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वास्तु शास्त्र: छाया वेध और कोण वेध से घर-व्यापार पर पड़ सकता है नकारात्मक असर

घर या किसी भी व्यवसायिक स्थान, दुकान पर किसी भी वस्तु की छाया आना दोषपूर्ण होता है। घर पर किसी भी टॉवर, वृक्ष या धार्मिक स्थल में बने ऊंचाई की छाया पड़ती है तो ऐसे में घर में रहने वाले या व्यवसायिक स्थल पर काम करने वालों को पर्याप्त धन लाभ होते हुए भी नित नई-नई परेशानियों और तनावों का सामना करना पडता है। वास्तुशास्त्र के नियमों को मानें तो छाया वेध के कारण घर में आकस्मिक घटनाएं घटने की सम्भावनाऐं बढ़ जाती हैं, यही छाया वेध व्यवसाय स्थल पर होने से वहां कार्य करने वालों को भी तनाव में रखता है, जिससे लाभ की अपेक्षा घाटे की सम्भावनाऐं बढ़ जाती हैं। कुल मिलाकर छाया वेध से घर व व्यवसायिक मालिक के लिए रोग, धन-यश नाशक दरिद्रजनक स्थिति होती है, अतः घर या दुकान खरीदते समय इस बात पर अवश्य ध्यान दें कि कहीं आपके घर, दुकान पर किसी की छाया तो नहीं पड़ रही। कोण वेध- कोण वेध भी वास्तु शास्त्र के निमयों के अनुसार अनिष्टकारक होता है, जैसे दुकान या व्यवसाय स्थल के प्रवेश द्वार के ठीक सामने अन्य किसी इमारत का कोना आ जाता है, उसे कोण वेध कहते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रवेश द्वार को परिवर्तित कर देना चाहिए और यदि ऐसा करना संभव न हो तो द्वार को गोलाई युक्त करवा देने से भी कोण वेध कम हो जाता है। द्वार वेध- द्वार संबंधी किसी भी रुकावटे या बाधा, असुविधा या विकृति को द्वार वेध कहा जाता है। यह अक्सर हानि, दुख और अपयश का कारण बनता है। यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि समस्त द्वार खुलते और बंद होते समय भूमि में रगड़, किसी प्रकार की आवाज, उपयोग करते समय भारी होना, कठोर होना या तेज गति से खुलना बंद होना द्वार वेध होता है, इससे प्रगति, सुख, व्यवसाय मार्ग के रास्ते अवरोधित हो जाते हैं, अतः समस्त प्रकार के वेध अवरोध से बचना चाहिए।  

