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आसमान में सुरक्षा का नया जंग: मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटते पायलट

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में घमासान के साथ-साथ दुनियाभर में चल रहे सैन्य संघर्षों ने सुरक्षित विमान यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच विमान पायलटों को भयानक तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। बीते ढाई वर्षों में सैन्य संघर्षों में आई तेजी के चलते विमान यात्रा न केवल महंगी हुई है, बल्कि यात्राओं में लगनेवाला समय भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए अपने देश वापस लौटना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, मिसाइलों और ड्रोन से हवाई अड्डों पर हमले ने जमीन से लेकर आसमान तक संकट खड़े कर दिए हैं। पायलटों पर बढ़ा बोझ विमान पायलटों और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन से अफगानिस्तान और इजरायल तक भीषण सैन्य संघर्षों ने पायलटों पर बोझ बढ़ा दिया है। उनके लिए एयर स्पेस बेहद सिकुड़ गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पायलटों का कहना है कि वे सेना के पायलट नहीं है। उन्हें हवा में मौजूद खतरों से निपटने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। मौजूदा संकट की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पायलटों में डर और चिंता गहराने लगी है। इसे देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने मदद के लिए पीयर प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, लेकिन इससे आंशिक मदद ही मिल रही है। जीपीएस स्पूफिंग से भी बढ़ा खतरा विमानन क्षेत्र को जीपीएस स्पूफिंग जैसे खतरों से भी निपटना पड़ रहा है, जिसमें विमानों को उनकी पोजीशन के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। मिसाइल और ड्रोन के हमलों से बचने के लिए विमानों को ज्यादा ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। मिसाइलों के हमले से बचने के लिए विमानों को 15000 फीट से ऊपर उड़ाया जा रहा है। इस मामले में पश्चिम एशिया के पायलट थोड़ा बहुत जोखिम भी उठा रहे हैं। लेबनान में बीते पांच मार्च को बेरूत हवाई अड्डे पर धुएं के बीच एक विमान के उड़ान भरने का वीडियो चर्चा में है। इस क्षेत्र के पायलटों का कहना है कि कोई भी ये गारंटी नहीं दे सकता कि हवाई अड्डों पर हमला नहीं होगा। विमानों के लिए नई चुनौती बन रहे ड्रोन विमानों को ड्रोन से भी खतरे बढ़ने लगे हैं। अपेक्षाकृत शांत इलाकों में भी ड्रोन उड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। आकार में छोटे होने की वजह से ये जल्दी पहचान में नहीं आते और विमानों से टकराने का खतरा बना रहता है। विमानों में ट्रांसपोंडर के जरिये सिग्नल जारी होते रहते हैं, जिससे दूसरे विमानों को एक दूसरे की दूरी और पोजीशन का पता चलता रहता है, लेकिन ड्रोन के मामले में ऐसा नहीं होता। किसी पक्षी की तरह वे विमान से टकरा सकते हैं। यात्री विमानों के लिए इस्तेमाल होनेवाले नियमित राडार पर ड्रोन नजर नहीं आते। अमेरिका में काउंटरड्रोन तकनीक बनानेवाली कंपनी डीड्रोन के मुताबिक अमेरिका में 2025 में 12 लाख ड्रोन उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।  

बंगाल में चुनावी सियासत तेज, ममता बनर्जी ने 10वीं पास बेरोजगारों के लिए भत्ते की घोषणा की

