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भारत में पहली बार बदलेगा ड्रेसिंग रूम का रोल, अफगानिस्तान होगा ‘होम टीम’

नई दिल्ली भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20I सीरीज 13 सितंबर से शुरू हो रही है. इस वाली तीन मैचों की सीरीज में एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले तीनों मुकाबलों के लिए टीम इंडिया को विजिटर्स ड्रेसिंग रूम दिया गया है. यानी भारत अपने ही देश में होने वाली सीरीज के दौरान घरेलू टीम के ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल नहीं करेगा. इसकी वजह मैदान नहीं, बल्कि सीरीज का आधिकारिक मेजबान है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) इस सीरीज को होस्ट कर रहा है. इसलिए प्रशासनिक तौर पर अफगानिस्तान घरेलू टीम है और भारत को मेहमान टीम माना गया है. इसी व्यवस्था के तहत ड्रेसिंग रूम भी तय किए गए हैं. भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार होगा ऐसा अरुण जेटली स्टेडियम का होम टीम ड्रेसिंग रूम पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा के नाम पर है. तीनों मुकाबलों में अफगानिस्तान की टीम इसी ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी. वहीं भारतीय टीम को प्रकाश भंडारी के नाम वाले विजिटर्स ड्रेसिंग रूम में जगह मिलेगी. सीरीज के दौरान यह व्यवस्था नहीं बदलेगी. क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय टीम अपने ही घर पर मेहमान टीम वाले ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी. अफगानिस्तान अक्सर अपने घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दूसरे देशों में आयोजित करता है. देश में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के कारण अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विदेशी या न्यूट्रल वेन्यू का सहारा लेना पड़ता है. इसी वजह से अफगानिस्तान पहले भी भारत के नोएडा, देहरादून और लखनऊ जैसे मैदानों पर अपने घरेलू मुकाबले आयोजित कर चुका है. लेकिन भारत के खिलाफ भारत की जमीन पर किसी द्विपक्षीय सीरीज में पहली बार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को आधिकारिक मेजबान का दर्जा मिला है. आमतौर पर जिस देश में सीरीज खेली जाती है, उसकी टीम को होम ड्रेसिंग रूम मिलता है. लेकिन इस सीरीज में प्रशासनिक मेजबानी अफगानिस्तान के पास होने के कारण व्यवस्था उलट गई है. इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के लिए घरेलू परिस्थितियां बदल जाएंगी, लेकिन स्टेडियम के अंदर यह बदलाव जरूर साफ नजर आएगा. भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.  

मां बनने के बाद खेल में वापसी पर बड़ा सवाल, विनेश को ट्रायल के लिए नहीं मिली छूट

नई दिल्ली भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल से पहले बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अंतरिम आदेश में कहा कि अदालत विनेश फोगाट को ट्रायल में शामिल होने के लिए मौजूदा नियमों से विशेष छूट नहीं दे सकती। दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट की मातृत्व और खेल करियर से जुड़े एक अहम सवाल पर विचार करने की बात कही है। कोर्ट यह देखेगा कि मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और प्रतियोगिताओं की पात्रता के नियमों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जा सकता है। विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद वह मैटरनिटी लीव से लौट चुकी हैं। उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। क्या मां बनने और करियर में से एक चुनना होगा?' हाईकोर्ट ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि मातृत्व और खेल करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। साथ ही यह भी विचार करने की जरूरत है कि क्या किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने और अपने खेल करियर को जारी रखने में से किसी एक को चुनने की स्थिति में आना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामले की आगे की सुनवाई में इस पहलू पर विस्तार से विचार किया जाएगा। क्या है पूरा मामला? भारतीय कुश्ती महासंघ ने सात सितंबर को चयन ट्रायल के लिए पात्रता से जुड़े नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत कुछ अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। अगर कोई पहलवान तय अनिवार्य प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं हुआ है, तो मौजूदा नियमों के तहत उसे चयन ट्रायल के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। विनेश ने क्यों मांगी थी विशेष छूट? विनेश फोगाट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ के कारण वह कुछ समय तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। उन्होंने अदालत से इस अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष छूट देने की मांग की थी, ताकि वह 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा ले सकें। हालांकि, अदालत ने मौजूदा पात्रता नियमों में उनके लिए अलग से छूट देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद विनेश के 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में उतरने की उम्मीदों को झटका लगा है।  

