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एक हफ्ते धूप ही धूप, हिमाचल से मानसून अलविदा – 454 मौतों का दर्दनाक आंकड़ा

शिमला,  हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही विदा होने वाला है। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य से मॉनसून की विदाई के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं और अगले 24 घंटों में मानसून हिमाचल से विदा हो जाएगा। विभाग ने अनुमान जताया है कि राज्य भर में 30 सितम्बर तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और लोगों को अगले एक हफ्ते तक गुनगुनी धूप का आनंद मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई है और आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। इस तरह सितंबर के अंत तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इधर, बीते दिनों हुई भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में बंद पड़ी सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में 2 नेशनल हाइवे और 320 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। ऊना और कुल्लू जिले में एक-एक नेशनल हाइवे बंद है, जबकि मंडी में 105, कुल्लू में 100, कांगड़ा में 40 और शिमला में 21 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 46 बिजली ट्रांसफार्मर और 69 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मानसून सीजन ने हिमाचल को गहरे जख्म दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 454 लोगों की मौत हुई है और 50 लोग अब भी लापता हैं। मृतकों में सर्वाधिक 68 लोग चंबा जिले में मारे गए हैं, जबकि मंडी में 67, कांगड़ा में 57, कुल्लू में 49, शिमला में 48, सोलन में 32, किन्नौर में 30, ऊना में 29, बिलासपुर में 24, सिरमौर में 23, हमीरपुर में 17 और लाहौल-स्पीति में 10 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लापता लोगों में 30 मंडी से हैं, जबकि चंबा से 5, सिरमौर से 4, शिमला और किन्नौर से 3-3, कुल्लू और कांगड़ा से 2-2 तथा लाहौल-स्पीति से एक व्यक्ति लापता है। इस दौरान 498 लोग घायल भी हुए हैं। प्राकृतिक आपदाओं ने न केवल इंसानों की जान ली बल्कि हजारों परिवारों को बेघर भी किया है। अब तक 1,736 मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं जबकि 7,494 मकानों को आंशिक क्षति पहुँची है। इसके अलावा 496 दुकानें और 7,399 गौशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। पशुधन में 2,519 मवेशियों और 26 हजार से अधिक पोल्ट्री पक्षियों की मौत दर्ज की गई है। सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक कुल 4,881 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इनमें सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है, जहां सड़कों और पुलों को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है। जलशक्ति विभाग को 1,476 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 1,394 करोड़ रुपये की क्षति दर्ज की गई है। प्राकृतिक आपदाओं के रूप में इस मानसून ने 148 बार भूस्खलन, 98 बार फ्लैश फ्लड और 47 बार बादल फटने की घटनाएं दीं। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 30 बार भूस्खलन हुआ, जबकि शिमला में 29 बार। फ्लैश फ्लड की सबसे अधिक 57 घटनाएं भी लाहौल-स्पीति में दर्ज की गईं। बादल फटने की घटनाएं मंडी जिले में सबसे ज्यादा 19 बार हुईं, जबकि कुल्लू में 12 और चंबा में 6 बार बादल फटे। गौरतलब है कि इस साल मानसून 20 जून को हिमाचल पहुँचा था और सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश से मानसून की सामान्य विदाई तिथि 25 सितम्बर मानी जाती है, लेकिन बीते दस वर्षों में केवल तीन बार ही यह सितम्बर में विदा हुआ है, जबकि सात बार अक्टूबर में विदाई हुई। वर्ष 2024 में मानसून 2 अक्टूबर, 2023 में 6 अक्टूबर और 2022 में 3 अक्टूबर को विदा हुआ था। इस बार इसके समय से पहले लौटने की संभावना है।    

हिमाचल प्रदेश के नैना देवी में भक्तों का सैलाब, हरियाणा डिप्टी स्पीकर ने भी टेका माथा

