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13 साल की बेटी को ‘पावर’ देने की तैयारी में किम जोंग उन, परिवारिक झगड़े में फंसा क्रूर तानाशाह

सोल दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक किम जोंग उन के परिवार में ही फिलहाल झगड़ा होता दिख रहा है। साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ का नाम अगले नेता के तौर पर घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किम जोंग उन की बेटी का मुकाबला पावरफुल बुआ किम यो जोंग से हो सकता है। भविष्य में देश पर कंट्रोल करने की लड़ाई दोनों के बीच तेज हो सकती है। किम जू ऐ की उम्र महज 13 साल है और चर्चा है कि उसे 14 साल का होते ही किम जोंग उन की ओर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। उन की बहन भी खुद को एक पावर सेंटर मानती रही हैं। ऐसे में संभव है कि यह संघर्ष बढ़ सकता है। साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बीते सप्ताह बताया कि किम जू ऐ की उम्र 13 साल की हो गई हैं। अब उन्हें औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। यह समय अहम है क्योंकि उत्तर कोरिया में इसी महीने एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने वाला है। इसमें किम जोंग उन बताएंगे कि देश के लिए भविष्य में क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अलावा वह देश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी कुछ कदमों का ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान किम जोंग उन की बेटी भी मंच पर हो सकती हैं। हाल ही में एक मीटिंग में वह अपने पिता का हाथ थामे हुए पहुंची थीं। किम जू ऐ को किसी सार्वजनिक आयोजन में पहली बार नवंबर 2022 में देखा गया था। तब वह एक लॉन्ग रेंज मिसाइल के परीक्षण में पहुंची थीं। इसके बाद वह लगातार कई आयोजनों में पिता के साथ नजर आई हैं। उन्होंने हथियार फैक्ट्रियों के दौरे किए हैं तो वहीं सैन्य परेडों में भी हिस्सा लिया है। यही नहीं बीते साल सितंबर में वह चीन की राजधानी बीजिंग भी पहुंची थीं। आमतौर पर उत्तर कोरिया की राजनीति में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार किम जोंग उन बेटी को कमान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें चीन ले जाया गया था ताकि उन्हें स्थापित किया जा सके और दुनिया भर में एक संदेश जाए। क्यों इतनी पावरफुल मानी जाती हैं किम जोंग उन की बहन किम जोंग उन की बेटी के लिए देश में कोई चुनौती नहीं है, लेकिन बुआ से ही चैलेंज मिल सकता है। दरअसल 38 वर्षीय किम यो जोंग को उन के बाद देश की दूसरी सबसे पावरफुल शख्सियत माना जाता है। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है तो वहीं सैन्य हलकों में भी उनकी ताकत कम नहीं है। फिलहाल वह कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में सीनियर पद पर हैं। इसके अलावा भाई की राय को भी वह काफी हद तक प्रभावित करती रही हैं। ऐसे में अब यदि किम जोंग उन की बेटी मजबूत हुई तो फिर चीजें बदल सकती हैं। किम जोंग के परिवार में बर्बर रहा है सत्ता का संघर्ष उत्तर कोरिया पूरी दुनिया के उनके मुल्कों में शुमार किया जाता है, जो सूचना से कटे हुए हैं। यहां के आम नागरिकों को दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसके अलावा दुनिया के मीडिया या लोगों की एंट्री पर भी काफी पाबंदियां हैं। मीडिया पर इस सेंसरशिप के चलते ही उत्तर कोरिया के लोग पूरी दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं। बता दें कि देश में सत्ता संघर्ष भी बहुत क्रूर रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने अंकल और मेंटर रहे जांग सॉन्ग थाएक को गोलियां मरवाकर जान ले ली थी। इसके अलावा किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की भी 2017 में हत्या करा दी गई थी।

Ahmedabad में कई स्कूलों को धमकी भरा मेल, जांच एजेंसियां सतर्क, अभिभावकों में चिंता

