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Aadhaar New Rule: अब आधार की फोटोकॉपी रखना होगा मना? जानिए सरकार का नया प्लान

नई दिल्ली  आधार कार्ड से जुड़ा नया नियम आ रहा है। सरकार जल्द ही ऐसा नियम लाने वाली है जिसमें होटल, इवेंट आयोजकों और ऐसी ही जगहों को आधार कार्ड की फिजिकल फोटोकॉपी लेना और अपने पास रखना पूरी तरह बंद करना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पेपर पर आधार की कॉपी रखना निजता के लिए जोखिम बन जाता है और यह आधार कानून के खिलाफ भी है। UIDAI ने नए नियम को मंजूरी दे दी है और अब इसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। नए नियम के तहत अब कोई भी संस्था अगर ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना चाहती है, तो उसे UIDAI में पंजीकरण कराना होगा और डिजिटल तरीकों से ही सत्यापन करना होगा। UIDAI प्रमुख भूवनेश कुमार ने बताया कि सभी संस्थाओं को अब एक सुरक्षित API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के जरिए QR कोड और ऐप-आधारित वेरिफिकेशन का ही इस्तेमाल करना होगा। यानी होटल, इवेंट आयोजन स्थल या अन्य जगहों पर अब फिजिकल आधार कॉपी देने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इस कदम का मकसद पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन को हतोत्साहित करना और आधार डेटा के दुरुपयोग की संभावना को कम करना है। UIDAI एक नया ऐप UIDAI एक नया ऐप भी बीटा-टेस्ट कर रहा है जो ऐप-टू-ऐप वेरिफिकेशन की सुविधा देगा। इस ऐप की खासियत यह होगी कि हर बार केंद्रीय सर्वर से लाइव कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे एयरपोर्ट, रिटेल आउटलेट, इवेंट वेन्यू जैसी जगहों पर बिना नेटवर्क समस्या के आसानी से आधार चेक हो सकेगा। ऐप के जरिए यूज़र अपना पता अपडेट कर सकेंगे और जिन परिवार के सदस्यों के पास मोबाइल नहीं है, उन्हें भी जोड़ सकेंगे। नए सिस्टम की खासियत नए सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि यह सर्वर डाउन होने जैसी परेशानियों से बचाएगा। अभी कई बार बीच की सर्वर लाइनों में तकनीकी दिक्कत आने से आधार वेरिफिकेशन रुक जाता है, लेकिन QR और ऐप-बेस्ड ऑफलाइन वेरिफिकेशन से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी। UIDAI का कहना है कि यह मॉडल यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करेगा और पेपर कॉपी लीकेज से होने वाले जोखिम को खत्म करेगा। यह पूरी व्यवस्था डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के अनुरूप भी है, जो अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है।  

‘हम और ज्यादा कर सकते थे…’ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनाथ सिंह का खुलासा, संयम को बताया भारत की ताकत