बिलासपुर,  हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी में नवरात्रि के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्त माता के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु नैना देवी मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर के बाहर श्रद्धालु सुबह से ही कतारों में खड़े होकर मां नैना देवी के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे। मंदिर न्यास ने हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। हरियाणा सरकार के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल ने भी शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। पुजारी हरीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार के आदेशानुसार सारे कार्य किए जा रहे हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश और भूस्खलन की वजह से जो रास्ते बंद हो गए थे, उन्हें खोल दिया गया है और अन्य रास्तों को सही कराया जा रहा है। मैं सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि इन शुभ नवरात्रि के दिनों में आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करें। श्रद्धालुओं ने बताया, “आज का दर्शन बहुत शुभ था, यह एक बहुत ही सकारात्मक और संतोषजनक अनुभव था। आज के दिन ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। माता भक्तों की मनोकामना जल्दी पूरी करती है।” श्रद्धालुओं ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों पर जिला प्रशासन एवं मंदिर ट्रस्ट द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर और रास्तों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जगह-जगह सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालु लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।  

लेह में हिंसक हुआ प्रदर्शन, BJP कार्यालय और CRPF वाहन जलाए; सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से क्यों सुलग रहा लद्दाख?

 लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में छात्रों और पुलिस के बीच बुधवार को झड़प हो गई. लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर पर्यावरणविद सोनम वांगुचक भूख हड़ताल पर हैं. सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. इस बीच प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई. पुलिस पर पथराव किया गया. सीआरपीएफ की गाड़ी भी फूंक दी गई. इस दौरान प्रदर्शनकारी बीजेपी के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन कर रही है. बीजेपी के दफ्तर में आग लगा दी गई. प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी. साथ ही अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी फूंक डाला. पुलिस एक तरफ भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दाग रही है और लाठीचार्ज कर रही है जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस पर पथराव कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए. गुस्साई भीड़ ने CRPF की गाड़ी, पुलिस वैन और कई अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं, भीड़ ने लेह स्थित बीजेपी दफ्तर को भी निशाना बनाया और वहां आगजनी की. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कार्यालय से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. आंदोलन की वजह क्या है? यह विरोध लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर तेज हुआ है. आंदोलन का नेतृत्व लेह एपेक्स बॉडी कर रही है. LAB की युवा इकाई ने प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया, खासकर तब जब मंगलवार शाम 35 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे 15 लोगों में से दो की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. सोनम वांगचुक का समर्थन इस आंदोलन की सबसे बड़ी आवाज़ बनकर सामने आए हैं पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक, जिनका अनशन 15वें दिन में पहुंच चुका है. वांगचुक का कहना है कि बीजेपीने वादा किया था कि लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल किया जाएगा, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी वादा अधूरा है. उनका कहना है, ‘हमारी मांगें पांच साल से लंबित हैं. संविधान दो साल में बन गया था लेकिन हमारी बात पर अब तक चर्चा पूरी नहीं हुई. लोगों का सब्र टूट रहा है. हम नहीं चाहते कि कुछ ऐसा हो जिससे भारत की छवि को धक्का लगे.ट केंद्र से बातचीत की तैयारी लगातार बढ़ते गुस्से के बीच गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि 6 अक्टूबर को लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल के साथ अगला दौर की बातचीत होगी. लेकिन LAB ने साफ कर दिया है कि जब तक राज्य का दर्जा और संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा. उधर लद्दाख के लोगों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध से अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ, और अब वे जल्द से जल्द ठोस समाधान चाहते हैं. यही वजह है कि लेह में गुस्से की आग सड़कों तक फैल गई और हालात हिंसा में बदल गए. वांगचुक की अगुवाई में लद्दाख की एपेक्स बॉडी लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग कर रही है. सोनम वांगचुक 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. आज लद्दाख बंद के बीच बड़ी संख्या में लोग लेह में इकट्ठा हुए. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. वांगचुक की अगुवाई में छात्रों की चार मांगें हैं. इस दौरान रैली भी निकाली गई. दरअसल पांच अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया था. जम्मू-कश्मीर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना जबकि लेह और कारगिल को मिलाकर लद्दाख अलग केंद्रशासित प्रदेश बना था. अब इसी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है.  कौन सी हैं चार मांगें:- 1) लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए. 2) लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए. 3) लद्दाख में दो लोकसभा सीटों की मांग की गई है. 4) लद्दाख की जनजातियों को आदिवासी का दर्जा.

गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों से दहली जेल, इक्वाडोर में 14 कैदियों की गई जान

क्विटो दक्षिण-पश्चिमी इक्वाडोर की एक जेल में हुए दंगों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी इक्वाडोर की राष्ट्रीय पुलिस ने दी। उन्होंने बताया कि एल ओरो प्रांत की राजधानी मचाला शहर स्थित जेल में सोमवार तड़के दंगों के बीच गोलीबारी एवं विस्फोट की सूचना मिली। एल ओरो के पुलिस प्रमुख विलियम कैले ने स्थानीय टीवी नेटवकर् इक्वाविसा को बताया कि घटना में 13 कैदियों और एक गार्ड की मौत हो गई तथा 14 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती किया गया। कैले ने कहा कि मारे गए अधिकतर लोग इक्वाडोर के सबसे हिंसक समूहों में से एक लॉस चोनेरोस से संबंधित थे। उन्होंने बताया कि झड़पों के दौरान कई कैदी भाग निकले। जेल अधिकारी फरार कैदियों की सही संख्या का पता लगाने का काम कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इक्वाडोर में फरवरी 2021 से अब तक गिरोह-संबंधी दंगों में लगभग 600 कैदी मारे गए हैं। 

EC का नया ई-साइन सिस्टम बनाएगा वोटर नाम हटाने की प्रक्रिया सख्त और पारदर्शी

नई दिल्ली वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को लेकर उठते विवादों और कथित फर्जीवाड़ों को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक अहम तकनीकी पहल की है. अब मतदाता पहचान से जुड़े दस्तावेजों का दुरुपयोग रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-साइन (e-Sign) सुविधा को लागू किया गया है. इस नई व्यवस्था से न केवल फर्जी फॉर्म की संख्या घटेगी, बल्कि असली मतदाताओं के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे. चुनाव आयोग ने अपनी ईसीआईनेट (ECInet) वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर ‘ई-साइन’ नाम का नया फीचर जोड़ा है.  इसके ज़रिए अब कोई भी शख्स वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, हटवाने या उसमें बदलाव करवाने के लिए आवेदन करता है, तो उसे अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा. इस बदलाव की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हालिया आरोप है, जिसमें उन्होंने बताया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में करीब 6,000 मतदाताओं के नाम बिना उनकी जानकारी के हटवाने की कोशिश की गई. इस तरह के मामलों में फर्जी पहचान, गलत मोबाइल नंबर और बिना सहमति के फॉर्म भरने जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? नया सिस्टम शुरू होने के बाद, जब कोई शख्स ईसीआईनेट पोर्टल पर फॉर्म 6 (नए रजिस्ट्रेशन के लिए), फॉर्म 7 (नाम हटाने के लिए), या फॉर्म 8 (सुधार के लिए) भरता है, तो उसे 'ई-साइन' की जरूरत पूरी करनी होगी. पोर्टल आवेदक को यह सुनिश्चित करने के लिए सचेत करता है कि मतदाता कार्ड और आधार कार्ड पर नाम समान हो और आधार व मोबाइल नंबर आपस में जुड़े हों. इसके बाद, आवेदक को एक बाहरी ई-साइन पोर्टल पर निर्देशित किया जाता है, जहां उसे अपना आधार नंबर दर्ज करना होता है. ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन आधार नंबर दर्ज करने के बाद, एक 'आधार ओटीपी' उस फोन नंबर पर भेजा जाता है, जो आधार से जुड़ा हुआ है. ओटीपी दर्ज करने और सहमति देने के बाद ही वेरिफिकेशन पूरा होता है, जिसके बाद आवेदक को फॉर्म जमा करने के लिए वापस ईसीआईनेट पोर्टल पर भेजा जाता है. यह प्रक्रिया फर्जी आवेदनों को रोकने में मदद करेगी. क्यों जरूरी था यह बदलाव? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि आलंद में किसी ने ऑनलाइन आवेदन के जरिए करीब 6 हजार वोटर्स के नाम हटवाने की कोशिश की थी. ज्यादातर मामलों में, आवेदन पत्र जमा करने के लिए असली मतदाताओं की पहचान का दुरुपयोग किया गया था. फॉर्म जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबर भी उन मतदाताओं के नहीं थे, जिनके नाम पर फॉर्म दाखिल किए गए थे. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? ई-साइन प्रक्रिया को लेकर आयोग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और यूज़र-फ्रेंडली बनाया है: 1. आवेदन के लिए फॉर्म चुनें     नया वोटर रजिस्ट्रेशन – फॉर्म 6     नाम हटवाने के लिए – फॉर्म 7     सुधार या बदलाव के लिए – फॉर्म 8 2. ई-साइन की प्रक्रिया     आवेदक को अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए ई-साइन पोर्टल पर भेजा जाएगा.     यहां आवेदक को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा.     उसके बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा.     OTP दर्ज करके सहमति देने के बाद वेरिफिकेशन पूरा होगा.     फिर आवेदक दोबारा ECInet पोर्टल पर वापस आकर फॉर्म को सबमिट कर सकता है. क्या होगा फायदा?     फर्जी पहचान और गलत मोबाइल नंबर से आवेदन अब लगभग नामुमकिन हो जाएंगे.     मतदाता की सहमति और पहचान की पुष्टि सुनिश्चित होगी.     डेटा की शुद्धता बढ़ेगी और चुनाव आयोग को गलत डिलीट या एडिट की गई एंट्री को ट्रैक करने में आसानी होगी.     फॉर्म भरने वाले और असली मतदाता के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी.  