अहमदाबाद  अहमदाबाद के तीन स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई है. स्कूल को प्राप्त हुए ईमेल में स्कूल को 1:11 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है. पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और स्कूलों में डॉग स्क्वाड, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (बॉम्ब स्क्वाड) की टीमों के साथ व्यापक जांच शुरू की गई है. पुलिस-प्रशासन ने बताया कि कुछ स्कूलों ने धमकी भरे ईमेल मिलने की शिकायत मिली है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन शुरू कर दिया गया है और सतर्कता बरतते हुए स्कूल प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी है और बच्चों को सुरक्षित घर भेजना शुरू कर दिया है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की तलाशी ले रही हैं. अभी तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारी ये पता लगाने में जुटे हैं कि ईमेल किसने और कहां से भेजा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकी होक्स (झूठी) हो सकती है, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और अहमदाबाद में कई बार हुआ है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा.  

दुनिया में गूंजा भारतीय पासपोर्ट, रैंकिंग में 10 अंकों की छलांग, दो देशों के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट

 नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के शौकीनों के लिए एक अच्छी और एक थोड़ी चौंकाने वाली खबर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गया है। भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 10 अंकों का सुधार किया है और अब वह 75वें स्थान पर काबिज है लेकिन इस बढ़ती ताकत के बीच दो देशों ईरान और बोलीविया ने भारतीयों के लिए एंट्री के नियम कड़े कर दिए हैं। रैंकिंग में सुधार, पर दो रास्तों पर लगा ब्रेक भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग सुधरने का मतलब है कि दुनिया के देशों के बीच भारत की साख बढ़ी है। हालांकि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के बावजूद यात्रियों के लिए एक झटका भी लगा है। भारत ने ईरान और बोलीविया में मिलने वाली वीजा-फ्री (बिना वीजा एंट्री) की सुविधा खो दी है। ईरान: सुरक्षा और मानव तस्करी बनी वजह ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा को खत्म कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में मानव तस्करी और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे थे। कई भारतीयों को फर्जी नौकरी के बहाने ईरान बुलाया जा रहा था। अब भारतीयों को ईरान जाने से पहले अनिवार्य रूप से वीजा लेना होगा। बोलीविया: ई-वीजा का नया चक्कर दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है।

