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चार युगों की अवधारणा: कितनी लंबी है कलयुग की वास्तविक अवधि?

हिंदू धर्म में समय को चार युगों जैसे सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलयुग, में बांटा गया है, जिन्हें मिलाकर एक महायुग बनता है. इनमें कलयुग को सबसे अंतिम और नैतिक रूप से सबसे कमजोर युग माना जाता है. धर्मग्रंथों में बताया गया है कि कलयुग की शुरुआत महाभारत युद्ध के बाद, लगभग 3102 ईसा पूर्व में हुई थी. इस हिसाब से देखा जाए तो अभी कलयुग का बहुत छोटा हिस्सा ही बीता है और इसका लंबा समय बाकी है. सबसे प्रचलित मान्यता मान्यता के अनुसार, चारों युगों की अवधि इस प्रकार है जैसे सतयुग 17,28,000 वर्ष, त्रेतायुग 12,96,000 वर्ष, द्वापर युग 8,64,000 वर्ष और कलयुग 4,32,000 वर्ष. इस गणना के अनुसार कलयुग की कुल आयु 4 लाख 32 हजार वर्ष मानी जाती है. यही कारण है कि इसे एक बहुत लंबा और धीरे-धीरे बदलने वाला युग माना गया है, जिसमें समय के साथ धर्म और नैतिकता का ह्रास होता जाता है. 1250 वर्ष वाली मान्यता कुछ पौराणिक मान्यताओं में युगों की अवधि को बहुत छोटे पैमाने पर भी समझाया गया है. इस मत के अनुसार हर युग की अवधि लगभग 1250 वर्ष होती है और इस तरह चारों युगों का पूरा चक्र केवल 5000 वर्षों में पूरा हो जाता है. इस दृष्टिकोण में युगों को प्रतीकात्मक रूप में देखा जाता है, जहां बदलाव अपेक्षाकृत तेजी से होते हैं. कुछ विद्वानों, जैसे परमहंस राजनारायण जी, ने युगों की अवधि को एक अलग तरीके से समझाया है. उनके अनुसार सतयुग 1200 वर्ष, त्रेता 2400 वर्ष, द्वापर 3600 वर्ष और कलयुग 4800 वर्ष का होता है. इस मत में युगों को मानव आधारित समय से जोड़ा गया है, न कि देवताओं के समय से. इससे यह समझने की कोशिश की गई है कि युगों की गणना को अधिक व्यावहारिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी देखा जा सकता है. वैदिक और ज्योतिष दृष्टिकोण वैदिक ग्रंथों में “युग” शब्द का अर्थ हमेशा लाखों वर्षों की अवधि नहीं रहा है. कई जगह इसे समय, काल या दिन-रात के रूप में भी प्रयोग किया गया है. वहीं ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार पृथ्वी को राशि मंडल का एक पूरा चक्कर लगाने में लगभग 25,920 वर्ष लगते हैं, जिसे कुछ विद्वान एक युग चक्र के रूप में भी देखते हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि अलग-अलग काल और विद्वानों के अनुसार युग की परिभाषा बदलती रही है. कलयुग का अंत और भगवान कल्कि हिंदू धर्म के अनुसार जब कलयुग में पाप, अधर्म, झूठ और अन्याय अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएंगे, तब भगवान विष्णु का अंतिम अवतार, यानी कल्कि अवतार, प्रकट होगा. मान्यता है कि भगवान कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर हाथ में तलवार लिए अवतार लेंगे और पृथ्वी से अधर्म का नाश करेंगे. उनके आगमन के साथ ही कलयुग समाप्त हो जाएगा और एक बार फिर से सतयुग की शुरुआत होगी, जिसे सत्य और धर्म का युग माना जाता है.

