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खराब हवा से देश में बढ़ी मौतें, सालाना 20 लाख लोग समय से पहले गंवा रहे जान: रिपोर्ट

नई दिल्ली दुनिया की हवा पर रिसर्च करने वाली संस्था State of Global Air Report की नई रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत और चीन में 2023 में खराब हवा में सांस लेने के चलते 20 लाख लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, नाइजीरिया जैसे देशों में भी दो लाख मौतें हुई हैं। इंडोनेशिया, म्यांमार, मिस्र का भी हाल खराब है और यहां एक साल के अंदर 1 लाख लोग खराब हवा के चलते ही मारे गए। रिपोर्ट का कहना है कि दुनिया में अकाल मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण अब एयर पलूशन बन गया है और पहले नंबर पर अब भी हाई ब्लड प्रेशर है। बोस्टन स्थित हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टिट्यूट की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया की 36 फीसदी आबादी भीषण एयर पलूशन की शिकार है। डिमेंशिया जैसी बीमारी भी इस समस्या के चलते हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में एयर पलूशन जनित बीमारियों ने दुनिया भर में 79 लाख लोगों की जान ले ली। इस तरह दुनिया में होने वाली 8 मौतों में से हर एक की वजह एयर पलूशन रही है। इनमें से 49 लाख लोग तो ऐसे रहे हैं, जो हवा में पीएम 2.5 के बढ़ने के कारण बीमारियों के शिकार हुए। अहम तथ्य यह है कि इनमें से 28 लाख लोग तो ऐसे ही थे, जो आमतौर पर घर में ही रहते थे। खराब हवा से 90 फीसदी मौतें अकेले एशिया में सबसे खराब हाल भारत और चीन का है, जहां दुनिया की बड़ी आबादी बसती है। दोनें देशों में 2023 में 20-20 लाख लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट कहती है कि एयर पलूशन से होने वाली 90 फीसदी मौतें तो एशिया में ही हुई हैं। इनमें भी लोअर-मिडल इनकम वाले देशों की स्थिति ज्यादा खराब है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्ट की बीमारी, डिमेंशिया और डायबिटीज जैसी समस्याएं भी एयर पलूशन के चलते हो रही हैं। अनुमान है कि 2023 में स्वस्थ मानव जीवन के 11.6 मिलियन वर्ष 2023 में ही कम हो गए। एयर पलूशन के चलते लोगों के फेफड़े बीमार हो रहे हैं और वे गंभीर समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। 25 फीसदी हार्ट की बीमारियों का कारण है एयर पलूशन इसके अलावा 25 फीसदी हार्ट की बीमारियों का कारण एयर पलूशन है। डिमेंशिया के शिकार लोगों में भी 25 फीसदी की वजह एयर पलूशन बताई जाती है। खराब एयर क्वालिटी डायबिटीज की भी वजह बन रही है। अब सवाल है कि सबसे ज्यादा खराब हवा का सामना कौन कर रहा है। इन देशों में भारत, चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ब्राजील और कुछ अफ्रीकी मुल्क शामिल हैं। सीधी बात यह है कि अधिक आबादी के चलते मकान, बाजार की जरूरतें बढ़ी हैं। जंगल खत्म हुए हैं तो प्रदूषण में इजाफा दिखा है।