फर्जी FASTag स्कैम से कैसे बचें? नकली वेबसाइट और QR कोड पर NHAI का अलर्ट

 नई दिल्ली देशभर में FASTag (फास्टैग) इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को इन दिनों फर्जी वेबसाइटों और नकली QR (क्यूआर) कोड के जरिये साइबर ठगी का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल टोल भुगतान के बढ़ते चलन का फायदा उठाकर ठग फास्टैग यूजर्स से बैंक और पर्सनल डिटेल्स चुरा रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। असली घटना ने खतरे की गंभीरता कैसे दिखाई? कल्पना कीजिए, आप हाईवे पर ड्राइव कर रहे हैं और अचानक आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है कि आपका फास्टैग बैलेंस कम है या जल्द ब्लॉक होने वाला है। मैसेज में तुरंत रिचार्ज करने के लिए QR कोड स्कैन करने या लिंक खोलने को कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में दिल्ली के एक सेल्स प्रोफेशनल के साथ ऐसा ही हुआ। टोल प्लाजा के पास लगे QR कोड को उन्होंने आधिकारिक समझकर स्कैन किया। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये निकल गए। ऐसे मामले अब देश के कई हिस्सों से सामने आ रहे हैं। FASTag स्कैम काम कैसे करता है? साइबर अपराधी कई तरीकों से लोगों को फंसाते हैं। वे फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जो फास्टैग नोटिफिकेशन जैसे दिखते हैं। इनमें कम बैलेंस, KYC (केवाईसी) अपडेट या सस्ते वार्षिक फास्टैग पास जैसे लालच दिए जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने पर यूज़र को नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली पोर्टल जैसी होती है। वहां FASTag ID, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं। जैसे ही यूज़र ये डिटेल्स डालता है, ठग उसके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। टोल प्लाजा पर भी कैसे हो रही है ठगी? कुछ मामलों में अपराधी टोल प्लाजा के साइनबोर्ड पर फर्जी QR कोड के स्टिकर चिपका देते हैं। ड्राइवर इन्हें असली समझकर स्कैन कर लेते हैं और अनजाने में अपनी निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में डाल देते हैं। FASTag फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? 2025 के आखिर से फास्टैग से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में तेजी देखी गई है। डिजिटल टोल सिस्टम ने जहां सुविधा बढ़ाई है, वहीं ठगों के लिए नए मौके भी पैदा किए हैं। ऐसे मामलों में न सिर्फ पैसे का नुकसान होता है, बल्कि पहचान की चोरी और फास्टैग अकाउंट के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है। फर्जी FASTag वेबसाइट की पहचान कैसे करें? धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका है वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से जांचना। फास्टैग से जुड़ी सेवाएं सिर्फ अधिकृत सरकारी पोर्टल या रजिस्टर्ड बैंक ऐप्स पर ही उपलब्ध होती हैं। नकली वेबसाइट अक्सर नाम में थोड़ा बदलाव, अजीब डोमेन या अतिरिक्त शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। याद रखें, कोई भी आधिकारिक एजेंसी ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी मैसेज या कॉल पर नहीं मांगती। FASTag फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां क्या हैं?     फास्टैग रिचार्ज हमेशा आधिकारिक बैंक ऐप, सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ऐप से ही करें।     OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें।     सार्वजनिक जगहों या अनजान मैसेज से मिले QR कोड स्कैन करने से बचें।     किसी भी मैसेज या लिंक पर कार्रवाई से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।     बैंक और फास्टैग ट्रांजैक्शन के लिए SMS/ईमेल अलर्ट चालू रखें। ठगी का शक हो तो तुरंत क्या करें? अगर आपको लगता है कि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर फास्टैग वॉलेट या अकाउंट ब्लॉक करवाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और स्थानीय पुलिस को सूचना दें। मदद के लिए फास्टैग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  

तारिक रहमान के शपथग्रहण में बदलाव, पीएम मोदी नहीं जाएंगे; स्पीकर संभालेंगे जिम्मेदारी

नई दिल्ली बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भारत बांग्लादेश भेज रहा है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी होंगे। यह समारोह 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश के गहरे और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारी के कारण नहीं जा पा रहे।  

रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्ते अब एक नए और गतिशील दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इन संबंधों में अब सुरक्षा सहयोग और उन्नत तकनीकों में साझेदारी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जापान फॉरवर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच वर्षों से मजबूत होते आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क से नई ऊर्जा मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भारत में जापानी निवेश में बढ़ोतरी और नवाचार व मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग से रिश्तों को नई गति मिली है। दोनों देश वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की समान दृष्टिकोण रखते हैं। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान, उस समय के जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पिछले दशक में द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "जापान और भारत, जो समान मूल्यों को साझा करते हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कानून के शासन पर आधारित एक स्वतंत्र और खुले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने की जिम्मेदारी साझा करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात अनिश्चित होते जा रहे हैं, ऐसे में दोनों देशों को क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों पक्षों ने 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप' को और ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे की ताकत का उपयोग करते हुए भविष्य में पूरक संबंध विकसित करेंगे और आने वाली पीढ़ियों की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सामाजिक और आर्थिक मूल्यों का निर्माण करेंगे। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। जापान-भारत मानव संसाधन आदान-प्रदान और सहयोग एक्शन प्लान के तहत दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख लोगों के दोतरफा आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है। इससे सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने आने वाले वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें निवेश, नवाचार, पर्यावरण, तकनीक, स्वास्थ्य, मोबिलिटी, लोगों के बीच संपर्क और राज्य-प्रांत साझेदारी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।" हाल के घटनाक्रम इन प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर दर्शाते हैं। भारत में जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित 'जापान ट्रैवल फेयर 2026' का उद्देश्य सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करना है। एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने जापान-भारत स्ट्रैटेजिक डायलॉग के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की। नई दिल्ली स्थित जापानी दूतावास के मंत्री नोरियाकी आबे ने कहा कि क्रिकेट, जो भारत के सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा है, अब दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 21 अरब डॉलर था, जो 2026 में बढ़कर 25.17 अरब डॉलर हो गया। पिछले 25 वर्षों में जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रमुख स्रोत रहा है और इस दौरान लगभग 43 अरब डॉलर का निवेश किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि जापान-भारत संबंध पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर अब सुरक्षा, तकनीक और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक व्यापक साझेदारी के रूप में विकसित हो रहे हैं।

