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एकनाथ शिंदे के खिलाफ BJP का नया दांव? गणेश नायक की एंट्री से बढ़ी चर्चा

मुंबई  महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में सबकुछ ठीक नहीं है। इसके संकेत हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में की चुनाव प्रभारी की नियुक्ति से मिलते हैं। दरअशल, भाजपा ने राज्य सरकार में वन मंत्री गणेश नाइक को 7 जिलों का प्रभारी बनाया है, जिनमें ठाणे भी शामिल है। खास बात है कि नाइक को उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का प्रतिद्वंद्वी भी माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाइक को बड़े नेताओं को चुनौती देने और मुश्किल राजनीतिक हालात में खड़े रहने वाला माना जाता है। खास बात है कि वह अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से अलग हो गए थे और इसके बाद भी ठाणे में अपनी पार्टी के लिए खड़े रहे। इस सीट पर शिंदे के गुरु माने जाने वाले आनंद दीघे का दबदबा था। कहा जाता है कि उनका मजबूत जनाधार युवाओं और मजदूरों के बीच है। उनके समर्थन से ही नाइक वाशी, नेरुल, एरोली, तुर्भे, घंसोली और TTC बेल्ट यानी ट्रांस ठाणे क्रीक में शिवसेना के चेहरे बन गए थे। 1980 के दशक में वह नवी मुंबई में बड़े नेता के तौर पर स्थापित हो चुके थे। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे शिवसेना का विस्तार हो रहा था, तो नाइक का क्षेत्र दीघे से ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ठाकरे को हस्तक्षेप करना पड़ा और नवी मुंबई को नाइक का क्षेत्र घोषित किया गया। सरकार और बाल ठाकरे दोनों से असहमति जताई 1990 के विधानसभा चुनाव में नाइक ने बेलापुर से पहली बार बड़ी चुनावी जीत हासिल की थी। इसके 5 साल बाद वह मनोहर जोशी की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री भी बने। हालांकि, यहां भी जोशी और ठाकरे से उनका टकराव जारी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, नाइक ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था और बाद में जोशी ने उन्हें सरकार से बाहर कर दिया। एनसीपी से मिलाया हाथ 1990 में नाइक ने अविभाजित NCP यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हाथ मिलाया, लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में हार गए। साल 2004 में उन्हें फिर सफलता मिली और वह एक्साइज मंत्री बन गए। 2014 में उन्हें भाजपा उम्मीदवार मंदा म्हात्रे के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2019 में उन्हें भाजपा से हाथ मिला लिया और एरोली में जीत हासिल की। रिपोर्ट के अनुसार, शिंदे के प्रतिद्वंद्वी होने के चलते भाजपा उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं कर सकी थी। क्यों है भाजपा के लिए खास रिपोर्ट के अनुसार, टीटीसी में लंबे समय से मौजूदगी, कामगारों और ठेकेदारों से संपर्क के चलते माना जाता है कि वह जल्द समर्थन जुटा सकते हैं। वहीं, कई बड़े नेताओं से सीधी टक्कर लेने की उनकी क्षमता भी उन्हें चुनिंदा नेताओं में से एक बनाती है, जो शिंदे को उनके ही गढ़ में चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा नाइक के जरिए भाजपा नवी मुंबई और ठाणे के उन इलाकों में समर्थन मिलता है, जहां शिंदे की पहुंच सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरातियों, मुस्लिम, उत्तर भारतीयों और अन्य पिछड़ा वर्गों में भी उनका मजबूत जनाधार है। अलग-अलग चुनाव लड़ने के संकेत अक्तूबर में महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा ने ठाणे और नवी मुंबई में आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का संकेत दिया है, जिसका उद्देश्य इन नगर निकायों में अपने महापौर बनाना है। मुंबई के इन दो बड़े नगरों में भाजपा द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के इस संकेत के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी इसका जवाब देने के लिए ऐसी ही रणनीति तैयारी करनी शुरू कर दी है। शिवसेना का ठाणे क्षेत्र में खासा प्रभाव है।  

दिल्ली बम धमाकों के घायलों से मिले पीएम मोदी, भूटान से लौटते ही पहुंचे LNJP अस्पताल

