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ईशान किशन का 350 रन का धमाका, ईस्ट जोन बना दलीप ट्रॉफी 2026 का चैंपियन

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया. खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है. मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया. ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी. ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया. ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया. लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे. कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे. ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं. 13 साल बाद ईस्ट जोन का राज आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली. ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

13 साल का इंतजार खत्म! ईस्ट जोन बना Duleep Trophy चैंपियन, ईशान किशन ने ठोके 350 रन

चेन्नई दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया।  खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है।  मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया।  ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी।  ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया।  ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया।  लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे।  कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद  दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे।  ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।  सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।  चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं।  13 साल बाद ईस्ट जोन का राज आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली।  ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 

विश्व पैरा सीरीज में भारत ने जीते 2 स्वर्ण समेत 6 पदक, शीतल-हरविंदर चमके

अहमदाबाद  मौजूदा पैरालिंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी की अगुआई में भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण का अंत आखिरी दिन बुधवार को दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक के साथ किया। मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि पैरालिंपिक में दो पदक जीत चुके हरविंदर ने भी भावना के साथ पैरा रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में पीला तमगा हासिल किया। रिकर्व मिक्स्ड टीम फाइनल में हरविंदर और भावना ने चीन के लियांग कियूरोंग और शिया लेइ को 6-0 से हराया। भावना ने रिकर्व महिला प्लेआफ में राजश्री राठौड़ को 6-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। शीतल ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में कजाखस्तान की ऐजादा सेडान को शूटआफ में मात दी। शीतल ने इससे पहले तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम में भी कांस्य पदक जीता था। उन्होंने ईराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम को 157-145 से हराया। भारत ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी कांस्य जीता। इसमें सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को 141-140 से मात दी। तोमन ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन ईराक के अब्बास कादिम को 143-138 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।

श्रेयस अय्यर कप्तान, तिलक वर्मा उपकप्तान; एशियन गेम्स टीम में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया में कुछ फेरबदल हुए हैं. पुरुष सेलेक्शन कमेटी ने 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी मौका दिया गया है. वहीं स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या इस टीम में जगह नहीं बना पाए हैं. टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में रहेगी, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभालेंगे. वैभव सूर्यवंशी को मिला एशियन गेम्स का टिकट वैभव सूर्यवंशी के लिए यह एक और बड़ा मौका है. 15 सदस्यीय एशियन गेम्स टीम में उन्हें शामिल किया गया है. वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भी चुना गया है. यानी सेलेक्टर्स ने युवा वैभव पर लगातार भरोसा कायम रखा है. एशियन गेम्स में उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी दिखाने का मौका मिलेगा. हार्दिक पंड्या टीम से बाहर एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम में हार्दिक पंड्या का नाम नहीं है. टीम में ऑलराउंडर के तौर पर शिवम दुबे, नीृतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर को जगह दी गई है. टीम में गेंदबाजी विभाग की कमान जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर के हाथों में होगी. इनके अलावा वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन विभाग को मजबूत करेंगे. हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर की एंट्री सेलेक्शन कमेटी ने हर्षित राणा को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है. हर्षित राणा रिहैबिलिटेशन के दौरान अच्छी तरह आगे बढ़ रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को मैच सिमुलेशन में गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस स्ट्रेन हो गया. इसके बाद उन्हें चोट के कारण अफगानिस्तान T20I सीरीज और एशियन गेम्स, दोनों टीमों से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को शामिल किया गया है. यश ठाकुर का रिकॉर्ड क्या कहता है? 27 साल के यश ठाकुर हाल ही में भारत के जिम्बाब्वे दौरे पर T20I डेब्यू कर चुके हैं. उन्होंने वहां दो मुकाबले खेले और चार विकेट अपने नाम किए. यश का घरेलू T20 रिकॉर्ड भी अच्छा है. उन्होंने 76 टी20 मैचों में 114 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 8.20 रही है. अब यश के सामने लगातार दो बड़े मौके हैं. वह अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में भारत की टीम का हिस्सा होंगे और इसके बाद एशियन गेम्स के लिए भी उपलब्ध रहेंगे. अफगानिस्तान सीरीज की टीम भी बदली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम में 15 खिलाड़ी हैं. श्रेयस अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उपकप्तान हैं. टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर शामिल हैं. अफगानिस्तान T20I सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर. एशियन गेम्स की 15 सदस्यीय टीम: एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में भी 15 खिलाड़ी चुने गए हैं. इसमें वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर दोनों को जगह मिली है. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर. बीसीसीआई  सचिव देवजीत सैकिया की ओर से जारी बयान में हर्षित राणा के चोटिल होने और यश ठाकुर को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई. ध्यान रहे एश‍ियन गेम्स 19 स‍ितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेंगे, जहां भारतीय टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में 28 स‍ितंबर को खेलेगी. वहीं अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ टी20 सीरीज 13 स‍ितंबर से शुरू हो रही है. बाकी दो मैच 15 और 17 स‍ितंबर को होंगे. अफगान‍िस्तान सीरीज के सारे मैच द‍िल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में होने हैं.