चाणक्य नीति: मजबूत आर्थिक भविष्य के लिए बचत और समझदारी से खर्च जरूरी

 आज के दौर में सफलता की परिभाषा सिर्फ अच्छे करियर तक सीमित नहीं रह गई है. लोग चाहते हैं कि उनके पास पर्याप्त धन हो, भविष्य सुरक्षित हो और जीवन में स्थिरता बनी रहे. लेकिन अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि पैसा कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही तरीके से संभालना और बढ़ाना.  यही कारण है कि सदियों पहले महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य ने जीवन और धन प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण नीतियां दी थीं. उनकी बातें आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, क्योंकि वे केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहारिक समझ पर आधारित हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बने, पैसा टिके और समय के साथ बढ़े, तो चाणक्य की ये सीख आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं.  बचत: भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा चाणक्य के अनुसार, कमाई का एक हिस्सा हमेशा बचाकर रखना चाहिए. यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच है. जीवन में कब कठिन समय आ जाए, इसका अंदाजा नहीं होता, ऐसे में बचत ही आपको संभालती है.  आज के समय में इसे आप इमरजेंसी फंड के रूप में समझ सकते हैं.  चाहे आपकी आय कम हो या ज्यादा, हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना आपकी वित्तीय स्थिरता की नींव रखता है. फिजूलखर्ची से दूरी ही समझदारी चाणक्य साफ कहते हैं कि बिना सोचे-समझे खर्च करने वाला व्यक्ति कभी धनवान नहीं बन सकता. दिखावे, ट्रेंड या दूसरों को प्रभावित करने के लिए किया गया खर्च लंबे समय में नुकसान ही देता है. आज की लाइफस्टाइल में यह बात और भी ज्यादा लागू होती है, ऑनलाइन शॉपिंग, डिस्काउंट ऑफर्स और सोशल मीडिया के प्रभाव में हम अक्सर जरूरत और चाहत के बीच फर्क भूल जाते हैं.  समझदारी यही है कि खर्च से पहले खुद से पूछें कि क्या यह सच में जरूरी है?  धन का सम्मान करना सीखें पैसा सिर्फ कमाने की चीज नहीं है, बल्कि उसे संभालना एक कला है. चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति धन का सम्मान करता है, वही उसे लंबे समय तक बनाए रख सकता है.  इसका मतलब है बजट बनाना, खर्चों पर नजर रखना और अनावश्यक चीजों पर नियंत्रण रखना.  छोटी-छोटी लापरवाहियां ही बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं. आय के कई स्रोत बनाएं चाणक्य का मानना था कि एक ही स्रोत पर निर्भर रहना जोखिम भरा है. अगर किसी कारण से वह स्रोत बंद हो जाए, तो पूरी आर्थिक व्यवस्था डगमगा सकती है. आज के समय में यह बात और भी अहम है. आप अपनी स्किल्स को बढ़ाकर फ्रीलांसिंग, पार्ट-टाइम काम या निवेश के जरिए अतिरिक्त आय के रास्ते बना सकते हैं. मल्टीपल इनकम सोर्स आपको न सिर्फ सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ने में भी मदद करते हैं. ज्ञान ही सबसे बड़ा निवेश है चाणक्य के अनुसार, सबसे सुरक्षित निवेश ज्ञान होता है. पैसा कभी भी खत्म हो सकता है, लेकिन ज्ञान आपको फिर से खड़ा होने की ताकत देता है. नई स्किल्स सीखना, खुद को अपडेट रखना और बदलते समय के साथ आगे बढ़ना ये सभी चीजें आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाती हैं.

सास-बहू के रिश्ते में सुधार के लिए वास्तु टिप्स, घर में बढ़ेगी शांति और प्यार

सास बहू का रिश्ता खट्टी मिठी नोकझोंक का है। यह रिश्ता सिर्फ प्यार और तकरार का संगम है। सास बहु की बात बात पर लड़ाई झगड़ा अधिक होता है तो घर में भी नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के बाकी सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सास बहू के रिश्ते में अगर ज्यादा अनबन रहती है तो वास्तु के कुछ सरल उपाय अपनाकर आप रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं सास बहु के रिश्ते को बेहतर बनाने की वास्तु टिप्स। सास बहु के रिश्ते में सुधार लाने की वास्तु टिप्स 1) वास्तु गुरु मान्या बताती है कि अगर सास बहू के रिश्ते में रोज रोज लड़ाई झगड़ा होता है और क्लेश आदि ज्यादा रहता है तो अपने घर की किचन की दिशा चेक करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में रसोई नहीं होनी चाहिए। रसोई का ईशान कोण में होना वास्तु दोष माना जाता है। ऐसे में सास बहू की लड़ाई की वजह यह भी हो सकती है। अगर आप अपना किचन नहीं बदल पा रहे हैं तो अपने चूल्हे के नीचे पीले रंग का जैसलमेर स्टोन रखें ताकि फायर एलिमेंट बैलेंस हो सकें। 2) अगर घर दक्षिण पूर्व दिशा ज्यादा गर्म रहती है या वहां पर कोई बैलेंस नहीं रहता है तो घर की महिलाओं में कलह क्लेश बना रहता है। ऐसे में इस एरिया में आप हल्का लाल या नारंगी कलर करवा लें। 3) दक्षिण-पूर्व की पूर्व दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण दिशा कहा गया है। अगर यह दिशा डिस्टर्ब होती है तो व्यक्ति को तनाव और चिंता बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति के मन में हमेशा बेचैनी भी बनी रहती है। ऐसे में इस दिशा को ठीक रखने के लिए यहां पर नीला या काला, लाइट क्रीम या हरे रंग का प्रयोग करें। 4) सास बहू के रिश्तों में सुधार के लिए और ठंडक बनाकर रखने के लिए बहु को अपनी सास को चांदी की पायल तोहफे में देनी चाहिए। चांदी चांद का प्रतीक मानी जाती है यह रिश्तों में शांति बनाकर रखती है। 5) इसके अलावा अगर बेटा बहू का कमरा दक्षिण पूर्व दिशा में है तो उन्होंने चावल का सेवन करना चाहिए यह रिश्तों में ठंड़क बनाता है। क्योंकि, वास्तु में दक्षिण पूर्व दिशा को एग्रेशन की दिशा बताया गया है। 6) सास बहू में अगर अधिक लड़ाई रहती है तो बहु को अपनी सास के हाथों से थोड़ा चावल लेने चाहिए और उन चावलों को अपने कमरे की उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से आपको सास से आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति बनी रहती है। साथ ही सास का आशीर्वाद भी बना रहता है और सुख शांति रहती है। 7) अपने घर के उत्तर पूर्व दिशा को हमेशा साफ रखें। ताकि रिश्तों में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा सास ससुर का कमरा वास्तु के अनुसार, दक्षिण पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा रिश्तों में स्थिरता लेकर आती है। 8) वास्तु शास्त्र के अनुसार, फैमिली फोटो दक्षिण पश्चिम दिशा में ही लगाएं। ऐसे करने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच रिश्ता मजबूत होता है। 9) वास्तु के अनुसार घर के अंदर कांटेदार पौधा बिल्कुल भी न लगाएं। इनकी जगह बांस का पौधा या तुलसी का पौधा लगाएं। 10) अपने घर की रसोई में काले रंग की टाइल्स और काले रंग का पत्थर प्रयोग करने से बचें क्योंकि, काला रंग नकारात्मकता लाता है। जिसका असर रिश्तों पर भी देखने को मिलता है।

गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और कर्मों के फल का गहरा रहस्य

 गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो 18 महापुराणों में से एक है. इस ग्रंथ को किसी मृत्यु के दौरान पढ़ा जाता है. यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है. इसमें जीवन, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. खासतौर पर यह ग्रंथ व्यक्ति के कर्मों के फल, पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक और मोक्ष के सिद्धांतों को समझाता है. क्यों पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण? मान्यता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके घर में गरुड़ पुराण का पाठ करने से आत्मा को शांति मिलती है और परिजनों को धर्म और जीवन के गहरे सत्य समझने का अवसर मिलता है. गरुड़ पुराण में मिलता है अगले जन्म का जिक्र गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु के बाद की स्थिति को लेकर कई गहरी बातें बताई गई हैं. इसमें साफ कहा गया है कि इंसान का अगला जन्म उसके कर्मों पर निर्भर करता है. यानी व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अगले जीवन में मिलता है. अगला जन्म अचानक तय नहीं होता है. बल्कि इंसान के पूरे जीवन के कर्म और अंतिम समय की सोच पहले से ही उसकी अगली योनि और जीवन की दिशा तय कर देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के समय व्यक्ति का मन जिस स्थिति में होता है, उसका असर उसके अगले जन्म पर पड़ता है. यदि उस समय मन शांत हो और ईश्वर में लगा हो, तो आत्मा को बेहतर जन्म मिलता है. वहीं अगर मन में क्रोध, लालच या नकारात्मकता हो, तो इसका प्रभाव विपरीत पड़ सकता है. धर्म का अनादर करने वालों का परिणाम इस ग्रंथ में बताया गया है कि जो लोग धर्म, वेद और भगवान का अपमान करते हैं या केवल भोग-विलास में डूबे रहते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद कठिन परिणाम भुगतने पड़ते हैं. ऐसे लोगों को अगले जन्म में कष्ट और अभाव से भरा जीवन मिल सकता है. विश्वासघात और छल का फल गरुड़ पुराण में मित्रता को बहुत पवित्र माना गया है. जो लोग अपने स्वार्थ के लिए दोस्तों के साथ धोखा करते हैं, उन्हें अगले जन्म में ऐसी स्थिति मिलती है जो उनके कर्मों का प्रतीक होती है. इसी तरह जो लोग झूठ, धोखे और चालाकी से दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें भी अपने कर्मों का दंड भुगतना पड़ता है. अंतिम पल का प्रभाव गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जीवन का आखिरी पल बेहद महत्वपूर्ण होता है. उस समय व्यक्ति के मन में जो भाव होते हैं, वही उसके आगे के जीवन को प्रभावित करते हैं. अगर मृत्यु के समय मन शांत रहे और ईश्वर का स्मरण हो, तो आत्मा को अच्छा और श्रेष्ठ जन्म मिल सकता है. लेकिन यदि उस समय मन में लालच, क्रोध या नकारात्मक विचार हों, तो इसका असर विपरीत पड़ता है और आत्मा को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. 84 लाख योनियों का चक्र इस ग्रंथ के अनुसार, आत्मा शरीर छोड़ने के बाद अपने कर्मों का पूरा परिणाम भोगती है. कहा जाता है कि जीव 84 लाख योनियों में भटकता है, जिनमें मनुष्य जीवन सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. यही एक ऐसा जन्म है, जहां इंसान अपने कर्म सुधारकर आगे का मार्ग बेहतर बना सकता है. अच्छे कर्म करने वालों को ऊंचा और सुखद जीवन मिलता है, जबकि बुरे कर्म करने वालों को निम्न स्तर के जीवन में जाना पड़ता है.