जून 2026 में बनेगा ग्रहों का महासंयोग, कई राशियों की बदलेगी किस्मत

 साल 2026 का छठा महीना यानी जून, ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद ऐतिहासिक और चमत्कारी रहने वाला है. इस महीने ब्रह्मांड में ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ जुगलबंदी होने जा रही है, जो कई राशियों की बंद किस्मत के ताले खोल सकती है. जून के महीने में देवगुरु बृहस्पति, धन के दाता शुक्र, ग्रहों के राजा सूर्य, ऊर्जा के कारक मंगल और बुद्धि के प्रदाता बुध का बड़ा गोचर होने जा रहा है. ग्रहों के इस महापरिवर्तन से इस महीने गजलक्ष्मी योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग जैसे 3 सबसे शक्तिशाली और शुभ योगों का निर्माण होगा. इन राजयोगों के प्रभाव से कुछ राशियों को करियर में छप्परफाड़ सफलता, नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में तगड़ा मुनाफा और अचानक धन लाभ होने के प्रबल संकेत हैं. आइए जानते हैं ग्रहों के इस बड़े फेरबदल का मेष से लेकर कर्क राशि तक पर क्या असर पड़ने वाला है. 1. मेष राशि (Aries) – संभलकर चलने का समय मेष राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना मिलाजुला रहने वाला है. राहु और केतु की स्थिति के कारण आपके स्वभाव में थोड़ा चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है, जिससे बचने की जरूरत है.  हालांकि, इस दौरान आपका रुझान आध्यात्मिकता और धार्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा रहेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है. मेहनत का पूरा फल मिलने में कुछ देरी हो सकती है, इसलिए सीनियर्स और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें. आर्थिक स्थिति: धन के मामले में हाथ थोड़ा खींचकर चलना होगा. अचानक कुछ बड़े खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. फिजूलखर्ची से बचें. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है.  रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए धैर्य रखें. परिवार में भी शांत रहकर बातचीत करें. सेहत: मानसिक तनाव, आंखों में जलन या कमजोरी की समस्या हो सकती है. फिट रहने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 2. वृषभ राशि (Taurus) – चमकेगी किस्मत, होगा बड़ा लाभ वृषभ राशि के जातकों के लिए जून का महीना बेहद सकारात्मक और तरक्की लेकर आने वाला साबित होगा. शनि और देवगुरु बृहस्पति की शुभ स्थिति आपके जीवन में कई बड़े और अच्छे बदलाव लेकर आएगी. करियर और बिजनेस: नौकरीपेशा लोगों को इस महीने करियर के नए और बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. वहीं, व्यापारियों के लिए कोई बड़ी और फायदेमंद डील फाइनल हो सकती है. काम के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभ देंगी. आर्थिक स्थिति: आर्थिक रूप से यह समय शानदार है. अचानक धन लाभ होने और बचत बढ़ने के मजबूत योग हैं, हालांकि घरेलू सुख-सुविधाओं पर कुछ खर्च भी हो सकता है. लव और फैमिली: प्रेम और वैवाहिक जीवन में खुशियां ही खुशियां रहेंगी. पार्टनर के साथ आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा. पारिवारिक माहौल भी बेहद खुशनुमा और सपोर्टिव रहेगा. सेहत: इस महीने आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा. सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान को संतुलित रखें. 3. मिथुन राशि (Gemini) – तरक्की के साथ बढ़ेगा मान-सम्मान मिथुन राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना काफी हद तक अनुकूल रहेगा. हालांकि काम की व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन बुध देव की शुभ कृपा से आपकी निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में गजब का सुधार देखने को मिलेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. बिजनेस में भी नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें. आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. पुराने किए गए किसी निवेश या पैतृक संपत्ति से बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है. घर की जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे, लेकिन अहंकार और गुस्से से दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है, वरना हंसता-खेलता माहौल बिगड़ सकता है. परिवार में कुछ मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें आप समझदारी से सुलझा लेंगे. सेहत: काम की अधिकता के कारण कंधे, गर्दन या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. योग और नियमित व्यायाम से शरीर को आराम दें.

