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कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 2 आतंकी ढेर

कुपवाड़ा  जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए भारतीय सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को ढेर कर दिया है. उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में आतंकियों ने LOC पार करके भारत में घुसने की कोशिश की. सूत्रों के अनुसार, घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की टुकड़ी को चुनौती दी. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को रोकने के लिए गोलीबारी की, जिसमें 2 आतंकवादी मारे गए, लेकिन उनके शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं. जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सेना ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया। पिछले 8 दिनों में सेना और आतंकवादियों के बीच यह दूसरा एनकाउंटर है। इससे पहले 20 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था। वहीं एसपीओ समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मुठभेड़ दूदू-बसंतगढ़ और डोडा के भद्रवाह में सोजधार के जंगलों में हुई थी। 20 सितंबर को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जवान की पहचान लांस दफादार बलदेव चंद के रूप में हुई थी। 8 सितंबर: कुलगाम एनकाउंटर में शहीद हुए थे 2 जवान 8 सितंबर को कुलगाम में ऑपरेशन गुड्‌डर के दौरान हुए एनकाउंटर में भी 2 जवान शहीद हुए थे। इनमें कैथल के लांसनायक नरेंद्र सिंधु और उत्तर प्रदेश के पैरा कमांडो प्रभात गौड़ का नाम शामिल था। इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकी मारे गए थे। इनमें से एक शोपियां का रहने वाला आमिर अहमद डार और दूसरा विदेशी आतंकी रहमान भाई था। आमिर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और सितंबर 2023 से एक्टिव था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से जारी 14 आतंकवादियों की लिस्ट में यह भी शामिल था।

मन की बात: गांधी जयंती पर खादी और स्वदेशी अपनाने की पीएम मोदी की अपील

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'नवरात्रि के इस समय में हम शक्ति की उपासना करते हैं। हम नारी-शक्ति का उत्सव मनाते हैं। व्यापार से लेकर खेल तक और शिक्षा से लेकर विज्ञान तक आप किसी भी क्षेत्र को लीजिए, देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रहीं है। आज वे ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है।' पीएम मोदी ने कहा, '2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। गांधी जी ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया और इनमें खादी सबसे प्रमुख थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद खादी की रौनक कुछ फीकी पड़ती जा रही थी, लेकिन बीते 11 साल में खादी के प्रति देश के लोगों का आकर्षण बहुत बढ़ा है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि 2 अक्टूबर को कोई ना कोई खादी सामान जरूर खरीदें और गर्व से कहें ये स्वदेशी हैं।' छठ पूजा का भी पीएम मोदी ने किया जिक्र मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'छठ पूजा ऐसा एक पावन पर्व है जो दीवाली के बाद आता है। इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं। आज ये एक वैश्विक उत्सव बन रहा है। भारत सरकार छठ महापर्व को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। जब छठ पूजा UNESCO की सूची में शामिल हो जाएगी, तो दुनिया के हर कोने में लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर सकेंगे।' लता मंगेशकर को पीएम मोदी ने किया याद पीएम मोदी ने कहा, 'आज लता मंगेशकर की भी जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीतों में वो सब कुछ है जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन गीतों ने लोगों को बहुत प्रेरित किया। भारत की संस्कृति से भी उनका गहरा जुड़ाव था। मैं लता दीदी के लिए हृदय से अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूं।' 'अमर शहीद भगत सिंह युवाओं के लिए प्रेरणापुंज' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह, हर भारतवासी, विशेषकर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज है। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरी थी। उन्होंने कहा, 'भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और उनकी मदद में हमेशा आगे रहते थे। मैं शहीद भगत सिंह को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'

