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बौद्ध बनकर अल्पसंख्यक कोटा लेने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट नाराज़— CJI की तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक के अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इसे नया तरीके का फ्रॉड करार दिया। अदालती सुनवाइयों को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, निखिल कुमार पूनिया ने याचिका दायर कर अल्पसंख्यक उम्मीदवार के आधार पर एडमिशन की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं, आप कौन से पूनिया हैं?'' इस पर निखिल के वकील ने जवाब दिया कि जाट पूनिया हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तब कैसे अल्पसंख्यक हुए? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसने (निखिल) बौद्ध धर्म अपना लिया है और यह उसका अधिकार है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा कि वाओ, यह तो नया तरीके का फ्रॉड है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त आदेश दिया। उसने कहा कि राज्य उसे अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट जारी करने के लिए गाइडलाइंस की जानकारी दे और बताए कि क्या ऊंची जाति के जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। कोर्ट ने हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा है।

जेब में Aadhaar, लाइन से छुटकारा! नया Aadhaar App लॉन्च — घर बैठे अपडेट और वेरिफिकेशन आसान

नई दिल्ली आज आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। UIDAI ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक उपयोगी है। यह ऐप 28 जनवरी 2026 से पूरे देश में उपलब्ध हो गया है। स्क्रीन पर सिर्फ फिजिकल कार्ड देखने के बजाय, अब आप अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID रख सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मोबाइल नंबर और पता जैसे डिटेल्स को भी घर बैठे अपडेट कर सकेंगे, बिना Enrollment Center का चक्कर लगाए।   New Aadhaar App के 5 मुख्य फीचर्स और फायदे 1. अब फिजिकल Aadhaar कार्ड रखने की जरूरत खत्म नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, PVC कार्ड या प्रिंटआउट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऐप में आपका पूरा Aadhaar डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित तरीके से मौजूद रहेगा। जहां भी पहचान दिखाने की जरूरत हो बैंक, होटल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर वहां आप सीधे मोबाइल से Aadhaar दिखा सकते हैं। इससे आधार खोने, फटने या गलत इस्तेमाल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 2. Face Authentication से होगी पहचान, OTP की झंझट खत्म नया Aadhaar App Face Authentication सपोर्ट करता है। यानी अब सिर्फ मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने चेहरे से ही पहचान वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास हमेशा OTP लेने के लिए फोन उपलब्ध नहीं रहता। 3. QR कोड से तुरंत वेरिफिकेशन नए ऐप में QR-code आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि: किसी को Aadhaar की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, सामने वाला सिर्फ QR स्कैन करके आपकी पहचान जांच सकता है, डेटा में छेड़छाड़ की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यह फीचर होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री, ऑफिस वेरिफिकेशन और किराए के मकान जैसे मामलों में बहुत काम आएगा। 4. एक ऐप में परिवार के कई Aadhaar (Multi-Profile Support) नया Aadhaar App Multi-Profile फीचर के साथ आता है। यानी: माता-पिता, बच्चे, परिवार के बुजुर्ग सदस्य। सबका Aadhaar एक ही ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अलग-अलग फोन या डॉक्यूमेंट संभालने की परेशानी खत्म हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के आधार मैनेज करना अब बेहद आसान होगा। 5. घर बैठे Aadhaar डिटेल अपडेट करने की सुविधा नए Aadhaar App में कई जरूरी अपडेट्स अब घर बैठे किए जा सकेंगे, जैसे: मोबाइल नंबर, पता (Address)। इससे अब Aadhaar Center के चक्कर, लंबी लाइनें और समय की बर्बादी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर कामकाजी लोगों और ग्रामीण इलाकों के लिए राहत लेकर आया है। Aadhaar फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव शेयरिंग जैसे फीचर्स की वजह से: फर्जी Aadhaar इस्तेमाल करना मुश्किल होगा, फोटो कॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, पहचान चोरी के मामलों में कमी आएगी, यानी नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच भी है।

राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और 4 करोड़ घर गरीबों के लिए — देश के सपनों की दिशा

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।   उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’ पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।' आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों? नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।  