बुध गोचर 2026: मेष राशि में प्रवेश से बदलेगा सभी 12 राशियों का भाग्य

द्रिक पंचांग के अनुसार, आज (30 अप्रैल) को बुध राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं. वे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मीन राशि में बुध कमजोर माने जाते हैं, लेकिन मेष राशि में पहुंचकर उनकी स्थिति मजबूत हो जाएगी. बुध 15 मई 2026 तक मेष राशि में रहेंगे, इसके बाद वे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. लगभग 15 दिनों तक बुध का यह गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा. मेष राशि में पहले से सूर्य देव विराजमान हैं, ऐसे में बुध और सूर्य के साथ आने से बुधादित्य योग का निर्माण होगा. यह योग बुद्धि, करियर और निर्णय क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. जैसा कि माना जाता है, बुध ग्रह बुद्धि, व्यापार और एनालिटिकल पावर का कारक है. जब बुध मजबूत होता है, तो व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि बुध गोचर कैसा रहेगा सभी 12 राशियों के लिए. मेष राशि बुध का गोचर आपकी ही राशि में होगा, जिससे आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी. करियर में तरक्की के अवसर मिलेंगे. नौकरीपेशा लोग अपने टैलेंट के दम पर आगे बढ़ सकते हैं, जबकि व्यापारियों को लाभ के मौके मिलेंगे. उपाय: प्रतिदिन भगवान गणेश की आरती करें. वृषभ राशि आपकी राशि से 12वें भाव में बुध का गोचर होगा, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. खर्चों पर नियंत्रण रखें. किसी भी काम में जल्दबाजी न करें. वाणी पर संयम रखें, वरना रिश्तों में खटास आ सकती है. उपाय: भगवान शिव और गणेश जी का अभिषेक करें. मिथुन राशि आपकी राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए लाभकारी रहेगा. करियर में नए अवसर मिलेंगे. व्यापार में मजबूती आएगी. उपाय: बुधवार को हरे फल का दान करें. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर प्रोफेशन में सफलता दिलाएगा. नई स्किल सीखने और आगे बढ़ने का अच्छा समय है. उपाय: बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएं. सिंह राशि भाग्य का साथ मिलेगा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी. प्रमोशन और उन्नति के योग बनेंगे. उपाय: भगवान गणेश की आरती करें. कन्या राशि आपकी राशि के स्वामी बुध हैं, लेकिन यह गोचर थोड़ा संभलकर चलने का संकेत देता है. स्वास्थ्य और रिश्तों का ध्यान रखें. उपाय: शिव परिवार का अभिषेक करें और गाय को हरा चारा खिलाएं. तुला राशि धन लाभ के योग बनेंगे और रुके हुए काम पूरे होंगे. विवाह के प्रस्ताव भी आ सकते हैं. उपाय: गणेश जी को हरे फल का भोग लगाकर दान करें. वृश्चिक राशि काम में सावधानी बरतें और जल्दबाजी से बचें. निवेश करने से पहले सोच-समझकर निर्णय लें. उपाय: गणेश जी की आरती करें और गाय को हरा चारा खिलाएं. धनु राशि करियर में सफलता और प्रमोशन के योग हैं. छात्रों और संतान पक्ष के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा. उपाय: प्रतिदिन गणेश जी की आरती करें. मकर राशि घर-परिवार की समस्याएं दूर होंगी. प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले ले सकते हैं. उपाय: बुधवार को हरे फल का दान करें. कुंभ राशि आत्मविश्वास बढ़ेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा. नई स्किल सीखने का अच्छा समय है. उपाय: शिव परिवार का अभिषेक करें. मीन राशि वाणी पर संयम रखें और सोच-समझकर बोलें. धन लाभ के अवसर मिलेंगे. करियर में सफलता मिलेगी. उपाय: शिव परिवार का अभिषेक करें.

