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भारतीय महिला ब्लाइंड टीम को प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान—टीम इंडिया की जीत पर जताई खुशी

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम से मुलाकात की, जिन्होंने कोलंबो में फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हराकर ब्लाइंड T20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण जीता था.  छह टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला ब्लाइंड टीम की जीत कुछ ही दिनों बाद आई है. इससे पहले महिला टीम ने ODI वर्ल्ड कप में अपनी पहली खिताबी जीत दर्ज की थी.  टीम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने हस्ताक्षर वाला बैट भेंट किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी टीम के लिए एक बॉल पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान पीएम मोदी ने टीम के सदस्यों को अपने हाथों से म‍िठाई ख‍िलाई.  विजेता भारतीय टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पीएम मोदी पहले ही उनकी सराहना कर चुके हैं. उन्होंने X पर लिखा था- ब्लाइंड वूमेंस T20 वर्ल्ड कप के उद्घाटन संस्करण में इतिहास रचने के लिए भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम को बधाई. इससे भी अधिक सराहनीय यह है कि वे सीरीज में अपराजित रहीं.  उन्होंने आगे लिखा था- यह वास्तव में एक ऐतिहासिक खेल उपलब्धि है, जो कड़ी मेहनत, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है. प्रत्येक खिलाड़ी एक चैम्प‍ियन है. टीम को भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं. यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.  

79 कंटेस्टेंट्स को पछाड़कर कैटालिना ड्यूक बनीं मिस इंटरनेशनल 2025; रूश सिंधू का शानदार प्रदर्शन

 नई दिल्ली  जापान के टोक्यो में 27 नवंबर को मिस इंटरनेशनल 2025 का ग्रैंड फिनाले हुआ. जहां कोलंबिया की कैटालिना ड्यूक ने मिस इंटरनेशनल 2025 का खिताब अपने नाम किया. इस बार दुनिया भर से 80 सुंदरियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इन 80 ब्यूटी क्वीन्स में भारत की बेटी रूश सिंधू ने भी हिस्सा लिया था और उन्होंने 12 साल बाद इस प्रतियोगिता में इतिहास रचा दिया.  इस साल के 2023 की मिस इंटरनेशनल वेंज़ुएला की अंद्रेआ रुबियो, 2019 की मिस इंटरनेशनल जापान मोमी ओकाडा और मैक्स पॉवर्स ने होस्टिंग की. प्रतियोगिता में टॉप 20 सुंदरियों ने स्विमसूट और इवनिंग गाउन राउंड में हिस्सा लिया. इसके बाद टॉप 10 ने पब्लिक स्पीकिंग राउंड में अपने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स और सोसाइटी के लिए किए जाने वाले काम के बारे में बताया. भारत की बेटी ने रचा इतिहास भले ही रूश सिंधू मिस इंटरनेशनल 2025 का ताज नहीं जीत पाईं, लेकिन 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, रूश ने टॉप 20 में जगह बनाकर भारत का नाम रोशन कर दिया है. हर तरफ उनकी खूबसूरती, आत्मविश्वास और स्टाइल के चर्चे हो रहे हैं.  रूश सिंधू को भारतीय फैन्स भी सोशल मीडिया पर भरपूर प्यार और सपोर्ट दे रहे थे, रूश की इस उपलब्धि यह साबित दिया है कि मेहनत और धैर्य से बड़ी से बड़ी प्रतियोगिता में भी नाम रोशन किया जा सकता है. कोलंबिया की चौथी जीत साल 2024 में वियतनाम की हुन्ह थी थान थोई ने यह ताज अपने नाम किया था, जोकोलंबिया देश की पहली विनर थीं. अब नई मिस इंटरनेशनल 2025  की 23 साल की कैटालिना ड्यूक बन गई हैं. सबसे खास बात यह है कि वो यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने वाली देश की चौथी महिला बन गईं.  टॉप 4 में कौन-कौन ?     जिम्बाब्वे की योलांडा चिम्बारामी फर्स्ट रनर-अप रहीं     बोलीविया की पाओला गुजमान सांचेज को सेकंड रनर-अप रहीं.     इंडोनेशिया की मेलिजा जेवियरा यूलियन थर्ड रनर-अप बनीं.     फिलीपींस की मर्ना एस्गुएरा चौथे स्थान पर रही.  

