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कम सैलरी में भी बनेगा इमरजेंसी फंड! ₹50 हजार से कम कमाने वालों के लिए जरूरी नियम

हर महीने सैलरी मिलते ही कई तरह के खर्च सामने आ जाते हैं और देखते-देखते ज्यादातर पैसा खत्म भी हो जाता है। ऐसे में बहुत से लोग सोचते हैं कि बचत करने के लिए ज्यादा कमाना जरूरी है। लेकिन सच ये है कि ज्यादातर मामलों में बचत आपकी कमाई पर नहीं, आपकी आदतों पर निर्भर करती है। चाहे आपकी सैलरी 30 हजार हो, 40 हजार हो या फिर 50 हजार, थोड़ी प्लानिंग से आप हर महीने एक अच्छा अमाउंट बचा सकते हैं। अगर खर्चों को सही जगह बाँटा जाए तो कम इनकम में भी मजबूत फाइनेंशियल बेस बनाया जा सकता है। बस जरूरत है एक आसान और समझ में आने वाले नियम को अपनाने की, जिससे आपकी बचत धीरे-धीरे बढ़ती जाए और आने वाले समय में आपको एक सिक्योर फ्यूचर मिल सके। चलिए जानते है कुछ आसान से ट्रिक्स जिनकी मदद से कम सैलरी में भी आप हर महीने आसानी से एक अच्छा अमाउंट सेव कर पाएंगे। 50-30-20 नियम को करें फॉलो कमाई चाहे जितनी भी हो, अगर उसे सही तरह से मैनेज किया जाए तो बचत करना मुश्किल नहीं रहता। इसी के लिए 50-30-20 का नियम बहुत मदद करता है। इस नियम के अनुसार अपनी सैलरी का 50% हिस्सा आपकी बेसिक जरूरतों पर, जैसे- किराया, खाना, बिजली-पानी, दवाइयाँ और रोजमर्रा के खर्च पर इन्वेस्ट करें। इसके बाद 30% हिस्सा आपकी इच्छाओं या शौक पर खर्च करें, जिसमें बाहर खाना, कपड़े, घूमना-फिरना जैसी चीजें शामिल होती हैं। बचा हुआ 20% हिस्सा आपकी सेविंग या इन्वेस्टमेंट के लिए होता है। यह छोटा सा बदलाव लंबे समय में बहुत बड़ा अंतर ला सकता है। कमाई चाहे जितनी भी हो, बचत की शुरुआत जरूरी है बहुत बार लोग सोचते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद बचत शुरू करेंगे, लेकिन असली फर्क तभी दिखाई देगा, जब आप शुरुआत से ही सेविंग को लेकर अलर्ट रहेंगे। अगर आपको अपनी सैलरी में से 20% बचाना मुश्किल लग रहा है, तो आप सीधे 10,000 रुपये की फिक्स बचत से शुरुआत कर सकते हैं। हर महीने 10,000 रुपये बचाना शुरू कर दें और इसे बिना रोके जारी रखें। यह आदत आपकी फाइनेंशियल लाइफ को स्थिर बनाती है और धीरे-धीरे बचत का अमाउंट भी बढ़ता जाता है। अनचाहे खर्च और सब्सक्रिप्शन बंद करना होगा हम में से कई लोग ऐसे सब्सक्रिप्शन और सर्विसेज लेते हैं जिन्हें हम कभी यूज भी नहीं करते। इन्हें बंद करना बचत का सबसे आसान तरीका है। इसके अलावा थोड़े से खर्च कम करना भी जरूरी है, जैसे बेवजह बाहर खाना, जरूरत से ज्यादा शॉपिंग या ब्रांडेड चीजों पर बेवजह खर्च करने से बचें। ये छोटे- छोटे बदलाव आगे चलकर आपको बड़ा फायदा देंगे। छोटी बचत से भी होगा बड़ा फायदा अगर आप हर महीने सिर्फ 10,000 रुपये सेविंग या इन्वेस्टमेंट में लगाते हैं और ये आदत 10 से 12 साल तक लगातार बनाए रखते हैं, तो आपकी कुल बचत अच्छी-खासी हो जाती है। लंबे समय में यह रकम बढ़कर लगभग 20 से 25 लाख तक पहुँच सकती है। यह एक बड़ा अमाउंट है, जो फ्यूचर में आपको मजबूती देगा। चाहे वह बच्चों की पढ़ाई हो, घर लेना हो या किसी इमरजेंसी के लिए पैसे जमा करने हों।  

