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आर वैशाली ने 10वें राउंड के बाद बढ़त बनाई, वर्ल्ड टाइटल की उम्मीद मजबूत

  पाफोस साइप्रस के पाफोस में खेले जा रहे प्रतिष्ठित FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के 10वें राउंड में भारत की आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन(Chess) करते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ खेला गया उनका मुकाबला ड्रॉ रहा, जिससे मिले आधे अंक ने उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। टूर्नामेंट अब अपने निर्णायक मोड़ पर है क्योंकि केवल 4 राउंड बाकी हैं और टॉप-6 खिलाड़ियों के बीच महज 1 अंक का फासला है, जिससे हर अगली चाल विश्व चैंपियन का चैलेंजर(Challenger) तय करने में महत्वपूर्ण होगी। भारतीय सितारों के लिए कठिन रहा 10वां राउंड जहाँ वैशाली ने बढ़त बनाई, वहीं अन्य भारतीय ग्रैंडमास्टर्स के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। ओपन कैटेगरी में आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे लुढ़ककर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसी तरह, विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख को रूस की मजबूत खिलाड़ी अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना ने मात दी। इन हारों ने भारतीय उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है, लेकिन शेष चार राउंड में वापसी की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अन्य पढ़े: युवा वैभव का धमाका कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की अहमियत और इतिहास कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को शतरंज का ‘सेमीफाइनल’ माना जाता है, क्योंकि इसका विजेता सीधे मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। भारत का इस टूर्नामेंट में गौरवशाली इतिहास रहा है; विश्वनाथन आनंद (1995) के बाद पिछले साल डी गुकेश ने इसे जीतकर इतिहास रचा था। इस बार ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन डी गुकेश से होगा, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल की बाजी खेलेगी। वैशाली रमेशबाबू 10वें राउंड के बाद किस स्थान पर हैं और उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कौन हैं? वैशाली 10वें राउंड के बाद शीर्ष (पहले) स्थान पर हैं। झू जिनेर और अन्ना मुजिचुक 5.5 अंकों के साथ उनसे महज आधा अंक पीछे हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का फॉर्मेट क्या है और इसमें कुल कितने राउंड होते हैं? यह टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होता है जहाँ 8 खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार खेलते हैं। इसमें कुल 14 राउंड होते हैं।

CSK, RCB और MI आज मैदान में, पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव संभव

नई दिल्ली आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग में एक बार फिर से डबल हेडर का दौर शुरू होने जा रहा है। अब अगले दो ही दिन में चार मैच हो जाएंगे। खास बात ये है कि इस दौरान आरसीबी, मुंबई इंडियंस और सीएसके जैसी टीमें अपने अपने मैच के लिए मैदान में होगी। इस बीच इन मैचों का शेड्यूल क्या है, ये जान लीजिए और साथ ही इसका भी ध्यान रखिएगा कि मैच कितने बजे से शुरू होगा। शनिवार को ​दिन मे पंजाब और हैदराबाद के बीच मैच, शाम को दिल्ली और चेन्नई का मुकाबला शनिवार यानी 11 अप्रैल को आईपीएल के दो मुकाबले होंगे। पहला मैच दिन का होगा, जिसमें पंजाब किंग्स और सनराइसर्ज हैदराबाद के बीच टक्कर होगी। ये मैच मल्लांपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरे मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने सामने होंगी। ये मैच एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। सीएसके की टीम लंबे ब्रेक के बाद अब वापस मैदान में उतरेगी। इस बीच टीम ने एक भी मैच अभी तक नहीं जीता है और अंक तालिका में आखिर नंबर पर है। उम्मीद है कि ये मैच जीतकर टीम अपना खाता खोलेगी। संडे को दिन में खेला जाएगा लखनऊ बनाम गुजरात मैच, शाम को बेंगलुरु और मुंबई का मुकाबला इसके बाद आएगा रविवार यानी 12 अप्रैल की तारीख। इस दिन भी दो मैच हैं। पहला मुकाबला दिन का है। इसमके एलएजसी और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला जाएगा। ये मैच लखनऊ में होगा। इसके बाद इसी दिन शाम को मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ये रहेगा डबल हेडर में मैचों के शुरू होने का वक्त आपको याद दिला दें कि दिन के मैच दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होंगे और इसका टॉस तीन बजे होगा। शाम का मुकाबला साढ़े सात बजे से होगा और इसका टॉस आधे घंटे पहले यानी सात बजे होगा। इसका मतलब ये हुआ कि दिन में तीन बजे से लेकर रात 11 साढ़े 11 बजे तक आईपीएल का रोमांच जारी रहेगा। इन मैचों के बाद अंक तालिका में भी काफी ​फेरबदल और बदलाव दिखाई दे सकता है।