नई दिल्ली दिल्ली में सोमवार को हुए विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं. भूटान से वापस आते ही पीएम मोदी एलएनजीपी अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की. बताते चलें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस घटना की जांच कर रही है. एनआईए के अधिकारी भी एलएनजीपी अस्पताल जाएंगे. सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने दिल्ली ब्लास्ट की जांच के लिए 'स्पेशल 10' अधिकारियों की टीम तैयार की है, जिसमें आईजी, दो डीआईजी और 3 एसपी होंगे. बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी इस टीम में शामिल हैं. दिल्ली ब्लास्ट मामले को लेकर बुधवार को एनआईए के डीजी और आईबी चीफ की बैठक भी हुई है.  सूत्रों ने यह भी बताया कि एनआईए की टीम जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा पुलिस से 'जैश मॉड्यूल' की तमाम केस डायरी आज अपने कब्जे में लेगी. वहीं, फरीदाबाद में 'आतंकी मॉड्यूल' का पर्दाफाश होने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में है. इस यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ. मामले में एजेंसियों ने जांच दायरा बढ़ाते हुए छह और लोगों को हिरासत में लिया.  अल फलाह यूनिवर्सिटी में जांच एजेंसियां 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं. इन लोगों में यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मुजम्मिल के साथ काम करने वाले संकाय सदस्य, विश्वविद्यालय के छात्र और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं. इस कार्रवाई के बीच छह लोगों को हिरासत में लिया गया. फिलहाल, फरीदाबाद पुलिस उनसे संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल के बारे में पूछताछ कर रही है. 

लेडी टेररिस्ट की दास्तान: टूटी शादी, खतरनाक रिश्ते और शाहीन का रहस्य

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के समीप हुए धमाके से एक दिन पहले एजेंसियों ने एक महिला डॉक्टर को पकड़ा था. यह महिला थी डॉक्टर शाहीन शाहिद. जम्मू कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में डॉक्टर शाहीन को पकड़ा था. शाहीन का नाम उसी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है, जिस नेटवर्क का नाम दिल्ली ब्लास्ट में आया है. दिल्ली ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. लेडी टेररिस्ट डॉक्टर शाहीन शाहिद कौन है, जिसे जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल-मोमिनीन का इंडिया हेड बताया जा रहा है? दरअसल, डॉक्टर शाहीन का नाम फरीदाबाद से दो डॉक्टर्स की गिरफ्तारी के बाद आया था. एजेंसियों के मुताबिक डॉक्टर मुजम्मिल अहमद, डॉक्टर उमर नबी और शाहीन शाहिद, तीनों मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क चला रहे थे. शाहीन को मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल मोमिनीन का इंडिया हेड बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि वह जैश आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के निर्देश पर काम कर रही थी. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद उसके लखनऊ स्थित घर पर भी जम्मू कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने छापेमारी की. इस संयुक्त कार्रवाई में शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज अंसारी को भी पकड़ा गया, जो इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं. डॉक्टर शाहीन के लखनऊ वाले घर से कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन भी एजेंसियों ने अपने कब्जे में लिया है. कानपुर में लेक्चरर थी शाहीन डॉक्टर शाहीन कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में भी लेक्चरर रह चुकी है. शाहीन ने 2006 में बतौर लेक्चरर जीएसवीएम जॉइन किया था. कॉलेज के रिकॉर्ड्स के मुताबिक 2013 में वह बिना अनुमति अवकाश पर चली गई और कॉलेज की ओर से कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने 2021 में शाहीन की सेवा समाप्त कर दी थी. जीएसवीएम कॉलेज के लोग बताते हैं कि शाहीन शांत रहती थी. 2013 के बाद से उसने सभी के साथ संपर्क तोड़ लिए थे. महाराष्ट्र के जफर से हुई थी शादी डॉक्टर शाहीन शाहिद की शादी महाराष्ट्र के जफर हयात के साथ हुई थी. हालांकि, यह रिश्ता बहुत लंबा नहीं चला और 2015 में शाहीन का तलाक हो गया. पति से तलाक के बाद शाहीन हरियाणा के फरीदाबाद शिफ्ट हो गई. यहीं वह डॉक्टर मुजम्मिल के संपर्क में आई थी. बाद में वह मसूद अजहर की बहन सादिया के सीधे संपर्क में आ गई थी. शाहीन की कार से राइफल और जिंदा कारतूस भी मिले थे, जिन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है. NIA कर रही विदेशी कॉन्टैक्ट्स की जांच इस केस की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. NIA डॉक्टर शाहीन शाहिद के अकादमिक रिकॉर्ड के साथ ही सोशल मीडिया कनेक्शन और विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शाहीन शाहिद का पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के साथ सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में रही होगी. भारत में कट्टरपंथी महिलाओं का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल का शक एजेंसियों को है.

