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IPL 2026 में बैटिंग पोजिशन का खेल: किस नंबर पर सबसे ज्यादा रन? कोहली-धोनी चौंकाने वाली लिस्ट से गायब

नई दिल्ली विराट कोहली और एमएस धोनी का नाम उन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल है जो आईपीएल के पहले सीजन से खेल रहे हैं। विराट कोहली के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है, वहीं धोनी को डेथ ओवर स्पेशलिस्ट कहा जाता है। आईपीएल में इतनी तबाही मचाने के बावजूद जब बात नंबर-1 से 11 तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की आती है तो इस लिस्ट में दोनों दिग्गजों का नाम नहीं दिखाई देता। जी हां, आज हम आपके लिए उन खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं जिन्होंने नंबर-1 से लेकर 11 तक किस बैटिंग पोजिशन पर कितने रन बनाए हैं। यहां एक और हैरानी की बात यह है कि रोहित शर्मा का नाम बतौर ओपनर दर्ज नहीं है। बतौर ओपनर IPL में किसने बनाए सबसे ज्यादा रन आईपीएल के इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर और शिखर धवन के नाम दर्ज है। वॉर्नर ने नंबर-1 पर बैटिंग करते हुए सबसे अधिक 4268 रन बनाए हैं। वहीं धवन ने नंबर-2 पर बल्लेबाजी करते हुए 5225 रन बनाए हैं। नंबर-3 पर मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना का नाम है। रैना ने आईपीएल में अधिकतर समय इसी नंबर पर बैटिंग की है। रैना ने नंबर तीन पर खेलते हुए 4934 रन बनाए हैं। टॉप-3 में मौजूद इन तीनों बल्लेबाजों के नाम ही 4000 से अधिक रन दर्ज है, आगे आने वाले बल्लेबाजों में कोई 2500 रन तक का आंकड़ा नहीं छू पाया है। यह आंकड़ा बताता है कि क्यों टीमें अपने टॉप-3 बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा निवेश करती है। रोहित शर्मा नंबर-4 पर रोहित शर्मा ने आईपीएल में बतौर ओपनर नहीं, बल्कि नंबर-4 पर खेलते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। जी हां, हिटमैन ने इस नंबर पर बैटिंग करते हुए 2392 रन बनाए हैं। आईपीएल में ओपनिंग करने से पहले वह मिडिल ऑर्डर में ही बैटिंग किया करते थे। कई बार तो उन्होंने फिनिशर की भी भूमिका अदा की है। नंबर-5 पर आईपीएल में सबसे ज्यादा रन डेविड मिलर ने बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के इस बल्लेबाज का भी आईपीएल करियर काफी लंबा रहा है। मिलर ने इस बैटिंग पोजिशन पर 2002 रन बनाए हैं। धोनी नहीं है फिनिशर्स की लिस्ट में नंबर-6 और 7 जो फिनिशर की भूमिका के लिए जाता है, उसमें एमएस धोनी का नहीं बल्कि वेस्टइंडीज के दो विस्फोटक बल्लेबाजों -कीरोन पोलार्ड और आंद्रे रसेल- का नाम दर्ज है। पोलांड ने नंबर-6 पर 1372 रन तो रसेल ने नंबर-7 पर 890 रन बनाए हैं। नंबर-8 पर हरभजन सिंह 406 रन, नंबर-9 पर भुवनेश्वर कुमार 232, नंबर-10 पर प्रवीण कुमार 86 रन और नंबर-11 पर संदीप सर्मा 37 रनों के साथ मौजूद हैं।

भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा तय, जून में होगी IND vs IRE सीरीज – BCCI का ऐलान