मई 2026 में बुध अस्त का प्रभाव, कई राशियों के लिए चुनौती भरा समय

मई 2026 की शुरुआत ज्योतिष के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. इस दौरान बुध ग्रह की स्थिति में बड़ा बदलाव होने वाला है, जिसका सीधा असर लोगों की सोच, कम्युनिकेशन और फैसले लेने की क्षमता पर पड़ सकता है. खास बात यह है कि यह बदलाव कुछ राशियों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है, इसलिए इस समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जा रहा है.ज्योतिष के अनुसार, जब बुध सूर्य के बेहद करीब आ जाता है, तो उसकी ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है, इसी स्थिति को बुध अस्त कहा जाता है.  इस दौरान मानसिक भ्रम, गलतफहमी और कामों में देरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. क्या होता है बुध अस्त? जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक करीब पहुंच जाता है, तो उसकी चमक कम हो जाती है और वह प्रभावी नहीं रह पाता. बुध ग्रह बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है. ऐसे में इसके अस्त होने पर व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. लोग बात समझने या समझाने में गलती कर सकते हैं, जिससे गलतफहमियां और तनाव बढ़ सकता है. कब तक रहेगा बुध अस्त? ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बुध 28 अप्रैल 2026 से 23 मई 2026 तक अस्त रहेगा. इस पूरे समय को थोड़ा संवेदनशील माना जा रहा है, खासकर फैसले लेने और कम्युनिकेशन के मामलों में. इन राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क मेष राशि- इस समय जल्दबाजी भारी पड़ सकती है. गलत फैसले आर्थिक और प्रोफेशनल नुकसान दे सकते हैं, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है. कर्क राशि- भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं. छोटी-छोटी बातों पर तनाव और गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए संयम रखना जरूरी होगा. तुला राशि- करियर और पैसों से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है. काम में देरी या रुकावट आ सकती है, इसलिए बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा. मकर राशि- मानसिक दबाव और काम में बाधाएं महसूस हो सकती हैं.प्लानिंग बिगड़ सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी है. किन बातों का रखें खास ध्यान बिना सोचे-समझे कोई बड़ा फैसला न लें जरूरी डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ें कम्युनिकेशन साफ और स्पष्ट रखें जल्दबाजी और गुस्से से बचें