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक धन और समृद्धि बढ़ाने के 5 वास्तु उपाय

 नौतपा यानी साल के वो 9 दिन जब सूरज देवता अपने सबसे कड़े रूप में होते हैं, जिससे सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तब नौतपा शुरू होता है. साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है और इसका समापन 2 जून को होगा. वास्तु शास्त्र कहता है कि इन 9 दिनों में भारी गर्मी के कारण घर में अग्नि तत्व बहुत बढ़ जाता है, जिससे धन का प्रवाह रुक सकता है , इससे आर्थिक नुकसान होने का खतरा भी बढ़ता है. अगर हम इस दौरान पैसों और समृद्धि से जुड़े वास्तु के कुछ छोटे उपाय कर लें, तो घर में सालभर धन-दौलत की कमी नहीं होगी. आइए जानते हैं वो 5 चमत्कारी उपाय: 1. उत्तर दिशा में मटका गर्मियों में मटके का पानी पीना सेहत के लिए तो अच्छा है ही, लेकिन यह आपकी तिजोरी को भरने का भी सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है. धन लाभ: उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. इस दिशा में भरा हुआ मटका रखने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं, जिससे पैसों की तंगी तुरंत कम हो सकती है, आय के नए स्रोत बनते हैं. ध्यान रहे, मटका कभी खाली न रहने दें, क्योंकि खाली मटका आर्थिक नुकसान का प्रतीक है. 2. मुख्य द्वार पर जल नौतपा के दिनों में सुबह उठते ही घर के मेन गेट (मुख्य द्वार) की सफाई करके वहां तांबे के लोटे से थोड़ा सा पानी छिड़कें. धन लाभ: बाहर की भारी गर्मी के साथ जो कंगाली और नकारात्मक ऊर्जा घर की तरफ आती है, पानी छिड़कने से वह वहीं शांत हो जाती है.  वास्तु के अनुसार, साफ-सुथरे और जल से सिंचित मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं, जिससे धन का आगमन होता है. 3. पक्षियों के लिए पानी इस झुलसाने वाली गर्मी में बेजुबान पक्षियों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य के साथ-साथ आपके करियर और बिजनेस के लिए भी फायदेमंद है. क्या करें: अपनी छत या बालकनी के उत्तर-पूर्व कोने में मिट्टी के बर्तन में साफ पानी और दाना रखें. धन लाभ: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, पक्षियों की प्यास बुझाने से कुंडली के वो ग्रह (जैसे राहु-केतु और शनि) शांत होते हैं जो धन लाभ में रुकावट डालते हैं.  इससे फंसा हुआ पैसा वापस मिलता है और व्यापार में आ रही मंदी दूर होती है. 4. हल्के रंगों का इस्तेमाल रोकेगा फिजूलखर्ची नौतपा के दौरान घर की अंदरूनी सजावट का सीधा असर आपकी मानसिक शांति और आर्थिक फैसलों पर पड़ता है. क्या करें: बेडरूम या लिविंग रूम में गहरे रंग के पर्दों या चादरों की जगह हल्के रंगों (जैसे- सफेद, क्रीम, हल्का नीला या लाइट ग्रीन) का इस्तेमाल करें. धन लाभ: गहरे रंग गर्मी और तनाव बढ़ाते हैं,  हल्के रंग घर के माहौल को शांत रखते हैं. 5. हरे-भरे पौधे घर के अंदर सही पौधों का चुनाव आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकता है. क्या करें: घर के अंदर मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट जैसे इनडोर पौधे जरूर रखें. धन लाभ: वास्तु में मनी प्लांट और इनडोर पौधों को बुध ग्रह और धन से जोड़कर देखा जाता है.  नौतपा की गर्म हवाओं के बीच ये पौधे घर में पॉजिटिव एनर्जी और ऑक्सीजन का लेवल बनाए रखते हैं. जितना ज्यादा ये पौधे हरे-भरे रहेंगे, घर में पैसों का प्रवाह (Cash Flow) उतना ही तेज होगा. पैसों की तंगी दूर करने की सबसे जरूरी बात: नौतपा के इन 9 दिनों में घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें.  वहां कोई भी कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन या भारी सामान भूलकर भी न रखें.  इस दिशा को साफ रखने से धन और समृद्धि की सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी रुकावट के आपके घर में प्रवेश कर पाती है.