टीम इंडिया के लिए बड़ी खुशखबरी, बुमराह को मिली फिटनेस क्लीयरेंस; हर्षित राणा की जगह यश ठाकुर

मुंबई  टीम इंडिया के स्टार पेसर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) ने टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाली सीरीज और एशियन गेम्स के लिए फिट घोषित कर दिया है, तो वहीं चोटिल चल रहे हर्षित राणा दोनों ही बड़ी प्रतियोगिताओं से बाहर हो गए हैं. हर्षित राणा की जगह चयन समिति ने अफगान सीरीज और एशियन गेम्स दोनों के  लिए ही मीडिय पेसर यश ठाकुर को टीम में जगह दी है।  हर्षित राणा की जगर यश ठाकुर राणा  बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति कर रहे थे, लेकिन 7 सितंबर को एक मैच सिमुलेशन के दौरान गेंदबाजी करते समय उन्हें रेक्टस फेमोरिस (मांसपेशियों) में खिंचाव आ गया और इसके बाद वह बाहर हो गए. वहीं, विदर्भ के 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ने हाल ही में जुलाई में भारत के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान अपना T20I पदार्पण (डेब्यू) किया था. उन्होंने दो मैच खेले और चार विकेट लिए. वह 50 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैचों में खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 7.04 की प्रभावशाली इकोनॉमी रेट से 81 विकेट लिए हैं।   इसके चलते वह टीम इंडिया के आगामी दोनों असाइनमेंट से बाहर हो गए. सिलेक्टर्स ने उनकी जगह विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को जगह दी है।  भारतीय टीम में बुमराह के लौटने से अफगानिस्तान के खिलाफ उसके पेस अटैक की धार बढ़ी है. बुमराह के साथ यहां तेज बॉलिंग में अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर मौजूद होंगे. भारत की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे।  अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कपतान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर 2026 एशियन गेम्स के लिए  अपडेटेड टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर IND vs AFG टी20 सीरीज का शेड्यूल 13 सितंबर : पहला टी20 15 सितंबर : दूसरा टी20 17 सितंबर : तीसरा टी20

कप्तान अनमोल इक्का का गोलों का धमाका, अकेले दागे 6 गोल; भारत सेमीफाइनल में

मोकी  कप्तान अनमोल इक्का ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए छह गोल किए जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने बुधवार को चीनी ताइपे को 15-0 से रौंदकर जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के अपने कौशल का शानदार नमूना पेश किया। भारतीय टीम पहले क्वार्टर में गोल नहीं कर पाई थी लेकिन इसके बाद उसने शानदार खेल दिखाया और दनादन गोल दागे।भारत ने पहले क्वार्टर में गेंद पर कब्जा बनाए रखा लेकिन वह ताइपे की रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच मिनट के अंदर तीन गोल किए। आर्यन जेस (17वें मिनट), प्रभदीप सिंह (18वें मिनट) और गुरसेवक सिंह (22वें मिनट) ने स्कोरलाइन 3-0 कर दिया। भारत ने हाफ टाइम तक दागे 6 गोल इसके बाद अनमोल (25वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पहला गोल किया। अर्जुन संतोष हरगुडे ने 28वें मिनट में गोल दागा, जबकि अगले ही मिनट अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इस तरह से भारत ने हाफ टाइम तक 6-0 की बढ़त बना ली थी। भारत ने जारी रखा आक्रामक रवैया भारत ने इसके बाद भी आक्रामक रवैया अपनाया तथा तीसरे क्वार्टर के शुरुआती तीन मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। अनमोल ने इन दोनों को गोल में बदलने में किसी तरह की गलती नहीं की। अजीत यादव ने भी 35वें मिनट में गोल करके स्कोरशीट पर नाम दर्ज कराया, जबकि अनमोल ने गोल करने का सिलसिला जारी रखा। उन्होंने 45वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना पांचवां गोल किया और भारत को 10-0 से आगे कर दिया। भारतीय टीम ने अंतिम 15 मिनटों में भी मनमाफिक गोल किए। हरपाल ने 48वें मिनट में मैदानी गोल दागा जिसके बाद अनमोल ने 51वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर मैच का अपना छठा गोल किया। इसके बाद हरपाल ने अपना दूसरा गोल दागा, वहीं आर्यन जेस ने दो गोल किए।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रिकॉर्डतोड़ जीत, जूनियर महिला हॉकी टीम ने 19 गोल दागे