कनाडा फायरिंग केस: संदिग्ध हमलावर दिल्ली में गिरफ्तार, भारत लौटने की जानकारी मिली

नई दिल्ली कनाडा में कपिल शर्मा के KAP's कैफे पर फायरिंग करने के मुख्य षड्यंत्र में शामिल शूटर बंधु मान सिंह सेखों को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ा हुआ है. फायरिंग की घटना के बाद यह गैंगस्टर भारत आया था. सेखों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. गिरफ्तार किया गया आरोपी बंधु मान सिंह सेखों कनाडा में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य शूटर बताया जा रहा है. कैप्स कैफे में फायरिंग के मुख्य षड्यंत्र को समझने के लिए उसकी गिरफ्तारी अहम है. सेखों के गोल्डी बराड़ से जुड़े होने की वजह से दिल्ली पुलिस आगे की जांच कर रही है. कनाडा में फायरिंग के बाद भारत भागा गिरफ्तार शूटर बंधु मान सिंह सेखों ने कनाडा में कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. फायरिंग करने के बाद यह गैंगस्टर तुरंत भारत भाग आया था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया है. गोल्डी बराड़ और ढिल्लन से संबंध जांच में पता चला है कि बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का सहयोगी है. इसके अलावा, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. पुलिस अब इन गैंगस्टर कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है.

दुनियाभर में 100+ उम्र के बुजुर्ग: जापान नंबर-1, भारत की क्या स्थिति? जानें टॉप 5 देश

नई दिल्ली वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के नए डेटा से पता चला है कि दुनिया भर में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है। सौ साल से ज़्यादा जीने वालों की ग्लोबल लिस्ट में जापान अभी भी टॉप पर है, जहां 123,330 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र एक शतक को पूरा कर चुकी है। इस लिस्ट में जापान के बाद अमेरिका का नंबर आता है, जहां ऐसे बुजुर्गों की संख्या 73,629 है। तीसरे नंबर चीन और चौथे पर भारत का स्थान है। आंकड़े बताते हैं कि चीन में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 48,566 है, जबकि भारत में ये संख्या 37,988 है। टॉप पांच देशों की लिस्ट में पांचवे पायदान पर फ्रांस है, जहां 33,220 बुजुर्ग सौ साल से ऊपर के हैं। ये आंकड़े बदलते लाइफस्टाइल, बेहतर हेल्थकेयर और अत्याधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदगी दिखाते हैं जो लोगों को पिछली पीढ़ियों की तुलना में लंबी उम्र तक जीने में मदद कर रही हैं। टॉप 5 देशों के अलावा कहां-कहां ऐसे बुजुर्ग? एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 100 साल से ज्यादा बुजुर्गों वाले देशों के सूची में इन पांच देशों के अलावा और भी कई देश हैं, जहां 100 साल से ऊपर लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे देशों में इटली, रूस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, थाईलैंड, कनाडा और दक्षिण कोरिया शामिल है। इन देशों में औसतन ऐसे बुजुर्गों की तादाद 11,000 से 23,000 के बीच है। पिछले 15 सालों में दोगुने हुए 100 से ऊपर के बुजुर्ग वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया में अब पहले से कहीं ज़्यादा सौ साल से ज़्यादा जीने वाले लोग हैं। पिछले 15 सालों में दुनिया भर में इनकी संख्या करीब दोगुनी हो गई है। 2009 में ऐसे लोगों की संख्या 455,000 थी जो 2024 में बढ़कर लगभग 935,000 हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह ट्रेंड पब्लिक हेल्थ, वैक्सीन, बीमारी कंट्रोल और फिटनेस और न्यूट्रिशन के बारे में आम जागरूकता में सुधार दिखाता है। और जहाँ बढ़ती आबादी हेल्थकेयर और पेंशन सिस्टम पर दबाव जैसी चुनौतियाँ लाती है, वहीं वे बेहतर सर्वाइवल रेट और ज़्यादा सेहतमंद बुज़ुर्गों का भी संकेत देती हैं। अनुशासित जीवनशैली और स्वास्थ्य सुविधाएं अहम कई देश जहां हर व्यक्ति की उम्र ज़्यादा होती है, वे अनुशासित जीवनशैली और बुज़ुर्गों के लिए मज़बूत और सुलभ सहायता तंत्र के लिए भी जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए, जापानी समाज प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और शुरुआती स्क्रीनिंग पर ध्यान देता है। रिसर्चर उन कल्चरल तरीकों की ओर भी इशारा करते हैं जो पैदल चलने, सोशल गैदरिंग और हेल्दी खाने को बढ़ावा देते हैं। ये वजहें, मेडिकल केयर के साथ मिलकर, ज़िंदगी की उम्मीद बढ़ाने और सौ साल जीने वालों की संख्या बढ़ाने में मदद करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सौ साल जीने वालों की संख्या में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि दुनिया कितनी तेज़ी से बदल रही है। अब ज़्यादा लोग लंबी और हेल्दी ज़िंदगी जी रहे हैं, और देश बढ़ती उम्र वाली आबादी के हिसाब से ढलना सीख रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दशक में 100 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।  

