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दिल्ली और सौराष्ट्र में Bharat Taxi का सॉफ्ट लॉन्च, ड्राइवरों को 100% कमाई

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service: दिल्ली और गुजरात की सड़कों पर एक नई हलचल देखने को मिल रही है. यह हलचल किसी आम ऐप की नहीं, बल्कि कैब ड्राइवरों के सपनों को एक नई उड़ान देने वाली सेवा की है, जिसका नाम है 'भारत टैक्सी'. सहकारिता की सोच से निकली यह नई सर्विस न सिर्फ ओला-उबर जैसी निजी कैब कंपनियों को चुनौती देने आई है, बल्कि पहली बार देश के ड्राइवरों को ‘मालिकाना हक’ का अहसास भी दिला रही है.  दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली और गुजरात के सौराष्ट्र में भारत टैक्सी सर्विस की सॉफ्ट लॉन्चिंग की गई है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. इस कदम के साथ बीटा कंज्यूमर ट्रायल शुरू किया जा चुका है. 51 हजार से अधिक ड्राइवर जुड़े भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर-ओन्ड नेटवर्क के रूप में पेश किया जा रहा है. दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और बाइक तीनों कैटेगरी मिलाकर 51,000 से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं. हालांकि अभी ये सहकारी कैब सर्विस पूरे देश में लागू नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही भारत टैक्सी अब दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी कलेक्टिव बनकर उभरा है. ऐप हुआ लाइव, जल्द आएगा iOS वर्जन भारत टैक्सी मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है और ग्राहकों से इस ऐप को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन भारत टैक्सी ऐप की खासियत ये है कि, इसका दिल्ली मेट्रो से इंटीग्रेशन किया गया है. इससे यूज़र एक ही ऐप में अपनी पूरी यात्रा प्लान कर सकते हैं. कोऑपरेटिव के बयान के मुताबिक, यह सुविधा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को बेहद आसान बना देगी और यूज़र एक क्लिक में मेट्रो व कैब दोनों की बुकिंग कर सकेंगे. ड्राइवरों को पूरा भुगतान   भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को कम कीमत में राइड की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ कैब ड्राइवरों को उनकी मेहनत की पूरी रकम उपलब्ध कराना है. सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को ग्राहकों द्वारा किया गया पूरा भुगतान मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें संगठन के बोर्ड में प्रतिनिधित्व और शेयर पर डिविडेंड भी दिया जाएगा. यह मॉडल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. ‘नो कमीशन’ मॉडल, ड्राइवर नहीं सारथी भारत टैक्सी की एक खासियत यह है कि यहां किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. ड्राइवरों को सिर्फ एक सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक हो सकता है. इस तरह, हर यात्रा की पूरी कमाई ड्राइवर की जेब में जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. इस सर्विस से जुड़ने वाले वाहन चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि 'सारथी' कहा जाएगा. दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी राइडर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोऑपरेटिव ने दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी की है. इससे कैब राइडिं का अनुभव अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होने की उम्मीद है. ओला-उबर वाले ड्राइवर भी होंगे हिस्सेदार मीडिया रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि, ऐप में इन-एप कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध होगा, जैसा कि अन्य राइड-हेलिंग ऐप्स में मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि प्लेटफॉर्म पर वे ड्राइवर भी मौजूद होंगे जो पहले से ओला, उबर या रैपिडो से जुड़े हैं. अधिक कमाई की संभावना उन्हें भारत टैक्सी की ओर आकर्षित करेगी. 'किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा मुनाफा' कुछ महीने पहले सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड का रजिस्ट्रेशन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट के तहत किया गया था. इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 300 करोड़ रुपये रखी गई है. गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसी साल मार्च में लोकसभा में सहकारी कैब सर्विस को शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि, "जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म आने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा." नहीं चलेगी निजी कंपनियों की मनमानी बता दें कि, भारत टैक्सी सेवा एक तरह से ओला, उबर जैसी निजी कैब सर्विसेज कंपनियों की मनमानी का जवाब भी है. क्योंकि ये प्राइवेट राइड हेलिंग कंपनियां किसी भी वक्त अपने किराए में बढ़ोत्तरी कर देती हैं. हाल ही में सरकार की तरफ से इन्हें इस बात की भी मंजूरी मिल गई है कि, पीक ऑवर्स (व्यस्त समय में) में ये कंपनियां ग्राहकों से दोगुना फेयर भी वसूल सकती हैं. ऐसे में भारत टैक्सी ग्राहकों को एक किफायती राइड प्रदान करेगा.  वहीं दूसरी ओर निजी कैब कंपनियों पर समय-समय पर ड्राइवरों से कमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने का भी आरोप लगता रहा है. जिससे कई बार कैब ड्राइवरों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है. लेकिन भारत टैक्सी नो कमिशन मॉडल पर चलेगा तो इससे ड्राइवरों के हक का पैसा सीधे उनके खाते में पहुंचेगा. 

