्पी का कहना है कि उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के रवैये और अंदरूनी कामकाज के कारण पद छोड़ा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Q&A सेशन के दौरान जेसन गिलेस्पी ने बताया कि पीसीबी के कुछ फैसले पेशेवर और निजी दोनों स्तर पर उनके लिए अपमानजनक थे. गिलेस्पी को अप्रैल 2024 में पाकिस्तान की टेस्ट टीम को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जब टीम रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार संघर्ष कर रही थी. गिलेस्पी के अनुसार, हालात तब पूरी तरह बिगड़ गए जब पीसीबी ने सीनियर असिस्टेंट कोच टिम नीलसन को बिना किसी सूचना के बर्खास्त कर दिया. जेसन गिलेस्पी ने लिखा, 'मैं पाकिस्तान की टेस्ट टीम का हेड कोच था और पीसीबी ने हमारे सीनियर असिस्टेंट कोच को बिना मुझे बताए निकाल दिया. हेड कोच होने के नाते यह मेरे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य था. इसके अलावा भी कई ऐसे मुद्दे थे, जिनकी वजह से मैं खुद को अपमानित महसूस कर रहा था. ' 'कमजोर' टीम को संवारने की मिली थी जिम्मेदारी उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के फैसलों के बाद पाकिस्तानी टीम के साथ काम करना असंभव था. जेसन गिलेस्पी को एक ऐसी पाकिस्तानी टीम मिली थी, जो आत्मविश्वास और निरंतरता की कमी से जूझ रही थी. उनके कार्यकाल की शुरुआत भी निराशाजनक रही, जब सितंबर में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ 2-0 से घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. इस सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संतुलन की पुरानी कमजोरियां फिर सामने आईं. हालांकि, इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने जेसन गिलेस्पी की कोचिंग में जबरदस्त सुधार दिखाया. अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान ने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड को 2-1 से हराकर हालिया सालों की सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की. तब पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तानी टीम ने पिचों और स्पिन गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल किया और अगले दो मुकाबलों में इंग्लैंड पर पूरी तरह हावी रहा. जेसन गिलेस्पी और पीसीबी के बीच विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ था. इस्तीफे के बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि पीसीबी ने उन्हें पूरा भुगतान नहीं किया था. हालांकि, बोर्ड ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गिलेस्पी ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में तय चार महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया, जिससे वह शर्तों का उल्लंघन कर बैठे. जेसन गिलेस्पी के इस खुलासे ने एक बार फिर पीसीबी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उनके बयान से साफ झलकता है कि बोर्ड के अंदर फैसले किस तरह लिए जाते हैं और कोचिंग स्टाफ को किस हद तक नजरअंदाज किया जाता है. गिलेस्पी के मुताबिक समस्या नतीजों की नहीं थी, बल्कि सम्मान और संवाद की कमी थी. जेसन गिलेस्पी ने अपने लगभग एक दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर (1996-2006) में ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए कई मौकों पर यादगार प्रदर्शन किया. उन्होंने कुल 71 टेस्ट, 97 ओडीआई और 1 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 402 विकेट लेने के अलावा 1531 रन बनाए.