SC में सुधारों का पहला चरण 1 दिसंबर से शुरू, केस मेंशनिंग प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली  देश के नए मुख्य न्यायाधीश (New CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि एक दिसंबर से कुछ नया होने वाला है। उन्होंने केस मेंशन करने आए एक वकील की दलील सुनने के बाद कहा कि एक दिसंबर तक रुकिए। उन्होंने कहा, "1 दिसंबर तक इंतजार करें, हम कुछ प्लान कर रहे हैं, हम आपके मुद्दे जानते हैं, आपको ज़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुधारों का पहला सेट 1 दिसंबर से लागू होगा। जस्टिस कांत की यह टिप्पणी केस मेंशनिंग सिसटम में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने इसी संकेत को डिकोड करते हुए कहा, "मैं 1 दिसंबर से कुछ कर रहा हूँ। सुधार के पहले फेज़ में हम मेंशनिंग के लिए कुछ करेंगे। हम बार की चिंता समझते हैं और हम उस पर ध्यान देंगे। हम यह पक्का करेंगे कि आप यहाँ तक न आएँ और मेंशनिंग के लिए अपना कीमती समय बर्बाद न करें। पद संभालते ही जताई थी नाराजगी बता दें कि CJI का पदभार ग्रहण करने के दिन ही उन्होंने केस मेंशनिंग के तौर-तरीकों पर घोर ऐतराज जताया था और सख्त टिप्पणी की थी कि ये तरीका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वकील के केस मेंशन करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि कुछ लोग मामलों को उसी दिन मेंशन करते हैं और उसे लिस्ट करने का अनुरोध करते हैं, जिसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने तब कहा था, “किसी केस को मेंशन करने और उसी दिन उसे लिस्ट करने का यह तरीका हमेशा के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैंने पहले ही कहा है कि मौत की सजा या अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े जरूरी मामलों को छोड़कर.. आपको मेंशनिंग के लिए सर्कुलेट करना होगा और प्रोसेस को फॉलो करना होगा।” बहुत खास हालात में ही अर्जेंट मेंशनिंग माना जा रहा है कि जस्टिस कांत की आज की टिप्पणी कि एक दिसंबर तक इंतजार करें, इसी समस्या को हल करने की दिशा में उठाया गया कदम है। जस्टिस कांत पहले ही साफ कर चुके हैं कि 'बहुत खास' हालात को छोड़कर, अर्जेंट लिस्टिंग के लिए रिक्वेस्ट मेंशनिंग स्लिप के ज़रिए लिखकर की जानी चाहिए, न कि बोलकर। उन्होंने कहा है कि रजिस्ट्री पहले स्लिप और अर्जेंट होने के कारणों का पता लगाएगी, और उसके बाद ही मामला लिस्ट किया जाएगा। संभवत: इसे वह अमली जामा पहना सकते हैं। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है।

