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फैसलाबाद के धमाके में 14 मृतक, केमिकल फैक्ट्री में हुआ बॉयलर ब्लास्ट

 फैसलाबाद  पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब (Punjab) प्रांत में फैसलाबाद (Faisalabad) शहर के मलिकपुर इलाके में आज एक केमिकल फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। आज, शुक्रवार 21 नवंबर को एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण बॉयलर ब्लास्ट (Boiler Blast) हो गया। यह धमाका तड़के सुबह हुआ, जिससे न सिर्फ फैक्ट्री में आग लग गई, बल्कि वो ढह भी गई। आसपास के कुछ घरों को भी इस ब्लास्ट की वजह से नुकसान पहुंचा और उनकी छतें ढह गईं। 14 लोगों की मौत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में फैसलाबाद शहर की केमिकल फैक्ट्री में आज हुए बॉयलर ब्लास्ट में 14 लोगों की मौत हो गई हैं। मृतकों में ज़्यादातर उस फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर थे। शुरू में मृतकों का आंकड़ा 4-10 बताया जा रहा था, लेकिन अब इसके बढ़कर 14 होने की पुष्टि हो गई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 7 से ज़्यादा लोग घायल इस बॉयलर ब्लास्ट में 7 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। किस वजह से हुआ ब्लास्ट? मामले की जांच शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में बताया जा रहा है कि बॉयलर का दबाव बढ़ने से ब्लास्ट हुआ। कहा जा रहा है कि पुराने बॉयलरों की अनदेखी और रखरखाव की कमी की वजह से ऐसा हुआ। ब्लास्ट से फैक्ट्री की छत गिर गई और मलबे के नीचे कई लोग दब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

वियतनाम बाढ़: हजारों घरों में पानी भर गया, खाद्य और पशुपालन संकट गहरा

हनोई   वियतनाम में बाढ़ से हाहाकार मच गया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने वियतनाम डिज़ास्टर एंड डाइक मैनेजमेंट अथॉरिटी के हवाले से बताया कि वियतनाम के सेंट्रल इलाके में भारी बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। इसके अलावा नौ लोग लापता हैं। अधिकारियों की तरफ से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ से 67,700 से ज्यादा घर डूब गए हैं और 168 दूसरी संरचनाओं को नुकसान हुआ है। 13,000 हेक्टेयर से ज्यादा चावल और दूसरी फसलें, साथ ही 88 हेक्टेयर मछली पालन फार्म डूब गए, जबकि 30,700 से ज्यादा जानवर और मुर्गियां मारे गए या बह गए। सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस भयावह बाढ़ की वजह से लगभग 3 ट्रिलियन वियतनामी डोंग के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि लगभग 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। इससे पहले सिन्हुआ ने सरकारी मीडिया के हवाले से बताया था कि ट्रांसपोर्ट सर्विस बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। वियतनाम रेलवे कॉर्पोरेशन ने हाल के दिनों में 14 पैसेंजर ट्रेनों को रोक दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली जाने से कई राज्यों में 1 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। खान होआ प्रांत के 14 इलाकों और वार्डों में करीब 9,000 घर पानी में डूब गए। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुई, जिसके बाद ट्रैफिक में भी रुकावट आई है। इसकी वजह से लोगों की सुरक्षा को खतरा है। हालांकि, बुधवार सुबह तक बाढ़ वाले इलाकों से 6,500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित जगहों पर भेजा जा चुका था। खान होआ प्रांत में बारिश की वजह से हुए लैंडस्लाइड में सात लोगों की मौत हो गई। उसी प्रांत में दो और लोगों का पता नहीं चल पाया है। डा नांग शहर में एक और लैंडस्लाइड के बाद तीन लोग लापता हैं। क्वांग ट्राई प्रांत और ह्यू शहर में बाढ़ के पानी में बह जाने के बाद एक-एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। इस बाढ़ में क्वांग ट्राई प्रांत और ह्यू शहर के 13,759 घर डूब गए। यहां पर 7,000 हेक्टेयर चावल के खेत बर्बाद हो गए। इसके अलावा बाढ़ में 357 जानवर और 4,900 मुर्गियां मर गई या बह गईं। क्वांग ट्राई प्रांत, ह्यू शहर, क्वांग न्गाई प्रांत और लाम डोंग प्रांत में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बुरी तरह बाधित रहे।

