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ऊर्जा बचत के आसान उपाय: बिजली बिल होगा कम, जेब होगी भारी

नई दिल्ली   अक्सर ऐसा होता है कि घरों में बिजली बिल बहुत ज्यादा आ जाता है। लोग चाहते हुए भी बिजली की खपत कम नहीं कर पाते हैं और फिर उन्हें भारी-भरकम बिजली बिल भरना पड़ता है। हालांकि, आप चाहें तो अपना बिजली बिल बचा सकते हैं, इसके लिए आपको कुछ स्मार्ट टिप्स अपनानी होंगी, जो आपके बिजली बिल में बचत कर सकती हैं। कुछ टिप्स , जिन्हें फॉलो करके आप अपना बिजली बिल कम कर सकते हैं। ऑटोमेटिक डिवाइसेस का इस्तेमाल करें यदि आप कमरे या घर से निकलते हुए लाइट बंद करना भूल जाते हैं और दिन भर बत्ती जलती रहती है, तो आपके बिजली बिल में इजाफा होना लाजमी है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप ऑटोमेटिक डिवाइसेस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे- इन्फ्रारेड सेंसर, मोशन सेंसर, ऑटोमेटिक टाइमर, डिमर और सोलर सेल। ऐसा इसलिए करें ताकि लाइट अपने आप भी चालू बंद हो जाए। सेंसर लगाने पर आप एंट्री करेंगे, तब बिजली अपने आप ऑन हो जाएगी, जब आप बाहर निकलेंगे तो लाइट खुद ही बंद हो जाएगी। फ्लोरोसेंट ट्यूब लाइट और CFL का इस्तेमाल करें कुछ बल्ब या ट्यूब लाइट आती हैं, जो खूब सारी बिजली खाती हैं, इनसे भी बिजली खपत बढ़ जाती है। आप फ्लोरोसेंट ट्यूब लाइट और CFL का इस्तेमाल करें, जो सामान्य बल्ब से 5 गुना ज्यादा कारगर हैं। ये 70% तक बिजली बचा सकती हैं। इनकैंडेसेंट लैंप 90% बिजली को हीट में बदलता है, ना कि रोशनी में। इसलिए इनकी जगह CFLका इस्तेमाल करें, कम बिजली खर्च करते हैं। इसे ऐसे समझें कि 15 वॉट का CFL 60 वॉट के सामान्य बल्ब जितनी रोशनी देता है। 20 वॉट का CFL इस्तेमाल करने से आप हर साल 700 रुपये तक बिजली बिल में बचा सकते हैं। फ्रिज का दरवाजा बार-बार ना खोलें घरों में फ्रिज पूरे दिन चलते हैं, इनमें भी बिजली की खपत होती है। इसकी बिजली खपत कम करने के लिए फ्रिज को खुले स्पेस में रखें। धूप, रेडिएटर, ओवन या कुकिंग रेंज जैसे गर्मी के सोर्स इससे दूर रखें। दरअसल, फ्रिज के अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकलती है तो यह उतनी ही एनर्जी लगाता है, जिससे बिजली ज्यादा यूज होती है। कई लोगों की आदत होती है कि वे बार-बार फ्रिज का दरवाजा खोलते हैं, इससे फ्रिज के अंदर की ठंड बाहर आती है और यह फिर से ठंडा करने के लिए बिजली यूज करता है और खपत बढ़ जाती है।