2 जून 2026 को बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर, जानें किस पर पड़ेगा असर

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन सबसे अधिक प्रभावशाली और व्यापक माना जाता है. ग्रहों के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति 2 जून 2026 को एक प्रमुख गोचर करने जा रहे हैं. इस दिन गुरु अपनी वर्तमान स्थिति को त्यागकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कर्क राशि बृहस्पति की 'उच्च' राशि है, जिसका अर्थ है कि इस गोचर के दौरान गुरु अपने सबसे शक्तिशाली और शुभ प्रभाव में रहेंगे. बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, और भाग्य का कारक माना जाता है, इसलिए उनके इस राशि परिवर्तन से पूरी दुनिया के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है. किसी के लिए यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आएगा, तो किसी के लिए यह समय आत्म-चिंतन और सावधानी बरतने का होगा. क्या यह गोचर आपके लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा या आपको आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा? आइए जानते हैं कि कर्क राशि में गुरु का यह विशेष गोचर किन राशियों के लिए बहुत बुरा माना जा रहा है. मेष (Aries) गुरु का यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा. पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. घर के रखरखाव या माता के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें. मिथुन (Gemini) बृहस्पति आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आर्थिक रूप से आपको सावधान रहना होगा. धन संचय में दिक्कतें आ सकती हैं. परिवार में वाणी के कारण मतभेद होने की संभावना है. फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं. तुला (Libra) गुरु का गोचर आपके दसवें भाव में होगा. करियर और कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बड़ा बदलाव या तनाव देखने को मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. कार्य में किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें. कुंभ (Aquarius) आपके छठे भाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य और शत्रुओं से जुड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. कानूनी मामलों में सावधानी बरतें. स्वास्थ्य के प्रति जरा भी लापरवाही न बरतें.

आज का राशिफल: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा 21 मई का दिन, पढ़ें मेष से मीन तक भविष्यफल

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन परेशानी भरा हो सकता है। पारिवारिक से लेकर आर्थिक जीवन में खलबली मच सकती है। किसी भी बड़े फैसले को लेने से बचें। हालांकि दिन के अंत तक आप मुश्किलों से पार पा लेंगे। व्यापारिक स्थिति मिली-जुली रहने वाली है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से नयापन ला सकता है। प्यार के मामले में आप लकी रहने वाले हैं। आपकी वाणी से लोग आकर्षित होंगे। रिश्तों में सुधार होगा। करियर में आपको नई पहचान बनाने का मौका मिलेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। आप सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। हालांकि कोई भी फैसला भावुकता में आकर न लें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी के साथ कुछ बातों में असहमति हो सकती है। आत्मविश्वास कमजोर होने के संकेत हैं। खर्चों में वृद्धि होने से आर्थिक स्थिति हिल सकती है। व्यावसायिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। आप अपने आसपास सकारात्मक वातावरण का अनुभव करेंगे। सामाजिक संबंधों में सुधार होगा। कोई पुराना मतभेद भी सुलझ सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। अपनों का साथ मिलेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मुश्किलों से भरा हो सकता है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति आपके पक्ष में नहीं दिख रही है। मानसिक तनाव संभव है। रिश्ते मजबूत होंगे। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। नए लोगों से मुलाकात संभव है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। किसी पुराने निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृश्चिक राशि-वृश्चिक राशि वालों के जीवन में आज उतार-चढ़ाव संभव है। नकारात्मक ऊर्जा से घिर सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी का अनुभव करेंगे। परिवार के किसी सदस्य के साथ अनबन हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही बोलें। आर्थिक रूप से स्थिति कमजोर रहेगी, खर्चे हावी हो सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे कुछ जरूरी काम बन सकते हैं। घर का अशांत माहौल आपको मानसिक तनाव दे सकता है। दिन की शुरुआत योग से करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। व्यापारिक स्थिति पहले से सुधर सकती है। मकर राशि– आज का दिन मकर राशि वालों के लिए शानदार रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। कार्यस्थल पर आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल होंगे। हालांकि बच्चों से जुड़ी कोई चिंता सता सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। कुंभ राशि- कुंभ राशि वाले आज नई ऊर्जा का अनुभव करेंगे। आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। परिवार में खुशियां आएंगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति सुधरने के संकेत हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज का दिन सावधानी से पार करना होगा। वाहन प्रयोग में सतर्कता बरतें, वरना चोट-चपेट लग सकती है। परिवार की छोटी परेशानी बड़ा रूप ले सकती है। हालांकि कार्यस्थल पर आप अपनी चुनौती पर विजय पा लेंगे।