PM किसान योजना: किस्त आने से पहले होगी नामों की छंटनी, ये किसान होंगे लिस्ट से बाहर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त अभी जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने किसानों में फैल रही अफवाहों और गलतफहमियों को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना में कई ऐसे आवेदन थे जो मानदंडों के अनुसार अपात्र थे। इन आवेदनों को अब संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया है और उनकी जांच की जा रही है। क्यों हटाए गए कुछ नाम? सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में ऐसे लोग योजना में पंजीकरण करा चुके हैं, जिनके पास 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन मिली थी। कुछ परिवारों के कई सदस्य पति-पत्नी, वरिष्ठ रिश्तेदार या नाबालिग एक साथ लाभ लेने के प्रयास में थे। ऐसे आवेदकों को अस्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया गया है। राष्ट्रीय सफाई अभियान के तहत अब तक 35.44 लाख से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए हैं। सत्यापन के बाद ही मिलेगा भुगतान सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि हटाए गए नाम स्थायी रूप से निष्कासित नहीं हैं। जल्द ही भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद योग्य पाए गए किसानों के नाम सूची में बहाल कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि केवल वास्तविक किसानों को ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को अपनी पात्रता की जांच करने के लिए पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर ‘अपनी स्थिति जानें’ या ‘योग्यता स्थिति’ सेक्शन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप या किसान मित्र चैटबॉट के जरिए भी पूरी की जा सकती है। 21वीं किस्त पर अपडेट सरकार ने कहा है कि 21वीं किस्त का भुगतान तब तक स्थगित रहेगा जब तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होती। वार्षिक लाभ राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की अटकलें अभी तक आधिकारिक नहीं हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, सत्यापन के बाद करीब 50 लाख किसानों को अपात्र घोषित किया जा सकता है। किसानों के लिए जरूरी कदम केंद्र ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी जानकारी तुरंत सत्यापित करें और यदि गलती से उनका नाम सूची से हटा गया है, तो फिर से आवेदन करें। योग्य किसानों को भुगतान में देरी से बचाने के लिए ऑनलाइन या मी-सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।  

चलती ट्रेन में अनोखा अनुभव, ऑस्ट्रेलियाई महिला ने शेयर किया पिज्जा-फ्रेंच फ्राइज वीडियो

  नई दिल्ली    24 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई महिला बेक मैककॉल भारत की ट्रेन यात्रा के दौरान पिज़्ज़ा और फ्रेंच फ्राइज़ की डिलीवरी पाकर हैरान रह गईं. उन्होंने इस अनोखे अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया. लोगों ने भारत की तेज और तकनीकी रूप से उन्नत सेवाओं की तारीफ की, वहीं कुछ यूज़र्स ने इस पर सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा की. चलती ट्रेन में खाना डिलीवर होने से महिला हैरान बेक ने बताया कि उन्हें यह देखकर बेहद आश्चर्य हुआ कि भारत में चलती ट्रेन में भी खाना डिलीवर किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “मैंने ट्रेन में पिज्जा और फ्राइज का ऑर्डर दिया और डिलीवरी ड्राइवर मुझसे स्टेशन पर मिला. इस पर उनके दोस्त ने हंसते हुए कहा, “वह तुमसे ट्रेन में ही मिला था,” जिस पर वह भी मुस्कुराईं और बोलीं, “हां, सच में — वह मुझसे ट्रेन में ही मिला था, यह बहुत अच्छा था!” सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो बेक मैककॉल द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया यह छोटा वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. क्लिप में वह ट्रेन की सीट पर बैठी, पिज्जा और फ्राइज खाते हुए कहती हैं. “India is so good!”(“भारत बहुत अच्छा है!”). उनकी इस खुशी और हैरानी ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया. लोगों को यह देखकर गर्व हुआ कि भारत में तकनीक और सेवा कितनी तेज और सुविधाजनक हो चुकी है. सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग थीं. एक यूजर ने लिखा-“भारत सच में शानदार है, विदेशियों को बस इतना करना है कि थोड़ा बजट 20 डॉलर से ऊपर रखें.”दूसरे ने कहा- “स्वागत है! हम उतने बुरे नहीं हैं जितना मीडिया ने दिखाया. थोड़ा खर्च करो — यहां लक्जरी सस्ती है.”हालांकि, कुछ यूजर्स ने सामाजिक पहलुओं पर भी बात की. एक टिप्पणी में कहा गया- “यह देखकर गर्व हुआ, लेकिन ये सेवा सस्ते मानव श्रम और बड़ी आबादी की वजह से संभव हो पाई है.” भारत की रेलवे और डिलीवरी सिस्टम की तारीफ कई लोगों ने इस मौके पर भारतीय रेलवे और फूड डिलीवरी नेटवर्क की प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि भारत का डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर अब इतने बड़े स्तर पर काम करता है कि वह यात्रियों तक भी पहुंच चुका है. चाहे ट्रेन चल ही क्यों न रही हो. सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि लोगों को यह भी दिखाया कि भारत की तकनीकी और सेवा व्यवस्था किस तरह से लगातार आगे बढ़ रही है और यात्रियों को हर संभव सुविधा दे रही है.