कोलकाता बंगाल में कुछ दिन बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं और बेरोजगारों के लिए बड़ा दांव खेला। एसआइआर के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन जारी धरना मंच से ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि राज्य के 10वीं पास या उससे उपर के बेरोजगार युवाओं को आज यानी शनिवार से ही अब हर महीने 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। क्या है बांग्ला युवा साथी योजना? चुनाव से पहले बेरोजगारी युवाओं को भत्ता देने के लिए ममता सरकार ने हाल में पेश राज्य बजट में नई बांग्ला युवा साथी योजना की घोषणा की थी। विशेष बात यह है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन ममता ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश देकर सबको चौंका दिया। ममता की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत युवा लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र या युवा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। भूमिहीन मजदूरों को भी मिलेगा सहयोग ममता ने राज्य बजट में युवा साथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए घोषित योजना को भी अप्रैल के बजाय आज से ही शुरू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ युवाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता उन छात्र-छात्राओं और युवाओं को दिया जा रहा है जो फिलहाल किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं। उन्होंने इसे महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं के लिए एक उपहार करार दिया। बंगाल की बेरोजगारी दर में गिरावट ममता ने राज्य में रोजगार के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने उत्कर्ष बांग्ला जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 10 लाख युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है। ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर बकाया फंड को लेकर निशाना साधा और कहा कि छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बावजूद बंगाल की विकास दर (जीएसडीपी) देश में शीर्ष पर है। उन्होंने राज्य में बन रहे छह आर्थिक गलियारों, बीरभूम के देवचा पचामी कोयला ब्लाक में एक लाख नौकरियों की संभावना और आइटी क्षेत्र में बेंगलुरु से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया।  

स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से गरमाएगा संसद का बजट सत्र, दूसरे चरण में टकराव तय

नई दिल्ली बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं। इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है। सरकार भी कर सकती है पलटवार एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है। इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं। उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी? हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।  

अब रेल यात्रा होगी और आसान! टिकट बुकिंग के साथ मिल रही है ‘All-in-One’ सुविधा

नई दिल्ली रेलवे में यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे ने अपने आधिकारिक ‘सुपर ऐप’ रेलवन की शुरुआत की है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को एक ही मंच पर रेलवे की कई सेवाएं प्रदान करना है। ई-कैटरिंग सुविधा के तहत यात्री इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं और सीधे फूड एग्रीगेटर ऐप जोमैटो और स्विग्गी के जरिए भी अपना मनपसंद खाना अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट्स से ऑर्डर कर सकते हैं। ऐप की सुविधा जम्मू मंडल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों जम्मू, कटरा, पठानकोट जैसे स्टेशनों पर मिलेगी। RailOne App के जरिए यात्री को टिकट बुकिंग, फूड डिलीवरी, या ट्रेन स्टेटस के लिए अलग-अलग ऐप्स का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है। रेलवन ऐप में ये सभी सुविधाएं एकीकृत हैं। यात्री अपने पी.एन.आर. नंबर का उपयोग करके RailOne App में जाकर जोमैटो या स्विगी से खाना चुन सकते हैं। भोजन सीधे यात्री की सीट या बर्थ पर पहुंचाया जाएगा। यह सेवा जम्मू मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है, जहां यात्री प्रसिद्ध रेस्तरां के भोजन का आनंद ले सकते हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उचित सिंघल ने कहा कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुखद और बाधारहित बनाना है। इस ऐप के माध्यम से हमने टिकट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग और अब प्रीमियम फूड डिलीवरी सेवाओं को एकीकृत किया है। हम यात्रियों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे अलग-अलग ऐप्स के बजाय इस ऑल-इन-वन' समाधान को अपनाएं।

चीनी सेना में हलचल! शी जिनपिंग का सफाई अभियान, कई बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

Iran Tension: ट्रंप बोले– अमेरिका करेगा हथियारों का उत्पादन 4 गुना, सेना को मिलेगी नई ताकत