जब एक-दूसरे पर गिर पड़े लोग… रैली में मौजूद गवाहों ने बताई सच्चाई

करूर तमिलनाडू के करूर में तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) चीफ ऐक्टर विजय की रैली में मची भगदड़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो गई है। वहीं रैली में मौजूद लोगों का कहना है कि जब भीड़ में अफरा-तफरी मचनी शुरू हुई तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह भगदड़ कैसे रुकेगी। इतनी ज्यादा भीड़ में किया भी क्या जा सकता था। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शी नंद कुमार ने कहा, हम भी वहां मौजूद थे। भीड़ को नियंत्रित करने का कोई रास्ता ही नहीं था। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विजय रैली स्थल पर दोपहर में ही पहुंचने वाले थे, हालांकि उन्हें पहुंचने में 6 घंटे की देरी हो गई। कुमार ने कहा, सबको यही लगा था कि रैली समय से शुरू होगी और इसीलिए लोग बच्चों को भी साथ लेकर गए थे। लोग भूख-प्यास से परेशान होने लगे। उन्होंने कहा, सुरक्षा का इंतजाम होने के बाद भी भीड़ इतनी थी कि स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा, जब भगदड़ मची तो कहीं इतनी जगह भी नहीं थी कि ऐंबुलेंस पहुंच सके। ऐसे में राहत-बचाव में भी देरी हुई। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, हम मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन कोई हिलने-डुलने में भी सक्षम नहीं था। लोग एक दूसरे पर गिर रहे थे। हम सांस भी नहीं ले पा रहे थे। एक पिता अपनी 12 साल की बेटी को लेकर रैली में आया था। उन्होंने कहा, वह केवल बेहोश हुई थी। मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसकी मौत हो गई। बता दें कि करूर-एरोड हाइवे पर वेलुसमीपुरम में ऐक्टर विजय की रैली आयोजित की गई थी। यहां वह भाषण देने आने वाले थे। शाम के 8 बजे के करीब उनका भाषण शुरू हुआ को ग्राउंड में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। अनुमान से तीन गुना ज्यादा लोग वहां मौजूद थे। ऐक्टर विजय ने घटना पर दुख जताया है। वहीं तमिलनाडु के सीएम ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

बेरोजगारी पर RSS नेता का अनोखा फार्मूला: घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दें

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार देश में रोहिंग्या और अन्य घुसपैठियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भारत में मौजूद सभी घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दिया जाए तो देश के मुसलमानों की बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है। इंद्रेश कुमार ने यहां के तालकटोरा स्टेडियम में एमआरएम के अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान और बंगलादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की और अत्याचार रोकने के लिए वहां के सरकार से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों में रोहिंग्या सहित अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी पर चिंता जताते हुए इसे भारतीय मुसलमानों की रोजगार और संसाधनों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने घुसपैठ की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "घुसपैठिए नौकरी करेंगे तो यहां का मुसलमान कैसे रोजगार हासिल कर पाएंगे?" इस दौरान उन्होंने कहा, 'आतंकवाद किसी धर्म का नहीं बल्कि शैतानियत का नाम है। हम हिन्दुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। हमारी पहचान कोई छीन नहीं सकता।' इस कार्यक्रम में कुमार के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी,ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी, अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती सहित काफी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए संगठित और आक्रामक अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान पाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों का जवाब दिया है और देश को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वक्फ की एक-एक इंच जमीन का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि उसे मुसलमानों की तरक्की में लगाया जा सके। संसद और सरकार वक्फ सुधारों को पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संशोधन मुस्लिम समाज के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ख्वाजा नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे न्यायप्रिय देश है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है।" उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रयास समाज में भरोसा और सद्भाव बढ़ाने का हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अब केवल सुधार की बात नहीं करता बल्कि अब यह जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए ठोस योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए काम कर रहा है। तालकटोरा स्टेडियम की यह गूंज आने वाले वर्षों में भारत के कोने-कोने तक पहुंचेगी l महासम्मेलन में मंच के सभी राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय संयोजक, सभी प्रांतों के संयोजक सह संयोजक और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद थे। मौजूद लोगों में अलग अलग वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और हज समितियों से जुड़े लोग भी थे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने 25 वर्षों के इतिहास में तीन तलाक समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 तथा 35ए को हटाने, पीएफआई पर प्रतिबंध, वक्फ संशोधन कानून, तिरंगा यात्राएं और आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाई है।