फातिमा ने जीता Miss Universe 2025 का खिताब, भारत की मनिका ने भी किया शानदार प्रदर्शन

बैंकॉक 21 नवंबर को थाईलैंड के बैंकॉक में साल 2025 की मिस यूनिवर्स का फिनाले हुआ जो भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे शुरू हुआ था. जानकारी के मुताबिक, मिस मेक्सिको को मिस यूनिवर्स का खिताब मिला है. कोटे डी आइवर फर्स्ट रनरअप थाईलैंड, सेकेंड रनरअप वेनेजुएला और थर्ड रनरअप फिलीपींस रहा. इस कॉम्पिटिशन में भारत की 22 साल मनिका विश्वकर्मा विभिन्न देशों की 100 से ज्यादा ब्यूटी क्वींस के साथ कॉम्पिटिशन कर रही थीं लेकिन खबर सामने आई है कि वह टॉप 12 में शामिल नहीं हो पाई हैं. मिस यूनिवर्स 2025 के फाइनलिस्ट में चिली, कोलंबिया, क्यूबा, ​​ग्वाडेलोप, मेक्सिको, प्यूर्टो रिको, वेनेजुएला, चीन, फिलीपींस, थाईलैंड, माल्टा और कोट डी आइवर की सुंदरियां शामिल हुई थीं. इमोशन और जबरदस्त एनर्जी से भरे फिनाले में मेक्सिको की फातिमा बॉश ऑफिशियली मिस यूनिवर्स 2025 बनीं. जैसे ही उनका नाम पुकारा गया पूरा एरिना गूंज उठा क्योंकि मेक्सिको एक ऐसे ताज का जश्न मना रहा था जो ऐतिहासिक और मेहनत से कमाया हुआ दोनों लग रहा था. फातिमा अपनी आखिरी गाउन में आगे बढ़ीं और जब ताज उनके सिर पर रखा गया तो वह कांपती हुई दिखीं. यह एक ऐसा पल था जो सालों की लगन, महीनों की तैयारी और एक आखिरी जवाब से बना था जो बहुत गहराई तक गया, यह दुनिया भर की महिलाओं के लिए एक आवाज थी कि वो बोलें, बदलाव लाएं और मिलकर इतिहास फिर से लिखें. मिस यूनिवर्स 2024 ने पहनाया ताज मिस यूनिवर्स 2024 डेनमार्क की विक्टोरिया केजर थेलविग को पिछले साल 16 नवंबर 2024 को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया गया था और वह यह खिताब जीतने वाली देश की पहली महिला थीं. उन्होंने मिस यूनिवर्स 2025 की विनर फातिमा को ताज पहनाया. 1952 में स्थापित मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन दुनिया भर की महिलाओं के लिए एक मंच है जो कॉम्पिटिटर्स के बीच लीडरशिप, एजूकेशन, सोशल इंपेक्ट, डाइवर्सिटी और पर्सनल डेवलपमेंट को बढ़ावा देता है. हालांकि, इस साल का ये कॉम्पिटिशन धांधली और विवादों के आरोपों के कारण चर्चा में रहा. जज और म्यूजिशियन उमर हार्फूच द्वारा फाइनल से ठीक 3 दिन पहले अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद, मिस यूनिवर्स के दूसरे जज, फ्रांसीसी फुटबॉल मैनेजर क्लाउड मैकेले ने भी इस्तीफा दे दिया था. 2 हफ्ते पहले आई थीं विवादों में फातिमा बॉश ने इस महीने की शुरुआत में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने के लिए एक बड़े विवाद का सामना किया था. जानकारी के मुताबिक, 2 हफ्ते पहले मिस यूनिवर्स की मेजबान नवात इत्सराग्रिसिल द्वारा एक मीटिंग के दौरान पब्लिकली रूप से आलोचना किए जाने के बाद फातिमा बॉश ने ड्रेमेटिक तरीके से वॉकआउट कर दिया था. लाइव स्ट्रीम सेशन के दौरान नवात ने उनके लिए 'Dumbhead' शब्द का उपयोग किया था. मिस मेक्सिको ने दिया ये जवाब और जीता ताज प्रतियोगिता के दौरान मिस मेक्सिको से पूछा गया कि आपके हिसाब से साल 2025 में एक महिला होने के क्या चैलेंज हैं और आप मिस यूनिवर्स के टाइटल का इस्तेमाल दुनिया भर की महिलाओं के लिए एक सेफ जगह बनाने के लिए कैसे करेंगी. इस पर उन्होंने कहा कि एक महिला और मिस यूनिवर्स के तौर पर मैं अपनी आवाज और ताकत दूसरों की सेवा में लगाऊंगी क्योंकि आजकल हम यहां बोलने, बदलाव लाने और सब कुछ देखने के लिए हैं क्योंकि हम महिलाएं हैं और जो बहादुर लोग खड़े होंगे वही इतिहास बनाएंगे. वहीं, भारत की मनिका विश्वकर्मा टॉप 12 से बाहर हो गईं थीं. इस प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों के 100 से ज्यादा सुंदरियां मुकाबला कर रही थीं और सभी की नजर इस खास ताज पर थी. 2021 में हरनाज कौर संधू के जीते हुए ताज के बाद अब भारत की तलाश एक बार फिर शुरू हो गई है. फाइनलिस्ट में चिली, कोलंबिया, क्यूबा, ​​ग्वाडेलोप, मेक्सिको, प्यूर्टो रिको, वेनेजुएला, चीन, फिलीपींस, थाईलैंड, माल्टा और कोटे डी आइवर शामिल थे. इस साल भारत की बैडमिंटन लीजेंड साइना नेहवाल इस पेजेंट के जजों के पैनल में हैं.