अमेरिका में जयशंकर-गोयल की वार्ता से आई अच्छी खबर, मोदी-ट्रंप बैठक करीब

नई दिल्ली अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक बयान से भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों पर शुभ संकेत आते दिख रहे हैं. दरअसल मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को फिक्स के लिए तैयार हैं. रुबियो ने कहा कि ये टैरिफ भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाए गए थे. वहीं अमेरिका यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर नए प्रतिबंधों पर भी विचार कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत-अमेरिका के बीच संबंधों का समीकरण बदलने लगा था. इसके बाद रूस-यूक्रेन के मुद्दे पर दोनों देशों को बीच तनाव और बढ़ा. परिस्थितियां ऐसी आ गईं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ भारत के खिलाफ 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया बल्कि ऐसे बयान भी आए कि इस वक्त के सबसे बड़े युद्ध का जिम्मेदार भारत ही है. भारत और अमेरिका के रिश्ते ही नहीं व्यापार भी प्रभावित हुआ. हालांकि दोनों देशों के बीच बर्फ थोड़ी पिघलती दिख रही है. भारत-अमेरिका के बीच नरमी के संकेत मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई. यह बैठक उन तनावों के बाद पहली बार हुई है जो भारत पर अमेरिकी टैरिफ और रूस से भारत के ऊर्जा आयात को लेकर बढ़े थे. एस. जयशंकर से यूएनजीसी में मुलाकात के बाद रुबियो ने कहा है – ‘भारत, अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण सहयोगी है, खासतौर पर व्यापार, ऊर्जा, फार्मा और क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में.’ उन्होंने भारत के राजदूत के तौर पर नामित सर्गियो गोर से भी मुलाकात की. मिल सकते हैं पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप! जब से भारत और अमेरिका से संबंधों में तनाव आया है, तब से पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच सिर्फ सोशल मीडिया पर ही संपर्क हुआ है. जिसमें पीएम मोदी के जन्मदिन पर दी गई ट्रंप की बधाई खासी चर्चा में रही. माना जा रहा था कि यूएनजीसी की मीटिंग में दोनों के बीच मुलाकात हो सकती है लेकिन जब इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर के जाने का ऐलान हुआ, तो ये उम्मीद भी खत्म हो गई. ऐसे में जब चीज़ें सामान्य होती दिख रही हैं, तो दोनों देशों की ओर से कोशिश की जा रही है कि पीएम मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो और बातचीत आगे बढ़े. भारत पर क्या कहा मार्को रुबियो ने? भारत को लेकर रुबियो ने कहा- ‘हमने भारत के खिलाफ कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि इसे सुधारा जा सकता है. राष्ट्रपति के पास और विकल्प हैं और वे आगे और कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं.’ मार्को रुबियो का ये बयान दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा के साथ ही ये बयान आया है, जो मौजूदा हालात में बेहद अहम है. आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिससे कुल शुल्क 50 फीसदी तक पहुँच गया है. यह दुनिया में सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक है.

