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सोने की चोरी का पर्दाफाश! सबरीमाला मंदिर के पूर्व अधिकारी सहित तीन की गिरफ्तारी

तिरुवनंतपुरम सबरीमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गायब होने की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने पूर्व कार्यकारी अधिकारी सुधीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि कुमार 2019 में सबरीमला मंदिर के कार्यकारी अधिकारी थे। उन्हें तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।   कुमार पर मंदिर के आधिकारिक दस्तावेजों में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ने की बात छिपाने और उन्हें तांबे की चादरों के रूप में दर्ज करने का आरोप है। सूत्रों ने बताया कि कुमार 1990 के दशक से सबरीमाला से जुड़े थे और उन्हें पता था कि 1998 से 1999 के दौरान द्वारपालक की मूर्तियों सहित गर्भगृह पर सोने की परत चढ़ाई गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि जब 2019 में द्वारपालक की प्लेट सोने की परत चढ़ाने के लिए मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपी गईं तो कुमार ने कथित तौर पर उन्हें तांबे की प्लेट के रूप में दर्ज किया जिससे आरोपी बाद में मौजूदा सोने की परत को हटा सका। कुमार इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे व्यक्ति हैं। उनसे पहले पोट्टी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कुमार को बाद में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। इस बीच, एसआईटी ने पोट्टी के करीबी सहयोगी वासुदेवन से भी पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने बताया कि वासुदेवन ने द्वारपालक की मूर्तियों के अलावा स्वर्ण की परत चढ़े आसन को अपने पास रखा था, जिसे बाद में पिछले महीने तिरुवनंतपुरम में पोट्टी के एक रिश्तेदार के घर से जब्त किया गया था। एसआईटी द्वारपालक की उन मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखटों से सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है, जिन्हें 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए पोट्टी को सौंपा गया था।  