अगर रसोई में बार-बार गिर रहा है नमक या दूध, तो अनदेखा न करें! जानिए दोष निवारण के आसान उपाय

रसोई, घर का एक जरूरी हिस्सा है, जिसमें देवी अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। वास्तु शास्त्र में रसोई से संबंधित कई नियम भी बताए गए हैं। रसोई में खाना बताने समय कुछ चीजों का गिरना आम बात लग सकती है, लेकिन अगर ये चीजें बार-बार गिर रही हैं, तो यह आपके लिए वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। बढ़ सकती हैं समस्याएं नमक, हमारे भोजन का एक जरूरी हिस्सा है, जिसके बिना भोजन का स्वाद अधूरा है। अगर किचन में आपसे बार-बार नमक गिर जाता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। इसका कारण वास्तु दोष हो सकता है। नमक को शुक्र और चंद्रमा ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में बार-बार नमक का गिरना, खासकर हाथ से गिरना आर्थिक तंगी, धन की हानि, नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने का संकेत हो सकता है। उपाय –  इस दोष से बचने के लिए आपको शुक्रवार के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए। इसके साथ ही इस बात का ध्यान भी ध्यान रखें कि गिरे हुए नमक को पैर से छूने या हटाने से बचें। नमक को साफ करने के बाद नमक के पानी से पोछा लगाना चाहिए। हो सकती हैं ये समस्याएं अगर आपसे बार-बार रसोई में सरसों का तेल गिर जाता है, तो यह भी शुभ नहीं माना जाता। सरसों के तेल को शनि देव से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इसका बार-बार गिरने का अर्थ है कि आपको कार्यों में बाधाओं, शनि दोष, या धन की हानि का सामना करना पड़ सकता है। उपाय – गिरे हुए तेल पर आटा छिड़कें, थोड़ी देर बाद उस आटे को किसी जानवर को खिला दें। इसके साथ ही दोष से मुक्ति के लिए शनिवार के दिन शनि देव पर तेल चढ़ाएं और एक पात्र में सरसों का तेल का दान करें। बार-बार दूध गिरने का अर्थ कई बार दूध गर्म करने पर वह उबलकर बाहर आ जाता है, जो एक आम बात है, लेकिन अगर आपके साथ यह बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें। दूध के बार-बार गिरने का अर्थ माना जाता है कि आपका चंद्रमा कमजोर है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि की कमी हो सकती है। साथ ही यह अन्नपूर्णा देवी की नाराजगी का भी संकेत हो सकता है। उपाय – इस दोष से बचने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और चंद्र देव को जल अर्पित करें। इसके साथ ही गाय को भोजन कराना भी एक अच्छा उपाय है। इन चीजों का गिरना भी है अशुभ अगर रसोई में काम करते समय आपसे बार-बार चावल गिर जाते हैं, तो यह माना जाता है कि इससे घर में झगड़े और तनाव आदि बढ़ सकता है। वहीं अगर पका हुआ खाना बार-बार गिरना है, तो इसे मां अन्नपूर्णा के अपमान के रूप में देखा जाता है। उपाय – गिरे हुए सामान को तुरंत साफ करना चाहिए और उस स्थान को नमक-नींबू के पानी से पोंछें। साथ ही इस दोष से बचने के लिए आपको किसी मंदिर में जाकर गरीबों को भोजन करवाना चाहिए और प्रसाद बंटवाना चाहिए।  

20 दिसंबर को गुरु-शुक्र की युति से समसप्तक राजयोग, इन राशियों का भाग्य होगा उज्जवल