जातीय जनगणना को लेकर हाईकोर्ट में जोरदार दलीलें, कहा गया – जाति यथार्थ है, नकारा नहीं जा सकता

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार की ओर से जातिगत जनगणना कराई जा रही है, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।  इस याचिका पर सुनवाई का दूसरा दिन था और इस दौरान दिलचस्प दलीलें देखने को मिलीं। कर्नाटक सरकार की ओर से जातीय जनगणना का यह कहते हुए विरोध हो रहा है कि इसका राजनीतिक इस्तेमाल करने की तैयारी है। इसके अलावा एक बार जातीय गणना होने के बाद दोबारा फिर इसकी क्या जरूरत है, यह सवाल भी उठाया जा रहा है। इसी को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट में मंगलवार को दिलचस्प बहस देखने को मिली। अभिषेक मनु सिंघवी ने कर्नाटक सरकार की ओर से दलीलें देते हुए कहा, 'हमारे देश में जाति है और वह अलग-अलग वर्गों का निर्धारण करती है। हम एकांत में या फिर किसी टापू में रहकर तो उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।' उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व और सुविधाएं देने के लिए यह जरूरी है कि सरकार के पास पूरा डेटा हो। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सरकार इस डेटा का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए करेगी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर समाज के लिए बिना कोई डेटा जुटाए कैसे सही योजनाएं बनाई जा सकती हैं। वहीं सीनियर एडवोकेट अशोक हरणहल्ली ने भी इस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आखिर एक अलग सर्वे कराने की जरूरत ही क्या है, जब केंद्र सरकार की ओर से जनगणना का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। उसमें तो जातिवार गणना भी होनी ही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नए सर्वे का फैसला कर लिया है, जिसमें 420 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे पहले भी 100 करोड़ खर्च करके एक सर्वे कराया गया था, लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग ने मनमाने तरीके से 1561 जातियों को ओबीसी कैटिगरी में डाल दिया। इसके लिए तो कोई स्टडी भी नहीं कराई गई। एक अन्य सीनियर वकील विवेक सुब्बा रेड्डी ने कहा कि नई लिस्ट में तो कई उपजातियों का ही जाति के तौर पर उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि साइंटिफिक तरीके से सर्वे नहीं किया गया।

भारत के शांति प्रयासों पर भरोसा, इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी का बड़ा बयान

रोम इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने  कहा कि भारत दुनिया में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकता है. न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान जब उनसे रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसी चल रही युद्ध स्थितियों में भारत की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो मेलोनी ने कहा, मुझे लगता है कि भारत इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. मेलोनी की टिप्पणियों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन पर आरोप लगाया था कि वे रूस से तेल खरीदकर युद्ध को आर्थिक मदद दे रहे हैं. ट्रंप ने कहा, चीन और भारत इस युद्ध को धन मुहैया कराने वाले मुख्य देश हैं क्योंकि वे रूस से तेल खरीदना जारी रख रहे हैं. इतना ही नहीं, यूएन में भाषण के दौरान उन्‍होंने यूरोपीय देशों को भी सुनाया. कहा, आप हमसे तो कहते हैं क‍ि अमेर‍िका चीन को रूसी तेल खरीदने से रोको, लेकिन खुद रूस से खरीदारी कर रहे हैं. यूरोप के नेता लगातार पीएम मोदी के संपर्क में इससे पहले बीते दिनों फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी समेत यूरोप के ज्‍यादातर देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों के फोन आए. सबने एक बात जरूर कही क‍ि अगर भारत चाहे तो यह जंग रुक सकती है. यहां तक क‍ि अमेर‍िका के राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप ने भी पीएम मोदी से बातचीत के बाद जो कहा, उससे भी साफ संकेत मिलते हैं क‍ि सबको भारत पर भरोसा है. ट्रंप ने लिखा, पीएम मोदी यूक्रेन संकट को सुलझाने के ल‍िए जो मदद कर रहे हैं, उसके ल‍िए धन्‍यवाद. भारत पर पूरी दुनिया को भरोसा क्यों पूरी दुनिया भारत पर इसलिए भरोसा करती है क्योंकि भारत हमेशा संतुलित और निष्पक्ष कूटनीति करता है. चाहे रूस हो या यूक्रेन, भारत के संबंध दोनों देशों के साथ बराबरी के हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ही समय में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात कर सकते हैं और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी. दुनिया जानती है कि भारत का उद्देश्य किसी युद्ध या संघर्ष से राजनीतिक या आर्थिक फायदा उठाना नहीं है. भारत हमेशा शांतिपूर्ण समाधान और वार्ता की पैरवी करता है. यही कारण है कि वैश्विक मंच पर भारत को एक विश्वसनीय और स्थिर साझेदार माना जाता है. भारत का यह संतुलित रुख यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी द्विपक्षीय विवाद में वह पक्षपात नहीं करेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा है कि भारत किसी भी संकट में स्थिर और जिम्मेदार निर्णय लेगा.