30 लाख बेस प्राइस पर 28 बार बोली, संजीव गोयनका ने ‘सिक्सर किंग’ चौधरी पर लगाया दांव

कोलकाता कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 9 अप्रैल (गुरुवार) को खेले गए रोमांचक मुकाबले में 21 साल के मुकुल चौधरी ने ऐसी पारी खेली, जिसने ना सिर्फ मैच का रुख बदला बल्कि एक नए फिनिशर का संकेत भी दे दिया. लखनऊ सुपर जायंट्स जब 104/5 पर संघर्ष कर रही थी और 7 ओवर में 78 रन चाहिए थे, तब क्रीज पर मौजूद मुकुल ने हालात को समझते हुए जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।  आयुष बदोनी के आउट होते ही मुकुल को साफ हो गया कि अब मैच को अंत तक ले जाना उनकी ही जिम्मेदारी है. उन्होंने खुद मैच के बाद कहा- जब आयुष भैया आउट हुए, तब मुझे लगा कि जो भी करना है, अब मुझे ही करना है. मैं जीत-हार के बारे में नहीं सोच रहा था, बस मैच को करीब ले जाना चाहता था।  इसके बाद 30 गेंदों में से मुकुल ने 25 गेंदें खुद खेलीं, जिससे दबाव को अपने ऊपर रखा और दूसरे छोर पर बल्लेबाजों को बचाने का काम किया. उन्होंने कई ओवरों में स्ट्राइक मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण पेश किया. दो ओवर लगातार पांचवीं गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने आवेश खान को सिर्फ एक गेंद खेलने दी. हालांकि 19वें ओवर में उन्होंने स्ट्राइक अपने पास रखने का फैसला किया और कैमरन ग्रीन की धीमी शॉर्ट गेंद को मिडविकेट के ऊपर छक्के के लिए भेज दिया।  मुकुल की पारी सिर्फ ताकत का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि मानसिक मजबूती का भी उदाहरण थी. मैच से एक दिन पहले तक वह अपनी बैटिंग को लेकर ज्यादा सोच रहे थे. टीम बस में कप्तान ऋषभ पंत ने उन्हें सलाह दी कि ज्यादा प्रयोग करने के बजाय गेंद को देखकर खेलो. इस सलाह ने उनका खेल पूरी तरह बदल दिया।  शुरुआत में मुकुल को थोड़ी परेशानी हुई. वह सुनील नरेन की गेंदों को पढ़ नहीं पा रहे थे और वैभव अरोड़ा के खिलाफ भी जूझते दिखे. 9 गेंदों में 6 रन के स्कोर पर और 21 गेंदों में 50 रन की जरूरत के समय उन्होंने पहले से यॉर्कर का अंदाजा लगाकर दो कदम हटकर कलाईयों के दम पर लंबा छक्का जड़ दिया. इस शॉट में महेंद्र सिंह धोनी की झलक दिखी, जिसे बाद में उन्होंने उन्हें समर्पित भी किया।  कार्तिक त्यागी की स्लोअर गेंदों पर भी मुकुल ने जबरदस्त बैटस्पीड से जवाब दिया. कवर के ऊपर मारा गया उनका शॉट उनकी ताकत और आत्मविश्वास दोनों को दिखाता है।  19वें ओवर में कैमरन ग्रीन के खिलाफ मुकुल ने अलग ही अंदाज दिखाया. पहली गेंद पर टॉप-एज मिला, दूसरी पर मिस कर गए और गेंद पीठ पर लगी. इसके बाद उन्होंने तुरंत ग्लव्स बदले. दबाव साफ दिख रहा था, लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने लंबा छक्का जड़कर मैच को अपने नियंत्रण में कर लिया. आखिरी गेंद पर सिंगल लेने के बजाय फिर छक्का लगाकर उन्होंने मुकाबला लगभग खत्म कर दिया।  मैच में आवेश खान उनसे बात करने की कोशिश करते रहे, लेकिन मुकुल ने जरूरत के हिसाब से ही बात सुनी. उन्होंने खुद को अलग रखते हुए पूरी तरह अपने गेम पर ध्यान दिया. यह दिखाता है कि इतनी कम उम्र में भी उनके पास मैच की समझ और मानसिक संतुलन है।  आखिरी शॉट में उनकी कलाईयों की ताकत और बैलेंस साफ दिखा. गेंद बाउंड्री के पार जाने के बाद भी उनका संतुलन बना रहा. जीत के बाद उन्होंने आसमान की ओर देखकर जश्न मनाया और भगवान का शुक्रिया अदा किया।  मैच खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मुकुल उतने ही शांत दिखे. उन्होंने इसे अपने लिए मौका बताया और कहा कि वह इसी तरह अपना नाम और पहचान बनाना चाहते हैं।  मुकुल चौधरी का नाम भले ही अभी नया हो, लेकिन जिस तरह से उन्होंने दबाव में खुद को संभाला, उससे साफ है कि भारतीय क्रिकेट को एक और भरोसेमंद फिनिशर मिल सकता है।  तो कितने रुपए में आईपीएल में खरीदे गए मुकुल चौधरी  ईडन गार्डन में अपने खेल की छटा ब‍िखेरेने वाले मुकुल को आईपीएल में खरीदने के लिए कई टीमों ने जोर लगाया था. वो मौजूदा आईपीएल में अब तक 3 मैच खेल चुके हैं. जहां उनके नाम 162.79 के स्ट्राइक रेट से कुल 70 रन हैं. उनका बेस प्राइज 30 लाख रुपए था, जहां उनको संजीव गोयनका की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने उनको  2.60 करोड़ में खरीदा था।  28 बार लगी थी मुकुल चौधरी के लिए बोली  मुकुल चौधरी के लिए IPL 2026 का ऑक्शन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा. उन्होंने अपना नाम 30 लाख रुपये की बेस प्राइस पर डाला था, लेकिन जैसे ही उनका नाम आया, टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर शुरू हो गई. शुरुआत में मुंबई इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) ने बोली लगानी शुरू की. धीरे-धीरे कीमत  ₹30 लाख से बढ़कर 1 करोड़ तक पहुंच गई।  इसके बाद असली मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच देखने को मिला. दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी और लगातार बोली बढ़ाते गए. हर कुछ सेकंड में कीमत ऊपर जाती रही, 1.20 करोड़, 1.50 करोड़, 1.80 करोड़ और फिर 2 करोड़ के पार. आखिर में लखनऊ सुपर जायंट्स ने बाजी मार ली और मुकुल चौधरी को 2.60 करोड़ रुपये में खरीद लिया. कुल मिलाकर उनके लिए 28 बार बोली लगी, जो दिखाता है कि फ्रेंचाइजियों को उनके टैलेंट पर कितना भरोसा था।  राजस्थान के झुंझनू में हुआ मुकुल चौधरी का जन्म मुकुल चौधरी राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. उन्होंने अंडर-23 लेवल पर शानदार प्रदर्शन कर पहचान बनाई. इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 5 पारियों में 173 रन बनाए, जहां उनका स्ट्राइक रेट 198.85 रहा।  मुकुल चौधरी राइट हैंडेट मिडिल ऑर्डर बैटर हैं. मुकुल का जन्म 6 अगस्त 2004 को राजस्थान के झुंझुनू हुआ. मुकुल राजस्थान के लिए ही घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. मुकुल ने अब तक 4 फर्स्ट क्लास, 5 लिस्ट-ए और 10 टी20 मुकाबले खेले हैं. फर्स्ट क्लास मैचों में मुकुल ने 17.16 की औसत से 103 रन बनाए हैं. वही लिस्ट-ए क्रिकेट में मुकुल के नाम पर 14.20 के एवरेज से 71 रन दर्ज हैं. टी20 क्रिकेट में मुकुल ने 46.66 और 164.70 की स्ट्राइक रेट से … Read more

यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी की तूफानी जोड़ी और आरसीबी के पास आज चेन्नई के बड़े रिकॉर्ड की बराबरी का मौका

गुवाहाटी बुमराह चैलेंज' का शानदार तरीके से सामना करने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ 'किंग साइज' टेस्ट देने उतरेंगे। वैभव के सामने विराट कोहली होंगे जो अपने जोश और आक्रामकता से विपक्षी टीम और बैटर पर दबाव बनाने के लिए पहचाने जाते हैं। वैभव इस दबाव को कैसे झेलते हैं इस पर सभी की निगाहें होंगी। बेंगलुरु के सामने राजस्थान की टीम राजस्थान रॉयल्स इस सीजन की सबसे आक्रामक बैटिंग यूनिट बनकर उभरी है। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने टीम को तेज शुरुआत देकर विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। गेंदबाजी में भी टीम ने योजनाओं पर सटीक अमल किया है। दूसरी ओर, बेंगलुरु ने संतुलित टीम संयोजन के साथ प्रभावित किया है। विराट कोहली भले ही टी20 से संन्यास ले चुके हों लेकिन उनका अनुभव टीम के लिए अहम बना हुआ है। मैच में बारिश की 14 प्रतिशत संभावना है। बेस्ट ओपनिंग जोड़ियों का सामना इस मैच में दोनों टीम की ओपनिंग जोड़ियों पर भी विशेष नजर रहेगी। राजस्थान की ओर से ओपनिंग करने वाले यशस्वी और वैभव 12.36 रन रेट से रन बनाते हैं। यह रन रेट पिछले सीजन से 200+ रन बनाने वाली ओपनिंग जोड़ियों के बीच बेस्ट है। हर पारी में यह जोड़ी औसतन 64.7 रन जोड़ती है, जो बेस्ट है। विराट और सॉल्ट का रन रेट 10.24 है, जो तीसरा बेस्ट है। विराट और सॉल्ट की जोड़ी ने 15 पारियों में 611 रन जोड़े हैं, जबकि यशस्वी और वैभव ने 10 पारियों में 647 रन जोड़ दिए हैं। सीएसके की बराबरी करेगी आरसीबी? 36 बार बेंगलुरु ने IPL में 200+ स्कोर बनाए हैं। वह एक बार और 200+ स्कोर बनाते ही सर्वाधिक बार इस आंकड़े तक सर्वाधिक बार पहुंचने के मामले में चेन्नई (37 बार) की बराबरी कर लेगी। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग XI: RR: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, रविंद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर: रवि बिश्नोई RCB: फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी इम्पैक्ट प्लेयर: सुयश शर्मा दीपेश शर्मा