30 लोगों ने दिन-रात मेहनत कर 6 दिन में बनाया ब्रिज, पहले 5 घंटे अब 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश क्षेत्र में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की 65 आरसीसी ग्रेफ ने 14,500 फीट की ऊंचाई पर 100 फीट का वैली ब्रिज सिर्फ 6 दिनों में तैयार कर दिया। यह ब्रिज पार्वती कुंड से निकलने वाले विंचिती नाले पर बनाया गया है। 40 टन क्षमता वाले इस बैली ब्रिज को 30 मजदूरों ने लगातार काम करके पूरा किया। ऊंचाई, मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद इतनी कम समय-सीमा में निर्माण पूरा होना बीआरओ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ब्रिज बनने से अब आदि कैलाश क्षेत्र में स्थानीय लोगों, सीमा पर तैनात जवानों और पर्यटन से जुड़े वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो गई है। कर्नल ने बताया क्यों जरूरी था यह ब्रिज 765 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह ने कहा कि विंचिती नाले में बारिश के मौसम में पानी बढ़ने और मिट्टी धंसने से आवाजाही रुक जाती थी। जवानों की मूवमेंट, लॉजिस्टिक सप्लाई और स्थानीय लोगों की यात्रा में बार-बार दिक्कतें आती थीं। उन्होंने बताया कि 1.2 करोड़ की लागत से बना यह ब्रिज अब पूरे रूट को स्थायी और सुरक्षित कनेक्टिविटी देता है, जिससे वाहनों का संचालन निर्बाध हो गया है। ज्योलिंगकांग तक सड़क पूरी तरह पक्की, 36 किमी सफर अब 1 घंटे से कम वहीं, ज्योलिंगकांग आदि कैलाश तक भी अब पक्की सड़क बन चुकी है। गुंजी से कुटी होते हुए ज्योलिंगकांग तक 36 किलोमीटर की दूरी तय करने में पहले ढाई घंटे का समय लगता था। डामरीकरण होने के बाद अब यह सफर एक घंटे से भी कम समय में तय हो रहा है। आदि कैलाश आने वाले पर्यटकों, सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ ही स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हुआ है। कुटी के ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि जब तक सड़क नहीं थी उन्हें कुटी से आदि कैलाश जाने में पांच घंटे लगते थे। अब केवल 30 मिनट में पहुंच रहे हैं। शिव का पुराना धाम है आदि कैलाश आदि कैलाश को भगवान शिव का प्राचीन धाम माना जाता है। इसे ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसका स्वरूप कैलाश पर्वत से मिलता-जुलता है। शिव–पार्वती मंदिर, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और भीम की खेती यहां के प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। रुंग समुदाय इसे अपनी विरासत और आस्था का केंद्र मानता है। 5 नवंबर को हो चुके कपाट बंद भगवान शिव-पार्वती मंदिर के कपाट इस साल 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विधि-विधान से बंद किए गए। पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परंपरा निभाई। कपाट बंद होने से पहले 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर दर्शन किए। हल्की बर्फबारी के बीच कपाट बंदी की प्रक्रिया पूरी की गई। मंदिर के कपाट अब अगले साल मई में खोले जाएंगे। पुजारी भी बर्फबारी बढ़ने से पहले कुटी गांव लौट गए हैं। मौसम सामान्य होने और मार्ग साफ होने के बाद ही प्रशासन यात्रा की औपचारिक शुरुआत करता है। 35 हजार से ज्यादा भक्त पहुंचे इस साल 30 मई से शुरू हुई यात्रा में इस वर्ष 35 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश पर्वत, ओम पर्वत, गौरी कुंड, पार्वती कुंड और भीम की खेती के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद सड़क सुधार और सुरक्षा प्रबंधन बेहतर हुआ है, जिससे पर्यटकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