नई दिल्ली भारतीय टीम इस साल जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी। बीसीसीआई  ने शनिवार को इस दौरे का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरे पर भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 26 जून से होगी। बेलफास्ट में खेले जाएंगे दोनों मैच भारत और आयरलैंड टीम के बीच दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी। सीरीज के दोनों मुकाबले बेलफास्ट में खेले जाएंगे। भारतीय टीम 2007 के बाद पहली बार बेलफास्ट में मैच खेलेगी। इससे पहले भारतीय टीम 2018, 2022 और 2023 में आयरलैंड का दौरा कर चुकी है। टी20 सीरीज का शेड्यूल पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट हेड टू हेड में भारत का दबदबा भारत और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल में हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच 2009 से 2024 के बीच 8 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और सभी मैच भारत ने जीते हैं। आयरलैंड टीम अभी तक भारत को टी20 इंटरनेशनल में हरा नहीं पाई है। आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरा आयरलैंड दौरे के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी। इस दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टी20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। यानी भारतीय टीम 16 दिनों के अंदर 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। इंग्लैंड दौरे का टी20 शेड्यूल पहला टी20: 1 जुलाई दूसरा टी20: 4 जुलाई तीसरा टी20: 7 जुलाई चौथा टी20: 9 जुलाई पांचवां टी20: 11 जुलाई वनडे सीरीज का शेड्यूल पहला वनडे: 14 जुलाई दूसरा वनडे: 16 जुलाई तीसरा वनडे: 19 जुलाई व्यस्त रहेगा भारतीय टीम का शेड्यूल आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर भारतीय टीम का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। टीम को कम समय में लगातार मैच खेलने होंगे, जो खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती भी होगी।  