पाकिस्तान की बल्लेबाजी फिर फेल, तीसरे टेस्ट में 133 पर ढेर; इंग्लैंड ने बनाई 320 रन की बढ़त

नई दिल्ली पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा किसी बुरे सपने जैसा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। सऊद शकील ने थोड़ी हिम्मत दिखाई है लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया है। जिसके कारण बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस बुला लिया। लेकिन नए बल्लेबाजों के आने के बावजूद टीम के हालात नहीं बदले। हालांकि पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइकल स्मिथ का मानना है कि पाकिस्तान में बहुत क्वालिटी प्लेयर हैं। पाकिस्तान में काफी क्वालिटी है इंग्लैंड-पाकिस्तान सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों पर डेटा लीक करने के आरोप भी लगे हैं, जिसकी जांच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कर रहा है, हालांकि अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पाकिस्तान की टीम जारी सीरीज में पांच पारियों के बाद भी 200 का आंकड़ा नहीं पार कर सकी है। तीसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान की टीम 133 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। दूसरी पारी में भी टीम ने दो विकेट गंवा दिए हैं। बारिश के कारण दूसरे दिन का खेल जल्दी खत्म हो गया था। पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइकल स्मिथ ने एजबेस्टन टेस्ट के दूसरे दिन खेल खत्म होने के बाद कहा, ''मैं उसके (जांच) बारे में कुछ नहीं जानता। इसलिए मैं उन चीजों पर कमेंट नहीं कर सकता। इन चीजों के बारे में मैंने पहली बार सुना है, इसलिए मुझे ज्यादा नहीं पता।'' उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन खिलाड़ियों की बात करें तो मेरे लिए पाकिस्तान में काफी क्वालिटी है। हमने कई सालों से देखा है और कई देश बदलाव से गुजरते हैं। इस बार हमारे पास कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नए खिलाड़ी हैं। लेकिन ये सीखने की प्रक्रिया है कि हम उन्हें कितनी जल्दी टेस्ट के माहौल में सिखा सकते हैं और सहज बना सकते हैं, ताकि लंबे समय तक उनका फायदा हो।'' इंग्लैंड ने बनाई बढ़त इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन गुरूवार को 453 रन बनाकर पहली पारी में 320 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। जोफ्रा आर्चर ने नाबाद 32 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान ने पहली पारी में 133 रन बनाये थे। पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी में बारिश के कारण स्टंप्स पहले हो जाने तक तक दो विकेट खोकर 52 रन बना लिए हैं और वह अभी इंग्लैंड की बढ़त से 268 रन पीछे है। पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत बहुत खराब रही। इस सीरीज़ के सबसे अच्छे गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने पारी की शुरुआत डबल-विकेट मेडन ओवर से की और पहले ही ओवर में सैम अयूब और अब्दुल्ला शफीक को आउट कर दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज शान मसूद (नाबाद 21) और अज़ान अवैस (नाबाद 29) ने मुश्किल दौर का सामना किया और बारिश के कारण खेल रुकने से पहले तीसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।