आज का राशिफल 20 मई 2026: किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

मेष राशि- आज दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। काम समय पर निपटाने का दबाव रहेगा। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन शाम तक स्थिति ठीक हो जाएगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसला लें। घर में किसी अपने से अच्छी बातचीत मन हल्का करेगी। वृषभ राशि- आज मन काफी शांत रहेगा। रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे। कारोबार करने वालों को फायदा हो सकता है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। खर्च बढ़ सकता है, लेकिन ज्यादा चिंता की बात नहीं रहेगी। मिथुन राशि- आज छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है। काम पर ध्यान बनाए रखना जरूरी होगा। किसी दोस्त की सलाह काम आ सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। शाम को मन थोड़ा बेहतर महसूस करेगा। कर्क राशि- आज दिन सामान्य रहेगा। घर और काम दोनों जगह संतुलन बनाकर चलना होगा। परिवार के किसी सदस्य की चिंता रह सकती है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। बाहर का खाना कम खाएं। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कोई पुराना काम पूरा होने से राहत मिलेगी। नौकरी और व्यापार दोनों में फायदा मिल सकता है। परिवार में अच्छा माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में भी मिठास बनी रहेगी। कन्या राशि– आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। ऑफिस में काम का दबाव रहेगा। किसी से बहस करने से बचें। खर्च बढ़ सकता है। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा। शाम तक राहत महसूस होगी। तुला राशि- आज जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। काम का दबाव थोड़ा ज्यादा रह सकता है। किसी करीबी से मदद मिल सकती है। पैसों को लेकर दिन सामान्य रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। वृश्चिक राशि- आज नया काम शुरू करने के लिए दिन ठीक माना जा सकता है। दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। धनु राशि- आज का दिन राहत देने वाला रह सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। घर में खुशी का माहौल रहेगा। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। यात्रा का प्लान भी बन सकता है। मकर राशि- आज मन थोड़ा परेशान रह सकता है। काम में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। किसी की बात दिल पर लेने से बचें। पैसों के लेनदेन में सावधानी रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कुंभ राशि- आज किस्मत का साथ मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में अच्छे संकेत हैं। कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत भी ठीक रहेगी। मीन राशि– आज मन थोड़ा उलझा रह सकता है। काम में ध्यान कम लगेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। खर्च बढ़ सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

