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यूरोपा लीग 2026: फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर एस्टन विला ने रचा इतिहास

इस्तांबुल  एस्टन विला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर यूरोपा लीग खिताब जीत लिया। इस खिताब के साथ विला ने 30 साल से चले आ रहे ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया। विला के समर्थक इंग्लैंड के भावी किंग प्रिंस विलियम ने मैच खत्म होने की सीटी बजते ही जोरदार जश्न मनाया। 1996 के इंग्लिश लीग कप के बाद यह पहला मौका था, जब एस्टन विला ने कोई बड़ा खिताब जीता। 44 साल बाद मिली ट्रॉफी विला ने 1982 में यूरोपीय कप और फिर सुपर कप जीता था। इस तरह पहली बार यूरोपीय कप जीतने के बाद यह क्लब को यह ट्रॉफी 44 साल बाद मिली है। पहले हाफ में यूरी टिलेमैंस और एमी बुएंडिया के शानदार गोल ने एस्टन विला को मैच में दबदबा बनाने में मदद की। जिसके बाद मार्गन रोजर्स के गोल ने टीम को दूसरा मेजर यूरोपीय खिताब दिला दिया। एमरी का पांचवां खिताब 1982 की उस टीम के नौ सदस्य स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने क्लब के मैनेजर उनाई एमरी को अपना पांचवां यूरोपा लीग खिताब जीतते हुए देखा। एमरी ने नवंबर 2022 में स्टीवन जेरार्ड की जगह ली थी, उस समय विला 'लिगेशन जोन से सिर्फ तीन अंक ऊपर था। एमरी ने 2014-16 तक सेविला के साथ लगातार तीन साल और फिर 2021 में विलारियाल के साथ यह खिताब जीता था। वहीं जर्मनी की टीम फ्रीबर्ग 10 साल पहले दूसरे डिवीजन में खेल रही थी, लेकिन अपने पहले यूरोपीय फाइनल में पूरी तरह से पिछड़ गई। यूरोपा लीग के हाल के चैंपियन वर्ष            क्लब                      देश 2020       सेविया                    स्पेन 2021       विलारियल,               स्पेन 2022       आइंट्राख्ट फ्रैंकफर्ट      जर्मनी 2023       सेविया                    स्पेन 2024       अटलांटा                  इटली 2025       टॉटनहैम                  इंग्लैंड 2026      एस्टन विला                इंग्लैंड  

अलकराज की गैरमौजूदगी से बढ़ीं जोकोविच की उम्मीदें, सानिया मिर्जा का बड़ा बयान

 नई दिल्ली साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है। दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों के बीच इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस बार कार्लोस अलकराज पुरुष सिंगल्स में नहीं खेलेंगे और भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि अलकराज के नहीं होने पर नोवाक जोकोविक के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है। सानिया ने जोकोविक की जीत की संभावनाओं पर सानिया ने कहा कि कार्लोस अलकराज की गैरमौजूदगी से उनकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अभी वह ज्यादातर हार सिर्फ जानिक सिनर और अलकराज से ही खाते हैं। 38-39 साल की उम्र में भी उनका शीर्ष स्तर पर बने रहना अविश्वसनीय है। सिनर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, लेकिन नोवाक अब भी शीर्ष तीन खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने हमेशा लोगों, उम्र और सीमाओं को गलत साबित किया है। इसलिए उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तीन बार की डबल्स ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा ने फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। सानिया ने कहा कि मुझे लगता है कि क्ले कोर्ट पर हमारा खेल हार्ड कोर्ट या ग्रास कोर्ट जितना मजबूत नहीं है। इसलिए यह मुश्किल जरूर होता है। क्ले कोर्ट पर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी बहुत अच्छी रिटर्न करते हैं। इसलिए शायद क्ले कोर्ट उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह उनकी पसंदीदा सतह है या नहीं। कुल मिलाकर, क्ले कोर्ट पर खेलना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा सानिया ने क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ी करमन कौर थांडी की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग के जरिए वापसी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि चोट लगने से पहले वह अच्छे स्तर पर खेल रही थीं। सानिया ने कहा कि लगभग दो साल बाद कोर्ट पर लौटने वाले खिलाड़ी का तुरंत आंकलन करना सही नहीं होगा। सानिया ने कहा कि इंजरी से वापसी में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है, क्योंकि खिलाड़ी के मन में फिटनेस, प्रदर्शन और दोबारा चोट लगने जैसे कई सवाल चलते रहते हैं।