पंचांग के अनुसार, 20 दिसंबर को सुख-समृद्धि के दाता शुक्र धनु राशि में प्रवेश करने वाले हैं. जिसके कारण शुक्र और गुरु एक दूसरे के सातवें घर में आ जाएंगे. ज्योतिषियों के अनुसार, इस समय अतिचारी देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में बैठे हुए हैं और इसी स्थिति में गुरु-शुक्र मिथुन राशि के सातवें घर में बैठकर समसप्तक राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. यह राजयोग पूरे 100 साल बाद बन रहा है. 20 दिसंबर को इस योग के बनने से कई राशियों का अच्छा टाइम शुरू होने वाला है. लकी राशियों को आर्थिक परेशानियों से छुटकारा, मानसिक तनाव से मुक्ति और करियर में तरक्की प्राप्त हो सकती है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. मेष गुरु और शुक्र दोनों की स्थिति मेष राशि वालों के लिए बहुत ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है. समसप्तक योग बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या सैलरी बढ़ने के संकेत हैं. पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी. ऑफिस में आप हर कार्य में आगे रहेंगे और कोई आपका बुराई नहीं करेगा.  सिंह समसप्तक योग सिंह राशि वालों के भाग्य चमकाने के संकेत दे रहा है. करियर में नए मौके मिल सकते हैं. व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है. गुरु की दृष्टि से आत्मविश्वास बढ़ेगा, वहीं शुक्र के प्रभाव से रिश्तों में मधुरता आएगी. क्योंकि दोनों ग्रह धन-दौलत प्रदान करते हैं इसलिए सिंह राशि वालों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी.  तुला तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए यह योग इनके लिए खास फलदायी रहेगा. विवाह और प्रेम जीवन से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी. निवेश या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा. समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा. देवगुरु बृहस्पति की कृपा से जीवन में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों पर गुरु-शुक्र का विशेष प्रभाव रहेगा. जनवरी 2026 तक इस योग से आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ आर्थिक लाभ के योग बनेंगे. नौकरी बदलने या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं. लंबे समय से चल रही उलझनें भी धीरे-धीरे सुलझेंगी.  मीन देवगुरु बृहस्पति और शुक्र के समसप्तक योग से मीन राशि वालों का गोल्डन टाइम शुरू होगा. पेशेवर मामलों में फंसी हुई स्थिति से आपको राहत की सांस लेने को मिलेगी. हर इच्छा पूरी होगी. लोग आपके व्यक्तित्व से बहुत ज्यादा प्रभावित होंगे. पैसा कमाने आपको नए सोर्स प्राप्त होंगे. निजी जीवन भी अच्छा बीतेगा.

2025 में 24 की जगह 26 एकादशी व्रत, देखिए क्यों बढ़ी व्रतों की संख्या

हिंदू पंचांग में एकादशी तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित मानी जाती है। हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की एकादशी पर व्रत रखकर विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। सामान्यतः एक साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं, लेकिन साल 2026 में कुल 26 एकादशी आएंगी। इसका प्रमुख कारण है अधिकमास (Purushottam Maas) का लगना। साल 2026 में 2 अतिरिक्त एकादशी क्यों? हिंदू कैलेंडर में लगभग हर 32 महीने 16 दिनों में सूर्य और चंद्र वर्ष में अंतर बढ़ने के कारण एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा। इस अवधि में अन्य महीनों की तरह सभी व्रत रखे जाते हैं, जिसमें एकादशी भी शामिल है। इसी कारण इस वर्ष दो अतिरिक्त एकादशी पड़ेंगी पद्मिनी एकादशी 27 मई 2026 और परम एकादशी 11 जून 2026। इसी वजह से साल 2026 में एकादशी की कुल संख्या 26 हो जाती है।  साल 2026 की सभी 26 एकादशी तिथियां क्रम संख्या एकादशी का नाम तिथि 1 षटतिला एकादशी 14 जनवरी 2026 2 जया एकादशी 29 जनवरी 2026 3 विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 4 आमलकी एकादशी 27 फरवरी 2026 5 पापमोचिनी एकादशी 15 मार्च 2026 6 कामदा एकादशी 29 मार्च 2026 7 वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 8 मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 9 अपरा एकादशी 13 मई 2026 10 पद्मिनी एकादशी (अधिकमास) 27 मई 2026 11 परम एकादशी (अधिकमास) 11 जून 2026 12 निर्जला एकादशी 25 जून 2026 13 योगिनी एकादशी 10 जुलाई 2026 14 देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 15 कामिका एकादशी 9 अगस्त 2026 16 श्रावण पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त 2026 17 अजा एकादशी 7 सितंबर 2026 18 परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 19 इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 20 पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 21 रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 22 देवुत्थान एकादशी 20 नवंबर 2026 23 उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 24 मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व एकादशी व्रत को पापों का नाश करने वाला माना गया है। व्रत रखने से मन शुद्ध होता है और विष्णु भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धर्मशास्त्रों में इसे सर्वश्रेष्ठ वैष्णव व्रत कहा गया है। पूर्ण श्रद्धा के साथ व्रत करने से समृद्धि, सौभाग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