रक्षा सहयोग मजबूत: मोदी-मैक्रों की मौजूदगी में हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन आज

नई दिल्ली भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संवाद होने जा रहा है। सैन्य तकनीक व रक्षा क्षेत्र की तैयारियों के लिहाज से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवाद होगा। भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस संवाद में शामिल होंगे। वहीं फ्रांस की रक्षा मंत्री भी इस बैठक में शामिल होंगी। 17 फरवरी को दोनों देशों के रक्षामंत्री इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे। वहीं इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच 125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। दरअसल, भारत और फ्रांस के बीच यह 6वां वार्षिक संवाद है। यह संवाद बेंगलुरु में 17 फरवरी को होगा। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की पूरी समीक्षा होगी, खासकर रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। रक्षा समझौते को अगले 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। साथ ही हैमर मिसाइलों के संयुक्त निर्माण के लिए समझौता होने की संभावना है। सेना में अधिकारियों की आपसी तैनाती को लेकर भी घोषणा हो सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत और फ्रांस के रिश्तों में रक्षा सहयोग हमेशा से अहम रहा है। दोनों देश 'शक्ति', 'वरुणा' और 'गरुड़' जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास भी नियमित रूप से करते हैं। अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वाउटरिन की यह पहली भारत यात्रा होगी। दरअसल, भारत और फ्रांस के संबंधों में रक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय आदान-प्रदान से दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बास्तील दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे, जबकि 2024 के गणतंत्र दिवस परेड में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय की एक अहम बैठक में मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट राफेल की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। भारतीय वायुसेना के लिए नए राफेल लड़ाकू विमान का यह सौदा फ्रांस के साथ होना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) की यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक 12 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक में वायुसेना के लिए राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट, आधुनिक कॉम्बैट मिसाइलों व हाई एल्टीट्यूड प्स्यूडो सैटेलाइट खरीदने को मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि बीते वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राफेल की मदद से पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। दरअसल, राफेल जैसे लड़ाकू विमान वायुसेना को दुश्मन पर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की ताकत देंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अच्छी बात यह है कि ज्यादातर विमान भारत में ही बनाए जाएंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है। फिलहाल इन विमानों की दो स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना का हिस्सा हैं।

पश्चिम बंगाल के टॉलीगंज में हाई-प्रोफाइल बिल्डिंग में आग, सेलेब्रिटीज़ को घर छोड़ना पड़ा