1500 KM लंबा रेल प्रोजेक्ट: जेद्दा से दम्माम तक मील का पत्थर बनेगा MBS का लैंड ब्रिज

दुबई  सऊदी अरब पैसे और तकनीक के बल पर एक अति महत्वाकांक्षी हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसे मोहम्मद बिन सलमान के 'विजन 2030' का एक अहम हिस्सा कहा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट पर सऊदी अरब करीब 7 अरब डॉलर यानी 58,000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। यह रेल प्रोजेक्ट अरब प्रायद्वीप में यात्रा और व्यापार को पूरी तरह से नया आकार देगा क्योंकि यह लाल सागर को अरब की खाड़ी से जोड़ने वाला है। क्या है 'लैंड ब्रिज' प्रोजेक्ट? यह 1500 किलोमीटर लंबा रेल प्रोजेक्ट है, जो लाल सागर के जेद्दा शहर को राजधानी रियाद होते हुए अरब की खाड़ी के पास के शहर दम्माम से जोड़ेगा। यह क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) का ड्रीम प्रोजेक्ट है और उनके सऊदी विजन 2030 की आधारशिला है। यह अरब के रेगिस्तान में एक चमत्कार करने जैसा है। इसका उद्देश्य प्रमुख जनसंख्या केंद्रों को जोड़ना और देश को एक ग्लोबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और उसका हब बनाना है। 12 घंटे का सफर चार घंटे से भी कम समय में प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद हाई स्पीड रेल 12 घंटे का सफर चार घंटे से भी कम समय में पूरा कर लेगा। रेल की रफ्तार की वजह से ही इस प्रोजेक्ट को प्यार से 'लैंड ब्रिज' नाम दिया गया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा यात्री और माल परिवहन व्यवस्था को होगा। यह नेटवर्क प्रमुख औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों को भी जोड़ेगा, जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी फायदा पहुंचेगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2030 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। Desert Dream लग्जरी ट्रेन चलाने का भी ऐलान इस प्रोजेक्ट को सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था बदलने वाली शाही योजना भी कहा जा रहा है, जिसमें धन और तकनीक का बेजोड़ इस्तेमाल किया गया है। रेगिस्तान में लग्जरी ट्रेन दौड़ाने की इस अद्भुत क्षमता को देख दुनिया हैरान है और सऊदी अरब की तारीफ कर रही है। इस परियोजना में सिर्फ रफ्तार पर ध्यान नहीं दिया गया है बल्कि ट्रेन की शान-ओ-शौकत पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस रूट पर सऊदी सरकार ने Desert Dream लग्जरी ट्रेन चलाने का भी ऐलान किया है। रेल नेटवर्क बढ़कर हो जाएगा 8000KM विजन 2030 के तहत सऊदी अरब का लक्ष्य अपने मौजूदा रेलवे नेटवर्क को 5300 किलोमीटर से बढ़ाकर 8000 किलोमीटर करने का है। सऊदी रेलवे कंपनी ने 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली 15 ट्रेनों का ऑर्डर भी दिया है।

एस. जयशंकर का बड़ा बयानः संयुक्त राष्ट्र आतंकी समूहों पर कार्रवाई से बचता है

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस मौके पर भारत की राजधानी दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना संबोधन दिया। संबोधन के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्यों पर आतंकी समूहों को बचाने का आरोप लगाया। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "हमें यह मानना होगा कि संयुक्त राष्ट्र में सब कुछ ठीक नहीं है। उसके फैसले लेने का तरीका न तो उसके सभी सदस्य देशों की सही नुमाइंदगी करता है और न ही वह दुनिया की मुख्य जरूरतों पर ध्यान दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र में होने वाली बहसें अब बहुत ज्यादा बंटी हुई हैं और उसका कामकाज साफ तौर पर रुका हुआ दिख रहा है। आतंकवाद के प्रति इसकी प्रतिक्रिया विश्वसनीयता की कमियों को उजागर करती है, और वैश्विक दक्षिण में विकास धीमा पड़ रहा है।" उन्होंने कहा कि इस उल्लेखनीय वर्षगांठ पर हमें आशा नहीं छोड़नी चाहिए। बहुपक्षवाद के प्रति प्रतिबद्धता, चाहे कितनी भी त्रुटिपूर्ण क्यों न हो, मजबूत बनी रहनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र का समर्थन किया जाना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में हमारे विश्वास को नवीनीकृत किया जाना चाहिए। आज यहां हुई यह बैठक एकता और साझा उद्देश्य का संदेश देती है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "बहुत ही अफसोस की बात है कि आज के दौर में भी हम कई बड़े विवाद देख रहे हैं। यह केवल मानव जीवन पर ही प्रभाव नहीं डाल रहे हैं, बल्कि इसका असर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर भी देखने को मिल रहा है। ग्लोबल साउथ ने इस पीड़ा को महसूस किया है। यूएन में बदलाव आज के समय में बड़ी चुनौती बन गया है।" यूएन सदस्यों पर आतंकी समूहों को बचाने का आरोप लगाते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के प्रति संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया से ज्यादा, कुछ उदाहरण संयुक्त राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों को दर्शाते हैं। जब सुरक्षा परिषद का एक मौजूदा सदस्य पहलगाम जैसे बर्बर आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले संगठनों का खुलेआम बचाव करता है, तो इससे बहुपक्षीय संस्थाओं की विश्वसनीयता पर क्या असर पड़ता है? इसी तरह, अगर वैश्विक रणनीति के नाम पर आतंकवाद के पीड़ितों को ही बराबर का दर्जा दिया जाए, तो दुनिया और कितनी ज्यादा स्वार्थी हो सकती है?