रिबाकिना का कमाल! गॉफ को 3 सेट में हराया, पहली बार यूएस ओपन फाइनल में बनाई जगह

नई दिल्ली कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना यूएस ओपन 2026 के विमेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंच गई हैं. वर्ल्ड नंबर-1 रिबाकिना ने यूएसए की कोको गॉफ को तीन सेट के रोमांचक मुकाबले में 3-6, 6-4, 6-4 से हरा दिया. शुक्रवार (11 सितंबर) को आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए हाईवोल्टेज सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त गॉफ ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन रिबाकिना ने अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. कोको गॉफ ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और एलेना रिबाकिना पर लगातार दबाव बनाए रखा. अमेरिकी खिलाड़ी ने पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया. इसके बाद रिबाकिना ने रणनीति में बदलाव किया और अपनी सर्विस के साथ-साथ बेसलाइन गेम को बेहतर करते हुए वापसी शुरू की. दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन एलेना रिबाकिना ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा. उन्होंने सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया. तीसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और 6-4 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. पहली बार यूएस ओपन फाइनल में रिबाकिना एलेना रिबाकिना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह यूएस ओपन के चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ सकी थीं. इस बार उन्होंने न्यूयॉर्क में अपने करियर का बेहतरीन शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे फाइनल में जगह बनाई है. सेमीफाइनल तक के सफर में रिबाकिना ने दो बार की यूएस ओपन चैम्पियन नाओमी ओसाका को भी हराया था. इसके अलावा क्वार्टर फाइनल में उन्हें किनवेन झेंग के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा था. गॉफ के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी जीत है. इससे पहले उन्होंने पिछले महीने टोरंटो सेमीफाइनल में भी गॉफ को एक सेट से पिछड़ने के बाद हराया था. फाइनल में ऐलेना रिबाकिना का सामना मौजूदा चैम्पियन आर्यना सबालेंका से होगा. सबालेंका ने पहले सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला को 7-5, 6-2 से हराकर लगातार चौथी बार यूएस ओपन फाइनल में जगह बनाई. देखा जाए तो फाइनल में दुनिया की नंबर-1 और नंबर-2 खिलाड़ी आमने-सामने होंगी. रिबाकिना सेमीफाइनल में पहुंचते ही विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर चुकी हैं, जबकि सबालेंका उस शीर्ष स्थान पर काबिज खिलाड़ी के खिलाफ खिताब के लिए उतरेंगी.

भारत से फाइनल में भिड़ेगा कौन? श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच आज महामुकाबला

दुबई भारतीय महिला टीम एशिया कप 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को आसानी से हरा दिया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर टीम को 40 रनों से जीत मिली। आज इस टूर्नामेंट की दूसरी फाइनलिस्ट टीम का फैसला होगा। इसके लिए श्रीलंका की महिला टीम की भिड़ंत पाकिस्तान की महिला टीम से होगी। यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। 13 सितंबर को एशिया कप का फाइनल होगा। श्रीलंका अभी इनफॉर्म टीम श्रीलंका महिला एशिया कप की डिफेंडिंग चैंपियन है। टीम ने अभी तक इस बार भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। ग्रुप राउंड में उसने यूएई को 9 विकेट, इंडोनेशिया को 75 रन और बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया। ग्रुप बी में टीम टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने अभी तक एशिया कप का खिताब नहीं जीता है। ग्रुप राउंड में भारत के खिलाफ वह अपने सबसे छोटे टी20 इंटरनेशनल स्कोर 55 रनों पर ऑलआउट हो गए। थाईलैंड ने भी पाकिस्तान को परेशान किया था। हेड टू हेड में बराबरी की टक्कर पाकिस्तान और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड एकदम बराबरी का है। दोनों के बीच 24 मैच खेले गए हैं। इसमें पाकिस्तान को 12 तो श्रीलंका को 11 जीत मिली है। एक मैच का नतीजा नहीं निकला। आखिरी 5 मैचों में श्रीलंका ने तीन तो पाकिस्तान ने दो जीते हैं। जुलाई-अगस्त में दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज हुई थी। उसे श्रीलंका ने 2-1 से जीत लिया था। इस प्रकार है दोनों टीमों का स्क्वड पाकिस्तान महिला टीम: मुनीबा अली (विकेटकीपर), शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), एमान फातिमा, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, नशरा संधू, सादिया इकबाल, सायरा जबीन, मोमिना रियासत, इमान नसीर, वहीदा अख्तर। श्रीलंका महिला टीम: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), संजना कविंदी, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), सुगंधिका कुमारी, चेतना विमुक्ति, चामुदी प्रबोदा, मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, देवमी विहंगा, हासिनी परेरा।

आइस हॉकी, फुटबॉल और फिगर स्केटिंग: इन खेलों ने रूस को बनाया दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स पावर