39 साल के ख्वाजा ने संन्यास का किया ऐलान, सिडनी टेस्ट होगा करियर का आखिरी मैच

 सिडनी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला 4 जनवरी (रविवार) से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में होना है. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही एशेज रिटेन कर चुकी है और वो सीरीज का स्कोर 4-1 करना चाहेगी. दूसरी ओर इंग्लिश टीम की कोशिश जीत के साथ सीरीज खत्म करने पर है. सिडनी टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने बड़ा निर्णय लिया है. 39 वर्षीय उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. ख्वाजा सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार खेलने उतरेंगे. यह उनके टेस्ट करियर का 88वां मुकाबला होगा. शुक्रवार (2 जनवरी) की सुबह एससीजी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने अपने फैसले की घोषणा की. इस दौरान उनके माता-पिता, पत्नी रेचल और दोनों बच्चे भी मौजूद थे. उन्होंने टीम के अभ्यास सत्र से ठीक पहले अपने साथी खिलाड़ियों को इस फैसले की जानकारी दी. उस्मान ख्वाजा ने बताया कि वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट और टी20 में खेलते रहेंगे. वह आगे भी ब्रिसबेन हीट (BBL) और क्वींसलैंड (शेफील्ड शील्ड) के लिए उपलब्ध रहेंगे. इस्लामाबाद में जन्मे ख्वाजा बचपन में सिडनी आकर बस गए थे. यहीं उन्होंने 2008 में फर्स्ट क्लास और 2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. ऐसे में एससीजी में उनका आखिरी टेस्ट एक भावनात्मक विदाई बन गया है. उस्मान ख्वाजा हुए भावुक उस्मान ख्वाजा ने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि रिटायरमेंट पर रोऊंगा, लेकिन जैसे ही मैंने टीम को बताया, मेरी आंखों से आंसू निकल आए. यह सफर मेरे लिए बेहद खास रहा है.' ख्वाजा का करियर आसान नहीं रहा है. उन्हें कई बार टीम से बाहर किया गया, चोटें झेलीं और औसत भी एक समय 25 से नीचे चला गया. लेकिन हर बार उन्होंने वापसी की और खुद को साबित किया. साल 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई टेस्ट में खेली गई 141 रन की मैराथन पारी को उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है. 2021-22 की एशेज सीरीज में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर दो शतकों के साथ उस्मान ख्वाजा ने जोरदार वापसी की थी. इसके बाद चार सालों में वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर हैं. उन्होंने नस्लभेद के खिलाफ आवाज उठाई और दक्षिण एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए बेहतर रास्तों की वकालत की. उन्होंने कहा, 'मैं एक पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम हूं, जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाएगा, लेकिन आज मैं यहां हूं. मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक विनम्र क्रिकेटर के तौर पर याद रखें, जिसने खेल का आनंद लिया और दर्शकों का मनोरंजन किया.' उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल रहे. टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 43.39 रहा है. ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 40 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले भी खेले हैं. वनडे इंटरनेशनल में ख्वाजा के नाम पर 42.00 की औसत से 1554 रन दर्ज हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 12 अर्धशतक लगाए. ख्वाजा ने टी20 इंटरनेशनल में 26.77 के एवरेज और एक अर्धशतक की मदद से 241 रन बनाए.

BCCI ने दिया बड़ा बयान: मुस्ताफिजुर रहमान आईपीएल में खेलेंगे, बांग्लादेश को लेकर विरोध गलत

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बावजूद तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलने की संभावना बनी हुई है। मुस्ताफिजुर इस मिनी ऑक्शन में बिकने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे, जिन्हें KKR ने 9.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा है। हालांकि, बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं के कारण सोशल मीडिया पर केकेआर और बीसीसीआई की काफी आलोचना हो रही है और कुछ राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करने की मांग भी की है। इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाई है। बीसीसीआई का कहना है कि वह सरकार के निर्देशों के बिना किसी भी खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इनसाइड स्पोर्ट से कहा, "स्थिति संवेदनशील है। हम लगातार सरकार के संपर्क में हैं। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए। मुस्ताफिजुर आईपीएल खेलेंगे। बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है"। बोर्ड वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ बांग्लादेशी खिलाड़ियों के वीजा संबंधी बातचीत भी कर रहा है। हालांकि, मुस्ताफिजुर की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है और यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एनओसी (NOC) देने से इनकार कर दिया, तो वह कई मैचों से बाहर रह सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि, "मुस्ताफिजुर रहमान टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे, जिसे IPL के लिए बढ़ाया जाएगा। वीजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। बीसीबी की तरफ से भी एनओसी को लेकर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं"। वर्तमान में बीसीसीआई पूरी तरह से भारत सरकार के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग अपडेट: बल्लेबाजी में हैरी ब्रूक, गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क बने दूसरे