नौतपा 2026: इन 9 दिनों में करें ये उपाय, मिलेगा सूर्य देव का विशेष आशीर्वाद

इस वर्ष 25 मई से लेकर 2 जून तक नौतपा रहने वाला है. नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिनों को कहा जाता है. कहते हैं कि इस दौरान सूर्य देव का ताप अपने चरम पर होता है और धरती पर बेहिसाब गर्मी पड़ती है. यह नौतपा अधिक मास के बीच पड़ रहा है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी ज्यादा है. ज्योतिषिवदों का कहना है कि नौतपा में दान-धर्म के कार्यों से बड़ा पुण्य मिलता है. आप चाहें तो नौतपा के नौ दिन नौ विशेष उपाय कर इसका लाभ उठा सकते हैं. 1. सूर्य अर्घ्य नौतपा में हर रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दे. इस दौरान तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें एक लाल फूल और रोली डालकर ही आर्घ्य दें. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. 2. जल दान नौतपा के दिनों में जल या शरबत का दान करने से भी बड़ा पुण्य मिलता है. इस भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों को मीठे शरबत या सादे जल का सेवन जरूर कराएं. सम्बंधित ख़बरें 3. मौसमी फलों का दान नौतपा की धधकती गर्मी के बीच आपको मौसमी फलों का दान करने से भी बहुत पुण्य मिलेगा. इस मौसम में आप खरबूजा, तरबूज या आम जैसे फलों का दान कर सकते हैं. आप चाहें तो गन्ने का रस भी गरीबों में वितरित कर सकते हैं. 4. गेहूं-चावल का दान नौतपा में गरीब और जरूरतमंदों को गेहूं और चावल का दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है. कहते हैं कि इस एक उपाय से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है. 5. गुड़-चना नौतपा में सूर्य देव को गुड़ और चना अर्पित करें. नौतपा में किसी भी दिन तांबे की थाली में गुड़ और चने रखकर उसे सूर्य देव को अर्पित करें. आपकी कुंडली में सूर्य से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाएंगी. 6. पशु-पक्षियों की सेवन नौतपा के दौरान पक्षियों और पशुओं की सेवा से भी बड़ा लाभ मिलता है. इस दौरान अपने घर के आस-पास या छत पर पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था जरूर करें. आप किसी पात्र में स्वच्छ जल भरकर रख सकते हैं. आपकी सूर्य देव पर बहुत कृपा होगी. 7. हनुमान जी की पूजा नौतपा ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रहा है और ज्येष्ठ में हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इन 9 दिनों में आपको हनुमान जी की उपासना का विशेष लाभ मिल सकता है. इस दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है. 8. पौधों को ज दें नौतपा की भीषण गर्मी में पीपल, बरगद और तुलसी जैसे पवित्र पौधों में जल अर्पित करने की परंपरा है. 9. पितृ पूजन और दान-पुण्य नौतपा में किसी भी दिन अपने पितरों की शांति के लिए गरीबों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने से भी बड़ा लाभ मिलता है. इससे आपके पितरों की हमेशा आप पर कृपा बनी रहेगी.  

जिंदगी में बड़े बदलाव के संकेत: जब सब कुछ बिखरता लगे तो समझें कुछ अच्छा होने वाला है