भारत से अमेरिका तक फैला मानव तस्करी नेटवर्क! विक्रांत-इंदु दंपति पर गिरी गाज

वाशिंगटन  भारत में जन्मे एक दंपति विक्रांत भारद्वाज और उनकी पत्नी इंदु रानी अब अमेरिकी वित्त मंत्रालय की जांच के घेरे में हैं। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने गुरुवार को इन दोनों को एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड घोषित किया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब अमेरिका ने 'भारद्वाज ह्यूमन स्मगलिंग ऑर्गनाइजेशन' (HSO) के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध लगाए। यह गिरोह कथित तौर पर हजारों अवैध प्रवासियों को अमेरिका में दाखिल कराने का काम करता था। इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, OFAC ने बताया कि विक्रांत और इंदु रानी नई दिल्ली में जन्मे भारतीय नागरिक हैं, जो अब मेक्सिको के कैनकुन में एक आलीशान जीवन जी रहे थे। उनका नेटवर्क तीन देशों में फैला हुआ था, जिसमें कम से कम चार भारतीय कंपनियां और 16 फ्रंट एंटिटीज शामिल थीं। इनकी मदद से गिरोह मेक्सिको से अमेरिका तक क्रॉस-कॉन्टिनेंटल स्मगलिंग रूट संचालित करता था। अमेरिका ने अब इन दोनों के सभी अमेरिकी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है और अमेरिकी नागरिकों व कंपनियों को इनके साथ किसी भी वित्तीय लेनदेन से प्रतिबंधित किया गया है। तस्करी का खाका अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, गिरोह का कामकाज बेहद संगठित था। प्रवासी यात्रियों को पहले मेक्सिको के कैनकुन इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाया जाता था, जहां एयरपोर्ट के कुछ अधिकारियों को रिश्वत देकर प्रक्रिया आसान की जाती थी। इसके बाद उन्हें होटलों और हॉस्टलों में ठहराया जाता, जो स्वयं भारद्वाज गिरोह के नियंत्रण में थे। फिर इन प्रवासियों को लक्जरी यॉट्स और जमीनी रास्तों से सिनालोआ कार्टेल की मदद से अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुंचाया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क विशेष रूप से हाई-वैल्यू क्लाइंट्स पर केंद्रित था- यानी एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका के ऐसे लोग जो अमेरिका में दाखिल होने के लिए हजारों डॉलर तक देने को तैयार रहते थे। भारत में बनी कंपनियां बनी मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया OFAC की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में स्थित कई कंपनियां इस नेटवर्क की मनी लॉन्ड्रिंग मशीन के रूप में काम कर रही थीं। इनमें वीणा शिवानी एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी रियल एस्टेट कंपनियां शामिल हैं, जिनके जरिए गैरकानूनी कमाई को प्रॉपर्टी डील्स के जरिए साफ दिखाया जाता था। इसी तरह, यूएई में स्थित ब्लैक गोल्ड प्लस एनर्जीज ट्रेडिंग एलएलसी नाम की कंपनी ऊर्जा कारोबार के नाम पर तस्करी की कमाई को छिपाने का काम करती थी। मेक्सिको में सहयोगी और सुरक्षा नेटवर्क मेक्सिकन अधिकारियों ने खुलासा किया है कि भारद्वाज दंपति ने स्थानीय सहयोगियों की एक मजबूत टीम बना रखी थी। इसमें जोसे जर्मन वलादेज फ्लोरेस, कैनकुन के एक व्यापारी शामिल थे। पूर्व क्विंटाना रू पुलिस अधिकारी जॉर्ज अलेजांद्रो मेंडोजा विललेगास के एयरपोर्ट और सुरक्षा विभागों में गहरे संपर्क बताए गए हैं। गिरोह का मेक्सिको मुख्यालय बाहरी तौर पर एक कानूनी व्यापारिक साम्राज्य जैसा दिखता था- जिसमें यॉट सेवाएं, सुपरमार्केट, रेस्टोरेंट और ऊर्जा व्यापार जैसे कारोबार चल रहे थे। मगर अधिकारियों के मुताबिक, यह सब नकदी के प्रवाह और मादक पदार्थों की तस्करी को छिपाने का तरीका था। अमेरिका की सख्त कार्रवाई अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी फॉर टेररिज्म एंड फाइनेंशियल इंटेलिजेंस, जॉन के. हर्ली, ने कहा कि यह फैसला इस नेटवर्क की क्षमता को बाधित करता है, जो अवैध रूप से प्रवासियों को अमेरिका लाने का काम कर रहा था। ट्रंप प्रशासन अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसे ट्रांसनेशनल अपराध संगठनों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, अभी तक किसी गिरफ्तारी या औपचारिक आपराधिक मुकदमे की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह कार्रवाई अमेरिका, मेक्सिको और भारत की एजेंसियों के संयुक्त अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। क्या होगा आगे? OFAC की इस घोषणा के बाद, भारद्वाज दंपति की सभी अमेरिकी संपत्तियां तुरंत फ्रीज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बैंकों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे इनसे जुड़े लेनदेन करेंगे तो उन्हें भी सेकेंडरी सैंक्शंस का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला भारतीय नागरिकों से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी मानव तस्करी जांचों में से एक माना जा रहा है- जो यह दिखाता है कि किस तरह भारतीय कंपनियों का दुरुपयोग कर अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विजयन की घोषणा: केरल में अब नहीं है कोई ‘अत्यंत गरीब’, सरकार ने मिटाई गरीबी की रेखा