नए साल 2026 का आगाज चतुर्ग्रही योग से, इन 3 राशियों का होगा शुभ समय

 नए साल 2026 की शुरुआत एक बड़े ही दुर्लभ संयोग में होने जा रही है. ज्योतिष गणना के अनुसार, साल की पहली तारीख पर ही चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है. यह चतुर्ग्रही योग सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र एक साथ मिलकर बनाने वाले हैं. दरअसल, 16 दिसंबर 2025 को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 20 दिसंबर को शुक्र और 29 दिसंबर को बुध भी इसी राशि में आ जाएंगे. जबकि मंगल पहले से ही इस राशि में बैठे हुए हैं. इस तरह नए साल पर धनु राशि में चतुर्ग्रही योग बनने वाला है. इतना ही नहीं, धनु राशि में बुध-सूर्य बुधादित्य योग बनाएंगे. सूर्य-मंगल मंगलादित्य योग बनाएंगे. शुक्र-सूर्य शुक्रादित्य योग का निर्माण करेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह दुर्लभ संयोग तीन राशि के जातकों को बड़ा लाभ दे सकता है. वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए अचानक आर्थिक लाभ के संकेत हैं. आपके लिए तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं. नौकरी और व्यापार दोनों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. कपल्स के बीच प्यार-प्रेम और तालमेल बढ़ेगा. निवेश और बड़े निर्णय लेने के लिए समय अनुकूल है. लंबे समय से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना रहेगी. संयम और धैर्य से किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी. तुला राशि नए साल की शुरुआत में आत्मबल और सामाजिक छवि मजबूत होगी. करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा. रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर लाभदायक सिद्ध होंगी. मित्रों और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा.   धनु राशि आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. लंबे समय से चल रही पैसों की तंगी दूर होने वाली है. शिक्षा, नौकरी और व्यापार में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं. प्रेम और दांपत्य जीवन में सामंजस्य बना रहेगा. घर का माहौल प्रसन्नतापूर्ण रहेगा. लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने और नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है. निवेश से लाभ मिलने की संभावना है. कार्यों में सफलता के संकेत प्रबल हैं. स्वास्थ्य में सुधार रहेगा और दुर्घटनाओं से बचाव बना रहेगा.

राशिफल 16 दिसंबर: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल, किसकी किस्मत होगी चमकदार

मेष 16 दिसंबर के दिन आपको आय के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा। आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। अपनी फिटनेस पर फोकस रखें। वृषभ 16 दिसंबर के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। भविष्य के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है। आपको इस समय बहुत त्याग करने की आवश्यकता है ताकि आप आगे एक अच्छा जीवन जी सकें। मिथुन 16 दिसंबर के दिन कुछ बड़ा हासिल करने के लिए आपको अपने निजी समय का त्याग करना होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पास अपना समय नहीं होगा। आपका परिवार यह सुनिश्चित करेगा कि आप नियमित रूप से अपनी चिंताओं को साझा करके शक्ति और संतुष्टि प्राप्त करें। कर्क 16 दिसंबर के दिन आपको मानसिक शांति पाने और एक-दूसरे पर और भी अधिक भरोसा करने में मदद मिलेगी। आपके परिवार को इस संबंध में सहयोगी होना चाहिए ताकि यह एक टीम वर्क बन जाए। काम पर फोकस करें। सिंह 16 दिसंबर के दिन आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा लेकिन आप बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचा पाएंगे। आप एक साथ गहरा कनेक्शन स्थापित करें। नियमित रूप से हल्की-फुल्की बातचीत करना जरूरी है। कन्या 16 दिसंबर के दिन अपने पार्टनर के साथ उन मुद्दों पर बात करें, जो आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर रहे हैं। आप किसी रिस्की इनवेस्टमेंट की ओर बढ़ सकते हैं, जो आपकी वित्तीय स्थिति को बर्बाद कर सकता है। तुला 16 दिसंबर के दिन अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो आपको आर्थिक और इमोशनल तौर पर सोच-विचार करने की जरूरत है। आपके लिए अपने रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाने का अच्छा समय है। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। वृश्चिक 16 दिसंबर का दिन आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। बचत करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके वर्तमान कमाई के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा। अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जानने के लिए साथ में कुछ अच्छा समय बिताना अच्छा होगा। धनु 16 दिसंबर के दिन अपने करियर और निजी जीवन को एक साथ संतुलित करने का प्रयास करें। आपको अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखने की जरूरत है ताकि आप दोनों इसे अगले लेवल पर ले जा सकें। आगे की एक नई यात्रा के लिए तैयार हो जाइए। मकर 16 दिसंबर के दिन आपका साथी यह ध्यान रखेगा कि आप जीवन में खुश और संतुष्ट रहें। आपके सभी काम पूरे होंगे। आपका निजी और व्यावसायिक जीवन संतुलित रहेगा और आपको कुछ नया करने का मौका भी मिलेगा। कुंभ 16 दिसंबर के दिन आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन बचत जरूर करें। अगर आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत गंभीर हैं तो शादी के बारे में सोचने का यह समय शुभ है। अगर आप इन्कम को फालतू खर्चों में बर्बाद करेंगे तो आप इमर्जेंसी परिस्थितियों का सामना नहीं कर पाएंगे। मीन 16 दिसंबर के दिन आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी रहेगी। निवेश के अवसरों के लिए यह अच्छा है। स्टॉक एक्स्पर्ट्स के साथ बात-चीत करते समय आपको सतर्क रहने की जरूरत है।