62 हजार करोड़ का करार: IAF को मिलेंगे 97 नए तेजस MK-1A लड़ाकू विमान

बेंगलुरु भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) के लिए 97 और एलसीए तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई. 62,000 करोड़ रुपये की डील को एक उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम मंजूरी मिली, जिससे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इन विमानों के उत्पादन का रास्ता साफ हो गया. यह कदम मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह कार्यक्रम न केवल भारतीय वायुसेना को आधुनिक बनाएगा, बल्कि देश के छोटे और मध्यम उद्यमों को भी रक्षा क्षेत्र में व्यापार का बड़ा अवसर देगा.  तेजस: मिग-21 का आधुनिक विकल्प भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने पुराने मिग-21 विमानों पर निर्भर रही है, जो 1960 के दशक के डिजाइन हैं. ये विमान अब पुराने हो चुके हैं. आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करने में कमजोर पड़ रहे हैं. सरकार ने अगले कुछ हफ्तों में मिग-21 के बेड़े को पूरी तरह से हटाने का फैसला किया है. इसकी जगह लेने के लिए स्वदेशी तेजस मार्क 1ए को चुना गया है, जो एक चौथी पीढ़ी का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है. तेजस मार्क 1ए, पहले के 40 तेजस विमानों की तुलना में अधिक उन्नत है. इसमें बेहतर एवियोनिक्स (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम) और रडार हैं, जो इसे आधुनिक हवाई युद्ध के लिए और सक्षम बनाते हैं. इस विमान में 65% से अधिक हिस्सा स्वदेशी है.   62,000 करोड़ की डील: दूसरा बड़ा ऑर्डर यह तेजस मार्क 1ए का दूसरा बड़ा ऑर्डर है. इससे पहले, कुछ साल पहले सरकार ने 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस मार्क 1ए विमानों का ऑर्डर दिया था. नए ऑर्डर के साथ, भारतीय वायुसेना के पास अब कुल 180 तेजस मार्क 1ए विमान होंगे. यह डील हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को मिली है, जो भारत का प्रमुख रक्षा विमान निर्माता है. इस डील को मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में मंजूरी दी गई, जिसके बाद HAL अब इन विमानों का उत्पादन शुरू करेगा. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को रक्षा क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इस डील से न केवल भारतीय वायुसेना को आधुनिक विमान मिलेंगे, बल्कि देश के छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को भी रक्षा क्षेत्र में व्यापार का बड़ा अवसर मिलेगा. तेजस मार्क 1ए में 65% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग होगा, जो भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को बढ़ाएगा. HAL को न केवल तेजस विमानों के लिए, बल्कि स्वदेशी हेलीकॉप्टरों और उनके इंजनों के लिए भी ऑर्डर मिले हैं. रक्षा खरीद परिषद ने 156 LCH प्रचंड हेलीकॉप्टरों और 84 सुखोई-30 एमकेआई विमानों के लिए 1.6 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी.   प्रधानमंत्री का तेजस में उड़ान अनुभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तेजस के ट्रेनर संस्करण में उड़ान भरी थी, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा लड़ाकू विमान में पहली उड़ान थी. इस उड़ान ने तेजस की तकनीकी क्षमता और भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रगति को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया.   तेजस मार्क 1ए की खासियत तेजस मार्क 1ए एक आधुनिक लड़ाकू विमान है, जिसमें कई उन्नत विशेषताएं हैं…     एडवांस एवियोनिक्स और रडार: यह विमान पहले के तेजस विमानों की तुलना में अधिक उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस है, जो इसे लंबी दूरी के हवाई युद्ध (BVR) और हवाई निगरानी के लिए बेहतर है.     65% स्वदेशी सामग्री: इस विमान में 65% से अधिक हिस्सा भारत में बना है, जो देश की तकनीकी प्रगति को दर्शाता है.     मैन्यूवरिंग और डिजाइन: इसका डेल्टा-विंग डिजाइन इसे हल्का और तेज बनाता है, साथ ही इसका रडार क्रॉस-सेक्शन कम है, जिससे इसे दुश्मन के रडार में पकड़ना मुश्किल होता है.     हथियारों की क्षमता: यह विमान आर-73 क्लोज-कॉम्बैट मिसाइल, डर्बी बीवीआर मिसाइल और सटीक बमों को ले जाने में सक्षम है. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने बताया कि तेजस मार्क 1ए में अभी मिसाइल अप्रोच वार्निंग सिस्टम (MAWS) की कमी है, जो मिसाइल हमले की चेतावनी देता है. इस सिस्टम पर डीआरडीओ और अन्य कंपनियों के साथ काम चल रहा है. भविष्य में इसे शामिल किया जा सकता है. तेजस का भविष्य और भारतीय वायुसेना तेजस कार्यक्रम भारतीय वायुसेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है. वर्तमान में, दो वायुसेना स्क्वाड्रन तेजस विमानों का संचालन कर रहे हैं. आने वाले वर्षों में यह वायुसेना का सबसे बड़ा लड़ाकू बेड़ा बन सकता है. 2016 में तेजस के पहले संस्करण को शामिल किया गया था. अब मार्क 1ए के साथ वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी. इसके अलावा, HAL को 200 से अधिक तेजस मार्क 2 और उतनी ही संख्या में पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. ये विमान और भी उन्नत होंगे और भारत को वैश्विक एयरोस्पेस शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे.