PMO अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था बाबा चैतन्यानंद, दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है। पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा PMO के नाम पर किसी से कॉल करवाता था। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला। वह बीते 2 महीनों के दौरान यूपी के करीब 13 अलग-अलग होटलों में रुक चुका है। वह 2 महीने से वृंदावन, मथुरा, आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था। पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आई पैड भी बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके अनुसार, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है। दूसरे विजिटिंग कार्ड के अनुसार, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया है। हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा डीसीपी (साउथ-वेस्ट) अमित गोयल ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया, ''हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम ​​चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसार्थी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। हमें कल रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली। उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी रहेगी। हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था। वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था। चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।

गुफा में जिंदगी बिताने वाली महिला और बेटियाँ अब रूस लौटेंगी, हाईकोर्ट का आदेश

नई दिल्ली कर्नाटक हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक रूसी महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज जारी करने की अनुमति दे दी है। ये लोग तटीय कर्नाटक की एक गुफा में पाई गए थे। न्यायमूर्ति बी एम श्याम प्रसाद ने यह आदेश इजराइली नागरिक ड्रोर श्लोमो गोल्डस्टीन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जो बच्चों का पिता होने का दावा करता है। गोल्डस्टीन ने अदालत से अनुरोध किया था कि केंद्र को नाबालिग बच्चों को तुरंत निर्वासित न करने का निर्देश दिया जाए। जुलाई में गुफा के अंदर मिले थे ये लोग नीना कुटीना नाम की यह महिला 11 जुलाई को कुमता तालुका के गोकर्ण के पास रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा में मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि वह और उसके बच्चे बिना किसी वैध यात्रा या निवास दस्तावेज के लगभग दो महीने से वहां रह रहे थे। इजरायली नागरिक ने दर्ज कराई थी शिकायत गोल्डस्टीन ने भारत में अपने बच्चों का पता न लगा पाने के बाद पिछले साल दिसंबर में गोवा के पणजी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, अदालत ने दर्ज किया कि रूसी वाणिज्य दूतावास ने कुटीना और उनकी बेटियों के लिए आपातकालीन यात्रा पत्र जारी किए हैं, जो केवल 9 अक्टूबर तक वैध हैं। कोर्ट ने वाणिज्य दूतावास को कुटीना की ओर से खुद को भेजे गए पत्र पर भी ध्यान दिया, जिसमें उसने जल्द से जल्द रूस लौटने की इच्छा व्यक्त की थी। अदालत में क्या हुआ? गोल्डस्टीन के वकील ने निर्वासन का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि ऐसा कदम बच्चों के सर्वोत्तम हितों के विरुद्ध होगा, जबकि हिरासत की कार्यवाही अभी भी लंबित है। हालांकि, अदालत ने पाया कि गोल्डस्टीन ने इस बात का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया कि बचाव से पहले मां और बच्चे एक गुफा में अलग-थलग क्यों रह रहे थे। बच्चों के कल्याण के सिद्धांत पर जोर देते हुए पीठ ने कहा कि रूस वापस जाने के लिए मां का अनुरोध तथा उनकी वापसी में सहायता करने के लिए रूसी सरकार की तत्परता, अन्य बातों से अधिक महत्वपूर्ण है। 22 अगस्त को हुई पूर्व सुनवाई में गोल्डस्टीन की कानूनी टीम ने बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का हवाला दिया था, जबकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अरविंद कामथ ने अदालत को आश्वासन दिया था कि कुटीना और उनकी बेटियों की देखभाल महिलाओं के लिए विदेशी प्रतिबंध केंद्र में की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि निर्वासन तत्काल नहीं किया जाएगा, क्योंकि छोटे बच्चे के माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण लंबित है, जिसके पास पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, एएसजी ने अदालत को बताया कि दूसरी बेटी की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और रूसी सरकार को सूचित कर दिया गया है, जिसने बदले में, उन्हें रूस की यात्रा करने के लिए सक्षम बनाने हेतु रूसी नागरिकता और आपातकालीन यात्रा दस्तावेज (ईटीडी) जारी किए हैं।  