प्रदूषण का प्रहार: दिल्ली-एनसीआर का AQI खतरे के स्तर से ऊपर, स्मॉग ने बढ़ाई मुश्किलें

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। आज सुबह कई इलाकों में घना जहरीला स्मॉग छाया रहा। राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह एक्यूआई 400 से ऊपर दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह राजधानी दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 416, अशोक विहार में 443, आया नगर में 332, बवाना में 437, बुराड़ी में 418, डीटीयू में 432, द्वारका में 414, आईटीओ में 399, जहांगीरपुरी में 451 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद में भी 400 पार पहुंची एक्यूआई गाजियाबाद में भी एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, लोनी में 448 एक्यूआई दर्ज किया गया है। संजय नगर में 420, वसुंधरा 424 और इंदिरापुर में एक्यूआई 373 दर्ज किया। नोएडा का एक्यूआई भी 400 से ज्यादा नोएडा में भी कई इलाकों में 400 से ज्यादा एक्यूआई पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सेक्टर 125 में 431, सेक्टर 1 इलाके में 421, सेक्टर 116 में 436 और सेक्टर 62 इलाके में  342 एक्यूआई दर्ज किया गया है। गुरुग्राम में इतना दर्ज किया गया एक्यूआई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी में 365 एक्यूआई दर्ज किया गया है। सेक्टर 51 इलाके में 337, टेरी ग्राम में 238, विकास सदन में 266 एक्यूआई दर्ज किया गया है। फरीदाबाद का एक्यूआई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 30 में एक्यूआई 213, न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 297, सेक्टर 16ए में 213, और सेक्टर 11 में 264 दर्ज किया गया।  

मौत के बाद स्पर्म निकासी का चलन बढ़ा, इजराइल में PSR केवल मेडिकल प्रक्रिया नहीं—एक भावनात्मक कहानी