लेह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बल ‘‘और भी बहुत कुछ कर सकते थे’’ लेकिन उन्होंने जानबूझकर ‘‘संयमित’’ और ‘‘संतुलित’’ प्रतिक्रिया का विकल्प चुना। सिंह ने कहा कि मई में हुए ऑपरेशन ने भारतीय सेना की क्षमता और अनुशासन को रेखांकित किया, जिन्होंने बिना तनाव बढ़ाये आतंकी खतरों को बेअसर कर दिया।   रक्षामंत्री सिंह ने देश के विभिन्न हिस्सों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा पूरी की गई 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने अपने सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन और सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के बीच जो समन्वय देखा, वह अविश्वसनीय था। मैं लद्दाख और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक के प्रति हमारे सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘यह समन्वय ही हमारी पहचान है। हमारा आपसी बंधन ही हमें दुनिया में सबसे अलग पहचान देता है।’’ ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सात मई को शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था। यह अभियान जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को किये गए उस हमले का बदला लेने के लिए शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे और इस हमले में जान गंवाने वालों में से अधिकतर पर्यटक थे। उन्होंने कहा, “कुछ ही महीने पहले, हमने देखा कि कैसे पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के जवाब में, हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया जानती है कि उन्होंने आतंकवादियों के साथ क्या किया।’’ रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘बेशक, अगर हम चाहते तो और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमारे बलों ने ना केवल वीरता, बल्कि संयम का भी परिचय दिया और केवल वही किया जो जरूरी था।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतना बड़ा ऑपरेशन मजबूत कनेक्टिविटी के कारण ही संभव हो पाया। सिंह ने कहा, ‘‘हमारे सशस्त्र बल समय पर रसद पहुंचाने में सक्षम थे। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ संपर्क भी बनाए रखा गया, जिससे ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक सफलता मिली।’’ रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुरक्षा को कई तरह से बदल रही है और सैनिकों को दुर्गम इलाकों में अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बना रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज, हमारे सैनिक दुर्गम इलाकों में मजबूती से खड़े हैं क्योंकि उनके पास सड़कें, वास्तविक समय की संचार प्रणाली, उपग्रह सहायता, निगरानी नेटवर्क और रसद कनेक्टिविटी उपलब्ध है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘सीमा पर तैनात एक सैनिक का हर मिनट, हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, कनेक्टिविटी को केवल नेटवर्क, ऑप्टिकल फाइबर, ड्रोन और रडार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा की रीढ़ माना जाना चाहिए।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर वह देश के किसी भी कोने में सशस्त्र बलों से मिल पाते हैं, तो यह मजबूत संचार नेटवर्क और कनेक्टिविटी की वजह से ही संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘संचार को सिर्फ बुनियादी ढांचे के लिहाज से नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक बहुत व्यापक शब्द है। शांति, सद्भाव और समाज की समझ के लिए संचार जरूरी है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास लद्दाख समेत सभी सीमावर्ती इलाकों के साथ संचार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों के समग्र विकास के लिए पूरे उत्साह से काम कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार, हमारे सशस्त्र बल और बीआरओ जैसे संगठन आपके साथ खड़े हैं। हमें बस इस संबंध को मजबूत करते रहना है ताकि हमारे संबंध किसी बाहरी तत्व से प्रभावित ना हो।’’ उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ना सिर्फ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति दे रही है। वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि मजबूत संचार और कनेक्टिविटी नेटवर्क एक प्रमुख कारक रहे हैं, जिसे सरकार की विकास-समर्थक नीतियों और राष्ट्रव्यापी सुधारों का समर्थन प्राप्त है।  

शेख हसीना का भारत दौरा: एस जयशंकर बोले— भारत अपने फैसले खुद लेता है

नई दिल्ली  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि उनकी उपस्थिति उनकी निजी पसंद है और यह पिछले साल बांग्लादेश में घटी विशेष परिस्थितियों से जुड़ी है। शेख हसीना पर भारत का रुख हसीना को पिछले महीने मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद बांग्लादेश ने उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। एक कार्यक्रम में जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या हसीना भारत में जितनी चाहें उतनी देर रह सकती हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: "वह एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं और वही परिस्थितियां तय करेंगी कि आगे क्या होगा।" उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत हमेशा बांग्लादेश का एक अच्छा पड़ोसी और शुभचिंतक है, और वह पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत होते देखना चाहेगा।   रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 साल से सबसे स्थिर बड़े रिश्तों में रहे हैं। जयशंकर ने स्पष्ट संदेश दिया: "भारत सभी बड़े देशों से रिश्ते रखता है। किसी भी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उसे हमारे फैसलों पर वीटो जैसा असर मिलेगा।" उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता।" अमेरिका से व्यापार वार्ता पर राष्ट्रीय हित सर्वोपरि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के साथ व्यापार समझौते की बातचीत पर, विदेश मंत्री ने भारत का रुख स्पष्ट रखा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही बातचीत करेगा। जयशंकर ने कहा, "डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है।" उन्होंने जोर दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश के किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ा जाएगा।  