मेरठ की धाविका पारुल चौधरी का बड़ा लक्ष्य, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में चमकने की तैयारी

 नई दिल्ली  भारत की लंबी दूरी की धाविका पारुल चौधरी अब केवल एशियाई स्तर की खिलाड़ी नहीं रह गई हैं। पिछले एक साल में उन्होंने डायमंड लीग जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में नियमित भाग लेकर खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। पारुल का मानना है कि दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। मेरठ की 31 वर्षीय एथलीट 2022 एशियाई खेलों में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज (बाधा दौड़) में रजत पदक जीत चुकी हैं। वहीं पिछले साल गुमी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में पारुल ने दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीता था। पारुल ने बताया अपना लक्ष्य पारुल का लक्ष्य अब इस साल जुलाई में होने वाले ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पदक जीतना है। पारुल ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि पहले भारतीय एथलीटों को विदेशों में खेलने के ज्यादा अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 2016 से राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा थीं, लेकिन उन्हें पहली बार 2022 में विदेश में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला। अब युवा खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिल रहा है, जिसका फायदा भारतीय एथलेटिक्स को मिल रहा है। भारतीय ट्रैक एंड फील्ड में अब तक स्पिरंट और फील्ड इवेंट के खिलाड़ियों को ज्यादा पहचान मिली है, लेकिन पारुल ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेलने से खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन को समझने और सुधारने का मौका मिलता है। पदक जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य लंबी दूरी की दौड़ के अंतिम चरण को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पारुल के अनुसार अंतिम एक किलोमीटर में खुद को मजबूत बनाए रखना बेहद अहम होता है और इसके लिए कोच विशेष ट्रेनिंग और रणनीति तैयार करते हैं। पारुल ने बताया कि बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को स्पो‌र्ट्स साइंस, रिकवरी मॉनिटरिंग और फिटनेस से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों की क्वालीफाइंग टाइमिंग की बराबरी करने वाली पारुल ने कहा कि अगर उन्हें क्वालिफाई करने का मौका मिलता है तो उनका लक्ष्य वहां भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल उनका पूरा फोकस निरंतर सुधार और बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतने पर है।

87 रन की जीत या 11 ओवर में चेज! जानिए SRH कैसे छीन सकती है नंबर-1 पोजिशन

 हैदराबाद आईपीएल 2026 की लीग स्टेज बस खत्म होने ही वाली है और जल्द ही प्लेऑफ राउंड शुरू हो जाएगा. हालांकि प्लेऑफ की चारों टीम अभी तय नहीं हो सकी हैं क्योंकि चौथे स्थान के लिए कई टीमों के बीच मशक्कत अभी भी जारी है. मगर उससे पहले ही ये फैसला होने जा रहा है कि पहले और दूसरे स्थान पर कौन रहेगा. इसका फैसला होगा सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच आज यानि शुक्रवार 22 मई को होने वाले मुकाबले से. शुक्रवार को हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में इस सीजन का 67वां मैच खेला जाएगा. हैदराबाद और बेंगलुरु पहले ही प्लेऑफ में जगह पक्की कर चुकी हैं और अब उनके सामने टॉप-2 में जगह बनाने की चुनौती है. दोनों में से कोई एक ही टीम ये जगह ले पाएगी क्योंकि एक स्पॉट पर गुजरात टाइटंस ने अपना नाम लिख लिया है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराकर अपनी जगह पर मुहर लगाई. SRH और RCB का मौजूदा हाल अब सवाल ये है कि बेंगलुरु और हैदराबाद में से कौन बचा हुआ स्थान हासिल करेगा? फिलहाल पॉइंट्स टेबल बताती है कि पहले स्थान पर तो मौजूदा चैंपियन RCB ही है, जिसके 18 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट 1.065 है. वहीं मेजबान SRH के फिलहाल 16 पॉइंट्स हैं और रनरेट 0.350 है. ऐसे में अभी तो बेंगलुरु ही आगे है लेकिन इस मैच से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और हैदराबाद पहला स्थान हासिल कर सकती है. मगर ये होगा कैसे? सबसे पहली बात तो यही है कि सनराइजर्स को ये मैच जीतना ही होगा, जिससे उसके 18 पॉइंट हो जाएंगे. मगर बात सिर्फ जीतने से नहीं बनेगी क्योंकि 18 पॉइंट्स पर तीनों टीम बराबरी पर आ जाएंगी और ऐसे में फैसला नेट रनरेट से होगा. इसलिए हैदराबाद को उतनी ही बड़ी जीत चाहिए, जितनी गुजरात ने हासिल की. नेट रनरेट का गणित बताता है कि पहले बैटिंग करने की स्थिति में सनराइजर्स को हर हाल में 87 रन से 89 रन के बीच के अंतर से जीत चाहिए, जिससे वो RCB के नेट रनरेट को पीछे छोड़ सकती है. अगर SRH हार गई या कम अंतर से जीती तो बेंगलुरु पहले स्थान पर ही रहेगी. कैसा है SRH के लिए नेट रनरेट का गणित? माना SRH ने 180 रन बनाए तो उसे कम से कम 87 रन के अंतर से जीतना होगा. अगर टीम 200 रन बनाती है तो भी इतना ही अंतर चाहिए, जिससे वो RCB से आगे निकल जाए. अगर 220 रन बनते हैं तो 88 रन के अंतर से जीतने पर ही बात बनेगी. अगर SRH के बल्लेबाज टीम को 240 रन तक ले जाते हैं तो उसके गेंदबाजों को 89 रन से जीत दिलानी पड़ेगी. अब अगर टीम पहले बॉलिंग करती है तो उसे कोई भी लक्ष्य 11 से 11.1 ओवर के बीच हासिल करना होगा. माना SRH को 121 रन, 141 या 161 रन का लक्ष्य मिलता है तो उसे ये 11.1 ओवर में हासिल करना होगा. वहीं अगर लक्ष्य 181 का है तो 11 ओवर में जीतना होगा. अगर इससे भी ज्यादा लक्ष्य मिला तो 11 ओवर से भी कम में उसे जीतना होगा.  