केरल  केरल की चर्चा शिक्षा के क्षेत्र में अक्सर होती रही है। अब यह राज्य गरीबी दूर करने के लिए जाना जाने लगा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि केरल ने चरम गरीबी (Extreme Poverty) को समाप्त कर दिया है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान राज्य गठन दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में किया।   2021 में शुरू की गई चरम गरीबी उन्मूलन परियोजना के तहत राज्य सरकार ने 64,006 परिवारों को अत्यंत गरीब के रूप में चिन्हित किया था। इन परिवारों को चार वर्ष तक चलने वाली इस योजना के अंतर्गत आवास, भोजन, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सहायता दी गई। स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. बी. राजेश ने बताया कि नीति आयोग के अध्ययन में पहले ही यह पाया गया था कि केरल की गरीबी दर देश में सबसे कम 0.7% है। उन्होंने कहा, “हमने सर्वेक्षणों के जरिए 64,006 परिवारों के 1,03,099 व्यक्तियों को चरम गरीबी में पाया और उन्हें योजनाओं से जोड़ा।” विपक्षी कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सरकार के दावे को पूर्ण धोखाधड़ी बताते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संसदीय नियमों का उल्लंघन है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “यूडीएफ जब धोखाधड़ी कहता है, तो वह अपने आचरण की बात कर रहा है। हमने वही किया है जो हमने कहा था।”  

अजीत डोभाल ने कहा— अब नहीं बची आतंक की जमीन, नक्सलवाद भी ढलान पर

नई दिल्ली  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कहा कि भारत में आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में अंतिम बड़ा आतंकी हमला वर्ष 2013 में हुआ था। सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए डोभाल ने कहा, “तथ्य स्पष्ट हैं और उनसे इनकार नहीं किया जा सकता। देश में आतंकवाद को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। 1 जुलाई 2005 को बड़ा हमला हुआ था और अंतिम घटना 2013 में। इसके बाद, जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ।”   उन्होंने कहा कि इस दौरान दुश्मनों की गतिविधियां जारी रहीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कई प्रयासों को नाकाम किया, लोगों को गिरफ्तार किया और विस्फोटक बरामद किए। डोभाल ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद भी 2014 की तुलना में अब घटकर सिर्फ 11% क्षेत्रों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा, “ज्यादातर जिले, जिन्हें पहले उग्रवाद प्रभावित घोषित किया गया था। अब सुरक्षित हैं।” एनएसए ने कहा कि भारत ने एक ऐसी ‘डिटरेंस क्षमता’ विकसित की है जो किसी भी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे का उचित जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन के लिए महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की सुरक्षा व सशक्तिकरण बेहद आवश्यक है। डोभाल ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा, समानता और सशक्तिकरण आधुनिक शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।”  

24 कैरेट गोल्ड से बना टॉयलेट जल्द होगा नीलाम, कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश!

वाशिंगटन  आपने पेंटिंग या पुरानी कलाकृतियों की नीलामी की खबरें अकसर सुनी होंगी लेकिन शायद ही कभी टॉयलट शीट की नीलामी की बात सोची भी हो। लंदन में बना एक बेहद कीमती सोने का टॉइलट सीट नीलामी के लिए तैयार है। खास बात यह है कि यह शीट एकदम ठोस सोने से बनी हुई है। मशहूर इटैलियन कलाकार मॉरिजियो कैटेलन ने इसे बनाया है। गौर करने वाली बात है कि उन्होंने इसका नाम 'अमेरिका' रखा है। न्यूयॉर्क के सॉथबी नीलामी घर में इस गोल्ड टॉइलेट की नीलामी होगी। इसकी शुरुआती कीमत ही 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 83 करोड़ रुपये रखी गई है। कैटेलन ना कहना है कि यह टॉइलट संदेश देता है कि अमीर लोगों, दिखावे की जिंदगी का कोई फायदा नहीं है। टॉइलेट चाहे सोने का हो या फिर मिट्टी का, उसमें काम एक ही हो सकता है। यह एक कलाकृति ही है जो कि समाज में ऊंच-नीच और गरीब-अमीर के फर्क को रेखांकित करती है। बनाने में लगा 101 किलो सोना इस टॉइलेट शीट को बनाने में करीब 101 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। जानकारी के मुताबिक टॉइलट केवल डिजाइनर नहीं बल्कि पूरी तरह से फंक्शनल है। 2019 में ब्लेनहीम पैलेस में भी इसी तरह का एक टॉइलट रखा गया था जो कि चोरी हो गया था। इसके बाद इसकी काफी चर्चा हुई थी। 2016 में इसे गगनहाइम म्यूजियम में लगाया गया था और लोगों के लिए खोला गया था। तब एक लाख से ज्यादा लोगों ने इसका इस्तेमाल किया था। डोनाल्ड ट्रंप को भी ऑफर दिया गया था कि वह इसे वाइट हाउस में रख सकते हैं। हालांकि उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया। इस टॉइलट को बनाने वाले मॉरिजियो कैटेन का नाम कई बार विाद में रहा है। उन्होंने एक बार एक केले को दीवार से टेप लगाकर चिपकाकर कमीडियन नाम से बेच दिया था। एक कलाकृति में उन्होंने घुटनों पर बैठे हुए हिटलर को दिखाया था। यह 17.2 मिलियन डॉलर में बिकी थी।  