वॉशिंगटन ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की तानातनी जारी है। दोनों तरफ से लगातार आठ दिनों से हमले हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर पोस्ट कर लिखा, "हमने अभी-अभी अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक बहुत अच्छी मीटिंग खत्म की है, जहां हमने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। वे “एक्सक्विजिट क्लास (उत्तम श्रेणी के हथियार)” हथियारों का प्रोडक्शन चार गुना करने पर सहमत हुए हैं। हम जितनी जल्दी हो सके, क्वांटिटी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचना चाहते हैं।" ट्रंप ने आगे लिखा, "मीटिंग से तीन महीने पहले एक्सपेंशन शुरू हो गया था और इनमें से कई हथियारों के प्लांट और प्रोडक्शन पहले से ही चल रहे हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड म्यूनिशन्स की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है, जिसका इस्तेमाल हम, उदाहरण के लिए, ईरान में कर रहे हैं, और हाल ही में वेनेजुएला में किया है। फिर भी, हमने इन स्तरों पर आर्डरों को भी बढ़ाया है।" उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने रिप्रेजेंट किया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन के सीईओ शामिल थे। देश भर के राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बिड लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह इच्छा है कि वो तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करे, लेकिन सपना उसके मरते दम तक पूरा नहीं होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद ही कोई समझौता हो पाएगा। इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान सामने आया। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल समेत मध्य पूर्व के 10 से ज्यादा देशों को निशाना बना चुका है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली की पीएम मोदी ने की तारीफ, बोले— दलों से ऊपर उठकर कर रहे काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा स्पीकर भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ओम बिरला को संविधान के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनमें संसदीय परंपराओं व प्रणालियों के प्रति स्पष्ट रूप से निष्ठा दिखाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के रूप में ओम बिरला किसी एक पक्ष के सदस्य नहीं रहते, बल्कि वे पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों से ऊपर उठकर सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे सदन में ओम बिरला को देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वे इतनी संतुलित और संयमित भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिरला सदन के एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। सदन में मौजूद सभी सांसदों को वे अच्छे से संभालते हैं और उनकी भावनाओं तथा आग्रहों का पूरा सम्मान करते हैं। मोदी ने कहा कि बिरला का स्वभाव ऐसा है कि वे सांसदों का सबसे अधिक सम्मान करने वाले स्पीकरों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सदन में कुछ ऐसे सदस्य भी आ जाते हैं जो बड़े घरानों से आते हैं और अहंकारी या उत्पाती व्यवहार कर बैठते हैं, लेकिन तब भी ओम बिरला एक जिम्मेदार मुखिया की तरह पूरे सदन को संयम के साथ संभाल लेते हैं। वे किसी को भी अपमानित नहीं करते और सभी की तीखी व कड़वी बातें भी धैर्यपूर्वक सुनते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि ओम बिरला की एक खास बात यह भी है कि वे हर समय मुस्कुराते रहते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती है, जो उनके व्यक्तित्व को और भी सहज बनाती है। शायद यही कारण है कि सदन में वे सभी सांसदों के बीच बेहद प्रिय हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा स्पीकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ओम बिरला इस जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, संयम और संतुलन के साथ निभा रहे हैं।

गैस सिलेंडर महंगा होने पर ममता बनर्जी का हमला, कोलकाता में विरोध मार्च की घोषणा

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताया और कोलकाता में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है कि वे रसोई के बर्तन और घरेलू सामान लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक असर आम परिवारों, खासकर महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माताओं और बहनों को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि से घरेलू उपयोग वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। तीन दिन पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 49 रुपए का इजाफा किया गया था। उन्होंने कहा कि बड़े सिलेंडर की कीमत करीब 2,100 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि छोटे सिलेंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने गैस बुकिंग से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडर 21 दिन पहले बुक करना होगा। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर किसी घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या वह परिवार 21 दिन तक बिना खाना बनाए रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां बनाते समय सरकार को यह भी सोचना चाहिए कि आम लोग क्या खाएंगे और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। धरने के मंच से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि रविवार को निकाले जाने वाले जुलूस में लोग बर्तन, कटोरी, चम्मच और रसोई के अन्य सामान लेकर आएं, ताकि यह दिखाया जा सके कि गैस के बिना घरों में खाना बनाना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर संभव हो तो गैस स्टोव भी साथ लेकर आएं और टोकरी में कच्चा अनाज लेकर विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो महिलाएं काली साड़ी पहनकर भी इस विरोध में शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की रक्षा का आंदोलन बताते हुए महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के खतरे के बीच, केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अतिरिक्त खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार के फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पहले 879 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 939 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए का इजाफा किया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,990 रुपए तक पहुंच गई है। गैस की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर रेस्तरां और होटल उद्योग पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बाहर खाना खाने का खर्च बढ़ सकता है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की नई योजना ‘बांग्लार युवा साथी’ को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस योजना की राशि 1 अप्रैल से देने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाला अनुदान फरवरी से ही दिया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं।”