बुद्ध पूर्णिमा 2026: वैशाख पूर्णिमा पर 1 मई को होगा स्नान-दान और पूजा का विशेष महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसका संबंध चंद्रमा से होता है. इन्हीं पूर्णिमाओं में वैशाख मास की पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, बेहद खास मानी जाती है. साल 2026 में यह पर्व 1 मई को मनाया जाएगा. तिथि की बात करें तो पूर्णिमा 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी. इसलिए पूजा-पाठ और दान का महत्व 1 मई को अधिक रहेगा. स्नान-दान का शुभ समय इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 4:15 बजे से 4:58 बजे तक रहेगा. वहीं शाम को लगभग 6:52 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे. क्यों खास है वैशाख पूर्णिमा? बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहते हैं. वैशाख पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है, जिससे उसकी ऊर्जा सबसे ज्यादा प्रभावशाली मानी जाती है. ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं को नियंत्रित करता है, इसलिए इस दिन किए गए उपाय जल्दी असर दिखाते हैं. धार्मिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, इसलिए इसे कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें? इस दिन सुबह स्नान के बाद व्रत रखें और शाम को चंद्रमा निकलने पर उन्हें जल अर्पित करें. अर्घ्य देते समय सफेद फूल, चावल और कुमकुम का उपयोग करें. मन में अपनी इच्छा बोलकर प्रार्थना करें. अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो इस दिन पूजा करने से विशेष लाभ मिल सकता है. इन उपायों से मिलेगा लाभ – इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या करवाना शुभ होता है. – गरीबों को भोजन या कपड़े दान करने से पुण्य बढ़ता है. – भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं. – हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं. इन बातों का रखें ध्यान पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा में बासी फूल या टूटे चावल इस्तेमाल न करें. इस दिन क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहें. तामसिक भोजन से बचना भी जरूरी माना गया है. रात में चांदनी में बैठकर 'ऊं सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करना मन को शांति देता है और भविष्य में अच्छे परिणाम दिला सकता है.

राशिफल 30 अप्रैल: जानें मेष से मीन तक, आपके लिए कैसा रहेगा आज का दिन

मेष राशि- एक मजबूत लव कनेक्शन बनाने की कोशिश करें। कल के दिन वर्कप्लेस पर नई जिम्मेदारियां लें, जो आपकी प्रोफेशनल काबिलियत को साबित करेंगी। आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। विवादों से बचें। पॉजिटिव माहौल बनाए रखें। वृषभ राशि- समझदारी भरे रवैये से लव अफेयर की चुनौतियों का सामना करें। आप अपनी प्रोफेशनल जिंदगी में भी सफल होंगे। धन और सेहत दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। मिथुन राशि- रोमांटिक तौर पर, आप भाग्यशाली मेहसूस करेंगे। आपको प्रोफेशनल तौर पर आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आपके पास अलग-अलग सोर्स से पैसा आएगा। कल के दिन आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। कर्क राशि- आपकी लव लाइफ में ईमानदारी अच्छे नतीजे लाएगी। प्रोफेशनल चुनौतियों को समझदारी से संभालने की जरूरत है। सेहत और धन दोनों ही अच्छे रहेंगे। रिश्ते में समझदारी दिखाएं। कोई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम नहीं है। सिंह राशि- कल के दिन हर रोमांटिक प्रॉब्लम को सॉल्व करने पर फोकस करें। अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। आप काम में बेहतरीन परिणाम देने में सफल हो सकते हैं। कल के दिन धन और स्वास्थ्य दोनों में परेशानी हो सकती है। कन्या राशि- कल के दिन एक खुशहाल पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ इन्जॉय करें। ऑफिस में अपने सीनियर्स को अपनी परफॉर्मेंस से खुश रखें। स्वास्थ्य सामान्य है, लेकिन अपने खान-पान का ध्यान रखें। कुछ लोगों को फाइनेंशियल दिक्कतें रहेंगी। तुला राशि- अपनी लव लाइफ में खुश रहें और अहंकार को पीछे रखें। ऑफिशियल मामलों को सही ढंग से सुलझाने के लिए अपने प्रोफेशनल प्रयास जारी रखें। आज के दिन धन संबंधी समस्याएं मौजूद हैं। वृश्चिक राशि- पर्सनल लाइफ में कल के दिन प्रेशर को कंट्रोल में रखें। अपनी काबिलियत साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम हाथ में लें। कुछ हेल्थ प्रॉब्लम सामने आ सकती हैं। आप लव लाइफ के लिए समय निकालें। धनु राशि- एक शानदार लव लाइफ का कल के दिन आनंद लें, जहां आप पिछली सभी प्रॉब्लम्स को सुलझा सकते हैं। आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर प्रोफेशनल मौके का इस्तेमाल करेंगे। कल सेहत और धन दोनों ही आपके लिए पॉजिटिव रहेंगे। मकर राशि- कल के दिन आपकी लव लाइफ खुशहाल रहेगी और आज आप काम पर प्रोडक्टिव रहें। खुशहाल फ्यूचर के लिए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट पर गौर करें। सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। कुंभ राशि- नौकरी पर जरूरी काम करें। कल के दिन अपने रिश्ते में अपने पार्टनर के साथ समय बिताना जारी रखें। सही लाइफस्टाइल अपनाने से हेल्दी रहेंगे। धन की प्राप्ति भी होगी। इस बात का ध्यान रखें कि कल के दिन ऑफिस में सीनियर्स की उम्मीदों पर खरे उतरें। मीन राशि- लव अफेयर में आने वाली दिक्कतों से सावधान रहें और उन्हें सावधानी के साथ संभालें। कल के दिन नौकरी में आपका रवैया बहुत जरूरी है। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन मजबूत बनी रहेगी। आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी।