इस साल दिल्ली कैपिटल्स का होगा जलवा, पूर्व क्रिकेटर को टीम पर पूरा भरोसा

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स इस सीजन के शुरू होने पर IPL टाइटल के लिए अपने 18 साल के इंतजार को खत्म करना चाहेंगे। जियोस्टार के ‘IPL टुडे लाइव‘ पर बात करते हुए जियोस्टार एक्सपर्ट इरफान पठान और आकाश चोपड़ा ने अपने विचार शेयर किए कि पहले डीसी और पंजाब टीम को किन चीजों से दिक्कत हुई और 2026 में कौन सी टीम कागज पर ज्यादा मजबूत दिखती है जो आखिरकार इस बुरी किस्मत को तोड़ देगी। आकाश चोपड़ा ने उन चुनौतियों के बारे में बताया जिनसे डीसी और पंजाब किंग्स जैसी टीमों को पहले भी परेशानी हुई है। उन्होंने कहा, 'जिसने भी कई ट्रॉफ़ी जीती हैं, यहाँ तक कि गुजरात टाइटन्स भी, जो दो बार फाइनल में पहुंची और अपने पहले दो सालों में ट्रॉफी जीती, आप पाएंगे कि कंसिस्टेंसी और स्टेबिलिटी ने उन्हें सफल होने में मदद की। जहां कोई सफलता नहीं मिलती, वहां टीमें उसे पाने के लिए काट-छांट और बदलाव करती रहती हैं, यह सोचकर कि एक बार सफल हो जाने पर, वे स्टेबल हो जाएंगी। फिर यह मुर्गी और अंडे वाली स्थिति बन जाती है। पंजाब और दिल्ली दोनों के साथ यही समस्या रही है। एक टीम के 15 कप्तान रहे हैं, दूसरी के 17। इसलिए, अगर आप अपना वर्तमान बदलना चाहते हैं, तो स्टेबिलिटी से कोई समझौता नहीं हो सकता। हमने अक्सर देखा है कि बेहतर टीमें पहले या दूसरे मैच में ही अपने सबसे अच्छे कॉम्बिनेशन पर पहुंच जाती हैं, जबकि जो टीमें 25 में से लगभग 22 खिलाड़ियों का इस्तेमाल करके काट-छांट और बदलाव करती रहती हैं, वे टॉप के बजाय सबसे नीचे खत्म करती हैं।' ऑक्शन में डीसी के बेहतर प्रदर्शन पर चोपड़ा ने कहा, 'आईपीएल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आपको रीबूट करने का मौका मिलता है। हर तीन साल बाद, एक बड़ा ऑक्शन होता है। दिल्ली को शाबाशी, क्योंकि 2019 से, वे लगातार वहीं या उसके आस-पास रहे हैं, और 2020 में फाइनल में पहुंचे। महिला टीम सभी चार WPL सीजन में फाइनल तक पहुंची है। उन्होंने अपने ऑक्शन सही किए हैं और इस साल, मुझे लगता है कि उनके पास एक बहुत मज़बूत यूनिट है। इसलिए, उम्मीद है कि यह उनका साल हो सकता है।' पंजाब और दिल्ली के बीच कागज़ पर बेहतर दिखने वाली टीम पर उन्होंने कहा, 'कागज पर, मुझे लगता है कि दिल्ली एक ज़्यादा पूरी यूनिट है, जिसमें दो स्पिनरों को छोड़कर लगभग हर स्लॉट के लिए काफी बैकअप हैं, लेकिन आपको पूरे देश में भी अक्षर पटेल और कुलदीप के लिए बैकअप नहीं मिलेंगे।' इरफान पठान ने 2010 की शुरुआत में डीसी के सामने टैलेंट पहचानने की चुनौती के बारे में बताया, 'मैं तीन-तीन साल पंजाब और दिल्ली के साथ था। जब मैं दिल्ली में था, तो एरिक सिमंस, जो अब सीएसके के बॉलिंग कोच हैं, कोच थे, और स्टेबिलिटी लाने की कोशिश की गई थी। लेकिन जब आप एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़यिों को छोड़ देते हैं और आपके पास आंद्रे रसेल होते हैं, तो शुरू से शुरू करना आसान नहीं होता। मैं रसेल के साथ एक ही ड्रेसिंग रूम में खेला था और उसे और मौके देने के बारे में बहुत चर्चा हुई थी, लेकिन वे लगातार ढ्ढ में उसके लिए जगह नहीं बना पाए। इसलिए, टैलेंट की पहचान बहुत ज़रूरी है, और मुझे लगता है कि दिल्ली उस मामले में पीछे रह जाती थी।' टाटा आईपीएल 2025 से पंजाब किंग्स के लिए लीडरशिप ने कैसे बड़ा बदलाव किया है, उन्होंने कहा, 'पंजाब के बदलाव में लीडरशिप का बहुत बड़ा रोल रहा है। आप ऑक्शन टेबल पर आधा आईपीएल जीतते हैं। बड़ी रकम का मतलब यह नहीं है कि आपको हमेशा वही मिलेगा जो आप चाहते हैं, लेकिन उन्हें मिला, और वे फाइनल में पहुंचे। मिनी-ऑक्शन में भी, उन्होंने बोल्ड लेकिन जरूरी फैसले लिए, जैसे ग्लेन मैक्सवेल जैसे खराब परफॉर्म करने वाले खिलाड़यिों को जाने देना। जोश इंगलिस की सिचुएशन में वे थोड़े अनलकी रहे, क्योंकि वह ज़्यादातर सीजन नहीं खेल पाएंगे, लेकिन फिर आप देखते हैं कि दूसरी टीम उन्हें बहुत ज़्यादा कीमत पर लेने की कोशिश कर रही है। इस मामले में, वे बहुत सारे सही फैसले ले रहे हैं। पहले, पंजाब को पूरी तरह से स्ट्रगल करना पड़ा था, लेकिन अब आप अजमतुल्लाह उमरजई और माकर्स स्टोइनिस जैसे ऑलराउंडर देखते हैं, इसके अलावा, उन्होंने श्रेयस अय्यर को कैप्टन बनाने का फैसला करने के बाद उन पर पूरी तरह से दांव लगाया। इसलिए, सोच में क्लैरिटी है, और मुझे लगता है कि पंजाब ने सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू कर दिया है।'