तेल अवीव इजराइल पिछले कुछ महीनों से जंग लड़ रहा है. जंग के मैदान में उसके सामने हमास और ईरान हैं. अब तक हजारों इजराइली सैनिक शहीद हो गए हैं. युद्ध में कई मौते हो चुकी हैं. युद्ध के बीच इजराइल में हाल के महीनों में एक अनोखा और भावनात्मक ट्रेंड बढ़ा है. युद्ध में मारे गए सैनिकों की पत्नियां और पार्टनर उनका स्पर्म सुरक्षित रख रही हैं, ताकि भविष्य में उनके बच्चे इस दुनिया में आ सकें. यह तकनीक खासकर उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जिन्होंने अपने साथी को युद्ध में खो दिया है. ये चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि दिसंबर 2023 में गाजा में मारे गए इजराइली सेना के कैप्टन नेतनएल सिल्लगी की मौत के बाद उनकी पार्टनर लेवी 18 महीने बाद मां बनी हैं. ये इसलिए संभव हो सका, क्योंकि उन्होंने अपने शहीद पति नेतनएल सिल्लगी की मौत के बाद उनका स्पर्म फ्रीज करवाया था. फिर कोर्ट की मंजूरी के बाद 2025 में IVF प्रक्रिया से लेवी ने एक बेटे को जन्म दिया. यह बच्चा अपने पिता की मौत के लगभग 18 महीने बाद पैदा हुआ. आखिर यह किस तकनीक संभव हो सका, आइए जानते हैं…. आखिर क्या है पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR)? आखिर क्या है पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR)? डेड बॉडी से स्पर्म निकालने की तकनीक को पोस्टमॉर्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR) कहते हैं. इसमें यह होता है कि डॉक्टर मृतक के टेस्टिकल्स से सुई के जरिए लिविंग स्पर्म निकालते हैं, जिसमें स्पर्म हो. जिंदा स्पर्म को फ्रीज किया जाता है, बाद में IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) के जरिए महिला गर्भधारण करती है. पोस्टमॉर्टम स्पर्म रिट्रीवल प्रोसेस के दौरान डॉक्टर मृत व्यक्ति के शरीर से एक निश्चित समय 48–72 घंटे के भीतर सर्जरी के माध्यम से स्पर्म निकालते हैं. फिर स्पर्म को तरल नाइट्रोजन में फ्रीज कर दिया जाता है. इसके बाद IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया से महिला को प्रेग्नेंट कराया जाता है. यह तकनीक दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में ही कानूनी है. 250 से ज्यादा मृत सैनिकों के स्पर्म कलेक्ट किए जा चुके इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2023 से 2025 के बीच अब तक 250 से ज्यादा मृत सैनिकों के स्पर्म कलेक्ट किए जा चुके हैं. पीएसआर के लिए आए आवेदन में 97 फीसदी रिकवरी सफल भी हुई है. कई परिवार इससे बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं. कुछ मामलों में कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है, खासकर जब कपल शादीशुदा न हो. परिवार ऐसा क्यों कर रहे हैं? युद्ध में लगातार हो रही मौतों के बीच कई परिवार चाहते हैं कि उनका वंश आगे बढ़े'. बच्चे के रूप में मृत सैनिक की याद जिंदा रहे. महिला को अपने साथी की एक झलक फिर देखने को मिले. इसलिए यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. इजराइल में इसे 'लिगेसी बर्थ' कहा जाने लगा है, जहां बच्चा अपने पिता के जाने के बाद पैदा होता है. 