8th Pay Commission DA मर्जर पर वित्त मंत्रालय ने तोड़ी चुप्पी, एकीकरण से इनकार

नई दिल्ली केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बहुप्रतीक्षित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central ) को लेकर चर्चाएं इन दिनों तेज हैं. सरकार द्वारा आयोग के गठन की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद जहां कर्मचारियों को वेतन संशोधन की उम्मीद जगी थी, वहीं Terms of Reference (ToR) में कई अहम बिंदुओं की अस्पष्टता ने असंतोष को भी जन्म दिया है. इस बीच संसद में सरकार के ताजा जवाब ने कर्मचारियों की चिंताओं को और स्पष्ट कर दिया है. संसद में उठा मुद्दा, सरकार से मांगी गई थी स्थिति की जानकारी संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन, 1 दिसंबर को लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने एक अतारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि क्या 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है और क्या बढ़ती महंगाई को देखते हुए महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है. इन सवालों का लिखित उत्तर देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को बताया कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को एक प्रस्ताव (Resolution) जारी कर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को अधिसूचित कर दिया है. इसके साथ ही भारत के राजपत्र (Gazette Notification) की प्रति भी सदन के पटल पर रखी गई. हालांकि, DA को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग पर सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत महंगाई भत्ता (DA/DR) को AICPI-IW सूचकांक के आधार पर हर छह महीने में संशोधित किया जाता रहेगा. ToR को लेकर क्यों नाराज हैं कर्मचारी संगठन? 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference जारी होने के बाद कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों ने कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उनका मानना है कि वर्तमान ToR, 7वें वेतन आयोग की तुलना में अधिक सीमित और अस्पष्ट है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 7वें वेतन आयोग की शर्तों में पेंशनरों का स्पष्ट रूप से उल्लेख था, जबकि 8वें वेतन आयोग के ToR में यह बात साफ नहीं कही गई है. इससे यह आशंका पैदा हो रही है कि पेंशन संशोधन के मुद्दे को अपेक्षित महत्व नहीं मिलेगा. ToR में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से लागू होगा या किसी अन्य तारीख से. इसका असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है जो आगामी वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और अपनी वित्तीय योजना बना रहे हैं. DA को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग क्यों तेज थी? कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार ऊंची महंगाई के कारण कर्मचारियों की वास्तविक आय पर दबाव बढ़ा है. उनका तर्क है कि केवल छह महीने में DA संशोधन से महंगाई के प्रभाव की पूरी भरपाई नहीं हो पाती, जिससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति लगातार घट रही है. इसी कारण DA को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. आगे क्या? अब 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपनी प्रक्रिया शुरू करेगा, विभिन्न मंत्रालयों से आंकड़े जुटाएगा और कर्मचारी संगठनों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करेगा. लेकिन ToR को लेकर जारी असंतोष को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले महीनों में कर्मचारी संगठन सरकार पर दबाव बढ़ा सकते हैं.