होर्मुज में बढ़ा तनाव: ईरान ने F-15 फाइटर जेट को बनाया टारगेट

तेहरान अमेरिका के एफ-35 फाइटर जेट को निशाना बनाने के बाद ईरान ने रविवार को एक और फाइटर जेट पर हमला किया है। ईरान का दावा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास उड़ रहे दुश्मन देश के F-15 फाइटर जेट को निशाना बनाया है। हालांकि, अभी यह देखा जा रहा है कि जेट को कितना नुकसान पहुंचा है। ईरान के ज्वाइंट एयर डिफेंस हेडक्वार्टर के अनुसार, ईरान के दक्षिणी तटों के पास, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास एक दुश्मन F-15 फाइटर जेट का पता लगाया गया और उस पर नजर रखी गई। इसके बाद, सेना की वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा दागी गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से इस विमान को निशाना बनाया गया। सामने आए वीडियो में एक फाइटर जेट को निशाना बनाया जाते देखा जा सकता है। हालांकि, अभी ईरान ने ही यह हमले का दावा किया है, लेकिन अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि वह अगले 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दे, वरना अमेरिका उसके बिजली संयत्रों पर हमला करके उसे तबाह कर देगा। ईरान के हवाई क्षेत्र में एक लड़ाकू अभियान के दौरान, अमेरिका के एक स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 को ईरान ने निशाना बनाया था, जिससे उसे काफी नुकसान पहुंचा। विमान को मिडिल ईस्ट स्थित एक सैन्य ठिकाने पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हवा में हुई गंभीर घटना के बावजूद, सैन्य पायलट ने क्षतिग्रस्त विमान को सफलतापूर्वक वापस बेस तक पहुंचा दिया। पायलट इस मुश्किल हालात से सुरक्षित निकल आया है और मेडिकल जांच के दौरान उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। एफ-35 फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी का 'लाइटनिंग II' स्टील्थ फाइटर है, जिसकी हर यूनिट की कीमत 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। इन जेट्स को रडार की पकड़ से बचने और दुश्मन के भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र के काफी अंदर तक जाकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

2008 में दिखा था पाक खिलाड़ियों का जलवा, फिर IPL से हमेशा के लिए हुए बाहर – कब लगा बैन?