 क्या आपको भी आजकल अपनी जिंदगी में सब कुछ बदला-बदला सा लग रहा है? कभी-कभी हमें लगता है कि चीजें बिगड़ रही हैं, लेकिन असल में वो एक बेहतर भविष्य की तैयारी होती है. अगर आप भी कुछ ऐसे ही संकेतों से गुजर रहे हैं, तो समझिए कि आपकी जिंदगी में जल्द ही कुछ बहुत बड़ा और अच्छा होने वाला है. यहां आसान संकेत दिए गए हैं जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपकी जिंदगी में कुछ बड़ा होने वाला है. 1. पुरानी चीजों में मन न लगना कभी-कभी अचानक ऐसा लगता है कि जिन दोस्तों या आदतों के साथ आप खुश थे, अब उनके साथ आपका तालमेल नहीं बैठ रहा. इसका मतलब यह नहीं कि आप बुरे हो गए हैं, बल्कि इसका मतलब है कि आप अंदर से आगे बढ़ चुके हैं और अब आप कुछ नए की तलाश में हैं. 2. सब कुछ बिगड़ता हुआ दिखना जब आपको लगे कि आपके काम, रिश्ते या पैसा- सब कुछ बिखर रहा है, तो घबराएं नहीं. कभी-कभी पुरानी चीजें इसलिए खत्म हो जाती हैं ताकि उनकी जगह पर आप कुछ नया और बेहतर बना सकें. 3. अचानक बहुत अकेलापन महसूस होना जब आपको भीड़ में भी शांति या अकेलापन महसूस हो, तो समझ लें कि आप खुद को जानने की कोशिश कर रहे हैं. यह अकेलापन आपको कमजोर नहीं, बल्कि अंदर से मजबूत बनाने के लिए है, ताकि आप अपनी आवाज सुन सकें. 4. पुरानी गलतियां याद आना अचानक बीते समय की गलतियां बार-बार याद आने लगें, तो परेशान न हों. आपका दिमाग पुरानी बातों को साफ कर रहा है ताकि आप भविष्य में वे गलतियां न करें. यह आपको तैयार करने का एक तरीका है. 5. बिना किसी कारण घबराहट होना कभी-कभी सब कुछ ठीक होने के बावजूद मन बेचैन रहता है. यह इस बात का संकेत है कि आपकी जिंदगी में बदलाव की हवाएं चल रही हैं. जैसे तूफान से पहले शांति भंग होती है, वैसे ही बड़े बदलाव से पहले मन का बेचैन होना आम बात है.