AI और जलवायु परिवर्तन 2028 तक भारतीय व्यवसायों के लिए प्रमुख जोखिम: रिपोर्ट

नई दिल्ली   भारतीय कंपनियों ने साइबर अटैक और डेटा ब्रीच के रूप में अपने टॉप बिजनेस जोखिम की पहचान की है, जबकि 2028 तक के लिए एआई और क्लाइमेट चेंज को भविष्य का बिजनेस जोखिम बताया है। यह जानकारी बुधवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।  ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विस फर्म एऑन ने कहा कि प्रतिभाओं को आकर्षित कर उन्हें बनाए रखने की चुनौतियां बनी हुई हैं, जबकि प्रॉपर्टी डैमेज और एक्सचेंज रेट फ्लक्चुएशन एशिया में किसी और जगह की तुलना में भारत में ज्यादा है। एऑन के भारत के सीईओ ऋषि मेहरा ने कहा, "भारतीय व्यवसाय डिजिटल व्यवधान, टैलेंट अडैप्टेबिलिटी और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच उल्लेखनीय एजिलिटी का प्रदर्शन कर रहे हैं।77.8 प्रतिशत भारतीय रेस्पॉन्डेंट्स का कहना है कि उन्हें प्रॉपर्टी डैमेज से नुकसान हुआ है, 46.2 प्रतिशत बिजनेस इंटरप्शन और 63.6 प्रतिशत एक्सचेंज रेट फ्लक्चुएशन से प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब आधे रेस्पॉन्डेंट्स के लिए टैलेंट से जुड़ी चुनौतियां और कैश फ्लो/लिक्विडिटी के कारण नुकसान हुआ है। जोखिम प्रबंधन का औपचारिकीकरण तेजी से हो रहा है, जिसमें 70 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स ने डेडिकेटेड रिस्क और इंश्योरेंस टीम को स्थापित किया है। 64.9 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स इंश्योरेबल रिस्क की कुल कॉस्ट को मेजर कर रहे हैं।  92.9 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स के पास साइबर अटैक के लिए योजनाएं और फॉर्मल रिव्यूज हैं। प्रॉपर्टी डैमेज के लिए 90.9 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स के पास योजनाएं हैं। वहीं, 55 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स टैलेंट रिटेंशन पर ध्यान दे रहे हैं। आईटी मंत्रालय के डेटा के अनुसार, 400 से अधिक स्टार्टअप्स और 6.5 लाख प्रोफेशनल्स का एक स्किल्ड वर्कफोर्स 20 अरब डॉलर की साइबरसिक्योरिटी इंडस्ट्री को सशक्त बना रहे हैं, जिसके साथ भारत तेजी से एक ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी हब के रूप में उभर रहा है।  सीईआरटी-इन रिसर्च सहयोग, इंटरनेशनल फोरम में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए एक मजबूत और विश्वसनीय साइबर डिफेंस आर्किटेक्चर बना रहा है, जो कि डिजिटल इंडिया विजन से जुड़ा है।