खरमास 2025: सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से शुरू होगा खरमास, अगले 30 दिन इन 6 गलतियों से बचें

इस बार खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर यानी कल से होने जा रही है. खरमास को मलमास और धनु संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाती है. खरमास की इस 30 दिन की अवधि में सभी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कोई शुभ कार्य करना बहुत अशुभ होता है, ऐसा करने से व्यक्ति समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. खरमास वो समय होता है जब सूर्य देव की गति कम प्रभावशाली होती है. तो आइए जानते हैं कि 15 जनवरी 2026 तक कौन से कार्य करने की मनाही है.  – खरमास के दौरान शादी-विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, अन्नप्राशन और वास्तु पूजा जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इस समय कुल 16 संस्कार करना वर्जित माना गया है.  – इसके अलावा, खरमास की 30 दिन की अवधि में तुलसी के पत्ते तोड़ना बहुत ही अशुभ माना जाता है क्योंकि खरमास में श्रीहरि की पूजा भी होती है. और तुलसी भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय मानी जाती है.  – खरमास के दौरान सिर्फ सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए. इस समय लहसुन, प्याज, मांस-मछली और अंडे जैसे तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए वरना सूर्यदेव नाराज हो जाते हैं.  – खरमास में घर बनवाना या जमीन-मकान खरीदना और बेचना भी शुभ नहीं माना जाता है. कहते हैं कि इस दौरान किए गए ऐसे कामों में रुकावटें और परेशानियां आ सकती हैं.  – खरमास के दौरान नया बिजनेस शुरू करना भी ठीक नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे पैसों से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए, इस समय नई नौकरी जॉइन करने या बड़ा निवेश करने से भी बचना चाहिए. – खरमास में नए घर में प्रवेश करना भी अशुभ माना जाता है. दरअसल, ऐसा करने से घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है. 