वास्तु टिप्स: घर में लगाएं 7 दौड़ते घोड़ों की पेंटिंग, बदल सकती है किस्मत

हर कोई चाहता है कि उसका घर सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि से महकता रहे. इसके लिए लोग घर की सजावट से लेकर वास्तु के नियमों का खास ख्याल रखते हैं.  वास्तु शास्त्र में कई ऐसी चीजों का जिक्र है, जिन्हें घर में रखने या लगाने से सोई हुई किस्मत भी जाग उठती है. इन्हीं में से एक है—दौड़ते हुए 7 घोड़ों की पेंटिंग. वास्तु में घोड़ों को गति, शक्ति, सफलता और वफादारी का प्रतीक माना गया है.  वहीं, अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बेहद शुभ और सार्वभौमिक (Universal) माना जाता है (जैसे इंद्रधनुष के 7 रंग, सप्तऋषि और शादी के 7 फेरे).  मान्यता है कि घर या कार्यस्थल पर सही दिशा में लगी सात घोड़ों की तस्वीर आपकी रुकी हुई तरक्की को रफ्तार देती है.  आइए जानते हैं इस पेंटिंग को लगाने के अचूक फायदे, सही दिशा और कुछ जरूरी नियम. 1. जीवन में आती है रफ्तार और सकारात्मकता वास्तु विज्ञान के अनुसार, दौड़ते हुए घोड़े जीवन में गतिशीलता और प्रगति लाते हैं.  अगर आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं या करियर में ठहराव आ गया है, तो यह पेंटिंग घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर कर सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ाती है. यह आपके भीतर छिपे आलस्य को दूर कर लक्ष्यों के करीब लाता है. 2. पेंटिंग चुनते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान बाजार से कोई भी तस्वीर उठाने से पहले वास्तु के इन बारीक नियमों को नोट कर लें: घोड़ों का भाव: घोड़ों के चेहरे शांत और सौम्य दिखने चाहिए. कभी भी गुस्से में या आक्रामक रूप से दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर न लाएं. रंग का चुनाव: वास्तु में सफेद रंग के घोड़ों की पेंटिंग को सबसे उत्तम माना गया है.  सफेद रंग शांति, शुद्धता और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक है. बैकग्राउंड : पेंटिंग के बैकग्राउंड में उगता हुआ सूर्य, शांत समंदर या खुला मैदान होना शुभ माना जाता है. कभी भी धूल, आंधी, तूफान या उजड़े हुए पहाड़ों वाले बैकग्राउंड की तस्वीर न खरीदें. छवि: ध्यान रहे कि तस्वीर में सभी 7 घोड़े पूरी तरह साफ दिखाई दे रहे हों. किसी भी घोड़े की पैर या पूंछ कटी हुई नहीं होनी चाहिए. 3. किस दिशा में लगाने से चमकेगी किस्मत? तस्वीर का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दीवार पर टांगा जाए: दक्षिण दिशा (South Wall): यदि आप समाज में नाम, शोहरत, प्रसिद्धि और करियर में सफलता चाहते हैं, तो इस पेंटिंग को दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाएं. वास्तु में इसे सफलता की दिशा माना गया है. उत्तर दिशा (North Wall): अगर आप व्यापार में उन्नति, नई नौकरियों के अवसर और धन लाभ चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की दीवार पर इसे लगाना अच्छा रहेगा. पूर्व दिशा (East Wall): जीवन में नई शुरुआत, मान-सम्मान और बच्चों की प्रगति के लिए इसे पूर्व दिशा की दीवार पर लगाया जा सकता है. दौड़ का रुख: सबसे जरूरी बात यह है कि घोड़ों के दौड़ने का रुख हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं. अगर घोड़े बाहर की तरफ दौड़ते दिखेंगे, तो घर की लक्ष्मी और समृद्धि बाहर जा सकती है. 4. भूलकर भी इन जगहों पर न लगाएं तस्वीर इस पेंटिंग को कभी भी अपने शयनकक्ष (Bedroom) में न लगाएं. घोड़ों की तीव्र ऊर्जा से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है और वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है. घर के मुख्य द्वार (Main Gate) के ठीक सामने या खिड़की के पास इसे लगाने से बचें. पूजा घर (Temple), रसोई (Kitchen) और शौचालय (Bathroom) की दीवारों पर भी इस पेंटिंग को लगाना वर्जित माना गया है. फेंगशुई और चीनी वास्तु से कनेक्शन भारतीय वास्तु शास्त्र की तरह ही चीनी वास्तु विज्ञान यानी फेंगशुई (Feng Shui) में भी घोड़ों का बहुत बड़ा महत्व है. फेंगशुई के मुताबिक, घोड़े यांग (Yang) ऊर्जा यानी सक्रियता और अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. चीनी मान्यता के अनुसार, 7 घोड़ों की तस्वीर को मुख्य रूप से लिविंग रूम या ऑफिस के रिसेप्शन पर लगाने से यांग ऊर्जा सक्रिय होती है, जिससे बिजनेस में आ रहे वित्तीय जोखिम (Financial Risks) कम होते हैं और टीम वर्क में मजबूती आती है.  

मासिक दुर्गाष्टमी 2026: 23 मई को बनेगा शुभ योग, जानें पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इस बार ज्येष्ठ पुरुषोत्तम मास में यह पर्व पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, भय और शत्रुओं का नाश होता है. साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है. मासिक दुर्गाष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त     अष्टमी तिथि प्रारंभ: 23 मई 2026, सुबह 05:04 बजे से     अष्टमी तिथि समाप्त: 24 मई 2026, सुबह 04:27 बजे तक उदयातिथि के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत और पूजन 23 मई 2026, शनिवार को ही किया जाएगा. शनिवार के दिन दुर्गाष्टमी पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि शनिवार का संबंध शनि देव से माना जाता है. मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से शनि जनित दोषों से भी राहत मिलती है. मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि  पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर मां दुर्गा के सामने व्रत का संकल्प लें. एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. मां दुर्गा को कुमकुम, अक्षत, लाल चंदन और लाल चुनरी अर्पित करें. मां को लाल रंग के फूल अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए उन्हें अवश्य चढ़ाएं.  माता रानी को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें. मां के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं. इसके बाद दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. फिर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें. अंत में कपूर से मां दुर्गा की आरती करें और अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा याचना करें.