2026 में सरकारी छुट्टियां कब हैं? केंद्र सरकार की पूरी हॉलिडे लिस्ट जारी

नईदिल्ली   केंद्र सरकार ने आगामी साल 2026 के लिए सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों की आधिकारिक छुट्टियों की सूची जारी कर दी है. इस सर्कुलर के अनुसार, कर्मचारियों को अनिवार्य छुट्टियों के अलावा प्रतिबंधित (Restricted) छुट्टियों की सूची में से दो अवकाश चुनने की अनुमति है. हालांकि, दिल्ली/नई दिल्ली से बाहर तैनात कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ अलग है. ऐसे कर्मचारियों के लिए 14 राष्ट्रीय स्तर की छुट्टियां अनिवार्य की गई हैं, जबकि 12 ऑप्शनल छुट्टी की सूची में से 3 छुट्टियां चुनना अनिवार्य होगा. क्या ईद, मुहर्रम जैसी तारीखें बदल सकती हैं? ये त्योहार चांद देखने पर निर्भर करते हैं, ऐसे में इनकी तारीख बदल सकती है। दिल्ली/नई दिल्ली में छुट्टी की तारीख में बदलाव हो सकता है, और यह बदलाव मंत्रालय की ओर से अलग से नोटिफाई किया जाएगा। दिल्ली के बाहर, छुट्टी की तारीख का फैसला वहां की राज्य सरकारें या केंद्र सरकार की स्थानीय कमेटियां करती हैं। अगर राज्य सरकार ईद की तारीख बदलती है, तो वहां के केंद्रीय दफ्तर भी उसी तारीख को छुट्टी दे सकते हैं। अगर दिवाली रविवार को पड़े तो क्या होगा? 2026 में दिवाली रविवार, 8 नवंबर को पड़ रही है। हालांकि, कुछ राज्य दिवाली एक दिन पहले नरक चतुर्दशी को मनाते हैं। यदि कोई राज्य नरक चतुर्दशी को आधिकारिक दिवाली की छुट्टी घोषित करता है, तो उस राज्य के केंद्रीय दफ्तर भी उसी दिन दिवाली की छुट्टी दे सकते हैं। पूरे भारत में अनिवार्य छुट्टियों की सूची (2026)     गणतंत्र दिवस     स्वतंत्रता दिवस     महात्मा गांधी जयंती     बुद्ध पूर्णिमा     क्रिसमस     दशहरा (विजयदशमी)     दिवाली (दीपावली)     गुड फ्राइडे     गुरु नानक जयंती     ईद-उल-फितर     ईद-उल-जुहा     महावीर जयंती     मोहर्रम     ईद-ए-मिलाद (प्रोफेट मोहम्मद का जन्मदिन) वैकल्पिक छुट्टियां (Optional Holidays) – 2026 दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालयों के लिए DoPT तीन वैकल्पिक छुट्टियां तय करता है, जबकि दिल्ली के बाहर राज्य की राजधानी स्थित CGEWCC तीन छुट्टियां निम्न सूची में से चुनती है-     दशहरा का अतिरिक्त दिन     होली     जन्माष्टमी     राम नवमी     महा शिवरात्रि     गणेश चतुर्थी/ विनायक चतुर्थी     मकर संक्रांति     रथ यात्रा     ओणम     पोंगल     सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी)     विशु, बैसाखी, बिहू, उगादी, चैती चांद, गुड़ी पड़वा, नवरात्र प्रारंभ, नवरोज, छठ पूजा, करवा चौथ आदि   S.No Holiday Date Day 1 Republic Day Jan 26 Monday 2 Holi Mar 4 Wednesday 3 Id-ul-Fitr Mar 29 Sunday 4 Ram Navami Mar 31 Tuesday 5 Mahavir Jayanti Apr 1 Wednesday 6 Good Friday Apr 3 Friday 7 Buddha Purnima May 31 Sunday 8 Id-ul-Zuha (Bakrid) June 26 Friday 9 Muharram June 26 Friday 10 Independence Day Aug 15 Saturday 11 Janmashtami Sep 4 Friday 12 Milad-un-Nabi / Id-e-Milad Sep 24 Thursday 13 Mahatma Gandhi’s Birthday Oct 2 Friday 14 Dussehra Oct 21 Wednesday 15 Diwali Nov 21 Saturday 16 Guru Nanak’s Birthday Nov 29 Sunday 17 Christmas Day Dec 25 Friday प्रतिबंधित छुट्टियां (Restricted Holidays) – 2026 (Delhi/नई दिल्ली) दिल्ली/नई दिल्ली में कर्मचारी इन सूची में से कोई भी दो अवकाश चुन सकते हैं. अन्य राज्यों में स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्य CGEWCC अपनी सूची तैयार करेगा. Holiday Date Day New Year’s Day Jan 1 (Thursday) Makar Sankranti Jan 14 (Wednesday) Basant Panchami Jan 16 (Friday) Guru Ravidas Jayanti Feb 12 (Thursday) Maha Shivratri Feb 26 (Thursday) Holika Dahan Mar 3 (Tuesday) Chaitra Sukladi / Gudi Padwa / Ugadi Mar 19 (Thursday) Easter Sunday Apr 5 (Sunday) Tagore Jayanti May 8 (Friday) Onam / Thiru Onam Aug 26 (Wednesday) Raksha Bandhan Aug 26 (Wednesday) Ganesh Chaturthi Sep 14 (Sunday) Dussehra (Saptami, Ashtami, Navami) Oct 18–20 – Karva Chauth Oct 30 (Thursday) Chhath Puja Nov 19 (Wednesday) Christmas Eve Dec 24 (Thursday) ईद और चांद देखने पर निर्भर त्योहारों में बदलाव संभव सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा, मोहर्रम और ईद-ए-मिलाद जैसी चांद देखने पर आधारित छुट्टियों की अंतिम तिथियां बाद में अधिसूचित की जाएंगी.

गांजा पीने वालों की बढ़ती संख्या से शराब की बिक्री घटी? रिपोर्ट में सामने आए संकेत