नई दिल्ली एक बार फिर 28 मार्च से आईपीएल का आगाज होने जा रहा है। यह इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां सीजन होगा। इससे पहले 18 सीजन खेले जा चुके हैं और हर साल बिना किसी व्यवधान के यह टूर्नामेंट आयोजित हुआ है। आप सबको पता है कि आईपीएल में दुनिया के तमाम देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लंबे समय से आईपीएल खेलने को लेकर प्रतिबंध लगा हुआ है। हालांकि, एक ऐसा भी वक्त था, जब पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने आईपीएल में शिरकत की थी। एक दो नहीं, बल्कि आईपीएल के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने आईपीएल में हिस्सा लिया था। आईपीएल के पहले सीजन का खिताब राजस्थान रॉयल्स ने जीता था और इस चैंपियन टीम में सोहेल तनवीर, यूनिस खान और कामरान अकमल जैसे खिलाड़ी शामिल थे। पाकिस्तान के 11 खिलाड़ी आईपीएल खेले आईपीएल के पहले सीजन में जिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने शिकरत की थी उनमें बड़े- बड़े नाम शामिल हैं। इस टूर्नामेंट में शाहिद अफरीदी, शोएब अख्तर और मिसबा-उल-हक जैसे दिग्गजों ने हिस्सा लिया था। शोएब अख्तर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल, सलमान बट्ट, जैसे चार खिलाड़ियों को शाहरूख खान के सह-मालिकाना हक वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था। सोहेल तनवीर, यूनिस खान और कामरान अकमल पहली बार चैंपियन बनी टीम राजस्थान का हिस्सा थे। शाहिद अफरीदी डेक्कन चार्जर्स हैदराबाद की टीम का हिस्सा थे। शोएब मलिक और मोहम्मद आसिफ को डेल्ही डेयरडेविल्स ने अपनी टीम में शामिल किया था। पाकिस्तान के लंबे समय तक कप्तान रहे मिसबा-उल हक आरसीबी की टीम का हिस्सा थे। IPL खेल चुके 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सूची सोहेल तनवीर (राजस्थान रॉयल्स) शाहिद अफरीदी (डेक्कन चार्जर्स) शोएब अख्तर (कोलकाता नाइट राइडर्स) मोहम्मद हफीज (कोलकाता नाइट राइडर्स) यूनिस खान (राजस्थान रॉयल्स) शोएब मलिक (दिल्ली डेयरडेविल्स) उमर गुल (कोलकाता नाइट राइडर्स) सलमान बट्ट (कोलकाता नाइट राइडर्स) मिसबाह-उल-हक (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू) कामरान अकमल (राजस्थान रॉयल्स) मोहम्मद आसिफ (दिल्ली डेयरडेविल्स) सोहेल तनवीर ने जीती थी पर्पल कैपस इन 11 खिलाड़ियों में सोहेल तनवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे सीजन में 22 विकेट लिए थे और पर्पल कैप जीती थी। वे आईपीएल में पर्पल कैप जीतने वाले पहले और एकमात्र पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। सोहेल तनवीर ने आईपीएल के पहले सीजन में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करते हुए अपने चार ओवर के स्पेल में 14 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे, जो आज भी आईपीएल इतिहास के शानदार गेंदबाजी स्पेल में से एक माना जाता है। 2009 में लगा बैन 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के बाद ही मुंबई में आतंकी हमला हो गया, जिसने दोनों देशों के बीच आपसी सौहार्द को तोड़ दिया और तमाम अन्य रिश्तों के साथ क्रिकेट के रिश्ते भी टूट गए। रिश्ते खराब होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2009 से पाकिस्तानी खिलाडियों के आईपीएल खेलने पर बैन लगा दिया। 2009 से 2026 तक कोई भी पाकिस्तान खिलाड़ी आईपीएल की नीलामी में नहीं खरीदा गया और इन खिलाड़ी के आईपीएल खेलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। अजहर महमूद ने ब्रिटिश नागरिक के रूप में खेला अजहर महमूद ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए 21 टेस्ट और 143 वनडे मैच खेले। अपने करियर के आखिरी समय में वे इंग्लैंड चले गए और उन्होंने ब्रिटिश पासपोर्ट हासिल करने के बाद बतौर ब्रिटिश खिलाड़ी आईपीएल में एंट्री मारी। उन्होंने अपना आईपीएल का पहला मुकाबला 20 अप्रैल 2012 को खेला था। दाएं हाथ के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अजहर महमूद ने 3 सीजन में कुल 23 IPL मैच खेले हैं। अजहर महमूद ने 29 विकेट लिए और 7.82 की इकोनॉमी रेट से रन दिए। बल्लेबाजी में भी उन्होंने औसत प्रदर्शन करते हुए 128.05 के स्ट्राइक रेट से 388 रन बनाए। वे 2012 से 2015 के बीच तीन सीजन तक इस लीग में खेले। 2012 और 2013 के IPL सीजन में पंजाब किंग्स (तब किंग्स XI पंजाब) के लिए खेला और बाद में 2015 के सीजन में KKR का प्रतिनिधित्व किया।  