टूटा शीशा घर में लाता है क्लेश, जानें इसके 3 गंभीर प्रभाव और क्यों है यह अशुभ

वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है, जिसका उद्देश्य घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना होता है. कहा जाता है कि अगर घर में ऊर्जा सही दिशा में बहती है, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.वास्तु के अनुसार कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें घर में रखना अशुभ माना जाता है. इन्हीं में से एक है टूटा हुआ शीशा या कांच.अगर आपके घर में कहीं भी टूटा हुआ शीशा रखा है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल देना चाहिए. वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार टूटा हुआ शीशा नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. शीशा व्यक्ति की छवि और ऊर्जा को दर्शाता है.जब शीशा टूट जाता है, तो वह सकारात्मक ऊर्जा को कम करता है और नकारात्मक प्रभाव बढ़ाने लगता है. इसका असर धीरे-धीरे पूरे घर और घर में रहने वाले लोगों पर पड़ता है. घर में बढ़ता है क्लेश टूटे हुए कांच या शीशे से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के माहौल को बिगाड़ देती है. ऐसे घरों में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होने लगते हैं.परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, मनमुटाव और अशांति बनी रहती है. बिना किसी बड़ी वजह के गुस्सा, चिड़चिड़ापन और मानसिक अशांति महसूस होती है. कई बार घर का माहौल इतना भारी हो जाता है कि शांति से रहना मुश्किल हो जाता है. आर्थिक स्थिति पर पड़ता है असर वास्तु के अनुसार टूटा हुआ शीशा आर्थिक नुकसान का भी संकेत माना जाता है. ऐसे घरों में पैसों की तंगी बनी रहती है. कमाई के रास्ते में रुकावटें आने लगती हैं और खर्चे अचानक बढ़ जाते हैं. मेहनत के बावजूद धन टिक नहीं पाता. कई बार नौकरी या व्यापार में नुकसान होने लगता है, जिससे व्यक्ति मानसिक तनाव में आ जाता है. हर काम में आती है बाधा अगर घर में टूटा हुआ शीशा रखा हो, तो व्यक्ति के काम भी अटकने लगते हैं. बनते हुए काम बिगड़ जाते हैं और हर प्रयास में रुकावट महसूस होती है. चाहे पढ़ाई हो, नौकरी हो या कोई नया काम शुरू करना हो, हर क्षेत्र में सफलता मिलने में देरी होती है. इससे आत्मविश्वास भी धीरे-धीरे कम होने लगता है. क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में में शीशा या कांच टूट जाए, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए. बेहतर है कि उसे घर से बाहर फेंक दें और उसकी जगह सही, साफ और बिना दरार वाला शीशा लगवाएं. इससे घर में फिर से सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-शांति बनी रहती है.

15 दिसंबर का राशिफल: मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष: आज के दिन जंक फूड्स से दूर रहें। लव के मामले में सिंगल जातकों को खुशखबरी मिल सकती है। करियर की सिचुएशन अच्छी रहेगी, अगर आप पॉलिटिक्स पर ज्यादा ध्यान न दें। आज का दिन आपके लिए पॉजिटिव रहने वाला है। वृषभ: 15 दिसंबर के दिन अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। ये दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। चाहे मामला परिवार का हो, करियर का हो, धन का हो, सेहत का हो, या लव का हो, जीवन में किसी भी बदलाव को पॉजिटिव सोच के साथ एक्सेप्ट करें।   मिथुन: आज के दिन कुछ लोग डेट पर जा सकते हैं। ये दिन आपके लिए बिजी साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में कुछ लोगों को विदेश की यात्रा भी करनी पड़ सकती है। अन्य जिम्मेदारियां आपका तनाव बढ़ा सकती हैं। कर्क: आज के दिन कुछ लोग घर पर ही क्वॉलिटी टाइम स्पेंड करेंगे। चाहे आप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हो, या कमिटेड रिलेशनशिप में हो, प्रेम जीवन में अच्छे पलों का अनुभव करने के लिए तैयार रहें। सिंह: आज के दिन आपको बिजनेस के लिए धन जुटाने में मदद मिलेगी। जिन लोगों को सेहत संबंधी समस्याओं का इतिहास है, उन्हें सावधान रहना चाहिए। दिन आपके लिए रोमांटिक रहने वाला है।   कन्या: आज के दिन सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। ऑफिस में कुछ टास्क ऐसे मिल सकते हैं, जो आपकी प्रमोशन का कारण भी बन सकते हैं। बिजनेस करने वाले जातकों को धन के मामले में परेशानी हो सकती है। तुला: आज के दिन किसी को बड़ी रकम उधार न दें, वापस लेने में परेशानी होगी। कुछ सिंगल जातकों को सच्चा प्यार मिलेगा और वे अपनी भावनाओं को जाहिर करने के लिए प्रपोज करेंगे। प्रोजेक्ट या कार्यालय की राजनीति से संबंधित मुद्दे हो सकते हैं। वृश्चिक: आज का दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। करियर के मामले में आपको नए मौके मिल सकते हैं। कुछ लोगों की पोजीशन में बदलाव होने की भी संभावना है। धन के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है।   धनु: आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। सेविंग्स पर ध्यान देने से आप स्टेबल रहेंगे। पार्टनर के साथ डेट पर जाने के लिए वक्त निकालें। बॉडी को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करें। फिटनेस पर ध्यान दें। मकर: आज का दिन आपके लिए नॉर्मल रहने वाला है। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। कुंभ: आज के दिन काम के सिलसिले में कुछ लोगों को क्लाइंट से नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। दिन खत्म होने तक सब कुछ सही हो जाएगा। अपने करियर में गोल्स को हासिल करने के लिए प्लान बनाएं। मीन: आज कार्यस्थल पर अच्छा सपोर्ट मिलेगा। किसी मुश्किल काम का समाधान मिल जाएगा और तनाव कम होगा। घर के किसी सदस्य से खुशी या सरप्राइज मिल सकता है। रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा और बातचीत में खुलापन रहेगा। मानसिक शांति बनी रहेगी और दिन का अंत सकारात्मक महसूस कराएगा।