स्पेन में जन्म दर 1.10 तक गिर गई, यूरोप में आबादी तेजी से घट रही

वारसा यूरोप अब 'बूढ़ा' हो रहा है. इटली, पोलैंड और स्पेन जैसे देशों में लोग इतनी तेजी से कम हो रहे हैं कि साल 2100 से पहले ही पूरी आबादी आधी रह जाएगी. यह कोई दूर की बात नहीं है – अभी से गांव खाली हो रहे हैं. घर बिक नहीं रहे और युवा दूसरे देशों में नौकरी ढूंढने भाग रहे हैं. जन्म दर बहुत कम हो गई है.  बुजुर्ग ज्यादा हैं और माइग्रेशन से भी मदद नहीं मिल रही. अगर पेंशन देने के पैसे खत्म हो गए तो अर्थव्यवस्था बर्बाद हो सकती है. स्पेन में तो 2024 में जन्म का आंकड़ा सबसे कम हो गया – सिर्फ 3 लाख 18 हजार 5 बच्चे पैदा हुए, जो 1941 से अब तक का सबसे निचला स्तर है. स्पेन में क्या संकट है? स्पेन में 2024 का जन्म आंकड़ा चौंकाने वाला है…     कुल बच्चे: 3,18,005 – सबसे कम का रिकॉर्ड.     देशी स्पेनियों के बच्चे बहुत कम हो गए, जबकि हर 3 में से 1 बच्चा विदेशी मां से पैदा हुआ.     प्राकृतिक रूप से आबादी घटी: 1.16 लाख से ज्यादा लोग कम हुए (जन्म से ज्यादा मौतें).     पिछले 10 साल में देशी जन्म दर 25.6% गिर गई.     मां बनने की औसत उम्र: 33.2 साल. हर औरत औसतन सिर्फ 1.10 बच्चे पैदा कर रही है, जबकि आबादी स्थिर रखने के लिए कम से कम 2.1 बच्चे जरूरी हैं.  स्पेन में कोई ठोस नीति नहीं है जो जन्म दर बढ़ाए. सरकार ने कुछ मदद दी है जैसे बच्चे पैदा करने पर छुट्टी या पैसे, लेकिन यह काफी नहीं है. नतीजा यह है कि स्पेन बूढ़ा हो रहा है. गांव खाली हैं. अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ रहा है. पूरे यूरोप में यह समस्या क्यों फैल रही है? इटली में भी जन्म दर 1.2 है. पोलैंड में 1.3 – सभी जगह एक जैसी हालत. दक्षिणी और पूर्वी यूरोप में शहरों से लोग भाग रहे हैं. युवा जर्मनी या अमेरिका जैसे देशों में जा रहे हैं जहां नौकरियां बेहतर हैं. अब वैज्ञानिक कारण समझते हैं कि जन्म दर क्यों इतनी कम हो गई है. यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि जनसांख्यिकीय संक्रमण (Demographic Transition) नाम की वैज्ञानिक प्रक्रिया का नतीजा है. वैज्ञानिक कारण  आर्थिक दबाव (Economic Pressure): यूरोप में जीवन बहुत महंगा है. घर खरीदना, बच्चे पालना, स्कूल की फीस – सब कुछ बहुत खर्चीला. महिलाएं अब पढ़ाई और नौकरी पर ध्यान देती हैं, इसलिए शादी और बच्चे देर से होते हैं. वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि जब GDP (देश की कमाई) बढ़ती है, तो लोग छोटा परिवार पसंद करते हैं क्योंकि बच्चे महंगे हो जाते हैं. स्पेन में बेरोजगारी ज्यादा है, इसलिए युवा बच्चे पैदा करने से डरते हैं. सामाजिक बदलाव (Social Changes): महिलाएं अब पुरुषों की तरह काम कर रही हैं. शिक्षा और करियर पहले आता है. औसतन शादी 30 साल की उम्र के बाद होती है. विज्ञान कहता है कि महिलाओं की उम्र बढ़ने से प्रजनन क्षमता (Fertility) कम होती है. 35 साल बाद गर्भधारण मुश्किल हो जाता है क्योंकि अंडों की गुणवत्ता घटती है. यूरोप में तलाक ज्यादा हैं. सिंगल पैरेंट्स बढ़ रहे हैं, जो बच्चे पैदा करने को और मुश्किल बनाता है. बुजुर्ग आबादी (Aging Population): पहले जन्म दर ज्यादा थी, इसलिए अब बुजुर्ग ज्यादा हैं. लेकिन युवा कम हैं जो उन्हें पेंशन दें या देखभाल करें. यह जनसांख्यिकीय पिरामिड (Population Pyramid) को उलटा कर देता है – नीचे कम युवा, ऊपर ज्यादा बुजुर्ग. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर जन्म दर 2.1 से कम रहती है, तो आबादी खुद-ब-खुद घटती जाती है. यूरोप में यह 1.5 के आसपास है. सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कारण (Cultural and Environmental Factors): लोग अब पर्यावरण बचाने के लिए कम बच्चे चाहते हैं. जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से डर है कि ज्यादा आबादी संसाधन खत्म कर देगी. साथ ही, मोबाइल और सोशल मीडिया से जीवन व्यस्त हो गया, रिश्ते कम मजबूत हैं. अध्ययन दिखाते हैं कि यूरोप में शून्य बच्चा (Childfree) जीवनशैली रही है. प्रवास की कमी (Lack of Migration): पहले अफ्रीका या एशिया से लोग आते थे, लेकिन अब सख्त कानून हैं. स्पेन में विदेशी मां से बच्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह कमी पूरी नहीं कर पा रहा. वैज्ञानिक कहते हैं कि बिना माइग्रेशन के आबादी घटना तय है. क्या असर होंगे? यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं – अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. कम युवा मतलब कम काम करने वाले, कम टैक्स और पेंशन के लिए पैसे की कमी. स्कूल बंद हो जाएंगे. अस्पतालों में स्टाफ कम होगा. इटली में पहले से गांव बिक रहे हैं क्योंकि कोई रहने वाला नहीं. पोलैंड में युवा जर्मनी भाग रहे हैं. अगर अब नीतियां नहीं बनीं – जैसे बच्चे पैदा करने पर ज्यादा मदद, सस्ता घर, मुफ्त चाइल्डकेयर – तो उलटा करना मुश्किल होगा. विशेषज्ञ कहते हैं कि रोबोट या AI मदद कर सकते हैं, लेकिन इंसान की जगह नहीं ले सकते. यूरोप को अब सोचना होगा कि कैसे युवा रखें और जन्म दर बढ़ाएं. स्पेन की सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन वे कमजोर हैं. दुनिया के अन्य देश जैसे भारत या अफ्रीका में आबादी बढ़ रही है, लेकिन यूरोप का संकट अलग है.