नई दिल्ली विमेंस हॉकी जूनियर एशिया कप 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है. गुरुवार (10 सितंबर) को चीन के मोकी में आयोजित क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19-0 से हराया. भारतीय टीम के लिए पूजा मलिक ने सबसे ज्यादा तीन गोल (27वें, 49वें और 51वें मिनट) किए. वहीं चंद्रकांत सानिका माने (13वें और 23वें मिनट), मधु सिदार (16वें और 39वें मिनट), सुप्रिया (40वें और 54वें मिनट) और ऐंद रोशनी (9वें और 60वें मिनट) ने दो-दो गोल दागे. पूजा साहू (7वें मिनट), दिनेश तुनश्री काडू (11वें मिनट), सुखवीर कौर (13वें मिनट), गीता यादव (18वें मिनट), तनुजा टोप्पो (25वें मिनट), पूर्णिमा यादव (33वें मिनट), कृष्णा शर्मा (48वें मिनट) और बिनिमा धन (55वें मिनट) भी एक-एक गोल करने में सफल रहीं. सेमीफाइनल में भारत का सामना मलेशिया और कोरिया के बीच होने वाले चौथे क्वार्टरफाइनल के विजेता से होगा. सेमीफाइनल मुकाबले 12 सितंबर को खेले जाने हैं. इस मुकाबले में भारत का दबदबा पूरी तरह रहा और पाकिस्तानी खिलाड़ी कुछ नहीं कर पाईं. शुरुआती दो क्वार्टर में भारत ने कुल 10 गोल दागे. यानी हाफटाइम तक भारत 10-0 से आगे रहा. फिर तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान को थोड़ी राहत मिली, जहां भारत ने सिर्फ 3 गोल किए. आखिरी क्वार्टर भारत के लिए फिर दमदार रहा और छह गोल दागे गए. सात गोल भारत के पेनल्टी कॉर्नर से आए, जबकि दो गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर हुए. बाकी के 11 गोल जो भारत ने किए, वो फील़्ड गोल रहे. भारत ने दो बार जीता है खिताब भारत और चीन ने एलीट पूल चरण का अंत 10-10 अंकों के साथ किया. हालांकि, बेहतर गोल अंतर के कारण भारत एलीट पूल में शीर्ष स्थान पर रहा. भारत ने जापान, कोरिया और मलेशिया के खिलाफ मुकाबले जीते, जबकि चीन से ड्रॉ खेला. पाकिस्तानी टीम की बात करें तो उसने चैलेंजर पूल में चार मैच खेलकर सात अंक हासिल किए थे और तीसरा स्थान प्राप्त किया था. चैलेंजर पूल में बांग्लादेश पहले और कजाखस्तान दूसरे नंबर पर रहा था. विमेंस हॉकी जूनियर एशिया कप का ये 10वां संस्करण है. भारतीय टीम डिफेंडिंग चैम्पियन है. 2024 में मस्कट में आयोजित प्रतियोगिता में भारत ने चीन को हराकर लगातार दूसरी बार खिताबी जीत हासिल की थी. साउथ कोरिया इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है. उसने चार बार (1992, 1996, 2000 और 2008) खिताब जीते. जबकि चीन ने 3 बार (2004, 2012, 2015) खिताबी जीत दर्ज की.

