samacharsecretary.com

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर सवाल, कप्तानी पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने इसी साल टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया लेकिन बल्ले के साथ उनकी हालिया फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। टूर्नामेंट में 242 रन बनाने वाले सूर्या ने अमेरिका के खिलाफ 84 रनों की नाबाद पारी से शुरुआत तो धमाकेदार की थी लेकिन इसके बाद नॉकआउट और बड़े मुकाबलों में उनके बल्ले से रन निकलना बंद हो गए। नहीं चल रहा सूर्या का बल्ला दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ उनका फ्लॉप शो अब चर्चा का विषय बन गया है। सूर्या की यह खराब फॉर्म आईपीएल 2026 में भी जारी है जहां मुंबई इंडियंस के लिए चार मैचों में वह केवल 106 रन ही बना सके हैं। इस गिरावट को देखते हुए अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या 35 वर्षीय सूर्यकुमार 2028 के टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिल्स ओलंपिक में टीम का नेतृत्व करने के लिए सही विकल्प हैं। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज सूर्या के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होगी। गौतम गंभीर ने भी की मांग इसी बीच कोच गौतम गंभीर अब अपने कार्यकाल को विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। जुलाई 2024 में वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक के लिए नियुक्त हुए गंभीर अब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2028 तक टीम के साथ बने रहना चाहते हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दो आईसीसी खिताब जीतने वाले पहले कोच बनने का गौरव हासिल करने के बाद गंभीर अब 2028 के मेगा इवेंट तक अनुबंध बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। सूर्या को ही चाहते हैं कप्तान कप्तानी के मोर्चे पर गंभीर ने एक बार फिर सूर्यकुमार यादव पर अपना भरोसा जताया है और वह अब भी टी20 फॉर्मेट में उन्हें ही पहली पसंद मानते हैं। हालांकि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि 2028 के ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप तक सूर्या की उम्र 38 वर्ष के करीब होगी। बीसीसीआई के सूत्र ने क्या कहा? बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से बातचीत में स्पष्ट कहा, 'जाहिर तौर पर सूर्या अभी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखनी होगी। वह यूके दौरे पर कप्तानी करेंगे लेकिन उसके बाद 2028 तक के रोडमैप पर चर्चा पूरी तरह से उनके निजी प्रदर्शन पर आधारित हो सकती है।'

PCB चीफ Mohsin Naqvi के बयान से बवाल: भारत में पेट्रोल संकट का दावा, सोशल मीडिया पर घिरे

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का एक बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है. पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2026) में खाली स्टेडियम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने भारत में पेट्रोल संकट होने का दावा कर दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, पीएसएल 2026 के मुकाबले बिना दर्शकों के कराए जा रहे हैं. जब इस पर सवाल उठे, तो नकवी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई ईंधन संकट नहीं है, बल्कि भारत में पेट्रोल की कमी है और वहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं. हालांकि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई यूजर्स ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है. अप्रैल 2026 तक भारत में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रही है और कहीं भी लंबी कतारों की खबर नहीं आई है. अपने ही बयान से पलटे नकवी नकवी का ये झूठ ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले खुद उन्होंने पीएसएल में दर्शकों की एंट्री पर रोक के पीछे पाकिस्तान में ईंधन संकट को वजह बताया था. उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण देश में फ्यूल की कमी हो गई है, इसलिए लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए यह फैसला लिया गया. 22 मार्च को उन्होंने इस फैसले के लिए फैंस से माफी भी मांगी थी और कहा था कि सरकार ने लोगों से कम यात्रा करने की अपील की है. ऐसे में स्टेडियम में हजारों लोगों को इकट्ठा होने देना सही नहीं होगा. लेकिन अब उनके ताजा बयान ने पूरी कहानी बदल दी है. एक तरफ पीएसएल के मैच अब भी खाली स्टेडियम में हो रहे हैं, दूसरी तरफ पीसीबी चीफ भारत में संकट होने की बात कर रहे हैं. इस विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान में कोई संकट नहीं है, तो फिर मैच खाली स्टेडियम में क्यों खेले जा रहे हैं. पीएसएल 2026 फिलहाल अपने अंतिम चरण में है. 14 अप्रैल को एक दिन के ब्रेक के बाद टूर्नामेंट फिर शुरू होगा और 3 मई तक चलेगा.    