 नई दिल्ली 2025 में कई ऐसी रिपोर्ट आई हैं, जिसमें पता चला है कि लोगों का शराब से मोहभंग हो रहा है. ऐसे ही एक रिपोर्ट हाल ही में कर्नाटक से आई है, जिसमें बताया गया है कि कुछ महीनों से शराब की बिक्री लगातार कम होती जा रही है. इस रिपोर्ट में साल 2024 से तुलना की गई है और बताया गया है कि शराब की बिक्री कम हो गई है. खास बात ये है कि शराब की बिक्री कम होने पर शराब व्यापारियों का कहना है कि गांजे, चरस ज्यादा बिकने से शराब की बिक्री कम हो गई है. ऐसे में जानते हैं कि क्या सही में ऐसा हो सकता है और ऐसा क्यों कहा जा रहा है… क्या लोग कम पी रहे हैं शराब? सितंबर आखिरी में एक रिपोर्ट में बताया था कि केरल में शराब की बिक्री दस सालों में काफी कम हो गई है. वहां के मंत्री एमबी राजेश ने विधानसभा में बताया था कि 2011-12 में शराब बिक्री 241.78 लाख केस (शराब की बोतलें) थीं जो 2024-25 में घटकर 228.6 लाख रह गई. ऐसे ही कर्नाटक से जुड़ी रिपोर्ट आई जिसमें बताया जा रहा है कि कर्नाटक में पिछले 7 महीनों में शराब की बिक्री काफी कम हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में अप्रैल से अक्टूबर में जो बिक्री 407 लाख थी, वो इस साल 403 लाख है. वहीं पूरे भारत के हिसाब से देखें तो रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आबादी का पांचवा हिस्सा शराब पीता है यानी करीब 22.4 फीसदी लोग शराब पीते हैं. लेकिन, ये डेटा पहले के मुताबिक काफी कम हो गया है. साल 2025-16 में करीब 29.2 प्रतिशत लोग शराब पीया करते थे, जो अब काफी कम हो गया है. ये डेटाकेंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दिया गया था. कुछ राज्यों में पीने वालों की संख्या औसत से काफी ज्यादा है. जैसे गोवो में 59.1 फीसदी पुरुष, अरुणाचल प्रदेश में 56.6 फीसदी, तेलंगाना में 50 फीसदी, झारखंड में 40.4 फीसदी, ओडिशा में 38.4 फीसदी, सिक्किम में 36.3 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 35.9 फीसदी, तमिलनाडु में 32.8 फीसदी, उत्तराखंड में 32.1 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 31.2 फीसदी, पंजाब में 27.5 फीसदी, असम में 26.5 फीसदी, केरल में 26 फीसदी और पश्चिम बंगाल में 25.7 फीसदी लोग शराब पीते हैं. 2015-16 में किए गए NFHS-4 के अनुसार, भारत में 15-49 साल की उम्र की महिलाओं और पुरुषों में शराब पीने वालों का प्रतिशत 1.2 प्रतिशत और 29.2 प्रतिशत था. 2019-21 में किए गए NFHS-5 के अनुसार, यह प्रतिशत घटकर महिलाओं के लिए 0.7 प्रतिशत और पुरुषों के लिए 22.4 प्रतिशत हो गया. क्या कह रहे हैं व्यापारी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्यापारियों को कहना है कि शराब की बिक्री में कमी इसलिए हो रही है, क्योंकि अब गांजे आदि की बिक्री बढ़ गई है. गांजा, चरस की बिक्री बढ़ जाने से शराब की बिक्री पर असर पड़ा है.  इस बारे में बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट लिकर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ने बताया, 'कर्नाटक में हर साल ड्यूटी बढ़ा दी जाती है. अगर हर तिमाही में 15-20 बढ़ते हैं, तो कंज्यूमर कम हो जाते हैं. बीयर पर ड्यूटी बढ़ा दी गई है. ऐसे में लोग ड्रग्स की तरफ जा रहे हैं. पहले यहां से आंध्र को शराब एक्सपोर्ट होती थी, हम एक्सपोर्ट करते थे. लेकिन अब यह कम हो रही है. पुलिस काफी मारिजुआना जब्त करती रहती है. इतना सेवन होता है कि रोज काफी पकड़ा जाता है जितना हो सके ड्रग्स जब्त किए जाने चाहिए ताकि हमारा बिजनेस बढ़े.जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ गई हैं, इन सब वजहों से कंज्यूमर शराब नहीं खरीद पा रहे हैं.' क्या गांजे से कम शराब पीते हैं लोग? ब्राउन यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन से पता चलता है कि गांजा के सेवन से शराब की खपत में कमी हो सकती है. अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकियाट्री में प्रकाशित हुए रिजल्ट के हिसाब से कुछ वक्त के लिए शराब की बिक्री पर असर पड़ता है. ब्राउन यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में ये भी सामने आया है कि गांजा से शराब की इच्छा बढ़ने की जगह कम हो रही है. कई टेस्ट में सामने आया कि गांजा से उस समय शराब की तलब कम हुई और शराब की खपत कम हो गई. इसके बाद जब शराब मिलती है तो भी वो देरी से पीना शुरू करते हैं. गांजा से कैसे शराब की खपत कम होती है, इसे लेकर 21 से 44 साल के लोगों के 157 वयस्क पर शोध किया गया, जो काफी शराब पीते थे और सप्ताह में कम से कम दो बार गांजा का सेवन करते थे. जब मारिजुआना की सिगरेट पी तो कुछ घंटों तक उन्होंने अपनी पसंदीदा शराब नहीं पी. उन्होंने बाद में भी काफी कम शराब पी और नॉर्मल के मुकाबले 27 फीसदी तक कम शराब पी. इसके अलावा शराब बिक्री कम होने के पीछे कई कारण हैं, जिसमें ड्राई स्टेट में बढ़ोतरी, हाइवे पर शराब दुकानें ना होने के नियम, टैक्स में बढ़ोतरी आदि भी शामिल हो सकते हैं. 