जुमे की नमाज अनिवार्य: मलेशिया में न पढ़ने वालों को होगी जेल

टेरेंगानु मलेशिया के टेरेंगानु राज्य में जुमे की नमाज न पढ़ने वाले मुस्लिम पुरुषों को दो साल तक की जेल हो सकती है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने शरिया कानून को सख्ती से लागू करने की चेतावनी दी है। बिना किसी उचित कारण के शुक्रवार की नमाज छोड़ने पर दो साल की कैद की सजा हो सकती है। जुमे की नमाज न पढ़ने पर सजा रिपोर्ट के मुताबिक, टेरेंगानु में पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी (पीएएस) की सरकार है। इसने घोषणा की कि पहली बार जुमे की नमाज न पढ़ने वाला व्यक्ति 3,000 रिंगिट (लगभग 710 अमेरिकी डॉलर) तक के जुर्माने, जेल की सजा, या दोनों का सामना कर सकता है। यह सजा तब लागू होगी, जब कोई बिना वैध कारण के नमाज में शामिल न हो। पहले तीन बार चूकने पर ही सजा राज्य की कार्यकारी परिषद के सदस्य मुहम्मद खलील अब्दुल हादी ने बेरिटा हरियन अखबार को बताया कि शुक्रवार की नमाज न केवल एक धार्मिक प्रतीक है, बल्कि मुसलमानों के लिए आज्ञाकारिता का प्रतीक भी है। पहले, केवल वे लोग जो लगातार तीन शुक्रवार को नमाज छोड़ते थे, उन्हें सजा दी जाती थी। मलेशियाई वकील अजीरा अजीज ने तर्क दिया कि यह कुरान के सिद्धांत 'धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं' के खिलाफ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जुमे की नमाज अनिवार्य है, लेकिन इसे अपराध बनाना जरूरी नहीं। जागरूकता कार्यक्रम ही पर्याप्त हैं। हम तालिबान बन जाएंगे एससीएमपी के अनुसार, अहमद अजहर ने कहा कि हमें सभी मलेशियाई लोगों की चिंताओं को आवाज़ देनी होगी, वरना हम तालिबान बन जाएंगे। कुछ लोगों का मानना है कि कानूनी दबाव सच्ची धार्मिकता को कमजोर करता है। एक आलोचक ने कहा कि धार्मिकता दिल से आनी चाहिए, डर से नहीं। वहीं, केनी टैन ने लिखा कि मुसलमानों को यह मामला संभालने दें। हमें अनावश्यक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। टेरेंगानु में कोई विपक्ष नहीं रिपोर्ट के अनुसार, टेरेंगानु की 12 लाख की आबादी में अधिकतर मलय मुस्लिम हैं। यह मलेशिया का एकमात्र राज्य है, जहां विधानसभा में कोई विपक्ष नहीं है। 2022 के चुनाव में पीएएस ने सभी 32 सीटें जीतीं। उल्लेखनीय है कि इस्लाम मलेशिया का आधिकारिक धर्म है, लेकिन देश का समाज धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर आधारित है।

मुंबई में मूसलाधार बारिश, बीएमसी सतर्क; हेल्पलाइन नंबर जनता के लिए जारी

मुंबई,  मुंबई और इसके उपनगरीय इलाकों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। बुधवार मध्यरात्रि से लगातार बारिश जारी है। इसके बावजूद, शहर में जनजीवन सामान्य बना हुआ है। मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, हार्बर रेलवे और ‘बेस्ट’ बस सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। प्रशासन की तरफ से यह पूरी कोशिश की जा रही है कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बारिश के मद्देनजर सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। नगर निगम की टीमें आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क हैं। बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। आपात स्थिति में सहायता या जानकारी के लिए बीएमसी के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क करने को कहा गया है। इसके अलावा, मुंबई में बारिश के कारण अभी तक किसी बड़े जलभराव या अन्य समस्या की खबर नहीं है। बीएमसी की जल निकासी व्यवस्था और अन्य प्रणालियां पूरी तत्परता से काम कर रही हैं। नगर निगम ने नालों की सफाई, पानी निकासी पंपों और अन्य संसाधनों को पहले से तैयार रखा है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मुंबई पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे बारिश के दौरान सावधानी बरतें और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। बीएमसी ने यह भी कहा है कि मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रह सकती है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। बीएमसी और अन्य प्रशासनिक टीमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं। मुंबई वासियों का सहयोग और सावधानी इस स्थिति में महत्वपूर्ण है।  

लोकसभा में ‘दागी नेता हटाओ’ बिल पेश, विपक्षी सांसदों ने कॉपी फाड़ी, शाह पर कागज फेंके