चक्रवाती तूफान की चेतावनी जारी, इन राज्यों में मौसम होगा बेहद खराब

भुवनेश्वर दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जोकि 27 अक्टूबर को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। इसकी वजह से आगामी सोमवार से तीन दिनों तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भुवनेश्वर मौसम विभाग की डायरेक्टर मनोरमा मोहंती ने कहा कि वेदर सिस्टम पिछले तीन घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है और इसके आगे भी उसी दिशा में बढ़ने की संभावना है। मोहंती ने पत्रकारों से कहा, "यह 25 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व और उससे सटे सेंट्रल बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक डिप्रेशन बन जाएगा, 26 अक्टूबर तक एक डीप डिप्रेशन बन जाएगा, और 27 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे वेस्ट-सेंट्रल बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान बन जाएगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या यह सिस्टम ओडिशा के तट पर लैंडफॉल करेगा, उन्होंने कहा, "अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह जहां भी आएगा, ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय जिलों के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की उम्मीद है।" मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में, शनिवार और रविवार को 21-21 जिलों में और सोमवार को पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के लिए येलो वॉर्निंग जारी की है। ओडिशा के रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। पुजारी ने कहा, "अक्टूबर को आम तौर पर साइक्लोन वाला महीना माना जाता है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार हालात को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।" मौसम अधिकारियों ने कहा कि इस सिस्टम से 28 से 30 अक्टूबर के बीच दक्षिण बंगाल के जिलों, जिनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम और हावड़ा शामिल हैं, में भारी बारिश होने की भी संभावना है। 28 अक्टूबर को कोलकाता और आस-पास के हुगली जिले में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूच बिहार, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिलों में भी 29 से 30 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।

हॉस्पिटल में दर्दनाक घटना: डॉक्टर ने अपने हाथ पर नोट लिखा और आत्महत्या की, पुलिस पर गंभीर आरोप

मुंबई  महाराष्ट्र के सतारा में एक महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। यही नहीं डॉक्टर ने एक अपनी हथेली पर ही एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें बताया कि उसका दो पुलिस वालों ने रेप किया है और उत्पीड़न कर रहे थे। इससे परेशान होकर ही वजह जान दे रही है। सतारा के फालटन में स्थित एक होटल के कमरे में डॉक्टर की लाश फंदे से झूलती पाई गई। इस पर पुलिस को अलर्ट किया गया। महिला डॉक्टर बीड़ जिले की रहने वाली थी और सतारा के फालटन स्थित सरकारी अस्पताल में नौकरी कर रही थी। महिला डॉक्टर ने अपने एक हाथ पर सुसाइड नोट लिखा था। इसमें बताया कि था कि उनका दो पुलिस वाले रेप कर रहे थे और उत्पीड़न जारी था। महिला डॉक्टर ने सुसाइड नोट में 4 बार रेप किए जाने की बात लिखी है। इससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थी और इसी के चलते उसने यह अतिवादी कदम उठाया है। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में महिला डॉक्टर ने कहा कि दोनों पुलिस वाले बीते 5 महीनों से रेप कर रहे थे। महिला डॉक्टर ने लिखा कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बाडाने ने उसका रेप किया था। इसके अलावा भी कई बार यौन उत्पीड़न किया। वहीं दूसरा पुलिसकर्मी प्रशांत बांकर उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहा था। सतारा पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि हमने केस दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। हम आरोपों की जांच कर रहे हैं, जो महिला डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लगाए हैं। आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बाडाने सस्पेंड पुलिस का कहना है कि हमारी ओर से जांच शुरू हो गई है, जिन दो पुलिस वालों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। महाराष्ट्र के महिला आयोग की चीफ रूपाली चाकनकर का कहना है कि हमने इस मामले का संज्ञान लिया है। हमने सतारा पुलिस को आदेश दिया है कि वह सख्ती से इस केस की जांच करे। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। इस मामले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेत्तिवार ने सरकार पर निशाना साधा है। फिलहाल इस मामले के आरोपी गोपाल बाडाने को सस्पेंड कर दिया गया है। कांग्रेस नेता ने लिखा- रक्षक के ही भक्षक बन जाने का केस है उन्होंने लिखा, 'यह वह केस है, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए! पुलिस का कर्तव्य रक्षा करना है, लेकिन अगर वे खुद एक महिला डॉक्टर का शोषण कर रहे हों तो न्याय कैसे मिलेगा? जब इस लड़की ने पहले शिकायत दर्ज कराई थी, तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? महायुति सरकार बार-बार पुलिस को बचाती है, जिससे पुलिसिया अत्याचार बढ़ रहे हैं।'  