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग जारी की। ताजा रैंकिंग में इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को फायदा हुआ है। वह तीन स्थान की छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। आईसीसी की बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में इंग्लैंड के जो रूट पहले स्थान पर बने हुए हैं। दूसरे स्थान पर हैरी ब्रूक हैं। तीसरे स्थान पर न्यूजीलैंड के केन विलियमसन और चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड हैं। दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ पांचवें स्थान पर हैं, उन्हें दो स्थान का नुकसान हुआ है। श्रीलंका के कामिंदु मेंडिस छठे, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा सातवें, और भारत के यशस्वी जायसवाल आठवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान के सऊद शकील नौवें और भारत के शुभमन गिल दसवें स्थान पर हैं। शकील और गिल दोनों को एक-एक स्थान का फायदा हुआ है। यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल शीर्ष दस में शामिल भारत के 2 बल्लेबाज हैं। आईसीसी द्वारा जारी टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह शीर्ष पर कायम हैं। दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क हैं। स्टार्क को एक स्थान का फायदा हुआ है। तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के नोमान अली हैं। नोमान को दो स्थान का फायदा हुआ है। चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस हैं। कमिंस को 2 स्थान का नुकसान हुआ हैा कमिंस एशेज सीरीज में सिर्फ एक टेस्ट खेल सके हैं। पांचवें स्थान पर न्यूजीलैंड के मैट हेनरी, छठे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन, सातवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड हैं। बोलैंड को 2 स्थान का फायदा हुआ है। आठवें स्थान पर कगिसो रबाडा और नौवें स्थान पर जोश हेजलवुड हैं। दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। हेजलवुड एशेज सीरीज से बाहर चल रहे हैं। दसवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन हैं।

2026 में खेलों का इतिहास रचेगा! क्रिकेट वर्ल्ड कप से लेकर फीफा तक, हर इवेंट होगा धमाकेदार