स्टिंग से बढ़ी गर्मी: भाजपा बनाम शिंदे सेना, महाराष्ट्र की राजनीति में दोहरे मोर्चे पर कलह

मुंबई  महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के दो घटक दलों यानी भाजपा और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब नए विवाद में भाजपा कोटे से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना विधायक नीलेश राणे द्वारा भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर स्टिंग ऑपरेशन करने पर आपत्ति जताई है और पार्टी कार्यकर्ता के घर में घुसने पर सवाल उठाया है। हालांकि, बावनकुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि सिंधुदुर्ग में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर से कथित तौर पर मतदाताओं को बांटने के लिए रखी गई नकदी की जब्ती में यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो वह सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन करते हैं।   भाजपा के वरिष्ठ नेता ने शिवसेना विधायक नीलेश राणे द्वारा कार्यकर्ता के घर में शयनकक्ष समेत अन्य हिस्से में घुसने तथा उनके ‘स्टिंग ऑपरेशन’ करने के तरीके पर भी सवाल उठाया। दूसरी तरफ, मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने भी अपने बड़े भाई नीलेश राणे के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के पास अक्सर वैध व्यावसायिक आय होती है और किसी के घर पर नकदी की मौजूदगी को अन्यथा नहीं देखा जाना चाहिए। निकाय चुनाव से पहले पैसे बांटने का विवाद शिवसेना नेता नीलेश राणे ने बुधवार को आरोप लगाया था कि दो दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर पर मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए नकदी से भरे बैग मिले हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी से जुड़े नीलेश राणे ने एक “स्टिंग ऑपरेशन” करने का दावा किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य भाजपा प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने दो दिन पहले मालवण का दौरा किया था। सहयोगियों के बीच तनाव और बढ़ा भाजपा द्वारा इन आरोपों का खंडन करने के बाद राज्य सरकार में दोनों सहयोगियों के बीच तनाव और बढ़ गया है। शिवसेना विधायक के पिता नारायण राणे और भाई नितेश राणे भाजपा में हैं। इस मामले पर बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने कहा, ‘‘यह भी पूछा जाना चाहिए कि क्या किसी के घर में सीधे घुसना, उसके शयनकक्ष में जाना और फिर यह दावा करना उचित है कि यह स्टिंग ऑपरेशन का हिस्सा है।’’ मामले की गहन जांच होनी चाहिए भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि नीलेश राणे ने ऐसा व्यवहार क्यों किया और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी के शयनकक्ष में जाना ‘‘थोड़ा अनुचित’’ है। राणे के इस आरोप का ज़िक्र करते हुए कि मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए पैसों से भरे बैग भाजपा कार्यकर्ता के घर से मिले थे, बावनकुले ने कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह पैसा एक भाजपा कार्यकर्ता के घर से बरामद हुआ था और प्राथमिकता यह पता लगाने की है कि इसका संबंध किसी व्यावसायिक गतिविधि से था, संपत्ति के लेन-देन से या किसी और चीज से।’’ छोटे राणे ने बड़े राणे के आरोप खारिज किए इस बीच, नितेश राणे ने अपने भाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं के ‘क्रशर’, होटल या अन्य वाणिज्यिक गतिविधियां व व्यवसाय हैं। उन्होंने कहा, ‘‘किसी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता बनने से पहले हम में से ज़्यादातर लोगों के पास कोई न कोई व्यवसाय या आय के स्रोत जरूर थे। किसी को भी सिर्फ़ इसलिए भाजपा को बदनाम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि हमारे कार्यकर्ता के घर से कुछ नकदी मिली है। मुझे हमारे कार्यकर्ता के घर से कुछ नकदी मिलने में कोई समस्या नहीं दिखती।’’ चुनाव दो दिसंबर को होने हैं महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के बारे में नीलेश राणे की टिप्पणी पर नितेश राणे ने कहा, ‘‘हमारे प्रदेश पार्टी प्रमुख हर उस जगह का दौरा करेंगे जहां चुनाव हो रहे हैं।’’ भाजपा नेता एवं राज्य के मंत्री आशीष शेलार ने बुधवार को नीलेश के आरोपों को झूठा बताया था। ‘‘स्टिंग ऑपरेशन’’ के बाद चुनाव अधिकारी और पुलिस भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे। कार्यकर्ता ने दावा किया कि यह पैसा उसके व्यवसाय के लिए था और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। महाराष्ट्र में विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए चुनाव दो दिसंबर को होने हैं।  