PM मोदी का ऐलान: GST बचत उत्सव बनेगा आम जनता की राहत का पर्व

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि इस बार त्योहारों के इस मौसम में जीएसटी बचत उत्सव ने नए रंग भर दिए हैं। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि देश में जीएसटी रेट कटौती को लेकर बहुत बड़ा सुधार हुआ है। 17वें रोजगार मेले में नवनियुक्त युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "जीएसटी सुधार का असर केवल लोगों की बचत तक सीमित नही हैं बल्कि, नेक्स्ट-जेनरेशन जीएसटी सुधार से रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।" उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि जब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं सस्ती होती हैं तो मांग भी बढ़ती है। वहीं, जब मांग बढ़ती है तो उत्पादन और सप्लाई चेन को भी गति मिलती है। फैक्ट्रियां ज्यादा उत्पादन करती हैं और नई नौकरियां पैदा होती हैं। पीएम मोदी ने कहा, "जीएसटी बचत उत्सव रोजगार उत्सव में बदल रहा है। धनतेरस, दीपावली पर रिकॉर्ड बिक्री के आंकड़े सामने आए हैं, जो दिखाता है कि जीएसटी सुधार ने देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।" एमएसएमई सेक्टर और रिटेल ट्रेड को लेकर उन्होंने कहा कि हम इस सेक्टर में भी इन सुधारों का सकारात्मक प्रभाव देख रहे हैं। इस वजह से मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और डिस्ट्रिब्यूशन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और हम देश के युवा सामर्थ्य को भारत की एक बड़ी ताकत मानते हैं। हम हर क्षेत्र में इसी सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।" पीएम मोदी ने बताया कि विदेश नीति भी देश के युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने को लेकर उन्होंने जानकारी दी कि स्किल इंडिया मिशन अभियानों के जरिए युवाओं को स्किल की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं साथ ही, नेशनल करियर सर्विस जैसे प्लेटफॉर्म देश के युवाओं को नए अवसरों से जोड़े रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया है कि इसके माध्यम से अब तक 7 करोड़ से अधिक वैकेंसियों को लेकर युवाओं को जानकारी दी गई है।" उन्होंने कहा कि कई बार उम्मीदवार यूपीएससी की अंतिम लिस्ट तक पहुंचने के बाद भी सेलेक्ट नहीं हो पाते, ऐसे उम्मीदवारों की मेहनत भी अब व्यर्थ नहीं जाएगी। ऐसे उम्मीदवारों के लिए सरकार प्रतिभा सेतु पोर्टल की पेशकश रख रही है। इस पोर्टल के माध्यम से निजी और सार्वजनिक संस्थान उन युवाओं को निमंत्रित कर सकती है। उनके इंटरव्यू ले सकते हैं और उन्हें रोजगार का अवसर दे सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा, युवाओं की प्रतिभा का यह सदुपयोग ही युवा सामर्थ्य को दुनिया के सामने लाएगा।

पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश! बॉर्डर के पास चीन की सैन्य तैयारी बढ़ी