ईस्ट बंगाल का ऐतिहासिक कमाल, 22 साल बाद ट्रॉफी उठाकर रचा इतिहास

 कोलकाता  ईस्ट बंगाल एफसी बृहस्पतिवार को यहां पहली बार इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल चैंपियन बना। इसके साथ ही देश की इस शीर्ष टियर प्रतियोगिता में उसका 22 साल से चला आ रहा खिताब का सूखा खत्म हो गया। खिताब के लिए शीर्ष पांच टीम के बीच हुए रोमांचक मुकाबले के बीच ईस्ट बंगाल ने बाजी मारी।ईस्ट बंगाल ने किशोर भारती क्रीड़ांगन में इंटर काशी पर कड़े मुकाबले में 2-1 की जीत के साथ खिताब अपने नाम किया।वहीं मोहन बागान ने युवा भारती क्रीड़ांगन में स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-1 से हराया। ईस्ट बंगाल के अलावा मोहन बागान, मुंबई सिटी एफसी, पंजाब सिटी और बेंगलुरु एफसी अंतिम दौर के मुकाबलों से पहले खिताब के दावेदारों में शामिल थे।मुंबई एफसी ने पंजाब एफसी को 2-0 से हराया जबकि ओडिशा एफसी और जमशेदपुर एफसी के बीच मुकाबला गोल रहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ।हालाकि ईस्ट बंगाल को आखिरी मिनट तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। अल्फ्रेड के शानदार गोल ने 15वें मिनट में इंटर काशी को बढ़त दिला दी। मध्यांतर से पहले बराबरी करने के कई मौके गंवाने के बाद ईस्ट बंगाल ने 50वें मिनट में स्ट्राइकर यूसुफ एजेजारी के गोल से बराबरी हासिल की। यूसुफ एजेजारी गोल्डन बूट के विजेता भी हैं। उन्होंने 13 मैच में 11 गोल करके लीग के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह बनाई। मुकाबले की शुरुआत ईस्ट बंगाल के लिए खराब रही. इंटर काशी ने 15वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. अल्फ्रेड ने शानदार फर्स्ट-टाइम फिनिश के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर ईस्ट बंगाल को दबाव में डाल दिया. पहले हाफ में ईस्ट बंगाल ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी।  दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने जोरदार वापसी की. 50वें मिनट में स्टार स्ट्राइकर यूसेफ एजेज्जारी ने बराबरी का गोल दागा. स्पेन में जन्मे और मोरक्को की युवा टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके 33 वर्षीय एजेज्जारी ने मैच में पहले गंवाए मौकों की भरपाई शानदार अंदाज में की।  एजेज्जारी ने इस सीजन 13 मैचों में 11 गोल दागे और गोल्डन बूट भी अपने नाम किया. इसके बाद 73वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने ईस्ट बंगाल के लिए विजयी गोल दागकर मैच पूरी तरह पलट दिया. राशिद के गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद लाल-होलुद फैंस जश्न में डूब गए।  ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2003-04 सीजन में तत्कालीन नेशनल फुटबॉल लीग का खिताब जीता था. उस समय टीम के कोच दिवंगत सुभाष भौमिक थे. अब 22 साल बाद क्लब ने फिर देश की सबसे बड़ी लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली।  इस बार ISL का फॉर्मेट भी बदला हुआ था. प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलावों के कारण टूर्नामेंट को सिंगल-लेग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया. सभी टीमों ने 13-13 मैच खेले और कोई प्लेऑफ नहीं हुआ. ऐसे में लीग टेबल में शीर्ष पर रहने वाली टीम को सीधे चैम्प‍ियन  घोषित किया गया।  ईस्ट बंगाल ने पूरे सीजन में लगातार दमदार प्रदर्शन किया और आखिरकार ट्रॉफी जीतकर अपने करोड़ों समर्थकों का इंतजार खत्म कर दिया।  मोहम्मद राशिद ने 73वें मिनट में ईस्ट बंगाल के लिए दूसरा गोल किया और कोलकाता के इस दिग्गज क्लब ने शानदार अंदाज में मैच का पासा पलटते हुए खिताब जीता। ईस्ट बंगाल ने पिछली बार 2003-04 सत्र में तत्कालीन राष्ट्रीय फुटबॉल लीग के दौरान स्वर्गीय सुभाष भौमिक के मार्गदर्शन में शीर्ष स्तर की घरेलू लीग का खिताब जीता था।