बेंगलुरु vs लखनऊ, आज होगा ज़बरदस्त मुकाबला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में बुधवार यानी आज बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) से होगा। इस मैच में दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी इस सीजन 4 में से 3 मुकाबले अपने नाम कर चुकी है। इस टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहला मैच 6 विकेट से अपने नाम किया और फिर चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हराया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने आरसीबी की जीत का क्रम तोड़ा। उस मैच में आरसीबी को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। अपने चौथे मैच में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 18 रन से जीत हासिल की। 4 में से 2 मुकाबले हार चुकी है लखनऊ दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 4 में से 2 मैच गंवा चुकी है। इस टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना पहला मैच 6 विकेट से हारा, जिसके बाद शानदार वापसी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद (5 विकेट) और कोलकाता नाइट राइडर्स (3 विकेट) के खिलाफ जीत हासिल की। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ 7 विकेट से मैच गंवा दिया। आरसीबी और लखनऊ का हेड टू हेड रिकॉर्ड लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरसीबी ने 4 मुकाबले जीते और एलएसजी को सिर्फ 2 जीत नसीब हुई। साल 2022 में आरसीबी ने दोनों मुकाबलों में एलएसजी को शिकस्त दी थी। इसके बाद साल 2023 में दोनों टीमों ने एक-एक मैच अपने नाम किए। साल 2024 में एलएसजी ने 28 रन से मुकाबला जीता था। पिछली बार जब आईपीएल 2025 में ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तो आरसीबी ने छह विकेट से आसान जीत हासिल की। मैच के लिए दोनों टीमें इस प्रकार हैं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेजलवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पांड्या, रसिक डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल सॉल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नॉर्खिया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान। मैच का समय: शाम को 7 बजकर 30 मिनट पर मैच शुरू होगा। टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर मैच लाइव आएगा जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

IPL 2026: KKR को चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रन से हराया

चेन्नई कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर को आईपीएल 2026 में अभी भी पहली जीत का इंतजार है। केकेआर ने इस सीजन पांच मैच खेल लिए हैं, जिनमें से चार मैचों में हार उनको मिली है और एक मैच बारिश में धुल गया था। एक पॉइंट ही केकेआर के खाते में हैं। मंगलवार 14 अप्रैल को सीएसके के खिलाफ उनको करारी हार मिली। इस हार के पीछे की वजह केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताई है। उनका कहना है कि एक बल्लेबाज की जरूरत थी, जो मैच को आखिर तक ले जाए। इसके अलावा उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन को भी हार का जिम्मेदार ठहराया है। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, "बिल्कुल। मुझे लगा कि बॉल से हमने सच में अच्छा किया। इस विकेट पर 190 का स्कोर सच में अच्छा था, खासकर पावरप्ले में जो उन्होंने बनाया, 70 के आस-पास रन। उसके बाद, 190 तक रोकना हमारी बॉलिंग यूनिट का कमाल का काम था। मुझे लगा कि शुरू में हमारी बैटिंग में, हमने पावरप्ले में सिर्फ 36 या 37 रन बनाए। मुझे लगा कि यह सच में जरूरी था। बीच का फेज, स्पिनरों को हिट करना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन इसके अलावा, विकेट सच में अच्छा था। हमें एक बैटर की जरूरत थी जो डीप तक बैटिंग करे और फिर आखिर में मैच ले जाए।".  आखिर किंग खान की इस टीम की चमक अचानक कैसे फीकी पड़ गई? यहां वो 5 बड़ी वजहें दी गई हैं जिन्होंने KKR के विजय रथ को पटरी से उतार दिया है.  1. प्रेरणादायक कप्तान का अभाव और रहाणे का गिरता फॉर्म अजिंक्य रहाणे की कप्तानी इस बार सवालों के घेरे में है. टीम में वो जोश और ऊर्जा नहीं दिख रही है जिसके लिए KKR जानी जाती थी. बल्ले से भी रहाणे सामान्य रहे हैं. उन्होंने 5 पारियों में केवल 152 रन बनाए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक अर्धशतक के अलावा कोई बड़ी पारी नहीं दिखी. रहाणे रणनीतिक फैसलों और टीम को एकजुट करने में अब तक विफल रहे हैं।  2. वरुण चक्रवर्ती: विश्व कप के 'मैच विनर' से आईपीएल के 'फ्लॉप शो' तक  वरुण चक्रवर्ती की नाकामी टीम के लिए सबसे बड़ा झटका है. टी20 विश्व कप 2026 में 14 विकेट चटकाने वाला यह 'मिस्ट्री स्पिनर' आईपीएल में बिल्कुल बेअसर दिख रहा है. इस IPL सीजन वरुण ने 3 मैचों में 9 ओवर की गेंदबाजी जिसमे 105 रन लुटाए और विकेटों का खाता अब तक नहीं खुला है. पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी कराने के फैसले की भी काफी आलोचना हो रही है।  3. कैमरून ग्रीन: नाम बड़े और दर्शन छोटे  कैमरन ग्रीन को 2026 के IPL ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ₹25.20 करोड़ में खरीदा था जिससे वो IPL के इतिहास में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने. KKR ने ग्रीन पर बड़ा दांव जरूर खेला था, लेकिन वह अब तक पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. ग्रीन ने 5 पारियों (18, 2, 4, 32, 0) में कुल मिलाकर महज 56 रन बनाए हैं. गेंदबाजी में भी 2 मौके पर वह अब तक सिर्फ एक सफलता (LSG के खिलाफ) ही हासिल कर पाए हैं।  4. टॉप ऑर्डर की लगातार नाकामी  टीम की ओपनिंग जोड़ी (फिन एलन और रहाणे) और नंबर 3 पर ग्रीन की विफलता के कारण टीम को ठोस शुरुआत नहीं मिल पा रही है. शुरुआती झटकों के चलते मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह रही है।  5. रणनीतिक चूक और रोल क्लैरिटी की कमी  मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं दिख रही है. रहाणे के रणनीतिक फैसलों, जैसे कि फॉर्म से बाहर चल रहे वरुण को पावरप्ले में गेंदबाजी देना, टीम के लिए उल्टा साबित हो रहा है. टीम का आत्मविश्वास इतना गिर चुका है कि वो जीते हुए मैच भी करीबी अंतर से हार रहे हैं। 