नई दिल्ली प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अपराध के गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाने वाला बिल बुधवार को अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया। कांग्रेस, सपा समेत सभी विपक्षी दलों ने बिल का पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस ने बिल को पूरी तरह से विनाशकारी बताया, जबकि अमित शाह ने कहा कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भेजा जाएगा। बिल में प्रस्तावित किया गया है कि अगर कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या फिर मंत्री पर गंभीर आरोप हैं और उसकी गिरफ्तारी होती है तो 30 दिनों तक जेल में रहने के बाद 31वें दिन उसके इस्तीफा देना पड़ेगा या फिर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा। अमित शाह की तरफ उछाले कागज विपक्ष के कुछ सांसद लोकसभा की वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने बिल की कॉपी भी फाड़ दी और कागज के टुकड़े अमित शाह की तरफ उछाले. हालांकि अमित शाह ने बिल पेश करने के दौरान कहा कि सरकार इस बिल को जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव रखती है. बावजूद इसके बिल को विरोध का सामना करना पड़ा. संविधान के 130वें संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान सदन में लगातार नारेबाजी होती रही. विपक्षी सांसदों ने सत्ता पक्ष को घेर लिया और गृह मंत्री का माइक मोड़ने की कोशिश की. इस पर काफी हंगामा हुआ और सदन के अंदर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस दौरान सत्ता पक्ष के कई सांसद, गृह मंत्री का बचाव करने के लिए आगे आकर विपक्षी सांसदों को रोकने की कोशिश करने लगे. लोकसभा में अमित शाह के बिल पेश करने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत समूचे विपक्ष का हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अमित शाह ने कहा कि दागी सीएम-पीएम और मंत्रियों को हटाने वाला बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने विचार के लिए भेजा जाएगा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बिल को "पूरी तरह से विनाशकारी" बताया। कांग्रेस सांसद ने कहा, ''भारतीय संविधान कहता है कि कानून का शासन होना चाहिए, और इसका आधार यह है कि जब तक दोषी साबित न हो जाए, तब तक आप निर्दोष हैं। यह विधेयक इसमें बदलाव की उम्मीद करता है। यह एक कार्यकारी एजेंसी के अधिकारी को प्रधानमंत्री का बॉस बनाता है।'' बिल का विरोध करते हुए एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 और संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 को पेश किए जाने का विरोध करता हूं। यह सरकार चुनने के अधिकार को कमजोर करता है। यह कार्यकारी एजेंसियों को तुच्छ आरोपों और संदेह के आधार पर न्यायाधीश और जल्लाद बनने की खुली छूट देता है। सरकार पुलिस राज्य बनाने पर तुली हुई है। यह निर्वाचित सरकार के लिए मौत की कील होगी। इस देश को पुलिस राज्य में बदलने के लिए भारत के संविधान में संशोधन किया जा रहा है।" आम आदमी पार्टी ने भी बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन का हिस्सा न होने पर भी आप ने कहा कि वह इसका कड़ा विरोध करती है। 'आप' नेता अनुराग ढांडा ने कहा, “केंद्र सरकार संसद में जो बिल पेश करेगी, उसका 'आप' कड़ा विरोध करती है। यह बिल तानाशाही लागू करने का तरीका है। केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का दुरुपयोग करती रही है। कभी मंत्रियों को गिरफ्तार करती है, तो कभी दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों को। सत्येंद्र जैन पर फर्जी केस लगाकर उन्हें डेढ़ साल से ज़्यादा जेल में रखा और कुछ दिन पहले कहा कि उनके पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। इस बिल के मुताबिक, निर्दोष होते हुए भी सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाया जा सकता है। इस बिल का इस्तेमाल करके वे पूरी सरकार भी गिरा सकते हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में बुधवार को कुल तीन बिल पेश किए। ये तीनों बिल संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक हैं। सरकार ने तीनों बिलों में सख्त प्रावधान किए हैं। वेल में आकर विपक्ष की नारेबाजी सत्ता पक्ष की ओर से रवनीत बिट्टू, कमलेश पासवान, किरेन रिजिजू, सतीश गौतम ने गृह मंत्री के पास नारेबाजी कर रहे आक्रामक सांसदों को रोकने की कोशिश की. लोकसभा की वेल में नारेबाजी की शुरुआत टीएमसी सांसदों ने की और कल्याण बनर्जी ने विधेयक पेश होते ही नारेबाजी शुरू कर दी. बाद में, कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी. इसके बाद सभी कांग्रेस सांसद वेल में आ गए. केसी वेणुगोपाल के बाद सपा के धर्मेंद्र यादव ने भी अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी और समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य संसद वेल में आ गए. इसके बाद जब गृह मंत्री अमित शाह विधेयक पेश कर रहे थे, तो सभी विपक्षी दल के सदस्य लोकसभा की वेल में आ गए और हंगामा करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. 'जेल जाने पर मैंने दिया था इस्तीफा' अमित शाह बिल पेश करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आलोचना की और कहा कि मैं जब झूठे मामले में जेल गया था, तब नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देकर गया था. उन्होंने कहा कि जब तक अदालत ने मुझे निर्दोष साबित नहीं किया, तब तक किसी भी संवैधानिक पद को ग्रहण नहीं किया. हम इतने बेशर्म नहीं हैं, कि हम पर आरोप लगें और पद पर बने रहें. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता हमें नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा सकते. अमित शाह ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये नैतिकता के मूल्य बढ़ें.   अमित शाह ने बिल पेश करते हुए इसे 21 सदस्यों वाली जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया. इस पर ध्वनिमत से मतदान के दौरान विपक्ष ने वेल से ही विरोध दर्ज किया. लेकिन प्रस्ताव के ध्वनिमत से पारित होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि कुछ विधेयक राजनीति में शुचिता और नैतिकता के लिए आते हैं, क्योंकि राजनीति में शुचिता और नैतिकता जरूरी है. अब ये बिल जेपीसी के पास चर्चा के लिए भेजे गए … Read more

सुरक्षा एजेंसियों ने उजागर किया जैश-ए-मोहम्मद का योजना, 313 नए ठिकाने तैयार करने की कोशिश