बीजिंग  बॉर्डर पर विवाद के चलते पांच सालों तक तनाव रहने के बाद हाल के समय में चीन और भारत के बीच संबंध बेहतर हुए हैं। दोनों देशों के प्रमुख नेताओं की भी मुलाकात हुई, लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। एक तरफ जहां वह भारत से दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर पीठ पर छूरा घोंपने की भी कोशिश कर रहा है। दरअसल, सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि चीन पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के पूर्वी किनारों पर एक मिलिट्री से जुड़ा कॉम्प्लेक्स बना रहा है, जोकि जल्द ही पूरा होने वाला है। यह कॉम्प्लेक्स पांच साल पहले हुए सीमा विवाद के एक प्वाइंट से महज 110 किलोमीटर ही दूर है। इससे भविष्य में चीनी सेना को जरूरत लगने पर फायदा मिल सकेगा। सैटेलाइट इमेजेस पर नजर रखने वाले एक्स हैंडल '@detresfa_'ने एक तस्वीर पोस्ट की है। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''चीन पैंगोंग झील के पूर्वी किनारे पर मिलिट्री से जुड़ा एक कॉम्प्लेक्स पूरा करने वाला है, जिसमें गैरेज, एक हाईबे और सुरक्षित स्टोरेज हैं। यह साइट एक चीनी रडार कॉम्प्लेक्स के पास है और इसे SAM पोजिशन या हथियारों से जुड़ी दूसरी जगह बनाया जा सकता है।'' इस तस्वीर से साफ पता चल रहा है कि यह एक चीनी एयर डिफेंस कॉम्प्लेक्स है, जिसमें कमांड, कंट्रोल बिल्डिंग, सेना की गाड़ियों को रखने के लिए एक शेड, गोला-बारूद आदि चीजों को रखने की जगह बनाई गई है। वहीं, रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया है कि इन फैसिलिटीज की सबसे दिलचस्प बात ढकी हुई मिसाइल लॉन्च पोजिशन का एक सेट है। इसमें माना जाता है कि इनमें ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर गाड़ियों के लिए पीछे हटने वाली छतें लगी हैं, जो मिसाइलों को ले जा सकती हैं और जरूरत लगने पर उसे ऊपर उठाकर फायर कर सकती हैं। ये शेल्टर चीन की लंबी दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम एचक्यू-9 को छिपाने और उसे सुरक्षित रखने में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, तस्वीर से पता चलता है कि इसमें मिसाइल लॉन्च वाले स्थान के ऊपर स्लाइडिंग छते हैं और हर एक में दो गाड़ियां आ सकती हैं। पांच साल तक तनाव के बाद मिले थे मोदी-जिनपिंग पूर्वी लद्दाख की सीमा पर साल 2020 में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। गलवान घाटी में हुई हिंसा में कई भारतीय जवान शहीद हो गए थे और चीनी सैनिक भी मारे गए थे। लंबे समय तक टकराव वाले प्वाइंट्स पर भारत और चीन के सैनिकों का आमना-सामना हुआ। लेकिन फिर कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने की कोशिश हुई। टकराव वाली जगहों से दोनों देशों के सैनिकों का डिस-एंगेजमेंट हुआ और अगस्त-सितंबर में चीन के तियानजिन में आयोजित हुए एससीओ समिट में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। अमेरिका से तनाव के बीच माना गया कि भारत और चीन शायद फिर से करीब आ सकते हैं। इस दौरे पर पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और शी जिनपिंग की तस्वीर ने भी दुनियाभर में काफी चर्चाएं बंटोरी थीं।

करोड़ों की सैलरी देने वाले Meta ने 600 कर्मचारियों को किया बाहर, कंपनी का कारण हैरान कर देगा

पिछले दिनों बड़े-बड़े सैलरी पैकेज पर हायर करने के लिए सुर्खियों में रही Meta अब छंटनी की वजह से चर्चा में है। खबर है कि कंपनी ने अपने सुपर इंटेलिजेंस लैब डिवीजन से 600 कर्मचारियों को निकाल दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा के चीफ AI ऑफिसर अलेक्ज़ेंडर वांग ने इसे लेकर एक मेमो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि टीम को तेज और प्रभावी बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। कंपनी का कहना है कि छोटे आकार की टीम में फैसले जल्दी लिए जा सकते हैं और हर सदस्य को ज्यादा जिम्मेदारी और असरदार भूमिका दी जा सकती है। हालांकि, इस कदम से कर्मचारियों और सोशल मीडिया पर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। वांग के मेमो में क्या था? Meta के चीफ AI ऑफिसर वांग ने अपने मेमो में छंटनी का कारण बताते हुए लिखा कि छोटी टीमों में बातचीत और मंजूरी का प्रोसेस तेज हो जाएगा और इससे फैसले लेना आसान होगा। Meta चाहती है कि उनकी AI टीम इंडस्ट्री की सबसे चुस्त और टैलेंटेड टीम बने। गौरतलब है कि मेटा ने हाल के महीनों में OpenAI, Google DeepMind और Apple जैसी कंपनियों से करोड़ों डॉलर खर्च करके AI विशेषज्ञों को भर्ती किया था। वहीं अब कंपनी पुराने AI रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट्स से कर्मचारियों को हटाकर नई योजना पर काम कर रही है। इस बड़ी छंटनी के बाद भी वांग का कहना है कि कंपनी AI प्रोजेक्ट्स में निवेश कम नहीं करने वाली। कौन प्रभावित हुए और क्या मिलेगी मदद मेटा की इस छटनी के चलते उसके पुराने AI रिसर्च, प्रोडक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट्स प्रभावित हुए हैं। बता दें कि नई और हाई-प्रोफाइल TBS लैब को छंटनी से बाहर रखा गया है। बता दें कि जिन कर्मचारियों को हटाया गया है उन्हें 16 हफ्तों का वेतन दिया जाएगा। इसके अलाव नौकरी में पूरे हुए सालों के मुताबिक हर साल के लिए 2 हफ्ते की ज्यादा सैलरी दी जाएगी। निकाले गए कर्मचारियों को नवंबर 21 तक का “नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड” दिया गया है, ताकि वे मेटा में किसी और रोल के लिए आवेदन कर सकें। कंपनी की रिक्रूटमेंट टीम भी उनकी मदद कर रही है। नाराजगी जता रहे कर्मचारी Meta के छंटनी के फैसले के बाद से सोशल मीडिया पर लोग गुस्से में है। इसे लेकर Blind ऐप पर एक कर्मचारी ने लिखा है कि कुछ महीनों पहले आए कर्मचारियों के चलते सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। किसी ने इंटरनेट पर यह तक लिखा है कि अमीर लोग भूल जाते हैं कि नौकरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं बल्कि किसी की पूरी जिंदगी होती है। लोगों ने यह भी अंदेशा जताया है कि Meta अपने काम को आउटसोर्स करने की तैयारी में है। इससे पता चलता है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी हाई-टेक नौकरियां भी सुरक्षित नहीं हैं।