IMD अलर्ट: नवंबर में गिरेगी झमाझम बारिश, दिन रहेंगे ठंडे लेकिन रातें रहेंगी गर्म

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नवंबर महीने के लिए अपना मौसमी पूर्वानुमान जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा वर्षा होने की संभावना है, जबकि दिन के तापमान में कमी आएगी और रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। यह पूर्वानुमान ला नीना प्रभाव, उत्तर-पश्चिमी हवाओं और समुद्री स्थितियों पर आधारित है, जो सर्दियों की शुरुआत में मौसम को प्रभावित करेगा। IMD) ने अनुमान जताया है कि तमिलनाडु, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ भागों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर में जारी रहने वाली वर्षा गतिविधियों के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे दिन के समय मौसम ठंडा महसूस होगा। लेकिन बादल छाए रहने और आसमान में ओवरकास्ट स्थितियों के कारण रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे नवंबर की रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून से सामान्य वर्षा की उम्मीद रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बताया कि सर्दियों के महीनों में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून के दौरान सामान्य वर्षा की संभावना है। यह मॉनसून तमिलनाडु के लिए मुख्य वर्षा ऋतु माना जाता है। IMD ने कहा कि तमिलनाडु, कराईकल, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रायलसीमा, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में नवंबर माह में सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है, जो लंबी अवधि के औसत के 77 से 123 प्रतिशत के बीच रह सकती है। अक्टूबर बना हाल के वर्षों का सबसे अधिक बरसाती महीना देशभर में अक्टूबर माह इस साल हाल के वर्षों में सबसे अधिक बरसाती महीनों में से एक साबित हुआ। अक्टूबर की शुरुआत में पूर्वी भारत में बने गहरे डिप्रेशन और महीने के अंत में आए चक्रवात ‘मोंथा’ ने वर्षा को काफी बढ़ा दिया। पिछले महीने उत्तर हिंद महासागर बेसिन (जिसमें बंगाल की खाड़ी और अरब सागर शामिल हैं) में दो चक्रवात आए- ‘शक्ति’ और ‘मोंथा’। उल्लेखनीय है कि जनवरी से सितंबर 2025 तक इस बेसिन में कोई चक्रवात नहीं बना था। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि 2025 कोई अपवाद नहीं है। इससे पहले भी 1938, 1949, 1980, 1983, 1984, 1986, 1988, 1993, 1995, 2011 और 2012 में जनवरी से सितंबर के बीच कोई चक्रवात विकसित नहीं हुआ था। 24 घंटे में 350 मिमी बारिश अक्टूबर 28 से 30 के बीच चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, ओडिशा, रायलसीमा, तेलंगाना और गंगीय पश्चिम बंगाल में 24 घंटे में करीब 350 मिमी तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। देशभर में अक्टूबर माह में औसतन 112.2 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से लगभग 50% अधिक थी। यह 2001 के बाद दूसरा सबसे अधिक बरसाती अक्टूबर रहा और 1901 के बाद से 16वां सबसे अधिक वर्षा वाला अक्टूबर बना। उत्तर-पश्चिम भारत, जहां अक्टूबर तक मॉनसून पूरी तरह से वापस लौट जाता है, ने भी इस बार 160 मिमी की औसत वर्षा दर्ज की- जो 2001 के बाद तीसरी सबसे अधिक और 1901 के बाद दसवीं सबसे अधिक रही। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में ठंडक भरा मौसम महसूस किया जा सकता है, हालांकि रातें सामान्य से कुछ अधिक गर्म रह सकती हैं।  