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस त्रासदी ने न केवल एक लोकप्रिय जननेता को छीन लिया, बल्कि उन दर्दनाक हादसों की कड़वी यादें भी ताजा कर दीं, जिनमें पहले भी देश ने अपने कई राजनीतिक दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों को असमय खोया है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती में उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह उतर रहा था।   होमी भाभा- 1966 भारत के अग्रणी परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 24 जनवरी 1966 को ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ हुए गलत संचार की वजह से विमान ‘स्विस आल्प्स’ पहाड़ के मोंट ब्लांक में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   संजय गांधी- 1980 कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वह सफदरजंग हवाई अड्डे के पास ‘दिल्ली फ्लाइंग क्लब’ के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे, तभी विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   माधवराव सिंधिया-2001 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को कानपुर में राजनीतिक रैली के लिए जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की बैठने की क्षमता वाला निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   जी एम सी बालयोगी-2002 लोकसभा अध्यक्ष रहे एवं तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी की मृत्यु तीन मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। वह पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम से आ रहे थे, जब उनका निजी हेलीकॉप्टर आंध प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकलुरु के पास एक तालाब में गिर गया। सिप्रियन सांगा-2004 मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री किप्रियन सांगा और 9 अन्य लोग 22 सितंबर 2004 को गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे पवन हंस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त के कारण मारे गए थे। यह हेलीकॉप्टर राज्य की राजधानी से केवल 20 किमी दूर बारापानी झील के पास दुर्घटना का शिकार हुआ। के एस सौम्या- 2004 दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या (के एस सौम्या) की मृत्यु 17 अप्रैल 2004 को विमान दुर्घटना में हुई जब वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं। ओ पी जिंदल और सुरेंद्र सिंह-2005 उद्योगपति और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई जब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गया। वाई एस रेड्डी-2009 दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजसेखर रेड्डी (वाईएसआर) का हेलीकॉप्टर ‘बेल 430’ खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। दोरजी खांडू-2011 अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों को 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जान गंवानी पड़ी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत-2021 भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मृत्यु आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। यह दुर्घटना तमिलनाडु के कूनूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे। विजय रुपाणी-2025 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई। इस हादसे में बोइंग ‘787-8 ड्रीमलाइनर’ (एआई171) में सवार 242 यात्री और चालक दल में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई एमबीबीएस छात्रों समेत 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।  

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस याचिका को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि नए नियमों के तहत सामान्य वर्ग से आने वाले छात्रों को शिकायत निवारण जैसी सुरक्षा नहीं मिलेगी। साथ ही इन्हें लागू होने से रोकने के निर्देश देने की मांग की। बुधवार को तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने याचिका पेश की गई। इस पर उन्होंने कहा, 'हमें पता है क्या हो रहा है। यह पक्का करें कि सारी कमियां दूर हो जाएं। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।' खास बात है कि इन नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिका दाखिल की जा चुकी हैं। 13 जनवरी को University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 जारी किए गए थे। साथ ही सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसे लागू करने के निर्देश दिए गए थे। नियमों की अनदेखी पर संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई थी। नियम जारी होने के बाद से ही छात्रों का प्रदर्शन जारी है। याचिका में क्या मांग याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इन नियमों को मौजूदा स्थिति में लागू करने से रोका जाए। साथ ही यह भी घोषित करने का अनुरोध किया गया है कि जाति के आधार पर निवारण व्यवस्था बनाना भेदभाव है। इसमें कहा गया है कि इस फ्रेमवर्क से गैर आरक्षित वर्गों के खिलाफ दुश्मनी को बढ़ावा मिलेगा। न्यायालय से आग्रह किया है कि 'जाति-आधारित भेदभाव' की जाति-निरपेक्ष और संवैधानिक रूप से अनुकूल परिभाषा अनिवार्य की जानी चाहिए, जो जातिगत पहचान की परवाह किए बिना उन सभी व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करे जिनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। यूजीसी के नए नियम यूजीसी ने 2026 के ये नियम राधिका वेमुला और आबेदा सलीम तड़वी (रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताएं) द्वारा 2019 में दायर एक जनहित याचिका के बाद बनाए थे। इस याचिका में उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को दूर करने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करने की मांग की गई थी। मार्च 2025 में, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि यूजीसी ने जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए नियमों का मसौदा तैयार कर लिया है। उस समय न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि उसका इरादा परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक 'बहुत मजबूत और पुख्ता तंत्र' सुनिश्चित करना है।  