शेन वॉर्न की मौत की वजह कोरोना वैक्सीन? 4 साल बाद बेटे ने किया चौंकाने वाला दावा

सिडनी  महान स्पिनर शेन वॉर्न के निधन के चार साल बाद उनके बेटे जैक्सन ने दावा किया है कि इस दिग्गज स्पिनर की मौत संभवतः कोविड के उन 'तीन या चार' टीकों के कारण हुई थी जो उन्हें 'काम करने के लिए मजबूरन लेने पड़े थे।' जैक्सन ने '2 वर्ल्ड्स कोलाइड पॉडकास्ट' पर बात करते हुए अपने पिता की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी स्वीकार किया। वॉर्न का 2022 में थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 52 वर्ष थी। मुझे पक्का लगता है टीके की वजह से हुई मौत: जैक्सन वॉर्न जैक्सन ने कहा, ‘मुझे पक्का लगता है कि इसमें (कोविड टीके का) हाथ था। मुझे नहीं लगता कि अब यह कहने से किसी तरह का विवाद पैदा होगा। भले ही डैड (पिताजी) को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन मुझे लगता है कि टीका लगाने के कारण उनकी बीमारी खुलकर सामने आ गई। यह एक ऐसी बात है जिससे मैं हमेशा सोचता रहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे ही मैंने (वॉर्न की मौत की खबर मिलने के बाद) फोन रखा तो मेरी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि मैंने तुरंत सरकार को दोषी ठहराया। मैंने तुरंत कोविड और टीके को दोषी ठहराया।’ जैक्सन ने कहा कि उन्होंने शोक सभा में अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने से खुद को बड़ी मुश्किल से रोका था। उन्होंने कहा, ‘शायद यह समझदारी भरा कदम था कि मैंने ऐसा नहीं किया, अगर मैंने ऐसा किया होता तो मेरी स्थिति बिल्कुल अलग होती। लेकिन मुझे यही महसूस हुआ।’ 'डैड ठीक थे, उन्होंने 3 या 4 डोज लगवाए थे' जैक्सन ने कहा, ‘पहले भी दिल का दौरा पड़ने से बहुत से लोग मर रहे थे। लेकिन डैड ठीक थे। मुझे लगता है उन्होंने तीन या चार (टीके) लगवाए होंगे। वह टीका नहीं लगवाना चाहते थे लेकिन अन्य लोगों की तरह काम करने के लिए उन्हें मजबूरन इन्हें देना पड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहता हूं क्योंकि इससे केवल गुस्सा ही बढ़ता है। गुस्सा किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता है।’ वॉर्न की जीवनशैली के बारे में जैक्सन ने कहा कि धूम्रपान और शराब पीने के बावजूद वह अपेक्षाकृत स्वस्थ थे। उन्होंने कहा, ‘उस समय डैड स्वस्थ थे, खुश थे। वे काफी समय बाद इतने अच्छे दिख रहे थे। वह जरूर धूम्रपान करते थे और शराब पीते थे, लेकिन 80 और 90 वर्ष की उम्र के कई लोग डैड की तुलना में कहीं अधिक धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं।’ वॉर्न निधन से कुछ महीने पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। जब उनकी अचानक मौत हुई तो तब वह किसी तरह की गंभीर बीमारी से नहीं जूझ रहे थे।