गुजरात की शानदार जीत ने तोड़ा CSK का सपना, प्लेऑफ से लगभग बाहर

 अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस ने गुरुवार, 21 मई की रात चेन्नई सुपर किंग्स पर 89 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह जीटी की आईपीएल की सबसे बड़ी जीत है, वहीं सीएसके की आईपीएल इतिहास में रनों के मामले में सबसे बड़ी हार। इस जीत के बाद गुजरात टाइटंस के 14 मैचों में 18 अंक हो गए हैं और वह आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर है। हालांकि उन पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद उन्हें टॉप-2 से अभी भी बाहर कर सकती है। एसआरएच 13 मैचों में 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। आज उनका लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला टेबल टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ है। आईए जानते हैं सनराइजर्स हैदराबाद टॉप-2 में कैसे जगह बना सकती है। IPL 2026 पॉइंट्स टेबल में आरसीबी नंबर-1 डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 के शानदार नेट रन रेट के साथ आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर है। आरसीबी की सीट टॉप-2 में कन्फर्म है। टॉप-2 में जगह पक्की करने वाली दूसरी टीम कौन सी होगी उसका फैसला आज SRH vs RCB मैच के बाद हो जाएगा। गुजरात टाइटंस ने अपनी पूरी कोशिश कर ली है। 14 मैचों में 9 जीत और 18 अंकों के साथ फिलहाल जीटी दूसरे पायदान पर है। उनका नेट रन रेट +0.695 का है। जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 16 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर बनी हुई है। उन्हें भी प्लेऑफ का टिकट मिल गया है, मगर आज उनकी नजरें आरसीबी को हराकर टॉप-2 में जगह बनाने पर होगी। टॉप-2 में जगह बनाने का फायदा यह है कि फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को दो चांस मिलेंगे। अगर क्वालीफायर-1 में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ता है तो उन्हें फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालीफायर-2 खेलने का मौका मिलेगा। तीसरे और चौथे पायदान पर रहने वाली टीमों का प्लेऑफ में एक मैच हारते ही ट्रॉफी जीतने का सपना टूट जाएगा। गुजरात के बल्लेबाजों ने मचाया धमाल टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद शानदार रही। कप्तान शुभमन गिल और साईं सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए तेज साझेदारी करते हुए चेन्नई के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। शुभमन गिल ने 37 गेंदों में 64 रन की कप्तानी पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर साईं सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 84 रन बनाए। जब गिल आउट हुए तब भी गुजरात की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। जोस बटलर ने आखिर में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में नाबाद 57 रन ठोक दिए। उनकी पारी की बदौलत गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 229 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। बड़े लक्ष्य के दबाव में बिखरी चेन्नई 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पहली ही गेंद पर विकेट गंवा दिया, जिससे दबाव और बढ़ गया। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन उनका साथ दूसरे बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं दे सके। मैथ्यू शॉर्ट ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, मगर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। चेन्नई की बल्लेबाजी लगातार अंतराल पर विकेट गिरने की वजह से संभल नहीं पाई। एक समय टीम ने सिर्फ 63 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद शिवम दुबे ने तेज बल्लेबाजी कर मैच में थोड़ी उम्मीद जगाई। दुबे ने सिर्फ 17 गेंदों में 47 रन की विस्फोटक पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। पूरी टीम 13.4 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों ने भी मैच में शानदार काम किया। मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और राशिद खान ने तीन-तीन विकेट लेकर चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती झटके दिए, जबकि स्पिन विभाग में राशिद खान ने बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ विकेट भी निकाले। चेन्नई के बल्लेबाज किसी भी समय मैच में वापसी करते नजर नहीं आए। प्लेऑफ की तस्वीर हुई साफ इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम अब 18 अंकों के साथ शीर्ष टीमों में बनी हुई है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की बात करें तो टीम इस सीजन उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत के साथ चेन्नई की टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। इससे पहले मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स भी बाहर हो चुकी हैं।   गुजरात टाइटंस या सनराइजर्स हैदराबाद टॉप-2 में कौन बनाएगा जगह? ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार अगर सनराइजर्स हैदराबाद आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में पहले बैटिंग करते हुए 220 रन बोर्ड पर लगाती है तो उन्हें 88 रनों से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर वह 200 रन डिफेंड कर रहे हैं तो उन्हें 87 रनों से जीतना होगा। अगर सनराइजर्स हैदराबाद को आरसीबी 150 रन का टारगेट देती है तो एसआरएच को यह टारगेट लगभग 11.1 से 11.3 ओवर में चेज करना होगा। सीधा-सीधा मतलब यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद को जीटी की तरह आरसीबी पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। तभी वह नेट रन रेट के मामले में गुजरात टाइटंस को पछाड़ पाएगी। जीटी का नेट रन रेट +0.695 का है, जबकि एसआरएच का +0.350 का। अगर आज सनराइजर्स हैदराबाद हार जाती है तो गुजरात टाइटंस की जगह टॉप-2 में पक्की हो जाएगी। वहीं अगर उन्हें जीत मिलती है तो मामला नेट रन रेट पर फंसेगा।

IPL लीग स्टेज के आखिरी मैच में RCB और SRH आमने-सामने

हैदराबाद डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब शुक्रवार को हैदराबाद में अपने आखिरी आईपीएल लीग मैच में आमने-सामने होंगी तो दोनों की कोशिश शीर्ष दो में जगह बनाने की होगी। आरसीबी अभी अंक तालिका में 18 अंक लेकर शीर्ष पर है और 10 टीम में उसका नेट रन रेट 1.065 सबसे अच्छा है। शुक्रवार को जीत उसे पहला स्थान और फाइनल में पहुंचने के दो मौके दिला देगी। आईपीएल 2026 न्यूज़,आईपीएल समाचार वहीं सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैच में 16 अंक से तीसरे स्थान पर है और गुजरात टाइटन्स के बराबर है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में पीछे है। सनराइजर्स हैदराबाद का नेट रन रेट 0.350 है जबकि गुजरात टाइटन्स का 0.400 है। शीर्ष दो में जगह बनाने के लिए उसे आरसीबी को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गुजरात टाइटन्स को हरा दे। कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। विस्फोटक बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के मेल से आरसीबी ने लगातार दूसरे सत्र में खुद को खिताब के दावेदार के तौर पर साबित किया है। करिश्माई खिलाड़ी विराट कोहली ने शीर्ष क्रम में अपनी निरंतरता को नए सिरे से परिभाषित करना जारी रखा है और 13 मैच में 542 रन बनाए हैं। वहीं, देवदत्त पडिक्कल का सत्र भी अच्छा रहा है। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की जोड़ी ने भी आरसीबी की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। भुवनेश्वर इस सत्र में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में से एक रहे हैं और नयी गेंद से लगातार कमाल दिखाते रहे हैं। वहीं, हेज़लवुड ने अहम मौकों पर असरदार स्पैल डाले हैं। क्रुणाल पांड्या ने भी अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया है और विविधता भरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया है। लेग-स्पिनर सुयश शर्मा और ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड ने भी योगदान दिया है। आरसीबी की टीम इस सत्र में उतार-चढ़ाव देखने वाली सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ प्रबल दावेदार के तौर पर मैदान में उतरेगी। जब सनराइजर्स हैदराबाद ने लगातार पांच मैच जीते तो ऐसा लग रहा था कि उसने लय वापस हासिल कर ली है लेकिन पिछले चार में से दो मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद के पास इस टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइन-अप में से एक है। अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी ने अहम मौकों पर उन्हें नुकसान पहुंचाया है। टीम की हाल की हार की वजह बल्लेबाजी में रही कमियां थीं और टीम उम्मीद करेगी कि नॉक-आउट चरण में जाने से पहले वह इन कमियों को दूर कर लें। सकारात्मम पहलू यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद को अपने कप्तान पैट कमिंस के नेतृत्व और कुछ युवा तेज गेंदबाजों के अच्छा करने से काफी मनोबल मिला है। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सत्र के चमकदार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने दबाव में भी लगातार विकेट लिए हैं और किफायती गेंदबाजी की है। चोट से वापसी करने के बाद से कमिंस ने खुद गेंदबाजी इकाई में और भी ज्यादा जोश और नियंत्रण ला दिया है जिससे सनराइजर्स हैदराबाद को गेंदबाजी की रणनीति में भी ज्यादा स्पष्टता और धार मिली है। टीमें इस प्रकार हैं : सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), रविचंद्रन स्मरण, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, आर एस अंबरीश, हर्ष दुबे, क्रेंस फुलेत्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्जी, प्रफुल हिंगे, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ओंकार तरमाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप सॉल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, कृणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा।