नई दिल्ली नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, यह उम्मीदों का रीसेट बटन होता है. 2026 भी कुछ ऐसा ही साल है- जहां क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप होगा, फुटबॉल का महाकुंभ सजेगा और एशिया से कॉमनवेल्थ तक खेलों की सबसे बड़ी भिड़ंत देखने को मिलेगी. फैन्स के लिए यह साल इंतजार का नहीं, लगातार धड़कनों का होगा. – 2026: क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप जहां भविष्य भी खेलेगा, वर्तमान भी Under-19 Men’s Cricket World Cup (15 जनवरी–6 फरवरी)- जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर  साल की शुरुआत ही क्रिकेट के भविष्य से होगी. 50-50 ओवरों के इस वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे उभरते हुए युवा सितारों पर करीब से नजर रखी जाएगी. यही वह मंच है, जहां आज के अनजान चेहरे कल के विराट, बुमराह या केन विलियमसन बनते हैं. भारत समेत कई देशों की निगाहें यहां से अगले दशक के सितारे तलाशने पर होंगी. … दबाव, रोमांच और पहचान Men’s T20 World Cup (7 फरवरी-8 मार्च) – भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में. फरवरी आते-आते क्रिकेट का सबसे तेज और सबसे बेरहम फॉर्मेट सुर्खियों में होगा.घरेलू परिस्थितियां, उम्मीदों का बोझ और करोड़ों फैन्स की निगाहें- यह टूर्नामेंट सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, नर्व्स टेस्ट होगा. सूर्या ब्रिगेड टी20 विश्व कप में खिताब के बचाव के लिए उतरेगी. इसके बाद जून में बारी आएगी उस मंच की, जिसने महिला क्रिकेट की परिभाषा बदल दी है. Women’s T20 World Cup (12 जून–5 जुलाई) –  इंग्लैंड (England & Wales) में. यहां मुकाबला सिर्फ खिताब का नहीं, पहचान और बराबरी की आवाज का भी होगा. भारत समेत कई टीमें इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी. हरमनप्रीत कौर की टीम 2025-वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद यहां भी अपनी सफलता दोहराने के लिए उतरेगी. – फीफा महासंग्राम: जब दुनिया कुछ देर के लिए थम जाती है साल का सबसे बड़ा महाकुंभ होगा- FIFA World Cup (11 जून–19 जुलाई). अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. यह सिर्फ फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ऐसा महीना होता है जब टाइम जोन, ऑफिस टाइम और नींद… सब कुछ फुटबॉल के हिसाब से चलता है. नए हीरो जन्म लेंगे, पुराने टूटेंगे और इतिहास एक बार फिर लिखा जाएगा. – एशियाड और कॉमनवेल्थ: मेडल की असली परीक्षा सितंबर में एशिया की ताकत एक मंच पर सिमटेगी. Asian Games (19 सितंबर–4 अक्टूबर)- जापान के आइची प्रिफेक्चर और नागोया में. एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी- भारत के लिए यह मेडल टैली और दबदबा दोनों बढ़ाने का मौका होगा.  यहां हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट मिलेगा, जबकि निशानेबाजी में भी ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर होंगे. ,,, और जुलाई में होगा परंपरा और प्रतिस्पर्धा का संगम-  Commonwealth Games (23 जुलाई–2 अगस्त)- ग्लासगो, स्कॉटलैंड. यहां हर मेडल सिर्फ धातु नहीं, इतिहास का हिस्सा बनता है. निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेलों को बजट में कटौती के लिए रोस्टर से हटा दिया गया है. –  क्यों खास है 2026? क्योंकि यह साल सिर्फ ट्रॉफियों का नहीं –  नई पीढ़ी के उभार का साल है, महिला क्रिकेट की मजबूत आवाज का साल है, और फैन्स के जुनून की सबसे लंबी परीक्षा भी. 2026 में खेल कैलेंडर नहीं, भावनाओं की कतार है. हर महीना, हर टूर्नामेंट- एक नई कहानी लिखने को तैयार. नया साल मुबारक- तैयार रहिए- क्योंकि 2026 खेलने वाला है, पूरे दम से. – अन्य खेल और टूर्नामेंट पर भी नजर डाल लीजिए जाहिर है भारतीय खेलप्रेमियों के लिए आने वाले महीने बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाले हैं. फुटबॉल से लेकर शतरंज, मुक्केबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स तक- भारत की मौजूदगी लगभग हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी. ऑस्ट्रेलियाई ओपन 12 जनवरी से एक फरवरी के बीच आयोजित होगा, लेकिन भारत की चुनौती असरदार नहीं है. बैडमिंटन की ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप तीन मार्च से शुरू होगी, जिसमें पीवी सिंधु और बाकी भारतीय खिलाड़ी 2025 की नाकामी से उबरना चाहेंगे. भारतीय फुटबॉलप्रेमियों के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि एक मार्च से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे एएफसी महिला एशियाई कप में लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला टीम फिर से एक्शन में नजर आएगी. मार्च के आखिर से अप्रैल तक साइप्रस में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट खेला जाएगा, जहां से अगले विश्व चैम्पियनशिप चैलेंजर का फैसला होगा. फिलहाल डी. गुकेश विश्व चैम्पियन हैं, ऐसे में भारतीय शतरंज की नजरें इस टूर्नामेंट पर टिकी रहेंगी.  इसी दौरान मंगोलिया में एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन होगा. 28 मार्च से शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में ओपन वर्ग में आर. प्रज्ञानानंद, जबकि महिला वर्ग में आर. वैशाली, कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. शतरंज टूर्नामेंट 16 अप्रैल तक चलेगा, जबकि मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 11 अप्रैल को समाप्त होगी. अप्रैल की शुरुआत में ही भारत की मेजबानी में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप का आयोजन होगा, जो एक से दस अप्रैल तक अहमदाबाद में खेली जाएगी. इसके बाद 24 अप्रैल से तीन मई तक प्रतिष्ठित थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन टूर्नामेंट होगा. इसके कुछ ही दिनों बाद आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैम्पियनशिप फाइनल्स का आयोजन 28 अप्रैल से 10 मई तक लंदन में होगा, जिसके लिए भारतीय पुरुष और महिला- दोनों टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं. मई से एथलेटिक्स सत्र की शुरुआत डायमंड लीग से होगी, जहां एक बार फिर भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा पर सबकी निगाहें होंगी. इसी महीने फ्रेंच ओपन और जून में विम्बलडन खेला जाएगा. इसके बाद अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. भारतीय खेल कैलेंडर का एक बड़ा आकर्षण 17 अगस्त से दिल्ली में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप होगी. इसके ठीक पहले 14 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में हॉकी विश्व कप खेला जाएगा. भारतीय पुरुष टीम एशिया कप जीतकर पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है, जबकि महिला टीम मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलेगी. इसी दौरान 22 अगस्त से भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स उपमहाद्वीपीय टूर (रजत स्तर) का आयोजन होगा. इसके बाद 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में एशियाई खेल खेले जाएंगे. एथलेटिक्स में डायमंड लीग फाइनल चार और पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होगा. वहीं, 46वां शतरंज ओलंपियाड सितंबर में ताशकंद में … Read more

अफगानिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम का ऐलान, नवीन उल हक की वापसी, राशिद होंगे कप्तान

काबुल   आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. इस मेगा टूर्नामेंट में एक बार फिर राशिद खान अफगानिस्तान की कप्तानी करते नजर आएंगे. भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए घोषित टीम में गुलबदीन नाइब और नवीन-उल-हक की वापसी सबसे बड़ी खबर रही. अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया था, जब टीम पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंची थी. हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उस प्रदर्शन ने अफगान क्रिकेट की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने रखा. अब टीम उसी लय को 2026 संस्करण में भी बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी. घोषित 15 सदस्यीय टीम 19 से 22 जनवरी के बीच यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ भी खेलेगी. यह सीरीज़ अफगानिस्तान के लिए वर्ल्ड कप से पहले अंतिम तैयारी मानी जा रही है. 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलने वाले टूर्नामेंट से पहले यह सीरीज़ टीम संयोजन को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएगी. जानें टीम की खासियत गुलबदीन नाइब की वापसी से टीम के मिडिल ऑर्डर को अनुभव और स्थिरता मिलेगी. वहीं, नवीन-उल-हक कंधे की चोट से उबरने के बाद टीम में लौटे हैं, जिससे अफगानिस्तान की तेज गेंदबाज़ी पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है. इसके अलावा फज़लहक़ फारूकी की भी वापसी हुई है, जो हालिया बांग्लादेश सीरीज़ से बाहर थे और जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ अंतिम टी20 में खेले थे. युवा खिलाड़ियों पर भरोसा शाहिदुल्लाह कमाल और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मोहम्मद इशाक ने अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है. वहीं युवा तेज गेंदबाज़ अब्दुल्ला अहमदज़ई को मुख्य टीम में शामिल कर चयनकर्ताओं ने भविष्य पर भी नजर रखी है. स्पिन फिर बनेगा अफगानिस्तान की ताकत स्पिन गेंदबाज़ी अफगानिस्तान की सबसे बड़ी पहचान रही है. मुजीब उर रहमान की वापसी ने स्पिन विभाग को और धार दी है. हालांकि मुजीब को शामिल करने के चलते एएम ग़ज़नफ़र को मुख्य टीम से बाहर रहना पड़ा और उन्हें रिज़र्व खिलाड़ियों में रखा गया है. उनके साथ इजाज़ अहमदज़ई और ज़िया उर रहमान शरीफी भी रिज़र्व सूची में शामिल हैं. ग्रुप और पहला मुकाबला अफगानिस्तान को ग्रुप D में रखा गया है, जहां उनका सामना न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और कनाडा से होगा. टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 फरवरी को चेन्नई में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ करेगी.