मॉस्को रूस का नाम आते ही राजनीति, इतिहास और उसकी विशाल भौगोलिक सीमा के साथ खेलों की दुनिया भी याद आती है. रूस की खेल पहचान की बात हो तो आइस हॉकी का नाम सबसे पहले आता है. सोवियत दौर से चली आ रही हॉकी की मजबूत परंपरा ने रूस को दुनिया की बड़ी हॉकी शक्तियों में शामिल किया है. इसके साथ फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और फिगर स्केटिंग भी देश की खेल संस्कृति का अहम हिस्सा हैं. 1. आइस हॉकी- रूस की खेल पहचान का बड़ा हिस्सा रूस की खेल संस्कृति की बात हो और आइस हॉकी का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं. ठंडे मौसम और बर्फीले क्षेत्रों वाले इस देश में हॉकी लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही है. सोवियत संघ के दौर से ही रूस की हॉकी परंपरा दुनिया की सबसे मजबूत परंपराओं में गिनी जाती रही है. सोवियत टीम ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में लंबे समय तक दबदबा कायम रखा और उसके बाद रूस ने भी इस विरासत को आगे बढ़ाया. देश की Kontinental Hockey League यानी KHL दुनिया की प्रमुख आइस हॉकी लीगों में शामिल है. रूस के कई शहरों में हॉकी क्लबों के पास मजबूत प्रशंसक आधार है. राष्ट्रीय टीम के स्तर पर भी रूस ने ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप सहित कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है. यही वजह है कि आइस हॉकी रूस के लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि उसकी खेल पहचान का अहम हिस्सा है. 2. फुटबॉल- रूस के सबसे लोकप्रिय खेलों में शामिल रूस में फुटबॉल की लोकप्रियता काफी गहरी है. बच्चों और युवाओं से लेकर प्रोफेशनल स्तर तक इस खेल की मजबूत मौजूदगी है. स्कूलों और स्थानीय क्लबों से लेकर शीर्ष स्तर की लीग तक फुटबॉल का बड़ा नेटवर्क देखने को मिलता है. हालांकि, फुटबॉल को रूस का निर्विवाद रूप से नंबर-1 खेल कहना सही नहीं होगा. अलग-अलग सर्वे में फुटबॉल और आइस हॉकी के बीच लोकप्रियता का अंतर बेहद कम या अलग-अलग रहा है. इसलिए रूस के सबसे लोकप्रिय खेलों की बात करें तो इन दोनों का नाम सबसे पहले लिया जाता है. रूस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने 1992 में सोवियत संघ के विघटन के बाद अलग पहचान के साथ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कदम रखा. रूस ने 1994, 2002, 2014 और 2018 में FIFA World Cup खेला. 2018 में रूस को मेजबान होने के कारण सीधे विश्व कप में जगह मिली थी. घरेलू मैदान पर टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया. यह विश्व कप में रूस का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. रूस से पहले सोवियत संघ ने सात विश्व कप टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया था. उसका सबसे शानदार प्रदर्शन 1966 में आया, जब टीम चौथे स्थान पर रही थी. 3. वॉलीबॉल- स्कूलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मजबूत पकड़ रूस में वॉलीबॉल की भी मजबूत परंपरा रही है. स्कूलों, खेल संस्थानों और क्लब स्तर पर इस खेल की अच्छी पहुंच है. पुरुष और महिला दोनों वर्गों में सोवियत संघ और बाद में रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. इनडोर वॉलीबॉल के अलावा बीच वॉलीबॉल ने भी रूस में अपनी जगह बनाई है. हालांकि, यूक्रेन पर 2022 में रूस के आक्रमण के बाद अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल में रूस की स्थिति बदल गई. मार्च 2022 में FIVB ने रूस और बेलारूस की राष्ट्रीय टीमों, क्लबों, अधिकारियों और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया था. 2026 में FIVB ने रूसी खिलाड़ियों और टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी का रोडमैप तय किया. इसके तहत रूस की पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमें 2027 Volleyball Nations League में हिस्सा लेंगी. यानी लंबे अंतराल के बाद रूसी वॉलीबॉल की अंतरराष्ट्रीय वापसी का रास्ता साफ हुआ है. 4. बास्केटबॉल- रूस की मजबूत क्लब परंपरा रूस में बास्केटबॉल की भी मजबूत परंपरा रही है. खास तौर पर CSKA Moscow जैसे क्लब ने देश को यूरोपीय बास्केटबॉल में बड़ी पहचान दिलाई है. CSKA Moscow यूरोपीय क्लब बास्केटबॉल के सबसे सफल नामों में शामिल रहा है. रूसी क्लबों ने यूरोपीय प्रतियोगिताओं में लंबे समय तक प्रभाव छोड़ा है. स्कूल और युवा स्तर पर भी बास्केटबॉल की अच्छी मौजूदगी है. शहरी इलाकों में यह खेल खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय रहा है. हालांकि, रूस की बास्केटबॉल की कहानी सिर्फ क्लब स्तर तक सीमित नहीं है. सोवियत संघ के दौर से ही इस खेल में रूस और उसके खिलाड़ियों की मजबूत अंतरराष्ट्रीय परंपरा रही है. 5. फिगर स्केटिंग- खेल से कहीं आगे सांस्कृतिक जुनून अगर किसी एक खेल ने रूस की अंतरराष्ट्रीय खेल पहचान को सबसे ज्यादा चमक दी है तो फिगर स्केटिंग उसका बड़ा उदाहरण है. रूस में फिगर स्केटिंग सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक तरह का सांस्कृतिक जुनून है. ओलंपिक और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में रूसी स्केटर्स ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है. रूस के सबसे बड़े फिगर स्केटिंग सितारों में एवगेनी प्लुशेंको का नाम सबसे ऊपर आता है. उन्होंने 10 बार रूसी राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती और अपने करियर में चार ओलंपिक पदक हासिल किए. इनमें दो गोल्ड और दो सिल्वर शामिल हैं. उनकी उपलब्धियों ने उन्हें रूस के सबसे सफल फिगर स्केटर्स में शामिल कर दिया. मेदवेदेवा-जागितोवा ने भी दिखाया रूस का दबदबा रूसी फिगर स्केटिंग की अगली पीढ़ी ने भी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. एवगेनिया मेदवेदेवा ने अपने करियर में कई विश्व रिकॉर्ड बनाए. 2018 PyeongChang Winter Olympics में रूस की अलीना जागितोवा ने महिला सिंगल्स का गोल्ड मेडल जीता, जबकि मेदवेदेवा ने सिल्वर हासिल किया. दोनों ने उस दौर में महिला फिगर स्केटिंग के उच्चतम स्तर को नई ऊंचाई दी. यही वजह है कि रूस को फिगर स्केटिंग की दुनिया की सबसे प्रभावशाली शक्तियों में गिना जाता है. रूस में खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं रूस में खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का भी अहम हिस्सा हैं. फुटबॉल और आइस हॉकी बड़े पैमाने पर लोगों को जोड़ते हैं, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल की मजबूत क्लब और युवा परंपरा है, जबकि फिगर स्केटिंग ने रूस को ओलंपिक और विश्व मंच पर अलग पहचान दिलाई है. सोवियत संघ के दौर से चली आ रही खेल संस्कृति ने रूस को कई ऐसे चैंपियन दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में देश … Read more