राजधानी में धमाका: गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए अमित शाह ने कहा कि इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद मंगलवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली कार ब्लास्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्हें इस घटना के पीछे के प्रत्येक दोषी की तलाश करने के निर्देश दिए। इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को हमारी एजेंसियों की कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ेगा।" बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक (डीजी) सदानंद वसंत दाते शामिल हुए। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी कड़ा संदेश दे चुके हैं कि षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भूटान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं कल रात भर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों के साथ सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में था। विचार विमर्श चलता था। जानकारियों के तार जोड़े जा रहे थे। हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।" विस्फोट की जांच के लिए 500 से अधिक सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रमुख प्रतिष्ठानों पर एनएसजी कमांडो तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। उन्हें संदेह है कि कार विस्फोट ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया एक आत्मघाती हमला हो सकता है। जांच ​​एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली भर के कई स्थानों से मोबाइल फोन का डंप डेटा इकट्ठा कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास सक्रिय सभी मोबाइल फोन से डंप डेटा प्राप्त किया जा रहा है। यह डेटा कार बम विस्फोट से जुड़े फोन नंबरों और संचार लिंक की पहचान करने में मदद कर सकता है।

आतंक पर सख्त कानून की मांग: अबू आजमी बोले- 6 महीने में हो फांसी

मुंबई  महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने सोमवार को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट पर कहा कि जो भी इस घटना के पीछे दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को 6 माह में फांसी की सजा होनी चाहिए। सपा नेता ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ। यह दुखद है कि ऐसी घटना ऐसी जगह पर हुई। हम मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होनी चाहिए और उन्हें छह महीने के भीतर मौत की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मुंबई के ट्रेन ब्लास्ट को दिल्ली ब्लास्ट से जोड़ते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी बेकसूर को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई ट्रेन ब्लास्ट की घटना में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस घटना में भी कुछ लोगों को पकड़ा गया, और वर्षों तक जेल में रखने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया। आज तक असली दोषियों को सजा नहीं हुई। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर उन्होंने कहा कि देश में ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप किसी बेकसूर को गिरफ्तार कर लें। घटना की सही तरीके से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के लिए वर्तमान सरकार को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में यह ब्लास्ट एक बड़ी चूक है। अगर दिल्ली के अंदर विस्फोट हो सकता है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रहते हैं, जहां पूरी सरकार काम करती है, तो दिल्ली के दिल में ऐसा विस्फोट, मेरी राय में, एक विफलता है, 100 प्रतिशत विफलता है। दिल्ली ब्लास्ट पर कई राजनीतिक दलों की ओर से भी दुख जताया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुई हैं। उन्होंने कहा कि ये हादसा बेहद दुखद है। सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और पूरी तरीके से इसकी तह तक जाने का काम चल रहा है। हम लोग स्वयं अस्पताल जाकर घायलों से मिले। सरकार का पूरा सहयोग उनके साथ है।

गुजरात फिर टॉप पर! पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में पूरे देश को पीछे छोड़ा