गोवा अग्निकांड की जांच तेज, पुलिस ने मालिकों के खिलाफ दर्ज किया केस, सरपंच गिरफ्तार

गोवा गोवा पुलिस ने बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के 2 मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हैं। पुलिस ने गोवा नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा अर्पोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को इस अग्निकांड से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पुलिस ने नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। क्लब के मैनेजर और इवेंट आयोजकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है।'   सरपंच रोशन रेडकर को 2013 में परिसर के लिए व्यापार लाइसेंस जारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस कार्रवाई उस शुरुआती जांच के बाद हुई, जिसमें अर्पोरा गांव में नाइटक्लब के निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसमें संकरे एंट्री गेट, सीमित निकास मार्ग और निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग शामिल है।' रविवार को एक ग्राम अधिकारी ने दावा किया कि निर्माण अनधिकृत था, लेकिन क्लब को ढहाए जाने के नोटिस पर सीनियर ऑफिसर ने रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प व्यक्त किया, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के बावजूद इसे चलाने की इजाजत दी थी। संकरी गलियों के कारण दमकल को मुश्किल राज्य पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि आग सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी थी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि आग क्लब की पहली मंजिल पर लगी थी, जहां पर्यटक नाच रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि जब आग लगी तो 100 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे। स्वयं को बचाने के लिए उनमें से कुछ लोग नीचे की ओर रसोईघर में भाग गए जहां वे कर्मचारियों के साथ फंस गए। नाइट क्लब संकरी गलियों में स्थित होने के कारण दमकल गाड़ियों के लिए क्लब तक पहुंचना संभव नहीं है और उनके टैंकरों को घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा। पीड़ित भूतल पर ही फंसे रहे, जिसके कारण अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई।  

चुनावी माहौल में बयान से हड़कंप: वोटर लिस्ट गड़बड़ी पर कांग्रेस विधायक की खुली धमकी

त्रिपुरा  त्रिपुरा के कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन रविवार को बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) धमकी देते नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर बीएलओ राज्य में प्रस्तावित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने या कोई फर्जी नाम शामिल करने का प्रयास करेंगे, तो उनकी सार्वजनिक रूप से पिटाई की जाएगी। प्रस्तावित कवायद के लिए अगरतला के इंद्रनगर में कांग्रेस के बूथ स्तरीय एजेंट के वास्ते आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को बर्मन ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची चाहती है। वो त्रिपुरा में वह सब नहीं होने देगी, जो महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में हुआ।   सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, ‘कांग्रेस को मृत मतदाताओं या विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन फर्जी या छद्म मतदाताओं या किसी व्यक्ति का नाम दो या तीन बार शामिल करने जैसा कोई भी अनैतिक कृत्य नहीं होने दिया जाएगा। त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है।’ बर्मन ने कहा कि अगर बीएलओ मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल करने जैसा कोई अनैतिक कार्य करने की कोशिश करेंगे, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। सुदीप रॉय बर्मन को किस बात का डर कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘त्रिपुरा एक छोटा राज्य है, जहां हर कोई एक-दूसरे को जानता है। अगर कोई BLO सत्तारूढ़ दल के दबाव में असली मतदाताओं के नाम हटाने या कोई फर्जी नाम जोड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी सार्वजनिक रूप से पिटाई की जाएगी।’ बाद में, बर्मन ने बताया कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोकना चाहती थी। उसने डेकोरेटर को लाउडस्पीकर लगाने, कुर्सियां उपलब्ध कराने व मंच बनाने से रोका था। इन बाधाओं के बावजूद, हम खुले आसमान के नीचे बीएलए और बूथ प्रेसीडेंट के लिए प्रशिक्षण शुरू करने में सफल रहे। मुख्यमंत्री माणिक साहा पर निशाना साधते हुए रॉय बर्मन ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि सुशासन के नेता इस संबंध में ठोस कदम उठाएंगे, ताकि हमें राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का उचित अवसर मिल सके।’