मुकुल-बडोनी के अर्धशतकों से लखनऊ की ‘सुपर’ जीत, अंक तालिका में पांचवें पायदान पर पहुंची एलएसजी

 कोलकाता आईपीएल 2026 का 15वां मुकाबला गुरुवार को कोलकाता के इडेन गार्डेंस में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में एलएसजी ने आखिरी गेंद पर केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। एलएसजी की जीत के हीरो मुकुल चौधरी रहे जिन्होंने आखिरी ओवरों में दमदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिलाई। मैच क हाल केकेआर ने जीत के लिए एलएसजी को जीत के लिए 182 रन का लक्ष्य दिया था। आयुष बदोनी के 34 गेंदों पर दो छक्कों और सात चौकों की मदद से 54 और मुकुल चौधरी के 27 गेंदों पर सात छक्कों और दो चौकों की मदद से बनाए नाबाद 54 रनों की मदद से एलएसजी ने केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। मुकुल चौधरी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। शीर्ष चार में कौन? केकेआर और एलएसजी मैच के बाद अंक तालिका में बड़ा बदलाव हुआ है। एलएसजी जीत के साथ पांचवें नंबर पर चली गई है। अंक तालिका पर नजर डालें तो राजस्थान रॉयल्स तीन मैचों से छह अंक लेकर पहले स्थान पर है। वहीं, पंजाब किंग्स तीन मैचों में पांच अंक लेकर दूसरे, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दो मैचों से चार अंक लेकर तीसरे और दिल्ली कैपिटल्स तीन मैचों से चार अंक लेकर चौथे स्थान पर है। लखनऊ की टीम तीन मैचों में चार अंक लेकर पांचवें, सनराइजर्स हैदराबाद तीन मैचों से दो अंक लेकर छठे, गुजरात टाइटंस तीन मैचों में दो अंक लेकर सातवें, मुंबई इंडियंस तीन मैचों में दो अंक लेकर आठवें, केकेआर चार मैचों में एक अंक लेकर नौवें और सीएके तीन मैचों के बाद बिना किसी अंक के 10वें स्थान पर है। समान अंक के बावजूद कई टीमों की रैंक में अंतर उनके नेट रन रेट की वजह से है। यशस्वी के पास ऑरेंज कैप केकेआर-लखनऊ के मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप वाले खिलाड़ियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के पास ऑरेंज कैप है। उन्होंने तीन मैचों में 170 रन बनाए हैं। राजस्थान रॉयल्स के ही रवि बिश्नोई के पास पर्पल कैप है। बिश्नोई ने तीन मैचों में सात विकेट लिए हैं।  

IPL 2026: आखिरी 12 गेंदों में चाहिए थे 30 रन, मुकुल और बडोनी के अर्धशतकों से जीता लखनऊ।