संसद का दो-दिवसीय विशेष एजेंडा तय—‘वंदे मातरम’ और चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा होगी

नई दिल्ली संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। मंगलवार को राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिली, लेकिन इसके बाद सर्वदलीय बैठक में चुनाव सुधार पर चर्चा को लेकर सहमति बन गई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सोमवार 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा और मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा आयोजित की जाएगी। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा कि सरकार विपक्ष की मांगों को देखते हुए चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसे अन्य सभी निर्धारित कार्यों से ऊपर रखने की शर्त स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि सभी संसद सदस्य धैर्यपूर्वक बैठे हैं। सरकार चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष यह शर्त न लगाए कि इसे बाकी अन्य सभी संसदीय कार्यों से पहले लिया जाए।" उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जानी है। पहली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार ने वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा था और यह चर्चा सूची में शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव सुधार भी महत्वपूर्ण विषय है, जबकि वंदेमातरम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मुद्दा है। वहीं, कई सदस्य अपने-अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे भी उठाना चाहते हैं। इसलिए सभी विषयों को क्रम से लेने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि कृपया यह जोर न दें कि यह चर्चा किसी निश्चित समयसीमा में ही कराई जाए। सरकार तैयार है, लेकिन सदन को सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि नियम 267 के तहत दिए गए गई नोटिस को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान झुका, इमरान खान की बहन उज्मा को मिली मुलाक़ात की इजाजत

इस्लामाबाद पाकिस्तान की सरकार ने आखिरकार देश और दुनिया की आवाज के सामने घुटने टेकते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) संस्थापक इमरान खान की बहन उज्मा खानम को उनसे मिलने की इजाजत दे दी। खान आदियाला जेल में बंद हैं। स्थानीय मीडिया ने जेल अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। डॉन के मुताबिक उज्मा अपने भाई से मिलने जेल के अंदर गईं, जबकि जेल के बाहर कई पीटीआई समर्थक जमा थे। ये खबर ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान की ट्वीन सिटीज इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लगाई गई है। इससे पहले गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने सख्त हिदायत दी थी कि जिसने भी धारा 144 के नियमों का उल्लंघन किया उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार और पीटीआई सदस्यों को कई हफ्तों तक उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिलने देने के बाद, पीटीआई ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री के मिलने के अधिकार पर लगी रोक के खिलाफ इस्लामाबाद हाई कोर्ट और अदियाला जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया था। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 का पालन पक्का किया जाएगा। इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने चेतावनी दी, “चाहे वे इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) आएं या अदियाला जेल, धारा 144 के तहत बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने खास तौर पर पीटीआई समर्थित सांसदों से “कानून का पालन करने” की अपील की थी। पाकिस्तान के क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 144 एक कानूनी नियम है जो जिला प्रशासन को किसी इलाके में कुछ समय के लिए चार या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने का अधिकार देता है।

खुफिया जाल में फंसा पाक एजेंट, कोर्ट ने CID को दिया 10 दिन का रिमांड

नई दिल्ली  सोशल मीडिया के जरिए ISI से था संपर्क, तीन राज्यों से भेजता था आर्मी की सीक्रेट जानकारी जयपुर। CID इंटेलिजेंस ने श्रीगंगानगर से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को 10 दिन की रिमांड पर सौंप दिया गया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी ISI से जुड़ा हुआ था और राजस्थान, पंजाब और गुजरात में सैन्य प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजता था। फिरोजपुर का रहने वाला प्रकाश सिंह उर्फ बादल गिरफ्तार डीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जासूसी के आरोप में पकड़े गए युवक की पहचान प्रकाश सिंह उर्फ बादल (34) निवासी फिरोजपुर, पंजाब के रूप में हुई है। CID ने कोर्ट से 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन आदेशानुसार आरोपी को 10 दिन की रिमांड पर दिया गया है। विदेशी नंबरों से लगातार कॉन्टैक्ट में था 27 नवंबर को संदिग्ध को श्रीगंगानगर के साधूवाली सैन्य क्षेत्र के पास देखा गया। बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत पकड़ा।प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल में विदेशी और पाकिस्तानी व्हाट्सऐप नंबरों के साथ लगातार बातचीत के साक्ष्य मिले। ऑपरेशन सिंदूर से ISI के संपर्क में श्रीगंगानगर के ज्वाइंट इंटरोगेशन सेंटर में की गई पूछताछ में सामने आया कि संदिग्ध ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के समय से ही पाकिस्तान की ISI से जुड़ा हुआ था।वह कई अहम जानकारियां साझा कर रहा था—आर्मी वाहनों की मूवमेंट, सैन्य संस्थानों की लोकेशन, सीमावर्ती इलाके की भौगोलिक स्थिति, पुल, सड़कें, रेलवे लाइनें, नए निर्माण कार्यों की जानकारी, यह सभी सूचनाएं वह अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजता था। OTP सप्लाई रैकेट का भी हिस्सा जांच में एक और गंभीर गतिविधि सामने आई—ISI की मांग पर प्रकाश सिंह भारतीय नंबरों के OTP पाकिस्तान भेजता था। इन OTP के जरिए पाकिस्तानी एजेंट भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप एक्टिवेट कर जासूसी और राष्ट्रविरोधी काम करते थे।इसके बदले में आरोपी को फंडिंग भी मिलती थी। गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज हुई FIR पूछताछ और मोबाइल डेटा एनालिसिस में मिले ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम-1923 के तहत जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई और उसे सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। CID इंटेलिजेंस उम्मीद कर रही है कि रिमांड अवधि के दौरान ISI नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एयर इंडिया विमान सुरक्षा मानकों में फेल, DGCA ने लिया सख्त एक्शन