वैभव सूर्यवंशी ने शमी को दिया खास तोहफा, 100वें मैच पर भावुक हुए दिग्गज गेंदबाज

ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को मात दी. यह मुकाबला ईस्ट जोन के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए बेहद खास रहा. शमी का ये 100वां फर्स्ट क्लास मैच था, जिसे इस खिताबी जीत ने और यादगार बना दिया. 10 सितंबर (गुरुवार) को मुकाबले की समाप्ति के बाद उस समय भावुक पल देखने को मिला, जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी को खास तोहफा देकर उनके 100वें फर्स्ट क्लास मैच की उपलब्धि का सम्मान किया. वैभव ने शमी को एक जर्सी भेंट की, जिसमें ईस्ट जोन के खिलाड़ियों के साइन थे. इस पल ने अनुभवी तेज गेंदबाज को इमोशनल कर दिया. मोहम्मद शमी ने 'बेबी बॉस' की जमकर तारीफ की और बताया कि इतने कम उम्र के इस बल्लेबाज ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में किस तरह अपनी छाप छोड़ी. शमी के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी में कम उम्र के बावजूद चीजों को समझने और सीखने की गजब क्षमता है. वैभव के साथ बिताए समय को याद करते हुए शमी ने कहा कि उन्होंने इस युवा बल्लेबाज की मौजूदगी का खूब आनंद लिया. वैभव में युवाओं वाली मासूमियत: शमी उन्होंने कहा, 'हमारी टीम का बच्चा वैभव सूर्यवंशी लगभग मेरी क्रिकेट जर्नी जितना पुराना है. उसमें युवाओं वाली मासूमियत है, उसे मजाक करना पसंद है और वह चीजों को बहुत जल्दी सीखता है.' शमी ने यह भी माना कि आज के युवा क्रिकेटरों को पहले के मुकाबले कम उम्र में ही बड़े मंच का अनुभव मिल जाता है. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) और दूसरे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में खेलने से उनके अंदर मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता जल्दी विकसित हो रही है. मोहम्मद शमी का मानना है कि मौजूदा दौर के युवा खिलाड़ियों को हर चीज सिखाने के बजाय सही समय पर अच्छी सलाह देना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब मुकाबला दबाव वाला हो जाता है और परिस्थितियां मुश्किल होती हैं, तब अनुभवी खिलाड़ी अपनी रणनीतिक सलाह से युवा क्रिकेटरों की मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैदान पर संघर्ष के दौरान खिलाड़ियों को लड़ते रहने और अपना ध्यान बनाए रखने की याद दिलाना जरूरी होता है. बाकी मौकों पर युवा खिलाड़ियों को अपने खेल और फैसलों पर भरोसा करना चाहिए. शमी का कैसा रहा फाइनल में प्रदर्शन? फाइनल में मोहम्मद शमी ने दो अहम विकेट हासिल किए. उन्होंने रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद को आउट कर ईस्ट जोन की जीत में योगदान दिया. शमी ने कहा कि 100वें मैच में जीत हासिल करना उनके लिए खास संतोष का पल है. उन्होंने अपनी टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने गर्मी और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पूरे अभियान में अपना सब कुछ झोंक दिया. मोहम्मद शमी ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया. उनका कहना है कि खिलाड़ी की मेहनत और रवैये में फर्क नहीं आना चाहिए. शमी का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी टीम की जर्सी पहनता है तो उसके अंदर टीम के लिए कुछ करने और मुकाबला लड़ने की भूख होनी चाहिए. उनके मुताबिक मैदान पर मिलने वाले हर मौके को जिम्मेदारी के साथ भुनाना ही सबसे अहम है.