 कोलकाता मुकुल चौधरी (54*) और आयुष बडोनी (54) की तूफानी अर्धशतकीय पारियों की मदद से लखनऊ सुपर जाएंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को तीन विकेट से हरा दिया। गुरुवार को ईडेन गार्डेन्स में खेले गए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता ने 20 ओवर में चार विकेट पर 181 रन बनाए। जवाब में लखनऊ ने 20 ओवर में सात विकेट पर 182 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। लखनऊ पांचवें स्थान पर पहुंची यह लखनऊ की लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले टीम ने हैदराबाद के खिलाफ पांच विकेट से मुकाबला जीता था। इस जीत के साथ लखनऊ की टीम अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई। उनके खाते में चार अंक हैं और नेट रन रेट -0.359 का है। वहीं, कोलकाता लगातार तीन मैचों में हार और एक मुकाबला बेनतीजा रहने की वजह से -1.315 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में नौवें पायदान पर है। आईपीएल 2026 की अंक आखिरी चार ओवर का रोमांच 182 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही लखनऊ का स्कोर 16वें ओवर की समाप्ति तक सात विकेट पर 128 रन था। क्रीज पर आवेश खान (0) और मुकुल चौधरी (2) मौजूद थे। मुकाबले में जान 17वें ओवर में लौटी। इसके बाद कैसे लखनऊ ने केकेआर के जबड़े से जीत छीनी यहां पढ़िये… 17वां ओवर कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वैभव अरोड़ा को गेंद थमाई। शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं आया, लेकिन तीसरी गेंद पर मुकुल ने चौका जड़ा। इसके बाद हेलीकॉप्टर शॉट लगाते हुए शानदार छक्का ठोका। इस ओवर से कुल 11 रन आए। आवेश खान 0 और मुकुल चौधरी 13 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। 18वां ओवर कार्तिक त्यागी के ओवर में मुकुल चौधरी ने अपना असली रंग दिखाया। ओवर की पहली ही गेंद पर लंबा छक्का जड़ा। बीच में कुछ डॉट गेंदें आईं, लेकिन फिर एक और विशाल छक्का लगाकर केकेआर पर दबाव डाल दिया। इस ओवर से 13 रन आए और मुकाबला फिर से खुल गया। 19वां ओवर कप्तान रहाणे ने कैमरन ग्रीन को गेंद थमाई। लखनऊ को अब 12 गेंदों में 30 रन चाहिए थे।     पहली गेंद: मुकुल ने पुल किया लेकिन गेंद ज्यादा दूर नहीं जा सकी। इस पर कोई रन नहीं आया। अब 11 गेंदों में 30 रन चाहिए थे।     दूसरी गेंद:  फिर मुकुल से गेंद मिस हुई। अब 10 गेंदों 30 रन चाहिए थे।     तीसरी गेंद: मुकुल ने शानदार छक्का जड़ा। अब 9 गेंदों में 24 रन चाहिए थे।     चौथी गेंद: मुकुल बड़ा शॉट खेलने गए लेकिन चूक गए।  अब आठ गेंदों में 24 रन चाहिए थे।     पांचवीं गेंद: मुकुल ने शानदार चौका लगाया। अब सात गेंदों में 20 रन चाहिए थे।     छठी गेंद: आखिरी गेंद पर मुकुल ने छक्का लगाया। अब छह गेंद में 14 रन चाहिए थे। 20वां ओवर अब आखिरी छह गेंदों पर 14 रन चाहिए थे। गेंद फिर वैभव अरोड़ा के हाथ में सौंपी गई।     पहली गेंद: आवेश ने एक रन लिया। अब पांच गेंदों में 13 रन चाहिए थे।     दूसरी गेंद:  मुकुल ने शानदार छक्का लगाया। अब चार गेंदों में सात रन चाहिए थे।     तीसरी गेंद: वैभव की यॉर्कर को समझने में मुकूल चूक गए। अब तीन गेंदों में सात रन चाहिए थे।     चौथी गेंद: मुकुल फिर यॉर्कर को समझने से चूक गए। अब दो गेंदों पर सात रन चाहिए थे।     पांचवीं गेंद: इस गेंद पर मुकुल ने कवर के ऊपर शॉट खेलकर स्कोर बराबर कर दिया और अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। अब एक गेंद पर एक रन चाहिए था।     छठी गेंद: बाय से एक रन आया और लखनऊ ने 182 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। लखनऊ की पारी इससे पहले लखनऊ को मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 4.1 ओवर में 41 रन जोड़े। मार्श 11 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, मार्करम अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके और वह 15 गेंदों में 22 रन बनाने के बाद वैभव अरोड़ा का शिकार बने। वैभव ने तीन गेंदों के अंदर ही एलएसजी के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। कप्तान ऋषभ पंत बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और नौ गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हुए। निकोलस पूरन का निराशाजनक प्रदर्शन इस मुकाबले में भी जारी रहा और वह 15 गेंदों का सामना करने के बावजूद सिर्फ 13 रन ही बना सके। अब्दुल समद को अनुकूल रॉय ने सिर्फ दो रनों के स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया। हालांकि, आयुष बदोनी एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली। बदोनी ने 34 गेंदों में 54 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने सात चौके और दो छक्के लगाए।  अंत के ओवरों में एलएसजी के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को यादगार जीत दिलाई। मुकुल ने अपनी इस पारी में दो चौके और सात छक्के लगाए। आखिरी ओवर में जीत के लिए एलएसजी को 14 रनों की जरूरत थी। वैभव अरोड़ा के इस ओवर में मुकुल ने 2 छक्के लगाते हुए केकेआर की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेंदबाजी में केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, नरेन और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट निकाला।  अंत के ओवरों में एलएसजी के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को यादगार जीत दिलाई। मुकुल ने अपनी इस पारी में दो चौके और सात छक्के लगाए। आखिरी ओवर में जीत के लिए एलएसजी को 14 रनों की जरूरत थी। वैभव अरोड़ा के इस ओवर में मुकुल ने 2 छक्के लगाते हुए केकेआर की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेंदबाजी में केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, नरेन और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट निकाला। कोलकाता की पारी इससे पहले टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 20 ओवर में 181 रन … Read more