नई दिल्ली नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ी अनियमितता पकड़ी है। एयर इंडिया का एक बोइंग विमान पिछले कई दिनों तक बिना वैध ‘वायु योग्यता नवीनीकरण प्रमाणपत्र (एआरसी) के व्यावसायिक उड़ानें भरता रहा। यह प्रमाणपत्र हर विमान के लिए हर साल अनिवार्य होता है, जो यह साबित करता है कि विमान पूरी तरह सुरक्षित और उड़ने लायक है। विस्तारा के एयर इंडिया में विलय की प्रक्रिया के तहत यह तय हुआ था कि विलय के बाद विस्तारा के सभी 70 विमानों का पहला नया एआरसी खुद डीजीसीए जारी करेगा। डीजीसीए ने संतोषजनक जांच के बाद 69 विमानों को नया एआरसी दे दिया था। सत्तरवें विमान के लिए एयर इंडिया ने आवेदन दिया था, लेकिन इंजन बदलने के काम के कारण विमान को कुछ समय के लिए जमीन पर खड़ा कर दिया गया। इसी दौरान उसका पुराना एआरसी समाप्त हो गया। इंजन बदलने के बाद विमान को फिर से उड़ान सेवा में लगा दिया गया, लेकिन नया एआरसी लेना भूल गए। 26 नवंबर 2025 को एयर इंडिया ने खुद डीजीसीए को सूचना दी कि उनका यह विमान बिना वैध एआरसी के 8 यात्री उड़ानें पूरी कर चुका है। सूचना मिलते ही डीजीसीए ने तुरंत जांच शुरू कर दी और संबंधित विमान को तत्काल प्रभाव से जमीन पर खड़ा करने का आदेश दिया। अभी नया एआरसी जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। डीजीसीए ने सख्ती दिखाते हुए जांच पूरी होने तक जिम्मेदार कर्मियों को तुरंत ड्यूटी से हटा दिया है। साथ ही एयर इंडिया को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी पूरी व्यवस्था की आंतरिक जांच करे, कमियां ढूंढे और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए ठोस सुधार करे। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला गंभीर है। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रूस ने पुतिन यात्रा से पहले जताया विश्वास: भारत हमारी अनूठी पार्टनर, S-400 सप्लाई 100% शेड्यूल पर

रूस  रूस ने साफ कर दिया है कि उसकी रणनीतिक रक्षा साझेदारी भारत के साथ न सिर्फ मजबूत है, बल्कि नए तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने कहा कि को-प्रोडक्शन, जॉइंट डेवलपमेंट और लोकलाइजेशन अब भारत–रूस रक्षा रिश्तों के मुख्य आधार बन चुके हैं।मंतुरोव ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की 30% से अधिक रक्षा खरीद रूस से हुई है, जो इस साझेदारी की गहराई को दिखाता है। उन्होंने कहा-“भारत–रूस सैन्य-तकनीकी सहयोग हर साल और मजबूत होता जा रहा है। अब हमारा मुख्य फोकस सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स के बजाय तकनीकी साझेदारी और ‘मेेक इन इंडिया’ के अनुरूप सहयोग पर है।”  S-400 पर भ्रम खत्म मंतुरोव ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर किसी भी तरह की देरी या विवाद की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया-“यह कॉन्ट्रैक्ट तय समयसीमा के अनुसार पूरी तरह क्रियान्वित हो रहा है।”भारत के लिए S-400 की समय पर आपूर्ति बेहद अहम है, क्योंकि यह सिस्टम देश की लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस क्षमता को कई गुना बढ़ाता है।  मंतुरोव ने याद दिलाया कि भारत–रूस संबंध 2000 में पुतिन की यात्रा के दौरान हुए “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप डिक्लेरेशन” से नई ऊंचाइयों पर पहुंचे और 2010 में यह संबंध और अपग्रेड होकर “स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” बन गया। 