सिलाई मशीन के पीछे छिपा खतरनाक मंसूबा — फैजान चाहता था कश्मीर को भारत से अलग, गुजरात में गिरफ्तारी

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉवड (ATS) ने नवसारी पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। सोमवार को पुलिस ने 22 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया जो आतंकी संगठनों से प्रेरित होकर जिहाद की राह पर निकल चुका था। वह ना सिर्फ कई लोगों की हत्याओं की साजिश रच चुका था, बल्कि भारत के खिलाफ जंग छोड़ने और जम्मू-कश्मीर को अलग कर देने तक का इरादा रखता था।   आरोपी की पहचान फैजान सलमानी के रूप में हुई है, जो नवसारी के जाराकवाड इलाके में अक्सा मस्जिद के पास रहता था। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला वाला है। वह नवसारी में रहकर दर्जी का काम करता था। डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को सूचना मिली थी कि फैजान आतंक फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की साजिश रच रहा था। गोपनीय सूचना के बाद एटीएस के अधिकारियों ने आरोपी को दबोच लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी आतंकियों की विचारधारा से बहुत प्रेरित था और सशस्त्र संघर्ष के जरिए जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने का सपना पाल रहा था। जिहादी साजिशों से भरा फोन जांच के दौरान फैजान का फोन भी जिहादी सामग्रियों से भरा हुआ मिली। वह जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा के समर्थन वाले वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। उसके फोन में भारत के कई अहम ठिकानों, प्रतीक चिह्नों और नक्शों से छेड़छाड़ वाली तस्वीरें मिली हैं। वह कई ऐसे लोगों को धमकियां दे चुका था जिन पर पैगंबर के अपमान का आरोप है। वह 'मोहम्मद अबु बकर' नाम के एक शख्स के साथ भी चैट कर रहा था। वह अभी फरार बताया जा रहा है। इस चैट में जैश के प्रोपेगेंडा वीडियो, भड़काऊ भाषण और वीडियो मिले हैं। फैजान बकर के साथ कई महीनों से संपर्क में था। क्या-क्या इरादे रखता था फैजान पूछताछ के दौरान फैजान ने कबूल किया कि उसने छह महीने पहले यूपी से एक पिस्टल और छह कारतूस खरीदे थे। उसने कहा यह हथियार उसने उन लोगों की हत्याओं के लिए खरीदा था जिनकी तस्वीरें और फोटोग्राफ जिहादी ग्रुपों में शेयर किए गए थे। एटीएस अधिकारियं ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैजान अपने हैडलर्स के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, हिंसा भड़काने और युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने में शामिल था। फैजान के खिलाफ यूएपीए, बीएनएस और आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