नई दिल्ली आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पाकिस्तान में अपनी गतिविधियों को फैलाने के लिए गुप्त रूप से एक बड़े फंडरेजिंग अभियान की साजिश रची थी. खुफिया सूत्रों के अनुसार, संगठन का मकसद पीकेआर 3.91 अरब रुपये जुटाकर पाकिस्तान भर में 313 नए मार्कज (ट्रेनिंग कैंप और सुरक्षित ठिकाने) स्थापित करना था. जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल सैफ ने अभियान का नेतृत्व किया और समर्थकों से बढ़-चढ़कर दान करने की अपील की. इसके लिए डिजिटल वॉलेट्स जैसे ईज़ीपैसा और सदापे का इस्तेमाल किया गया, ताकि लेन-देन को FATF (Financial Action Task Force) की निगरानी से बचाया जा सके. जांच में सामने आया कि ये डिजिटल वॉलेट्स मसूद अजहर के परिवार से जुड़े मोबाइल नंबरों पर रजिस्टर्ड थे, जिनमें उसके भाई तल्हा अल सैफ और बेटे अब्दुल्ला अजहर के नंबर भी शामिल थे. इसके अलावा, हर शुक्रवार पाकिस्तान की मस्जिदों में गाजा के लिए चंदा बताकर नकद धन जुटाया गया, जबकि असल में ये रकम जैश की आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हुई. इसी दौरान अल रहमत ट्रस्ट, जो जैश से जुड़ा हुआ संगठन है, बहावलपुर स्थित एक बैंक खाते के जरिए भी धन इकट्ठा कर रहा था. यह ट्रस्ट खुद मसूद अजहर और उसके नजदीकी सहयोगी चलाते हैं. फंडरेजिंग अभियान के आगे बढ़ते ही जैश नेताओं ने खुलासा किया कि नए बनाए जा रहे मार्कज मसूद अजहर और उसके परिवार के लिए सुरक्षित ठिकाने साबित होंगे, जिससे वे अपनी मौजूदगी छिपाकर रख सकें. इन्हीं ठिकानों का इस्तेमाल नए आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए भी किया जाना था. सूत्रों के मुताबिक, यह फंडरेजिंग अभियान पूरी तरह सफल रहा और जैश ने पाकिस्तान और विदेशों से भारी मात्रा में धन इकट्ठा कर लिया. इस रकम से संगठन ने मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और मोर्टार जैसी आधुनिक हथियार खरीद लिए. अब अपने नए हथियारों और विस्तारित ढांचे के साथ जैश-ए-मोहम्मद एक नई आतंकी लहर छेड़ने की तैयारी में है. संगठन के नेताओं को भरोसा है कि उनकी परिष्कृत फंडिंग व्यवस्था और गुप्त कम्युनिकेशन चैनल्स की वजह से उनकी गतिविधियां लंबे समय तक नजरों से बची रहेंगी.

ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स पर नियंत्रण: लोकसभा में नया कानून पारित, ,समझें क्यों जरूरी है ये नया कानून