शांति की भाषा न समझने वालों को करारा जवाब—रक्षा मंत्री बोले, ऑपरेशन सिंदूर है इसका प्रमाण

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर इस बात का सबूत है कि भारत उन लोगों को करारा जवाब देता है जो शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते। मंगलवार को यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई की तुलना सरदार वल्लभभाई पटेल की सुदृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व से की। उन्होंने कहा, “पटेल ने हमेशा संवाद के जरिए समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन जरूरत पड़ने पर कभी भी साहसी रास्ता चुनने में हिचकिचाए नहीं, जैसा कि हैदराबाद को भारत में विलय के मामले में हुआ था।” राजनाथ सिंह गुजरात के वडोदरा में सरदार सभा को संबोधित कर रहे थे। यह सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के तहत मेरा युवा (एमवाई) भारत द्वारा आयोजित ‘एकता मार्च’ का हिस्सा था। यहां रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए सशस्‍त्र बलों के साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, “आज विश्व भारतीय सैनिकों की वीरता और क्षमता को स्‍वीकार कर रहा है। इस अभियान ने स्‍पष्‍ट संकेत दिया है कि हम शांतिप्रिय राष्‍ट्र हैं, जो किसी देश को उकसाते नहीं, लेकिन यदि कोई उकसाये तो उसे बख्शा भी नहीं करते हैं।” राजनाथ सिंह ने सरदार पटेल को देश को एक करने में अहम योगदान देने वाला बताया। रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उनका सपना और मजबूत हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरसन का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय ने जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा में पूरी तरह से जोड़ दिया। रक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार सरदार पटेल द्वारा दिखाए गए रास्‍ते पर चल रही है, जिसके परिणामस्वरूप एक समय संदेहों से घिरा भारत आज अपनी शर्तों पर विश्‍व से संवाद कर रहा है। उन्होंने कहा, “आज पूर्व की तुलना में अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात ध्‍यानपूर्वक सुनी जाती है। भारत एक बड़ी आर्थिक और सामरिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है। यह सरदार पटेल अमूल्‍य योगदान का परिणाम है। 2014 से पहले भारत विश्‍व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था थी और आज यह चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है तथा शीघ्र ही शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ‘न्‍यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, जबकि राजनीतिक और भौगोलिक एकता के जरिए यह एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र की सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ा रही है। हमारी सरकार भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक एकता के सूत्र में पिरो रही है। हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सरदार पटेल के राष्ट्रीय सुरक्षा विजन को आगे बढ़ा रही है, जिन्होंने रक्षा आधुनिकीकरण और रक्षा हथियारों व गोला-बारूद के स्वदेशी उत्‍पादन पर जोर दिया था। रक्षा मंत्री ने कहा, “आज, ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल के कारण हम रक्षा उत्‍पादन में आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जबकि मित्र देशों को सैन्य उपकरण निर्यात कर रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में हमारा रक्षा निर्यात लगभग 34 गुना बढ़ गया है। हमारा लक्ष्य 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्‍पादन और 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करना है। उन्होंने आगे कहा, "सरदार पटेल का पूरा जीवन पवित्रता और ईमानदारी का प्रतीक था और इन उच्‍च आदर्शों से प्रेरित होकर सरकार का लक्ष्य संसद में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 को पारित कराना है, जो उच्‍चतम पदों पर आसीन लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ नैतिक व्यवहार करने की मांग करता है। इसका मतलब है कि यदि पद पर आसीन किसी व्‍यक्ति को किसी गंभीर आरोप के तहत गिरफ्तार किया जाता है और 30 दिनों के भीतर जमानत नहीं मिलती है, तो वे अपने आप अपने पद से मुक्त हो जाएंगे।” रक्षा मंत्री ने युवाओं से एक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्‍ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखना एक ज़िम्मेदारी है, जिसे सरदार पटेल ने देश की भावी पीढ़ियों के लिए छोड़ा था। 