PSL को कहा अलविदा, अब IPL में एंट्री की तैयारी में श्रीलंकाई स्टार

नई दिल्ली हर बार की तरह इस बार भी कुछ खिलाड़ी पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग का रुख कर रहे हैं। नया नाम लिस्ट में दसुन शनाका का भी जुड़ने वाला है, जो पीएसएल छोड़ने का फैसला कर चुके हैं। श्रीलंका की टीम के ऑलराउंडर और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम की कप्तानी करने वाले दसुन शनाका ने पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल से अपना नाम वापस ले लिया है। इससे पीछे की वजह बताई जा रही है कि वे इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर आईपीएल 2026 से जुड़ सकते हैं। दसुन शनाका ने निश्चित तौर पर निजी कारणों का हवाला देकर पीएसएल से हटने का फैसला किया होगा, क्योंकि वहां उन्हें वह रकम नहीं मिल पाएगी, जो आईपीएल से मिलेगी। हालांकि, अभी तक कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन IPL में दसुन शनाका के जुड़ने को लेकर आई है, लेकिन श्रीलंकाई वेबसाइट न्यूज वायर ने दावा किया है कि शनाका चोटिल खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट के लिए IPL फ्रेंचाइजी से बात कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि वे किस टीम के साथ जुड़ सकते हैं। राजस्थान रॉयल्स उन टीमों में शामिल है, जिन्हें चिंता है कि इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन चोट की वजह से इस सीजन में खेल पाएंगे या नहीं? शनाका एक फास्ट-बॉलिंग ऑलराउंडर हैं और उनके पास वो स्किल सेट भी है, जो सैम करन के पास है। यही कारण है कि उन्हें एक संभावित लाइक-फॉर-लाइक रिप्लेसमेंट के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ और भी टीमें हैं, जिन्हें इस स्किल सेट वाले प्लेयर की तलाश है। पीएसएल से ब्लेसिंग मुजारबानी भी इस सीजन अपना नाता तोड़ चुके हैं और आईपीएल खेलने के लिए भारत भी आ गए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ा है। बांग्लादेश के पेसर मुस्तफिजुर रहमान की जगह केकेआर ने उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया है। दसुन शनाका भी इस लिस्ट में जुड़ सकते हैं।

RCB के पूर्व खिलाड़ी का धमाका: चिकारा ने 21 सिक्स के दम पर जड़ा 195, रिकॉर्ड स्कोर खड़ा

नई दिल्ली   आईपीएल 2026 क आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है, मगर इस रंगारंग लीग के शुरू होने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पूर्व खिलाड़ी स्वास्तिक चिकारा ने धमाल मचा दिया है। स्वास्तिक चिकारा ने अयोध्या T20 प्रीमियर लीग में मात्र 69 गेंदों पर 11 चौकों और 21 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 195 रनों की नाबाद पारी खेली। वह अपने दोहरे शतक से मात्र 5 रनों से चूक गए। उनके इस धाकड़ परफॉर्मेंस के दम पर उनकी टीम गोमती थंडर 300 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही। स्वास्तिक चिकारा के अलावा प्रियांशु पांडे ने भी शतक जड़ा। अब हम स्वास्तिक चिकारा को आरसीबी का पूर्व खिलाड़ी इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 2025 में आरसीबी की टीम में शामिल हुए इस खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी ने 2026 के ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया। इस साल नीलामी में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। अब आरसीबी उनका यह धाकड़ परफॉर्मेंस देखकर पछता रही होगी। बात मैच की करें तो, गोमती थंडर ने हिंडोन टाइटंस के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवर में बिना विकेट खोए 307 रन बोर्ड पर लगाए। चिकारा और प्रियांशु ने पारी का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया और विपक्षी टीम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दोनों ने अपना विकेट नहीं गिरने दिया। यह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी हो सकती है। प्रियांशु ने 54 गेंदों पर 12 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए, वहीं चिकारा ने 11 चौकों और 21 छक्कों की मदद से 195 रनों की पारी खेली। गौर करने वाली बात यह है कि हिंडोन टाइटंस के सभी 5 गेंदबाजों ने अपने 4 ओवर के कोटे में 50 से अधिक रन खर्च किए। 308 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए हिंडोन टाइटंस ने अच्छी लड़ाई लड़ी, मगर इस पहाड़ जैसे स्कोर के सामने पूरी टीम 19.3 ओवर में 218 के स्कोर पर सिमट गई। शेखर सिरोही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने 50 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 68 रनों की शानदार पारी खेली।

IPL 2026: विदेशी सितारों की वजह से उलझी टीमों की रणनीति, कई फ्रेंचाइजी मुश्किल में