नई दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को रेग्युलेट करने वाला महत्वपूर्ण बिल लोकसभा से पास हो गया है. इसका मकसद ऑनलाइन मनी गेम्स और सट्टेबाजी पर पूरी तरह से बैन लगाना और ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है. एक अनुमान के मुताबिक, हर साल करीब 45 करोड़ लोग इन ऑनलाइन मनी गेम्स के चक्कर में फंसकर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक गंवा देते हैं.   भारत ने मोदी सरकार के कार्यकाल में बीते एक दशक में यूपीआई, सेमीकंडक्टर से लेकर 5जी टेक्नोलॉजी में तेजी से डेवलप किया है. हमारे देश में जो डिजिटल क्रांति आई है उसे देख दुनिया भी हैरान है. डिजिटल दुनिया में भारत ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं. लेकिन, इसी तेजी के बीच ऑनलाइन गेमिंग की अंधेरी दुनिया में खतरे भी कई गुना बढ़ गए हैं. इसलिए मोदी सरकार ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव लाने जा रही है. बुधवार को मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में 'प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025' को पेश किया गया.  प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 भी कहा जा रहा है. सरकार का उद्देश्य इसके पीछे असली पैसे वाले खेलों पर लगाम लगाना है. साथ ही ई-स्पोर्ट्स और स्किल-बेस्ड सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है.  आने वाले समय में फैंटेसी लीग, कार्ड गेम्स, ऑनलाइन लॉटरी, पोकर, रमी और सट्टेबाजी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रही है. इनसे जुड़ी फाइनेंशियल लेन-देन और एडवरटाइजमेंट भी अब अपराध के कैटेगरी में आएंगे. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए कैबिनेट बैठक में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दे दी गई थी.      ऑनलाइन मनी गेमिंग को बैन करने के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा में अहम विधेयक पेश किया है.     हर साल अनुमानित 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स की लत में फंसकर आर्थिक नुकसान करते हैं.     इन गेम्स की वजह से भारत में लोगों को हर साल 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है. सरकार क्यों लाई ये विधेयक? केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग से लोगों को हो रहे वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकने के लिए यह बिल लाई है. इसका नाम प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 है. सरकारी अनुमानों के मुताबिक, हर साल करीब 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स के जाल में फंसकर नुकसान उठाते हैं. इन गेम्स की लत सिर्फ पैसों का नुकसान ही नहीं बल्कि एक सामाजिक संकट बन चुकी है.  सरकारी सूत्रों ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार, इन गेम्स की वजह से आम लोगों को हर साल करीब 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इसकी लत की वजह से सैकड़ों परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं. कई तो आत्महत्या और हिंसा जैसा गंभीर कदम भी उठा लेते हैं.  ऑनलाइन गेमिंग बिल के 3 प्रमुख हिस्से ई-स्पोर्ट्स: इस बिल के जरिए ई-स्पोर्ट्स को पहली बार कानूनी मान्यता दी जा रही है. अब तक देश में ऑनलाइन स्पोर्ट्स गेम्स का कोई कानूनी आधार नहीं है.  ऑनलाइन सोशल गेम्स: सरकार ने ऑनलाइन सोशल गेम्स को कानूनी मान्यता देने का प्रस्ताव रखा है. ये गेम्स आम लोगों के एजुकेशन के काम आते हैं ऑनलाइन मनी गेम्स: ऐसे ऑनलाइन गेम, जिनमें पैसों का लेन-देन होता है, उन पर बैन लगाने का प्रस्ताव है. इन गेम्स को प्रमोट करने वाले और ऐसी गेमिंग सर्विस देने वाली कंपनियों पर भी सख्त कार्रवाई के प्रावधान हैं. ऑनलाइन मनी गेम्स का प्रचार करने वालों और फंड ट्रांसफर करने वालों पर भी गाज गिरेगी.  नियम तोड़ने पर कितनी होगी सजा?     ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस देने वालों को तीन साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.     ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन करने वालों को दो साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकेगा.     अगर कोई बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी सजा बढ़कर पांच साल तक हो सकेगी, जुर्माना भी ज्यादा लगेगा.  ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF) के चीफ एग्जिक्यूटिव रोलैंड लैंडर्स के मुताबिक, यह सेक्टर अब 2 खरब रुपये तक बढ़ चुका है. वित्त वर्ष 2025 में इस सेक्टर को 31 हजार करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था और 20 हजार करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों का भुगतान किया गया था.  लैंडर्स के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष तक भारत में 50 करोड़ से अधिक लोगों ने ऑनलाइन गेमिंग सर्विस का इस्तेमाल किया था. उनका कहना है कि इस बिल के कानून बनने से 400 से ज्यादा कंपनियां बंद हो सकती हैं और दो लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म हो जाएंगी.  कड़ाई क्यों जरूरी? सरकारी सूत्रों ने बताया है कि ये प्लेटफॉर्म केवल गेम्स नहीं हैं. बल्कि ये लोगों को मनोवैज्ञानिक जाल में फंसाते हैं और लोग इसकी लत के शिकार हो जाते हैं. उन्हें वित्तीय घाटा भी होता है. कई मामले तो ऐसे भी हैं जिसमें लोग आत्महत्या भी कर लेते हैं.  इसके साथ ही इन प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे देश से अवैध रूप से भारत में पैसे आते हैं (मनी लॉन्ड्रिंग), आतंकियों को फंडिंग और डिजिटल धोखाधड़ी की जाती है. बिल के बड़े प्रावधान क्या हैं? ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: वैध खेल के रूप में मान्यता, ट्रेनिंग, नीति समर्थन और इवेंट्स. सोशल और शैक्षिक गेम्स को मंजूरी: जो सीखने, जागरूकता और सकारात्मक उपयोग को बढ़ाएं. रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध: ऑफर, विज्ञापन और लेन-देन सब बैन. ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी: राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी, रजिस्ट्रेशन और कार्रवाई की ताकत. कड़े दंड: ऑपरेटरों को 3 साल तक जेल और 1 करोड़ तक जुर्माना. विज्ञापन करने वालों को 2 साल जेल और 50 लाख जुर्माना. बार-बार अपराध करने वालों पर 5 साल तक की सजा और 2 करोड़ तक का दंड. कॉर्पोरेट पर भी शिकंजा इस बिल के पास होने के बाद इसके ज़रिए कॉर्पोरेट पर भी शिकंजा कसा जाएगा. कंपनी के अधिकारी और मैनेजमेंट सीधे जिम्मेदार होंगे. हालांकि स्वतंत्र निदेशकों को बचाव मिलेगा.  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के साथ इसके प्रावधान को जोड़े गए हैं. जिसके तहत जांच एजेंसियां बिना वारंट सर्च, सीज और गिरफ्तारी कर पाएंगी. ये बिल क्यों है जरूरी? रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: यह बिल भारत को वैश्विक गेमिंग … Read more