चिनाब नदी में कहर बनकर बरपा तूफान, लोगों की बढ़ी धड़कनें, प्रशासन सतर्क

रामबन  बगलीहार डैम के गेट खोले जाने के बाद चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है, जिससे प्रशासन और नदी किनारों पर बसे लोगों में चिंता बढ़ गई है। बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों को सलाह जैसे की चिनाब का जलस्तर बढ़ गया है  स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और नदी तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। लाउडस्पीकरों के जरिए लगातार चेतावनियां जारी की जा रही हैं, जबकि टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।   पुलिस और SDRF (स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स) की टीमों ने नदी किनारे गश्त तेज़ कर दी है। पानी के बढ़ते स्तर पर पैनी निगाह रखी जा रही है। आपात स्थितियों में तुरंत रेस्क्यू के लिए उपकरण तैयार किए गए हैं। डैम प्रबंधन ने भी कहा है कि सुरक्षा के सभी मानकों की बार-बार जांच की जा रही है ताकि किसी भी दुर्घटना की गुंजाइश न रहे।

पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट कर पीएम मोदी ने दिया किसानों को बड़ा संकेत, देशभर में हुई चर्चा

अनंतनाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक दर्शाने वाले विशेष तोहफे भेंट किए। इन उपहारों में कश्मीर का मशहूर केसर और भगवद्गीता का रूसी संस्करण शामिल रहा। यह उपहार न केवल भारत की कला, आध्यात्मिकता और परंपरा को दर्शाते हैं बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करते हैं। कश्मीर के बुरहान दीन ने आईएएनएस से बातचीत में इस कदम पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कश्मीरी केसर उपहार में दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जम्मू-कश्मीर के लोगों से विशेष लगाव है। वह चाहें तो कोई कीमती वस्तु भेंट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कश्मीर की पहचान केसर को चुना। यह हमारे लिए सम्मान की बात है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे केसर की पैदावार बढ़ाएं, क्योंकि अब यह दुनिया के शीर्ष नेताओं तक पहुंच चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता सईद अख्तर हुसैन ने कहा कि कश्मीर की हर वस्तु अनमोल है और उसी अनमोलता का प्रतीक यहां का केसर है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीरी केसर को विश्व पटल पर और प्रख्यात कर दिया है। यदि किसान इसकी खेती को बढ़ावा दें तो यह वैश्विक स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी। जम्मू-कश्मीर में केसर की सबसे अधिक पैदावार होती है और प्रधानमंत्री द्वारा इसका चयन करना हमारे लिए गर्व की बात है। कश्मीर घूमने आए पर्यटकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। एक पर्यटक ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट करने से हमारी जिज्ञासा और बढ़ गई है। हम यहां का असली केसर खरीदकर अपने साथ ले जाना चाहते हैं। यहां के किसान मेहनती हैं और केसर की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। कश्मीर बेहद खूबसूरत है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं।

जाफर एक्सप्रेस एक बार फिर आतंक के निशाने पर, नसीराबाद में ट्रैक से बरामद हुआ बम

पेशावर  पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने जाफर एक्सप्रेस यात्री ट्रेन पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। मीडिया में रविवार को आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। समाचारपत्र ‘डॉन' की खबर के अनुसार, पेशावर जाने वाली ट्रेन की पटरी पर शनिवार को प्रांत के नसीराबाद इलाके में अज्ञात चरमपंथियों ने विस्फोटक लगा दिया था। पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से खबर में बताया गया कि विस्फोटक लगाए जाने के बारे में सूचना मिलने के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर उसे निष्क्रिय कर दिया।   इसी इलाके में एक महीने पहले एक विस्फोट हुआ था, जिससे ट्रेन बाल-बाल बच गयी थी। कुछ महीने पहले, इस ट्रेन पर हुए एक घातक हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस बीच, पेशावर से क्वेटा जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को सुरक्षा कारणों से जकोबाबाद में रोक दिया गया। एक अन्य ट्रेन को भी वहां रोका गया। खबर के अनुसार, स्थिति का आकलन करने के बाद इन रेलगाड़ियों की सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी। यह पहली बार नहीं है, जब उग्रवादियों ने जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया हो। ट्रेन सेवा पहले भी कई बार प्रभावित हो चुकी है।  