भारत का एशिया कप फाइनल में धमाकेदार प्रवेश, सेमीफाइनल में बांग्लादेश को दी करारी शिकस्त

दुबई  भारतीय टीम ने गुरुवार को एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रनों से मात दी। इस जीत के साथ सात बार की चैंपियन भारतीय टीम ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। भारत 10वीं बार खिताबी मुकाबले तक पहुंचा है। महिला एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 149 रन बनाए। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 109 रन ही बना सकी। टीम के लिए शोर्ना अख्तर ने सर्वाधिक 22 रन बनाए। भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने तीन और नन्दनी ने दो विकेट लिए। 150 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की है। दिलारा अख्तर और जुएरिया फिरदौस के बीच पहले विकेट के लिए 26 रन की साझेदारी हुई। श्री चरणी ने जुएरिया फिरदौस को आउट किया। उन्होंने 18 गेंद में 14 रन बनाए। दिलारा अख्तर 26 गेंद में 21 रन बनाकर आउट हुईं। शोभना मोस्टोरी ने 24 गेंद में 18 रन का योगदान दिया। निगर सुल्ताना ने 17 गेंद में 19 रन बनाए। शर्मिन अख्तर ने एक रन बनाया। फाहिमा 14 और रबैया खाता नहीं खोल सकीं। शोर्ना अख्तर ने 18 गेंद में नाबाद 22 रन बनाए। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को दूसरे ओवर में झटका लगा। टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना दो रन ही बना सकीं। प्रतिका ने 20 रन बनाए। शेफाली वर्मा 40 गेंद में 64 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष (16 गेंद में 21 रन) भी शुरुआत में धीमी रहीं, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण रन जोड़ने में सफलता हासिल की। कप्तान हरमनप्रीत ने पारी के अंत में दो छक्के लगाए। बांग्लादेश के लिए सुल्ताना खातून ने दो जबकि राबिया खान, नाहिदा अख्तर और मारूफा अख्तर ने एक एक विकेट झटके। भारतीय महिला टीम और बांग्लादेश महिला टीम आमने-सामने है। बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने जारी टूर्नामेंट में अपने सभी मुकाबले जीते हैं। जबकि बांग्लादेश की टीम ने दो मुकाबले जीते हैं और इतने ही मैच गंवाए हैं। बांग्लादेश की पारी बांग्लादेश को जीत के लिए 150 रनों का लक्ष्य मिला है। इसके जवाब में टीम ने अच्छी शुरुआत की है। जुएरिया फिरदौस ने 18 गेंद में 14 रन बनाए। श्री चरणी को पहली सफलता मिली। दिलारा अख्तर 26 गेंद में 21 रन बना सकीं। शोभना ने 24 गेंद में 18 रन का योगदान दिया। कप्तान निगर सुल्ताना ने 17 गेंद में 19 रन बनाए। शर्मिन अख्तर एक ही रन बना पाईं। स्पिन के मुफीद परिस्थितियों में भारत के लिए अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि श्री चरणी और प्रेमा रावत को एक एक विकेट मिला। भारतीय पारी भारतीय टीम को दूसरे ओवर में स्मृति मंधाना के रूप में पहला झटका लगा है। उन्होंने5 गेंद में दो रन बनाए। वहीं दूसरी तरफ शेफाली वर्मा को दो जीवनदान मिल चुका है। भारत ने पावरप्ले में एक विकेट खोकर 45 रन बनाए। प्रतिका रावल 24 गेंद में 20 रन बनाकर रबैया की शिकार बनीं। शेफाली वर्मा ने 35 गेंद में 50 रन पूरे किए। हरमनप्रीत कौर और शेफाली क्रीज पर मौजूद हैं। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा 40 गेंद में 64 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 16 गेंद में 21 रन की पारी खेली। दीप्ति शर्मा ने 6 गेंद में 13 रन का योगदान दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 28 गेंद में 24 रन की पारी खेली। बांग्लादेश की ओर से सुल्ताना ने 2 विकेट लिए। शेफाली वर्मा ने लगाया अर्धशतक भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में अर्धशतक लगाया। उन्होंने 35 गेंद में 5 चौके और दो छक्के की मदद से 50 रन पूरे किए। ये उनका 20वां टी20 इंटरनेशनल अर्धशतक है। दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): शैफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा बांग्लादेश महिला (प्लेइंग इलेवन): दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, शोभना मोस्टोरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, नाहिदा अख्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारुफा अख्तर भारत-बांग्लादेश पहले सेमीफाइनल में किसने जीता टॉस बांग्लादेश ने गुरुवार को भारत के खिलाफ पहले सेमीफाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। हरमनप्रीत कौर ने टॉस के दौरान बताया कि उनकी टीम ने बदलाव नहीं किया है। महिला एशिया कप 2026 में भारत का सफर भारतीय टीम का एशिया कप 2026 में सफर शानदार रहा है। टीम ने तीन मुकाबले खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व वाली भारतीय टीम इस नॉकआउट मुक़ाबले में जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अपने पिछले मैच में भारत ने पाकिस्तान को सिर्फ 55 रनों पर ढेर कर दिया था और फिर आसानी से सात विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले टीम ने हांगकांग को 137 रनों से और थाईलैंड को 94 रनों से धोया था। बांग्लादेश भी सेमीफाइनल में पहुंचा बांग्लादेश का सेमीफाइनल तक का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने यूएई पर 34 रन की जीत के साथ अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। इससे पहले टीम ने इंडोनेशिया महिला टीम को 71 रनों से हराया था। जबकि दूसरे मैच में श्रीलंका के खिलाफ 4 विकेट से हार गई थी।

रोहित शर्मा ने 2027 वर्ल्ड कप पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है’

नई दिल्ली भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने गुरुवार को 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया. हालांकि उनका जवाब छोटा था, लेकिन इसने उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी. रोहित से जब पूछा गया कि क्या वह अक्टूबर 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने कहा, 'अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे.' ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एक दर्शक के सवाल पर रोहित ने यह जवाब दिया. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके रोहित के भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लग रही हैं. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप को लेकर उनका यह छोटा सा जवाब खासा अहम माना जा रहा है. 2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाना है. रोहित उस समय टीम इंडिया के साथ होंगे या नहीं, इसका फैसला फिलहाल भविष्य के गर्भ में है. ‘अब बस परेड मुश्किल है…’ इसी दौरान रोहित से एक और दिलचस्प सवाल पूछा गया. उनसे कहा गया कि अगर भारत 2027 वर्ल्ड कप जीतता है तो क्या 2024 टी20 वर्ल्ड कप की तरह मुंबई में खुली बस में विजय परेड निकाली जाएगी? रोहित ने इस पर भी मुस्कुराते हुए छोटा सा जवाब दिया, 'मुझे नहीं लगता कि अब बस परेड संभव होगी.' 2024 में रोहित की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था. वेस्टइंडीज से ट्रॉफी लेकर लौटने के बाद मुंबई में टीम की ऐतिहासिक खुली बस विजय परेड हुई थी. रोहित की फॉर्म पर सवाल क्यों? रोहित के भविष्य को लेकर चर्चा के बीच बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया पहले ही साफ कर चुके हैं कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनकी जगह पर सवाल उठाना बेमानी है. सैकिया ने कुछ दिन पहले बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि रोहित शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनकी आखिरी वनडे पारी में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 138 रन बनाए थे. ऐसे में उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है.