भारत-रूस की नजदीकी पर अमेरिकी चिंता! टैरिफ के बीच बढ़ेगा व्यापार व तेल आपूर्ति

नई दिल्ली अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के बीच रूस का बड़ा बयान है। रूस का कहना है कि यदि किसी देश में भारतीय उत्पादों पर रोक लग रही है तो रूस के बाजार में उनका स्वागत है। भारत में रूसी मिशन के डिप्टी चीफ रोमन बाबूश्किन ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अर्थव्यवस्था को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है, लेकिन उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि दोस्त कभी पाबंदियां नहीं लगाते। रूस कभी इस तरह की पाबंदियां नहीं लगाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस ने हमेशा कठिन समय में सहयोग कायम रखा है। हम भारत को कच्चे तेल की सप्लाई जारी रखेंगे और इसके लिए मेकेनिज्म तैयार किया है। इसके अलावा रोमन बाबूश्किन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात होगी। इस मीटिंग में कई अहम मसलों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि उन्होंने व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर कहा कि इसकी तारीखें तय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक यह 100 अरब डॉलर के पार हो जाएगा। इसके अलावा भारत को फर्टिलाइजर और तेल, गैस आदि की सप्लाई करने में रूस पहले नंबर पर कायम है। रूसी राजदूत ने कहा कि अमेरिका की रणनीति गलत है और उस पर ही भारी पड़ रही है। टैरिफ वार के चलते डॉलर पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापारिक असंतुलन को खत्म करने के लिए रूस कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि भारतीय निर्यात रूस में बढ़े। हम चाहते हैं कि मशीनरी, फार्मा, चाय और चावल जैसी चीजों का आयात भारत से बढ़ा लें। यही नहीं उनका कहना था कि अमेरिका ने टैरिफ अटैक का जो फैसला लिया है, वह गलत और एकतरफा है। यही नहीं उनसे मीडिया से सवाल किया कि क्या भारत की ओर से रूस से तेल खरीद रोकी जा सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ चर्चा करेंगे और सारे मसलों को दूर करेंगे। रूसी दूत बोले- भारत को देते हैं तेल में एक्स्ट्रा डिस्काउंट, सप्लाई चलती रहेगी रूसी राजनयिक ने कहा कि भारत हमारे लिए बहुत मायने रखता है। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के मसले पर पीएम मोदी से दो बार फोन पर बात की है। उन्होंने कहा कि भारत की जरूरत का 40 फीसदी तेल रूस मुहैया करा रहा है और दुनिया भर के अन्य देशों के मुकाबले 5 फीसदी डिस्काउंट देता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस की दोस्ती स्वाभाविक है। हमने साथ मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल तैयार की है। इसके अलावा अन्य हथियारों पर भी काम कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चीनी विदेश मंत्री के भारत दौरे का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रूस, भारत और चीन का सहयोग महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि यह जल्दी और मजबूती से आगे बढ़े। 'ऑपरेशन सिंदूर में हो गई रूसी हथियारों की टेस्टिंग' उन्होंने भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि यह रूसी हथियारों की टेस्टिंग का भी मौका था। उन्होंने कहा कि हमारे एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की इस जंग में टेस्टिंग हो गई। भारत जब भी एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करेगा तो रूस उसका हिस्सा रहेगा।

स्कूल में खून-खराबा: छात्र की हत्या से अहमदाबाद में उपजा बवाल, तोड़फोड़ और झड़पें

अहमदाबाद अहमदाबाद के एक निजी स्कूल में दो बच्चों के बीच मामूली झगड़े ने हत्या और सांप्रदायिक तनाव का खौफनाक रूप ले लिया। अहमदाबाद के खोखरा में मंगलवार को 10वीं क्लास के एक बच्चे को 9वीं के छात्र को चाकू से गोद डाला। अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद बवाल मच गया। पीड़ित और आरोपी छात्र के अलग-अलग समुदाय से होने की वजह से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। उग्र भीड़ ने बुधवार को स्कूल में तोड़फोड़ मचा दी। बताया जा रहा है कि 15 साल का मृतक छात्र एक निजी स्कूल में पढ़ता था। आठवीं क्लास एक बच्चे से एक सप्ताह पहले किसी बात को लेकर उसके कजिन का झगड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक एक सप्ताह पहले पीड़ित छात्र के चचेरे भाई का झगड़ा 9वीं क्लास के एक छात्र के साथ हुआ था। मंगलवार को जब पीड़ित उनसे बात करने गया तो जिससे झगड़ा हुआ था उसके दोस्त ने चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी छात्र को पकड़ लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किया है और घटना के समय मौजूद रहे बच्चों से बयान लिया गया है। आरोपी छात्र के दूसरे समुदाय से होने की वजह से घटना ने सांप्रदायिक तनाव का भी रूप से लिया। स्कूल में हत्या जैसी घटना से आक्रोशित परिजनों के अलावा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी बुधवार को उग्र प्रदर्शन करने लगे। स्कूल में तोड़फोड़ की गई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग की तो बहुत से लोग स्कूल से दूसरे समुदाय के सभी बच्चों को हटाने की मांग करने लगे। स्कूल के भीतर बड़ी संख्या में लोग घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे। सूचना पाकर बड़ी संख्या में पुलिकर्मी स्कूल पहुंचे। नारेबाजी के बीच भीड़ और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कुछ छात्र हथियार और ड्रग्स जैसी चीजें लेकर आते थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें रोकने के लिए समय रहते कोई कदम नहीं उठाया।  