BCCI चिंतित: रोहित शर्मा को फिटनेस टेस्ट पास करना होगा

 नई दिल्ली  भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर बड़ी समस्या सामने आ रही है। उनकी फिटनेस की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलना भी सवालों के घेरे में है। रोहित आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे और कुछ मुकाबले में नहीं खेल सके थे। इसके बाद वे इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेल रहे हैं, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोहित को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज में जगह मिली है। उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है लेकिन उनका खेलना पक्का नहीं है क्योंकि उन्हें पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। उनके लगातार चोटिल होने की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी शर्मा की फिटनेस को लेकर चिंतित है। रोहित शर्मा की फिटने से BCCI चिंतित टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, रोहित उन तीन हफ्तों के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलें में नहीं आए। उनका शरीर पहले से पतला हुआ है लेकिन इस बात को लेकर चिंता है कि क्या वे 50 ओवर तक फील्डिंग कर सकते हैं। उन्हें 50 ओवर फील्डिंग करनी होगी क्योंकि आईपीएल की तरह यहां पर इम्पैक्ट प्लेयर का नियम नहीं होता है। जब आप 40 के करीब होते हैं, तो शरीर ठीक होने में समय लगता है। यशस्वी जायसवाल हो सकते हैं बैकअप ओपनर रोहित अगर पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं, तो यशस्वी जायसवाल को मौका मिल सकता है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में ईशान किशन को इस वजह से चुना गया है ताकि वे सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा सकें। हालांकि, अगर रोहित के विश्व कप में खेलने पर संशय हुआ, तो जायसवाल उनकी जगह पारी की शुरुआत कर सकते हैं। उन्हें बैकअप ओपनर के तौर पर चयनकर्ताओं ने तैयार करना शुरू भी कर दिया है। रोहित से खुश नहीं टीम मैनेजमेंट रिपोर्ट में बताया गया है कि रोहित से टीम मैनेजमेंट खुश नहीं है। रोहित ने 2023 विश्व कप में आक्रामक अंदाज में शुरुआत की थी। वे पहली ही गेंद पर अटैक करने को देखते हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने, जब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बैटिंग की, तो उनकी बल्लेबाजी में वो आक्रामक रुख नहीं दिखा। उनके आक्रामक शैली नहीं अपनाने की वजह से मैनेजमेंट नाराज है।  