हथियारों का बाप ‘ड्रैगनफायर’: दुश्मन ड्रोन को चुटकियों में राख कर देगा यह लेज़र सिस्टम

नई दिल्ली  रक्षा विशेषज्ञ अक्सर कहते रहते हैं कि भविष्य का युद्ध ड्रोनों का युद्ध होगा। आने वाली किसी भी जंग में ड्रोन सबसे निर्णायक भूमिका निभाएंगे। यही वजह है कि दुनिया का हर बड़ा देश ड्रोन तकनीक के साथ-साथ एंटी-ड्रोन तकनीक पर भी दिन-रात काम कर रहा है। इसी कड़ी में ब्रिटेन ने एक क्रांतिकारी हथियार विकसित कर लिया है जो बड़े-बड़े ड्रोन और छोटी मिसाइलों को पल भर में राख कर सकता है। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन के ड्रैगनफायर (DragonFire) लेजर हथियार की। दावा किया जा रहा है कि इसके सामने 650 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाला ड्रोन भी अब सुरक्षित नहीं रहेगा।  स्कॉटलैंड में सफल परीक्षण के बाद ब्रिटेन ने अपनी रॉयल नेवी के लिए ड्रैगनफायर लेजर डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (LDEW) सिस्टम को तैनात करने का रास्ता साफ कर दिया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सिस्टम हाई-स्पीड ड्रोन और छोटी मिसाइलों को बड़े पैमाने पर नष्ट करने में सक्षम है। यह 650 किमी/घंटा (फॉर्मूला-1 कार की टॉप स्पीड से दोगुनी रफ्तार) तक के लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और एक किलोमीटर दूर से एक पाउंड के सिक्के जितने छोटे लक्ष्य पर भी सटीक निशाना लगा सकता है। ताजा परीक्षणों में ड्रैगनफायर ने ब्रिटेन का पहला हाई-पावर लेजर फायर 'लाइन ऑफ साइट से परे' करते हुए ऊंचाई पर उड़ते हाई-स्पीड ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आकाश में एक पतली नीली किरण चमकती है और कुछ ही सेकंड में लक्ष्य ड्रोन टुकड़ों में बिखरकर धुएं का गोला बन जाता है। ड्रैगनफायर आखिर है क्या? ड्रैगनफायर ब्रिटेन की पहली हाई-पावर लेजर डिफेंस सिस्टम है। यह ड्रोन, मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को प्रकाश की अत्यधिक केंद्रित किरण से सेकंडों में जला कर राख कर देती है। यह पूरी तरह ब्रिटिश तकनीक से बना है। एक बार फायर करने की लागत मात्र 10 पाउंड (लगभग 1100 रुपये) है, जबकि पारंपरिक एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल की एक यूनिट की कीमत लाखों पाउंड होती है। इसीलिए इसे 'गेम चेंजर' और 'अत्यंत किफायती' हथियार कहा जा रहा है। इस प्रणाली को पैन-यूरोपीय मिसाइल कंपनी MBDA ने QinetiQ और लियोनार्डो-यूके के साथ मिलकर विकसित किया है। करीब पांच साल के लगातार विकास के बाद अब यह परिपक्व चरण में पहुंच चुकी है। ब्रिटेन ने 2027 से रॉयल नेवी के जहाजों पर इसे तैनात करने के लिए MBDA को 316 मिलियन पाउंड (लगभग 3500 करोड़ रुपये) का ठेका दिया है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह हाई-पावर लेजर हमारी रॉयल नेवी को नाटो में अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर देगा। यह अत्याधुनिक क्षमता ब्रिटेन और हमारे सहयोगियों की रक्षा को नई ऊंचाई देगी।