राहत की खबर: दुबई एयरपोर्ट से कुछ उड़ानें फिर शुरू, यात्रियों को मिली आंशिक राहत

दुबई एमिरेट्स एयरलाइंस के बाद दुबई एयरपोर्ट ने आंशिक तौर पर हवाई सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। एमिरेट्स के ऑपरेशन फिर से शुरू करने के बयान के बाद, दुबई एयरपोर्ट ने ये घोषणा की। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हमने शनिवार, 7 मार्च से आंशिक ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें कुछ फ्लाइट्स डीएक्सबी (मुख्य एयरपोर्ट) और डीडब्ल्यूसी (साउथ-वेस्ट में अल मकतूम एयरपोर्ट, इसे दुबई वर्ल्ड सेंट्रल भी कहा जाता है) से ऑपरेट हो रही हैं।" इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरलाइन से संपर्क कर, अपनी फ्लाइट की पूरी जानकारी लेकर ही हवाईअड्डे पहुंचे, ऐसा इसलिए भी क्योंकि अंत समय में शेड्यूल में बदलाव संभव है। इससे पहले अमीरात एयरलाइन ने परिचालन शुरू करने की बात कही थी। बताया कि एमिरेट्स उड़ान सेवा शनिवार से शुरू कर रही है। एमिरेट्स ने बयान जारी कर कहा कि दुबई आने-जाने वाली फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा के बाद अपना ऑपरेशन फिर से शुरू करेगी। हालांकि, इससे पहले कंपनी ने सभी फ्लाइट्स निलंबित करने की सूचना दी थी, एक बयान जारी कर कहा कि उनके लिए यात्री और क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शनिवार को दुबई में दो धमाके और बहरीन की राजधानी मनामा में एक धमाका सुना गया, जिसके साथ ही इलाकों में सायरन बजने लगे थे। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है। दुबई के अधिकारियों ने दावा किया कि इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरने से एक “छोटी घटना” हुई थी, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का शनिवार को एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया। स्टेट टीवी पर प्रसारित साक्षात्कार में ईरानी राष्ट्रपति कहते सुने गए कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।

अमेरिका की 30 दिन की मोहलत पर भारत का दोटूक रुख, रूस से तेल खरीद पर नहीं झुकेगा

नई दिल्ली भारत को रूस से तेल आयात करने की छूट देने वाले अमेरिकी दावे पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। शनिवार को भारत सरकार ने साफ कहा है कि रूसी तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों ने दुनिया के एनर्जी सेक्टर को उलट-पुलट कर रख दिया है। इससे दुनियाभर में तेल की कीमतों में तेजी आई है। ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों को न निकलने देने की धमकी के बाद कच्चे तेल पर असर पड़ा है। भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली ऐसी खरीद के लिए शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है। बयान में कहा गया, "भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी भी किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है।" बयान में आगे कहा गया, ''भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल इंपोर्ट कर रहा है, और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है।" वॉशिंगटन ने फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारतीय एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी ड्यूटी वापस ले ली थी, जिसे उसने रूसी तेल खरीदना बंद करने के नई दिल्ली के 'कमिटमेंट' के तौर पर बताया था। बयान में कहा गया है कि भारत के पास शॉर्ट टर्म रुकावटों से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से ज्यादा क्रूड और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है। हालांकि, भारत ने शनिवार को खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी। इसके साथ ही, कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। दुनिया भर में, शुक्रवार को क्रूड 8.5 फीसदी बढ़ गया और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सिर्फ ईरान का बिना शर्त सरेंडर ही मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म करेगा, इस हफ्ते यह लगभग 30 परसेंट बढ़ गया। वहीं, रूस ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को किए जाने वाले कच्चे तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करेगा और इसे 'बहुत से बुरा चाहने वालों' से छिपाकर रखेगा। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद की जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की बात कही गई है। पेसकोव ने भारत को दिए गए तेल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''नहीं, हम साफ वजहों से मात्रा का कोई आंकड़ा नहीं देने जा रहे हैं। यह पहली बात है। बुरा चाहने वाले बहुत लोग हैं।''