वैष्णो देवी मंदिर पर सुविधाओं का कमाल: हेलिकॉप्टर, बैट्री कार और रोपवे सेवाओं के साथ श्रद्धालु कर रहे दर्शन

कटड़ा जारी पवित्र शारदीय नवरात्रों में श्रद्धालु देश के कोने-कोने ने से आकर पूरी भक्ति भाव से अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। कोई पैदल, कोई दंडवत होकर, कोई घोड़ा, पिट्ठू अथवा पालकी आदि का सहारा लेकर तो कोई हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, रोपवे केवल कार सेवा का सहारा लेकर पूरी श्रद्धा के साथ अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं की मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह से भक्तिमय बनी हुई है । क्योंकि एक और जहां भवन परिसर के साथ ही सभी धार्मिक स्थलों की भव्य सजावट जिसे देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं तो दूसरे और पवित्र नवरात्रों में मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर निरंतर चरणों में नतमस्तक हो रहे हैं और मां वैष्णो देवी का आशीर्वाद पा रहे हैं। जारी पवित्र चैत्र नवरात्रों में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा एक और जहां घोड़ा सेवा के साथ ही बैटरी कार सेवा तथा मां वैष्णो देवी के विशेष दिव्य दर्शन जैसी निशुल्क सुविधाए दिव्यांग श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवाई जा रही है तो दूसरी और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के तौर पर हेलीकॉप्टर सेवा बैटरी कार सेवा तथा रोपवे केवल कार सेवा जैसी सुविधाएं निरंतर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ताकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं के साथ ही दिव्यांग श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी ना हो। धीरे-धीरे बढ़ रही है मां वैष्णो देवी यात्रा की संख्या। बरसात के कारण बीती कड़वी यादों को भूल कर श्रद्धालु एक बार फिर पूरे जोश के साथ मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं । क्योंकि बीते 26 अगस्त को मां वैष्णो देवी भवन मार्ग पर अर्धकुंवारी मंदिर क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन के कारण 34 श्रद्धालुओं को अपनी जान गवानी पड़ी पड़ी थी और कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। जिसके कारण 22 दिनों तक मां वैष्णो देवी की यात्रा स्थगित रही थी। बीते 17 सितंबर को एक बार फिर मां वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू हो गई परंतु यात्रा में दिन प्रतिदिन भारी कमी देखने को मिल रही थी। पर पवित्र शारदीय नवरात्रि शुरू होते ही एक बार फिर मां वैष्णो की यात्रा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते 22 सितंबर यानी की पहली नवरात्रि में 13600 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी वहीं दूसरे नवरात्रि 23 सितंबर को 12589 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे । इसी तरह 24 सितंबर यानी तीसरी नवरात्रि में 14526 श्रद्धालु मां के दरबार आए तो वहीं चौथे नवरात्रि 25 सितंबर को 13643 से श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई। वही पांचवें नवरात्रि यानी की 26 सितंबर को 17665 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे। वहीं छठे नवरात्रि यानी की 27 सितंबर शनिवार बाद दोपहर 3:00 बजे तक करीब 14500 श्रद्धालु पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर और रवाना हो चुके थे। जारी पवित्र प्रथम 6 नवरात्रि तक करीब 90000 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगा चुके हैं और देश के कौन-कौन से श्रद्धालुओं का लगातार आना जारी है। माता वैष्णो देवी यात्रा में बढ़ोतरी हो जिसको लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, पर्यटन विभाग, राज्य प्रशासन, व्यापारी वर्ग हर तरह से प्रयास जारी रखे हुए हैं उम्मीद है कि जल्द ही मां वैष्णो देवी की यात्रा में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जारी पवित्र शारदीय नवरात्रों में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा विश्व शांति व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल शतचंडी महायज्ञ जारी रखा हुआ है। श्राइन बोर्ड सदस्य तथा प्रकाण्ड पंडित पद्मश्री डॉ विश्वमूर्ति शास्त्री के सानिध्य में मां वैष्णो देवी भवन परिसर के साथ ही अर्धकुंवारी मंदिर प्रांगण में विशाल शतचंडी महायज्ञ लगातार जारी है। एक और जहां इस विशाल महायज्ञ में पंडित निरंतर हवन यज्ञ बाप पूजा अर्चना कर रहे हैं तो दूसरी ओर मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे श्रद्धालु भी भाग लेकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा बढ़ी: रेलवे ने 8 ट्रेनों में बढ़ाए कोच, आसान होगा सफर