एक कॉल, जो आख़िरी बन गई—बेटी की आवाज़ याद कर टूट गए पिंकी के पिता

मुंबई. मध्य मुंबई में प्रभादेवी के निवासी शिवकुमार ने बेटी से आखिरी बार हुई बातचीत को याद करते हुए कहा कि उसने कहा था कि पापा, मैं कल विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ बारामती जाऊंगी। उन्हें वहां छोड़ने के बाद मैं नांदेड़ जाऊंगी और होटल पहुंचने के बाद आपसे बात करूंगी। महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार को हादसे का शिकार हुए फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने आज उनसे बात करने का वादा किया था, और यह कहते हुए वह रो पड़े कि अब उनकी बातचीत कभी नहीं हो पाएगी। विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और पिंकी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मध्य मुंबई में प्रभादेवी के निवासी शिवकुमार ने बेटी से आखिरी बार हुई बातचीत को याद करते हुए कहा कि उसने कहा था कि पापा, मैं कल (बुधवार को) विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ बारामती जाऊंगी। उन्हें वहां छोड़ने के बाद मैं नांदेड़ जाऊंगी और होटल पहुंचने के बाद आपसे बात करूंगी। पिंकी दिल्ली में स्थित वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित लियरजेट 46 में अटेंडेंट थीं, जो बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में चालक दल के दो सदस्यों समेत कुल पांच लोग सवार थे। शिवकुमार ने कहा कि पिंकी इससे पहले राष्ट्रपति, मुख्यमंत्रियों और कई राजनीतिक नेताओं के साथ विमान में उड़ान भर चुकी थीं। उन्होंने कहा कि पिंकी चौथी बार अजित पवार के साथ विमान में रवाना हुई थीं। शिवकुमार ने नम आंखों के साथ कहा कि मैंने कल शाम उससे बात की थी और उसने मुझे बताया था कि वह उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ बारामती जाएगी और फिर नांदेड़ रवाना होगी। मैंने उससे कहा था कि तुम्हारी ड्यूटी खत्म होने के बाद कल बात करेंगे। लेकिन वह कल अब कभी नहीं आएगा। शिवकुमार भी अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता समाधान सर्वंकर ने उन्हें विमान हादसे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मैंने टीवी खोला। खबर देखकर मैं स्तब्ध रह गया। दोनों बाप बेटी की 16 जनवरी को मुलाकात हुई थी, जब पिंकी नगर निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए ठाणे से प्रभादेवी पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि पिंकी पिछले पांच साल से अटेंडेंट के तौर पर काम कर रही थी। शिवकुमार ने कहा कि पिंकी ने अपना करियर एयर इंडिया से शुरू किया था और कुछ वर्ष बाद वह एक निजी चार्टर्ड फ्लाइट कंपनी में काम करने लगी थी। शिवकुमार ने कहा कि अजित पवार के साथ हालिया उड़ान के दौरान मेरी बेटी ने उनसे शिकायत की थी कि वह पूरे महाराष्ट्र की यात्रा कर रहे हैं लेकिन राकांपा कार्यकर्ताओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे। जब पवार ने उससे पूछा कि उसे ऐसा क्यों लगा तो पिंकी ने उन्हें बताया कि मैं (शिवकुमार) 35 साल से राकांपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने कहा कि इस बातचीत के बाद पवार ने उन्हें कॉल की थी। शिवकुमार ने कहा कि मैं कार चला रहा था, तब कॉल नहीं उठा पाया। इसके बाद मुझे संदेश मिला कि पवार मुझसे बात करना चाहते थे। वह कॉल भी कभी दोबारा नहीं आएगी।