संजू सैमसन ने बुमराह को पीछे छोड़ा, जीता ICC का प्रमुख अवॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मार्च महीने का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. उन्होंने इस अवॉर्ड की रेस में जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन को पीछे छोड़ा. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई. खास बात यह रही कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे. टीम ने पहले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मौका दिया, लेकिन जब सैमसन को मौका मिला, तो उन्होंने इसे पूरी तरह भुना लिया।  सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन की तेज पारी से उन्होंने शुरुआत की, लेकिन असली कमाल वेस्टइंडीज के खिलाफ देखने को मिला. नॉकआउट की रेस में सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. यह पारी संभलकर खेली गई थी, जिसमें उन्होंने सही समय पर सही शॉट्स लगाए।  सेमीफाइनल और फाइनल में भी जलवा इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेली. यह मैच हाई स्कोरिंग था, लेकिन सैमसन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने 89 रन बनाए और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. लगातार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन ही उन्हें सबसे खास बनाता है।  मार्च के इन अहम मैचों में सैमसन ने 3 पारियों में 275 रन बनाए. उनका औसत 137.50 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैचों में 321 रन बनाए, औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा।  हालांकि जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार गेंदबाजी की और कई मैचों में टीम को संभाला, लेकिन सैमसन ने बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख बदल दिया. वहीं महिला क्रिकेट में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर को मार्च का प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। 

BCCI का बड़ा फैसला: IPL 2026 शेड्यूल में चुनाव की वजह से हुआ बदलाव

मुंबई   IPL 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने लीग के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है. बोर्ड ने घोषणा की है कि गुजरात टाइटन्स (GT) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच 26 अप्रैल और 21 मई को होने वाले दो मैचों के स्थान को बदल दिया गया है।  IPL 2026 के शेड्यूल में बड़ा बदलाव नए शेड्यूल के अनुसार गुजरात टाइटंस और सुपर किंग्स के बीच पहले 26 अप्रैल को अहमदाबाद में खेला जाने वाला दोपहर का मैच अब चेन्नई के एमए ​​चिदंबरम स्टेडियम में होगा. यह दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा. जबकि 21 मई को इन्हीं दोनों टीमों के बीच चेन्नई में शाम को होने वाला मैच अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया है और यह मैच शाम में शुरू होगा।  शेड्यूल में बदलाव की वजह बीसीसीआई ने इसकी वजह अहमदाबाद और गुजरात के अन्य इलाकों में 26 अप्रैल को होने वाले नगर निगम चुनाव को बताया है. बीसीसीआई ने विज्ञप्ति में कहा, 'अहमदाबाद और गुजरात के दूसरे हिस्सों में 26 अप्रैल 2026 को होने वाले नगर पालिका चुनावों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया है।  अहमदाबाद के अलावा, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, करमसद-आनंद, गांधीधाम, नाडियाड, नवसारी, पोरबंदर, मेहसाणा, मोरबी, वापी और सुरेंद्रनगर में भी नगर निगम चुनाव होंगे. वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।  IPL 2026 में CSK और GT के प्रेदर्शन पर एक नजर इस सीजन भी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत पिछले सीजन जैसी ही रही. वो अब तक 4 मैच में से केवल एक मैच में ही जीत हासिल कर सके हैं, जबकि तीम मैच में उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ा. जिसकी वजह से वो अंक तालिका में 9वें नंबर पर हैं. पिछले सीजन भी वो 10वें नंबर पर रहे थे. उनका अगला मैच केकेआर से है, जो 14 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा।  वहीं गुजरात टाइटंस की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन वो 4 मैच में दो जीत और दो हार के साथ अंक तालिका में छठें नंबर पर हैं. उकना अगला मैच 17 अप्रैल को केकेआर से है। 