जीवन में आगे बढ़ने के लिए MS धोनी की 10 सबसे असरदार बातें

महेंद्र सिंह धोनी बेशक भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान हो। लेकिन वह दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों की लिस्ट में भी शामिल है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने जो उपलब्धियां कमाई हैं, उससे देश का नाम तो रोशन हुआ ही है। लेकिन उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस और पोस्ट मैच टॉक्स में जो बातें कही है, वह भी आज की जनरेशन के लिए किसी प्रेरणा (Inspiration) से कम नहीं है। अगर आप जीवन में हताश, परेशान और हारा हुआ महसूस कर रहे हैं, तो आपको धोनी को सुनना चाहिए। क्योंकि रांची से आए उस लड़के का जीवन भी उतना आसान नहीं रहा है। जितना आज बाहर-बाहर से देखकर लगता है। आइए पढ़ते है, धोनी के 10 सबसे असरदार, प्रेरित करने वाले ऐसे मोटिवेशनल कोट्स जो आपको अपने गोल अचीव करने के लिए हमेशा जगाए रखेंगे। 1. आप भीड़ के लिए नहीं, देश के लिए खेलते हैं! धोनी के इस कोट का मतलब समझे? आप नहीं समझें! MS के इस कोट को आप इस तरह समझिए कि आप उन 4 लोगों के लिए अपना जीवन नहीं जी रहे। बल्कि आप अपना जीवन उनके लिए जी रहे हैं, जो आपसे प्यार करते हैं। फिर चाहे, वो आपके घर वाले हो या फिर आपके दोस्त! इसलिए अपने जीवन को हमेशा दूर का सोचकर जीना चाहिए। 2. अगर आप लगातार जीतते है, तो आपको अपनी उन कमियों के बारे में पता नहीं चलता, जिसे सुधारने की जरूरत है! कई बार लोग हारते ही निराश होकर टूट जाते हैं। लेकिन सच्चाई तो ये है कि हार हमें मजबूत बनकर ठोस वापसी करना सिखाती है। 3. फैसला शांति से लो, सफलता शोर मचाएगी! धोनी का ये कोट भले ही कहीं से प्रेरित लगे। लेकिन सच्चाई तो ये है कि आपको अपने जीवन के अहम और बड़े फैसले शांति से लेने है। बाकी सफलता अपने आप शोर मचा देगी। 4. मैं फील्ड पर अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास रखता हूं! बिल्कुल धोनी की तरह ही आप भी अपने जीवन में जो भी हासिल करना चाहते, उसके लिए 100 प्रतिशत दें। फिर नतीजा जो होगा, उससे निराशा नहीं होगी! 5. खुद पर विश्वास और हार्ड वर्क ही सफलता दिलाता है! धोनी का ये कोट हमें सिखाता है कि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही हमेशा सफलता दिलाते हैं। 6. जब तक फुल स्टॉप नहीं आता, वाक्य (Sentence) खत्म नहीं होता! ये लाइन भले ही छोटी-सी हो। लेकिन इसका मतलब बहुत बड़ा है। लोगों के बोल भर देने से इंसान का करियर खत्म नहीं होता। याद रखें कि आप अपनी कहानी खुद लिख रहे हैं और अब जब चाहेंगे, तब उसका अंत होगा! 7. सीखकर, वहीं गलती दोबारा नहीं करनी है! गलती करना जिंदगी का हिस्सा है! लेकिन उससे सीखकर हमें उसे दोहराना नहीं। बल्कि ठीक करना है। 8. जीतने से ज्यादा हम हारने पर सीखते हैं! एमएस धोनी का ये कोट अगर आपने अपने जीवन में उतार लिया, तो आप हारने से भी नहीं डरेंगे और जीत आपके कदम चूमेगी! 9. हार को तब तक फेस करो, जब तक हार तुम्हें फेस करने में हार न जाए हार का तब तक सामना करिए, जब तक हार आपका सामना करते हुए हार न जाए। इस सिंपल-सी लाइन का मतलब हार से डरना नहीं है, बल्कि उससे सीखकर उसे हराना है। 10 अपने आप को कभी प्रेशर में मत आने दो! धोनी के इस कोट का मतलब है कि आपको कभी भी खुद को प्रेशर में नहीं आने देना। उल्टा हर हालात में खुद को शांत और धैर्यवान बनाए रखना है।