Saphala Ekadashi Vrat Katha: लुम्भक की कथा से समझें सफला एकादशी का महत्व, अनजाने व्रत से कैसे बदली किस्मत

युधिष्ठिर ने पूछा-पौष मास के कृष्णपक्ष में जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? उसकी क्या विधि है और उसमें किस देवता की पूजा की जाती है। भगवान्‌ श्रीकृष्ण ने कहा कि पौष मास के कष्णपक्ष में सफला नाम की एकादशी होती है। उस दिन विधान से ही विधिपूर्वक भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए। सफला एकादशी को विशेषरूप से दीप-दान करने का विधान है। रात को वैष्णव पुरुषों के साथ जागरण करना चाहिए। जागरण करने वाले को एकादशी का पूर्ण फल मिलता है। अब सफला एकादशी व्रत की कथा सुनो। चम्पावती नाम के राज्य में राजा माहिष्मत रहता था। महर्षि माहिष्मत के 5 पुत्र थे। उसके सभी बेटे अच्छे थे लेकिन सबसे बड़ा पापी था। राजा के पैसों को वह पाप कर्म में खर्च करता था। वह दूसरों को धोखा देता था|वह सदा दुराचार और ब्राह्मणों को सताता और निंदा करता था। बैष्णवों और देवताओंकी भी हमेशा निन्‍दा करता था। अपने बेटे का पाप करते देख राजा माहिष्मत ने उसका नाम लुम्भक रख दिया । फिर पिता और भाइयों ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए उसे राज्य से निका दिया। लुम्भक उस नगर से निकलकर वन में चला गया। वहीं रहकर उस पापी ने लूटपाट शुरू कर दी है। वह चोरी करके एक दिन जा रहा था , तो राजा के सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। उसने अपने को राजा माहिष्मत का पुत्र बतलाया तो सिपाहियों ने उसे छोड़ दिया। लेकिन उसे राज्य में नहीं आने दिया। वह पापी वन में रहने लगा और मास तथा वृक्षोंके फल खाकर जी रहा था। एक दिन वो पुराना पीपल के पेड़ के पास आराम कर रहा था। उस वनमें वह वृक्ष एक महान्‌ देवता माना जाता था।   एक दिन किसी पुण्य के प्रभाव से उसके द्वारा एकादशी व्रत का पालन हो गया। पौष मास में कृष्णपक्ष की दशमी के दिन॑ लुम्भक ने वृक्षों के फल खाए और रातभर सर्दी का कष्ट भोगा। उस समय न तो उसे नींद आई ओर न आराम ही मिला। सूर्योदय होने पर भी उस पापीको होश नहीं हुआ। सफला एकादशी के दिन भी लुम्भक बेहोश पड़ा रहा । वह भूखसे दुर्बल हो रहा था। तब उसने वृक्ष की जड़ में बहुत-से फल निवेदन किया कि इन फलों से लक्ष्मीपति भगवान विष्णु संतुष्ट हों । इस प्रकार उससे अनायास ही ब्र तका पालन कर लिया। उस समय सहसा आकाशवाणी हुई कि एकादशीके प्रसाद से राज्य ओर पुत्र प्राप्त करोगे। तब से वो भगवान्‌ विष्णु के भजन में लग गया । उस समय भगवान्‌ श्रीकृष्ण की कृपासे उसके मनोज्ञ नामक पुत्र उत्पन्न हुआ। इस प्रकार जो सफला एकादशीका उत्तम त्रत करता है, वह इस लोकमें सुख भोगकर मरने के पश्चात्‌ मोक्ष को प्राप्त होता है ।