नई दिल्ली  त्योहारी सीजन को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवरात्र, दशहरा त्योहारों के मद्देनजर चक्रधरपुर रेल मंडल के गुजरने वाली दो ट्रेनों में, रांची रेल मंडल से चलने वाली दो ट्रेनों और खड़गपुर रेल मंडल से गुजरने वाली चार ट्रेनाें में आज से से 08 अक्टूबर के बीच एक – एक अतिरिक्त कोच लगा कर चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच अस्थायी रूप से जोड़े जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को सुगम व आरामदायक यात्रा का लाभ मिल सके। त्योहारी सीजन में हर वर्ष ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अतिरिक्त डिब्बों की यह व्यवस्था यात्रियों के लिए राहतभरी साबित होगी। इन ट्रेनों में लगेगा अतिरिक्त कोच     28, 29, 30 सितंबर और 03 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 18183 टाटानगर – बक्सर एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एक नन एसी चेयर कार कोच लगेगी ।     30 सितंबर और 03, 05, 06, 07 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 18107 राउरकेला – जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त थ्री टीयर स्लीपर कोच लगेगी ।     28 और 29 सितंबर तक ट्रेन नंबर 18619 रांची – गोड्डा इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त थ्री टीयर स्लीपर कोच लगेगी ।     29, 30 सितंबर और 04 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 18611 रांची – बनारस एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त थ्री टीयर स्लीपर कोच लगेगी ।     05 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 12884 पुरूलिया – संतरागाछी रूपसि बंगला एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त नन एसी चेयर कार कोच लगेगी।     28 सितंबर और 05अक्टूबर को ट्रेन नंबर 12883 संतरागाछी – पुरूलिया रूपसि बंगला एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त नन एसी चेयर कार कोच लगेगी।     28, 29, 30, सितंबर और 01 से 08 अक्टूबर तक ट्रेन नंबर 12837 हावड़ा – पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच लगेगी ।     02 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 02863 सांतरागाछी – यशवंतपुर स्पेशल में दो अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगेगी। 8 अक्टूबर को चलेगी वरिष्ठ नागरिक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ओडिशा सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025 के तहत क्षेत्र के बुजुर्गों को स्पेशल ट्रेन के जरिए संबलपुर से बनारस, अयोध्या कैंट, वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी।  

1 अक्टूबर से लागू होंगे देश के 5 महत्वपूर्ण बदलाव, जानिए आपके जीवन पर क्या होगा प्रभाव