कोलकाता दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में रविवार दोपहर को एक आलीशान घर में आग लग गई, जिससे वहां रहने वाले बंगाल फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े लोग नीचे सड़क पर आ गए। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, जिससे मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग काले धुएं से ढक गई। आग डायमंड सिटी रेजिडेंस के टावर 2 में लगी, जहां फिल्म कपल यश और नुसरत, एक्ट्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक सायंतिका बनर्जी समेत कई स्टार्स के फ्लैट हैं। पता चला है कि यश और नुसरत घबराकर अपने बच्चों के साथ नीचे आ गए। वहां रहने वालों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। खबर मिलने के बाद फायर की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आग पांचवीं मंजिल पर लगी थी। हालांकि, जिस कमरे में आग लगी, वहां कोई नहीं था। शुरुआती अंदाजे से लगता है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत इन्फॉर्म किया गया और हालात पर काबू पा लिया गया। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन प्रॉपर्टी के बड़े नुकसान का डर है। डर है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना से लोकल लोगों में दहशत फैल गई है। जब बनर्जी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, "मैंने रेजिडेंशियल बिल्डिंग में आग लगने के बारे में सुना। हालांकि, मैं उस समय वहां नहीं था। मैं बारानगर में कैंप में आ गया हूं। मैं ठीक हूं।" डायरेक्टर शुभ्राजीत मित्रा, जो उसी बिल्डिंग में रहते हैं, ने घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, "मैंने सुना कि पांचवीं मंजिल पर रहने वाले एक व्यक्ति के मंदिर में शिवरात्रि की पूजा हो रही थी। उन्होंने एक दीया जलाया और आरती की। दीया बुझाए बिना, वे यह कहकर नीचे आ गए कि वे घर के मंदिर में शिव पूजा करेंगे। उनकी गैरमौजूदगी में, शायद घर में रखे दीये से आग लग गई।" मित्रा ने आगे कहा, "मैं 18वीं मंजिल पर रहता हूं। मेरी मां घर पर बीमार हैं। मुझे उनके साथ नीचे आने में थोड़ा समय लगा क्योंकि लिफ्ट बंद थी। उस समय, मैंने बिल्डिंग के बाकी लोगों को सीढ़ियों से नीचे भागते देखा।" एक्टर कपल यश और नुसरत का फ्लैट उस फ्लोर से ऊपर है जहां आग लगी थी। अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए, वे तुरंत अपने दो बच्चों के साथ नीचे आ गए। दो दिन पहले, साल्ट लेक सेक्टर फाइव में ग्लोबसाइन क्रिस्टल बिल्डिंग में आग लग गई थी। एक मल्टीनेशनल कंपनी की महिला कर्मचारी धुएं के कारण बीमार पड़ गई। उसे बचाया गया और अस्पताल भेजा गया।

नई सरकार से पहले बड़ा संकेत! क्या यूनुस बनेंगे बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति?

ढाका बांग्लादेश में नई सरकार की गठन की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच कयास लागे जा रहे हैं कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार रहे नोबेल विजेता मोहम्द यूनुस को भी कोई संवैधानिक पद दिया जा सकता है। हालांकि इसपर मुहर नहीं लगी है।  अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद सेना के समर्थन से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश का शासन सौंप दिया गया था। वह अंतरिम सरकार के सलाहकार के तौर पर इतने दिनों तक कामकाज देखते रहे। वहीं अब आम चुनाव के बाद बीएनपी चीफ तारिक अहमद 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस बीच मोहम्मद यूनुस को लेकर भी कई चर्चाएं गर्म हैं। जानकारों का कहना है कि आगे भी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। क्या राष्ट्रपति बनेंगे मोहम्मद यूनुस सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि मोहम्मद यूनुस को कोई बड़ा संवैधानिक पद दिया जा सकता है। रहमान के करीबी हुमायूं कबीर ने कहा, अब तक किसी की भूमिका तय नहीं की गई है। मोहम्मद यूनुस को लेकर भी आगे का कोई फैसला नहीं हुआ है। इतना जरूर हैकि उन्होंने देश को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हुमायूंकबीर ने कहा, अभी किसी के डिपार्टमेंट को लेकर भी चर्चा नहीं हुई है। तारिक रहमान की प्राथमिकता एक समावेशी सरकार बनाना है। इस चुनी हुई सरकार में लोगों की प्रतिभा का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा.। सांसदों के अनुभव, उनकी विशेषज्ञता के आधार पर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। बता दें कि फिलहाल मोहम्मद शहाबुद्दीन बांग्लादेश के राष्ट्रपति हैं। लेखक डेविड बर्जमैन का मानना है कि मोहम्मद यूनुस को राष्ट्रपति बनाने से उनके अनुभवा का लाभ बांग्लादेश को मिल सकता है। उन्होंने कहा, मोहम्मद यूनुस की कई मामलों में आलोचना होती है, इसके बावजूद अंतरारष्ट्रीय स्तर पर उनकी मान्यता है। अगर प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सोच रखने वाले व्यक्ति का साथ मिलता है तो यह सोने पर सुहागा होगा। उन्हें विदेश नीति को लेकर मोहम्मद यूनुस से काफी मदद मिल सकती है। बर्जमैन ने दावा किया कि इस मामले को लेकर तारिक रहमान और मोहम्मद यूनुस के बीच वार्ता हो चुकी है। हालांकि दोनों की टीमों की ओर से ऐसे कयासों को खारिज किया गया है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नीतियों को लेकर मोहम्मद यूनुस तारिक रहमान के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं यूनुस के प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि उनकी राजनीति में ज्यादा कोई रुचि नही है और ना ही वह कोई संवैधानिक पद चाहते हैं। वह फिर से वापस जाना चाहते हैं और अपना महत्वपूर्ण समय खुद को देना चाहते हैं। उन्होंने बहुत सारे लक्ष्य हासिल किए हैं और अब सत्ता का हस्तांतरण कर रहे हैं। अपने बारे में मोहम्मद यूनुस ने कुछ नहीं बताया है।  