डबल-डेकर फ्लाइओवर पर बवाल: अचानक घटाई गई लेन को लेकर सवाल, MMRDA का स्पष्टीकरण

मुंबई. मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा मीरा-भायंदर इलाके में में बनाए गए एक नए डबल-डेकर फ्लाइओवर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि यह फ्लाइओवर चार लेन से अचानक दो लेन में तब्दील होकर सिमट जा रहा है। अचानक चार लेन से दो लेन में सड़क की चौड़ाई कम करने से वहां दुर्घटनाओं को खुला न्योता दिया जा रहा है। इससे वहां यातायात की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, MMRDA ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कोई डिजाइन की खामी नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित इंजीनियरिंग निर्णय है, जिसे भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘Gems of Mira Bhayander’ नामक अकाउंट ने एक वीडियो पोस्ट कर सवाल उठाया कि मेट्रो लाइन-9 परियोजना का हिस्सा यह फ्लाइओवर जाम कम करने के बजाय कहीं हालात और खराब तो नहीं करेगा? पोस्ट में कहा गया कि चार लेन वाला फ्लाइओवर अचानक दो लेन में तब्दील हो जाता है। इससे वहां ट्रैफिक कंजेशन हो सकता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि MMRDA ने इस डिजायन को आखिर कैसे पास कर दिया? MMRDA का पक्ष MMRDA अधिकारियों के अनुसार, फ्लाइओवर को भायंदर (पूर्व) की ओर फिलहाल दो लेन के लिए ही डिजाइन किया गया है, जबकि भायंदर (पश्चिम) की ओर भविष्य में दो अतिरिक्त लेन जोड़ने का प्रावधान रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह डिजाइन राइट ऑफ वे की सीमाओं और वेस्टर्न रेलवे लाइन के ऊपर भविष्य में विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें कोई खामी नहीं है। लोगों और विशेषज्ञों की तीखी प्रतिक्रिया दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने MMRDA के स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा, “यह पुल दुर्घटनाओं को न्योता है। 2022 में सायरस मिस्त्री की मौत भी एक खराब पुल डिजाइन के कारण हुई थी। MMRDA वही गलती दोहरा रहा है और इसे मानने को तैयार नहीं है। आखिर कितनी जानें जोखिम में डालेंगे?” वहीं, अधिवक्ता कृष्णा गुप्ता ने निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि “MMRDA आम लोगों की जान से खेल रहा है। जिस ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को पहले BMC ने ब्लैकलिस्ट किया था, उसे फिर भी बड़े प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। इससे पहले बनाए गए दो डबल-डेकर पुल एक साल के भीतर ही गड्ढों से भर गए थे।” कौन-से हिस्से पर विवाद? विवाद मुख्य रूप से 1.5 किमी लंबे दीपक हॉस्पिटल–फाटक रोड सेक्शन (भायंदर पूर्व) को लेकर है। वहीं, SK स्टोन सर्कल–शिवार गार्डन (1.1 किमी) काशीगांव मेट्रो स्टेशन–साईं बाबा हॉस्पिटल (754 मीटर) जैसे अन्य हिस्से पहले ही यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। MMRDA का कहना है कि फ्लाइओवर में स्पष्ट साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर जैसे सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और यातायात पुलिस की सलाह को भी अंतिम चरण में शामिल किया जा रहा है। भविष्य में चौड़ीकरण के लिए नगर निगम से समन्वय की बात भी कही गई है। आदित्य ठाकरे का तंज इस पूरे मामले पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर लिखा, “MMRDA और इस ‘मास्टरपीस’ डिजाइन का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। अगले साल इसे दूसरे देशों को सिखाने के लिए MoU होगा। पुल वही पूरा होगा—2047 में!”उन्होंने आगे कहा कि चार लेन से दो लेन में अचानक कटौती “बेहद मूर्खतापूर्ण और अव्यवस्थित डिजाइन” है, जो यातायात में अराजकता ही फैलाएगी। फिलहाल, यह फ्लाइओवर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और जन-सुरक्षा के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। जहां MMRDA इसे भविष्य-उन्मुख योजना बता रहा है, वहीं नागरिक और विशेषज्ञ इसे खतरनाक प्रयोग करार दे रहे हैं।