IRCTC नियमों में बड़ा बदलाव: लोअर बर्थ पर मिलेगी प्राथमिकता, यात्रियों के लिए नया स्लीप टाइम तय

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस साल की शुरुआत में रेलवे ने ‘RailOne’ ऐप लॉन्च किया था, जो एक सुपर ऐप के रूप में कार्य करता है। इस ऐप के माध्यम से यात्री न केवल आरक्षित बल्कि अनारक्षित टिकट भी बुक कर सकते हैं। इसके साथ ही यह ऐप रेलवे से जुड़ी विभिन्न यात्री सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में काम करता है।   अक्सर यात्री ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान 'लोअर बर्थ प्रेफरेंस' का विकल्प चुनने के बावजूद साइड अपर, मिडिल या अपर बर्थ पर सीट मिलने की शिकायत करते हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे भारतीय रेलवे के नए लोअर बर्थ आरक्षण नियमों को अच्छी तरह समझें। भारतीय रेलवे के कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली में वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक आयु की महिला यात्रियों तथा गर्भवती महिलाओं को लोअर बर्थ आवंटित करने की विशेष व्यवस्था की गई है। हालांकि, यह सुविधा सीट की उपलब्धता पर निर्भर करती है। टीटीई को भी मिला अधिकार रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि बुकिंग के समय लोअर बर्थ उपलब्ध नहीं होती और किसी वरिष्ठ नागरिक या पात्र महिला को ऊपरी या मध्य बर्थ दी जाती है, तो ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को अधिकार है कि यदि कोई लोअर बर्थ यात्रा के दौरान खाली होती है, तो उसे ऐसे यात्रियों को आवंटित कर सके। लोअर बर्थ बुकिंग के लिए विशेष विकल्प ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय यात्रियों के पास यह विकल्प भी होता है कि वे 'बुक ओनली इफ लोअर बर्थ इज अवेलेबल' (केवल तभी बुक करें जब लोअर बर्थ उपलब्ध हो) को चुनें। यदि यात्री यह विकल्प चुनता है और लोअर बर्थ उपलब्ध नहीं होती, तो टिकट बुक नहीं किया जाएगा। इससे यात्रियों को अपनी सीट पसंद के अनुसार यात्रा की सुविधा मिल सकती है। लोअर बर्थ पर बैठने और सोने के नियम भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, रिजर्व्ड कोचों में रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक सोने का समय निर्धारित है। इस अवधि में यात्रियों को अपनी निर्धारित बर्थ पर सोने की अनुमति होती है। दिन के समय में सीट पर बैठने की व्यवस्था रहती है। विशेष रूप से, RAC टिकट वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था है कि साइड लोअर बर्थ पर RAC यात्री और साइड अपर बर्थ पर बुक यात्री दोनों दिन के समय बैठने के लिए सीट शेयर करेंगे। लेकिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लोअर बर्थ का अधिकार केवल लोअर बर्थ वाले यात्री का होगा। अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) में बदलाव रेलवे ने हाल ही में आरक्षित टिकटों की अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया है। यानी अब यात्री अपनी यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं।  