भारी बारिश से मुंबई बेहाल: जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोकल सेवाएं देर रात दोबारा शुरू

मुंबई महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है। नांदेड़ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ की कुल 18 टीमें राज्य के कई हिस्सों में तैनात हैं, साथ ही एसडीआरएफ की छह टीमें भी तैनात हैं। हार्बर लाइन लोकल ट्रेन 15 घंटे बाद बहाल मुंबई में हुई भारी बारिश से रेल पटरियों पर पानी भर जाने के कारण मंगलवार सुबह रुकी हार्बर लाइन की लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 15 घंटे बाद बुधवार तड़के 3 बजे दोबारा शुरू हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि पानी उतरने के बाद सेवाएं बहाल की गईं। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वानिल निला ने बताया कि मंगलवार सुबह 11:15 बजे ट्रैक डूबने के कारण पहले हार्बर लाइन और फिर मेन लाइन की सेवाएं बंद करनी पड़ीं। मंगलवार शाम 7:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे के बीच मेन लाइन की सेवाएं शुरू कर दी गई थीं, लेकिन हार्बर लाइन, जो नवी मुंबई को दक्षिण मुंबई से जोड़ती है, रातभर बंद रही। कई हिस्सों में पटरियां 15 इंच तक पानी में डूबी रहीं। बुधवार सुबह सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं- बसें, लोकल ट्रेनें और मेट्रो- सामान्य रूप से चलने लगीं। रेलवे ने यात्रियों से की अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट दिया है, इसलिए केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करें और सावधानी बरतें। वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि मंगलवार की बारिश और जलभराव की वजह से उनकी कुछ लोकल ट्रेनें बुधवार को भी रद्द रहेंगी। मुंबई में कई लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द डीआरएम – मुंबई सेंट्रल, पश्चिम रेलवे ने बताया कि मुंबई में भारी जलभराव के कारण आज कई लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। इंडिगो ने मुंबई में भारी बारिश के मद्देनजर जारी की एडवाइजरी इंडिगो ने अपने एडवाइजरी में कहा- हम चाहते हैं कि आपकी यात्रा यथासंभव परेशानी मुक्त रहे, लेकिन प्रकृति की भी अपनी योजनाएं हैं। मुंबई में फिर से भारी बारिश की आशंका है, जिससे हवाई यातायात में रुकावट आ सकती है और उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है। हालांकि हम परिचालन को सुचारू रखने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, फिर भी हम पहले से योजना बनाने की सलाह देते हैं। आपकी उड़ान अनुसूची में कोई भी बदलाव आपके पंजीकृत संपर्क विवरण के माध्यम से साझा किया जाएगा। बारिश में फंसे लोगों की मदद जारी वहीं बारिश के कारण कई जगहों पर फंसे लोगों की मदद के लिए तमाम लोग और संगठन सामने आए हैं। इस कड़ी में विहिप सदस्यों ने कल रात शहर में भारी बारिश के बाद लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर फंसे यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया है। कई इलाकों में जलजमाव से हालात बदतर मुंबई में लगातार भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।   बाढ़ के पानी में डूबा मोरया गोसावी मंदिर महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ स्थित मोरया गोसावी मंदिर बाढ़ के पानी में डूब गया। वहीं मंगलवार को पुणे के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण खड़कवासला बांध से पानी छोड़ा गया, जिसके बाद अधिकारियों ने मुथा नदी के आसपास के इलाकों को सतर्क कर दिया।   सांताक्रूज में 24 घंटों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के पश्चिमी उपनगरों का प्रतिनिधित्व करने वाली सांताक्रूज वेधशाला ने बुधवार सुबह 8.30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 200 मिमी बारिश दर्ज की। शहर में भारी बारिश के एक दिन बाद, यह जानकारी दी गई है। मंगलवार को जिन पड़ोसी जिलों में भी भारी बारिश हुई, उनमें रायगढ़ के लोकप्रिय माथेरान हिल स्टेशन में सबसे ज्यादा 382.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में भी भारी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया, 'दक्षिण मुंबई स्थित कोलाबा वेधशाला में 107.4 मिमी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उपनगरों स्थित सांताक्रूज वेधशाला ने 24 घंटों के दौरान 209 मिमी बारिश दर्ज की।' महानगर के अन्य इलाकों में भी तेज बारिश हुई। मंगलवार और बुधवार सुबह के बीच विक्रोली में 229.5 मिमी, मुंबई हवाई अड्डे पर 208 मिमी, बायकुला में 193.5 मिमी, जुहू में 150 मिमी और बांद्रा में 137.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट पड़ोसी जिलों में, रायगढ़ के माथेरान में सबसे अधिक 382.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सतारा के महाबलेश्वर हिल स्टेशन में 278 मिमी, रायगढ़ के न्यू पनवेल में 217.5 मिमी, रायगढ़ के कर्जत में 211.5 मिमी, रत्नागिरी के चिपलून में 123.5 मिमी और ठाणे के भायंदर में 100.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने लोगों और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है क्योंकि मुंबई और आसपास के जिलों के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।