PSL प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर आजम का जवाब, आलोचना पर दी सफाई

नई दिल्ली  पाकिस्तान सुपर लीग के मुकाबलों से ज्यादा मजेदार तो मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। कुछ ही दिन पहले ही एक रिपोर्टर के द्वारा विराट कोहली जैसा मैच फिनिश नहीं करने के सवाल पर भड़कने वाले बाबर आजम अब एक और पत्रकार पर आग बबूला हुए है पेशावर जाल्मी के कप्तान बाबर आजम के टी20 करियर के साथ सबसे बड़ी समस्या उनकी स्ट्राइक रेट रही है। इसको लेकर जब उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया गया कि क्या उन्होंने अपने खेल पर दोबारा काम किया है, जैसा कि टीम के कोच मिस्बाह-उल-हक ने हिंट दिया था। इस पर बाबर ने जो जवाब दिया, वो हैरान कर देने वाला रहा। बाबर आजम ने रिपोर्टर का मुंह किया बंद अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो बाबर आजम का स्ट्राइक रेट उनकी टीम के बाकी खिलाड़ियों की तुलना में काफी कम है। पेशावर जाल्मी के लिए इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कुसल मेंडिस ने 5 पारियों में 309 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 171.67 का है। वहीं, पाकिस्तान के ही साहिबजादा फरहान ने 249 रन 180.43 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जबकि बाबर आजम का स्ट्राइक रेट इस सीजन में अब तक महज 130.68 का रहा है। मुल्तान सुल्तांस को 24 रनों से हराने के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्ट्राइक रेट पर सवाल उठा, तो बाबर ने कहा, "आपको अलग-अलग पोजीशन पर अलग तरह से खेलना होता है। स्कोरबोर्ड को ध्यान में रखते हुए यह देखना पड़ता है कि टीम की जरूरत क्या है। मुझे लगता है कि आपको पहले परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। जैसे कराची की जिस विकेट पर 240 रन बने थे, अगले दिन वैसी स्थिति नहीं थी और हम मुश्किल से 180 रन ही बना सके। इसलिए, हालात बहुत मायने रखते हैं।" 31 साल के बाबर ने आगे कहा,     हर दिन आपको एक जैसी पिच नहीं मिलेगी, आप हर दिन एक जैसा नहीं खेल सकते, विपक्षी टीम आपके लिए प्लान बनाती है। मुंह उठाकर शॉट्स नहीं खेल सकते। हर दिन आपको एक अलग गेम प्लान के साथ आना पड़ता है। अगर आप पहले छह ओवर में बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो मुझे पता है कि पावरप्ले का फायदा उठाना है. फिर साझेदारी बनानी है, मौके लेने हैं, गेंदबाजों को टारगेट करना है।    साझेदारी की अहमियत पर भी जोर देते हुए उन्होंने कहा, “कई बार आप स्ट्राइक रेट संभाल लेते हैं और कई बार नहीं। यही साझेदारी की अहमियत है। एक बल्लेबाज दूसरे का दबाव कम कर सकता है।" अगर बात करें मैच की तो पेशावर जाल्मी बनाम मुल्तान सुल्तांस के बीच खेले गए पीएसएल के 22वें मैच में पेशावर जाल्मी की टीम को जीत मिली। ये उनकी मौजूदा टूर्नामेंट की पांचवीं जीत रही और वो पीएसएल की अंक तालिका में 11 अंक के साथ टॉप पर बनी हुई है, जबकि मुल्तान सुल्तान की टीम प्वाइंट्स टेबल में 8 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है।  

वर्ल्ड कप के स्टार बुमराह आईपीएल में क्यों हो रहे हैं फीके?