आग हादसे के बाद हांगकांग में चुनावी अग्निपरीक्षा, सरकार को मिलेगा जनता का रिपोर्ट कार्ड

हांगकांग  चीन के एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग में 2021 में व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करके लोकतंत्र समर्थक विपक्ष को खत्म किए जाने के बाद से दूसरी बार हो रहे ‘लेजिस्लेटिव काउंसिल' चुनाव के लिए रविवार को मतदान जारी है। लगभग दो सप्ताह पहले एक अपार्टमेंट में आग लगने से 159 लोगों की मौत के बाद हो रहा यह चुनाव इस त्रासदी को संभालने को लेकर सरकार के बारे में जनता की राय भांपने का एक जरिया साबित हो सकता है। मतदान प्रतिशत पर सबकी नजरें हैं, जो 2021 में हुए पिछले चुनाव में 30 प्रतिशत तक गिर गया था। शहर के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने शुक्रवार को लोगों से मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वह नयी ‘लेजिस्लेटिव काउंसिल' में एक प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसमें यह बताया जाएगा कि आग से प्रभावित पीड़ितों की कैसे सहायता की जा सकती है। मतदान रात 11:30 बजे खत्म होगा।इस चुनाव में उम्मीदवारों का चीन के प्रति निष्ठावान होना आवश्यक है। शहर के 41 लाख पात्र मतदाताओं में से कई, विशेष रूप से लोकतंत्र समर्थक लोग, 2019 में हुए विशाल विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए दमन के पश्चात राजनीति से दूर हो गए हैं। साल 2021 के परिवर्तनों से पहले भी 70 सदस्यीय ‘लेजिस्लेटिव काउंसिल' में से केवल आधे सदस्य सामान्य मतदाता चुनते थे। अब सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 90 कर दी गई है, जिनमें से 20 सदस्यों को मतदाता चुनते हैं जबकि 40 का चुनाव चीन समर्थक चुनाव समिति करती है। शेष 30 सदस्य विभिन्न समूहों, जैसे वित्त, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट से चुने जाते हैं।   

कूटनीति में बड़ा कदम! भारत ने शंघाई में खोला अत्याधुनिक वाणिज्य दूतावास

शंघाई भारत ने शंघाई स्थित अपने वाणिज्य दूतावास के नए अत्याधुनिक भवन का रविवार को उद्घाटन किया। भारत ने चीन के मुख्य व्यापारिक केंद्र स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को 32 साल में पहली बार दूसरे भवन में स्थानांतरित किया है। शंघाई वाणिज्य दूतावास चीन के पूर्वी क्षेत्र में भारत के तेजी से बढ़ते व्यापारिक समुदाय की सेवा करता है, जहां यिवू जैसे शीर्ष व्यापार और व्यवसाय केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय व्यवसाय मौजूद हैं। चांगनिंग जिले के प्रमुख डॉनिंग सेंटर में 1,436.63 वर्ग मीटर में फैले विशाल नए वाणिज्य दूतावास भवन का उद्घाटन चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने किया।  यह भवन पिछले भवन के आकार की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक वह आठ दिसंबर को अपने नए परिसर से पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। रावत ने 1992 के बाद पहली बार नए वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह वर्ष विशेष है क्योंकि भारत और चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक उद्घाटन के अवसर पर राजनयिक मिशन के सदस्य, शंघाई नगर सरकार के प्रतिनिधि, शंघाई, हांग्जो, निंगबो, सूझोउ, नानजिंग, यिवू, केकियाओ और वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य शहरों से आए भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित 400 से अधिक गणमान्य लोग उपस्थित थे। महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने अपने संबोधन में भारतीय नागरिकों और चीनी साझेदारों के लिए निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य दूतावास की प्रतिबद्धता दोहराई।