गांधीनगर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की अपेक्षित जरूरतों एवं सुविधाओं की पूर्ति कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन कार्यान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में गुजरात देश का शीर्ष राज्य बना है। भारत सरकार की ओर से पीएम-जनमन के कार्यान्वयन के संदर्भ में देश के अलग-अलग राज्यों की प्रगति को ध्यान में रखकर घोषित की गई रैंकिंग में गुजरात पहले स्थान पर है। भारत सरकार की ओर से 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात राज्य को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ का पुरस्कार दिया। गुजरात की यह उपलब्धि दर्शाती है कि आदिवासियों के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार मजबूत प्रयास कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर 2023 को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर देश के 18 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश में बसे 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) का सर्वांगीण सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन का उद्देश्य निश्चित समयसीमा में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, आजीविका और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर उनका सामाजिक उत्थान करना है। गुजरात में ऐसे 5 विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह रहते हैं, जिनमें काथोडी, कोटवाळिया, पढार, सिद्दी और कोलघा समूह शामिल हैं। राज्य सरकार ऐसे समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्यरत है। पीएम-जनमन मिशन के तहत विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जाता है, जिनमें आवास, सड़क की कनेक्टिविटी, पाइपलाइन से जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं, महिलाओं के लिए आंगनबाड़ियों का निर्माण, विद्युतीकरण, मोबाइल टावर की स्थापना, वन धन विकास केंद्र और बहुउद्देश्यीय केंद्रों की स्थापना शामिल हैं। इस मिशन के अंतर्गत इस समुदाय के लोगों के घर-परिवारों का सर्वेक्षण करके और यह पता लगाकर कि किन्हें किस सुविधा की जरूरत है और कहां कितनी कमी है, इसके अनुसार सुविधाओं के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और उसके अनुसार उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। गुजरात राज्य में पीएम-जनमन के अंतर्गत पीवीटीजी समुदायों के लिए 14,552 आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, राज्य में बसे इस समुदाय के लगभग 2,803 घरों में पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति की आवश्यकता थी, और इन सभी यानी 100 फीसदी घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा चुका है। इन समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 मोबाइल मेडिकल यूनिट कार्यरत की गई हैं, और 1.25 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया है। पीएम-जनमन मिशन के अंतर्गत, पीवीटीजी समुदायों की महिलाओं के लिए आगामी समय में 67 आंगनबाड़ियां कार्यरत करने का लक्ष्य है। वहीं, शिक्षा के उद्देश्य से 13 छात्रावासों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस मिशन के अंतर्गत ऐसे 6,630 घरों में बिजली पहुंचाई गई है, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची थी। इसके साथ ही गुजरात राज्य ने पीएम-जनमन के अंतर्गत 100 फीसदी विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। पीएम-जनमन के तहत आदिम समूह बस्तियों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 36 नए मोबाइल टावर लगाने का आयोजन किया गया था, जिनमें से 21 टावर लगाए जा चुके हैं। वहीं, 41 आदिम समूह बस्तियों में 4जी सेवा कार्यरत है। इसके अलावा, सड़क सुविधा के अंतर्गत 45 नई सड़कों (कुल 94 किमी) की स्वीकृति दी गई है, विशेष रूप से छोटी बस्तियों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, वनोपज के प्राथमिक प्रसंस्करण और उसके मूल्य संवर्धन में पीवीटीजी समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी के जरिए उनकी आजीविका और आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस मिशन के तहत 21 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) स्थापित किए गए है, जिनमें कुल 1,050 लाभार्थी जुड़े हैं। ये केंद्र वनोपज के मूल्य वर्धन और बिक्री के माध्यम से स्थानीय रोजगार और आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुए हैं। यही नहीं, इस मिशन के तहत पीवीटीजी समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, वयस्क शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए 39 बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई है। इन सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए भारत सरकार के 8 मंत्रालयों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है, जिनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, संचार मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।

दिल्ली धमाके पर चीन का बड़ा बयान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मचा हड़कंप