नई दिल्ली कुछ प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों के चोटिल होने या देर से टीम में शामिल होने के कारण इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के आगामी सत्र में कुछ टीमों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। कुछ प्रमुख विदेशी खिलाड़ी चोटिल होने के कारण पहले ही पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, जबकि कुछ खिलाड़ी विभिन्न कारणों से टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे। अगर केवल चोट की बात करें तो कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। उसके भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आकाशदीप चोटिल होने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, जबकि श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीसा पथिराना भी पिंडली में लगी चोट के कारण केकेआर के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे। सनराइजर्स हैदराबाद को भी शुरू के कुछ मैच में अपने नियमित कप्तान पैट कमिंस के बिना मैदान पर उतरना होगा जो पीठ में खिंचाव की समस्या से उबर रहे हैं। कमिंस की अनुपस्थिति में ईशान किशन सनराइजर्स की अगुवाई करेंगे। सनराइजर्स के एक अन्य ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स पैर में चोट लगने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड भी चोटिल होने के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से शुरू के कुछ मैच में नहीं खेल पाएंगे। चेन्नई सुपर किंग्स को ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज नाथन एलिस की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी, क्योंकि वह हैमस्ट्रिंग की चोट के और बढ़ जाने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। दिल्ली कैपिटल्स के प्रमुख गेंदबाज मिचेल स्टार्क का भी शुरू के कुछ मैचों में खेलना संदिग्ध है, क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए उनके कार्यभार पर नजर रख रहा है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन भी पंजाब किंग्स की तरफ से शुरुआती दौर के मैचों में नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि वह अपने परिवार और नवजात बेटे के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं। राजस्थान रॉयल्स को भी इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम कुरेन के चोटिल होने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो जाने से झटका लगा है। वह टी20 विश्व कप के दौरान चोटिल हो गए थे।

केकेआर की बढ़ीं मुश्किलें, एक और झटका—आकाश दीप भी टूर्नामेंट से बाहर

कोलकाता तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए और अब एक अन्य तेज गेंदबाज आकाश दीप भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आकाश दीप चोट के कारण आईपीएल 2026 से बाहर हो गए हैं। खिलाड़ियों की चोट का सबसे ज्यादा प्रभाव केकेआर पर ही पड़ा है।    मुंबई के खिलाफ शुरू करेगी अभियान आईपीएल 2026 का सीजन 28 मार्च से शुरू हो रहा है, लेकिन केकेआर पर दबाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हर्षित और आकाश दीप जहां पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, तो वहीं, श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिला है। यह तय है कि वह भी शुरुआती कुछ मैचों में केकेआर के लिए उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। आईपीएल में केकेआर अपने अभियान की शुरुआत 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ करेगी। केकेआर के पास विकल्प कम खिलाड़ियों की चोटों ने आईपीएल टीमों की चिंता बढ़ा दी है। 28 मार्च से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले हर्षित राणा और आकाश दीप समेत पांच खिलाड़ी पूरे सत्र से बाहर हो गए हैं। खिलाड़ियों के बाहर होने का सबसे ज्यादा असर हैदराबाद और कोलकाता पर पड़ा है। हर्षित राणा पहले से ही बाहर थे और अब टीम को आकाश दीप की सेवाएं भी नहीं मिल सकेंगी। केकेआर के पास फिलहाल वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक और कार्तिक त्यागी ही भारतीय तेज गेंदबाज के तौर पर उपलब्ध हैं। हालांकि, टीम के पास कुछ ओवर कराने के लिए ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन उपलब्ध रहेंगे। आकाश दीप का आईपीएल करियर आकाश दीप ने 2022 में आईपीएल में डेब्यू किया था और वह अब तक 14 मैच ही खेल चुके हैं। आईपीएल में आकाश दीप के नाम 10 विकेट हैं। पिछले सीजन वह लखनऊ सुपर जाएंट्स का हिस्सा थे जिन्होंने आकाश दीप को 2025 के लिए हुई नीलामी में आठ करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन एक सीजन के बाद ही रिलीज कर दिया था। 29 वर्षीय बंगाल के तेज गेंदबाज को केकेआर ने पिछले साल हुई मिनी नीलामी में एक करोड़ रुपये के आधार मूल्य पर खरीदा था।  