सालभर में उत्तराखंड में UCC ने बदल दी जिंदगी की तस्वीर, शादी और रिश्तों पर असर

देहरादून  उत्तराखंड में UCC यानी समान नागरिक संहिता लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. 27 जनवरी को राज्य में ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाया गया – और, ठीक एक दिन पहले 26 जनवरी को कानून में संशोधन प्रस्ताव लाया गया, जिसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.  2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से सत्ता में लौटने पर राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सत्ता में लौटने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. जनसंवाद, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और विधायी प्रक्रिया के बाद 7 फरवरी 2024 को यूसीसी विधेयक उत्तराखंड विधानसभा से पारित हुआ.  11 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करके 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना.  हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी केस नहीं यूसीसी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले जब उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया गया था, तब कई लोगों ने मजाक उड़ाया. पुष्कर सिंह धामी ने कहा, विपक्ष ने कहा था कि ये सिर्फ घोषणा भर है, और इसे लागू करना संभव नहीं है… लेकिन, सरकार ने कमेटी गठन से लेकर राष्ट्रपति की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया 27 जनवरी, 2025 तक पूरी करके UCC लागू भी कर दिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, बीते एक साल में हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी मामला सामने नहीं आया है. पुष्कर सिंह धामी कहते हैं, अगर भविष्य में कहीं ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, पहले जहां औसतन हर रोज 67 विवाह पंजीकरण होते थे, कानून लागू होने के बाद ये संख्या बढ़कर रोजाना 1400 से भी ज्यादा पहुंच गई है. उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026, राज्यपाल (रिटा.) लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की मंजूरी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. बीजेपी सरकार ने यूसीसी 2024 में आवश्यक संशोधनों के लिए ये अध्यादेश लाया है – फरवरी-मार्च के बजट सत्र में इसे विधेयक के रूप में सरकार विधानसभा में पास कराएगी. अध्यादेश को 6 महीने के भीतर सदन से पास करना जरूरी होता है.  संशोधन में जो बदलाव हुए हैं संशोधन के तहत दो बड़े बदलाव सबसे महत्वपूर्ण हैं. एक, विवाह में पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने पर अब कठोर सजा का प्रावधान जोड़ा गया है. और, 2010 से 2025 (26 जनवरी तक) के बीच शादी करने वाले सभी दंपतियों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.  1. विवाह के वक्त पहचान छुपाने या गलत जानकारी देने को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है, जबकि विवाह और लिव-इन संबंधों में बल प्रयोग, जबरदस्ती, धोखाधड़ी या कोई भी गैरकानूनी तरीका अपनाने पर सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं. 2. नए प्रावधानों में समय सीमा का पालन करने पर भी ज्यादा जोर दिया गया है. समय-सीमा का पालन न करने पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है. 3. संशोधन में ये भी प्रावधान है कि अगर सब-रजिस्ट्रार निर्धारित समय-सीमा के भीतर एक्शन नहीं लेता, तो मामला अपने आप रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल के पास चला जाएगा. और, रजिस्ट्रार जनरल को विवाह, तलाक, लिव-इन संबंधों और उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण रद्द करने की शक्ति दी गई है. 4. अध्यादेश में ये भी तय किया गया है कि रजिस्ट्रार जनरल का पद अब केवल अपर सचिव स्तर के अधिकारी को ही दिया जाएगा.  5. लिव-इन संबंध खत्म होने पर रजिस्ट्रार की तरफ से टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान किया गया है – और 'विडो' शब्द की जगह 'स्पाउज' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. यूसीसी के संशोधित स्वरूप को नए आपराधिक कानूनों के हिसाब से भी अपडेट किया गया है. अब आईपीसी और CrPC यानी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के नियमों को जोड़ा गया है.

बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: विकास और विरासत दोनों अहम

 नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. राष्ट्रपति के संसद पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश की विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक एकता को याद किया. उन्होंने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया. वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के लिए उनके योगदान को याद किया. संसद के बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू ने विरासत और विकास का दिया संदेश संसद के बजट सत्र की बुधवार से शुरुआत हो गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और विरासत से लेकर विकास का संदेश दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बीच विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देशभर में मनाया जा रहा वंदे भारत के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव- राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रही हैं. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि पिछला साल भारत की तेज प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. उन्होंने कहा कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. नागरिक इस महान प्रेरणा के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा की गई. राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया. उन्होंने कहा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती के आयोजन ने पूरे देश को संगीत और एकता के सूत्र में बांध दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है. यही प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज़ करती है. अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने कहा कि बीता साल भारत की तेज़ प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देशवासी इस महान रचना के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. उन्होंने संसद के सभी सांसदों को बधाई दी कि संसद में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की गई, जो देश की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करती है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे. बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताएं, आर्थिक दिशा और आने वाले समय की नीतियों की झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में देखने को मिली. यह सत्र दो चरणों में होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा.  बजट सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10 बजे विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी. सत्र के बेहतर ढंग से संचालन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है.  वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक कर मनरेगा, विशेष गहन संशोधन (SIR) और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने का फैसला लिया है. इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए.  दो चरणों में चलेगा 30 बैठकों का सत्र बजट सत्र की रूपरेखा काफी लंबी है. पहले चरण में 13 फरवरी तक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद एक अंतराल (ब्रेक) होगा. सदन की कार्यवाही दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी. रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को बजट पेश करने की स्पेशल तैयारी की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. विपक्ष ने तैयार किया मुद्दों का पिटारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं. सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि उनके लिए मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके अलावा विपक्ष लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, विदेश नीति और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार विधेयक से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. विशेष गहन संशोधन (SIR) की कवायद और पर्यावरण से जुड़े संकट भी सदन में गूंजेंगे. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे. सरकार की कोशिश है कि दोनों सदनों की कार्यवाही बिना किसी बड़े गतिरोध के चले. विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार सुबह एक अलग मीटिंग बुलाई है, जिससे सदन के अंदर एक संयुक्त रणनीति के तहत सरकार को चुनौती दी जा सके.