गुवाहाटी में ‘विराट’ धमाके की तैयारी! राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ किंग कोहली के दिलचस्प आंकड़े

गुवाहाटी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल 2026 का 16वां मुकाबला खेला जाएगा. गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच पर सभी की नजरें आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर टिकी होंगी और उनके बल्ले से फैंस को बड़ी पारी की उम्मीद होगी. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ विराट कोहली के आंकड़े कैसे हैं? उन्होंने कितने रन बनाए हैं… RR VS RCB के बीच होगी कांटे की टक्कर शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को मिलने वाला है. दोनों टीमें 10 अप्रैल को मैदान पर उतरने वाली हैं. ये मैच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा. आरआर और आरसीबी दोनों ही टीमें विजयरथ पर सवार हैं. अब देखने वाली बात होगी कि कौन जीतकर अपनी जीत की लय को बरकरार रखता है, तो वहीं किसे हार का सामना करना पड़ता है.      RR के खिलाफ विराट कोहली के आंकड़े रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 33 मुकाबले खेले, जिसकी 32 पारियों में उन्होंने 34.46 के औसत और 123.93 की स्ट्राइक रेट से 896 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाए. विराट राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सिर्फ एक बार ही डक पर आउट हुए हैं. उनका हाईएस्ट स्कोर 113* रनों का रहा है. विराट कोहली के IPL रिकॉर्ड आईपीएल में 3 बार ऑरेन्ज कैप जीत चुके विराट कोहली ने अब तक 269 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 133.20 की स्ट्राइक रेट और 39.81 के औसत से 8758 रन बनाए हैं. इस दौरान विराट ने 8 शतक और 65 अर्धशतक लगाए हैं. वहीं विराट के बल्ले से 297 छक्के और 778 चौके निकले हैं. ऐसी हैं दोनों टीमें राजस्थान रॉयल्स टीम: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, ब्रिजेश शर्मा, रवि सिंह, शुभम दुबे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युध्दवीर चरक, केना मफाका, विग्नेश पुथुर,अमन राव पेराला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम: फिलिप साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी, सुयश शर्मा, जैकब बेथेल, रसिख सलाम डार, कनिष्क चौहान, वेंकटेश अय्यर, जोश हेज़लवुड, मंगेश यादव, विहान मल्होत्रा, विक्की ओस्टवाल, जॉर्डन कॉक्स, स्वप्निल सिंह, सात्विक देसवाल

महिला क्रिकेटरों की मैच फीस हुई डबल, घरेलू खिलाड़ियों पर पैसों की बारिश कर तमीम इकबाल ने जीता दिल

 ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में सत्ता परिवर्तन होते ही वहां के खिलाड़ियों की तकदीर ने भी करवट लेनी शुरू कर दी है. तमी इकबाल के कमान संभालते ही वहां के घरेलू क्रिकेटरों पर पैसों की बारिश होती दिखी है. BCB के नए अध्यक्ष बने तमीम इकबाल ने बांग्लादेश की महिला और पुरुष दोनों ही क्रिकेटरों की सैलरी में इजाफा करने का फैसला किया है. खिलाड़ियों की सैलरी तो दोगुने से ज्यादा बढ़ी ही है. उसके अलावा T20 और वनडे के लिए उन्हें मिलने वाले मैच फीस में भी बढ़ोत्तरी की गई है. तमीम इकबाल ने BCB अध्यक्ष बनते ही लिया बड़ा फैसला बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर रहे तमीम इकबाल ने फिलहाल 3 महीने के लिए ही BCB की कमान संभाली है. लेकिन, उसकी परवाह ना करते हुए उन्होंने कार्यकाल संभालने के बाद अपनी दूसरी मीटिंग में ही घरेलू खिलाड़ियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कर उसे बढ़ाने का बड़ा फैसला किया. साल 2023 के बाद ये पहली बार है, जब बांग्लादेश के घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाई गई है. महिला क्रिकेटरों की मैच फीस हुई डबल तमीम इकबाल के फैसले के बाद सैलरी का जो नया स्ट्रक्चर होगा, उसके मुताबिक बांग्लादेश की महिला क्रिकेटरों की मैच फीस बढ़ाकर लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में सीधे डबल कर दी गई है. उन्हें अब हर T20 मैच के 10000 टका और एक वनडे खेलने के 15000 टका मिलेंगे. इससे पहले मैच फीस सिर्फ 5000 टका थी. लंबे फॉर्मेट यानी रेड बॉल क्रिकेट में यही मैच फीस 20000 टका है. कॉन्ट्रेक्टेड घरेलू महिला क्रिकेटरों की संख्या को बढ़ाकर 35 तक करने का फैसला किया गया है, जिनकी हर महीने की सैलरी में भी इजाफा किया गया. उनकी सैलरी अब 30000 से 40000 टका तक होगी. मेंस क्रिकेटरों की सैलरी हुई दोगुने से ज्यादा घरेलू मेंस क्रिकेटरों की सैलरी उनकी कैटेगरी के हिसाब से बढ़ाई गई है. बड़ी बात ये है कि हर कैटेगरी के क्रिकेटरों की सैलरी में दोगुने से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है. A कैटेगरी वाले क्रिकेटरों की सैलरी 28750 टका से बढ़ाकर 65000 टका कर दी गई है. B कैटेगरी वाले खिलाड़ियों की सैलरी 23000 टका से बढ़ाकर 50000 टका की गई है. वहीं C कैटेगरी वालों को भी 40000 टका तक अब सैलरी मिलेगी, जो कि पहले 17250 टका थी. बांग्लादेश के फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों की सैलरी में भी इजाफा किया गया है. उन्हें अब एक मैच खेलने के 70000 टका की जगह 100000 टका मिलेंगे. जनवरी से ही लागू मानी जाएगी सैलरी में बढ़ोत्तरी बांग्लादेशी खिलााड़ियों की सैलरी में बंपर इजाफे का फैसला करते हुए तमीम इकबाल ने कहा कि घरेलू क्रिकेटर जितनी मेहनत करते हैं, उसके मुकाबले उनकी सैलरी कम थी. इसलिए उसे बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि ये सैलरी भले ही अप्रैल में बढ़ाई गई है, लेकिन ये लागू इस साल जनवरी से ही माना जाएगा.      

गोल्फ का सबसे बड़ा महाकुंभ ‘द मास्टर्स’, 90वें संस्करण में दिखेगा परंपराओं और इतिहास का शानदार संगम

ऑगस्टा (अमेरिका) गोल्फ की दुनिया में ‘द मास्टर्स’ का स्थान चारों मेजर टूर्नामेंट में सबसे ऊपर माना जाता है। इस साल प्रतिष्ठित मेजर चैम्पियन​शिप का 90वां संस्करण खेला जा रहा है। ऑगस्टा नेशनल गोल्फ क्लब के हरे-भरे और शानदार मैदानों पर यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि परंपराओं और इतिहास का महाकुंभ है। मास्टर्स टूर्नामेंट की स्थापना वर्ष 1934 में गोल्फ के दिग्गज एमेच्योर चैम्पियन बॉबी जोन्स और निवेश बैंकर क्लिफर्ड रॉबर्ट्स ने की थी। मैदान के इतिहास (एक पूर्व नर्सरी) का सम्मान करते हुए, कोर्स के हर होल का नाम किसी न किसी पेड़ या झाड़ी के नाम पर रखा गया है। मास्टर्स की सबसे बड़ी पहचान ‘ग्रीन जैकेट’ की शुरुआत 1937 में हुई थी। शुरुआत में इसे क्लब के सदस्यों के लिए पेश किया गया था ताकि वे अलग दिख सकें, लेकिन बाद में इसे विजेताओं को दिया जाने लगा। क्लिफर्ड रॉबर्ट्स द्वारा 1940 के दशक में शुरू की गई एक परंपरा के तहत, मास्टर्स में कैडी (खिलाड़ी का बैग उठाने वाले) हमेशा सफेद जंपसूट (ओवरऑल) और हरी टोपी पहनते हैं। ड्वाइट आइजनहावर ऑगस्टा नेशनल के सदस्य बनने वाले एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। उनके लिए केबिन बनाया गया था, जिसकी डिजाइन में सीक्रेट सर्विस की भी भूमिका थी। टूर्नामेंट का सबसे कड़ा नियम यह है कि मैदान पर सेल फोन या मोबाइल उपकरणों पर प्रतिबंध है। यदि कोई फोन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाता है और उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाता है। मोबाइल न होने की भरपाई के लिए, पूरे कोर्स में पुराने जमाने के काले लैंडलाइन फोन लगाए गए हैं, जहां से मुफ्त कॉल कर सकते हैं। प्रवेश के लिए आवश्यक आधिकारिक टिकट को ‘बैज’ कहा जाता है। ये बैज इतने मूल्यवान होते हैं कि लोग इन्हें पीढ़ियों तक सहेज कर रखते हैं। बैज पाने का तरीका ‘मास्टर्स लॉटरी’ है। हर साल अनुमानित रूप से 20 लाख से अधिक लोग इसके लिए आवेदन करते हैं और जीतने की संभावना 1% से भी कम होती है। ट्रॉफी रूम में मास्टर्स चैम्पियन जीत की रात क्लब के सदस्यों के साथ डिनर करता है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मंगलवार को एक विशेष डिनर आयोजित किया जाता है। इसमें केवल मास्टर्स विजेताओं (वर्तमान में 35 जीवित हैं) को आमंत्रित किया जाता है। डिनर का मेन्यू पिछले साल का विजेता तय करता है। मास्टर्स जीतने वाले खिलाड़ी को इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए आजीवन निमंत्रण मिलता है। मास्टर्स में खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को उनके व्यक्तिगत उपयोग के लिए मर्सिडीज-बेंज कार दी जाती है। ऑटोग्राफ का भी खास नियम; कोर्स की सूखी जगह पर हरे रंग से पेंट यदि किसी फैन ने मास्टर्स के लोगो वाले झंडे पर ऑटोग्राफ मांगा है, तो एक दिलचस्प नियम लागू होता है। जिन खिलाड़ियों ने मास्टर्स जीता है, वे झंडे पर बने अमेरिका के नक्शे के अंदर हस्ताक्षर करते हैं, जबकि अन्य खिलाड़ियों को नक्शे के बाहर हस्ताक्षर करने होते हैं। मैदान को टीवी पर बिल्कुल परफेक्ट और हरा-भरा दिखाने के लिए कोर्स पर किसी भी सूखे या खाली स्थान को हरे रंग से पेंट कर दिया जाता है। विजेता ट्रॉफी चांदी के 900 टुकड़े जोड़कर बनाई है।