पाकिस्तान संकट की आग में घिरा: इमरान की संदिग्ध मौत के बाद रावलपिंडी में कर्फ्यू लागू

पेशावर  पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल तेज हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की अफवाहों के बाद हालात काबू से बाहर होने लगे हैं। आदियाला जेल के बाहर PTI समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि इमरान के परिवार तक को मुलाकात की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। इसी डर से शहबाज शरीफ सरकार और जनरल मुनीर की सेना में दहशत फैल गई है, और रावलपिंडी जो पाक सेना का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है में पूरे शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। सरकार को डर है कि इमरान खान के समर्थक रावलपिंडी में बड़ा बवाल खड़ा कर सकते हैं। पाक सेना की भूमिका पर लगातार बढ़ते सवालों से लोगों में भयंकर आक्रोश है।  इसलिए धारा 144 लागू कर दी गई है, और कर्फ्यू 1 से 3 दिसंबर तक रहेगा। कर्फ्यू में क्या-क्या बैन?     भीड़ जुटाना, धरना, रैली, प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित     हथियार, डंडे, पेट्रोल बम जैसी कोई भी चीज लेकर चलना मना     भड़काऊ भाषण, हथियार लहराना बैन     लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक     सेना और पुलिस की भारी तैनाती सड़कें पूरी तरह कब्जे में     उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी    इमरान की मौत की आशंका क्यों बढ़ी? 1 महीने से किसी को इमरान से मिलने नहीं दिया गया। परिवार को भी कोई जानकारी नहीं। PTI लगातार कह रही है कि इमरान की सुरक्षा खतरे में है। इमरान के बेटे ने सरकार से पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है। पाक सेना और सरकार केवल “अफवाह” कहकर बचने की कोशिश कर रही है।  लेकिन पाकिस्तान में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सेना ने जेल के अंदर ही इमरान खान को खत्म कर दिया है?  

धरती फिर डोली! पर्वतीय ‘नेचर हॉटस्पॉट’ में खतरे की घंटी तेज

ताजिकिस्तान  मंगलवार को  ‘नेचर हॉटस्पॉट’  देश ताजिकिस्तान में रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार यह भूकंप 75 किलोमीटर की गहराई पर आया। NCS ने एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया “2 दिसंबर 2025, 04:35:14 IST, तीव्रता 3.9, स्थान: ताजिकिस्तान।” इससे पहले 26 नवंबर को भी 4.2 तीव्रता का भूकंप 90 किलोमीटर गहराई में दर्ज किया गया था। ताजिकिस्तान का ज़्यादातर हिस्सा पर्वतीय होने के कारण यह देश लगातार प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, बाढ़, सूखा, हिमस्खलन, भूस्खलन और मडस्लाइड्स की चपेट में रहता है। वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने ताजिकिस्तान की कमजोरियों को और बढ़ा दिया है, क्योंकि 2050 तक देश की 30% ग्लेशियर बर्फ पिघलने की आशंका जताई गई है। ग्लेशियरों पर निर्भर नदी घाटियां, हाइड्रोपावर, सिंचाई तंत्र और पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।   इसके अलावा भूस्खलन, मलबा बहाव और अचानक आई बाढ़ कई बार सड़कों और पुलों को नष्ट कर देश को दुनिया से और अलग-थलग कर देती हैं।  देश का 60% से अधिक हिस्सा उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्र में आता है। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों का पुराना बुनियादी ढांचा लगातार प्राकृतिक आपदाओं से कमजोर हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में जोखिम कम करने के लिए नए निर्माण में स्थानीय जानकारी, जलवायु परिवर्तन डेटा और खतरों का आकलन शामिल करना बेहद ज़रूरी है।