कपिल देव के साइन वाला 764 पाउंड का बिल नकली, 1983 जीत पर बड़ा दावा फेल

 नई दिल्ली कपिल देव की कप्‍तानी में भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में विश्‍व कप जीता था। इसके बाद टीम के प्‍लेयर्स ने जमकर जश्‍न मनाया था। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बिल की तस्‍वीर वायरल हो रही है। एक महंगे रेस्टोरेंट बिल की तस्वीर देखकर कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह 1983 क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के जश्न का बिल है। तस्वीर में 764.40 पाउंड का बिल दिख रहा है, जिसमें खाने-पीने की चीजें, कॉकटेल, शराब और मिठाइयों का ऑर्डर है। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर इस वायरल तस्वीर (जिसमें कप्तान कपिल देव के साइन हैं) को फर्जी बताया। 764.40 पाउंड का बिल वायरल बिल में दिख रहा है कि 25 जून, 1983 को शानदार डिनर ऑर्डर किया गया था। इसी दिन भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता था। बिल में भारतीय कप्तान कपिल देव के साइन हैं। बिल में दिखाए गए सभी आइटमों का कुल मूल्य 764.40 पाउंड है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुसार, आज के समय में यह लगभग 2,668 पाउंड (लगभग 3.4 लाख रुपये) के बराबर होगा। फर्जी है तस्‍वीर कीर्ति आजाद ने बताया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय टीम उस होटल में गई ही नहीं जिसका यह बिल है। उनका जश्न अलग तरीके से मनाया गया था। आजाद ने एक्‍स पर लिखा, "यह फर्जी है। यह सोशल मीडिया पर हर जगह फैला हुआ है। हम लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के पास वेस्टमोर्लैंड होटल में रुके थे। 25 जून, 1983 को जीत के बाद जश्न पूरी रात से लेकर 26 जून की सुबह तक चला। हम कभी इस होटल में नहीं गए। कपिल देव के साइन भी जाली हैं।" इस पोस्ट के जवाब में पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने पुष्टि की कि कपिल देव के जो साइन इस वायरल बिल पर दिख रहे हैं, वह उनके हैं ही नहीं। उन्‍होंने लिखा, "कपिल देव इस तरह से साइन नहीं करते।"

FIFA World Cup 2026: भारत में अभी तक नहीं मिला आधिकारिक ब्रॉडकास्टर

 नई दिल्ली  फीफी वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉकास्टिंग को लेकर भारत में अब तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और भारतीय दर्शकों को अब तक ये पता नहीं कि वे इसे कहां पर देख पाएंगे। भारत की तरफ से किसी भी ब्रॉकास्टर ने इसके राइट्स को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था प्रसार भारती इसका प्रसारण करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका की मांग का जवाब देते हुए प्रसार भारती ने साफ इनकार कर दिया है। प्रसार भारती का कहना है कि वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी के साथ अब सस्पेंस और भी बढ़ गया है क्या भारतीय फीफा विश्व कप नहीं देख पाएंगे। दूरदर्शन ने किया इनकार प्रसार भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ-साफ कहा है कि फीफा विश्व कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। कोर्ट में चल रही एक याचिका के सुनवाई के दौरान प्रसार भारती ने ये बात रखा। याचिका में मांग की गई थी कि टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच जैसे उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को फ्री-टू-एयर पर दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स के जरिए दिखाया जाए। 19 मई को याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश बैरवा ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे उचित राहत के लिए किसी अन्य अदालत में जा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। भारत में फुटबॉल का बढ़ता क्रेज 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भारत ने फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई थी, भले ही भारतीय टीम क्वालीफाई न कर पाई हो। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, उस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दर्शकों ने लगभग 74.57 करोड़ इंटरैक्शन किए थे। इतने बड़े पैमाने के बावजूद 2026 विश्व कप के लिए अभी तक भारत में कोई आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हुआ है। ब्रॉडकास्टर्स ने नहीं दिखाई दिलचस्पी याचिका में बताया गया कि फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत अधिकारों की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर रखी थी, जिसे बाद में घटाकर करीब 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी। रिपोर्ट्स में जियोस्टार की 2 करोड़ डॉलर की बोली को ठुकराए जाने का भी जिक्र था। विश्व कप को 2007 के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व की खेल घटना माना जाता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना प्रसारण के भारतीय नागरिकों को इस वैश्विक महोत्सव से वंचित रखना उचित नहीं होगा। क्यों नहीं मिल रहे हैं प्रसारक? फीफा वर्ल्ड कप 2027 इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला है। ऐसे में भारत में लगभग मैच देर रात या फिर सुबह जल्दी शुरू होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडकास्टर्स मीडिया अधिकार खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।