जम्मू में कश्मीर टाइम्स ऑफिस पर बड़ी कार्रवाई, हथियारों के कारतूस बरामद; मीडिया ने कहा- आवाज दबाने की कोशिश

जम्मू कश्मीर जम्मू कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने देश के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में गुरुवार को 'कश्मीर टाइम्स' के कार्यालय पर छापा मारा और अन्य चीजों के अलावा एके राइफलों के कारतूस तथा पिस्तौल के कुछ कारतूस बरामद किए। अधिकारियों ने कहा कि एसआईए के अधिकारियों ने प्रकाशकों और प्रवर्तकों के खिलाफ एक मामला दर्ज करने के बाद अखबार के परिसरों और कंप्यूटरों की गहन जांच की। उन्होंने बताया कि छापेमारी में एसआईए ने एके राइफल के कारतूस, पिस्तौल के कुछ कारतूस और हैंड ग्रेनेड पिन समेत अन्य सामान जब्त किया। अधिकारियों ने कहा कि प्रकाशन के प्रवर्तकों से पूछताछ हो सकती है। वहीं, कश्मीर टाइम्स के प्रबंधन ने प्रकाशन के जम्मू कार्यालय में कथित छापे की कड़ी आलोचना की और कहा कि राज्य के खिलाफ गतिविधियों के आरोप एक स्वतंत्र मीडिया संस्थान को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है। सोशल मीडिया पर जारी एक संयुक्त बयान में संपादक प्रबोध जामवाल और अनुराधा भसीन ने कहा कि जम्मू में हमारे कार्यालय पर कथित छापा, राष्ट्र के खिलाफ गतिविधियों के बेबुनियाद आरोप और कश्मीर टाइम्स पर समन्वित कार्रवाई हमें चुप कराने की एक और कोशिश है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना और सरकार से दुश्मनी करना एक जैसा नहीं है। असल में, यह इसका बिल्कुल उल्टा है। एक मजबूत, सवाल पूछने वाला प्रेस एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है। सत्ता को जिम्मेदार ठहराने, भ्रष्टाचार की जांच करने, पिछड़ी आवाजों को पुरजोर करने का हमारा काम हमारे देश को मजबूत करता है। यह इसे कमजोर नहीं करता। आरोपों को 'डराने का तरीका' बताते हुए संपादकों ने कहा कि हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप डराने, गलत साबित करने और आखिर में चुप कराने के लिए हैं। हम चुप नहीं रहेंगे। छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी ने कहा कि कार्रवाई तभी होनी चाहिए जब गलत काम साबित हो जाए, न कि दबाव के लिए। चौधरी ने आगे कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए…अगर आप सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा करते हैं, तो यह गलत होगा। चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता को मुक्त माहौल मिलना चाहिए। यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उन्हें मौका दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी आवाज मजबूती से रख सकें। अगर कोई सच छाप रहा है, तो उस पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। एसआईए की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे एजेंसियों की जांच के काम करने के तरीके पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन एक जैसे मानक की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप छापा करना चाहते हैं, तो सभी पर करें। किसी को चुनकर न करें।