टेनिस स्टार Daniil Medvedev ने 40 सेकंड में तोड़ा 7 रैकेट, झेली करियर की सबसे शर्मनाक हार

 नई दिल्ली टेनिस कोर्ट पर अपने तेवरों के लिए मशहूर डेनिल मेदवेदेव का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा. मोंटे कार्लो मास्टर्स (Monte Carlo Masters) में उन्हें अपने करियर की सबसे करारी हार झेलनी पड़ी और इसी के साथ दिखा 40 सेकंड का ‘मेल्टडाउन’, जिसमें उन्होंने अपना रैकेट 7 बार पटक दिया।  पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 रूस के मेदवेदेव को क्ले कोर्ट सीजन की शुरुआत में ही मुश्किल चुनौती मिली, जब उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी (Matteo Berrettini) से हुआ. मैच की शुरुआत भले ही उन्होंने आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती गेम में ब्रेक पॉइंट भी बनाए, लेकिन बेरेटिनी ने सर्विस बचा ली और यहीं से मैच का रुख बदल गया।  इसके बाद मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया.  बेरेटिनी  ने महज 25 मिनट में पहला सेट 6-0 से अपने नाम कर लिया. दूसरे सेट की शुरुआत में ही जब मेदवेदेव की सर्विस फिर टूटी और स्कोर 0-2 हुआ, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।  मेदवेदेव ने पहले रैकेट को कोर्ट पर पटका, फिर उसे गुस्से में फेंका. इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार रैकेट उछाला और अंत में अपने खिलाड़ी बेंच के पास सातवीं बार जोरदार तरीके से पटककर उसे तोड़ दिया. पूरा ड्रामा सिर्फ 40 सेकंड तक चला, लेकिन दर्शकों की तालियों और हूटिंग ने इसे और भी नाटकीय बना दिया।  कॉमेंट्री कर रहे Sky Sports के कमेंटेटर ने कहा, 'ये तो होना ही था' और फिर मजाक में जोड़ा- 'अब ये रैकेट इस्तेमाल लायक नहीं बचा। अंपायर ने मेदवेदेव को 'अनस्पोर्ट्समैनलाइक कंडक्ट' के लिए चेतावनी भी दी, लेकिन इससे खेल पर कोई फर्क नहीं पड़ा. Matteo Berrettini ने मैच को 6-0, 6-0 से खत्म कर ‘व्हाइटवॉश’ जीत दर्ज की- जो मेदवेदेव के करियर की पहली ऐसी हार रही।  पूर्व ब्रिटिश स्टार Jamie Murray ने भी इस घटना पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, 'ये चौंकाने वाला है, ऐसा नहीं होना चाहिए… लेकिन हुआ. मुझे लगता है कि लॉकर रूम में जाते वक्त उन्हें शर्मिंदगी जरूर महसूस होगी।  मेदवेदेव का कोर्ट पर गुस्सा कोई नई बात नहीं है. US Open 2025 में भी वह अंपायर से तीखी बहस के चलते सुर्खियों में आए थे, जिससे मैच छह मिनट तक रुका रहा था।