पत्थर और व्यक्ति: बुद्ध की कहानी जो बताती है, अपनी कीमत खुद पहचानो

बुद्ध पूर्णिमा इस साल 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल यह वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है, इसलिए इसे वैशाखी पूर्णिमा भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, यह दिन भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित है क्योंकि इनका जन्म इसी तिथि पर हुआ था. गौतम बुद्ध ने अपने पूरे जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति का संदेश दिया, जो आज भी लोगों को सही राह दिखाता है. गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी कई कहानियां व कथाएं भी हमें गहरी सीख देती हैं. उनकी ऐसी ही एक कथा आत्म-मूल्य को समझाने वाली है. आइए पढ़ते हैं वह कथा. जब अपनी कीमत जानने की खोज में बुद्ध के पास पहुंचा एक व्यक्ति कहानी के अनुसार, एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे पूछा कि, 'मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है और मेरी असली कीमत क्या है?'  गौतम बुद्ध ने सीधे जवाब देने के बजाय उसे एक पत्थर दिया और कहा कि, 'जाओ, इसकी कीमत बाजार में पूछकर आओ, लेकिन इसे बेचना मत चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो.' वह व्यक्ति सबसे पहले एक फल बेचने वाले के पास गया. फलवाले ने पत्थर को देखकर कहा कि यह उसके ज्यादा काम का नहीं है, लेकिन इसकी चमक अच्छी है, इसलिए वह इसके बदले 10 आम दे सकता है. इसके बाद वह एक सब्जी वाले के पास गया, जिसने कहा कि इसके बदले एक बोरी आलू मिल सकते हैं. एक ही पत्थर, लेकिन हर जगह अलग कीमत क्यों? अब वह और हैरान हो गया कि एक ही पत्थर की अलग-अलग कीमत क्यों लग रही है. आखिर में वह एक जौहरी के पास पहुंचा. जौहरी ने पत्थर को ध्यान से देखा और कहा, 'यह तो बहुत कीमती रत्न है, मैं इसके लाखों रुपये देने को तैयार हूं.' जब व्यक्ति वहां से जाने लगा, तो जौहरी ने कीमत और बढ़ा-चढ़ाकर देने की बात कही. इसके बाद वह व्यक्ति वापस गौतम बुद्ध के पास आया और पूरी बात बताकर फिर वही सवाल पूछा. गौतम बुद्ध मुस्कुराए और बोले, 'तुमने देखा, हर किसी ने अपनी समझ के हिसाब से उस पत्थर की कीमत लगाई. लेकिन उसकी असली पहचान सिर्फ वही कर पाया, जिसे उसकी सही परख थी.' खुद को पहचानना है सबसे बड़ी ताकत गौतम बुद्ध ने समझाया कि इंसान की कीमत भी कुछ ऐसी ही होती है. हर कोई आपके गुणों को नहीं समझ पाएगा. असली बात यह है कि आप खुद को पहचानें और अपने अंदर छिपी खूबियों को निखारें. किसी भी व्यक्ति की असली कीमत दूसरों के विचारों से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और उसकी पहचान से तय होती है.