जाति जनगणना आज से शुरू, अब लोग खुद भर सकेंगे अपनी सामाजिक जानकारी ऑनलाइन

नई दिल्ली  भारत में पहली बार डिजिटल और जाति आधारित जनगणना की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जनगणना 2027 के पहले चरण का प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) आज से शुरू होने वाला है। इस दौरान गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमुख नागरिकों के घर जाकर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विवरण भरने में मदद करेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि यह अभ्यास स्व-गणना मॉड्यूल की प्रभावशीलता जांचने के लिए किया जा रहा है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी और स्वतंत्र भारत में पहली बार जाति आधारित गणना भी शामिल की जाएगी। अधिकारियों के हवाले से कहा कि स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल ऐप को 1 से 10 नवंबर और 10 से 30 नवंबर के बीच सीमित क्षेत्रों में परखा जाएगा। इनका लिंक सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाएगा, ताकि उपयोगिता परीक्षण बिना किसी बाधा के हो सके। इस चरण में घरों से संबंधित लगभग 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। जैसे भवन संख्या, मकान की छत और फर्श का प्रमुख पदार्थ, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, बिजली व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता, खाना पकाने में उपयोग होने वाला ईंधन, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, वाहन आदि की जानकारी ली जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर बताया था कि हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग जनगणना (HLO) का यह प्री-टेस्ट 10 से 30 नवंबर तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चयनित क्षेत्रों में किया जाएगा, जबकि स्व-गणना की सुविधा 1 से 7 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। अधिकारी के अनुसार, “एन्यूमरेटर पहले चयनित नागरिकों को पोर्टल का पता साझा करेंगे ताकि वे स्वयं ऑनलाइन प्रश्नावली भर सकें। इसके बाद 10 से 30 नवंबर के बीच वे उन्हीं घरों का दोबारा दौरा करेंगे और शेष घरों की जानकारी मोबाइल ऐप पर एकत्र करेंगे।” इन दोनों मॉड्यूल्स को जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है। कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित जनगणना 2021 को अब जनगणना 2027 के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसकी अंतिम गिनती 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 के बीच पूरी होगी। पिछली जनगणना प्रक्रिया में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को भी अद्यतन किया गया था, लेकिन सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि इस बार NPR को अपडेट नहीं किया जाएगा। NPR का डेटा वर्ष 2015-16 में अंतिम बार संशोधित किया गया था। सूत्रों के अनुसार, जाति आधारित प्रश्नों की रूपरेखा अभी अंतिम रूप में तय नहीं की गई है, इसलिए फिलहाल केवल HLO चरण का परीक्षण किया जा रहा है। 2019 में प्रस्तावित जनगणना 2021 के लिए ऐसा परीक्षण 76 जिलों में 26 लाख लोगों को शामिल कर किया गया था।  

रेलवे का नया प्लान: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, यात्रियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और सुविधाजनक और बनाने के लिए रेलवे को कुछ सुझाव मिले हैं। बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन से इन पर गौर करने को कहा है। मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने ट्रेन को मंजूरी देते समय कई सुरक्षा उपाय बताए। इनमें अग्निरोधी केबल, आसानी से पहुंच योग्य पैनिक बटन और वायरिंग दोष पता करने वाले उपकरण शामिल हैं। ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और आराम बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने सीसीटीवी और क्रैश हार्डेंड मेमोरी मॉड्यूल जैसे सिस्टम के लिए खास तरह की केबलों का इस्तेमाल जरूरी बताया है, ताकि आग की घटनाओं से बचा जा सके। आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाने की सिफारिश की गई, जो पिछले साल दरभंगा ट्रेन में लगी आग की जांच से निकली थी। फर्स्ट एसी कोच में एयर-कंडीशनिंग डक्ट को फर्श के कोने से हटाकर बेहतर जगह पर लगाने का भी निर्देश है। यात्रियों की मिलेंगी खास सुविधाएं इमरजेंसी अलार्म बटन फिलहाल ऊपरी बर्थ के पीछे छिपे हैं, जिन्हें यात्रियों को आसानी से दिखने और पहुंचने वाली जगह पर शिफ्ट करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड ने बताया कि वंदे भारत के आने वाले वेरिएंट के लिए आरडीएसओ मानक निर्देश तैयार करेगा। इससे ट्रेन में आग और अन्य जोखिमों से बचाव मजबूत होगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने जोनल रेलवे को 16-कोच वाली स्लीपर रेक को 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने की मंजूरी दी है।