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप-2026 में 14 विकेट लेकर पूरे टूर्नामेंट के सबसे घातक तेज गेंदबाज साबित हुए जसप्रीत बुमराह के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत बिल्कुल उलटी कहानी लेकर आई है. वही बुमराह, जिनकी यॉर्कर को दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज भी मुश्किल से पढ़ पाते थे, इस सीजन में विकेट लेने के लिए जूझते नजर आ रहे हैं. उनकी गेंदों से पहले जैसी धार और निर्णायक असर गायब दिख रहा है, जिससे क्रिकेट फैन्स भी हैरान हैं. चार मैच… 15 ओवर… और नतीजा बेहद चौंकाने वाला- एक भी विकेट नहीं. 123 रन खर्च, 8.20 का इकोनॉमी रेट और सबसे बड़ी चिंता, वो ‘विकेट टच’ जो बुमराह की पहचान था, पूरी तरह गायब. क्रिकेट के गलियारों में अब एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या बुमराह को किसी की नजर लग गई है या फिर बल्लेबाजों ने उनका कोड तोड़ दिया है? सिर्फ कुछ महीने पहले तक तस्वीर बिल्कुल अलग थी. टी20 वर्ल्ड कप में बुमराह ने अपनी गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को बांधकर रख दिया था. 8 मैच, 14 विकेट, 6.21 की इकोनॉमी और 12.42 का एवरेज…ये आंकड़े बताते हैं कि वह अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ व्हाइट बॉल फॉर्म में थे. डेथ ओवर्स में उनका नियंत्रण, यॉर्कर की सटीकता और धीमी गेंदों का मिश्रण उन्हें लगभग अजेय बना रहा था. लेकिन आईपीएल में आते ही वही गेंदबाज अचानक सामान्य दिखने लगे. चार मैचों में विकेट का कॉलम खाली होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है कि कुछ गड़बड़ जरूर है. यॉर्कर क्यों हो गई कमजोर? बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी यॉर्कर रही है. वह गेंद जो बल्लेबाज के पैरों के पास आकर स्टंप्स को निशाना बनाती है. लेकिन इस सीजन में वही गेंद बार-बार फुल टॉस या आधी पिच पर गिरती दिखी है. बुमराह के इस बुरे हाल के तीन कारण हो सकते हैं – 1. थकान का असर लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और लीग क्रिकेट के बीच शरीर को पर्याप्त रिकवरी नहीं मिली हो सकती है. जसप्रीत बुमराह जैसे अनोखे एक्शन वाले गेंदबाज पर यह असर और भी ज्यादा होता है. उनके एक्शन में डिलीवरी के समय शरीर पर असामान्य दबाव पड़ता है, ऐसे में थोड़ी भी थकान सटीकता पर सीधा असर डालती है. 2. वर्कलोड मैनेजमेंट की गड़बड़ी वर्कलोड मैनेजमेंट सिर्फ मैचों की संख्या तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें ओवरों की तीव्रता, डेथ ओवर का दबाव और लगातार हाई-इंटेंसिटी स्पेल भी शामिल होते हैं. बुमराह को अक्सर टीम के सबसे मुश्किल ओवर (पावरप्ले और डेथ) दिए जाते हैं. इसका मतलब है कि हर मैच में उनका शरीर और दिमाग दोनों चरम दबाव में रहते हैं. अगर इस वर्कलोड को सही तरीके से बैलेंस नहीं किया गया, तो परफॉर्मेंस में गिरावट आना तय है. 3. बल्लेबाजों की तैयारी और माइक्रो-एडजस्टमेंट की कमी आज का टी20 बल्लेबाज पहले से ज्यादा डेटा-आधारित हो गया है. यॉर्कर के खिलाफ खास बैटिंग प्लान तैयार किए जाते हैं और बुमराह की गेंदों को अब पहले से बेहतर पढ़ा जा रहा है. दूसरी ओर, बुमराह की गेंदबाजी बेहद माइक्रो-एडजस्टमेंट पर टिकी होती है. हल्की सी भी लय बिगड़ने पर उनका पूरा पैटर्न प्रभावित हो जाता है. आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं – टी20 वर्ल्ड कप और आईपीएल 2026 के बीच का फर्क चौंकाने वाला है. – वर्ल्ड कप: 8 मैच, 14 विकेट, इकोनॉमी 6.21 – आईपीएल: 4 मैच, 0 विकेट, 15 ओवर, 123 रन, इकोनॉमी 8.20 ये सिर्फ फॉर्म का गिरना नहीं है, बल्कि प्रभावशीलता (impact) का गिरना है. बुमराह जैसे गेंदबाज के लिए विकेट नहीं लेना सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ाता है. मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा सिरदर्द आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में डेथ ओवर्स में बुमराह का रोल निर्णायक होता है. लेकिन इस बार वही विभाग टीम के लिए चिंता बन गया है. विपक्षी टीमें अब बुमराह के ओवर में खुलकर रन बना रही हैं, जो पहले लगभग असंभव था. कप्तान के लिए यह स्थिति रणनीति बदलने जैसी है…क्योंकि जब आपका सबसे भरोसेमंद हथियार ही धार खो दे, तो प्लान B हमेशा कमजोर पड़ जाता है. क्या यह सिर्फ ‘अस्थायी स्लिप’ है? क्रिकेट इतिहास बताता है कि बड़े गेंदबाजों के करियर में ऐसे फेज आते हैं, लेकिन बुमराह का मामला थोड़ा अलग है. क्योंकि वह सिर्फ तेज गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि स्किल और माइंड गेम के मास्टर हैं. उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी वापसी क्षमता रही है. चोट से लौटना हो या फॉर्म से, बुमराह ने हमेशा खुद को फिर से साबित किया है. बल्लेबाजों ने सीखा या बुमराह ने खोया? यह बहस अब तेज हो चुकी है. एक वर्ग मानता है कि टी20 क्रिकेट अब इतना एडवांस हो चुका है कि किसी भी गेंदबाज की कमजोरी लंबे समय तक छुपी नहीं रहती. दूसरी तरफ, कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि यह सिर्फ फॉर्म का मामला है और जैसे ही बुमराह एक विकेट निकालेंगे, उनका आत्मविश्वास फिर से लौट आएगा. असली सवाल अब यह है क्या बुमराह की यह गिरावट एक छोटे से फेज का हिस्सा है? या फिर टी20 क्रिकेट का नया युग तेज गेंदबाजों के खिलाफ एक नया ‘सिस्टम’ बना रहा है? फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है. लेकिन एक बात तय है, जब बुमराह अपनी लय में होते हैं, तो दुनिया का कोई भी बल्लेबाज सुरक्षित महसूस नहीं करता.