पश्चिम बंगाल में SIR पर टकराव तेज़: ममता ने ज्ञानेश कुमार को भेजा लेटर, कहा– हालात बिगड़ रहे हैं

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मौजूदा प्रक्रिया अनियोजित और जबरन तरीके से चलाई जा रही है, जो नागरिकों और अधिकारियों दोनों को जोखिम में डाल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि हालात काफी बिगड़ गए हैं और एसआईआर प्रक्रिया को रोक दिया जाना चाहिए।   बनर्जी ने कहा कि उन्होंने जारी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बार-बार अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, और अब स्थिति काफी बिगड़ जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को यह पत्र लिखना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया लोगों पर “बिना किसी बुनियादी तैयारी या पर्याप्त योजना” के थोपी जा रही है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा, “यह प्रक्रिया जिस तरह अधिकारियों और नागरिकों पर थोपी जा रही है, वह न केवल अनियोजित और अव्यवस्थित है, बल्कि खतरनाक भी है। बुनियादी तैयारी, पर्याप्त योजना और स्पष्ट संचार के अभाव ने पहले दिन से ही पूरे अभियान को पंगु बना दिया है।” प्रशिक्षण में गंभीर खामियों, अनिवार्य दस्तावेजों को लेकर अस्पष्टता, और आजीविका के समय मतदाताओं से बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के मिलने की “लगभग असंभव” स्थिति की ओर इशारा करते हुए बनर्जी ने कहा कि एसआईआर की पूरी कवायद “संरचनात्मक रूप से कमजोर” हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर में कुप्रबंधन की “मानवीय कीमत अब असहनीय हो गई है।” उन्होंने जलपाईगुड़ी में बूथ-स्तरीय अधिकारी के रूप में तैनात एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत का हवाला दिया। उन्होंने आत्महत्या की, बताया जा रहा है कि वह एसआईआर से जुड़ी बेहद दबावपूर्ण परिस्थितियों के कारण मानसिक रूप से टूट गई थीं। उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया की शुरुआत के बाद से कई अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है।” बनर्जी ने कहा, “ऐसे हालात में, मैं तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की कड़ी अपील करती हूं और इसकी अपेक्षा भी रखती हूं।” उन्होंने ज्ञानेश कुमार से कहा कि मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगी कि आप इस प्रक्रिया को रोकने के लिए मजबूती से दखल दें और जबरदस्ती के कदम न उठाएं, सही ट्रेनिंग और सपोर्ट दें, और मौजूदा तरीके और टाइमलाइन को अच्छी तरह से फिर से देखें।  

इंडो-पाक बॉर्डर पर गिरा रिमोट संचालित विमान, वायुसेना ने बताई असली वजह

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में आज भारतीय वायुसेना का एक विमान क्रैश हो गया। हालांकि कोई ऐसी चिंता की बात नहीं है क्योंकि यह रिमोट से चलने वाला विमान था और इसमें किसी व्यक्ति या कहें एयरफोर्स पायलट की उपस्थिति नहीं थी। इस घटना में किसी भी व्यक्ति या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जहां यह हादसा हुआ है,वह भारत-पाक सीमा के पास पड़ता है। भारतीय वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि एक IAF रिमोट से संचालित विमान (RPA), जो एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, इंजन में खराबी आने के बाद जैसलमेर के पास सुरक्षित रूप से आपात लैंडिंग के लिए मजबूर हुआ।" RPA भारतीय वायु सेना की टोही (reconnaissance) और निगरानी (surveillance) क्षमताओं का एक अभिन्न अंग है। वायु सेना ने आगे बताया कि RPA को एक खाली खेत में उतारा गया, जिसके परिणामस्वरूप जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ और खुद RPA को भी न्यूनतम क्षति हुई। रामगढ़ पुलिस स्टेशन के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रेम शंकर ने बताया कि मानवरहित हवाई वाहन (UAV) को भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित चक नंबर 3, सत्तार माइनर के एक खेत से बरामद किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस स्टेशन की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। बाद में, भारतीय वायु सेना (IAF) के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और UAV को अपने कब्जे में ले लिया।