रोजगार मेले में बंटी खुशियां, युवाओं ने कहा– पीएम मोदी ने दी नई उड़ान, अब देश सेवा का वक्त

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को रोजगार मेले में 51,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। नियुक्ति पत्र मिलने पर युवाओं ने खुशी जताई। खान मंत्रालय में जियोसाइंटिस्ट के रूप में शामिल हुए भीम चंद गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नियुक्ति पत्र मिलना गर्व का विषय है। किसी भी देश को अपना डेमोग्राफिक डिविडेंड का फायदा उठाना बहुत जरूरी है। भारत की वर्किंग आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। ऐसे रोजगार मेले इसका फायदा उठाने में मदद करते हैं। इससे विकसित भारत विजन को साकार करने में मदद मिलेगी। दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स्टेनोग्राफर) का नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले विनय फलवारिया ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है। प्रधानमंत्री ने हमें यह मौका दिया है। इससे आने वाली युवा पीढ़ी भी प्रोत्साहित होगी। सभी परिवार, गुरुजन और अन्य सभी काफी खुश हैं। वहीं, एनटीआरटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति पत्र करने वाले मनीष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से रोजगार मेलों का आयोजन करना एक बहुत अच्छा निर्णय है। इससे युवाओं को विकसित भारत विजन में योगदान देने का मौका मिल रहा है। खान मंत्रालय के तहत केमिस्ट पोस्ट पर नियुक्त होने वाले हितेश मौर्या ने कहा कि मेरे लिए यह काफी खुशी का मौका है। रोजगार मेले एक बहुत अच्छा कार्यक्रम है। इतने बड़े मंच पर आना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। इससे आने वाली पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक अन्य प्रतिभागी आदित्य सिंह ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी थी और इस तरह के कार्यक्रम काफी अच्छे हैं। 17 वां रोजगार मेल देशभर में 40 लोकेशन पर आयोजति किया गया था। इसमें करीब 51,000 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए। पीएम मोदी इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। 

J&K राज्यसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस का दबदबा, सत शर्मा बने BJP के इकलौते विजेता

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में चार सीटों पर राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। सभी 86 विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना वोट डाला। वोटिंग के बाद मतगणना भी शुरू हो गई है। तीन सीटों पर चुनाव परिणाम सामने आ गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, शम्मी ओबराय और सज्जाद किचलू ने जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की सीटों पर जीत दर्ज की है। बता दें कि वोट डालने का समय शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था। पांच बजे से वोटिंग की गिनती शुरू हो गई थी। चारों सीटों का परिणाम सामने आ गया है। तीन सीटों पर एनसी और एक सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी है।     सज्जाद गनी लोन ने दी प्रतिक्रिया पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक फिक्सड मैच था। अच्छा हुआ, मैंने मतदान में भाग नहीं लिया, अन्यथा मेरे पर भी आरोप लगता। मतदान का जो पैटर्न है, उसे देखते हुए सत्ताधारी दल पर पर ही सवाल पैदा होता है। वह अपने तीसरे उम्मीदवार शम्मी ओबेराय के पक्ष में 28 या 29 वोट ही डलवाती। तीन अतिरिक्त वोट क्यों? भाजपा चौथी सीट के लिए चुनाव लड़ रही थी। लोन ने क्रॉस-वोटिंग, रिजेक्टेड बैलेट और दोनों पक्षों के बीच संभावित मिलीभगत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी वोटिंग प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।