126 गेंदों में 150 रन, हरमन ने डेब्यू पर ब्रीत्ज़के के रिकॉर्ड की बराबरी की

नई दिल्ली जब सामने कोई टीम कमजोर होती है, तो कुछ ऐसा ही होता है, लेकिन 'ताकतवर' का कोई बल्लेबाज करियर का पहला ही मैच हो तो फिर श्रेय बनता ही है. और दक्षिण अफ्रीका के लिए बुधवार को वनडे करियर का आगाज करने वाले 24 साल के जॉर्डन हरमन को श्रेय दिया जाना तो एकदम बनता है. वैसे भी लोग श्रेय दें य न दें, हरमन ने कागजों पर तो इतिहास पलट ही दिया है. हरमन ने बुधवार को नामीबियाई धरती पर ही मेजबान टीम के खिलाफ अपने पहले ही वनडे मैच में 150 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया. हरमन ने 126 गेंदों पर 17 चौकों और 3 छक्कों से 150 रन बनाए. और इसी के साथ ही हरमन वनडे के 51 साल के इतिहास में पहले ही वनडे में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले संयुक्त रूप से पहले और दक्षिण अफ्रीका के दूसरे बल्लेबाज बने गए. हरमन सिर्फ 1 रन से चूक गए. अगर वह एक और बना लेते हैं, तो वह इस मामले में 'किंग' बन गए होते, लेकिन यह जीवन में एक बार मिलने वाला मौका उनके हाथ से निकल गया. पहले ही वनडे में टॉप स्कोर जब बात वनडे करियर के पहले ही मैच में सर्वश्रेष्ठ स्कोर करने की आती है, तो इसमें दक्षिण अफ्रीका के दो बल्लेबाज हैं. हरमन के अलावा एक और दक्षिण अफ्रीकी मैथ्यू पॉल ब्रीट्जे एक बल्लेबाज रहे, जिन्होंने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में 150 रन बनाए थे. चलिए आप इस मामले में टॉप-5 बल्लेबाजों के बारे में  जान लें:- टॉप 10 में एक भी भारतीय नहीं वैसे जहां भारतीयों के नाम एक से बड़े एक रिकॉर्ड हैं, लेकिन इस मामले में भारत का एक भी बल्लेबाज टॉप 10 में शामिल नहीं है. वास्तव में सच यह है कि इस मामले में भारतीय नंबर-20 पर आता है. और यह केएल राहुल हैं, जिन्होंने साल 2016 में जिंबाब्वे के खिलाफ अपने पहले ही मैच में हरारे में 100 रन की पारी खेली थी. और केएल राहुल इकलौते ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे इतिहास में अपने पहले ही मैच में शतक बनाए हैं.   

एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान का शर्मनाक प्रदर्शन, टॉप-5 बल्लेबाज मिलकर भी नहीं बना सके 25 रन

 नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. बर्मिंघम के एजबेस्टन में सीरीज के तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की बल्लेबाजी फिर ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. मुकाबला बुधवार (9 सि‍तंबर) से शुरू हुआ. इंग्लैंड ने मेहमान टीम को सिर्फ 133 रन पर 33.5 ओवर में ऑलआउट कर दिया. पाकिस्तान की यह पारी इतनी जल्दी खत्म हुई कि एक 16 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड टूटते-टूटते रह गया. टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले गेंदबाजी चुनी और उसके तेज गेंदबाजों ने कप्तान जो रूट के फैसले को सही साबित करने में ज्यादा वक्त नहीं लगाया. पाकिस्तान ने शुरुआती ओवरों से ही विकेट गंवाने शुरू कर दिए. सैम अयूब बिना खाता खोले, जबकि अजान अवैस 9 और अब्दुल्लाह शफीक सिर्फ 3 रन बनाकर लौट गए. शान मसूद भी 5 रन ही बना सके. नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान ने शुरुआती 10 ओवर के भीतर ही अपने चार विकेट गंवा दिए और स्कोर 26 रन पर 4 विकेट हो गया. इसके बाद कप्तान बाबर आजम से पारी संभालने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी 7 रन बनाकर जोश टंग का शिकार हो गए. बाबर का विकेट गिरते ही पाकिस्तान का स्कोर 48 रन पर 5 विकेट हो गया. सऊद शकील अकेले लड़ते रहे पाकिस्तान की ओर से सिर्फ सऊद शकील ने कुछ देर मोर्चा संभाला. उन्होंने 47 गेंदों पर 43 रन की पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल थे. लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई लंबा साथ नहीं मिला. गाजी घोरी 4, मोहम्मद इमरान 5 और राजाउल्लाह 11 रन बनाकर आउट हो गए. सऊद शकील भी 43 रन पर जोश टंग की गेंद पर बोल्ड हो गए. आखिर में मोहम्मद अब्बास ने 21 रन बनाकर टीम को 100 के पार पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तान की पारी 133 रन पर ही सिमट गई. मोहम्मद अली 5 रन बनाकर नाबाद रहे. पाकिस्तान के खाते में 20 एक्स्ट्रा रन भी आए, जिसमें 6 बाई और 14 लेग बाई शामिल थे. टंग ने बरपाया कहर, रॉबिन्सन-आर्चर ने भी तोड़ी कमर इंग्लैंड की गेंदबाजी में जोश टंग सबसे घातक रहे. उन्होंने 10 ओवर में एक मेडन डालते हुए 42 रन देकर 4 विकेट झटके. ओली रॉबिन्सन ने 11 ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट लिए. उनके लिए यह खास मौका भी रहा, क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे किए. जोफ्रा आर्चर ने भी 7.5 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. 16 साल पुराना रिकॉर्ड क्यों बच गया? पाकिस्तान की 33.5 ओवर की यह पारी इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में उसकी तीसरी सबसे छोटी पारी है. इससे छोटी दो पारियां साल 2010 में आई थीं. नॉटिंघम में पाकिस्तान 29 ओवर में 80 रन पर ऑलआउट हुआ था, जबकि उसी साल लॉर्ड्स में टीम 33 ओवर में 74 रन पर ढेर हो गई थी. बर्मिंघम में पाकिस्तान 33.5 ओवर तक टिक गया और इस तरह 16 साल पुराना वह रिकॉर्ड टूटने से बच गया. यानी पाकिस्तान ने इस मैच में 133 रन तो बनाए, लेकिन उसके बल्लेबाजों ने एक और शर्मनाक आंकड़ा अपने नाम कर लिया. यह इस सीरीज में पाकिस्तान की सबसे छोटी पारी भी रही है. टॉप-5 का हाल सबसे खराब पाकिस्तान की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके शुरुआती पांच बल्लेबाजों में कोई भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका. सैम अयूब 0, अजान अवैस 9, अब्दुल्लाह शफीक 3, शान मसूद 5 और बाबर आजम 7 रन बनाकर आउट हुए. यानी टॉप-5 के खाते में कुल 24 रन आए. यह टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड में पाकिस्तान के लिए बेहद खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन रहा. इंग्लैंड को मिला 23 रन का फायदा पाकिस्तान को 133 रन पर समेटने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत भी बहुत शानदार नहीं रही. उसने 39 रन तक अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. लेकिन एमिलियो गे ने 60 और हैरी ब्रूक ने नाबाद 52 रन बनाकर पारी को संभाल लिया. दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 39 ओवर में 156/4 रन बना लिए थे. इस तरह उसे पाकिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 23 रन की बढ़त हासिल हो गई. पाकिस्तान पहले ही सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट गंवा चुका है. ऐसे में एजबेस्टन में भी उसकी बल्लेबाजी का यही हाल रहा तो इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप से बचना उसके लिए बड़ी चुनौती होगी.