साढ़े चार घंटे के मैराथन मैच में अलकराज की हार, शेल्टन ने रचा बड़ा इतिहास

नई दिल्ली 23 वर्षीय अमेरिकी युवा बेंजामिन शेल्टन ने मंगलवार देर रात बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा विजेता स्पेन के कार्लोस अलकराज को साढ़े चार घंटे तक चले मैराथन मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। पांच सेट तक खिंचा ये मुकाबला अमेरिकी समयानुसार सुबह 3:33 बजे खत्म हुआ और इसके साथ ही ये इस टूर्नामेंट में अब तक का सबसे देरी से खत्म हुआ मैच भी बन गया। अन्य मुकाबलों में एरिना सबालेंका ने चेक गणराज्य की 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा के विरुद्ध संघर्षपूर्ण जीत दर्ज करते हुए खिताब की उम्मीद बरकरार रखने में सफलता हासिल की। पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में अलकराज ने कलाई की चोट से जूझने के बाद वापसी में इस मैच से पहले तक जबरदस्त प्रदर्शन किया, किसी भी मैच में उनका खेल देखकर नहीं लगा कि वह पांच महीने तक टेनिस से दूर थे लेकिन इस मैच में शेल्टन ने उन्हें 6-7(5), 6-1, 6-3, 1-6, 7-6(10-7) से हरा दिया। 23 साल के अलकराज के खेल में सटीकता का नामोनिशान नहीं था और उन्होंने 53 अनचाही गलतियां कीं। शेल्टन ने जीत के बाद कहा कि कार्लोस अभी से हमारे खेल के महानतम विजेताओं में से एक हैं। उनके विरुद्ध खेलना हमेशा मजेदार होता है। कई बार उनकी कलाकारी देखना अद्भुत होता है लेकिन ये मेरे करियर का अभी तक का सबसे आनंदपूर्ण मैच रहा। इस मैच से पहले अलकराज किसी भी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी से नहीं हारे थे, अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध मैचों में उनका रिकार्ड 13-0 था। सेमीफाइनल में शेल्टन का मुकाबला 11वीं वरीयता प्राप्त हमवतन फ्रांसिस टियाफो से होगा जिन्होंने पहले दो सेट हारने के बाद अमेरिका के ही एलेक्स मिचेलसन को 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6 (10-6) से हराया। आल अमेरिकन सेमीफाइनल के साथ ही तय हो गया है कि इस बार के फाइनल में एक अमेरिकी जरूर खेलेगा। सेमीफाइनल में पहुंचीं सबालेंका और पेगुला एरिना सबालेंका ने नंबर वन रैंकिंग और यूएस ओपन की अपनी बादशाहत को अपने हाथों से फिसलते देख ऐसी जोरदार वापसी कर डाली कि 21 साल की लिंडा नोस्कोवा हतप्रभ रह गईं। सबालेंका ने लगातार तीसरे यूएस ओपन टाइटल की अपनी उम्मीदें जिंदा रखते हुए नोस्कोवा को 7-6 (1), 3-6, 7-6 (10-7) से हराया। मैच के बाद उन्होंने कहा, क्या कमाल का मैच रहा, वह अद्भुत खिलाड़ी हैं और अभी मेरे पास शब्द नहीं हैं क्योंकि इस मैच को जीतने के लिए मैंने खुद को हद पार करने तक खींचा, खासतौर से तीसरे सेट में। सच में मुझे लगा कि बस हो गया, मैच खत्म है अब और शायद इसी ने मुझे ऐसी वापसी करने में मदद की। रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बने रहने की उम्मीदें बचाने के लिए सबालेंका को ये मैच जीतना ही था और अब वह अमेरिका की जेसिका पेगुला से भिड़ेंगे। तीसरी वरीय पेगुला ने नंबर 26 पर काबिज एम्मा नवारो को 3-6, 6-4, 6-3 से हराया।