सिंधु पर भारत का झटका, तालिबान ने कुनार नदी में मार की योजना बनाई, पाकिस्तान प्रभावित

नई दिल्ली  अफगानिस्तान के साथ तनाव का ठीकरा पाकिस्तान अब भारत पर फोड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के आरोप हैं कि अफगानिस्तान भारत के लिए काम कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर भारत या अफगानिस्तान सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तुर्की में हुई शांति वार्ता बगैर किसी समाधान के खत्म हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिफ के आरोप हैं कि काबुल का नेतृत्व भारत की धुन पर नाच रहा है। उन्होंने कहा, 'काबुल में बैठे लोग जो कठपुतली का तमाशा कर रहे हैं, उनका नियंत्रण दिल्ली से किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि भारत पश्चिमी सीमा पर अपनी हार की भरपाई के लिए अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है। आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान के चार या पांच बार पलटने के बाद तुर्की में हुई शांति वार्ता असफल हो गई। उन्होंने कहा, 'जब भी हम समझौते के करीब होते हैं और वार्ताकार काबुल को खबर करते हैं, तो बीच में कोई दखल होती है और समझौता वापस ले लिया जाता है।' उन्होंने कहा, 'भारत पाकिस्तान के साथ धीमा युद्ध लड़ना चाहता है। इसे पूरा करने के लिए वह अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहे हैं।' अफगानिस्तान की तरफ से दी जा रही जवाबी कार्रवाई की धमकी पर आसिफ ने कहा, 'अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की तरफ देखा, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।' उन्होंने कहा, 'इस बात में कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए काबुल जिम्मेदार है।' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से बात नहीं बनती है, तो अफगानिस्तान के साथ युद्ध छिड़ सकता है। वार्ता बेनतीजा, बढ़ सकता है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में चल रही वार्ता मंगलवार को किसी नतीजे के खत्म हो गयी। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की गहरी खाई और परस्पर शत्रुता के कारण यह वार्ता बेनतीजा रही। एजेंसी वार्ता ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया, क्षेत्रीय मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव गहराने और क्षेत्रीय अस्थिरता की चिंताएं और बढ़ी हैं। तुर्की और कतर ने दोनों पक्षों के नेताओं से संवाद बनाए रखने और तनाव को कम करने का आग्रह किया है ताकि पहले से अस्थिर क्षेत्र में हिंसा और न बढ़े। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थों ने स्वीकार किया है कि किसी भी पक्ष के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। दोनों देशों की प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत रहीं, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह किसी गंभीर वार्ता के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। एजेंसी के अनुसार, इस सहयोग की कमी ने आगे संभावित तनाव बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है। पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (टीटीपी) की गतिविधियों को रोकना और इस समूह के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह लेने से रोकना किसी भी समझौते की मुख्य शर्त है। पाकिस्तान टीटीपी विद्रोह को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। हाल में सीमा पर हुई झड़पों के बाद पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि टीटीपी के हमले जारी रहे तो वह अफगान क्षेत्र में लक्षित सैन्य अभियान चलाना जारी रखेगा। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती नागरिकों और सैन्य चौकियों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने काबुल क्षेत्र में कोई हमला किया तो वह इस्लामाबाद के प्रमुख ठिकानों पर 'गंभीर जवाबी कार्रवाई' करेगा। अफगानिस्तान पक्ष ने यहां तक कहा कि उसकी सेना 'पाकिस्तान के महत्वपूर्ण इलाकों तक वार करने की क्षमता रखती है।'