बेंगलुरु में भिड़ेंगे RCB और LSG, इतिहास में RCB का पलड़ा भारी

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 23वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से 15 अप्रैल को चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। RCB ने इस सीजन में अब तक 3 मैच जीते हैं और 1 में शिकस्त झेली है, जबकि LSG ने 2 मुकाबले जीते हैं और 2 में ही हार का सामना किया है। आइए मैच से जुड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं। RCB का पलड़ा है भारी LSG के खिलाफ RCB का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच IPL के इतिहास में अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से 4 मैच में RCB को जीत मिली है और 2 मैच LSG ने अपने नाम किए हैं। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला खेला जाएगा। IPL 2025 में दोनों टीम सिर्फ 1 मैच में भिड़ी थी। उस मैच को RCB ने 6 विकेट से जीता था। ऐसी हो सकती है RCB की प्लेइंग इलेवन RCB ने अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस (MI) को 18 रन से हराया था। उस मैच में RCB ने अपने बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के चलते 240 रन का बड़ा स्कोर बनाया था। बल्लेबाजी में RCB का शीर्षक्रम अपने प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगा। संभावित एकादश: फिलिप सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमेरियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, और सुयश शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है LSG LSG को अपने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार मिली थी। उस मैच में LSG के बल्लेबाजों ने निराश किया था और पूरी टीम पहले खेलते हुए 164 रन ही बना सकी थी। RCB के विरुद्ध LSG अपने बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, और प्रिंस यादव। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब बेथेल, जोश हेजलवुड, और अभिनंदन सिंह। LSG: मणिमारन सिद्धार्थ, शाहबाज अहमद, मयंक यादव, एनरिक नोर्खिया और जोश इंगलिस। कैसा है चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच का मिजाज? एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह मैदान अपनी छोटी बाउंड्री के कारण हाई स्कोरिंग मैदान के रूप में जाना जाता है। हालांकि, यहां स्पिन गेंदबाजों मिडिल ओवर्स के दौरान प्रभावशाली होते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, चिन्नास्वामी स्टेडियम पर IPL मैचों के दौरान पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन का है। बेंगलुरु में सर्वोच्च टीम स्कोर का रिकॉर्ड SRH (287/3 बनाम RCB, 2024) के नाम पर दर्ज है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 15 अप्रैल को बेंगलुरु में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें कोहली ने LSG के खिलाफ अब तक 6 पारियों में 32.16 की औसत और 133.1 की स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं। जैकब डफी ने 3 पारियों में 23.00 की औसत के साथ 6 विकेट लिए हैं। LSG के कप्तान पंत को RCB के खिलाफ बल्लेबाजी करना पसंद है। इस टीम के खिलाफ उन्होंने 13 पारियों में 53.9 की औसत और 158.06 की स्ट्राइक रेट के साथ 539 रन बनाए हैं।