पंजाब किंग्स की कप्तानी का मुश्किल ‘कांटों भरा ताज’, 17 धुरंधर हुए असफल

चंडीगढ़  इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के पहले सीजन से अब तक टूर्नामेंट खेलते हुई आ रहीं दो टीमें ऐसी हैं, जो चैंपियन नहीं बन पाई हैं। इनमें एक टीम तो ऐसी है, जिसने 17 कप्तान बदल दिए हैं, लेकिन खिताबी सूखा समाप्त नहीं हुआ है। दो बार टीम फाइनल तक जरूर पहुंची है, लेकिन फिर भी खिताब से दूर रह गई है। 2014 के बाद 2025 में टीम आईपीएल के फाइनल में पहुंची, लेकिन फिर भी खिताब दूर है। दूसरी टीम दिल्ली कैपिटल्स है, जो 2008 से खेल रही है, लेकिन खिताब नहीं जीता है। दोनों का नाम भी बदल गया है। पहले नाम पंजाब किंग्स का किंग्स इलेवन पंजाब था, जबकि दिल्ली कैपिटल्स का दिल्ली डेयरडेविल्स। हालांकि, दिल्ली ने कम कप्तान बदले हैं। पंजाब किंग्स की बात करें तो इस फ्रेंचाइजी ने अब तक 18 सीजन में 9 भारतीय और 8 विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 17 खिलाड़ियों को कप्तानी सौंप दी है, लेकिन टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। हालांकि, 3 खिलाड़ियों को तो सिर्फ नाम मात्र के लिए कप्तानी मिली है, क्योंकि उन्होंने एक-एक मैच में ही कप्तानी की है। इसके अलावा दो कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने 6 और 8 मैचों में कप्तानी है, लेकिन बाकी के कप्तानों ने 10 से ज्यादा मैचों में पंजाब की टीम की कप्तानी की हुई है। महेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग और जितेश शर्मा ने एक-एक मैच में कप्तानी की है, जबकि डेविड मिलर ने 6 और मुरली विजय ने 8 मैचों में टीम का नेतृत्व किया है। पंजाब किंग्स के अब तक के 17 कप्तानों में सरपंच श्रेयस अय्यर एकमात्र कप्तान हैं, जिनका विनिंग पर्सेंटेज 60 से ज्यादा का है। युवराज सिंह इस फ्रेंचाइजी के पहले कप्तान थे, लेकिन 2008 से 2009 तक कप्तानी उन्होंने की, लेकिन टीम खिताब से कोसों दूर रही। पंजाब किंग्स के कप्तानों की लिस्ट 1. युवराज सिंह (29 मैच 17 जीत) 2. कुमार संगकारा (13 मैच 3 जीत) 3. महेला जयवर्धने (1 मैच) 4. कुमार संगकारा (34 मैच 17 जीत) 5. डेविड हसी (12 मैच 6 जीत) 6. जॉर्ज बेली (35 मैच 18 जीत) 7. वीरेंद्र सहवाग (1 मैच) 8. डेविड मिलर (6 मैच 1 जीत) 9. मुरली विजय (8 मैच 3 जीत) 10. ग्लेन मैक्सवेल (14 मैच 7 जीत) 11. आर अश्विन (28 मैच 12 जीत) 12. केएल राहुल (27 मैच 11 जीत) 13. मयंक अग्रवाल (14 मैच 7 जीत) 14. शिखर धवन (17 मैच 6 जीत) 15. सैम करन (11 मैच 5 जीत) 16. जितेश शर्मा (1 मैच) 17. श्रेयस अय्यर (17 मैच 10 जीत)