इश्क का कड़वा अंजाम: दवा से जुड़ी मोहब्बत, दारू बनी मौत की वजह

हल्द्वानी उत्तराखंड के हल्द्वानी में वेलेंटाइन वीक के दौरान एक प्रेमी जोड़े की हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। अल्मोड़ा के शुभम और नैनीताल की रहने वाली लक्ष्मी की प्रेम कहानी एक मेडिकल स्टोर से शुरू हुई, लेकिन खत्म हुई गल्ला मंडी में शराब पार्टी और विवाद में हुई नृशंस हत्या के साथ। दोनों की पत्थरों से कूचकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शवों की शिनाख्त के बाद इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मौके से मिले सबूतों व अन्य माध्यमों के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान हल्द्वानी के रहने वाले गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर (25), सौरभ भट्ट उर्फ भटिया (20), दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव (20) और दीपेश लटवाल (25) के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे शुभम व लक्ष्मी के साथ बैठकर शराब पी रहे थे और इसी दौरान उन्होंने युवती से छेड़छाड़ शुरू कर दी, जिसका शुभम ने विरोध किया। अधिकारी ने बताया कि आपसी झगड़े में उन्होंने शुभम की हत्या कर दी और बाद मे सबूत मिटाने के लिए उन्होंने लक्ष्मी को भी मार दिया। मेडिकल स्टोर पर पहली मुलाकात दोनों की मुलाकात किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि उस मेडिकल स्टोर पर हुई थी, जहां लक्ष्मी काम करती थी। मुलाकात के बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आए और सालभर के प्रेम को शादी में बदलने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि नियति ने कुछ और ही लिखा था। शुभम और अक्कू का पुराना संबंध पुलिस ने बताया कि शुभम कुछ साल पहले नशे की गिरफ्त में था। जब वह अल्मोड़ा से हल्द्वानी आया, तब उसकी मुलाकात अक्कू से हुई। अक्कू के माध्यम से ही शुभम का संपर्क दीपू शर्मा, दीपेश लटवाल और सौरभ भट्ट से हुआ। पिछले कुछ समय से ये लोग लगातार गल्ला मंडी में मिलकर पार्टियां कर रहे थे और अन्य प्रकार के नशे भी करते थे। बुधवार रात भी यही कारण था कि वे वहां एकत्र हुए। शुभम और लक्ष्मी का साथ शुभम और लक्ष्मी पिछले डेढ़ महीने से एक साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक लक्ष्मी पहले मुखानी स्थित एक मकान में अपनी दोस्त के साथ रहती थी। इसके बाद उसने शुभम के डहरिया स्थित घर में रहना शुरू किया। हालांकि पुलिस अब भी यह जांच कर रही है कि लक्ष्मी कब-कब कहां रही और किसके साथ थी। जांच में पता चला कि हत्या शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के चलते हुई। यह मामला दर्शाता है कि छोटी सी अनबन और नशे की स्थिति में कितनी तेजी से स्थिति हिंसक रूप ले सकती है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए हैं।