बीजिंग दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके पर पुलिस, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना पर चीन का  भी तुरंत  रिएक्शन सामने आया है जिससे दुनिया हैरान है । चीन  ने मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा,“हम इस घटना से स्तब्ध हैं। दिल्ली में हुए विस्फोट में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। मृतकों के परिजनों को हमारी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।” लिन जियान ने आगे बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी चीनी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन इस घटना पर भारत के साथ खड़ा है और शांति व सुरक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं देता है।इससे पहले जापान, ईरान, अर्जेंटीना और ब्रिटेन सहित कई देशों ने भी दिल्ली विस्फोट पर दुख व्यक्त किया था और भारत के साथ एकजुटता दिखाई थी। चीन का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भारत में हुए हादसों पर चीन देर तक चुप्पी साधे रखता है और कुछ दिन बाद अपनी प्रतिक्रिया देता है । लेकिन हाल ही में अमेरिका के साथ अनबन व  भारत के साथ संबंधों में सुधार के चलते चीन का यह बयान अहम माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट एक खड़ी कार में हुआ, जिसमें संभवतः विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कार में विस्फोट कैसे हुआ  क्या यह आतंकी साजिश थी या किसी तकनीकी खराबी से हुआ हादसा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के नमूने एकत्र कर जांच कर रहे हैं।

‘धोखा’ विवाद के बाद कार्रवाई, बाबा रामदेव की पतंजलि को नोटिस जारी

 नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने तीन दिनों के अंदर पतंजलि च्यवनप्राश के उस विज्ञापन को प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश ब्रांडों को 'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) कहा गया है। जस्टिस तेजस करिया ने डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनियों, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म और अनेय प्रसारकों को तीन दिनों के अंदर इस विज्ञापन को रोकने का आदेश दिया। जस्टिस करिया ने अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म या किसी भी प्रकार की स्ट्रीमिंग प्रणाली, और प्रिंट माध्यमों और वर्ल्ड वाइड वेब/इंटरनेट पर प्लेटफॉर्म, समाचार पत्रों और अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से विवादित विज्ञापन को तीन दिनों के अंदर हटाएं, ब्लॉक करें या उसे निष्क्रिय कर दें।” डाबर इंडिया के क्या आरोप? हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह आदेश डाबर इंडिया की उस याचिका पर दिया, जिसमें पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के हालिया टेलीविजन विज्ञापन को अपमानजनक और अनुचित बताया गया था। डाबर की याचिका के अनुसार, विज्ञापन में बाबा रामदेव उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे थे कि च्यवनप्राश के नाम पर ज़्यादातर लोगों को ठगा जा रहा है। विज्ञापन में अन्य च्यवनप्राश ब्रांडों को'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) बताया गया था और पतंजलि के उत्पाद को 'आयुर्वेद की असली शक्ति' देने वाला एकमात्र असली च्यवनप्राश बताया गया था। बाजार के 61% हिस्सेदारी पर डाबर हावी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, डाबर ने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन जानबूझकर उसके प्रमुख उत्पाद, डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करता है, जो 1949 से बाजार में 61% से अधिक की हिस्सेदारी पर हावी रहा है। डाबर ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि पतंजलि का यह विज्ञापन और संदेश संपूर्ण च्यवनप्राश श्रेणी का अपमान है, जिससे आयुर्वेद-आधारित हेल्छ सप्लीमेंट पर लोगों का विश्वास कम होता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विज्ञापन संपूर्ण च्यवनप्राश उत्पादों की श्रेणी का अपमान करने का प्रयास है। 'धोखा' का क्या अर्थ बताया पतंजलि ने? इससे पहले पिछली सुनवाई पर गुरुवार (6 नवंबर) को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और पतंजलि आयुर्वेद से पूछा था कि वह अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को ‘धोखा’ कैसे कह सकता है? कोर्ट ने तब कहा था कि योग गुरु रामदेव की पतंजलि को अपने विज्ञापनों में किसी अन्य शब्द के इस्तेमाल पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पतंजलि को अपने उत्पाद और अन्य उत्पादों की तुलना की अनुमति तो है, लेकिन अन्य उत्पादों का अपमान करने की अनुमति नहीं है। जस्टिस करिया ने तब कहा था, ‘‘आप दावा कर सकते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आप दूसरों को ‘धोखा’ नहीं कह सकते, जिसका अंग्रेजी शब्दकोश में अर्थ धोखाधड़ी और छल है।’’ पतंजलि के वकील ने दावा किया था कि ‘धोखा’ शब्द से रामदेव का मतलब ‘साधारण’ है, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।