नईदिल्ली   अक्टूबर का महीना आने वाला है और इसके साथ ही कई अहम नियम और बदलाव लागू होंगे. इन बदलावों का असर सीधे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और बजट पर पड़ सकता है. इसमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतें, आरबीआई रेपो रेट, UPI ट्रांजेक्शन, रेलवे टिकट बुकिंग नियम और नेशनल पेंशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. आइए जानें 1 अक्टूबर 2025 से होने वाले ये बड़े बदलाव और उनकी अहमियत. सितंबर का महीना जल्द ही समाप्त होने वाला है और बस 3 दिन बाद अक्टूबर दस्तक देने वाला है। इस नए महीने के साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण नियम और बदलाव लागू होंगे, जो सीधे आम आदमी की जेब और रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। त्योहारों के सीजन में सबसे ज्यादा असर LPG सिलेंडर की कीमतों पर पड़ेगा, जो रसोई के बजट को सीधा छूता है। वहीं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां CNG और PNG की कीमतों में भी संशोधन कर सकती हैं। रेलवे यात्रियों के लिए भी बड़ा बदलाव है—ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग के नियम बदलने जा रहे हैं, जो केवल आधार वेरिफिकेशन वाले यात्रियों पर लागू होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, अगर आप NPS, UPS, अटल पेंशन योजना या NPS लाइट से जुड़े हैं, तो पेंशन नियमों में भी बदलाव होने वाला है, जो आपके अकाउंट और फीस संरचना को सीधे प्रभावित करेगा।  1. LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव अक्टूबर में सबसे ज्यादा निगाह LPG सिलेंडर की कीमतों पर होगी, क्योंकि यह सीधे रसोई के बजट को प्रभावित करता है। बीते कुछ महीनों में 19 किग्रा वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव आया है, लेकिन 14 किग्रा वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतें लंबे समय से स्थिर रही हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के बड़े शहरों में इसका भाव आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बढ़ा था। इस बार आम जनता को कीमतों में राहत की उम्मीद है। वहीं, केवल घरेलू गैस ही नहीं—ATF, CNG और PNG की कीमतों में भी संशोधन होने की संभावना है, जो रसोई से लेकर परिवहन तक हर जगह असर डाल सकता है। 2. रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया नियम रेलवे ने टिकट बुकिंग में धांधली रोकने के लिए नया कदम उठाया है। अक्टूबर की शुरुआत से रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंडियन रेलवे ने धांधली रोकने के मकसद से 1 अक्टूबर 2025 से नया नियम लागू किया है। इसके तहत रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार (Aadhaar) वेरिफिकेशन पूरा हो चुका होगा। यह नियम IRCTC की वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू होगा। वहीं, कंप्यूटरीकृत PRS काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी। इस बदलाव का मकसद है ऑनलाइन टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाना और धोखाधड़ी पर रोक लगाना। यात्रियों के लिए यह नियम सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। 3. पेंशन नियमों में बदलाव अक्टूबर से NPS, UPS, अटल पेंशन योजना और NPS लाइट अकाउंटधारकों के लिए नए नियम लागू होंगे। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) द्वारा वसूली जाने वाली फीस में बदलाव किया है। अब सरकारी कर्मचारियों के लिए नया PRAN खोलने पर E-PRAN किट के लिए 18 रुपये और फिजिकल PRAN कार्ड के लिए 40 रुपये चार्ज देना होगा। सालाना मेंटेनेंस शुल्क 100 रुपये प्रति अकाउंट रहेगा। वहीं, APY और NPS लाइट सब्सक्राइबर्स के लिए फीस और भी आसान हो गई है—PRAN ओपनिंग और एनुअल मेंटेनेंस दोनों केवल 15 रुपये, और ट्रांजैक्शन चार्ज शून्य। इस बदलाव से पेंशन अकाउंट को मैनेज करना आसान और पारदर्शी हो जाएगा, जिससे पेंशनर्स की सुविधा बढ़ेगी और खर्च कम होगा। 4. UPI फीचर्स में बदलाव अक्टूबर की शुरुआत से डिजिटल पेमेंट यूजर्स के लिए भी बड़ा बदलाव लागू होगा। अगर आप PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे UPI ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, तो NPCI द्वारा किए जा रहे नए बदलावों से प्रभावित होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, NPCI सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले P2P (Peer-to-Peer) ट्रांजैक्शन फीचर को हटा सकता है। यह कदम यूजर की सुरक्षा बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2025 से सभी प्रमुख UPI ऐप्स पर लागू होगा। 29 जुलाई के सर्कुलर में इस बदलाव की जानकारी पहले ही साझा की जा चुकी है। 5. बैंकिंग छुट्टियों का लंबा महीना त्योहारों के महीने अक्टूबर में बैंकिंग कार्यों की प्लानिंग पहले से करना जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी October Bank Holiday List देखकर ही घर से निकलें, ताकि बैंक बंद होने की वजह से कोई परेशानी न हो। महीने की शुरुआत दुर्गा पूजा की छुट्टी से होगी, इसके बाद पूरे महीने में महात्मा गांधी जयंती, दशहरा, लक्ष्मी पूजा, महार्षि वाल्मीकि जयंती, करवा चौथ, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ पूजा सहित कुल 21 छुट्टियां पड़ रही हैं। इसमें दूसरे और चौथे शनिवार के साथ ही रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी शामिल है। ध्यान रखें, Bank Holidays राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए बैंकिंग काम से पहले सूचि अवश्य चेक करें।

देशभर में अक्टूबर से लागू होने वाले 5 अहम बदलाव: आपकी जेब पर पड़ेगा असर!