21-3 का रिकॉर्ड, फिर भी बांग्लादेश से सावधान रहे भारत; एशिया कप में पुरानी हार का इतिहास

दुबई  भारतीय टीम गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ विमेंस एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल मैच खेलेगी। भारत ने रिकॉर्ड सात बार विमेंस एशिया कप का खिताब जीता है। इस संस्करण में 5 सितंबर को पाकिस्तान को 7 विकेट से रौंदने के बाद टीम सेमीफाइनल में पहुंच रही है। टीम को अभी तक खेले तीनों मैचों में जीत मिली है। वहीं बांग्लादेश ने दो जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई है। भारतीय महिला टीम का बांग्लादेश के खिलाफ रिकॉर्ड भारत और बांग्लादेश के बीच पहली बार 2013 में टी20 इंटरनेशनल मैच हुआ था। अबी तक दोनों टीमें इस फॉर्मेट में 24 बार भिड़ चुकी हैं। इसमें भारत को 21 जीत मिली है तो बांग्लादेश ने सिर्फ तीन ही मुकाबले अपने नाम किए हैं। बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टी20 इंटरनेशनल में आखिरी बार 2023 में मीरपुर में 4 विकेट से हराया था। एशिया कप फाइनल में भारत को हरा चुका बांग्लादेश महिला एशिया कप का खिताब भारत ने 7 बार जीता है तो बांग्लादेश की टीम भी एक बार चैंपियन रही है। टीम ने 2018 में मलेशिया के क्वालालंपुर में हुए टूर्नामेंट को अपने नाम किया था। फाइनल में आखिरी गेंद पर बांग्लादेश ने भारतीय महिला टीम को मात दी थी। वह पहला मौका था जब भारत महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम करने में असफल रहा था। हालिया मैचों में भारत की एकतरफा जीत भारत और बांग्लादेश की महिला टी20 के बीच हुए आखिरी 5 टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो सभी एकतरफा रहे हैं। भारतीय महिला टीम को इनमें जीत हासिल के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। इसी साल महिला टी20 विश्व कप 19 गेंद रहे बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया था। उससे पहले 2024 में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। महिला एशिया कप के उस सेमीफाइनल को भारत ने आसानी से 10 विकेट से अपने नाम कर लिया था।