शादी के बाद नहीं बने शारीरिक संबंध, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप, 2 करोड़ की मांग

बेंगलुरु बेंगलुरु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने अपनी पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। खबर है कि महिला ने पति पर नपुंसक होने के आरोप लगाए हैं। साथ ही 5 करोड़ रुपये की मांग की है। इधर, पति ने पत्नी और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ मारपीट और उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एफआईआर दर्ज कराने वाले 35 शख्स बेंगलुरु के गोविंदाराजनगर में रहते हैं। उसकी 5 मई को ही शादी हुई थी। शादी के बाद वह अपनी पत्नी के साथ सप्तगिरि पेलेस में रहने लगे थे। खबर है कि पति ने कहा है कि शादी के तीन महीने के बाद पत्नी उसपर नपुंसक होने का शक करने लगी और जबरन मेडिकल जांच कराई, क्योंकि वह विवाह के बाद संबंध नहीं बना सका था। शख्स का दावा है कि डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ है। उन्होंने दावा किया है कि डॉक्टरों ने झिझक की वजह मानसिक तनाव बताई और शांत रहने की सलाह दी है। खबर है कि महिला ने कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की भी मांग की है। महिला का कहना है कि पति शादी के बाद वादे पूरे नहीं कर सका। शख्स ने पत्नी और उसके रिश्तेदारों पर 17 अगस्त को घर में घुसने और मारपीट के आरोप लगाए हैं। आरोप हैं कि उनके परिवार के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मोदी सरकार 25 लाख परिवारों को देगी मुफ्त LPG कनेक्शन, हर कनेक्शन पर खर्च होंगे 2,050 रुपये

नई दिल्ली  केंद्र सरकार नवरात्र के अवसर पर महिलाओं को उपहार स्वरूप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित करेगी. इससे देशभर में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या 10.6 करोड़ तक पहुंच जाएगी. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को बताया कि सरकार प्रत्येक कनेक्शन पर 2,050 रुपये खर्च करेगी, जिसमें एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, गैस चूल्हा, रेगुलेटर और अन्य संबंधित उपकरण शामिल हैं.     हरदीप पुरी ने इसे महिलाओं के लिए नवरात्र का विशेष उपहार बताया और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी देवी दुर्गा की तरह महिलाओं का सम्मान करते हैं. यह निर्णय माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को और मजबूत करता है.” मंत्री ने यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बताते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं की जीवनशैली में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मुफ्त एलपीजी कनेक्शन से घर में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा GDP केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि नए जीएसटी सुधारों से देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि जीएसटी सुधारों से देश की GDP में लगभग 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. नए सुधार सोमवार से लागू हो गए हैं. पुरी ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से सभी वर्गों को लाभ मिलेगा, विशेषकर निम्न मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग. विभिन्न उपभोग वस्तुओं पर लागू कम दरें जनता की खरीदारी क्षमता बढ़ाएंगी और देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएंगी. मंत्री ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर बढ़ते कदमों में उज्ज्वला योजना और जीएसटी सुधार दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. इन पहलों से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा बल्कि घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, जीवन स्तर में सुधार होगा और देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी. इस नवरात्र पर 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का वितरण और जीएसटी सुधार देश में समग्र विकास और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.