नई दिल्ली अक्टूबर का महीना न सिर्फ त्योहारों की सौगात लेकर आ रहा है, बल्कि कुछ अहम बदलावों के साथ आम लोगों की दिनचर्या और खर्चों पर भी असर डालने वाला है। नए महीने की पहली तारीख यानी 1 अक्टूबर 2025 से देशभर में पांच बड़े नियम लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा संबंध आपकी रसोई, बैंकिंग, यात्रा, पेंशन और डिजिटल पेमेंट से है। इन बदलावों का असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं क्या हैं वे पांच बड़े बदलाव, जो 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे: LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की तैयारी त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले रसोई का बजट बिगड़ सकता है या राहत भी मिल सकती है, क्योंकि हर महीने की तरह इस बार भी 1 अक्टूबर को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। बीते महीनों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की दरों में कुछ उतार-चढ़ाव हुए थे, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। साथ ही, एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल), सीएनजी और पीएनजी की दरों में भी संशोधन की संभावना है। रेलवे टिकट बुकिंग का नया नियम अगर आप अक्सर IRCTC के जरिए ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो ये बदलाव आपके लिए बेहद अहम है। अब से 1 अक्टूबर 2025 से, ट्रेन रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट के भीतर केवल उन्हीं यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुक करने की अनुमति होगी, जिनका आधार वेरिफिकेशन पहले से पूरा है। यह नया नियम IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप दोनों पर लागू होगा। यह फैसला टिकट बुकिंग में होने वाली धांधली और दलाली पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। हालांकि, PRS काउंटर से टिकट लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पेंशन योजनाओं से जुड़े चार्ज में बदलाव अगर आप NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम), UPS, अटल पेंशन योजना (APY) या NPS Lite के तहत पेंशन फंड में निवेश करते हैं, तो आपके लिए ये खबर जरूरी है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने Central Recordkeeping Agencies (CRA) द्वारा वसूली जाने वाली फीस में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। अब: नया PRAN (Permanent Retirement Account Number) खोलने पर E-PRAN किट के लिए ₹18 फिजिकल कार्ड के लिए ₹40 चार्ज लगेगा सालाना मेंटेनेंस चार्ज ₹100 प्रति खाता होगा APY और NPS Lite खातों पर PRAN ओपनिंग व मेंटेनेंस चार्ज ₹15 ट्रांजैक्शन चार्ज शून्य होगा यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों और आम निवेशकों दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण है। UPI यूजर्स के लिए नई चुनौती अगर आप PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे UPI ऐप्स से रोजमर्रा के लेन-देन करते हैं, तो ये बदलाव आपको प्रभावित कर सकता है। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने UPI को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए P2P (Peer-to-Peer) ट्रांजैक्शंस पर बदलाव का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर 1 अक्टूबर से कुछ UPI प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया जा सकता है या इसकी प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा, जिससे फाइनेंशियल फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके। 29 जुलाई को जारी सर्कुलर में इसकी जानकारी दी गई थी। बैंकों में छुट्टियों की भरमार अगर अक्टूबर में बैंक से जुड़े कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो पहले Bank Holiday List जरूर चेक करें। अक्टूबर में त्योहारों की लंबी कतार होने के चलते पूरे महीने में कुल 21 दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी। ये छुट्टियां अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग होंगी, जिनमें शामिल हैं: गांधी जयंती दुर्गा पूजा दशहरा लक्ष्मी पूजा महार्षि वाल्मीकि जयंती करवा चौथ दीवाली गोवर्धन पूजा भाई दूज छठ पूजा इनके अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और सभी रविवार भी बैंकों में कामकाज नहीं होगा।